ध्वजारोहण के बाद राज्यपाल का संबोधन, पेश किया एमपी के विकास का लेखा-जोखा, कृषि और रोजगार में एमपी की ग्रोथ का दावा
भोपाल। 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ध्वजारोहण कर भव्य परेड की सलामी ली. इस अवसर पर अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने प्रदेश की विकास यात्रा को आंकड़ों और योजनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश संविधान के मूल्यों के अनुरूप समावेशी, संतुलित और आत्मनिर्भर विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है. ऊर्जा, कृषि, मत्स्य उत्पादन, शिक्षा, रोजगार और जनजातीय कल्याण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रदेश ने बीते वर्षों में ठोस और अविषरणीय उपलब्धियां हासिल की हैं.
बिजली क्षेत्र में सुधार, आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश ने विद्युत क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं. विद्युत वितरण हानियां घटकर 2.47 प्रतिशत रह गई हैं, जो देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है. बीते एक वर्ष में प्रदेश में 78 हजार मिलियन यूनिट से अधिक बिजली की आपूर्ति की गई है. अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 1.20 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. वहीं 35 लाख से अधिक कृषि पंप कनेक्शनों को सब्सिडी के साथ विद्युत आपूर्ति दी जा रही है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आई है.
कृषि और मत्स्य क्षेत्र में रिकार्ड उपलब्धियां
राज्यपाल ने कहा कि कृषि और इससे संबद्ध क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए गए बहुआयामी प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में योजनाबद्ध कार्यों से प्रदेश का वार्षिक उत्पादन बढ़कर 6.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 40 हजार से अधिक मछुआरा परिवारों को सीधा लाभ मिला है. इस योजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक तालाबों, 300 से ज्यादा हैचरी और 150 बायो-फ्लॉक यूनिट्स का विकास किया गया है, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश को मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन और निरंतर वृद्धि के लिए विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है. वर्ष 2024-25 में मत्स्य बीज उत्पादन 92 प्रतिशत तथा मत्स्य उत्पादन 98 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा है. 1 लाख 51 हजार मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें वित्तीय संबल मिला है.
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा
राज्यपाल ने कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 1,200 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है. दुग्ध क्रय मूल्य में 2 रुपये 50 पैसे से 8 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है, जिससे पशु पालकों की आय में इजाफा हुआ है. इंदौर में 30 मैट्रिक टन क्षमता वाले मिल्क पाउडर प्लांट का शुभारंभ भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
शिक्षा में निवेश, छात्रों को सीधी सहायता
शिक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से 90 लाख से अधिक विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है. अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के 35 लाख से अधिक छात्रों को विशेष छात्रवृत्तियों का लाभ मिला है. इसके अतिरिक्त पीएससी, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित 1,200 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया है, जिससे युवाओं में प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास बढ़ा है.
रोजगार और कौशल विकास पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास सरकार की प्राथमिकता है. प्रदेश में 18 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है. बीते एक वर्ष में 4.5 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है. वर्तमान में प्रदेश भर में 1,200 से अधिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहां युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
जनजातीय कल्याण और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत प्रदेश के 7 हजार से अधिक गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है. इस दौरान 3,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है और 2 लाख से अधिक घरों तक बिजली एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई गई हैं. इससे जनजातीय क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आया है.
समावेशी विकास का आह्वान
अभिभाषण के अंत में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश संविधान के आदर्शों के अनुरूप समावेशी और संतुलित विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया.