आयुष्मान भारत के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार, अन्य को किफायती दरों पर सेवाएँ
भोपाल। एम्स भोपाल का न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग नागरिकों को आधुनिक जाँच एवं उपचार सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है। यह मध्यप्रदेश का एकमात्र सरकारी संस्थान है जहाँ न्यूक्लियर मेडिसिन तकनीक के माध्यम से पूरे शरीर की उन्नत जाँच सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। संस्थान द्वारा दी जा रही सेवाओं में सुरक्षित रेडियोसक्रिय औषधियों की सहायता से शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली का आकलन किया जाता है। इससे रोगों की समय पर पहचान कर प्रभावी उपचार योजना तैयार करने में सहायता मिलती है। विभाग में बोन स्कैन, कार्डियक स्कैन, रीनल स्कैन तथा थायरॉइड स्कैन जैसी जाँच सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही हायपरथायरॉइडिज्म, थायरॉइड कैंसर तथा हड्डियों में फैले कैंसर के कारण होने वाले दर्द के प्रबंधन में भी उपचार सहायता प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूक्लियर मेडिसिन जाँच और उपचार दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एम्स भोपाल प्रशासन के अनुसार, निकट भविष्य में कैंसर से संबंधित जाँच के लिए आवश्यक मानी जाने वाली पीईटी-सीटी (PET-CT) स्कैन सुविधा भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे मरीजों को और अधिक उन्नत सेवाएँ एक ही संस्थान में उपलब्ध हो सकेंगी। गौरतलब है कि ये सभी सेवाएँ Ayushman Bharat योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। जो मरीज इस योजना के दायरे में नहीं आते, उन्हें भी निजी अस्पतालों की तुलना में अत्यंत रियायती दरों पर जाँच और उपचार सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। एम्स भोपाल का यह प्रयास प्रदेश में सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।