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गाजा पर हमले पर ट्रंप ने तोड़ी चुप्पी, कहा- नरसंहार नहीं, असली क्रूरता 7 अक्टूबर को हुई

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में इजरायल के हमलों का बचाव किया है। उनका कहना है कि गाजा में इजरायल के हमले नरसंहार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 7 अक्तूबर को इजरायल में बहुत बुरा हुआ था। हमास के आतंकियों ने वहां तबाही मचा दी थी और उसी के नतीजे में गाजा में जंग हो रही है। इस तरह उन्होंने गाजा में जारी इजरायल के हमलों का बचाव किया। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से पूछा था कि क्या आप भी मानते हैं कि गाजा में जो हो रहा है, वह नरसंहार है। इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं ऐसा नहीं मानता। वे जंग में हैं। उन्होंने एक बात यह भी कही कि अमेरिका की ओर से फिलिस्तीन के लोगों को भुखे नहीं मरने दिया जाएगा। हम उन्हें राशन मुहैया करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम चाहते हैं कि लोगों को खाना मिले। इजरायल वहां सहायता मुहैया कराए। हम नहीं चाहते कि वहां कोई भुखमरी से मर जाए।' इस तरह डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल का बचाव किया है तो वहीं सहायता भी मुहैया कराने की बात कही है। गौरतलब है कि यूरोपीय देश फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी की ओर से इजरायल से अपील की गई है कि वह सीजफायर कर दे। यही नहीं फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात भी इन देशों ने कही है। इस बीच फिलिस्तीन में 92 लोग फिर से एक ही दिन में मारे गए हैं। इन लोगों की मौत रविवार को हुई, जिनमें से 56 लोग तो सहायता का इंतजार कर रहे थे। दरअसल गाजा में हालात ऐसे हैं कि भुखमरी से मौतों का भी डर है। गाजा पट्टी में राशन तक की किल्लत है और दवाओं के लिए भी लोग परेशान हैं। अरब मीडिया के अनुसार इन मौतों में 6 लोग ऐसे हैं, जिनकी भूख के चलते मौत हुई है। अरब न्यूज के अनुसार गाजा में अब तक 175 लोग खाने की कमी से मर गए हैं। इनमें 93 मासूम बच्चे शामिल हैं। बता दें कि गाजा में भुखमरी के हालात के बाद भी हमास सीजफायर के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। उसने अब तक हथियार डालने के संकेत भी नहीं दिए हैं।

सड़क किनारे ट्रक ठीक कर रहे थे, NH-130 पर तेज रफ्तार कार ने रौंदा, दो की जान गई

कोरबा बांगो थाना अंतर्गत मोरगा चौकी के मदनपुर घाट एनएच 130 पर एक तेज रफ्तार कार ने दो लोगों अपनी चपेट में लिया। जहां दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद एनएच रोड पर राहगीरों की भीड़ लग गई और वाहन की कतार लगना शुरू हो गई। इसकी सूचना तत्काल मोरगा चौकी पुलिस को दी गई। वहीं मौके पर 112 और एनएच रोड पर तैनात एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जहां एक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दमतोड़ दिया। मोरगा चौकी पुलिस ने घटनास्थल पहुच जानकारी ली और आगे की कार्यवाही शुरू की बताया जा रहा है कि ट्रक मदनपुर घाट पर ब्रेकडाउन हालत में खड़ी हुई थी। जिसे वाहन का चालक और परिचालक दोनों सड़क किनारे खड़ा होकर बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कर क्रमांक सीजी 12 एलजी 7728 ने सामने से ठोकर मारते हुए दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मोरगा चौकी प्रभारी मंगतूराम ने बताया कि मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद उस्मान उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ और दूसरा कृष्ण मुरारी पांडे 32 वर्षीय गढ़वा झारखंड गढ़वा निवासी है। जहां इस घटना के बाद उनके परिजनों को सूचना दे दी गई। वहीं इस हादसे के बाद कार को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

