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राष्ट्रपति भवन में PM मोदी और द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात, जानिए अंदरूनी चर्चा का एजेंडा

नई दिल्ली रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिससे यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित की है। इस चुनाव से पहले राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर है। 7 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, और प्रत्याशी 21 अगस्त तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। इस चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।   पीएम मोदी और राष्ट्रपति की मुलाकात राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक फोटो शेयर करते हुए यह जानकारी दी कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालांकि, बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह मुलाकात कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित थी। बिहार विधानसभा चुनाव पर चर्चा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच इस मुलाकात में एक और अहम मुद्दा उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास पर चर्चा की गई। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना रहा था, और यह मुलाकात इसी पृष्ठभूमि में हुई। बिहार विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। वोटरों के नामों का सही तरीके से पंजीकरण और वोटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने कई बार सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच एक विस्तृत चर्चा हुई, जिससे आगे आने वाली चुनाव प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के संकेत मिल रहे हैं।

9वीं कक्षा में ITI शुरू, 10वीं होते ही विदेश भेजे जाएंगे छात्र—MP सरकार ने खोली अंतरराष्ट्रीय नौकरी की राह

भोपाल  मध्यप्रदेश में पहली बार अब कक्षा 9वीं के साथ आईटीआई होगी। इसका फायदा यह होगा कि 10 वीं पास करने के साथ ही स्टूडेंट के हाथ में नौकरी होगी। अब उसे नौकरी नहीं करनी है तो दूसरा ऑप्शन 12वीं तक डिप्लोमा करने का रहेगा। इतना ही नहीं स्टूडेंट सीधे इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में एडमिशन ले सकेंगे। इसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गई है। 10वीं पास करते ही विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे। रूस ने 1.5लाख जॉब ऑफर किए है। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को ड्युअल अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट आठ ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। इसमें ईवी मैकेनिक ट्रेड के तहत स्टूडेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल की ट्रेनिंग ले सकेंगे तो प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मेसन, ड्रेस डिजाइन, स्विंग टेक्नोलॉजी, वायरमैन के साथ रेफ्रिजरेशन एंड एसी ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। ट्रेंड विद्यार्थियों को रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फाॅर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" का मतलब है कि ये बोर्ड न केवल अपने पारंपरिक प्रमाण पत्र जारी करेंगे, बल्कि एनसीवीईटी के साथ मिलकर भी प्रमाण पत्र जारी करेंगे. इससे छात्रों को दोहरी मान्यता प्राप्त होगी और उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ओपन बोर्ड अब एक बार में दो कोर्स करा सकेगा जिसमें स्टूडेंट 9वीं और 10 वीं की पढ़ाई जारी रखते हुए आईटीआई भी कर सकेंगे। इसे दोहरा सर्टिफिकेट कोर्स नाम दिया गया है। इसके तहत न केवल 9वीं और 10 वीं की परीक्षा हो जाएगी, बल्कि वे आईटीआई भी कर सकेंगे। इसके बाद 11–12 वीं करते हुए डिप्लोमा पूरा हो जाएगा। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। स्टूडेंट के पास विदेश जाने का मौका इस योजना के तहत पास होने वाले ट्रेंड विद्यार्थियों को दूतावास के माध्यम से रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे सर्विस करके अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। तिवारी बताते हैं कि ओपन स्कूल के रूस स्थित भारतीय दूतावास से चर्चा हो गई है। चर्चा में रूस में डेढ़ लाख मेसन (राजमिस्त्री) की जरूरत बताई गई है। शिक्षामंत्री के विधानसभा क्षेत्र से शुरुआत प्रदेश में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत गाडरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सांईखेड़ा में होने जा रही है। सांईखेड़ा के शासकीय स्कूल में आठों ट्रेड के लिए लैब स्थापित की जा रही है। यह स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र में है। इसके साथ इस मॉडल आईटीआई में 100 स्टूडेंट के रुकने की व्यवस्था भी होगी। यहां एक्सपर्ट थ्योरी के साथ–साथ लगातार प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग भी देंगे। ऑनलाइन टीचिंग, 15–15 दिन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पायलट प्रोजेक्ट के तहत विधानसभा क्षेत्र के 300 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 9वीं–10 वीं के साथ आईटीआई करने का मौका मिलेगा। इसकी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से स्कूली विषयों के साथ कराई जाएगी, वहीं प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए साल में दो बार 15–15 दिन आईटीआई में रहकर प्रैक्टिकल का मौका मिलेगा। स्टूडेंट मॉडल आईटीआई बिल्डिंग के छात्रावास में रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। 15–15 दिन के दो सत्रों में स्टूडेंट अधिक ट्रेनिंग ले सकेंगे। इसके लिए हर दिन 12– 12 घंटे का ट्रेनिंग शेड्यूल बनाया गया है। फीस नहीं भरने वाले भर सकेंगे बॉन्ड आईटीआई की फीस जहां 25 हजार होती है, वहीं स्टूडेंट पढ़ाई के साथ 15 हजार रुपए में आईटीआई कर सकेंगे। इस योजना का प्रारूप बनाते समय इस बात की व्यवस्था भी की गई है कि आर्थिक रूप अक्षम होने के चलते कोई तकनीकी कौशल सीखने से वंचित ना हो। योजना के तहत ऐसी व्यवस्था की गई है कि फीस नहीं भर सकने वाले स्टूडेंट से एक बॉन्ड भरवाया जाएगा। बॉन्ड भरने वाले स्टूडेंट से पढ़ाई पूरी होने के बाद एक साल काम कराया जाएगा जिससे फीस की प्रतिपूर्ति हो जाएगी। मल्टी एंट्री, मल्टी एग्जिट पॉलिसी भी है योजना केवल फीस के मामले में लचीली नहीं है, बल्कि पूरी पॉलिसी को इस तरह बनाया गया है कि विद्यार्थी इसमें अलग–अलग स्तर पर प्रवेश लेकर और निकलने के विकल्प चुन सकते हैं। इसे मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट नाम दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया … Read more

