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NDA ने ऑपरेशन सिंदूर-महादेव को बताया अहम कदम, पीएम मोदी को किया गया सम्मानित

नईदिल्ली  भाजपा नीत राजग संसदीय दल (NDA Parliamentary Party Meeting) की बैठक संसद भवन में शुरू हो गई है. इस बैठक का आयोजन संसद भवन के ऑडिटोरियम में हो रहा है. पीएम मोदी जब इस बैठक में शामिल होने पहुंचे तो एनडीए सांसदों ने 'हर हर महादेव' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए पीएम मोदी को एनडीए सांसदों द्वारा सम्मानित किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माला पहनाकर पीएम मोदी का स्वागत किया. एनडीए संसदीय दल की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता पर प्रस्ताव पारित हुआ. एनडीए की महिला सांसद अग्रिम पंक्ति में बैठीं. पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई. नए सांसदों का प्रधानमंत्री से परिचय कराया गया. एनडीए संसदीय दल की बैठक से जुड़े अपडेट पढ़ें… – एनडीए संसदीय दल की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया अमेरिका द्वारा पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित करना, तथा पहलगाम हमले की निंदा करते हुए ब्रिक्स समिट में जॉइंट डिक्लेरेशन जारी होना, पाकिस्तान द्वारा अपनी धरती पर फैलाए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीतिक रुख की जीत को दर्शाता है.  – प्रस्ताव में कहा गया कि एनडीए संसदीय दल इस कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदर्शित असाधारण नेतृत्व की सराहना करता है. उनके अटूट संकल्प, दूरदर्शी और दृढ़ नेतृत्व ने न केवल राष्ट्र को उद्देश्यपूर्ण दिशा दी है, बल्कि सभी भारतीयों के हृदय में एकता और गौरव की नई भावना भी जगाई है. – एनडीए संसदीय दल की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया, 'हमारे सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और अटूट प्रतिबद्धता को एनडीए संसदीय दल सलाम करता है, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया. उनका साहस हमारे राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है. हम पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.' राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों की यह बैठक काफी समय के बाद हो रही है और संसद के चालू सत्र में चल रहे गतिरोध के बीच पहली बैठक है. पीएम मोदी के अपने संबोधन में तिरंगा यात्रा और विपक्ष के खिलाफ रणनीति पर भी चर्चा कर सकते हैं. एनडीए की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो रही है. भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को अपने उम्मीदवार की घोषणा 21 अगस्त तक करनी होगी, जो नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है और संसद का मानसून सत्र भी इसी दिन समाप्त हो रहा है. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल हैं, और इसकी वर्तमान संख्या 782 है. यदि विपक्ष अपना उम्मीदवार घोषित करता है, तो 9 सितंबर को चुनाव होना तय है. यह बैठक संसद के एक ऐसे सत्र (मानसून सेशन) के मध्य में हो रही है, जिसमें पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिवसीय चर्चा के अलावा अब तक कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है. विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है.

‘भारत के पास विकल्प हैं, घाटा अमेरिका को होगा’ — रूस से तेल पर एक्सपर्ट्स की दो टूक

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर भारी जुर्माना लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद भारत ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत किसी कारणवश रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। क्योंकि, अमेरिका दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा कहते हैं, अमेरिका से रूस के तेल खरीदने पर जुर्माने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो खुद अमेरिका अछूता नहीं रहेगा। वहां भी तेल के दाम बढ़ेंगे। साथ ही मंहगाई बढ़ेगी। भारत पर भी इसका असर पड़ेगा पर अभी उसने रूस से तेल खरीदना जारी रखने की बात कही है। पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकार मानते हैं, रूस पर पूरी तरह कच्चे तेल की खरीद बंद करना आसान नहीं है। क्योंकि, सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं। किसी दबाव या रूस का कच्चा तेल महंगा होने पर आपूर्ति बंद होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर की वजह से कच्चे तेल के दाम सौ से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते है। रोज लाखों बैरल निर्यात रूस रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात करता है। भारत अपनी जरूरत का 33 से 40% तक तेल रूस से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। क्योंकि, भारत कच्चे तेल के मामले में अमेरिका के बाद तीसरा बड़ा आयातक है। भारत के पास विकल्प भारत करीब तीन दर्जन से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में दूसरे देश से इस तेल की आपूर्ति की जा सकती है पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि कंपनियां इस भार को सीधा उपभोक्ताओं पर डाल देंगी। रूस से जमकर तेल आयात भारत ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद रूसी तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उठाते हुए सस्ता तेल खरीदना शुरू किया। मई 2025 में भारत ने रूस से 1.96 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 38% है। भारत खरीदता रहेगा रूस से तेल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारतीय तेल कंपनियां रूस से तेल खरीदेंगी। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। वहीं, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मैंने सुना है कि भारत ने रूस से तेल लेना बंद कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अच्छा फैसला है, लेकिन इस मामले में क्या हो रहा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है। भारत सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि तेल खरीद के लिए भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए करार किया है। ऐसे में एक रात में तेल की खरीदारी बंद हो जाए,यह संभव नहीं है। अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। अधिकारियों ने कहा, रूस से तेल खरीदने के लिए भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारतीय कंपनियों को कोई दिशा- निर्देश नहीं दिया है।

