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स्वास्थ्य संकट की आहट: भोपाल में वायरल और डेंगू के केस बढ़े, प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी

भोपाल राजधानी में लगातार हो रही तेज बरसात को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने सभी अस्पतालों को बेहतर इलाज प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। अब अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं का भंडारण, जांच की सुविधाएं और बिस्तर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।   BMO और CMHO स्तर के अधिकारी निगरानी करेंगे इसके साथ ही साफ-सफाई, पानी का रिसाव न हो, और मरीजों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया है। भोपाल जिले में प्राथमिक और संजीवनी क्लीनिक को मिलाकर 85 अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी पर बीएमओ और सीएमएचओ स्तर के अधिकारी नियमित निगरानी करेंगे। अस्पताल भवनों की स्थिति पर भी ध्यान देने को कहा गया है, ताकि पानी भराव या सीलन जैसी समस्याएं मरीजों के इलाज में बाधा न बनें। मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां मरीजों की संख्या अधिक है, वहां बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था की जाए। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए अलग से विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में नियमित साफ-सफाई हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। जेपी अस्पताल में बरसात से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात शुरू होते ही अस्पताल में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। खासतौर पर दस्त, उल्टी, फूड पाइजनिंग और टायफाइड जैसे मामलों में इजाफा हुआ है। हमने ओपीडी और इमरजेंसी में विशेष सावधानी और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की है। मरीजों को उबला पानी पीने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव     घर के आसपास पानी जमा न होने दें (कूलर, गमले, छत आदि)     पूरी बांह के कपड़े पहनें     सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें     मच्छर मारने वाले स्प्रे या क्रीम लगाएं     स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे फागिंग व दवा छिड़काव में सहयोग करें     वायरल फीवर और फ्लू से बचाव     मौसम बदलने पर भीगने से बचें     भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें और शरीर को गर्म रखें     ज्यादा ठंडी चीजें खाने-पीने से बचें     बुखार, सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें     फूड पॉइजनिंग, टायफाइड व पेट की बीमारियों से बचाव     सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, चाट, गोलगप्पे आदि न खाएं     हमेशा साफ और उबला हुआ     फिल्टर पानी ही पिएं     खाने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से धोएं     बासी, खुले में रखे खाने से परहेज़ करें     साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता     घर व आसपास की नियमित सफाई करें     बच्चों को खुले पानी या कीचड़ से दूर रखें     कपड़े और बिस्तर सूखे और स्वच्छ रखें     बरसात में भीगे कपड़े तुरंत बदलें बरसात की भारी संभावनाओं को देखते हुए हमने सभी अस्पतालों को अलर्ट किया है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं ताकि रोगियों को समय पर उपचार मिल सके। मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ।

