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फायरिंग कांड में बाड़मेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ASI पर विभागीय जांच तय

बाड़मेर महाबार में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना का बाड़मेर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य को नामजद किया गया है। जिले की डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि इस मामले में ड्यूटी ऑफिसर की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। संबंधित एएसआई ने न केवल सूचना को नजरअंदाज किया बल्कि कंट्रोल रूम को सूचित भी नहीं किया। इस कारण उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह घटना 24 जुलाई की रात करीब 1:20 बजे की है। दूधवा निवासी शंभूसिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी में राणीगांव से महाबार की ओर आ रहे थे। रास्ते में महाबार गाँव के पास सड़क के बीचों-बीच एक फॉरच्यूनर कार खड़ी मिली, जिसमें 4-5 युवक सवार थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वे नीचे उतरकर कार के पास पहुंचे तो ड्राइवर के पास बैठे व्यक्ति ने दरवाजा खोलकर पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद जान बचाकर वे मौके से भाग निकले। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी चलती कैंपर गाड़ी पर गोलियां चलाईं। इस पर पुलिस ने 25 जुलाई को बीएसएन और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया। दोनों पक्ष आपराधिक प्रवृत्ति के एसपी मीना के अनुसार, शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ही हार्डकोर आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। घटना की रात दोनों पक्ष अलग-अलग स्थानों पर पार्टी कर रहे थे और एक-दूसरे को पुलिस का मुखबिर समझ बैठे। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के दो खाली खोल भी बरामद किए हैं। डीएसपी के नेतृत्व में बनाई गई अलग-अलग पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में सामने आया कि डुगेरों का तला निवासी ओमप्रकाश पुत्र शेराराम फायरिंग की रात घटनास्थल पर मौजूद था। उसे डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मुख्य आरोपी अब भी फरार पूछताछ में सामने आया कि इस घटना में मुख्य आरोपी स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम, नरपत कुमार और एक अन्य युवक भी शामिल थे। फॉरच्यूनर गाड़ी स्वरूप की है और उसी ने पिस्तौल से फायरिंग की थी। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एएसआई ने छुपाई सूचना, विभागीय जांच होगी घटना की रात ड्यूटी पर तैनात एएसआई तगाराम मौके पर तो पहुंचे लेकिन न तो कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी और न ही फायरिंग की पुष्टि की। इसके चलते घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया। एसपी मीना ने बताया कि जब अगले दिन सुबह डीएसटी टीम ने मौके की जांच की, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि मौके पर वास्तव में फायरिंग हुई थी। इस लापरवाही को देखते हुए संबंधित एएसआई पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बहू ने ससुर पर लगाया शोषण का आरोप, थाने में दी तहरीर