भारत आर्थिक रफ्तार पर, झगड़ा नुकसानदेह – ट्रंप को अमेरिकी कारोबारी की सख्त सलाह

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एकदम से बाजी पलटते हुए बीते सप्ताह भारत पर 25 फीसदी का हाई टैरिफ (25% Tariff On India) और रूस के साथ कारोबार करने पर अतिरिक्त जुर्माने का ऐलान कर हलचल मचा दी. इस बीच ट्रंप के इस कदम पर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आईं और इनमें उनकी कड़ी आलोचना भी की गई. इस क्रम में दिग्गज कनाडाई कारोबारी और टेस्टबेड के चेयरमैन किर्क लुबिमोव ने भारत के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारी टैरिफ लगाए जाने पर तीखी आलोचना की है और कहा है कि, 'भारत से झगड़ा मोल लेना ट्रंप की बड़ी भूल है.'      'सबसे तेज इकोनॉमी से ट्रंप छेड़ रहे लड़ाई' टेस्टबेड के अध्यक्ष किर्क लुबिमोव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए US President डोनाल्ड ट्रंप के बारत के खिलाफ उठाए गए कदम की आलोचना करते हुए इसे एक बड़ी भू-राजनीतिक भूल करार दिया है, जो एशिया में अमेरिकी स्ट्रेटिजिक टारगेट पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली साबित हो सकती है.  उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'मैंने पहले भी कहा है, और मैं फिर से कहूंगा, डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ विजन की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसमें भू-राजनीतिक रणनीति का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है. ट्रंप अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत (World's Fastest Growing Economy) के साथ लड़ाई छेड़ रहे हैं, जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शायद दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मानित हैं और कई प्रमुख देशों में उनका प्रभाव है.'  Trump को दे दी ये बड़ी सलाह कनाडाई कारोबारी नेता लुबिमोव ने इस पोस्ट के जरिए चेतावनी देते हुए कहा है कि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को चीन के प्रभुत्व को कम करने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा इसका उद्देश्य चीन (China) और ब्रिक्स (BRICS) के प्रभुत्व और विकास को कमजोर करना है, जिसका भारत भी एक हिस्सा है और ये चीन से प्रोडक्शन स्थानांतरित करने के लिए एक स्वाभाविक देश हो सकता है, क्योंकि अमेरिका 50 सेंट के टूथब्रश नहीं बनाने वाला है.  इस बीच उन्होंने सलाह देते हुए ये भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को भारत के साथ कील-हथौड़े का इस्तेमाल करने के बजाय, कनाडा (Canada) के साथ आर्थिक सहयोग करना चाहिए और उसे साथ लाना चाहिए, जिससे कि ताकि प्राकृतिक संसाधनों की जरूरतों को पूरा किया जा सके. Dead Economy वाले बयान पर प्रतिक्रिया किर्क लुबिमोव का यह पोस्ट Trump द्वारा भारत और रूस (India-Russia) पर सीधा हमला करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है. वे अपनी डेड इकोनॉमी को मिलकर और गिरा सकते हैं, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.' उन्होंने भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की भी घोषणा करने के साथ ही भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल (Russian Crude Oil) और सैन्य उपकरणों की खरीद पर जुर्माना लगाने का भी ऐलान किया था.  यही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ने तो भारत की व्यापार नीतियों पर भी तीखा हमला किया था और इन्हें अत्यंत कठोर बताया था. उन्होंने कहा था कि भारत दुनिया में अमेरिकी सामानों पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में सामिल है और उच्च टैरिफ और व्यापार बाधाओं के कारण अमेरिका ने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है. चीन के बाद रूसी तेल का बड़ा खरीदार भारत बता दें कि भारत वर्तमान में चीन के बाद रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है और यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) से पहले रूसी तेल आयात 1% से भी कम था, जो अब बढ़कर 35% से भी ज्यादा हो गया है. ट्रंप द्वारा लगाए गए जुर्माने के बाद भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस के साथ व्यापार जारी रखने के लिए सीधे निशाना बनाया जा रहा है. यही नहीं बीते दिनों रूस से अलग  ट्रंप प्रशासन ने ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद और बिक्री में शामिल छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो 20 ग्लोबल संस्थाओं को टारगेट करने वाली व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा है. ट्रंप के बयान पर भारत का रुख Donald Trump के भारत को डेड इकोनॉमी करार दिए जाने वाले बयान पर भारत की ओर से भी तत्काल प्रतिक्रिया आई थी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने संसद को बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी (3rd Larget Economy In World) बनने की उम्मीद है. उन्होंने कहा था कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में करीब 16 फीसदी का योगदान दे रहा है, क्योंकि तमाम सुधारों और भारतीय उद्योग जगत के लचीलेपन ने देश की इकोनॉमी को कमजोर 5 देशों में से एक से वैश्विक विकास के ग्रोथ इंजन में तब्दील किया है. 

