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कांग्रेस नेता के जुलूस में लगे देशद्रोही नारे

कांग्रेस नेता के जुलूस में लगे देशद्रोही नारे

कांग्रेस नेता के जुलूस में लगे सर तन से जुदा नारे सागर – सागर कांग्रेस जिला महासचिव फिरदौस कुरैशी ने ईद मिलाद उन नबी का जुलूस निकाला जिसमें सर तन से जुदा के नारे लगे में गूंजा जब इस बात की जानकारी पुलिस को लगते ही तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई । आपको बता दे सागर में ईद मिलाद उन नबी के जुलूस के दौरान भड़काऊ नारे लगाने का घटना क्रम सामने आया है जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विश्वहिंदू परिषद सहित अन्य हिन्दू संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है कांग्रेस नेता के जुलूस के दौरान सर तन से जुदा जैसे भड़काऊ नारे लगने से सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया। जैसे कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वैसे ही हिन्दू संगठनों ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध किया जिसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। रैली के दौरान लगे नारे सागर तीन बत्ती चौराहे पर कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरुवार को निकाले गए जुलूस में खुलेआम धार्मिक विवाद फैलाने वाले नारे लगे। रैली के रूप में निकाले गए इस जुलूस के दौरान सर तन से जुदा जैसे नारे लगाए गए। जिसके बाद से ही सागर में तनाव का माहौल बन गया है । भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने किया ट्वीट मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल में ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर देश द्रोही होने का आरोप लगाते हुए कहा कांग्रेस का असली और देश-विरोधी चेहरा उजागर हो रहा है ।सागर के तीनबत्ती में “सर तन से जुदा” जैसे देश-विरोधी और हिंदू समाज को धमकाने वाले नारे लगाने वाले फिरदौश कुरैशी को जिला महासचिव बनाकर कांग्रेस ने फिर साबित कर दिया कि उसकी प्राथमिकता राष्ट्र और संविधान नहीं, बल्कि तुष्टिकरण और वोट बैंक है।याद दिला दें कि यही कांग्रेस है जिसने:-आतंकियों पर आँसू बहाए,देशद्रोहियों को संरक्षण दिया,सनातन धर्म को कोढ़ कहा,हिंदुओं को गाली दी,देशभक्तों की आवाज़ दबाई।नफ़रत फैलाने वालों से हाथ मिलाकर खुद को मोहब्बत का ठेकेदार बताना कांग्रेस की असली नीति है।समाज को विभाजित करने वालों को पद और सम्मान देना संविधान और राष्ट्रीय भावना का खुला अपमान है।स्पष्ट है कि कांग्रेस अब केवल विपक्ष नहीं, बल्कि देश-विरोधी मानसिकता की राजनीतिक मशीन बन चुकी है।

पहाड़ों में रहने वाली रेड राइस लेडी बनी ब्रांड एंबेसडर

पहाड़ों में रहने वाली रेड राइस लेडी बनी ब्रांड एंबेसडर

पहाड़ों से विलुप्त होते अन्न को फिर बनाया व्यंजन रेड रोज लेडी के संघर्ष की अनूठी कहानी भोपाल भोपाल: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नौगांव में रहने वाली स्वतंत्री बंधानी को भोजन करते समय कुछ ऐसा लगा कि उनके पूर्वजों के अनाज तो अब थाली में है ही नहीं जिसके बाद उन्होंने पहाड़ों की जमीनों पर उगने वाले अनाज की सूरत बदल का सोचा स्वतंत्री बताती हैं मैं रोज थाली देख कर उदास हो जाती थी और फिर एक दिन उनके मन में आया कि हमारे पूर्वजों कि द्वारा उगाए जाने वाले मोटे अनाज को विलुप्त नहीं होने दूंगी और अब उन अनाजों को फिर से थाली में लाएंगी जो मेरे मां नानी दादी थाली में परोसा करती थी. श्रीअन्न की खोज उन्हें खेतों तक ले आई. जहां पहाड़ों पर किसान पारंपरिक खेती से किनारा कर चुके थे। अब स्वतंत्र बंधानी ने पहाड़ों के खेती कर जो अन्न पूर्वजों का थाली से गायब हो गया था उसे भोजन में वापस लाने का पीड़ा उठाया ओर खेती करना शुरू किया और एक ऐसी मुहिम छेड़ी कि आज 10 हजार से ज्यादा किसानों को अपने साथ जोड़ा और खेतों में मोटे अनाज की पैदावार शुरु कर दी पहाड़ों के गायब हो चुके चीणा कोणी के बीज स्वतंत्री बांधना ने अनाज बाहरी पहाड़ों से पहनेंगे दामों पर खरीद कर गांव के किसानों तक पहुंचाया. पहाड़ों के लाल चावल को बचाने से लेकर उगाने और उसे बाजार तक पहुंचाने में बीते 10 सालों से मेहनत कर रही है। ऐसे पहाड़ों में उगाए जाने वाले अनाजों से पहले के समय में कई बीमारियों का इलाज किया जाता था जिसमें शुगर,ब्लडप्रेशर जैसी कई बीमारियां ठीक हो जाती थी जिस विरासत को पहाड़ में रहने वाले लोग सम्हाल नहीं पाए. मोटे चावल से बड़े मंडुवे शुगर फ्री होते हैं, अगर यह नियमित रूप से खाए जाए तो डायबिटीज हो ही नहीं सकती. इतना ही नहीं ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है. इसके अंदर अधिक मात्रा में फाईबर होता है जो कि तीन रोटी के बराबर एक लड्डू है. उन्होंने बताया जो मोटा अनाज हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी था हमें ताकत देता था, हमारी सेहत अच्छी रखता था उसे ही हमने अपने खाने से अलग कर दिया था , किसानों ने ये देखा ही नहीं कि अपनी जमीन की पैदावार बदल कर वो कितना नुकसान कर रहे हैं. स्वतंत्री ने बताया अब भी बहुत से ऐसे दुर्लभ श्री अन्न हैं, जो लगभग हमारे पहाड़ों में खत्म हो चुके है. जैसे चीणा कोणी मैंने हिमाचल ओर अन्य पहाड़ों से ये बीज मंगवाए फिर इनकी खेती की और अन्य किसानों को भी खेती करने के लिए दिए