 कोटा राजस्थान के कोटा जिले में रिश्तो को कलंकित करने का मामला सामने आया है। जहां पर ससुर द्वारा अपनी ही बहू के साथ छेड़छाड़ की गई है। पीड़िता ने जिले के रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि ससुर ने बहू के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती करने की कोशिश की। सामने आया है कि पीड़िता का ससुर भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय नेता है। वहीं पुलिस ने प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ आरोपी भाजपा नेता ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत बताए हैं। पीड़िता ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उसकी शादी हुई है। पीड़िता का पति जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। घर पर बहू के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले वह घर का सारा काम खत्म कर कमरे में सो रही थी। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ससुर कमरे में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बहू ने इसका विरोध किया और अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर चली गई। इसके बाद बहू अपने पीहर चली गई थी और कुछ दिन बाद जब वह वापस लौटी। उसके बाद भी ससुर ने अपनी हरकत नहीं छोड़ी और फिर से उसके साथ छेड़छाड़ की। ससुर की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर बहू ने अपने पीहर पक्ष को सारी आपबीती बताई। इसके बाद रामगंजमंडी थाने में अपने ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि पीड़िता ने अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले में जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आगे कार्रवाई भी की जाएगी। जिस घर में औरत का सम्मान नहीं उसे पद में रहने का अधिकार नहीं पीड़िता ने बताया कि जब उसने अपनी सास को पूरा मामला बताया और थाने जाने लगी। तो सास ने हाथ जोड़कर उसे समझाया और कहा कि इस घटना का पता अगर बाहर लोगों को चलेगा तो घर की बदनामी होगी। इसके बाद बहू सास की बात मानकर चुप हो गई, लेकिन उसके बाद भी ससुर ने उससे छेड़छाड़ बंद नहीं की। पीड़िता ने यह भी कहा कि जिस घर में बहू का सम्मान नहीं होता, ऐसे लोगों को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। पीड़िता ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय रेलवे गढ़ रही है नए-नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग के लिए माना आभार जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नया भारत विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। भावनगर से अयोध्या नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत अत्यंत सुखद है। इससे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के साथ संबंध का स्मरण भी हो रहा है। प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही दुनियाभर में भारत की पहचान बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम में उज्जैन से वर्चुअली शामिल हुए और संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज रेल कनेक्टिविटी के मामले में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से सीधे जुड़ रहा है। जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ से यात्रियों के साथ व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। बघेलखंड अंचल के रीवा में टाइगर सफारी और मैहर शक्तिपीठ की मां शारदा देवी के दर्शन सुलभ हो पाएंगे। इसी प्रकार संस्कारधानी जबलपुर और भेड़ाघाट आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। भारतीय रेलवे ने गत 11 वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति की है। इलेक्ट्रिफिकेशन का शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2025-26 में 2 लाख 65 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से पड़ोसी राज्य के साथ कनेक्टिविटी और बढ़ जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रेलवे के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। यह देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से केंद्र सरकार ने 10-11 वर्ष में रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य किए हैं। नई ट्रेनों की शुरुआत, आधुनिक कोच निर्माण और रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार रेलवे के अभूतपूर्व कार्य हैं। रीवा से पुणे की कनेक्टिविटी बढ़ रही है। जबलपुर और रायपुर के बीच नई ट्रेन से जनजातीय अंचल को लाभ मिलेगा। गत 11 साल में 34 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बनाए हैं। प्रतिदिन 12 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जा रहा है और 1300 स्टेशनों का नव निर्माण किया जा रहा है, यह दुनियाभर के विकसित देशों में अपने आप में अलग स्थान रखता है। वंदेभारत जैसी नई ट्रेन चलाई जा रही हैं। देश में 8 अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की जा चुकी हैं, इसमें वंदेभारत जैसी सुविधाएं कम किराये पर दी जा रही है। नमो भारत, आसपास के दो शहरों की कनेक्टिंग ट्रेन हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे की सूरत बदलने का संकल्प लिया है। वैष्णव ने कहा कि पोरबंदर से राजकोट नई ट्रेन जल्द शुरू करेंगे। राणावाद स्टेशन पर नई कोच मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित करेंगे।सारडिया से बांसजालिया नई रेल लाइन बिछाएंगे। मुंबई से अहमदाबाद के बीच जल्द ही बुलेट ट्रेन की भी शुरुआत होगी। यह ट्रेन मात्र 2 घंटे 13 मिनट में गंतव्य तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का माना आभार केंद्रीय रेल मंत्री वैष्णव ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार मानते हुए कहा कि उनका सहयोग रेल नेटवर्क के विस्तार में निरंतर प्राप्त हो रहा है। डबल इंजन की सरकार होने से कोई भी प्रकल्प अधिक समय लंबित नहीं रह पाता है। नए रेल संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम में अनेक मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और नागरिक प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। प्रारंभ हुई नई रेल सेवाओं से 4 राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के मध्य बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिसका इन चारों राज्यों के नागरिकों को परिवहन और व्यापार-वाणिज्य की दृष्टि से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जबलपुर से रायपुर, रीवा से पुणे और भावनगर से अयोध्या के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रारंभ होने से रेल नेटवर्क के विस्तार में नया आयाम जुड़ा है।  

पूर्व सीएम भूपेश बघेल की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी: गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

रायपुर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटालों में नाम सामने आने के बाद अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सोमवार पाँच अगस्त को सुनवाई होगी। इसी दिन शराब घोटाले में जेल में बंद उनके बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर भी विपक्ष और उनके समर्थकों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप अपनी याचिका में भूपेश बघेल ने दलील दी है कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे उनके बेटे की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना के तहत की गई, वैसे ही उन्हें भी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। भूपेश बघेल ने कोर्ट से यह अनुरोध किया है कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और उन्हें जांच में सहयोग करने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे जांच से भाग नहीं रहे, बल्कि निष्पक्ष प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। जांच एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है, जब ईडी और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इन घोटालों की जांच तेज कर दी है। बीते कुछ हफ्तों में छत्तीसगढ़ के कई बड़े अफसरों और नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है।

इंग्लिश सरज़मीं पर बरसे रन, टीम इंडिया ने 6 दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

नई दिल्ली भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में कुल 470 बाउंड्री लगाकर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया है. इनमें 422 चौके और 48 छक्के शामिल हैं. ये रिकॉर्ड ओवल टेस्ट के तीसरे दिन बना, जब भारत ने सबसे ज़्यादा बाउंड्री लगाने वाली टीम का रिकॉर्ड अपने नाम किया. पहली बार 400 से ज्यादा बाउंड्री इतिहास में पहली बार भारत ने किसी टेस्ट सीरीज़ में 400 से ज्यादा बाउंड्री लगाई हैं. इससे पहले भारत ने 1964 में एक सीरीज़ में 384 बाउंड्री लगाई थीं, जो रिकॉर्ड 60 साल तक कायम रहा था. सिर्फ बाउंड्री ही नहीं, भारत के बल्लेबाज़ों ने इस सीरीज़ में कुल 28 बार 50 या उससे अधिक रन बनाए हैं, जो किसी भी टीम द्वारा एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा है. टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली टीमें भारत ने 2025 एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान कुल 3,809 रन बनाए, औसत रहा 42.32. यह टेस्ट इतिहास में किसी भी टीम द्वारा दूसरी सबसे बड़ी रन-संख्या है. पहले नंबर पर है ऑस्ट्रेलिया, जिसने 1989 एशेज सीरीज़ में 6 मैचों में 3,877 रन (औसत 57.86) बनाए थे. भारत का दबदबा जारी ओवल टेस्ट में भारत मज़बूत स्थिति में है. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का लक्ष्य मिला है, जिसमें से अभी भी 324 रन बाकी हैं और उनके 8 विकेट शेष हैं. इंग्लैंड को क्रिस वोक्स की चोट से भी झटका लगा है. भारतीय टीम की प्लेइंग XI: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), करुण नायर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज. इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप (कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), गस एटकिंसन, जेमी ओवर्टन, जोश टंग और क्रिस वोक्स. ओवल क्रिकेट ग्राउंड में भारत का रिकॉर्ड कुल टेस्ट मैच: 15 भारत ने जीते: 2 भारत ने गंवाए: 6 ड्रॉ: 7 ओवल क्रिकेट ग्राउंड में इंग्लैंड का रिकॉर्ड कुल टेस्ट मैच: 106 इंग्लैंड ने जीते: 45 इंग्लैंड ने हारे: 24 ड्रॉ: 37 भारत vs इंग्लैंड हेड टू हेड (ओवल क्रिकेट ग्राउंड) कुल टेस्ट मैच: 14 भारत ने जीते: 2 इंग्लैंड ने जीते: 5 ड्रॉ: 7

छात्रा से दुर्व्यवहार मामले में सजा पाए शिक्षक को HC से अंतरिम राहत

 मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक 60 साल के ट्यूशन टीचर को जमानत दे दी है। उसे इसी साल की शुरुआत में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी ठहराया गया था। जस्टिस सारंग वी. कोटवाल ने कहा कि पीड़िता को शायद कोर्ट में जवाब देने के बारे में बताया गया होगा। कोर्ट ने कहा कि जिरह में लड़की ने स्वीकार किया था कि उसकी मां ने उसे ट्रायल कोर्ट में सवालों के जवाब देने का तरीका बताया था। आपको बता दें कि लड़की की मां पुलिस कांस्टेबल है। यह घटना 15 मार्च, 2017 को हुई थी। पीड़िता उस समय चौथी कक्षा में पढ़ती थी। वह अपनी बड़ी बहन के साथ ट्यूशन क्लास में जा रही थी। लड़की की मां ने उसी साल 19 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी। लड़की ने दावा किया कि टीचर ने उसे अपने कमरे में बुलाया, किताब पढ़ने को कहा और उसके स्तनों को गलत तरीके से छुआ। लड़की डर गई और बगल वाले कमरे में चली गई जहां टीचर की पत्नी भी क्लास ले रही थी। अदालत ने कहा कि अपनी मां को इस घटना की जानकारी देने के बाद भी कथित घटना के एक दिन बाद ट्यूशन क्लास में जाने का लड़की का दावा असंभव लगता है। शिक्षक का दावा, झूठा फंसाया गया सुनवाई के दौरान, शिक्षक के वकील सत्यव्रत जोशी ने तर्क दिया कि कक्षा में न आने पर डांट खाने के बाद पीड़िता द्वारा रंजिश के तहत उसे झूठा फंसाया गया है। जोशी ने यह भी बताया कि कथित घटना के दौरान शिक्षक की पत्नी घर में मौजूद थी, जिससे किसी भी तरह के अपराध की संभावना कम हो जाती है। जोशी ने आगे आरोप लगाया कि बच्ची को उसकी मां ने पढ़ाया था। शिक्षक को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 10 और भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354A के तहत दोषी ठहराया गया और पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उसे 9 जनवरी 2025 को हिरासत में लिया गया था और इससे पहले उसने 2017 में कुछ समय जेल में बिताया था। अभियोजन पक्ष और पीड़िता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि एक 10 साल की बच्ची अपने शिक्षक के खिलाफ इस तरह के आरोप नहीं लगा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि कथित घटना एक अलग कमरे में हुई थी। हालांकि, अदालत ने कहा कि पीड़िता के गोलमोल जवाब और उसके बयान में विसंगतियां यह दर्शाती हैं कि कथित घटना सच नहीं हो सकती है। अदालत ने कहा, "अपनी मां को सूचित करने के बाद 16 मार्च को उसका फिर से ट्यूशन क्लास में जाती है। इस पर विश्वास करना मुश्किल लगता है। उसने आगे कहा कि उसे याद नहीं है कि वह 17 मार्च को ट्यूशन क्लास में गई थी या नहीं। ये सभी गोलमोल जवाब वकील सत्यव्रत जोशी के इस तर्क का समर्थन करते हैं कि घटना सच नहीं हो सकती है। इन सभी सवालों का फैसला अपील की अंतिम सुनवाई के दौरान किया जाएगा।"

