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पाकिस्तान की घोषणा से बढ़ा तनाव: ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अब क्या रुख लेगा अमेरिका?

लाहौर  जिस मकसद को हासिल करने के लिए अमेरिका ने ईरान के नतांज, फोर्डो और इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर बी-2 बॉम्बर से विनाशक बम गिराए, जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इजरायल ने ईरान पर हमला किया. पाकिस्तान ने इस मकसद के खिलाफ खुल्लम खुल्ला बयान दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश ईरान के न्यूक्लियर ड्रीम को सपोर्ट करता है. बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पाकिस्तान के दौरे पर हैं.  पाकिस्तान पहुंचे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. उनके स्वागत के लिए पीएम शहबाज शरीफ और डिप्टी पीएम इशाक डार एयरपोर्ट पहुंचे. इस दौरे में दोनों देशों ने आर्थिक,सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने का वादा किया.  पाकिस्तान और ईरान ने द्विपक्षीय व्यापार को 3 गुना से ज्यादा करने पर सहमति जताई है. पाकिस्तान और ईरान के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार 3 अरब डॉलर का है. अब इसे दोनों देशों ने 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने 12 समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए.  ईरान के न्यूक्लियर ड्रीम को पाकिस्तान का समर्थन लेकिन पाकिस्तान द्वारा ईरान के परमाणु शक्ति बनने के सपने को समर्थन देना इस दौरे की अहम बात रही. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान और इजरायल/अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है, खासकर जून 2025 में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद.  पाकिस्तान की यह घोषणा न केवल क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करती है, बल्कि यह अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर भी सवाल उठाती है. गौरतलब है कि ट्रंप की नीतियों में अभी पाकिस्तान फोकस में है. ट्रंप ने टैरिफ में पाकिस्तान को अच्छी खासी रियायत दी है और पाकिस्तान पर 19 फीसदी टैरिफ ही लगाया है.  ट्रंप ने पाकिस्तान में तेल निकालने का जुमला भी फेंका है. ट्रंप की इन घोषणाओं से पाकिस्तानी नेतृत्व ऊपरी तौर पर गदगद है. लेकिन ईरान के परमाणु सपने का समर्थन कर पाकिस्तान ने डबल गेम का पासा फेंका है.  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार है. ईरान का यही मुद्दा हाल में इजरायल के साथ टकराव की वजह रही थी.  शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा प्राप्ति के ईरान के उद्देश्यों के साथ खड़ा है." उन्होंने ईरान के खिलाफ हाल के इजरायली हमलों की निंदा की और अपने मुल्क की रक्षा के लिए तेहरान की सराहना की.  ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ऐतिहासिक विरोधी रहे हैं अमेरिका-इजरायल गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ऐतिहासिक रूप से सख्त और विरोधी रहे हैं. दोनों देश ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने की संभावना को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। अमेरिका ने 2015 के JCPOA (ईरान परमाणु समझौता) के तहत ईरान की परमाणु गतिविधियों पर निगरानी और प्रतिबंध लगाए, लेकिन 2018 में ट्रम्प प्रशासन ने इसे रद्द कर कड़े प्रतिबंध लागू किए.  इजरायल तो ईरान को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है. दोनों देश IAEA की सख्त निगरानी और ईरान पर दबाव बनाए रखने के पक्षधर हैं.  अमेरिका और इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को, भले ही वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हो, संदेह की दृष्टि से देखते हैं. दोनों देशों का मानना है कि ईरान का दावा "शांतिपूर्ण" होने का एक आवरण हो सकता है, जिसके पीछे सैन्य परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा छिपी हो सकती है.  ट्रंप को क्या सफाई देंगे आसिम मुनीर? अब सवाल यह है कि ट्रंप के साथ खाना खाने वाले पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर शहबाज शरीफ के इस कदम पर क्या कहेंगे? मुनीर यह जोर दे सकते हैं कि पाकिस्तान केवल ईरान के शांतिपूर्ण न्यूक्लियर प्रोग्राम का समर्थन करता है, जैसा कि शहबाज शरीफ ने कहा है. यह रुख अमेरिका को यह संदेश देगा कि पाकिस्तान का समर्थन सैन्य न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं के लिए नहीं है, बल्कि केवल नागरिक उपयोग के लिए है.  गौरतलब है कि ईरान-इजरायल जंग के दौरान एक पूर्व ईरानी जनरल ने यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि पाकिस्तान ने हमें आश्वासन दिया है कि यदि इजरायल ईरान पर परमाणु बम का इस्तेमाल करता है, तो वे भी इजरायल पर परमाणु बम से हमला करेंगे. हालांकि पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.  इस स्थिति में पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व यह कह सकता है कि पाकिस्तान ने ईरान के साथ कोई नया सैन्य सहयोग शुरू नहीं किया है और उसका ये बयान भू-राजनीतिक जरूरतों के अनुरूप है. 

बूढ़ेश्वर महादेव: क्यों खास है छत्तीसगढ़ का यह 600 साल पुराना शिव मंदिर?

रायपुर सावन का आज चौथा सोमवार है। ऐसे में शिव मंदिरों में सोमवार सुबह से भक्तों की भीड़ लगी हुई है। रायपुर के शिलालयों में दर्शन करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। रायपुर के प्राचीन बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में लोग भगवान भोले को जलाभिषेक किए। बात रायपुर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की करें, तो यहां पांच सौ वर्ष पूर्व बूढ़ातालाब के किनारे शिवलिंग की पूजा की जाती थी। मान्यता है कि शिवलिंग पर हमेशा सर्प लिपटे रहते थे। श्रद्धालु तालाब में स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते थे। करीब 75 वर्ष पहले पुष्टिकर ब्राह्मण समाज ने यहां पर भव्य मंदिर बनवाकर शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित की। रायपुर का बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, आदिवासी समाज के कुल देवता बूढ़ादेव के नाम पर बूढ़ातालाब का निर्माण हुआ था। इसी तालाब के किनारे स्थित शिवलिंग को बूढ़ेश्वर शिवलिंग कहा जाने लगा। बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर की विशेषता मंदिर परिसर में प्राचीन कुआं है। इस कुएं के जल से ही शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। कुएं के सामने भोलेनाथ के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा खुले आसमान में विराजित है। इस प्रतिमा का सोने, चांदी के बर्क से अगहन माह की अष्टमी तिथि पर विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश, कार्तिकेय, पार्वती, नंदीदेव भी प्रतिष्ठापित हैं। एक बड़े हाल के बीच छोटा सा गर्भगृह बना है और चारों ओर अनेक देवी-देवता विराजित हैं। राधा-कृष्ण, श्रीराम-सीता के मंदिर है।   हर सोमवार को श्रृंगार पुजारी पंडित महेश पांडेय ने बताया कि मंदिर में सावन के हर सोमवार को किया जाने वाला श्रृंगार प्रसिद्ध है। यहां पर विविध सामग्री से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। अलग-अलग रूपों में भोलेनाथ को सजाया जाता है। जलाभिषेक की व्यवस्था की जाती है। पुराने वटवृक्ष से लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर में दर्शन करने की विशेष महत्व है। फेमस है भस्म आरती यहां महाशिवरात्रि और सावन महीने में दर्शन करने के लिए रायपुर सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि भव्य तरीके से मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर सुबह शिवलिंग पर भस्म आरती की जाती है। बनारस, उज्जैन और रामेश्वर ज्योतर्लिंग से भस्म मंगवाकर उसी भस्म का लेपन किया जाता है। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक होता है। शाम को भांग, धतूरा, चांदी, मालीपाणा के बर्क से श्रृंगार किया जाता है। 200 साल पुराना वटवृक्ष बूढ़ेश्वर मंदिर के 200 साल पुराना वटवृक्ष है। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र इस वृक्ष के नीचे वट सावित्री व्रत पूजा करने सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं। इसी वृक्ष के नीचे ही नृसिंह जयंती पर नृसिंह लीला का भव्य मंचन किया जाता है, जो पूरे प्रदेशभर में मशहूर है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के अवतार भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के ऊपर गुंबद नहीं बनाया गया है। भैरव अष्टमी पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।  

रेल नेटवर्क का मेगा प्रोजेक्ट: इटारसी से नागपुर के बीच 37 स्टेशन और 415 पुल के साथ नई लाइन