PM मोदी ने दिया ट्रंप को जवाब, कहा- भारत बन रहा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

वाराणसी  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था. उनके इस तंज के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से करारा संदेश दिया और कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. पीएम मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया और कहा कि अब समय आ गया है कि हर भारतीय, हर खरीदारी में देशहित को प्राथमिकता दे. प्रधानमंत्री ने साफ कहा- अब भारत भी हर चीज को परखने के लिए सिर्फ एक ही तराजू इस्तेमाल करेगा- वो है, भारतीय पसीने से बनी चीजें. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब देश का हर नागरिक, हर दुकानदार और हर उपभोक्ता इस मंत्र को अपनाए कि हम वही खरीदेंगे जो भारत में बना हो, जिसे भारतीय हाथों ने गढ़ा हो और जिसमें हमारे देश का पसीना हो. वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह सिर्फ सरकार की नहीं, हर भारतवासी की जिम्मेदारी है. प्रधानमंत्री का कहना था कि आज दुनिया की अर्थव्यवस्था कई आशंकाओं से गुजर रही है. अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में दुनिया के देश अपने-अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं. भारत भी दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. इसलिए भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना ही है. भारत को भी अपने किसानों, लघु उद्योगों, युवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने आगे कहा, भारत को अब सजग रहना होगा. कौन सी चीज खरीदनी है, इसका सिर्फ एक ही तराजू होगा- वो जिसमें भारत के किसी नागरिक का पसीना बहा हो. हम वही चीजें खरीदेंगे जो भारत में बनी हों. भारतीय कौशल से बनी हों, भारतीय हाथों से बनी हों. यही हमारे लिए असली स्वदेशी है. 'हर नागरिक बने स्वदेशी का प्रचारक' प्रधानमंत्री मोदी ने इस संकल्प को सिर्फ सरकार या राजनीतिक दलों तक सीमित ना रखकर हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा, सरकार इस दिशा में हर प्रयास कर रही है. लेकिन देश के नागरिक के रूप में हमारे कुछ दायित्व हैं. ये बात सिर्फ मोदी नहीं, हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को हर पल बोलते रहना चाहिए- दूसरे को कहते रहना चाहिए. जो देश का भला चाहते हैं, जो देश को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाना चाहते हैं, उसे अपने संकोच को छोड़कर देशहित में हर पल देशवासियों के अंदर एक भाव जगाना होगा- वह संकल्प है, हम स्वदेशी को अपनाएं. मोदी ने साफ किया कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' को अब केवल नारा नहीं, व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा. 'व्यापारी सिर्फ स्वदेशी माल बेचें, यही सच्ची देशसेवा' प्रधानमंत्री ने देश के व्यापारियों और उद्योगजगत से विशेष आग्रह किया और कहा, अब समय आ गया है कि सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी उत्पादों को ही बेचा जाए. उन्होंने कहा, मैं व्यापार जगत से जुड़े भाइयों को आगाह करता हूं- अब हमारी दुकानों पर सिर्फ स्वदेशी सामान बिकना चाहिए. यही देश की सच्ची सेवा होगी. जब हर घर में नया सामान आए तो वो स्वदेशी ही हो, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक व्यापारिक दबाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन से आयात पर बहस और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा के केंद्र में हैं.  

