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शरद पवार के विधायक का विवादित बयान: ‘देश की बरबादी का कारण सनातन धर्म’

मुंबई  मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित सहित सात आरोपियों को बरी किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। एनसीपी (SC) विधायक जितेंद्र अव्हाड़ ने सनातन धर्म को लेकर ही विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि सनातन की विचारधारा ही विकृत है और इसने पूरे देश को बर्बाद कर दिया है। पत्रकारों से बात करते हुए अव्हाड़ ने कहा, कभी किसी धर्म को सनातन धर्म नहीं कहा गया। हम सब हिंदू धर्म को मानते हैं। यह वही तथाकथित सनातन धर्म है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी खारिज कर दिया था। सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति शिवाजी महाराज को भी बदनाम किया था। इसी सनातन धर्म वाले लोगों ने ज्योतिराव फुले को मारने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, उन लोगों ने सावित्रीबाई फुले पर गोबर फेंक दिया। सनातन धर्म वालों ने ही साहू महाराज को मारने की साजिश रची। यहां तक कि इन लोगों ने डॉ. आंबेडकर को स्कूल में पानी नहीं पीने दिया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा से ही मनुस्मृति का जन्म हुआ है। इसलिए किसी को सनातनी विचारधारा को विकृत कहने से परहेज नहीं करना चाहिए। वहीं बीजेपी ने सनातन आतंकवाद और भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों पर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। तब वह तुष्टीकरण में लगे थे। अब वही भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद पर बयान दे रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को एक विशेष अदालत ने मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी पुख्ता सबूत उपलब्ध नहीं करवा पाई है। इसके अलावा एजेंसी की कार्यप्रणाली भी ही नहीं थी। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को मालेगांव ब्लास्ट के पीड़ितों को मदद देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस मामले में कुल सात आरोपी थे जिनमें साध्वी प्रज्ञा, मेजर रिटायर्ड रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी का नाम था। इस मामले में कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के 323 और आरोपी पक्ष के 8 गवाहो की भी सुनवाई की। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक वाहन में बम ब्लास्ट होने के बाद कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 95 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