इटारसी रेल मंत्रालय ने देश के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक इटारसी से नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना 297 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 5,451 करोड़ बताई गई है। यह रेल मार्ग दिल्लीचेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा होगा और नागपुर में मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क से भी जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाना, यात्री और मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा देश की लॉजिस्टिक संरचना को और मजबूत बनाना है। किन क्षेत्रों को होगा लाभ इस परियोजना से मुख्य रूप से 2 राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें महाराष्ट्र का नागपुर जिला, मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल और पांढुरना शामिल है। उल्लेखनीय है कि ये सभी इलाके औद्योगिक और कृषि दोनों दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। रेल लाइन का विस्तार इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को रफ्तार देगा। वर्तमान रेल परिचालन चुनौतियों का समाधान इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन परियोजना न केवल रेलवे की वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर एक मजबूत और टिकाऊ आधार भी तैयार करती है। इससे यात्री सुविधा, औद्योगिक विकास, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक समृद्धि को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की ये हैं मुख्य विशेषताएं -कुल 297 किमी की दूरी और 339 किमी ट्रैक लंबाई। -37 स्टेशन, 36 बड़े और 415 छोटे पुल, 2 रोड ओवरब्रिज (आरओबी), 74 रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), 4 सुरंगें और 2 रेल ओवरब्रिज। -इस मार्ग से हर साल 1 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी। -इसके माध्यम से लगभग 1,206 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक लागत की बचत होगी।

रफ्तार बनी काल: थार की टक्कर से महिला की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

पटना रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुआं पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने सड़क किनारे खड़े चार लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 3 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृत महिला की पहचान इंदू देवी पत्नी हृदयानंद पंडित के रूप में की गई है। घायलों में मोहम्मद सलीमुद्दीन, मोहम्मद सलीम और पवन शामिल हैं। यह भीषण हादसा पास के पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक महिला सड़क के काफी किनारे चल रही थी, जबकि तीन अन्य लोग पेट्रोल पंप के पास स्कूटी खड़ी कर आराम कर रहे थे। तभी तेज गति से आई थार ने सभी को कुचल दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिक्रमगंज-डेहरी मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया। इससे पहले उन्होंने थार के चालक और उसके साथ सवार दो अन्य लोगों को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों नशे की हालत में थे। सूचना मिलते ही काराकाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि जाम हटाने और प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।

डिजिटल MP की ओर कदम: DL और रजिस्ट्रेशन कार्ड अब मिलेंगे नई टेक्नोलॉजी के साथ

भोपाल  मध्यप्रदेश परिवहन विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दिसंबर महीने से विभाग के द्वारा वाहनों के लिए कॉन्टैक्ट-लेस डिजिटल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे। आरसी और लाइसेंस को आप सीधा अपने स्मार्टफोन से इसका पूरा डेटा देख सकेंगे। वर्तमान में आरसी कार्ड को रीड करने के लिए पीओएस या दूसरी मशीनों की जरूरत पड़ती है। दिसंबर से मिलेंगे डिजिटली डीएल और रजिस्ट्रेशन साल 2024 के सितंबर महीने में ही स्मार्ट कार्ड बनाकर देने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड को पीडीएफ में भेजा जा रहा था। अब लोगों को दिसंबर से नई तकनीक वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। 200 रुपए से कम होगी फीस कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड बनवाने के लिए 200 रुपए से कम फीस ली जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के पास पुराना कार्ड है और वह नया कार्ड बनवाना चाहते हैं तो उन्हें आरटीओ ऑफिस में जाकर आवेदन करना होगा। कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड से क्या होगा फायदा कॉन्टैक्ट-लेस कार्ड होने के कारण इसे स्मार्टफोन से रीड किया जा सकेगा। जिसके जरिए फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। कार्ड डिस्पैच होने के बाद इसकी ट्रैकिंग की जा सकेगी। जिसकी जानकारी मैसेज के जरिए प्राप्त होगी। लाइसेंस प्रिंट होने के बाद सीधा आवेदक के घर पहुंचेगा। 

‘आपके भूलने से क्या होगा?’ – गहलोत के बयान पर राठौड़ ने कसा तंज, पायलट का किया जिक्र

जयपुर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की लहरें लगातार उठती रहती हैं। अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण को भूलने की बात पकड़ी है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि गहलोत भूलने की बात कर रहे हैं लेकिन उनके भूलने से क्या फर्क पड़ेगा, जब सचिन पायलट को वह सब कुछ आज भी याद है। राठौड़ ने कहा कि पायलट जब भी उस वक्त को याद करेंगे जब उन्हें नाकारा, निकम्मा कहा गया था, तो उनके मन में गुस्सा और निराशा ही आएगी। उन्होंने कहा कि गहलोत जैसे सीनियर और समझदार नेता को ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगर गहलोत वाकई में भूलना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे पायलट से कहें कि भूल जा भाई, मुझसे गलती हुई। भाजपा नेता ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गुटबाजी के कारण कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। लोकतंत्र में मजबूत सरकार के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत भूल सकते हैं, पर फर्क तभी पड़ेगा जब पायलट भी भूलने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि गहलोत कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, उन्होंने जो जहर घोला है, वो अपना असर दिखाएगा।

दिल्ली में बढ़ा अपराध: कांग्रेस सांसद की सुबह-सुबह चेन लूटी, FIR दर्ज

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में अब नेता भी सुरक्षित नहीं दिख रहे। कांग्रेस सांसद सुधा रामकृष्णन की आज सुबह दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में चेन छीन ली गई। सांसद तमिलनाडु भवन में रहती हैं। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ये घटना तब हुई जब सुधा रामकृष्णन सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर गई थीं। इस दौरान बदमाश आए और उनकी चेन छीन फरार हो गए। तमिलनाडु के मयिलादुथुराई से सांसद रामकृष्णन ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी साथी सांसद डीएमके की रजती के साथ चाणक्यपुरी के पोलिश दूतावास के पास टहल रही थीं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इसमें बताया कि स्कूटर पर सवार एक शख्स ने उनकी चेन छीन ली। उसने हेलमेत से अपना चेहरा छिपाया हुआ था। उन्होंने बताया कि घटना सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट के आसपास की है। बदमाश विपरीत दिशा से उनके पास आया और सोने की चेन छीनकर फरार हो गया। गर्दन पर चोट, कपड़े भी फट गए उन्होंने बताया कि बदमाश काफी धीमे-धीमे उनकी तरफ आ रहा था, इसलिए वह अंदाजा भी नहीं लगा पाईं कि वो कुछ ऐसा करने वाला है। इस घटना में उनकी गर्दन पर चोट आई है और उनका चूड़ीदार भी फट गया।

भारी बारिश से तबाही: 46 जिलों में अलर्ट, अब तक 9 मौतें, कई शहरों में स्कूल बंद

 लखनऊ यूपी में मानूसन पूरी तरह से सक्रिय है। प्रदेश में नदियों से सटे हुए 17 जिलों में बारिश का कहर है। रविवार को अलग-अलग जिलों में बारिश की वजह से नौ मौतें हुईं। सोमवार की सुबह सीतापुर जिले में दीवार गिरने से दो किशोरियों की मौत हो गई। यह संख्या जोड़ लें तो 24 घंटे में प्रदेश में बारिश से 11 मौतें हो गई है। भारी बारिश को देखते हुए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और राहत विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। टीम-11 में शामिल मंत्रियों ने भी बाढ़ प्रभावित जिलों का रविवार को निरीक्षण किया। वर्तमान में प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों की 37 तहसीलें और 402 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवान चौबीसो घंटे पेट्रोलिंग कर रहे हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 17 जिलों में कुल 84392 लोग प्रभावित हैं, जिनमें से 47906 लोगों को राहत सामग्री दी गई है। बाढ़ की वजह से 2759 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 343 लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 327 लोगों को सहायता राशि मिल चुकी है। प्रदेश में 4015 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में 493 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 6536 खाद्यान्न पैकेट और 76632 लंच पैकेट बांटे गए हैं। 29 लंगरों के जरिये पीड़ितों को भोजन की सुविधा दी जा रही है।    ये मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे रात्रि विश्राम – नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’- प्रयागराज, मिर्जापुर व बांदा – स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार- जालौन – स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला- औरैया – रामकेश निषाद- हमीरपुर – जयवीर सिंह- आगरा – सुरेश खन्ना- वाराणसी – संजय निषाद- कानपुर देहात – धर्मवीर प्रजापति- इटावा – अजीत पाल-फतेहपुर – दयाशंकर ''दयालु''- बलिया आज 46 जिलों में बारिश का अलर्ट यूपी में मानसून पूरी तरह से प्रभावी है। आज के लिए प्रदेश के तराई और आगरा मंडल के 15 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 31 अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है और 64 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ लाइन अभी भी प्रदेश के तराई इलाकों की ओर है। आज तराई व आगरा क्षेत्र में भारी बारिश के आसार हैं। कल रविवार को तराई, पूर्वांचल समेत विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। तराई के कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लखीमपुर खीरी और भदोही में सर्वाधिक 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं चित्रकूट और प्रतापगढ़ में 110 मिमी, अलीगढ़ में 100 मिमी, वाराणसी, बलिया, प्रयागराज, मिर्जापुर में 90 मिमी बारिश हुई। रविवार की देर शाम गोंडा, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई। यहां है भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मथुरा, हाथरस, आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।   यहां है भारी बारिश का यलो अलर्ट संतकबीरनगर, बस्ती, महाराजगंज, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, जालौन व आसपास के इलाकों में।   लखनऊ सहित कई जिलों में अवकाश लखनऊ में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते एक से लेकर 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश पांडेय के द्वारा यह अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो बच्चे स्कूल के लिए रवाना कर दिए गए हैं उन्हें वापस बुला लिया जाए। आदेश के देर से आने से कई स्कूलों के बच्चे रवाना हो गए थे। मालूम हो कि लखनऊ में बारिश रविवार से लगातार हो रही थी। अन्य जिलों में भी अवकाश घोषित लखनऊ के अलावा रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बहराइच और अंबेडकर नगर में भी अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। 

मॉनसूनी त्रासदी से बेहाल MP: जनहानि बढ़ी, राहत शिविरों में गुज़र रहा है लोगों का जीवन

भोपाल मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है लेकिन बीते करीब 40 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई तेज़ बारिश के डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं. प्रदेश सरकार ने बताया है कि मॉनसून के इस सीज़न में अबतक 252 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 432 पशु भी बारिश के मौसम में मारे जा चुके हैं जबकि 3600 से ज्यादा लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ की वजह से बने हालातों और राहत एवं बचाव के संबंध में जिला कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी, जिसमें मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के अतिवृष्टि वाले जिलों में अब तक 3628 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया है. फिलहाल 53 राहत शिविरों में 3065 प्रभावित लोगों को रखकर उन्हें सभी प्रकार की जरूरी मदद जैसे खाना-पीना, दवाइयां, कपड़े आदि मुहैया कराए जा रहे हैं. अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अफसरों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाये और जल्द ही सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए. बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित की जा चुकी है. शासन द्वारा लगभग 3600 करोड़ रुपए की व्यवस्था राहत मदद में की गई है. सीएम मोहन यादव ने बताया कि भारी बारिश को देखते हुए NDRF की टीमों को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार में तैनात किया गया है जबकि SDRF को प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया. 252 लोगों की हुई मौत प्रदेश सरकार के मुताबिक, मॉनसून के सीजन में अबतक 252 लोगों की मौत हुई है. इनमें से भारी बारिश से 47, नदी-नाले में दुर्घटनावश डूबने से 132, आकाशीय बिजली से 60 और दीवार/मकान/पेड़ गिरने से 13 लोगों की मृत्यु दर्ज हुई है. इसके अलावा साथ ही 432 पशु हानि और 1200 मुर्गियां की मृत्यु हुई है. प्रदेश में तैनात बचाव और राहत दलों द्वारा 432 रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिसमें 3628 नागरिकों और 94 मवेशियों को जीवित बचाया गया है. इसके अलावा बारिश से 128 मकानों को पूर्ण और 2333 मकानों को आंशिक क्षति हुई है. सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा बारिश एमपी सरकार के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 711.3 MM वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश के कुल 40 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है. इस अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के प्रभावित लगभग 254 ग्रामीण सड़कों क्षतिग्रस्त हुई हैं. 

आस्था पर हमला: चोरों ने जैन मंदिर से नकदी उड़ाई, CCTV बना गवाह

बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के घाटोल कस्बे में अज्ञात बदमाशों ने धार्मिक स्थल को निशाना बनाते हुए एक जैन मंदिर से दानपेटी चुरा ली। दानपेटी में रखी नकदी निकालने के बाद आरोपी उसे मंदिर परिसर के बाहर फेंककर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। चोरी की यह वारदात भगवान श्री वासुपूज्य दिगंबर जैन बावनडेरी मंदिर में आज तड़के करीब 3:20 बजे हुई। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में चार संदिग्ध बदमाश कैद हुए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सभी युवक पेंट-शर्ट पहने हुए थे और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पहले वे एक मकान के बाहर बैठे नजर आए और फिर वारदात के बाद मंदिर परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए। घाटोल जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य अजीत मुंगाणिया के अनुसार चारों बदमाश मंदिर में घुसे और वहां तैनात चौकीदार को लोहे के सरिए दिखाकर धमकाया। इसके बाद वे दानपेटी उठाकर ले गए, उसमें रखी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद डरे-सहमे चौकीदार ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर घाटोल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। जैन समाज के पदाधिकारियों द्वारा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।