जूनूनी तेजी: सोने ने छूआ ₹1 लाख का आंकड़ा, चांदी 1.11 लाख की ओर

मुंबई   घरेलू वायदा बाजार में आज कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई है। सोने की कीमतों ने एक बार फिर ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर लिया है। सोमवार (4 अगस्त) को सोना ₹1,00,272 और चांदी करीब ₹1,11,021 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिल रही है, जबकि चांदी की चाल फिलहाल कुछ धीमी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चांदी तेज अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 3,416.60 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,399.80 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 7.10 डॉलर की तेजी के साथ 3,406.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव ने इस साल 3,509.90 डॉलर के भाव पर ऑल टाइम हाई छू लिया है। Comex पर चांदी के वायदा भाव 37.09 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 36.92 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.14 डॉलर की तेजी के साथ 37.07 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

विराट की विदाई को नहीं मानते थरूर, कहा – टेस्ट क्रिकेट के लिए फिर से मैदान में उतरें

नई दिल्ली सीनियर कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली से अपील की है कि वो टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के अपने फैसल पर पुनर्विचार करें. कोहली ने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी. कोहली के रिटायरमेंट के फैसले से फैन्स चौंक गए थे. शशि थरूर ने X पर लिखा, 'मैंने इस सीरीज में विराट कोहली को कुछ मौकों पर मिस किया है, लेकिन इस टेस्ट मैच में जितनी कमी उनकी महसूस हो रही है, उतनी कभी नहीं हुई. उनकी शानदार बैटिंग स्किल की बात तो छोड़िए, उनका धैर्य, जुनून और मैदान पर प्रेरणादायक स्थिति शायद नतीजे को बदल सकता था. क्या उन्हें रिटायरमेंट से बाहर लाने में बहुत देर हो चुकी है. विराट, देश को आपकी जरूरत है.' शशि थरूर का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. कई फैन्स भी थरूर की बात से सहमत दिखे हैं और विराट कोहली की टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मांग कर रहे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया है, लेकिन शशि थरूर और इस खेल को चाहने वाले फैन्स को मैदान पर किंग कोहली की कमी जरूर महसूस हुई है. कैसा रहा कोहली का टेस्ट में प्रदर्शन? 36 साल के विराट कोहली ने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 46.85 के एवरेज से 9230 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में कोहली के बल्ले से 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले. कोहली का बेस्ट स्कोर 254* रहा. कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने 68 टेस्ट में से 40 में जीत हासिल की. जबकि 17 मुकाबले टीम इंडिया ने गंवाए. 11 मैच ड्रॉ पर भी छूटे. विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. उससे कुछ दिन पहले 7 मई को रोहित शर्मा ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. कोहली और रोहित टी20 इंटरनेशनल को पहले ही बाय-बाय कह चुके थे. ऐसे में ये दोनों दिग्गज अब भारत के लिए केवल वनडे क्रिकेट खेलते नजर आएंगे.

चीन ने जमीन कब्जाई’ पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल से पूछा– जानकारी का स्रोत क्या है?

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा कि यदि आप सच्चे भारतीय हैं तो आप ऐसा कुछ नहीं कहते. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जा करने संबंधी बयान पर कड़ी टिप्पणी की और उनसे पूछा कि उन्हें संसद में ये मुद्दे उठाने से किसने रोका है. कोर्ट ने पूछा, 'क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है? बिना किसी विश्वसनीय सामग्री के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं. अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो ये सब बातें नहीं कहते.' मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ए जी मसीह की पीठ ने की. वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने पीठ के समक्ष राहुल गांधी का प्रतिनिधित्व किया. सुनवाई की शुरुआत में सिंघवी ने गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर वह ये सब नहीं कह सकते तो विपक्ष के नेता भी नहीं हो सकते. उन्होंने पीठ से अपने मुवक्किल के बयान की जाँच करने का आग्रह किया. न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा, 'डॉ. सिंघवी, आपको जो भी कहना है, कहिए. आप संसद में क्यों नहीं कहते? आपको सोशल मीडिया पोस्ट में यह सब क्यों कहना है.' सिंघवी ने तर्क दिया, 'एक तकनीक है, आप संसद सदस्य (एमपी) बन जाते हैं और सभी को बदनाम करते हैं लेकिन जनहित में एक पार्टी के नेता, बस देखें कि उन्होंने क्या कहा.' न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा, 'डॉ. सिंघवी, हमें बताइए कि आपको कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर चीनियों ने कब्जा कर लिया है. आपको कैसे पता चला कि आप वहाँ थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है? बिना किसी विश्वसनीय सामग्री के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं.' न्यायमूर्ति दत्ता ने आगे कहा, 'अगर आप एक सच्चे भारतीय होते, तो आप ये सब बातें नहीं कहते.' सिंघवी ने कहा कि यह भी संभव है कि एक सच्चा भारतीय कहे कि हमारे 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और मार दिया गया, और उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चिंता का विषय है. न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा, 'जब सीमा पार संघर्ष होता है. अगर आप खुलासा कर रहे हैं, आप विपक्ष के नेता (एलओपी) हैं. तो आप (संसद में) सवाल क्यों नहीं पूछते, आप एलओपी हैं. यह क्या है, आप कहे जा रहे हैं? आपके पास अनुच्छेद 19(1)(ए) का अधिकार (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) है, एक जिम्मेदार एलओपी होने के नाते, आप ऐसा करते हैं.' सिंघवी ने कहा कि मानहानि का मुकदमा दायर करके किसी व्यक्ति को परेशान करने का यह कोई तरीका नहीं है, और उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान 1 की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि अब संज्ञान लेने से पहले प्राकृतिक न्याय की आवश्यकता होती है. सिंघवी ने तर्क दिया, 'यह एक सर्वमान्य आधार है कि जब वर्तमान मामले में यानी 11 फरवरी, 2025 को संज्ञान लिया गया था, तब कोई प्राकृतिक न्याय नहीं था और न ही 223 (1) प्रावधान का कोई अनुपालन हुआ था.  राहुल गांधी से कोर्ट के तीखे सवाल सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने राहुल गांधी की तरफ से दिए गए बयानों पर असहमति जताई. राहुल गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने शुरुआत में दलील दी कि अगर कोई विपक्षी नेता मुद्दे नहीं उठा सकता, तो यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी. अदालत में सिंघवी ने कहा कि अगर वह प्रेस में छपी ये बातें नहीं कह सकते, तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते. इस पर जस्टिस दत्ता ने पूछा, 'आपको जो कुछ भी कहना है, संसद में क्यों नहीं कहते? आपको सोशल मीडिया पोस्ट में यह क्यों कहना है?' राहुल गांधी के बयान पर असहमति जताते हुए जस्टिस दत्ता ने पूछा, 'आप बिना किसी सबूत के ये बयान क्यों दे रहे हैं. अगर आप एक सच्चे भारतीय होते, तो आप यह सब नहीं कहते.' भारत जोड़ो यात्रा में दिया था बयान अपनी 2023 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, कांग्रेस नेता राहुल ने दावा किया कि एक पूर्व सेना अधिकारी ने उन्हें बताया था कि चीन ने 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. उनके इस बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया था और उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था. राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मुकदमे को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, 'आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2,000 किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है?' और इस पर जोर देते हुए कहा, 'अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसा नहीं कहते.' कोर्ट ने पूछा कि क्या आपके पास कोई विश्वसनीय जानकारी है? जब सीमा पार कोई विवाद होता है तो क्या आप ये सब कह सकते हैं? आप संसद में सवाल क्यों नहीं पूछते? कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप विपक्ष के नेता हैं तो आप ये बातें क्यों कहेंगे? आप ये सवाल संसद में क्यों नहीं पूछते? इसके जवाब में राहुल की तरफ से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्होंने संसद में बोलने की छूट पाने के लिए चुनाव नहीं लड़ा. अनुच्छेद 19(1)(ए) राहुल गांधी को सवाल पूछने की इजाजत देता है. सुप्रीम कोर्ट में सिंघवी ने यह स्वीकार करते हुए कि याचिकाकर्ता अपना बयान बेहतर तरीके से पेश कर सकते थे, कहा कि शिकायत सिर्फ सवाल उठाने के लिए उन्हें परेशान करने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है, जो एक विपक्षी नेता का कर्तव्य है. उन्होंने यह भी बताया इस मामले में नियमों का पालन नहीं किया गया है. हालांकि, जस्टिस दत्ता ने बताया कि यह मुद्दा हाई कोर्ट के सामने नहीं उठाया गया था. सिंघवी ने माना कि इस पॉइंट को उठाने में चूक हुई. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में चुनौती मुख्य रूप से शिकायतकर्ता के अधिकार क्षेत्र पर केंद्रित थी.  सिंघवी ने राहुल की तरफ से कहा कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की कोई जरूरत नहीं है. मामले में संज्ञान लिए जाने से पहले उन्हें कोई प्राकृतिक न्याय … Read more

श्रावण समापन पर महाकाल के दरबार में आस्था का सागर, भस्म आरती में जुटे हजारों भक्त

उज्जैन श्रावण मास का अंतिम सोमवार… और श्री महाकालेश्वर की अलौकिक भस्म आरती। आज उज्जैन की प्राचीन नगरी फिर से हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी । सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब महाकाल की भस्म आरती प्रारंभ हुई, तो मंदिर प्रांगण में एक अद्भुत, दिव्य वातावरण बन गया। हजारों श्रद्धालु, दूर-दराज से आए भक्त, होठों पर भोले का नाम, आँखों में भक्ति का नूर और दिल में एक ही कामना आज महाकाल की भस्म आरती का साक्षात् दर्शन हो जाए।आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 1 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन देंगे। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे। महाकाल की आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति है। जब भस्म से श्री महाकाल का श्रृंगार होता है, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति स्वयं शिव में लीन हो रही हो। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक रही कि मंदिर प्रबंधन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। ऑनलाइन दर्शन की सुविधा के साथ, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में LED स्क्रीन पर भी आरती का सीधा प्रसारण किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाएं बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा — “20 सालों से ये आरती लाइव देख रहा था, लेकिन आज जीवन सफल हो गया जब साक्षात महाकाल को भस्म में लिपटे देखा।”  

अब हेलमेट पहनिए और इंदौर के दफ्तरों में पाइए सम्मान, नियम तोड़ने वालों को एंट्री नहीं

इंदौर हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश एक अगस्त से लागू किया है। अब इसकी अगली कड़ी में शासकीय कार्यालयों में भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद जिले के शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। आज से शासकीय कार्यालयों में इसको प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों से आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। वहीं कार्यालय आने वाले आवेदकों को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जाएगी। दिखने लगा असर… जिले में शुक्रवार से लागू हुए नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश का प्रभावी रूप से पालन किया जा रहा है। रविवार को भी पंपों से दोपहिया वाहन चालकों को बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। वाहन चालकों के लिए कुछ पंपों पर हेलमेट भी बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। साथ ही शहर के फुटपाथों पर भी अब हेलमेट की दुकानें खुल गई हैं। सख्ती का असर अब दिखने लगा है और पंपों पर लोग हेलमेट पहनकर ही पेट्रोल भरवाने आने लगे हैं। प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पंपों की मानिटरिंग भी कर रही है। प्रशासनिक कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा आइडीए, नगर निगम, डीएवीवी और स्कूल शिक्षा विभाग ने भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। विभाग प्रमुखों को किया निर्देशित     सड़क दुर्घटनाओं के दौरान दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित रहें, इसके लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। पंपों पर पेट्रोल भरवाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य किया गया है। वहीं शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट पहनने का नियम लागू करने के लिए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है। – आशीष सिंह, कलेक्टर कर्मचारियों को दिए निर्देश, जनता से अपील     हमने निगम के सभी कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि वह दोपहिया वाहन से मुख्यालय, जोन कार्यालय पर आ रहे हैं, तो हेलमेट पहनकर आएं। इसके अलावा हमने निगम कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों से भी अपील की है कि वह अपने दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं। – शिवम वर्मा, निगमायुक्त आवेदकों को भी जागरूक करेंगे     दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षा के लिए हेलमेट बहुत जरूरी है, इसलिए दोपहिया वाहन चलाने के दौरान सभी को हेलमेट पहनना चाहिए। बगैर हेलमेट के लोगों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। कार्यालय में इसके लिए निर्देशित किया है और आवेदकों को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा।– आरपी अहिरवार, सीईओ आईडीए परिसर में हेलमेट लगाकर ही आएं     एमजीएम मेडिकल सहित सभी अस्पतालों में दोपहिया वाहन से आने वाले डाक्टर, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया है कि वह हेलमेट लगाकर ही परिसर में आएं। साथ ही यह अपील भी की गई है कि शराब पीकर वाहन नहीं चलाना है। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने  राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने। 2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने। उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुके. शारदा, बी. आर. साहू, भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा

हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्य शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिनौती गौधाम के निर्माण कार्य में तेजी लाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा गौसेवा के कार्यों में न हो देरी, हिनौती गौधाम जल्द हो पूर्ण – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण कार्य को आगामी 15 दिवस में पूरा कराने की बात कही। नवीन सर्किट हाउस रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम में भूसा शेड, गौवंश शेड और प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रशासनिक भवन का कार्य अगस्त माह में पूर्ण कर लिया जाए साथ ही हिनौती गौधाम में फेंसिंग का शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने गौधाम में 5 हजार पौधों के रोपण का कार्य आगामी 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इनकी सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े, डीएफओ लोकेश निरापुरे सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्तार अंसारी का बेटा कानून के शिकंजे में, उमर अंसारी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर गाजीपुर पुलिस ने  पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. उमर को लखनऊ के दारुलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस टीम उन्हें गाज़ीपुर ले गई है. उमर अंसारी के खिलाफ गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में गाजीपुर पुलिस को एक गंभीर अनियमितता की जानकारी मिली, जिसके अनुसार उमर अंसारी ने यूपी गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत जब्त संपत्ति को छुड़वाने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की थी. ये संपत्ति उनके पिता और गैंगस्टर एक्ट के तहत मृत घोषित पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से संबंधित थी. याचिका के साथ जो दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किया गया, उसमें उमर अंसारी ने अपनी मां अफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज प्रस्तुत किया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि हस्ताक्षर वास्तव में अफशा अंसारी के नहीं थे. इसके बाद गाज़ीपुर पुलिस ने उमर अंसारी पर जानबूझकर फर्जी दस्तावेज बनाने और न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया. उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर उनके भाई अब्बास अंसारी ने एक एक्स पोस्ट में बताया, "रात्रि 10:40 पर हमारे छोटे भाई उमर अंसारी को दारुल शिफ़ा स्थित आवास से कुछ पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गये हैं." रणनीति के तहत उमर अंसारी ने बनाए फर्जी दस्तावेज! गाजीपुर पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी ने ये कार्य "सोची-समझी रणनीति" के तहत अवैध लाभ उठाने की नीयत से किया था. इस पूरे मामले में उमर अंसारी के साथ-साथ वकील लियाकत अली को भी नामजद किया गया है. पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराध संख्या 245/2025 दर्ज की गई है, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS के तहत कार्रवाई की जा रही है. उमर अंसारी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. गाजीपुर पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. यह गिरफ्तारी कई राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.