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वाराणसी में परंपरा बदली: विक्टोरिया की जगह पीएम मोदी की तस्वीर वाला चांदी का सिक्का भेंट

रिपोर्ट अंकित तिवारी वाराणसी। देश आज़ाद होने के दशकों बाद भी चांदी के पुराने सिक्कों पर ब्रिटिश शासन की प्रतीक महारानी विक्टोरिया की आकृति आज भी देखने को मिलती है। इन सिक्कों की चांदी की कीमत और ऐतिहासिक पहचान के कारण आज भी इनकी मांग बनी हुई है और कई धार्मिक व पारंपरिक आयोजनों में इन्हें उपहार के रूप में दिया जाता रहा है। हालांकि, वाराणसी में पहली बार इस परंपरा में बदलाव देखने को मिला है। ज्ञानवापी परिसर में लंबे समय से कथा आयोजन से जुड़े आयोजक मंडल ने राम राज्याभिषेक के अवसर पर विक्टोरिया की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले चांदी के सिक्के भेंट किए। आयोजक मंडल के सदस्य देवेंद्र पाठक ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर धाम के सफाईकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को प्रसाद और अंगवस्त्रम के साथ यह चांदी का सिक्का दिया गया। देवेंद्र पाठक के अनुसार, “विक्टोरिया का सिक्का गुलामी का प्रतीक है। जब देश आज़ाद है, तो उपहारों में गुलामी के प्रतीकों का उपयोग क्यों किया जाए।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी के विकास में अहम भूमिका निभाई है और आज देश-विदेश से श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आ रहे हैं। इसी भावना के तहत यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में पिछले 68 वर्षों से नवाहन पाठ का आयोजन होता आ रहा है। इस वर्ष शिवरात्रि और राम राज्याभिषेक के अवसर पर श्रीराम दरबार की ओर से सफाईकर्मियों को प्रोत्साहन स्वरूप कुल 201 चांदी के सिक्के वितरित किए गए। आयोजकों का कहना है कि यह कोई राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा से जुड़ा निर्णय है। उनका मानना है कि वर्तमान समय में देश के नेतृत्व और पहचान को दर्शाने वाले प्रतीकों को महत्व मिलना चाहिए।

मासूम बच्चियों की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

मासूम बच्चियों की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

रिपोर्ट अंकित तिवारी बस्ती जिले के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत पचपेड़िया रोड पर रविवार शाम करीब 4 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। कबाड़ बीनने गईं दो नाबालिग बच्चियां खंभे से लटके बिजली के तार की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कांशीराम आवास विकास कॉलोनी निवासी 10 वर्षीय काजल (पुत्री मौलबी) और 12 वर्षीय करिश्मा (पुत्री अर्जुन) रोज की तरह कूड़ा बीनने निकली थीं। पचपेड़िया रोड के किनारे एक बिजली के खंभे से तार नीचे लटक रहा था। कूड़े के ढेर में हाथ डालते ही एक बच्ची को करंट लग गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरी बच्ची भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चियों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मासूमों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। जिस स्थान पर घटना हुई, वहां लंबे समय से तारों का जाल फैला हुआ था और बारिश या नमी के दौरान अक्सर स्पार्किंग होती रहती थी। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।

CM हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

CM हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामला भाजपा असम के सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किए गए एक कथित मुस्लिम विरोधी और हिंसक वीडियो से जुड़ा है। ओवैसी का आरोप है कि वीडियो में मुख्यमंत्री सरमा को मुस्लिम व्यक्तियों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की गई। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया से हटा लिया गया। ओवैसी ने पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार से मिलकर मुख्यमंत्री के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हेट स्पीच और हिंसक कंटेंट देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा है।

मध्य प्रदेश के किसानों को MSP के साथ बड़ा लाभ

मध्य प्रदेश के किसानों को MSP के साथ बड़ा लाभ

भोपाल, 8 फ़रवरी 2026 — रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद पर किसानों को बड़ी राहत और फायदा मिलने वाला है। इसके तहत सरकार ने गेहूं बेचने की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है और राज्य सरकार ने MSP के साथ अतिरिक्त बोनस का ऐलान किया है। 📌 मुख्य बातें🟢 MSP बढ़ा — केंद्र सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को ₹2,585 प्रति क्विंटल के रूप में तय किया है, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। 🟢 राज्य सरकार का बोनस — मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को MSP के अलावा ₹15 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य में गेहूं की खरीद ₹2,600 प्रति क्विंटल पर होगी। 🟢 किसानों को लाभ — इन बढ़ौतरी के साथ किसानों को MSP के ऊपर अतिरिक्त रकम मिलेगी, जिससे विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं बेचने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलेगा। 🟢 पंजीकरण प्रक्रिया — गेहूं MSP पर बेचने के लिए पंजीकरण 7 फरवरी से शुरू हो चुका है और इसे 7 मार्च 2026 तक कराया जा सकता है। तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने वाले किसानों से ही सरकारी खरीदी की जाएगी। 📊 इस योजना के साथ मध्य प्रदेश के गेहूं किसानों को केंद्र के MSP के ऊपर भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है, जिससे खेती का आर्थिक हित सुरक्षित रहेगा।