कुलगाम में गोलियों की गूंज! सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को किया ढेर, ऑपरेशन जारी

कुलगाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ आज भी जारी है. अखल के जंगलों में कल पूरी रात विस्फोट और गोलीबारी जारी रही. भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि यह इस वर्ष का सबसे बड़ा ऑपरेशन हो सकता है. इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने अब तक तीन आतंकियों को ढेर करने में सफलता पाई है. एक जवान भी घायल हुआ है. इस आतंक रोधी अभियान में हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और स्पेशल पैरा फोर्स के जवान शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी और सेना की 15वीं कोर के कमांडर इस एंटी-टेरर ऑपरेशन पर कड़ी नजर रख रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बयान में कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक जॉइंट टीम अखल के जंगलों में चल रहे इस आतंकवाद विरोधी अभियान में लगी हुई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद 1 अगस्त को दक्षिण कश्मीर के अखल वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते में तीन एनकाउंटर जम्मू-कश्मीर में इस हफ्ते यह सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले, सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादियों- सुलेमान, अफगान और जिब्रान को ढेर कर दिया था. लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर सुलेमान पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को संसद को बताया था कि तीनों की पहचान पाकिस्तानी आतंकवादियों के रूप में हुई है, जिन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर निर्मम हत्या की थी. पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास 31 जुलाई को दो और आतंकवादी मारे गए थे. पुलिस ने बताया कि दोनों पाकिस्तान से घुसपैठ करके भारतीय सीमा में आए थे, जिन्हें एलओसी के पास ही सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया. वहीं, कुलगाम के जंगलों में 1 अगस्त को खुफिया सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था, जो आतंकियों की ओर से फायरिंग करने के बाद मुठभेड़ में बदल गई. 

जंगल में अधमरी हालत में मिला ट्रक चालक, पीटकर निर्वस्त्र करने का आरोप

जगदलपुर जगदलपुर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक कबाड़ी व्यवसायी ने ट्रक चालक को अपने साथियों के साथ फार्म हाउस में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। उसे न केवल निर्वस्त्र किया गया बल्कि अधमरी हालत में जंगल में छोड़ दिया गया।   घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें पीड़ित को युवकों द्वारा कभी स्विमिंग पूल में तो कभी डांस करवाकर पीटा जा रहा है। बताया जा रहा है पीड़ित ट्रक चालक उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी का निवासी है, जो जगदलपुर के एक नामचीन कबाड़ी व्यवसायी के यहां कार्यरत था। ऐसा माना जा रहा है कि पैसे की लेनदेन को लेकर इनके बीच विवाद चल रहा था इस दौरान मालिक और उसके साथियों ने चालक को बहला-फुसलाकर एक फार्म हाउस में ले जाकर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर अमानवीय तरीके से पीटा और चालक के रिश्तेदार को घटना का लाइव वीडियो फोन पर दिखाया। इसके बाद पीड़ित के रिश्तेदार ने सारी घटना का वीडियो रिकार्ड कर लिया और मदद की गुहार लगाते हुए सोसल मीडिया में शेयर कर दिया इसके बाद जब घटना का वीडियो वायरल होने लगा तो युवक पीड़ित को जंगल में फेंककर भाग गए। फिर किसी तरह वह जंगल से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा और अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश लौटकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई। बस्तर पुलिस को जब शिकायत प्राप्त हुई तो बोदघाट थाना प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी। टीआई ने बताया कि प्रारंभिक जांच की जा रही है पीड़ित के बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे खड़ी बस से टकराई चार्टर्ड बस, पलटने से मचा हड़कंप; 25 लोग घायल

सीहोर  रविवार सुबह करीब 10:15 बजे भोपाल-इंदौर हाईवे पर सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में अरनिया गाजी जोड़ के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। इंदौर से भोपाल जा रही चौहान ट्रेवल्स की बस पैसेंजर्स को उतार रही थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार चार्टर्ड बस (MP09 AM 6115) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चार्टर्ड बस पलट गई और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। पुलिस जांच में शुरुआती कारण ब्रेक फेल होना सामने आया है। चार्टर्ड बस नाथद्वारा से भोपाल की ओर आ रही थी। इसी दौरान अरनिया गाजी जोड़ पर ब्रेक फेल होने से आगे खड़ी बस से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चार्टर्ड बस के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और रफ्तार में आकर बस सीधी दूसरी बस से टकरा गई। दो दर्जन घायल, एक की हालत गंभीर इस हादसे में दो दर्जन यात्री घायल हुए हैं। आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर व एएसपी सुनीता रावत सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक व्यक्ति को पैर में गंभीर चोटें आई हैं, बाकी को हल्की चोटें हैं। हाईवे पर लंबा जाम, यातायात प्रभावित हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण व राहगीर मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की। मानवता का नजारा दिखा जब कई लोग खुद अपने वाहन से घायलों को अस्पताल ले जाने लगे। सड़क पर चीख-पुकार के बीच मानवीय संवेदनाएं जाग उठीं। बस पलटने और टक्कर के बाद भोपाल-इंदौर हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया और यातायात सामान्य करने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे तक हाईवे पर आवाजाही ठप रही। एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर के अनुसार, टक्कर के बाद चार्टर्ड बस पलट गई। स्थानीय नागरिकों की मदद से पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस से आष्टा के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया। एक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि 6-7 अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हाईवे पर लगा जमा घटना की सूचना मिलते ही आष्टा और जावर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को हटाने में जुटी है। एडिशनल एसपी सुनीता रावत के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पुष्टि जारी फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बसों के ड्राइवरों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी। हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।

टैंकर से हादसा, मजदूर की मौत पर भड़का आक्रोश; अस्पताल में हंगामा

जैसलमेर शहर के औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जिससे उसका पूरा परिवार शोक में डूब गया। घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार टैंकर ने पीछे से एक साइकिल सवार मजदूर को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल राजकीय नाहटा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकीय उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 35 वर्षीय नरपतसिंह पुत्र राजूसिंह राजपुरोहित, निवासी जसोल के रूप में हुई है। मृतक मेहनतकश मजदूर था और अपने पीछे पत्नी, एक बेटा व दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। इस दुर्घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे राजपुरोहित समाज को भी गहरा आहत किया है। समय पर इलाज न मिलने का आरोप मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि नरपतसिंह को समय रहते समुचित उपचार मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार में देरी हुई, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में राजपुरोहित समाज के लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए। मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे RLP नेता, सख्त कार्रवाई की मांग स्थिति उस समय और गरमा गई जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के युवा नेता थान सिंह डोली देर रात मोर्चरी के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घायल मजदूर को समय पर न तो उचित प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई और न ही आवश्यक संसाधन। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाज और राजनीतिक संगठन मिलकर व्यापक आंदोलन करेंगे। डोली ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब बालोतरा अस्पताल की लापरवाही ने किसी गरीब परिवार की खुशियां छीन ली हों। अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता गोविंद सिंह राजपुरोहित, उमेश कुमार सोनी और कांतिलाल राजपुरोहित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। बताया जा रहा है कि नरपतसिंह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी आकस्मिक मृत्यु से पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में डूब गया है।