पहलगाम हमले का लिया बदला, PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को महादेव को किया समर्पित

 लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंच गए हैं, जहां वह कुछ देर में करीब 2,183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी जारी की. बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन से पहले सावन के महीने में उनका ये दौरा पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देगा. इस मौके पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं. जब 22 अप्रैल पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. 26 निर्दोष लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी गई. उनके परिवार की पीड़िता उन बच्चा का दुख और उन बेटियों की वेदना, मेरा मन बहुत दुख से भर गया था. तब मैं बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना कर रहा था कि उन्हें ये दुख सहन करने की शक्ति दे. मैंने जो वचन दिया था वो भी पूरा हुआ ये महादेश के आशीर्वाद से पूरा हुआ है.' साथियों इन दिनों जब काशी में गंगा जल लेकर जाते हुए शिव भक्तों की तस्वीरें देखने का अवसर मिल रहा है और खास कर जब हमारे यादव बंधु बाबा का जलाभिषेक करने निकलते हैं तो वो बहुत ही मनोरम दृश्य होता है. आज काशी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है. इस बारे में बोलते हुए पीएम ने कहा, 'जब काशी से धन जाता है तो वो अपने आप में प्रसाद बन जाता है. 21 हजार करोड़ रुपये किसाने के खाते में जमा कर दिए हैं.' पीएम ने कहा कि पहले के सरकारों में किसानों के नाम पर एक घोषणा भी पूरी होना मुश्किल थी, लेकिन बीजेपी सरकार जो कहती है वो करके दिखाती हैं. आज पीएम किसान सम्मान निधि सरकार के पक्के इरादों की उदाहरण बन गई है. किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देशभर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को 20,500 करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए. इसके बाद पीएम ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए. पीएम ने दृष्टिबाधित छात्रा बबली को लो विजन का चश्मा भेंट किया और छात्रा से बातचीत की. इसके बाद पीएम ने संतोष कुमार पांडे व्हीलचेयर प्रदान की.  इन प्रमुख परियोजनाओं का PM करेंगे उद्घाटन     वाराणसी-भदोही सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (269.10 करोड़)     मोहनसराय-अडलपुरा मार्ग पर ROB का निर्माण (42.22 करोड़)     PAC रामनगर में बहुउद्देशीय सभागार (2.54 करोड़)     CSR के तहत 8 मिट्टी घाटों का पुनर्विकास (22 करोड़)     कालिका धाम मंदिर पर्यटन विकास (2.56 करोड़)     लालपुर स्टेडियम में हॉकी मैदान का पुनर्निर्माण (4.88 करोड़)     तिलमापुर में रंगीला दास कुटिया के पास घाट का निर्माण (1.77 करोड़)     पशु जन्म नियंत्रण और डॉग केयर सेंटर (1.85 करोड़)     53 विद्यालय भवनों की मरम्मत (7.89 करोड़)     कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना (73.30 करोड़)     जल जीवन मिशन के तहत 47 पेयजल योजनाएं (129.97 करोड़)     दुर्गाकुंड का जीर्णोद्धार (3.40 करोड़)  

प्रधानमंत्री के प्रदेश आगमन की तैयारी तेज, डॉ. यादव ने किया ऐलान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मिल रहा आशीर्वाद सभी प्रदेशवासियों के लिए उत्साहवर्धक है। प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और धार में आरंभ होने वाले प्रधानमंत्री मित्र पार्क के भूमिपूजन में स्वयं उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करने की मौखिक सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रदेश के किसान सम्मान कार्यक्रम में भी सहभागिता के लिए अनुरोध किया है। इन तीनों कार्यक्रमों के लिए शीघ्र ही प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तिथि निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।  

मोदी ने जोर देकर कहा कि रोजगार केवल नौकरी नहीं, बल्कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की एक कड़ी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी नई दिल्ली में रोजगार मेले में वर्चुअली हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने वर्चुअली केंद्र सरकार में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किए। पीएम मोदी ने कहा, 'केंद्र सरकार में युवाओं को पक्की नौकरी देने का हमारा अभियान लगातार जारी है। हमारी पहचान भी है बिना पर्ची बिना खर्ची। आज 51000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक लाखों नौजवानों को भारत सरकार में पक्की नौकरी मिल चुकी है।' नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आप सभी के विभाग अलग-अलग हैं लेकिन ध्येय एक है। हमारा एक ही ध्येय है चाहे विभाग कोई भी हो, कार्य कोई भी हो, पद कोई भी हो लेकिन एक ही ध्येय है जो कि राष्ट्र सेवा है। सूत्र एक- नागरिक प्रथम। आपको देश के लोगों की सेवा करने का बहुत बड़ा मंच मिला है। आप सभी को बधाई देता हूं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया मान रही है कि भारत के पास दो असीमित शक्तियां हैं। पहला- जनसांख्यिकी और दूसरी- लोकतंत्र। उन्होंने कहा, 'युवाओं का यह सामर्थ्य हमारे भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी भी है और सबसे बड़ी गारंटी भी है। हमारी सरकार इसी पूंजी को समृद्धि का सूत्र बनाने में दिनरात जुटी है।' रोजगार के लिए नई योजना की शुरुआत पीएम मोदी ने कहा, 'आप सबको पता है कि 2 दिन पहले ही मैं 5 देशों की यात्रा से लौटा हूं। हर देश में भारत की युवाशक्ति की गूंज सुनाई दी। इस दौरान जितने भी समझौते हुए हैं, उनसे देश और विदेश, दोनों जगह भारत के नौजवानों को फायदा होना ही है।' नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सरकार का जोर प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए अवसरों के निर्माण पर भी है। हाल ही में सरकार ने एक नई स्कीम को मंजूरी दी है- रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना। इस योजना के तहत सरकार प्राइवेट सेक्टर में पहली बार रोजगार पाने वाले युवा को 15 हजार रुपए देगी, यानी पहली नौकरी की पहली सैलरी में सरकार अपना योगदान देगी। इसके लिए सरकार ने करीब 1 लाख करोड़ रुपए का बजट बनाया है, इस योजना से लगभग 3.5 करोड़ रोजगार के निर्माण में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशभर के 51,000 से अधिक नवचयनित युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे, जो 16वें रोजगार मेले के दौरान आयोजित एक भव्य कार्यक्रम का हिस्सा था. यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ, जिससे भारत के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ने और उनके संदेश को सुनने का अवसर मिला. एक ही ध्येय: राष्ट्र सेवा उन्होंने कहा कि, आपके विभाग अलग-अलग हैं लेकिन ध्येय एक है और वो है राष्ट्र सेवा. हमें बार-बार याद रखना है, एक ही ध्येय है – विभाग कोई भी हो, कार्य कोई भी हो, पद कोई भी हो, इलाका कोई भी हो, एक ही ध्येय राष्ट्र सेवा. सूत्र एक – नागरिक प्रथम. आपको देश के लोगों की सेवा का बहुत बड़ा मंच मिला है. युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं उन्होंने कहा कि मैं आप सभी युवाओं को जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव पर इतनी बड़ी सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ. आपकी इस नई यात्रा के लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं. भारत की असीमित शक्तियां पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, आज दुनिया मान रही है कि भारत के पास दो असीमित शक्तियां हैं – एक जनसंख्या और दूसरी लोकतंत्र. यानी सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे बड़ा लोकतंत्र. युवाओं का यह सामर्थ्य हमारे भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी भी है और सबसे बड़ी गारंटी भी. हमारी सरकार इसी पूंजी को समृद्धि का सूत्र बनाने में दिन-रात जुटी है. वैश्विक यात्रा में भारत की गूंज उन्होंने कहा कि आप सबको पता है 2 दिन पहले ही मैं पांच देशों की यात्रा करके लौटा हूं. हर देश में भारत की युवा शक्ति की गूंज सुनाई दी. इस दौरान जितने भी समझौते हुए हैं, उनसे देश और विदेश दोनों जगह भारत के नौजवानों को फायदा होना ही है. विभिन्न क्षेत्रों में समझौते से लाभ पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा, फार्मा, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, दुर्लभ खनिज जैसे अनेक क्षेत्रों में हुए समझौतों से भारत को आने वाले दिनों में बहुत बड़ा लाभ होगा. भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को बहुत बल मिलेगा. बदलता जॉब सेक्टर उन्होंने कहा कि बदलते हुए समय के साथ इक्कीसवीं सदी में रोजगार का स्वरूप भी बदल रहा है. नए-नए क्षेत्र भी उभर रहे हैं. इसलिए बीते दशक में भारत का ज़ोर अपने युवाओं को इसके लिए तैयार करने पर है और इसके लिए अहम निर्णय भी लिए गए हैं. स्टार्टअप और नवाचार का इकोसिस्टम पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक जरूरतों को देखते हुए आधुनिक नीतियां बनाई गई हैं. स्टार्टअप, नवाचार और अनुसंधान का जो इकोसिस्टम आज देश में बन रहा है, वह देश के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ा रहा है. आज जब मैं नौजवानों को देखता हूँ कि वे अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो मेरा भी आत्मविश्वास बढ़ जाता है. रोजगार सृजन की दिशा में सरकार के प्रयास पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार का जोर निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों के निर्माण पर भी है. हाल ही में सरकार ने एक नई योजना को मंजूरी दी है – रोजगार लिंक प्रोत्साहन योजना. इस योजना के तहत सरकार निजी क्षेत्र में पहली बार रोजगार पाने वाले युवाओं को 15,000 देगी. यानी पहली नौकरी की पहली सैलरी में सरकार अपना योगदान देगी. इसके लिए सरकार ने करीब ₹1,00,000 करोड़ का बजट बनाया है. इस योजना से लगभग 3.5 करोड़ नए रोजगार के निर्माण में मदद मिलेगी. विनिर्माण क्षेत्र की प्रगति उन्होंने कहा कि आज भारत की एक बहुत बड़ी ताकत हमारा विनिर्माण क्षेत्र है. इसमें बड़ी संख्या में नई नौकरियाँ बन रही हैं. इस वर्ष के बजट में 'मिशन विनिर्माण' की घोषणा की गई है. बीते सालों में हमने 'मेक इन इंडिया' अभियान को मजबूती दी है. केवल 'उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना' (पीएलआई) से ही 11 लाख से अधिक रोजगार देश में बने हैं. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में उछाल पीएम मोदी ने कहा कि बीते सालों … Read more

