News Aazad Bharat

बाबरी ढांचे पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बाबरी ढांचे पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

रिपोर्ट अंकित तिवारी कयामत तक नहीं बनेगी बाबरी मस्जिद बाराबंकी (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाराबंकी जिले के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बाबरी ढांचे को लेकर बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग देश में बाबरी ढांचे को लेकर “कयामत तक” सपना देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा और भारत में कानून के अनुसार रहना होगा। सीएम योगी ने कहा, “भारत में कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे। देश के कानून को मानना होगा, कानून तोड़ने वालों को सजा मिलेगी।” अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने धार्मिक संदर्भ में भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अवसरवादी लोगों को संकट के समय भगवान राम याद आते हैं, जबकि सामान्य समय में वे प्रभु राम को भुला देते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे लोगों को भगवान राम भी भूल चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं में लगातार बने हुए हैं।

छात्रों के लिए मेरठ में मनोविज्ञान केंद्र

छात्रों के लिए मेरठ में मनोविज्ञान केंद्र

रिपोर्ट अंकित तिवारी मेरठ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आगामी दिनों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है। ऐसे में प्रदेशभर के लाखों छात्र परीक्षा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। हालांकि, परीक्षा नज़दीक आते ही कई छात्र मानसिक तनाव का भी सामना करने लगते हैं। इसी तनाव को दूर करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए मेरठ में मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से सहारनपुर और मेरठ मंडल के छात्रों को परीक्षा से जुड़ी मानसिक और भावनात्मक समस्याओं में सहायता दी जा रही है। केंद्र पर तैनात मनोचिकित्सक शिवराज सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र उनसे व्हाट्सएप कॉल और सामान्य कॉल के माध्यम से संपर्क कर रहे हैं। छात्र अपनी पढ़ाई, याददाश्त, नींद और परीक्षा के दबाव से जुड़ी समस्याएं साझा करते हैं, जिनका समाधान करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी लगातार केंद्र से संपर्क करते हैं और कई बार स्वयं भी यहां आकर परामर्श लेते हैं। छात्रों की मानसिक दुविधाओं को दूर करने के लिए उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जाता है। मनोचिकित्सक के अनुसार, कई छात्र बताते हैं कि परीक्षा नजदीक होने के बावजूद उन्हें अत्यधिक नींद आती है, जबकि कुछ छात्र पढ़ने के बाद भी विषयवस्तु याद न रहने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों को मानसिक रूप से संतुलित रहने और तनाव मुक्त होकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि यदि छात्र स्वयं केंद्र पर आकर परामर्श लेते हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से समाधान दिया जाता है, वहीं फोन के माध्यम से भी उनकी पूरी समस्या सुनकर उचित सलाह दी जाती है।

नहीं चलेगी रेपिडो,ओला,उबर

नहीं चलेगी रेपिडो,ओला,उबर

यूवाओ की पार्ट टाइम इनकम बंद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच ने प्रदेशभर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर स्तेमाल किए जाने टूव्हीलर ओर प्राइवेट गाड़ियों पर रोक लगाने के आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि निजी दो पहिया वाहनों और चार पहिया वाहनों का पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में व्यवसायिक उपयोग करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने कहा कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियां निजी वाहनों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप इस्तेमाल कर रही हैं। जो कि गलत है कोर्ट का मानना है कि निजी नंबर प्लेट वाली गाड़ियां बिना कमर्शियल लाइसेंस और परमिट के यात्रियों को ट्रेवल करा रहे हैं, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टि से खतरनाक भी हो सकता है। हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे कानून का सख्ती से पालन करें और अवैध रूप से चल रही बाइक-टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाए। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 के तहत बिना वैध परमिट किसी भी वाहन का व्यवसायिक उपयोग दंडनीय है। दरअसल, मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा, स्कूल, कॉलेज गोइंग यूथ हैं, जो आवागमन के लिए रैपिडो, ओला, उबर, जैसे अन्य सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों का सहारा ले रहे हैं। इन सेवाओं के लिए यह कंपनियां उन निजी बाइक और कार मालिकों की मदद ले रही है, जो व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल करने के लिए रजिस्टर्ड है। इन कंपनियों से जुड़कर अधिकांश युवा पार्ट टाइम के रूप में पैसा कमा रहे हैं। 1= मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि Ola, Uber और Rapido की बाइक-टैक्सी सेवाएँ अगर 2= बिना कमर्शियल (व्यावसायिक) परमिट 3= निजी (White number plate) दोपहिया वाहनों से चल रही हैंतो वो गैरकानूनी हैं। 1.1=कोर्ट का साफ कहना🚫 बाइक टैक्सी पर रोक: बिना वैध कमर्शियल परमिट के बाइक टैक्सी नहीं चल सकती 📜 Aggregator Guidelines ज़रूरी: Ola-Uber-Rapido को राज्य सरकार के नियमों का पालन करना होगा 🛡️ यात्री सुरक्षा सर्वोपरि: सेफ्टी से कोई समझौता नहीं 👮 सख्त कार्रवाई: परिवहन विभाग और पुलिस को चालान/जब्ती जैसी कार्रवाई के आदेश इसका मतलब आम लोगों के लिए📍 यह फैसला फिलहाल मध्य प्रदेश के लिए है 🚕 कार टैक्सी सेवाएँ बंद नहीं हुई हैं (अगर वे नियमों के अनुसार चल रही हैं) 🛵 बाइक टैक्सी तब तक नहीं चल पाएगी जब तक राज्य सरकार ड्राइवरों के लिए असरनिजी बाइक से सवारी ढोना = कानूनी जोखिम चालान, वाहन जब्ती या ऐप से ब्लॉक होने की संभावना अगर आप चाहें तो मैं बता सकता हूँ: 👉 दूसरे राज्यों में बाइक टैक्सी का क्या स्टेटस हैदूसरे राज्यों में अभी यह सेवाएं चलती रहेगी जब तक की वहां पर कोई नियम नहीं बना दिया जाता ।👉 भविष्य में MP में बाइक टैक्सी दोबारा कैसे शुरू हो सकती हैहाई कोर्ट के निर्णय के बाद हम मध्य प्रदेश में प्राइवेट वाहनों से टैक्सी नहीं चलाई जा सकेगी जब तक मध्य प्रदेश सरकार इसे लेकर कोई कानून नहीं बनाती । 👉 आम यूज़र को अब क्या विकल्प मिलेंगेआम जनता को अब ऑटो और टैक्सी के साथ-साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ही निर्भर रहना पड़ेगा जिससे हम यूजर्स को अधिक भाड़ा देना पड़ सकता है टू व्हीलर रैपीडो जैसे अन्य साधन से आम जनता को यह फायदा था कि उन्हें उनके घर से ही पिक एंड ड्रॉप की सुविधा मिलती थी और शुल्क के नॉमिनल चार्ज दे कर वे अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच जाया करते थे ।