इंदौर घोटाले में ED का वार, 34 करोड़ की संपत्ति अटैच, 15+ ठेकेदारों पर गिरी गाज

इंदौर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर नगर निगम (Indore Nagar Nigam Scam) के चर्चित फर्जी फाइल घोटाले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की संपत्ति अटैच कर दी है। घोटाले के 22 आरोपित ईडी के निशाने पर हैं। इनमें निगम का इंजीनियर अभय राठौर व अन्य ठेकेदारों के नाम शामिल हैं। निगम में 107 करोड़ रुपये की फर्जी फाइलें पकड़ी गई थीं। इनमें बिना काम किए 92 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। भुगतान के लिए सिर्फ कागजों पर काम बताया गया था। बिल बनाने और पास करवाने के लिए फर्जी कंपनियां भी खड़ी कर ली गई थीं।   आरोपियों की 43 अचल संपत्तियों को किया अटैच ईडी के इंदौर उपक्षेत्रीय कार्यालय ने ताजा कार्रवाई करते हुए आरोपियों की 43 अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें मकान के साथ कृषि भूमि भी है। अटैच की गई संपत्तियां मप्र के साथ उत्तर प्रदेश में भी हैं। खरीद मूल्य के लिहाज से इनकी कीमत करीब 34 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत ईडी ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद घोटाले से अर्जित इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी। बिना जमीनी काम किए बिल पास कर भुगतान लिया करीब डेढ़ साल पहले घोटाला उजागर होने के बाद सबसे पहले निगम ने ठेकेदारों व निगम इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इन एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच आगे बढ़ाई। जांच में पाया गया कि ठेकेदारों ने बिना जमीनी काम किए बिल पास कर भुगतान लिया। इसके लिए ना केवल फर्जी कंपनियां बनाई गई बल्कि श्रमिकों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर भी घोटाले का पैसा निकाला गया। ईडी ने बीते साल पांच व छह अगस्त को इंदौर में ठेकेदारों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। 20 जगह की गई कार्रवाई में कुल 22 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए थे। इनकी संपत्ति हुई अटैच ईडी ने प्रशासन से जिन आरोपितों की संपत्ति की जानकारी मांगी थी उनमें निगम का इंजीनियर व घोटाले का प्रमुख आरोपित अभय राठौर है। साथ ही राठौर की बहन मीरा राठौर, पिता प्रकाश सिंह राठौर, मां सरला राठौर के नाम की संपत्तियां शामिल हैं। साथ में ठेकेदारों में मोहम्मद एहतेशाम खान उर्फ काकू, मोहम्मद असलम खान, रहेल खान व बिल्किस खान के नाम की संपत्तियां हैं। इसके अलावा फर्जी फर्म बनाकर बिल लगाने वाले राहुल वढेरा, रेणु वढेरा, मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद साजिद, मीरा शर्मा, राजेंद्र शर्मा, किरण सिरोजिया, राजकुमार साल्वी, शीला वढेरा की संपत्ति भी अटैच की गई है। 

भारत को सतर्क रहने की नसीहत, दलाई लामा उत्तराधिकारी पर चीन आक्रामक मुद्रा में

चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन के मामले में चीन भारत को धमकी देने पर उतारू हो गया है। उसने भारत से तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर सावधानी से काम करने के लिए कहा है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर इसका असर न पड़े। चीन ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू की इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है कि दलाई लामा को अपनी इच्छा के अनुसार चलना चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने रिजिजू की टिप्पणियों पर एक सवाल का जवाब देते हुए मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा की चीन विरोधी अलगाववादी प्रकृति से स्पष्ट होना चाहिए और शिजांग (तिब्बत) से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। चीन तिब्बत को शिजांग कहता है। माओ ने कहा कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए, शिजांग से संबंधित मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास पर प्रभाव डालने से बचना चाहिए। रिजिजू ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि अगले दलाई लामा पर फैसला सिर्फ स्थापित संस्था और दलाई लामा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले में कोई और शामिल नहीं होगा। यह दलाई लामा द्वारा अपने उत्तराधिकारी पर की गई टिप्पणियों पर भारत सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी की पहली प्रतिक्रिया थी। बुधवार को तिब्बती आध्यात्मिक नेता ने कहा कि दलाई लामा की संस्था जारी रहेगी और केवल गादेन फोडरंग ट्रस्ट – जिसकी स्थापना 2015 में उनके कार्यालय द्वारा की गई थी – को ही उनके अगले दलाई लामा को मान्यता देने का अधिकार होगा। रिजिजू की यह टिप्पणी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की उत्तराधिकार योजना को चीन द्वारा खारिज किए जाने के बाद आई है, जिसमें जोर दिया गया है कि किसी भी भावी उत्तराधिकारी को उसकी स्वीकृति की मुहर मिलनी चाहिए। रिजिजू, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं, और उनके साथी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, 6 जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जन्मदिन समारोह एक धार्मिक समारोह है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। माओ ने चीन के इस रुख को दोहराया कि दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म के पंचेन लामा के उत्तराधिकारी के लिए घरेलू खोज, 'स्वर्ण कलश' से निकाले गए लॉटरी और केंद्र सरकार की मंजूरी के अनुरूप कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक परंपराओं का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान 14वें दलाई लामा इस प्रक्रिया से गुजरे थे और तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को उन सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए और धार्मिक अनुष्ठानों, ऐतिहासिक परंपराओं, चीनी कानून और नियमों का पालन करना चाहिए।  

थप्पड़ विवाद पर फडणवीस का बयान – मराठी के सम्मान में हिंसा का समर्थन नहीं

मुंबई पिछले दिनों महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कथित तौर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक फूड स्टॉल के मालिक को मराठी में बात नहीं करने पर पीटने के मामले में अब राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने MNS कार्यकर्ताओं द्वारा दुकानदार की पिटाई की घटना पर दो टूक कहा कि ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन मराठी की आड़ में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि मुंबई के पास मीरा रोड में फूड स्टॉल चलाने वाले 48 वर्षीय दुकानदार बाबूलाल चौधरी पर राज ठाकरे की MNS के सात कार्यकर्ताओं ने मराठी नहीं बोलने पर हमला कर दिया। चौधरी की पिटाई करते हुए MNS कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि अगर उसे इस क्षेत्र में व्यापार करना है तो मराठी बोलना होगा वरना दुकान चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जब दुकानदार ने कहा कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएँ बोली जाती हैं, तो उस पर थप्पड़ों की बरसात कर दी गई। हुड़दंगियों को MNS का साथ राज ठाकरे की पार्टी MNS इस मामले में अपने कार्यकर्ताओं का साथ दे रही है और दावा किया कि दुकानदार ने मराठी का अपमान किया तभी उसके साथ उसके कार्यकर्ता सख्ती से पेश आए। दूसरी तरफ, MNS कार्यकर्ताओं की हरकतों का महाराष्ट्र के जूनियर गृह मंत्री योगेश कदम ने भी अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है, जिन्होंने कहा कि मराठी का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मराठी के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं हालांकि, एक प्रेस कॉन्प्रेन्स में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो गृह मंत्रालय का भी जिम्मा संभाल रहे हैं, ने दो टूक कहा कि मराठी के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक दिन पहले भाजपा कोटे से मंत्री नितेश राणे ने भी MNS के कार्यकर्ताओं की हरकत की आलोचना की और कहा, ‘‘एक हिन्दू व्यक्ति को पीटा गया…गरीब हिन्दुओं पर क्यों हमला किया जा रहा है? हिम्मत है तो नल बाजार या मोहम्मद अली रोड पर जाकर अपनी ताकत दिखाओ।’’ बता दें कि नल बाजार या मोहम्मद अली रोड दक्षिण मुंबई में मुख्यतः मुस्लिम बहुल इलाका है। हिन्दुओं को बांटने का एक प्रयास मंत्री राणे ने कहा, ‘‘क्या मोहम्मद अली रोड (इलाका) में दाढ़ी और टोपी वाले लोग शुद्ध मराठी बोलते हैं। क्या जावेद अख्तर या आमिर खान मराठी बोलते हैं।आपके पास उन्हें मराठी बोलने के लिए कहने का साहस नहीं है, लेकिन आप गरीब हिन्दुओं पर हमला कर रहे हैं।’’ राणे ने दावा किया कि हिंदी को लेकर विवाद हिन्दुओं को बांटने का एक प्रयास है। दरअसल, भाषा विवाद के जरिए राजनीतिक दल सामाजिक ध्रुवीकरण की कोशिशों में लगे हुए हैं, क्योंकि आने वाले समय में BMC चुनाव होने वाले हैं।  

प्रियंका चोपड़ा की ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ के लिए कड़ी तैयारी, दिखाया एक्शन के पीछे का सच