आश्वासन ही तो मिल रहा है

आश्वासन ही तो मिल रहा है

संविदा कर्मियों की उम्मीद पर खरे नहीं उतरे मुख्यमंत्री,आश्वासन लेकर लौटे प्रदीप ठाकुरभोपाल में संविदा कर्मचारियों के महासम्मेलन में मोहन यादव ने यह कहते हुए संविदाकर्मियों की चने के झाड़ पर चढ़ा दिया कि संविदा कर्मचारियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम जी को हनुमान जी की थी.राजधानी भोपाल में शुक्रवार को संविदा कर्मचारियों ने महासम्मेलन का आयोजन किया. जिसमें शामिल होने के लिए प्रदेशभर से हजारों की संख्या में संविदाकर्मी भोपाल में टीटी नगर स्थित दशहरा मैदान में पहुंचे लेकिन मध्य प्रदेश के करीब 50 हजार संविदा कर्मचारियों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जिस बड़ी घोषणा का इंतजार था, उस पर पानी फिर गया वह उम्मीद महासम्मेलन के मंच से पूरी नहीं हो पाई. इस मंच से मुख्यमंत्री ने संविदाकर्मियों के योगदान की सराहना तो की लेकिन तत्काल राहत देने वाली किसी बड़ी घोषणा का जिक्र नहीं किया । तारीफों के पुल बाघ दिएइस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए थे. सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को चलाने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में संविदा कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम है. सरकार की हर जनकल्याणकारी योजना में संविदा कर्मचारियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम जी को हनुमान जी की रही. सरकार संविदाकर्मियों के हक के लिए सदैव सकारात्मक भाव से खड़ी है. संविदाकर्मियों के भविष्य की स्थिरता से जुड़े विषयों पर सरकार गंभीरता से मंथन करेगी । संविलियन पर बोले मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादव ने 10 वर्ष या उससे अधिक अनुभव वाले संविदा कर्मचारियों के संविलियन को लेकर कहा कि “इस विषय पर सरकार काम कर रही है. 50 परसेंट व्यवस्था को लागू किया जा चुका है और आगे भी इस दिशा में और काम करेंगे” इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कुछ निगम मंडलों में शासन के समान नियम लागू करने की बात कही और घोषणा भी की कि इसे जरूर किया जाएगा. आश्वासन की पुड़ियासंविदाकर्मियों की सभी मांगें पढ़ी गईं, लेकिन फैसला नहीं हो पायासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने मंच पर ही संविदा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा दिए गए माग पत्र की सभी मागे एक-एक कर पड़ी गई. इनमें नियमितीकरण, महंगाई भत्ता, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, बीमा, आवास, पदोन्नति और चाइल्ड केयर लीव जैसी मांगें शामिल थी.मांगें पढ़े जाने के बाद भी किसी भी मुद्दे पर स्पष्ट समय सीमा या ठोस निर्णय की घोषणा नहीं हुई । संविदा कर्मी करेंगे यज्ञसंविदा कर्मचारियों ने ‘बजरंगबली’ को लिखी चिट्ठी, वेतन बढ़वाने के लिए पत्नी बच्चों के साथ यज्ञ करेंगे । ओर हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे उनकी मांगे जल्द पूरी हो जाए । जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार उपाध्याय के अनुसार महासम्मेलन में सर्व शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, मनरेगा, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, वाटर शेड सहित शासन की लगभग सभी योजनाओं और विभागों मे कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए