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सुरक्षा के लिए कदम: झालावाड़ हादसे के बाद बालोतरा में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर

जैसलमेर/बालोतरा झालावाड़ जिले में हाल ही में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने राज्य सरकार और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस हादसे के मद्देनजर बालोतरा जिले में एक बड़ा और सख्त निर्णय लेते हुए प्रशासन ने 95 जर्जर सरकारी भवनों को गिराने के आदेश जारी कर दिए हैं।   आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत इन सभी भवनों को आगामी 15 दिनों की अवधि में विधिवत रूप से ध्वस्त किया जाएगा। यह निर्णय जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव द्वारा विभागीय रिपोर्टों और तकनीकी परीक्षणों के आधार पर लिया गया है। तीन विभागों की रिपोर्ट में खुलासा- खतरनाक हालत में हैं भवन जिला कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए बताया कि यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्टों और निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की तकनीकी पुष्टि के आधार पर की जा रही है। रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि ये भवन संरचनात्मक रूप से बेहद कमजोर और कभी भी ढहने की स्थिति में हैं, जिससे आमजन की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता है।   इन भवनों को किया गया चिह्नित प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गिराए जाने वाले 95 भवनों में 40 भवन चिकित्सा संस्थानों से संबंधित हैं, 37 भवन शिक्षा विभाग के विद्यालय परिसरों में स्थित हैं और 18 भवन महिला एवं बाल विकास विभाग के केंद्रों से जुड़े हुए हैं। इन सभी भवनों की स्थिति इतनी जर्जर बताई गई है कि वे किसी भी क्षण ध्वस्त हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए इनके विध्वंस की प्रक्रिया तेज कर दी है।   सुरक्षा मानकों के साथ होगी कार्रवाई, रिपोर्ट देना अनिवार्य जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि तय 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूरी तरह से संपन्न किया जाए। इस दौरान सभी सुरक्षा मानकों और प्रक्रियात्मक सावधानियों का सख्ती से पालन किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि से बचा जा सके। तोड़फोड़ की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद विभागों को इसकी रिपोर्ट अनुमोदन अधिकारी को सौंपनी होगी, जिससे दस्तावेजी सत्यापन भी सुनिश्चित किया जा सके। भ्रम या देरी की कोई गुंजाइश नहीं इस आदेश की प्रतिलिपि जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अग्रेषित कर दी गई है, जिससे हर स्तर पर स्पष्टता बनी रहे और कोई भी भ्रम या कार्य में विलंब न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जर्जर भवनों के स्थान पर भविष्य में आवश्यकता अनुसार नए भवनों के निर्माण की योजना भी बनाई जाएगी, ताकि आमजन को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें।  

राहुल गांधी के निवास पर विपक्ष की महाबैठक, 7 अगस्त को INDIA गठबंधन के दिग्गज होंगे शामिल

नई दिल्ली विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक 7 अगस्त को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर होगी। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डिनर के दौरान होगी और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि, विपक्षी इंडिया गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगा रहा है। 7 अगस्त की डिनर मीटिंग में आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति और संभावित आंदोलन की रूपरेखा भी बन सकती है। बता दें कि, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों में करीब 70-80 सीटों पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से जीते हैं और यदि 15 सीटें भी सही तरीके से हुई होतीं, तो वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। इसके साथ ही, बैठक में कई मुद्दे उठाए जा सकते हैं। जिसमें बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया, महाराष्ट्र में फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप, ऑपरेशन सिंदूर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से संभावित टैरिफ धमकी शामिल है। बता दें कि, इससे पहले इंडिया गठबंधन की पिछली बैठक 19 जुलाई को वर्चुअल हुई थी, जिसमें 24 से ज्यादा दलों के नेता शामिल हुए थे। संसद के मानसून सत्र की रणनीति बनाने को लेकर यह बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।  

पुत्र प्राप्ति के लिए करें पुत्रदा एकादशी व्रत, जानें विधि और पारण का महत्व

 वैसे तो हर एकादशी पुण्यदायी मानी गई है, लेकिन सावन में पड़ने वाली एकादशी का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. श्रावण के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं, जो कि इस साल 5 अगस्त को है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन की पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और बच्चों के खुशहाल जीवन का आशीर्वाद भी मिलता है. अगर आप भी पुत्रदा एकादशी का व्रत करने जा रहे हैं, तो चलिए जानते हैं इसकी पूजा विधि और व्रत पारण का समय. पुत्रदा एकादशी 2025 तिथि पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 4 अगस्त को सुबह 11:41 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 5 अगस्त को दोपहर 1:12 मिनट पर होगा. ऐसे में पुत्रदा एकादशी व्रत 5 अगस्त को किया जाएगा और व्रत का पारण 6 अगस्त को होगा. पुत्रदा एकादशी व्रत करने से क्या फल मिलता है? पुत्रदा एकादशी को पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किया जाता है. कहते हैं कि पुत्रदा एकादशी व्रत के पुण्य प्रताप से संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं, जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती और जीवन में पवित्रता आती है. पुत्रदा एकादशी व्रत विधि 2025 पुत्रदा एकादशी व्रत की शुरुआत दशमी तिथि से हो जाती है. दशमी तिथि (4 अगस्त) की शाम सात्विक भोजन करना चाहिए. फिर एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें. घर के मंदिर में भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें. पूजा में धूप-दीप, फूल-माला, बेल पत्र, आंकड़े के फूल चढ़ाएं. धतूरा, रोली और नैवेद्य सहित कुल 16 सामग्री अर्पित करें. पूजा में भगवान विष्णु को तुलसी चढ़ाएं, लेकिन शिव जी को नहीं. पूजा के बाद पुत्रदा एकादशी की कथा का पाठ कर अंत में आरती करें. पूजा के दौरान भगवान के सामने एकादशी व्रत करने का संकल्प लें. फिर दिनभर निराहार रहें, अगर भूखे रहना संभव न हो तो फलाहार करें. शाम के समय दोबारा विधिवत भगवान विष्णु की पूजा करें. अगले दिन द्वादशी तिथि में सुबह जल्दी उठकर विष्णु पूजन करें. इसके बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं, फिर व्रत का पारण करें. पुत्रदा एकादशी का व्रत कब खोलना चाहिए? पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि में किया जाता है. पुत्रदा एकादशी व्रत पारण 6 अगस्त को सुबह 5:45 बजे से सुबह 8:26 बजे तक किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 2:08 बजे है.

IIT इंदौर की लैब से इंडस्ट्री तक: जल्द शुरू होगा माइक्रो 3डी प्रिंटर का व्यावसायिक निर्माण

इंदौर  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर ने माइक्रो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का लाइसेंस वीफ्यूज मेटल प्रालि को प्रदान किया है। यह कदम आईआईटी की प्रयोगशाला में विकसित तकनीक को उद्योग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस तकनीक को लेजर डेकल ट्रांसफर (एलडीटी) आधारित माइक्रो 3डी प्रिंटर कहा जाता है, जिसे संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की शोधकर्ताओं की टीम ने विकसित किया है। अधिकारियों के मुताबिक अब इस तकनीक की मदद से कंपनी इंडस्ट्री प्रोडक्शन शुरू कर सकेगी। जल्द ही बाजार में माइक्रो 3डी प्रिंटर उपलब्ध हो सकेगा। माइक्रो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग पर संस्थान की प्रयोगशाला में दो साल से अधिक समय से शोधकार्य किया जा रहा है। इसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. पलानी आनंद, प्रो. विपुल सिंह, डॉ. अंशु साहू और शोधार्थी कृष्ण तोमर का अहम योगदान रहा है। यह माइक्रो 3डी प्रिंटर बेहद पतली परतों वाले मटेरियल (थिन फिल्म फीडस्टाक) का उपयोग करके सूक्ष्म और अत्यंत सटीक डिजाइन बनाने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह मटेरियल की बर्बादी को कम करता है, जिससे लागत कम होती है और परिणाम अधिक सटीक मिलते हैं। इन क्षेत्रों में होगा उपयोग यह उन्नत तकनीक उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जहां सूक्ष्मता और उच्च सटीकता की आवश्यकता होती है। इनमें माइक्रो इलेक्ट्रानिक्स, बायोमेडिकल उपकरण, पहनने योग्य (वियरेबल) तकनीक, उन्नत सेंसर, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। इस तकनीक से न केवल उद्योगों को लाभ होगा, बल्कि यह भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम सिद्ध होगा। रिसर्च से समाज को दिशा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास एस. जोशी ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत अनुसंधान को समाज पर वास्तविक प्रभाव डालने वाला बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के संकाय सदस्य अब अपनी शोध गतिविधियों को प्रयोगशाला से आगे बढ़ाकर उद्योग की जरूरतों से जोड़ रहे हैं। संस्थान के अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रो. अभिरूप दत्ता ने कहा कि यह साझेदारी इस बात का प्रमाण है कि निरंतर शोध और नवाचार से कैसे मजबूत औद्योगिक सहयोग स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईटी इंदौर अपनी अत्याधुनिक तकनीकों को व्यावसायिक समाधानों में बदलने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

रक्षाबंधन पर मिठाइयों में मिलावट की आशंका, फूड सेफ्टी टीम अलर्ट लेकिन रिपोर्ट फंसी

ग्वालियर  भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर की मिठाइयों की दुकानों पर मिठाई बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन इस मिठास में कहीं मिलावट का जहर न घुल जाए, इसे लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पिछले सालों में त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी और अशुद्ध दूध की आपूर्ति के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे पहले से ही सख्त नजर रखी जा रही है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आने से कार्रवाई महज औपचारिकता लग रही है। जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाले मावा, खोया, दूध, मिठाई, घी व तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं, और बिना लाइसेंस व लेबलिंग वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्ती की जा रही है, लेकिन शहर में फूड लैब शुरू नहीं होने से सख्ती बेअसर नजर आती है, क्योंकि सैंपल की जांच समय पर नहीं हो पा रही है। मिलावट का खतरा सबसे अधिक मावा व मिठाई में गर्म मौसम और बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सबसे अधिक मिलावट मावा और मिठाइयों में होने की आशंका है। कई मामलों में स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति फैट और रासायनिक रंग का उपयोग कर नकली मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। पिछली कार्रवाई बनी चेतावनी     – अप्रैल 2024 में खाद्य विभाग ने मुरैना ले जाए जा रहे 4,780 किलो मिलावटी मावा को जब्त किया था।     – एक मसाला फैक्ट्री में 100 किलो लकड़ी का बुरादा और रंग बरामद हुआ था, जिसे मसालों में मिलाया जा रहा था।     – दिसंबर में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री भी पकड़ी गई, जहां दूध की जगह केमिकल बेस का उपयोग हो रहा था। इन कार्रवाइयों के बाद 18 दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। त्यौहार से पहले शहर में निगरानी तेज –     कलेक्टर डा. रुचिका चौहान के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वाड और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुकानों, मिठाई कारखानों, डेयरियों व थोक बाजारों में सघन निरीक्षण कर रही हैं।     खाद्य अधिकारी डा. संतोष शर्मा के मुताबिक जो भी प्रतिष्ठान मिलावटी सामग्री बेचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ FSSAI अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह     चमकदार, अत्यधिक रंगीन मिठाईयों से बचें ।     बिना ब्रांड, बिना पैकेजिंग व बिना बिल के खरीदारी न करें।     घर पर दूध, मावा की शुद्धता की जांच के लिए FSSAI द्वारा बताए गए घरेलू परीक्षण अपनाएं।  

सुस्ती से जूझ रहा ऑटो सेक्टर, फेस्टिव सीजन में मिल सकती है राहत की रफ्तार

मुंबई  जुलाई 2025 में भारत में कारों की मांग में हल्की सुस्ती देखने को मिली है। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री इस महीने भी तेजी पकड़ने में नाकाम रही। लगातार दो महीनों की गिरावट के बाद जुलाई में थोक बिक्री में सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खुदरा बिक्री यानी ग्राहकों को डिलीवरी अभी भी दबाव में रही। देश की प्रमुख सात कार कंपनियों ने मिलकर जुलाई में लगभग 3,29,113 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो घरेलू बाजार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से चार कंपनियों की बिक्री या तो स्थिर रही या घट गई। भारी बारिश और कमजोर ग्राहक भावना ने बढ़ाई मुश्किलें जुलाई में ऑटो डीलरों ने बताया कि तेज बारिश और बाजार में नकदी की कमी के कारण कारों की बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया धीमी रही। कई कंपनियों द्वारा छूट और ऑफर के बावजूद ग्राहक खरीदारी से बचते रहे। इस वजह से डीलरों के पास औसतन 53 दिनों का इन्वेंटरी स्टॉक बना रहा, जो सामान्य से अधिक है। मारुति सुजुकी की बिक्री स्थिर, उम्मीदों में बढ़ोतरी देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जुलाई में 1,37,776 यूनिट्स डीलरों को भेजे, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर हैं। जून में कंपनी की बिक्री पिछले 18 महीनों में सबसे कमजोर थी, इसलिए जुलाई की स्थिरता को राहत माना जा रहा है। कंपनी के बिक्री प्रमुख पार्थो बनर्जी ने बताया कि Wagon R की मांग में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है और आने वाले त्योहारों का सीजन इस कार की बिक्री को और बढ़ावा देगा। मारुति के मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट में जनवरी के बाद पहली बार तेजी देखी गई है, जो सकारात्मक संकेत है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने SUV सेगमेंट में बढ़त बनाई एसयूवी सेगमेंट में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी ने जुलाई में लगभग 50,000 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है।

योगी सरकार की सख्ती जारी, दालमंडी के अतिक्रमण चिन्हित; कार्रवाई की तैयारी

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया हैं. इसमें सबसे प्रमुख  वाराणसी के चर्चित दाल मंडी बाजार को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के बाद सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाए. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने के साथ-साथ सख़्ती से निपटने का आदेश दिया है. बारिश के बाद शुरू होगा दालमंडी का चौड़ीकरण कार्य वाराणसी के सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाने वाले और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वाराणसी के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी पर होने वाले चौड़ीकरण कार्य को लेकर सीएम योगी ने दिशा निर्देश देते हुए कहा है कि – दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बारिश के बाद तत्काल शुरू किया जाए. दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी सुर्खियों में रहा है. दरअसल यहां पर सैकड़ो ऐसे दुकान मकान और धार्मिक स्थल हैं जो इस अभियान के जद में आ सकते हैं.  माहौल बिगड़ता वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए – सीएम योगी अधिकारियों संग बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और उनसे पूरी तरह सख्ती से निपटा जाए. जातिगत विषय आधारित मुद्दों पर अराजकता फैलाने वाले, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई के लिए सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया है. इसके अलावा विकास परियोजनाओं को लेकर भी स्पष्ट किया कि 24 बड़ी परियोजनाएं गतिमान है जिनकी कीमत लगभग 15000 करोड रुपए है. वाराणसी के सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देश दिया है.  

सुगम परिवहन सेवा का नया ढांचा तैयार, मुख्यमंत्री होंगे राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष

भोपाल प्रदेश में नगर वाहन सेवा समेत अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश में जल्द ही शुरू किये जाने के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे है। इसके लिये प्रदेश में राज्य स्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृति दी जा चुकी है। कंपनियों का गठन प्रदेश में राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट में 3 जुलाई 2025 को पंजीयन के साथ हो गया है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन राज्य शासन के द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार 7 सहायक कंपनी सम्पूर्ण प्रदेश में रहेगी। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनिया बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सभी संभागों में वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे करते हुए नये सिरे से नवीन बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में उज्जैन एवं इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। जबलपुर एवं सागर संभाग में सर्वे कार्य जारी है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के रूट्स सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाएगा। अधोसंरचना का कार्य पीपीपी मॉडल पर होगा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में वर्तमान निजी बस ऑपरेटर्स को पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन नियंत्रित बस कंपनी द्वारा अनुबंधित कर कंपनी के सुपरविजन में बस संचालित होंगी। इस योजना में प्रत्येक जिले में बस डिपो, अत्याधुनिक बस स्टेंड और बस स्टॉप का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप) मॉडल में किया जाएगा। उज्जैन एवं इंदौर रूट सर्वे कार्य अंतिम चरण होने से इन बस कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलेवार बस ऑपरेटर्स से सलाह कर रूट निर्धारण के संबंध में आवश्यक सलाह मशविरा कर सकेंगे। संदीप सोनी को अतिरिक्त प्रभार उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संदीप सोनी को सौपा गया है। संदीप सोनी वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन प्राधिकरण भी हैं। क्षेत्रीय सहायक कम्पनी प्रदेश की 7 क्षेत्रीय सहायक कम्पनी अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रदेश में लम्बे समय से शहरी और अंतरशहरी बस सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन बस सेवाओं में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती दर पर निर्धारित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकें।  

महाकाल की सवारी में उमड़ेगा आस्था और कला का संगम, उमा-महेश की झलक और जनजातीय नृत्य का समावेश

उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर से सावन महीने की चौथी सवारी सोमवार, 4 अगस्त को निकलेगी। इस बार भगवान महाकाल की पालकी के साथ नंदी रथ पर भगवान श्री उमा-महेश की प्रतिमा भी शामिल की जाएगी। चौथी सवारी की थीम मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित होगी। सवारी शाम 4 बजे निकलेगी भगवान महाकाल की यह सवारी शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी। भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजेंगे, श्री मनमहेश हाथी पर और श्री शिव-तांडव गरुड़ रथ पर होंगे। भगवान का पूजन-अर्चन मंदिर में किया जाएगा, फिर पालकी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। मंदिर के बाहर पुलिस जवान भगवान को सलामी देंगे। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस, होमगार्ड, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी चलेगा। इन मार्गो से निकलेगी सवारी सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। वहाँ भगवान का शिप्रा नदी के जल से अभिषेक होगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचेगी। पर्यटन पर आधारित झांकियां रहेगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार, इस बार की सवारी में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल रहेंगी।     वन्यजीव पर्यटन: कान्हा, पेंच, रातापानी और पन्ना टाइगर रिजर्व की झांकियां     धार्मिक पर्यटन: उज्जैन के सांदीपनि आश्रम और ओंकारेश्वर का एकात्मधाम     ऐतिहासिक स्थल: ग्वालियर और चंदेरी के किले, खजुराहो के मंदिर     ग्रामीण पर्यटन: ओरछा में होम स्टे और मंदिर की झांकी चार जनजातीय और लोक नृत्य दल सवारी में प्रस्तुति देंगे।     धार से भगोरिया नृत्य– मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में     छिंदवाड़ा से भड़म नृत्य– मोजीलाल डाडोलिया     उज्जैन से मटकी नृत्य- कृष्णा वर्मा के नेतृत्व में     सिवनी से सैला नृत्य- राहुल धुर्वे के नेतृत्व में  

‘भारत के पास विकल्प हैं, घाटा अमेरिका को होगा’ — रूस से तेल पर एक्सपर्ट्स की दो टूक

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर भारी जुर्माना लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद भारत ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत किसी कारणवश रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। क्योंकि, अमेरिका दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा कहते हैं, अमेरिका से रूस के तेल खरीदने पर जुर्माने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो खुद अमेरिका अछूता नहीं रहेगा। वहां भी तेल के दाम बढ़ेंगे। साथ ही मंहगाई बढ़ेगी। भारत पर भी इसका असर पड़ेगा पर अभी उसने रूस से तेल खरीदना जारी रखने की बात कही है। पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकार मानते हैं, रूस पर पूरी तरह कच्चे तेल की खरीद बंद करना आसान नहीं है। क्योंकि, सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं। किसी दबाव या रूस का कच्चा तेल महंगा होने पर आपूर्ति बंद होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर की वजह से कच्चे तेल के दाम सौ से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते है। रोज लाखों बैरल निर्यात रूस रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात करता है। भारत अपनी जरूरत का 33 से 40% तक तेल रूस से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। क्योंकि, भारत कच्चे तेल के मामले में अमेरिका के बाद तीसरा बड़ा आयातक है। भारत के पास विकल्प भारत करीब तीन दर्जन से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में दूसरे देश से इस तेल की आपूर्ति की जा सकती है पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि कंपनियां इस भार को सीधा उपभोक्ताओं पर डाल देंगी। रूस से जमकर तेल आयात भारत ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद रूसी तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उठाते हुए सस्ता तेल खरीदना शुरू किया। मई 2025 में भारत ने रूस से 1.96 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 38% है। भारत खरीदता रहेगा रूस से तेल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारतीय तेल कंपनियां रूस से तेल खरीदेंगी। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। वहीं, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मैंने सुना है कि भारत ने रूस से तेल लेना बंद कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अच्छा फैसला है, लेकिन इस मामले में क्या हो रहा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है। भारत सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि तेल खरीद के लिए भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए करार किया है। ऐसे में एक रात में तेल की खरीदारी बंद हो जाए,यह संभव नहीं है। अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। अधिकारियों ने कहा, रूस से तेल खरीदने के लिए भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारतीय कंपनियों को कोई दिशा- निर्देश नहीं दिया है।