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।

सतना में बदमाशों का तांडव! व्यापारी के घर पर गोलियां बरसाईं, परिवार सहमा

सतना  सतना शहर के पॉश इलाकों में शुमार चाणक्यपुरी में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक व्यापारी भागवत गुप्ता के निवास पर रविवार सुबह करीब 9 बजे नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना के समय घर में व्यापारी और उसका पूरा परिवार मौजूद था, जो इस हमले से बुरी तरह दहशत में आ गया। सूचना मिलते ही कोलगवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सभी हमलावर उत्तर प्रदेश नंबर प्लेट लगी गाड़ियों से आए थे। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल पर तीन बुलेट कारतूस मिले हैं। दो अंदर घर में और एक बाहर बरामद किया गया है। दीवार में छेद कर गोली अंदर तक पहुंची गई थी। यह अच्छा रहा कि वह किसी को लगी नहीं। घटनास्थल पर थाना प्रभारी सुदीप सोनी स्वयं पहुंचे और एफएसएल टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। पहले भी दी जा चुकी थी पुलिस को सूचना व्यापारी परिवार ने पूर्व में भी संभावित खतरे की आशंका को लेकर थाने में सूचना दी थी। परिजन इस फायरिंग की घटना को पुराने गुप्ता पैलेस जमीनी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। परिवार की ओर से संदेह व्यक्त किया गया है कि उन्हीं लोगों का हाथ इस हमले में हो सकता है, जो पूर्व विवाद में शामिल थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर विशेष सोशल टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय कर संदिग्ध नंबरों की निगरानी शुरू कर दी गई है। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में टीआई सुदीप सोनी ने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया और क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। गोलीबारी की पुष्टि की जा चुकी है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और परिवार की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सतना: महिला शिक्षक से प्रिंसिपल ने की जबरदस्ती, अब पति को भेजी अश्लील तस्वीरें

सतना  सतना में एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने अपने ही स्कूल की लेडी टीचर के साथ कार में रेप किया। इतना ही नहीं जब लेडी टीचर की शादी हो गई तो आरोपी प्रिंसिपल फिर से उसे ब्लैकमेल करने लगा लेकिन महिला ने उसकी बात नहीं मानी। जिसके बाद आरोपी प्रिंसिपल ने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें उसके पति व ननदोई को भेज दीं। पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है। लिफ्ट देने के बहाने कार में की ज्यादती घटना 18 जनवरी 2024 की है, तब पीड़िता आरोपी धीर सिंह के साथ एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करती थी। धीर सिंह स्कूल का प्रिंसिपल था और उस दिन पीड़िता को अपनी सहेली को मेहंदी लगवाने के लिए जाना था इसलिए उसने प्रिंसिपल धीर सिंह को छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। आरोपी ने छुट्टी देने के साथही कार से छोड़ने की बात उससे कही जिसके कारण वो तैयार हो गई और आरोपी की कार में बैठ गई। इसके बाद आरोपी कार को डालीबाबा बगिया की ओर ले गया और वहीं पर कार में ही लेडी टीचर के साथ रेप किया। आरोपी ने रेप करते हुए वीडियो भी बना लिया और धमकी दी कि अगर किसी को कुछ बताया तो वीडियो वायरल कर देगा और जान से मार देगा। शादी के बाद करने लगा ब्लैकमेल आरोपी की धमकी से डर कर पीड़िता चुप रही और कुछ दिन बाद उसकी शादी हो गई। वो अपनी शादीशुदा जिंदगी जी रही थी लेकिन फिर से आरोपी धीर सिंह ने उसे ब्लैकमेल कर मिलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोपी की बात नहीं मानी तो आरोपी ने आपत्तिजनक फोटो पीड़िता के पति और ननदोई को भेज दिए। इसके बाद पीड़िता ने पूरी बात पति को बताई और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंची। पुलिस ने आरोपी धीर सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी मतरी पतौरा थाना उचेहरा जिला सतना का रहने वाला है और वर्तमान में डालीबाबा पंजाबी कॉलोनी थाना सिटी कोतवाली में रह रहा था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के रघुनंदन गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मैं जहां भी हूं बाबा श्रीमहाकाल और आप सभी लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से हूं। लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के सभी कार्य तेजी से हो रहे हैं। सनातन संस्कृति के सभी त्यौहार हमें जोड़ने का कार्य करते हैं और पारिवारिक संबंध मजबूत करते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार पर जब बहनों के साथ भांजे भांजी का घर में आगमन होता है तो घर की रौनक और भी बढ़ जाती है। रक्षा-सूत्र केवल धागा नहीं एक संकल्प है बहन की रक्षा का, सहयोग का और स्वप्नों को साकार करने का। भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा-सूत्र बांधा, भगवान श्रीकृष्ण ने राखी का मान रखना सिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने सभी कर्तव्यों में बहन द्रौपदी की हर समय, हर परिस्थिति में रक्षा की। भगवान शिव की शक्ति माता पार्वती भी प्रकृति को कष्ट होने पर माँ कालिका का रूप लेकर कष्टों का निवारण करती हैं। इसी प्रकार लाड़ली बहनें भी प्रदेश और समाज के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। बहनों, बुआ और बेटियों से ही पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक समृध्दि होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन स्थित रघुनंदन गार्डन में रविवार को लाड़ली बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मनों को यह बता दिया कि हम बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनों का सशक्तिकरण करने के लिए लखपति दीदी और ड्रोन दीदी आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुनिया के सभी देशों में केवल भारत ही है जहां त्यौहार को रिश्तों से जोड़कर सामूहिक जीवन जीने की शैली सिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनाओं को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपये किये जाएंगे। बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन द्वारा संपूर्ण मदद की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से कारखानों में कार्य करने वाली हर बहन को 5 हजार रुपए की राशि दस वर्ष तक प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत लाड़ली बहनों को झूला झुलाकर की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कन्या-पूजन भी किया गया। इस अवसर पर कन्याओं को स्कूल बैग और पुस्तकें भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा की और उनसे राखी बंधवाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लाड़ली बहनों ने हस्तनिर्मित बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में लाड़ली बहनों का आभार ‘’फूलों का तारों का, सबका कहना है; एक हजारों में मेरी बहना है’’ गीत गाकर प्रकट किया। रक्षाबंधन कार्यक्रम में बडी संख्या में लाड़ली बहनें, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।  

रीवा-पुणे एक्सप्रेस शुरू: इन स्टेशनों से होते हुए पहुंचेगी मंजिल तक, जानें पूरा सफर

रीवा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा रीवा से हडपसर (पुणे) तक की नई ट्रेन सेवा आज से प्रारंभ कर दी गई। जैसे ही ट्रेन क्रमांक 02152 रीवा-हडपसर एक्सप्रेस रविवार को कटनी जंक्शन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 पर पहुंची, वहां इसका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, उपाध्यक्ष रवि खरे आदि की मौजूदगी में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने ट्रेन का स्वागत किया। हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना प्लेटफॉर्म पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और यात्रियों ने रेलवे की इस नई पहल का स्वागत करते हुए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर जबलपुर की ओर रवाना किया। यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला, और उन्होंने भी इस पहल की प्रशंसा की। यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत जानकारी के अनुसार, इस ट्रेन(Rewa-Pune Express) का संचालन सप्ताह में एक दिन होगा और यह रीवा से हडपसर (पुणे) तक की दूरी तय करेगी। यह ट्रेन कटनी, जबलपुर और नागपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे खासकर नागपुर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि नागपुर में चिकित्सा उपचार के लिए आने-जाने वालों की संख्या अधिक रहती है। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज रीवा-पुणे एक्सप्रेस वीकली का दोनों दिशाओं में स्टॉपेज सतना, कटनी, जबलपुर, नयनपुर, बालाघाट, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगांव, अहमद नगर, दौड़ कार्डलाइन स्टेशनों पर रहेगा। पदाधिकारियों ने जताई प्रसन्नता इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि यह ट्रेन कटनी के यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इससे छात्रों, मरीजों और व्यापारियों सहित सभी वर्गों को सुविधा मिलेगी। स्टूडेंट्स व साप्ताहिक यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक नया विकल्प बनकर उभरेगी।

वाराणसी में बाढ़ का खतरा गहराया: अस्सी घाट पर सड़क तक पानी, मंदिर की सीढ़ियाँ डूबीं

वाराणसी काशी में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। शनिवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है।   काशी में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। शनिवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है। इन इलाकों में बाढ़ पीड़ितों के लिए नक्खीघाट स्थित चित्रकूट कॉन्वेंट इंटर कॉलेज और दनियालपुर के नवोदय पब्लिक स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। शिविरों में 147 शरणार्थी शनिवार तक शरण ले चुके थे। नक्खीघाट निवासी अनु देवी, जमाल अंसारी, सिमरन, हबीबा बीवी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर पास होने के बावजूद शिविर नहीं बना, जबकि राहत केंद्र उनके घरों से दूर हैं। लोग ऊंचे स्थानों पर निजी रूप से शरण लेने को विवश हैं।

प्रदेश को मिले नए रक्षक: पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए योगी ने की बड़ी घोषणा

लखनऊ राजधानी लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 1494 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में हो रहा है। कार्यक्रम में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना समेत अन्य लोग मौजूद रहे। इससे पहले डीजीपी राजीव कृष्णा ने सीएम को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया। बताते चलें कि 60244 सिपाहियों की भर्ती के बाद उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रक्रिया के तहत दूरसंचार विंग में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराया था। इसके आधार पर ही सहायक परिचालकों और कर्मशाला कर्मचारियों का चयन किया गया है। जिन लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, उनमें 1314 सहायक परिचालक और 120 कर्मशाला कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस को बेहतर आवासीय सुविधा दी जा रही है- सीएम योगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अभी और 30 हजार भर्ती के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके काम चल रहा है। हमने प्रदेश में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता बढ़ाई है। पहले मिलिट्री और अर्ध सैनिक बलों के ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़ते थे। आज 60244 पुलिस के सिपाही अपने ही सेंटर पर ट्रेनिंग कर रहे हैं। किसी के ट्रेनिंग सेंटर को हायर नहीं किया गया। पुलिस को बेहतर आवासीय सुविधा दी जा रही है। कई जिलो में पुलिस लाइन नहीं थी। हम लोगों ने पुलिस लाइन बनाई। 1970-71 से यूपी में पुलिस कमिश्नरी बनाने की मांग की जा रही थी। इस पर भी हमने निर्णय लिया। आज सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था चल रही है।   पुलिस को आम नागरिक के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा सीएम ने आगे कहा आज यूपी पुलिस देशभर में उदाहरण बनी हुई है। हर भारतवासी आज स्वीकार करता है कि यूपी में कानून व्यवस्था सही हुई है। महाकुंभ जैसे आयोजन में यूपी पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और उसके व्यवहार से इतना भव्य आयोजन सफल हुआ। आज हम उस दौर में आ चुके हैं, जब देश स्वतंत्र है। पुलिस को आम नागरिक के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा। प्रदेश की आधी आबादी को किनारे करके हम विकास नहीं कर सकते, इसीलिए यूपी पुलिस में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने का सपना देखा था। आज वह भी सफल हुआ है। नवचयनित कर्मियों को सीएम ने दी ये नसीहत सीएम ने आगे कहा कि यूपी पुलिस में 20 फीसदी अग्निवीरों को भर्ती करेंगे। हमें ट्रेंड नौजवान मिलेंगे। जिस ट्रेड में वह जाना चाहेंगे, उसी ट्रेड में उन्हें भर्ती किया जाएगा। जिन लोगों को आज नियुक्ति पत्र मिला है उनको नसीहत देते हुए सीएम ने कहा कि आपका फार्म लेने से लेकर आज नियुक्ति पत्र मिलने तक सरकार ने आपको पारदर्शी तरीके से भर्ती किया गया है। आपको एक पैसा भी नहीं देना पड़ा है। सरकार को भी आपसे यही उम्मीद है कि आप अपने काम में पूरी ईमानदारी बरतें।  

मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ रायपुर से जबलपुर तक का आरामदायक सफर 08 घंटे में होगा पूरा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ेगी संपर्क सुविधा पिछले एक दशक में रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि, 32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित रायपुर-जबलपुर ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।               मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।  पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।        इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।          गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।