News Aazad Bharat

भारत-फ्रांस राफेल से पनडुब्बी तक पार्टनरशिप

मुंबई/नई दिल्ली। इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, रक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” के उन्नत स्तर पर ले जाने का ऐलान किया। साथ ही ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता शुरू करने का निर्णय लिया गया।

रक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर

दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। भारत में उन्नत रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, मिसाइल निर्माण और सैन्य तकनीक साझा करने पर सहमति बनी। भारत द्वारा फ्रांस से Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की खरीद को हाल ही में मंजूरी दिए जाने को भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन भी दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से किया। यह परियोजना फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी Airbus के सहयोग से शुरू की गई है, जिससे भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बल मिलेगा।

नवाचार, एआई और स्टार्टअप

भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की शुरुआत और भारत-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क के शुभारंभ की घोषणा भी की गई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध

मुंबई आगमन पर मैक्रों का स्वागत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। दौरे के दौरान सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भी भाग लेंगे, जहां वैश्विक तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श होगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में और मजबूत करेगा तथा रक्षा और तकनीकी सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा।

Loading spinner

Leave a Comment