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पश्चिम मध्य रेलवे में महत्वपूर्ण रेल ढांचागत परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

भोपाल। देश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने, परिचालन क्षमता बढ़ाने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से माल ढुलाई में वृद्धि, यात्रा समय में कमी तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। *मध्य प्रदेश: उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन परियोजना* पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत नईखेरी–चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किलोमीटर लंबी उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन को ₹189.04 करोड़ की लागत से स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से उज्जैन जंक्शन पर ट्रेनों के रिवर्सल की आवश्यकता समाप्त होगी, जिससे परिचालन क्षमता में वृद्धि तथा विलंब में कमी आएगी। यह परियोजना वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी तथा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों तक निर्बाध रेल संपर्क सुनिश्चित करेगी।ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे की आधुनिक, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित परिवहन प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इससे क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा, सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

ट्रेन के सफर में चिलम का दम

ट्रेन के सफर में चिलम का दम

🚆कामायनी एक्सप्रेस में लगे गांजा चिलम दम पर दम दिनांक: 12 फरवरी 2026रिपोर्टर: विशेष संवाददाता भोपाल – वैसे तो ट्रेन में नशा करना प्रतिबंधित है और रेलवे द्वारा सूचना के तौर पर सिम्बोल भी लगाए जाते है लेकिन जिसे नशा करना है उन्हें इस चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता आपने सुना होगा कि ट्रेन में लोग सिगरेट शराब तक पीते है लेकिन अब ट्रेन में लोग गाजे का का मजा भी चिलम के साथ ले रहे है ऐसा ही एक घटना क्रम आजाद भारत के रिपोर्टर ने अपने मोबाइल में शूट कर लिए विकलांग डिब्बे में कुछ लोग पहले तो गांजा निकालते है फिर उसे चिलम में भरते है और फिर लगता है दम पर दम ।आपको बता दे कामायनी एक्सप्रेस जो को बलिया से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाती है भोपाल स्टेशन के पास कुछ यात्री चिलम में गांजा भरकर पीते हुए दिखाई दिए जिसका पूरा वीडियो आजाद भारत न्यूज के रिपोर्टर ने अपने मोबाइल में कैद कर दिया अब सवाल यह उठता है कि इस यात्रियों को रेलवे के नियम या आरपीएफ का कोई डर नहीं जो खुलेआम ट्रेन के अंदर नशा खोती कर रहे है सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस बोगी में नशा खोरी की जा रही थी वह विकलांग डब्बा था और जो लोग गांजा पी रहे थे उनमें से एक भी व्यक्ति विकलांग नहीं था क्या रेलवे पुलिस विकलांग डब्बे की जांच नहीं करती और अगर करती है तो ऐसे लोग विकलांग बोगी में कैसे बैठे रहते है यह एक बड़ा सवाल है और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में कुछ यात्री नशा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो यात्री बने पत्रकार के द्वारा बनाया गया । वीडियो में कुछ लोग विकलांग ट्वेलेट के पास बैठकर धूम्रपान करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वे गांजा का सेवन कर रहे थे। ट्रेन में धूम्रपान और किसी भी प्रकार का नशा करना रेलवे नियमों के तहत प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अन्य यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए खतरा बन सकती हैं।