मुंबई,  प्रियंका चोपड़ा जोनास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपने फैंस को फिल्म ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ के एक्शन सीन्स की कुछ झलक दिखाई। प्रियंका ने कड़ी ट्रेनिंग और स्टंट रिहर्सल के कुछ वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए। वीडियो में वह एक्शन स्टंट करते दिख रही हैं। वीडियो की शुरुआत में प्रियंका दरवाजा खटखटाती हैं, फिर कैमरे की तरफ देखकर हंसती हैं। इसके बाद वीडियो में वह हॉलीवुड की स्टंटवुमन और एक्ट्रेस अनीशा गिब्स से मुश्किल एक्शन स्टंट सीखती दिख रही हैं। उन्होंने वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “इसे घर पर न आजमाएं… जब तक आपके पास अनीशा गिब्स ना हो। ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ अब प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।” ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ में प्रियंका चोपड़ा, जॉन सीना और इदरीस एल्बा लीड रोल में हैं। यह एक्शन, ड्रामा और कॉमेडी से भरपूर है। इदरीस एल्बा ने जहां यूके के प्रधानमंत्री सैम क्लार्क का किरदार निभाया है, वहीं जॉन सीना यूएस के राष्ट्रपति विल डेरिंगर की भूमिका में हैं। इनके अलावा, प्रियंका चोपड़ा ने एम16 एजेंट नोएल बिसेट का रोल अदा किया है। फिल्म की कहानी यूके के प्रधानमंत्री सैम क्लार्क और अमेरिका के राष्ट्रपति विल डेरिंगर के बीच की नापसंदगी और झगड़े के बारे में है। दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता है। एक दिन जब हवाई यात्रा के दौरान उन पर जानलेवा हमला होता है, तब राज्य के इन दो प्रमुखों को एयरफोर्स वन से आपातकालीन स्थिति में बेलारूस के पास पैराशूट से उतरना पड़ता है। इस एयरफोर्स वन को हवा में मार गिराया जाता है। अब दोनों की जान खतरे में है, क्योंकि कई लोग उनकी हत्या करना चाहते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए एम16 एजेंट नोएल बिसेट को रखा जाता है। फिल्म की शुरुआत में ही वह एक मिशन के दौरान घायल दिखाई जाती है। नोएल और क्लार्क का अतीत भी है, जिसका खुलासा मिशन के दौरान होता है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे तीनों मिलकर जान बचाने और दुनिया को सुरक्षित करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में पैडी कॉनसिडाइन, स्टीफन रूट, कार्ला गुगीनो, जैक क्वैड, सारा नाइल्स और अलेक्सांद्र कुजनेत्सोव भी अहम किरदार में हैं। फिल्म को इल्या नाइशुलर ने निर्देशित किया है।  

उत्तराखंड में मानसून का असर पूरे राज्य पर दिखने लगा, मूसलधार बारिश से हालात बिगड़े

देहरादून उत्तराखंड में मानसून का असर पूरे राज्य पर दिखने लगा है। पर्वतीय और मैदानी जिलों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। विशेष रूप से केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर भूस्खलन से रास्ते बाधित हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है।  रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम की ओर जाने वाला पैदल मार्ग गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी गधेरे पर बोल्डर, मलबा-पत्थर आने से पूरी तरह से बाधित हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें व लोक निर्माण विभाग के कार्मिक व मजदूर मौके पर हैं। फिलहाल यात्रियों के आवागमन को सोनप्रयाग से ही बंद कर दिया गया है। मैनुअल तरीके से मलबा-पत्थर हटाया जा रहा है। वहीं मनकटिया क्षेत्र व छोटी पार्किंग गौरीकुंड मार्ग पैदल आवाजाही के लिए सुचारु है।  जिला आपदा प्रबंध अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रियों को सचेत किया जा रहा है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने भी यात्रियों को मौसम के अनुसार यात्रा की सलाह दी है। उत्त्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे एन एच 134 पर बनास के पास भारी भू-धसाव से सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। मलबा हटाने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था जुटाई जा रही है ताकि यात्रियों की आवाजाही हो सके।  गंगोत्री हाईवे एनएच 108 पर पापड़ गाड़ के पास भी भू-धसाव हुआ है, जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हैं। सीमा सड़क संगठन व लोक निर्माण विभाग की टीमें सड़क सुधार कार्य में जुटी हुई हैं। इसके अलावा पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से गंगा, यमुना, सरयू, गोमती समेत सभी नदियां खतरें के निशान के पास बह रही हैं। इससे हरिद्वार, ऋषिकेश समेत अन्य मैदानी जिलों में जलभराव की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश की राजधानी देहरादून समेत अल्मोड़ा, बागेश्वर समेत अन्य जिलों में बारिश जारी है। बागेश्वर जिले में रात से लगातार बारिश से जिले में 14 आंतरिक मोटर मार्ग भूस्खलन से बंद हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं। बारिश से सरयू और गोमती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण के सचिव विनोद सुमन ने बताया कि सभी जिले अलर्ट मोड में हैं और सभी जिलों से लगातार फीड बैक भी मिल रहा है।  

वॉटर वुमन” के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी सुधारों पर वित्त मंत्री चौधरी ने रखा ठोस विजन, बोगस पंजीयन व फर्जी बिलों पर सख्त कार्रवाई के दिए सुझाव

  जीएसटी राजस्व संग्रहण विषय पर मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक आयोजित रायपुर देशभर में जीएसटी राजस्व संग्रहण को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा किए और बोगस व्यवसायियों पर सख्त कार्रवाई, पंजीयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रयोग तथा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस समूह का संयोजन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद पी. सावंत कर रहे हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बतौर सदस्य भागीदारी की और राज्य के अनुभव एवं नीतिगत सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण में आ रही चुनौतियों का आकलन कर व्यापक समाधान तलाशना था। बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जीएसटी के राजस्व पर पड़ने वाले आर्थिक व अन्य कारकों का विस्तार से विश्लेषण किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ में एंटी इवेजन और अनुपालन के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी। श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर अपवंचन रोकने और वास्तविक करदाताओं को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ में डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का सघन उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हुई है। बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के प्रजेंटेशन भी हुए। श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि इन नवाचारों को पूरे देश में समान रूप से लागू करने से बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने विशेष रूप से फर्जी बिलों पर नियंत्रण, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की रोकथाम, तथा पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि करदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा।  वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का अनुभव अन्य राज्यों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है। बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर साझा प्रयास करने चाहिए ताकि जीएसटी राजस्व संग्रहण में स्थायित्व एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्रियों के समूह द्वारा सुझाए गए उपायों को जीएसटी परिषद शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक जीएसटी परिषद के समक्ष व्यापक सुधारात्मक प्रस्ताव रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे भारत में कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण को नई दिशा मिलेगी।

काजोल की फिल्म सरज़मीन का ट्रेलर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल की वाली फिल्म सरज़मीन का ट्रेलर रिलीज हो गया है। कश्मीर में तेजी से हो रहे उथल-पुथल की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म सरज़मीन ,विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) पर आधारित है, जो एक सम्मानित सेना अधिकारी है, जो अपने कर्तव्य और व्यक्तिगत बलिदान की अडिग भावना के लिए जाना जाता है। मीरा (काजोल), एक मजबूत मां और पत्नी के रूप में, परिवार को एक साथ रखने के लिए संघर्ष करती है। हरमन (इब्राहिम अली खान) एक युवा व्यक्ति की भूमिका में उबलती हुई तीव्रता लाता है, जो यादों और परेशान करने वाली सच्चाइयों के बीच फंस जाता है। सरज़मीन का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। काजोल ने कहा, सरज़मीन में भावनात्मक गहराई की ज़रूरत थी, जिसने एक कलाकार के तौर पर मुझे वाकई आकर्षित किया। यह भूमिका मेरे लिए बहुत ही व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ी हुई थी। मुझे इब्राहिम को इस तरह के जटिल किरदार में जीवंत होते देखकर खुशी हुई और मैं उसके लिए बहुत उत्साहित हूँ। सरज़मीन में मेरे किरदार में बहुत सारी परतें हैं, वह कहानी का भावनात्मक केंद्र है और कायोज़ की दृष्टि ने इसे एक सम्मोहक तरीके से स्क्रीन पर पेश किया है। मैं फिल्म की रिलीज़ का इंतज़ार कर रहा हूँ। निर्देशक कायोज़ ईरानी ने कहा, सरज़मीन एक निर्देशक के तौर पर मेरी पहली फीचर फ़िल्म है और मुझे इस पर बहुत गर्व है। काजोल मैम, पृथ्वीराज सर और इब्राहिम को निर्देशित करना एक अवास्तविक अनुभव था, उन्होंने अपने किरदारों में इतनी कमज़ोरी लाई और इसने सब कुछ बदल दिया। पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा, जब मैंने सरज़मीन की स्क्रिप्ट पढ़ी, तभी से मुझे पता था कि यह एक ऐसा किरदार है जिसे मुझे निभाना चाहिए। इस किरदार को निभाने से मुझे ऐसे तरीके मिले जिसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी ।इसने मेरे विश्वासों को चुनौती दी।मुझे काजोल के साथ काम करने का अविश्वसनीय अवसर भी मिला, जो एक बहुत ही शक्तिशाली अभिनेत्री हैं और इब्राहिम एक बेहतरीन कलाकार हैं। मुझे वाकई उम्मीद है कि सरज़मीन दर्शकों के दिलों को छू लेगी। इब्राहिम अली खान ने अपनी उत्सुकता व्यक्त की और कहा, "सरज़मीन एक भावनात्मक मील का पत्थर है जिसे मैं हमेशा अपने साथ लेकर चलूँगा। इसने मुझे उन तरीकों से चुनौती दी, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी, न केवल एक अभिनेता के तौर पर, बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर भी। मेरा किरदार प्यार, वफ़ादारी और सच्चाई के बीच उलझा हुआ है, और उस भावनात्मक स्पेक्ट्रम को नेविगेट करना सबसे गहन सीखने की अवस्था थी। काजोल मैम और पृथ्वीराज सर को एक्शन में देखना एक ख़ज़ाना था, वे अपनी कला में बहुत शालीन और सहज हैं और इसने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। कायोज़ ईरानी द्वारा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हीरू यश जौहर, करण जौहर, अदार पूनावाला और अपूर्व मेहता द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म 25 जुलाई को केवल जियोहॉटस्टार पर रिलीज़ होगी।  

अमरनाथ यात्रा 2025: पहले ही दिन 12 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 6411 का नया जत्था रवाना

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से एक और जत्था भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 6411 तीर्थयात्री शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह भगवती नगर यात्रा निवास से 291 वाहनों के दो सुरक्षा काफिलों में कुल 6411 यात्री कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए। इनमें से 2789 यात्री बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे हैं, जबकि 3622 यात्री पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के पहले दिन, गुरुवार को 12300 यात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक तीर्थ कर रहे हैं। सुरक्षा के विषय पर तीर्थयात्रियों ने कहा, “उन्हें पाकिस्तान या उसके भाड़े के एजेंटों से कोई डर नहीं है। वो भगवान शिव के आह्वान पर यात्रा कर रहे हैं और उन्हीं की कृपा में सुरक्षित महसूस करते हैं।” इस साल की अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है, क्योंकि यह 22 अप्रैल के कायरतापूर्ण हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में कथित तौर पर धर्म देखकर 26 पर्यटकों की हत्या की थी। फिलहाल यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी शिविर और जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक का पूरा मार्ग सुरक्षाबलों की ओर से सुरक्षित है। तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक दो रास्तों से पहुंचते हैं, जिसमें एक पारंपरिक पहलगाम मार्ग है और दूसरा छोटा, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग है। पहलगाम रूट पर गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी से गुजरना पड़ता है, जिसमें कुल 46 किमी की दूरी तय करनी होती है। बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा करने के बाद उसी दिन बेस कैंप वापस लौटना पड़ता है।