खुश रहने के लिए जानिए जीवन के ये 5 जरूरी कड़वे सच

हर इंसान अपनी लाइफ में खुश रहना चाहता है, लेकिन फिर भी कई बार दुख, परेशानी और तनाव हमें घेर ही लेते हैं। दरअसल, ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि हम जीवन के कुछ बेहद सरल लेकिन गहरे सच को नजरअंदाज कर देते हैं। जो व्यक्ति इन बातों को समझ लेता है, वो छोटी-छोटी बातों में उलझता नहीं और हर हाल में खुश रहना सीख जाता है। जबकि जो इंसान इन सच्चाइयों को नजरअंदाज करके बेवजह की उम्मीद लगाए बैठा रहता है, उसे दुख और परेशानी के सिवा कुछ नहीं मिलता है। यकीन मानिए खुश रहना इतना भी मुश्किल नहीं है। बस जरूरत है तो कुछ चीजों को जानने की और उन्हें एक्सेप्ट करने की। आइए जानते हैं जीवन से जुड़े इसी सच को। हर चीज पर हमारा कंट्रोल नहीं हो सकता हम अक्सर सोचते हैं कि सब कुछ हमारे हिसाब से हो, हर परिस्थिति वैसी बने जैसी हम चाहें। लेकिन सच्चाई तो यही है कि जीवन में बहुत सी चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं, जैसे-पूरी मेहनत के बाद भी फल ना मिलना, किसी दूसरे का आपके साथ बुरा व्यवहार करना या अचानक कोई मुश्किल खड़ी हो जाना। जब हम ये मान लेते हैं कि हर चीज को नियंत्रित करना नामुमकिन है, तो मन को शांति मिलने लगती है। नियंत्रण की जरूरत कम हो जाती है और हम चीजों को स्वीकार करना सीख जाते हैं। यही बात हमारी चिंता को घटाकर खुश रहने की राह खोलती है। परिवर्तन संसार का नियम है कहने को तो ये बात बेहद छोटी है, लेकिन इसमें एक गहरी सच्चाई छुपी हुई है। लोग ये बात सुन तो लेते हैं लेकिन मानने को तैयार नहीं होते कि समय के साथ चीजें बदल जाती हैं। अच्छे दिन आते हैं और चले भी जाते हैं, वैसे ही बुरे वक्त भी हमेशा के लिए नहीं होते। अगर हम इन बातों को समझ लें कि हर चीज बदलने वाली है, तो हम दुख के समय टूटते नहीं और सुख के समय घमंड नहीं करते। परिवर्तन को जीवन का हिस्सा मानना हमें संतुलित बनाए रखता है और लाइफ के इस बैलेंस में ही सच्चा सुख छिपा हुआ है। तुलना करना दुख की सबसे बड़ी जड़ है इंसान के दुख की सबसे बड़ी वजह है कि वह दूसरों से अपनी तुलना करता है। किसी और की जिंदगी को देखकर, खुद को कम आंकने लगता है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में तो ये चीजें और भी बढ़ गई हैं। अगर सुखी जीवन जीना है तो दूसरों से तुलना करना बंद करना होगा। हर इंसान को यह समझना चाहिए कि हर इंसान की जिंदगी का सफर अलग-अलग होता है। जब दो लोगों के चेहरे एक से नहीं होते तो भला दो इंसानों की जिंदगी एक जैसी कैसे हो सकती है। बस ये छोटी सी बात जो समझ जाता है, उसका जीवन बहुत आसान और सुलझा हुआ हो जाता है। सब कुछ हमेशा परफेक्ट नहीं होता जीवन में सब कुछ ठीक हो, हर काम बिना रुकावट के पूरा हो, ऐसी उम्मीद करना भी दुख का एक कारण है। असल जिंदगी में अधूरे काम, अधूरे सपने और उलझने हमेशा रहेंगी। कई बार परफेक्शन का पीछा करना ही दुख का कारण बन जाता है। जब हम लाइफ की इसी अनसर्टेनिटी को अपनाते हैं, तो हम प्रेजेंट में जीना सीखते हैं और यही प्रेजेंट हमें खुश रहने का रास्ता दिखाता है। हर नया दिन ईश्वर का दिया हुआ एक तोहफा है हम अक्सर भविष्य की चिंता में या बीते कल के पछतावे में खो जाते हैं, जो हमारे दुख का एक बड़ा कारण बन जाता है। लेकिन हर किसी को समझना चाहिए कि हर नया दिन, जीवन की नई शुरुआत है। ईश्वर हमें एक नया दिन जीने का मौका दे रहे हैं, इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए और उसे भगवान का एक खूबसूरत तोहफा समझकर नई एनर्जी के साथ जीना चाहिए। जो इंसान हर नए दिन को नई शुरुआत मानकर जीना शुरु कर देता है, उसके जीवन के दुख खुद ब खुद कम हो जाते हैं।  

MP में तबादलों की बौछार, अवकाश के दिन भी जारी रहे आदेश! बिंदु शर्मा ने हटाए 12 अफसर

भोपाल   मध्यप्रदेश के वन विभाग में तबादलों के नाम पर मानो अफरातफरी का खेल चल रहा है। विभाग ने एक दर्जन आला अधिकारियों को हटाते हुए इधर से उधर कर दिया। दो ही दिनों बाद तबादलों की लिस्ट में फेरबदल भी कर दिया। 31 जुलाई को जारी लिस्ट में आईएफएस बिन्दु शर्मा को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानि एपीसीसीएफ जनसंपर्क और विक्रय से हटाकर एपीसीसीएफ वित्त एवं बजट का दायित्व दिया गया था। अब उन्हें पीसीसीएफ के रूप में पदोन्नत किया गया है। खास बात यह है कि आईएफएस बिन्दु शर्मा का पदोन्नति आदेश अवकाश के दिन शनिवार को जारी किया गया। प्रदेश के वन अमले में आला अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव का क्रम जारी है। पीसीसीएफ वीएन अंबाड़े को प्रदेश का नया हेड ऑफ फॉरेस्ट नियुक्त किया गया है। उन्हें असीम श्रीवास्तव के रिटायर हो जाने पर यह जिम्मेदारी दी गई। शनिवार को अवकाश के दिन जारी किया पदोन्नति का आदेश वन विभाग ने अब 1994 बैच की आईएफएस बिन्दु शर्मा को पदोन्नत कर दिया है। उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक पीसीसीएफ बनाया गया है। वन विभाग ने शनिवार को अवकाश के दिन उनकी पदोन्नति का आदेश जारी किया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानि पीसीसीएफ के रूप में वन मुख्यालय में उन्हें उत्पादन का दायित्व दिया गया है। इसी के साथ दो दिनों में ही अपना ही आदेश बदल दिया। 12 आईएफएस को इधर से उधर किया वन विभाग ने इससे पहले 31 जुलाई को 12 आईएफएस को इधर से उधर किया था। मध्यप्रदेश टिम्बर डिपो नई दिल्ली में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एपीसीसीएफ जनसंपर्क और विक्रय के रूप में पदस्थ आईएफएस बिन्दु शर्मा को वहां से हटा दिया गया था। उन्हें स्थानांतरित करते हुए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वित्त एवं बजट की जिम्मेदारी दे दी गई थी। इन अधिकारियों को किया इधर से उधर     अंजना सुचिता तिर्की वन संरक्षक और क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व को वन संरक्षक कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक     अमित वसंत निगम वन मंडल अधिकारी छिंदवाड़ा उत्पादन को वन मंडल को वन मंडल अधिकारी अलीराजपुर सामान्य वन मंडल     अशोक कुमार सोलंकी वन मंडल अधिकारी धार सामान्य वन मंडल को उप वन संरक्षक मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ भोपाल     अनुराग तिवारी वन मंडल अधिकारी बड़वाह सामान्य वन मंडल को वन मंडल अधिकारी उज्जैन सामान्य वन मंडल पदस्थ किया है।     भारती ठाकरे उप वन संरक्षक मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम सिवनी को वन मंडल अधिकारी डिंडोरी उत्पादन वन मंडल     हरिओम वन मंडल अधिकारी डिंडोरी उत्पादन वन मंडल को उप संचालक माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी     लक्ष्मीकांत वासनिक वन मंडल अधिकारी पांढुर्णा दक्षिण छिंदवाड़ा सामान्य वन मंडल को वन मंडल अधिकारी पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल,     विजयनंथम टीआर वन मंडल अधिकारी दक्षिण बैतूल सामान्य मंडल को वन मंडल अधिकारी धार सामान्य वन मंडल     वरुण यादव वन बल प्रमुख, वन मंडल अधिकारी पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल को वन मंडल अधिकारी दक्षिण सागर सामान्य वन मंडल     रितेश सिरोठिया उप वन संरक्षक और प्रभारी टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल को उप वन संरक्षक वन्य प्राणी पश्चिम मध्य प्रदेश इंदौर     सचिन एच नडगडी वन मंडल अधिकारी बैतूल उत्पादन वन मंडल को वन मंडल अधिकारी पांढुर्णा सामान्य वन मंडल

मध्यप्रदेश में फिर बरसेगा बादल: 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राजधानी में भी हल्की बूंदाबांदी के संकेत

भोपाल  मध्य प्रदेश में 6 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। खास करके अगले 48 घंटों के लिए ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल-इंदौर समेत एक दर्जन जिलों में बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। 1 जून से 2 अगस्त तक औसत से 52% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी में औसत से 56% अधिक और पश्चिमी में औसत से 49% अधिक वर्षा हुई है।अब तक औसत 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। आज रविवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट     ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश     अशोकनगर, गुना,रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, पन्ना में हल्की से मध्यम हालांकि, दो दिन तक उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले टीकमगढ़, गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर के नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चला। टीकमगढ़ में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए। 1 जून से 1 अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में 1 जून से 2 अगस्त तक दीर्घावधि औसत से 52% अधिक वर्षा हुई है। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेशऔसत से 56% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 49% अधिक वर्षा हुई है।अब तक औसत 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है।     प्रदेश के ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 50% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर और आगर-मालवा अभी भी कम पानी गिरा है। इंदौर और उज्जैन संभाग में कम ही वर्षा हुई है। एक्टिव सिस्टम और साइक्लोनिक दबाव वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन प्रदेश के उत्तर हिस्से को प्रभावित कर रही है। नतीजा ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में अगले दो दिन तक बारिश रुकने वाली नहीं है। (MP Weather) भोपाल में फिलहाल राहत, लेकिन जल्द एक्टिव होगा मानसून राजधानी में बारिश थमी जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि नए सिस्टम के असर से यहां भी बारिश लौटेगी। अरेरा हिल्स और कोलार में पुराने शहर के मुकाबले चार इंच ज्यादा पानी गिरा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसत से 52% ज्यादा बारिश हो चुकी है। भोपाल में सीजन का कोटा आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है अब तक 700.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य 548.4 मिमी होती है। (MP Weather Update)

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में दी जायेगी 250 रूपये अतिरिक्त राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा: रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेंगे 250 रुपये अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार उज्जैन की "बेस्ट लाइफ स्टाइल" कम्पनी की बहनों ने बांधी मुख्यंमंत्री को राखी आने वाले समय में 4 हजार बहनों को मिलेगा कम्पनी में रोजगार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 07 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जायेगी, जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार कंपनी को नवीन जगह दे रही है, जहां बहनों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बेस्ट लाइफस्टाइल कंपनी उज्जैन में कार्यशील बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभा सिंटेक्स भी 7 हजार से अधिक बहनों को रोजगार दे रही है और यह बहने अपनी कार्य कुशलता से ऐसे उत्पाद बना रही हैं, जो सीधे अमेरिका को निर्यात किया जा रहा है। कंपनी ने 11 लाख यूनिट कपड़े बनाकर अमेरिका को निर्यात किये है, आने वाले समय में यह कंपनी 20 लाख यूनिट बनाकर निर्यात करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एकसी कर्मशील बहनों के चरणों में प्रणाम है, बहनें मेरे लिए सब कुछ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के कपड़ा मिलो से पहले में 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता था, वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है और आने वाले समय में यह संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की उद्योग धंधे उज्जैन में आ रहे हैं। निवेशक हमारे प्रदेश के प्रति आकर्षित हो रहे हैं, निवेश कर रहे हैं हमें रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। यह देश-विदेश में हमारे लिए सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहने हमारे लिए ईश्वर की एक सौगात है। त्यौहारों का राजा रक्षाबंधन है, इस त्यौहार में बहने अपने भाइयों के लिए सब कुछ निछावर कर देती है। प्यार, सम्मान, दुलार और दूसरे परिवार में जाकर उनका सम्मान भी बढ़ाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी बहनों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि यह कंपनी लगातार कार्य करती रहे और इस कंपनी में अपने समर्पण के साथ काम करें। इस कंपनी से हमें रोजगार मिलता है जीवन यापन का साधन मिल रहा है तो हमें भी समर्पण के साथ काम करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार इस कंपनी की बहनों को 5 हजार रूपये प्रदान कर रही है ऐसी भी और कई योजनाएं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सरकार और बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कंपनी की बहनों ने राखी बांधी और तिलक लगाया। मुख्यमंत्री ने बहनों को उपहार प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित हजारों की संख्या में लाड़ली बहने उपस्थित रही।  

राम मंदिर को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, संदिग्ध मैसेज से मचा हंगामा

अयोध्या/बीड महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है जहां अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी बीड के शिरूर कसार इलाके के एक युवक को सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम पर मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को पाकिस्तान के कराची का निवासी बताया है और इस साजिश में शामिल होने के लिए एक लाख रुपये देने की पेशकश की है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ विवाद, फिर मिली धमकी शिरूर पुलिस के अनुसार यह घटना तब हुई जब युवक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देख रहा था। इसी दौरान एक पाकिस्तानी अकाउंट से कमेंट में विवाद शुरू हुआ। बातचीत आगे बढ़ी तो संदिग्ध ने युवक से कहा कि वह अयोध्या के श्रीराम मंदिर को आरडीएक्स से उड़ाना चाहता है और इस काम के लिए उसे 50 लोगों की जरूरत है। धमकी देने वाले ने कहा कि जो भी इस काम में मदद करेगा उसे एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। उसने युवक को यह भी कहा कि अगर वह खुद यह काम नहीं कर सकता तो किसी और का नंबर दे सकता है। धमकी भरा ऑडियो भी आया सामने इस मामले में एक धमकी भरा ऑडियो क्लिप भी सामने आया है जिसमें संदिग्ध कहता है, 'सोच के बताओ, हमारे साथ दो, मुंह खोल तुझे अमाउंट चाहिए। हमें अयोध्या का मंदिर आरडीएक्स से उड़ाना है। पचास बंदे चाहिए। आरडीएक्स पहुंच जाएगा। एक-एक लाख मिल जाएंगे बंदे को काम करने का। अगर तू नहीं कर सकता तो किसी का नंबर दे सकता है…'। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क शिरूर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर प्रवीण जाधव ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की साइबर सेल सहित अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ने खुद को कराची का निवासी बताया है लेकिन वह सच में पाकिस्तान का नागरिक है या नहीं इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और सुरक्षा को देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने धमकी भरे इंस्टाग्राम अकाउंट और ऑडियो क्लिप की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।  

पूर्वांचल की आस्था से जुड़ी भीलवाड़ा की पहली 100 फीट लंबी कांवड़ यात्रा

भीलवाड़ा   भीलवाड़ा में तीन अगस्त को एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। आजाद नगर स्थित मनोकामना मंदिर से 100 फीट लंबी विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी, जो हरणी महादेव मंदिर तक जाएगी। इस यात्रा का आयोजन बिहार नव दुर्गा सेवा समिति और पूर्वांचल जन चेतना समिति चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।   पूर्वांचल समाज की आस्था का प्रतीक बनेगी यह यात्रा समिति के सदस्यों का कहना है कि पहली बार इतनी लंबी कांवड़ यात्रा निकालकर पूर्वांचल समाज अपनी आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का परिचय देने जा रहा है। यह यात्रा भीलवाड़ा के विकास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी। समाज को मिली है विशिष्ट पहचान और सम्मान पूर्वांचल जन चेतना समिति के संस्थापक अध्यक्ष रजनीश वर्मा ने बताया कि ट्रस्ट वर्ष 2017 से समाज के उत्थान, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक चेतना के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज समाज को न केवल पहचान, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक स्वीकार्यता भी मिली है।   यात्रा की रूपरेखा तैयार, श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था यात्रा को लेकर हाल ही में बैठक आयोजित की गई, जिसमें समन्वय और व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की गई। यात्रा के समापन पर हरणी महादेव मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी भी वितरित की जाएगी। इस आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों ने अहम भूमिका निभाई है, जिनमें जगन्नाथ झा, अरुण ठाकुर, ललित झा, कृष्ण नंद ठाकुर, प्रमोद झा, शक्तिनाथ ठाकुर, रघुनन्दन चौधरी, कन्हैया नंद झा, सुमन झा, लीलाकांत झा, अवधेश कुमार मिश्रा, आकाश झा, फूल कुमार झा, राजेश गुप्ता, त्रिपुरारी झा और रीतेश झा प्रमुख रूप से शामिल हैं।   सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश समिति के सदस्य आकाश झा और फूल झा ने कहा कि यह यात्रा पूर्वांचल समाज की एकता, भाईचारे और आस्था का जीवंत प्रमाण है। साथ ही यह आयोजन भीलवाड़ा की धरती पर पूर्वांचल की समृद्ध परंपराओं को जीवंत करने और सांस्कृतिक सौहार्द को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

उत्तर प्रदेश हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, परिवार में कोहराम, सीएम योगी ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भीषण हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, एक लापता है। जबकि, तीन लोगों को बचा लिया गया है। मरने वालों में नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसा इटियाथोक के बेलवा बहुता नहर पुल पर हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। ये लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले थे। गाड़ी में 15 लोग सवार थे। पानी में डूबने से 11 की मौत हो गई। जबकि, एक लापता है। सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. एक्स पर शेयर एक पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा, 'जनपद गोंडा में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.' बारिश बनी काल बताया जा रहा है कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी। नहर के किनारे की सड़क फिसलन भरी थी और बेहद संकरी भी। बोलेरो को साइड से गुजारने की कोशिश के दौरान अचानक वाहन फिसलकर नहर में पलट गया। वाहन पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। चश्मदीदों ने बताया भयावह मंजर स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 6.00 बजे एक जोर की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बोलेरो नहर में समा चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। बाद में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।   मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों ने शवों की तलाश शुरू की। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है, जबकि तीन लोग किसी तरह बाहर निकलकर बच गए। मृतकों की पहचान के प्रयास जारी घटना में मृत श्रद्धालुओं की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गांव में पसरा मातम सीहागांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के 11 लोगों की मौत से हर आंख नम है। परिवारों में चीख-पुकार मची है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के घरों में रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह उमड़ रही है। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। राहत व बचाव कार्य जारी है। मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता व्यक्ति की खोज के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय टीम लगातार प्रयास कर रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। हादसे की जांच कराई जा रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के कारणों की सही जानकारी मिल सके।  

मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान: ‘PAK पर यकीन नहीं’, BJP ने बताया शर्मनाक

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाकर मणिशंकर अय्यर ने विवाद खड़ा कर दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था, इसका कोई सबूत नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि भारत ने जिन 33 देशों में अपने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को भेजा था, उन्होंने ने भी इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं माना। आईएएनएस से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार का साथ देने वाले कांग्रेसी शशि थरूर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "थरूर और उनकी टीम ने जिन 33 देशों का दौरा किया था, उनमें से किसी ने भी पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। न ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने और न ही अमेरिका ने पाकिस्तान को इसके लिए दोषी माना। हम ही दुनिया भर में कहते घूम रहे हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान था लेकिन हमारी बात पर किसी को भी यकीन नहीं है।" कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा, "हम अभी तक ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं कर पाए हैं, जिससे यह साबित हो जाए कि यह हमला पाकिस्तानी एजेंसी की दिमाग की उपज था या उन्होंने ही इसे अंजाम दिया।" मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद भाजपा भी भड़क गई है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अय्यर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "शायद कांग्रेस पार्टी को यह नहीं पता कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निगरानी पैनल ने इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की एक शाखा, टीआरएफ की भूमिका पर चिंता जताई है। शायद कांग्रेस को यह नहीं पता कि आतंकवाद का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, चाहे वह लश्कर हो या जैश, जिनके शिविर हमने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट कर दिए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पाकिस्तान का बचाव कर रही है और हमारे सशस्त्र बलों का अपमान कर रही है।" भाजपा के एक और प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पाकिस्तान के सबसे बड़े समर्थक बने हुए हैं और भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक दुष्प्रचार में ही अपना असली मकसद तलाशते हैं। यह वाकई शर्मनाक है।”

तेज़ बारिश का कहर: 260 बांधों में जलस्तर चरम पर, चार जिलों में चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भारी बारिश ने कई जिलों में आफत खड़ी कर दी। लेकिन मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होने से बीते 24 घंटों के दौरान बारिश का दौर हल्का पड़ा है। हालांकि इससे उमय में तेजी आई है। शनिवार को जयपुर,कोटा, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में दिन भर आसमान साफ रहा। कई दिनों बाद खुलकर धूप निकली। हालांकि शनिवार को उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के कुछ जिलों गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू व कोटा में हल्की बारिश दर्ज की गई। बीकानेर, हनुमानगढ़ और भरतपुर में बारिश के चलते मकान गिर गए। हादसों में तीन लोगों की मौत भी हो गई। वहीं नागौर में उफनती लूणी नदी में एक स्कॉर्पियो गाड़ी ढूब गई। प्रदेश में अब तक सामान्य से 80 प्रतिशत से अधिक वर्षा हो चुकी है। मानसून सीजन में  औतस 424 एमएम बारिश होती है वहीं एक जून से अब तक प्रदेश में 407 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है और अभी मानसून सीजन खत्म होने में करीब 2 महीने का वक्त है। प्रदेश के बांधों की स्थिति की बात करें तो छोटे और मध्यम श्रेणी के 264 बांधों पर चादर चल चुकी है। वहीं 23 बड़े बांधों में से 8 बांध पूरी तरह भर चुके हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश के आंकड़े इस प्रकार रहे। बारां के छीपाबड़ौद में सबसे ज्यादा 24MM बरसात पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात बारां जिले के छीपाबड़ौद में 24MM दर्ज हुई। भीलवाड़ा के कोटड़ी में 10MM, गंगानगर के लालगढ़ में 14MM, झुंझुनूं के मलसीसर, पिलानी में 6-6MM, सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में 6MM, कोटा में 9.6MM और हनुमानगढ़ के फेफाना में 10MM बरसात दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ अभी अपने नॉर्मल पॉजिशन से उत्तर की तरफ फिरोजपुर, अंबाला, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गोरखपुर होकर गुजर रही है। ट्रफ के खिसकने से राजस्थान में अगले कुछ दिन बारिश का दौर हल्का रहेगा।