PM मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च सम्मान, ‘नेशनल ऑर्डर ऑफ सदर्न क्रॉस’ मिला

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक प्रतिष्ठा में एक और तमगा जुड़ गया है। मंगलवार को ब्राजील ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस से सम्मानित किया है। उन्हें ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया है। ब्राजील ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और प्रमुख वैश्विक प्लेटफार्मों पर भारत-ब्राजील सहयोग को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि मई 2014 में पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी को यह 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। पीएम मोदी ने अपने भव्य स्वागत और सर्वोच्च सम्मान देने के लिए ब्राजील की सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। पीएम ने कहा है कि यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा, “आज राष्ट्रपति जी द्वारा मुझे ब्राजील के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया जाना, मेरे लिए ही नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के लिए अत्यंत गर्व और भावुकता का पल है। इसके लिए ब्राजील की सरकार और लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत इससे पहले ब्राजील में राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। यहां प्रधानमंत्री मोदी के औपचारिक स्वागत कार्यक्रम में 114 घुड़सवारों का दस्ता मौजूद था। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उनके स्वागत की झलकियां साझा करते हुए कहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को गति मिलेगी। उन्होंने पोस्ट में कहा,“ ब्रासीलिया में औपचारिक स्वागत की झलकियां। ब्राजील की यह राजकीय यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करेगी।” बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 57 वर्षों में ब्राजील की राजकीय यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में ब्राजील पहुंचे हैं, जहां उन्होंने सोमवार को रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया था। PM का हुआ भव्य स्वागत जब पीएम ब्रासीलिया पहुंचे तो वहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने उन कलाकारों की सराहना की जिन्होंने उनके स्वागत में पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे नृत्य पेश किया. साथ ही इस दौरान पीएम मोदी के सम्मान में भारतीय संस्कृति को भी पेश किया गया. दरअसल, पीएम मोदी 6-7 जुलाई को रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद ब्रासीलिया पहुंचे. इस यात्रा के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डी सिल्वा ने पीएम मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और प्रमुख वैश्विक मंचों पर भारत-ब्राजील सहयोग बढ़ाने में योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया. कई मुद्दों पर हुई द्विपक्षीय वार्ता विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित आपसी हित के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा की. PM ब्रिक्स समिट में हुए शामिल इसी के साथ पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट को प्रोडक्टिव बताया. पीएम ने कहा कि उन्होंने और बाकी देश के नेताओं ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यापक विचार-विमर्श किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठकें विभिन्न देशों के साथ भारत की दोस्ती को बढ़ावा देंगी. पीएम मोदी अर्जेंटीना की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार (स्थानीय समय) को ब्राजील पहुंचे. ब्राजील के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 9 जुलाई को नामीबिया पहुंचे हैं. पीएम वहां की संसद को भी संबोधित करेंगे. उन्होंने बुधवार को घाना से पांच देशों की अपनी यात्रा शुरू की थी. घाना से प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो गए और फिर अर्जेंटीना और ब्राजील का दौरा किया.

पीएम मोदी को मिला त्रिनिदाद एंड टोबैगो का सर्वोच्च सम्मान, 25 देश दे चुके हैं अपना सबसे बड़ा सम्मान

पोर्ट ऑफ स्पेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' प्रदान किया. इस सम्मान को पाने वाले वे पहले विदेशी नेता बन गए हैं. यह न केवल त्रिनिदाद-भारत रिश्तों की गहराई का प्रतीक है, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीति के उस विस्तार का भी उदाहरण है, जिसमें सांस्कृतिक रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की क्षमता हो. पीएम मोदी को 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया भर से मिले 25 अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल हो गया है. इससे पहले उन्हें घाना, यूएई, रूस, फ्रांस, मिस्र जैसे देशों से भी उनके वैश्विक नेतृत्व के लिए शीर्ष नागरिक पुरस्कार मिल चुके हैं. त्रिनिदाद और टोबैगो में उन्हें यह सम्मान ऐसे समय पर मिला है जब दोनों देश भारतीय मूल के श्रमिकों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ मना रहे हैं — एक ऐतिहासिक अवसर, जिसने दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया है. 25वां अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान यह पीएम मोदी का 25वां अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान है. इससे दो दिन पहले ही घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा ने उन्हें देश का राष्ट्रीय सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ प्रदान किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि ये सम्मानों की श्रृंखला दर्शाती है कि पीएम मोदी आज विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं.  जून में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने प्रधानमंत्री मोदी को निकोसिया में राष्ट्रपति भवन में साइप्रस का सम्मान – ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III – प्रदान किया था. इस साल की शुरुआत में मॉरीशस और श्रीलंका ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था.अप्रैल में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को 'श्रीलंका मित्र विभूषण' से सम्मानित किया, जो कि द्वीप राष्ट्र के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. बीजेपी ने कांग्रेस से की तुलना बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख मुखिया अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पीएम मोदी ने फिर रचा इतिहास! उन्हें ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया है – जो कि कैरेबियाई राष्ट्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. वह इस सम्मान को पाने वाले पहले विदेशी नेता बन गए हैं. यह प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी सरकार द्वारा प्रदान किया गया 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है. अगर तुलना करें तो: जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह, दशकों तक सत्ता में रहे लेकिन इसके बावजूद सिर्फ 6 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले. फिर भी कांग्रेस भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाने की हिम्मत करती है. मजाक सरकार पर नहीं है, मजाक हम पर है कि हमारे पास इतनी अज्ञानी विपक्षी पार्टी है.' हाल के वर्षों में कुवैत, मॉरिशस, श्रीलंका, साइप्रस, गयाना, डोमिनिका, नाइजीरिया, सऊदी अरब, अफगानिस्तान, यूएई, रूस, मालदीव, बहरीन, अमेरिका, भूटान, फिजी, मिस्र, फ्रांस, ग्रीस, पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों ने भी पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है.इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र, गेट्स फाउंडेशन, सीईआरए, सेओल पीस प्राइज़ फाउंडेशन, फिलिप कोटलर पुरस्कार जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी पीएम मोदी के नेतृत्व को सम्मानित किया है. मॉरीशस और कुवैत में भी मिला था सम्मान मार्च में, पोर्ट लुइस में राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान, मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' (GCSK) से भी सम्मानित किया. यह पहली बार था जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला. दिसंबर 2024 में, कुवैत ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए अपना सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' प्रदान किया था. यह ऑर्डर मित्रता के प्रतीक के रूप में राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी मुखियाओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है. इससे पहले बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे विदेशी नेताओं के अलावा क्वीन एलिजाबेथ और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान जैसे अन्य गणमान्य लोगों को भी यह सम्मान दिया जा चुका है. गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी दूरदर्शी राजनीति, वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के अधिकारों की वकालत, वैश्विक समुदाय के लिए असाधारण सेवा और भारत-गुयाना संबंधों को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए गुयाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया था. गुयाना में भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान, डोमिनिका ने भी कोविड-19 महामारी के दौरान उनके महत्वपूर्ण समर्थन और भारत-डोमिनिका संबंधों को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया. नाइजीरिया ने नवंबर 2024 में देश की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ग्रैंड कमांडर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द नाइजर (GCON) का राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया. भारतीय प्रधानमंत्री 1969 के बाद से इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता हैं, जब महारानी एलिजाबेथ को नाइजीरिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान मिला था. पीएम मोदी को मिल चुके हैं 25 इंटरनेशनल अवॉर्ड ये पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी को मिला 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है जो उन्हें अलग-अलग देशों की ओर से दिया गया है। इससे यह भी साबित होता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की वैश्विक छवि और नेतृत्व क्षमता को दुनियाभर में सराहा गया है। त्रिनिदाद एंड टोबैगो का है भारत से जुड़ाव त्रिनिदाद एंड टोबैगो एक ऐसा देश है जहां भारतीय मूल के लोगों की आबादी बड़ी संख्या में है। वहां की संस्कृति, उत्सव और परंपराएं आज भी भारत से गहराई से जुड़ी हैं। ऐसे में यह सम्मान दोनों देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझा मूल्यों की झलक देता है। किस पुरस्कार से नवाजे गए पीएम मोदी? ये पुरस्कार त्रिनिदादएंड टोबैगो के सर्वोच्च सम्मान की श्रेणी में आता है और इसे पाने वाले व्यक्ति को उस देश के प्रति विशेष योगदान के लिए पहचाना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके नेतृत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दिया गया है। हमारे रिश्तों … Read more

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए क्यों अहम हो गया है अर्जेंटीना, तेल, गैस और लिथियम

ब्यूनस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  देर शाम अपनी दो दिवसीय दौरे के तहत अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुंचे, जहां उनका भव्य पारंपरिक स्वागत किया गया. एजीजा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें  गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद जब वह होटल पहुंचे तो भारतीय समुदाय के सदस्यों ने "मोदी-मोदी" और "भारत माता की जय" के नारों से उनका जोरदार स्वागत किया. सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया गया. यह यात्रा कई मायनों में अहम है क्योंकि 57 वर्षों बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय यात्रा पर अर्जेंटीना पहुंचा है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में G20 शिखर सम्मेलन के लिए अर्जेंटीना की यात्रा की थी लेकिन यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है.  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X (ट्विटर) पर लिखा,“हमारे देशों के बीच स्थायी मित्रता का जश्न मनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर अर्जेंटीना के जीवंत शहर ब्यूनस आयर्स पहुंचे हैं. हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया. यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जो भारत-अर्जेंटीना संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत है.” राष्ट्रपति जेवियर मिलेई संग होगी बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अर्जेंटीना यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जेवियर मिलेई से मुलाकात होगी, जिसमें रक्षा, कृषि, खनिज, तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी. अर्जेंटीना रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा,“अर्जेंटीना लैटिन अमेरिका में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है और G20 में हमारा करीबी सहयोगी भी. राष्ट्रपति मिलेई से बातचीत के दौरान हम द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देंगे.” इसके बाद ब्राजील और नामीबिया रवाना होंगे पीएम यह यात्रा प्रधानमंत्री के पांच देशों की यात्रा का तीसरा पड़ाव है. इससे पहले वे त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे थे, जहां उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' प्रदान किया गया. अपनी यात्रा के चौथे चरण में मोदी 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील जाएंगे, उसके बाद राजकीय यात्रा करेंगे. अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मोदी नामीबिया जाएंगे. भारत के लिए क्यों अहम हो गया है अर्जेंटीना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अर्जेंटीना की दो दिवसीय यात्रा पर ब्यूनस ऑयर्स पहुंच चुके हैं। यहां पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। प्रधानमंत्री के रूप में यह मोदी की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह 2018 में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए अर्जेंटीना आए थे। पीएम मोदी की अर्जेंटीना यात्रा बेहद खास है। इस दौरान वह अर्जेंटीनी राष्ट्रपति के साथ रक्षा, कृषि, खनन, तेल और गैस, रिन्यूवेबल एनर्जी, व्यापार और निवेश के मामलों पर बातचीत करेंगे। हालांकि माना जा रहा है मुख्य जोर तेल, गैस और लिथियम को लेकर रहेगा। इसलिए अर्जेंटीना है अहम अर्जेंटीना के पास शेल गैस और शेल ऑयल का सबसे बड़ा भंडार है। वह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा शेल गैस भंडारण वाला देख है। वहीं, शेल ऑयल के मामले में उसका स्थान चौथा है। इसके अलावा पारंपरिक तेल और गैस भंडारण भी उसके पास अच्छा-खासा है। ऐसे में लांग टर्म में भारत के लिए वह अहम एनर्जी पार्टनर साबित हो सकता है। ऐसे वक्त में जबकि मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं हैं, भारत के लिए ऊर्जा सप्लाई के लिए दूसरे देशों की तरफ देखना जरूरी हो गया है। अर्जेंटीना के पास इन चीजों का भंडार अर्जेंटीना के पास लिथियम, कॉपर और रेयर अर्थ एलीमेंट का भी भंडार है। भारत के लिए क्लीन एनर्जी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिहाज से यह काफी अहम है। बोलीविया और चिली के साथ अर्जेंटीना लिथियम ट्रायंगल का हिस्सा है। इन क्षेत्रों में दुनिया का सबसे ज्यादा लिथियम भंडार है। बता दें कि रीचार्जेबल बैट्रीज के लिए लिथियम काफी अहम है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि की बैट्री के लिए काफी अहम होता है। भारतीय समुदाय ने किया स्वागत उधर अर्जेंटीना में भारतीय समुदाय के लोगों ने होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘मोदी, मोदी’ के नारों और ‘‘भारत माता की जय’’ के उद्घोष के साथ किया। प्रधानमंत्री ने समुदाय के लोगों के साथ कुछ देर बातचीत भी की। उनके स्वागत में एक सांस्कृतिक नृत्य भी पेश किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहाकि हमारे देशों के बीच स्थायी मित्रता का जश्न मनाते हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर अर्जेंटीना के ब्यूनस ऑयर्स पहुंचे।