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सोनाली मिश्रा बनीं RPF की नई महानिदेशक, छत्तीसगढ़ से गहरा है जुड़ाव

रायपुर  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी को सौंपी गई है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मध्यप्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा की डीजी/आरपीएफ के पद पर 31 अक्टूबर, 2026 तक नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोनाली मिश्रा का छत्तीसगढ़ के बहुत पुराना नाता है. अपनी व्यावसायिकता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाने वाली मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस सोनाली मिश्रा तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का अनुभव रखती हैं. इस कार्यभार से पहले, उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) के रूप में कार्य किया, साथ ही पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल में एडीजी और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. उन्होंने सीबीआई और बीएसएफ में भी सेवा की है और कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त है. उत्कृष्टता और व्यावसायिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. लेकिन आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में जब मध्यप्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब वे बिलासपुर में CSP और ASP रह चुकी हैं. राज्य बंटवारे के बाद वे मध्यप्रदेश (कैडर) चली गईं. दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए ज़िम्मेदार रेलवे सुरक्षा बल को उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व का लाभ मिलेगा. राज्य और केन्द्रीय पुलिस संगठनों में उनके व्यापक अनुभव से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है. 

मानव तस्करी-मतांतरण केस में नया मोड़, कोर्ट ने ननों को दी जमानत

 बिलासपुर  केरल की दो नन की जमानत याचिका पर एनआइए कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों नन पर मानव तस्करी और मतांतरण की साजिश का आरोप लगाया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। दरअसल, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दोनों नन को तीन आदिवासी युवतियों और एक युवक के साथ रोका। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे आगरा स्थित अस्पताल में काम करने जा रही हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए मानव तस्करी और मतांतरण का आरोप लगाया गया। इसके बाद दुर्ग जीआरपी ने दोनों नन को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया। मामला एनआइए को सौंपा गया, जिसकी जांच अब जारी है। शुक्रवार को एनआईए कोर्ट में नन की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया, वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि नन ने जांच में सहयोग किया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। शनिवार कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है। बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गर्म हो चुकी है। जिसकी आंच दिल्ली और केरल तक महसूस की जा रही है। अपने दिल्ली दौरे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि-काननू अपना काम कर रही है। अदालत जो फैसला सुनाएगी मान्य होगा। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा- मतांतरण समाज के लिए खतरा वहीं, जगदलपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में बढ़ते मतांतरण पर चिंता जताई और इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बताया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि मतांतरण के खिलाफ मिलकर प्रयास करें। इधर, कांग्रेस और वाम दलों ने गिरफ्तारी को पूर्वनियोजित और सांप्रदायिक सौहार्द के विरुद्ध बताया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे गंभीर अन्याय बताया और कहा कि नन केवल आदिवासी लड़कियों को नौकरी के लिए शहर ले जा रही थीं। वहीं सांसद जेबी माथर ने गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संसद में आवाज उठाने की बात कही। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया अध्यक्ष से मिले केरल भाजपा अध्यक्ष मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस आफ इंडिया के अध्यक्ष आर्चबिशप एंड्रयूज थाझथ से भेंट की। आर्चबिशप ने कहा कि चर्च इस गिरफ्तारी से व्यथित है, क्योंकि इनमें से एक नन तीन दशक से कुष्ठ रोगियों की सेवा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक मुद्दे को पहुंचाया गया है और मदद का आश्वासन मिला है।, इधर केरल के चार सांसदों कोडिकुन्निल सुरेश, एंटो एंटनी, डीन कुरियाकोसे और हिबी ईडन ने शुक्रवार को डीजीपी अरुणदेव गौतम से मुलाकात की।

मंडला मर्डर्स को दर्शकों से मिल रही तारीफों से उत्साहित हैं गोपी पुथरन

मुंबई, फिल्मकार गोपी पुथरन वेब सीरीज मंडला मर्डर्स को दर्शकों से मिल रही तारीफों से बेहद उत्साहित हैं। वाईआरएफ एंटरटेनमेंट की चर्चित वेब सीरीज ‘मंडला मर्डर्स’ ने रिलीज के बाद से ही धमाल मचा दिया है। यह नेटफ्लिक्स इंडिया पर नंबर 1 ट्रेंडिंग शो बन गई है और साथ ही ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश सीरीज़ चार्ट में भी अपनी जगह बना चुकी है। गोपी पुथरन दर्शकों से मिल रही तारीफों से बेहद उत्साहित हैं। गोपी पुथरन ने कहा, “कल्पनाशीलता की मौलिकता हमेशा से ऐसे कंटेंट की पहचान रही है जो दर्शकों का ध्यान खींचता है। ‘मर्दानी’ से लेकर ‘मंडला मर्डर्स’ तक, मैंने हर बार कुछ नया करने की कोशिश की है और वाईआरएफ ने मुझे हर बार अपनी सीमाएं आगे बढ़ाने का अवसर दिया है। दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर बेहद खुशी हो रही है।” गोपी पुथरन ने कहा, ‘‘नेटफ्लिक्स इंडिया पर नंबर 1 ट्रेंडिंग शो बनने से लेकर ग्लोबल चार्ट्स में जगह बनाने तक, मंडला मर्डर्स की शुरुआत शानदार रही है और हम सभी इसके लिए बहुत खुश हैं। मेरा उद्देश्य एक ऐसी सीरीज बनाना था जो दर्शकों को बांधकर रखें, दिमाग को हिला दे और जॉनर की परिभाषा को तोड़ दे। यह एक जोखिम भरा और बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रयास था, और इसकी जो प्रतिक्रिया मिल रही है, वह संतोषजनक है।” गोपी ने कहा, ‘‘मैं डार्क, मूडी क्राइम ड्रामा का फैन हूं,जो दर्शकों को इस सोच की कगार पर ले जाता है कि क्या सच है, क्या कल्पना है और क्या अलौकिक शक्तियों का अस्तित्व आज के दौर में हो सकता है।” उन्होंने कहा, ‘‘ट्रू डिटेक्टिव, द सिन्नर, ट्विन पीक्स, शार्प ऑब्जेक्ट्स जैसी फिल्में दिखाती हैं कि इंसान का दिमाग किस हद तक विश्वास और अविश्वास के बीच ले जा सकता है। यदि मंडला मर्डर्स भारत में एक ऐसी कहानी और अवधारणा के साथ यही असर पैदा कर पा रही है जो भारतीय संस्कृति में गहराई से जड़ें जमाए है, तो यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।”  

दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर रायपुर के साइकिलिस्टों का साहसिक सफर, Umling La तक पहुंची साइकिल यात्रा

रायपुर यूथ हॉस्टल एसोसिएशन इंडिया द्वारा 17 जुलाई से 28 जुलाई 2025 लेह से उमलिंग ला की साइकिल यात्रा आयोजित किया गया था. इसमें शुरुआत के 3 दिन जलवायु अनुकूल के लिए रखा गया था, क्योंकि ये पूरी साइकिल यात्रा अधिक ऊंचाई पर मैं थी इसलिए अक्लेमेटाइजेशन बेहद जरुरी रहता है. लेह से 20 जुलाई को यात्रा की शुरुआत हुई पहले दिन 62 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके शारा गांव पहुंचे. दूसरे दिन 80 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके चुमाथांग पहुंचे. तीसरे दिन 45 किलोमीटर की यात्रा करके न्योमा पहुंचे. चौथे दिन 80 किलोमीटर की यात्रा करके हनले पहुंचे. पांचवे दिन 50 किलोमीटर की यात्रा करके चिसुमले पहुंचे. छठवें दिन 48 किलोमीटर की यात्रा करके अपने अंतिम पड़ाव उमलिंग ला पास पहुंचे. जो समुद्री तल से 19024 फीट ऊपर है. इस पूरी यात्रा में हमने लेह के पहाड़ों के बीच में साइकिलिंग का भरपूर आंनद लिया. मानो ऐसा लग रहा था कि हम लोग जन्नत में साइकिलिंग कर रहे हों. climb में साईकल चलाना अपने आप मैं बेहद कठिन है साथ मैं मौसम का अपना अलग मिजाज करीब 7-8 डिग्री तापमान जिसमें सायकिल चलाने का अपना अलग ही आंनद था. पूरी यात्रा में सिंधु नदी (इंडस रिवर) का साथ में चलने का एक अलग सा एहसास जगा रहा था. उल्लेखनीय हैं कि सुरेश दुआ जो कि एनआईटी रायपुर में कार्यरत हैं, जिन्होंने अब तक 75 हजार किलोमीटर से ज्यादा और मानव खुराना, जो कि स्टूडेंट हैं, उन्होंने 22 हजार किलोमीटर साइक्लिंग कर चुके हैं. आप दोनों यूथ हॉस्टल, टूर द रायपुर के सक्रिय सदस्य हैं.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी, मुख्यमंत्री साय का संदेश – खुशहाल किसान, मजबूत छत्तीसगढ़

  प्रदेश के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में 553 करोड़ 34 लाख रुपये का हुआ अंतरण राज्य के अन्नदाताओं को अब तक पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत मिली 9 हजार 700 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के 2.34 लाख वन पट्टाधारी और 32,500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है योजना का लाभ   रायपुर सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी। साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी। कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान … Read more

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर सीधा निशाना, 2024 में धांधली का लगाया आरोप, EC को बताया मरा हुआ

नई दिल्ली राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर जोरदार जुबानी हमला बोला है. राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के 'एनुअल लीगल कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में चुनाव आयोग का अस्तित्व नहीं रह गया है. उन्होंने कहा कि मैं हाल के इलेक्शन सिस्टम के बारे में बोल रहा हूं. मुझे हमेशा से शक था कि इसमें कुछ गड़बड़ है, 2014 से ही. मुझे गुजरात विधानसभा चुनाव में भी शक था. किसी एक पार्टी की लैंड स्लाइड विक्ट्री का ट्रेंड शक पैदा करता है. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी को राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात (लोकसभा चुनावों में) में एक भी सीट नहीं मिलती, ये मेरे लिए आश्चर्य की बात थी. जब भी हम बोलते थे तो लोग कहते थे, सबूत कहां है? फिर, महाराष्ट्र में कुछ हुआ. लोकसभा चुनाव में हम जीत गए और फिर चार महीने बाद, हम न सिर्फ हारे, बल्कि पूरी तरह से खत्म हो गए. तीन मजबूत पार्टियां अचानक गायब हो गईं.' देश में अब चुनाव आयोग है ही नहीं राहुल गांधी ने कहा, 'हमने चुनावी धांधलियों की गंभीरता से जांच शुरू की. हमें महाराष्ट्र में यह पता चला, लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता सामने आते हैं. इनमें से ज्यादातर वोट भाजपा को जाते हैं… अब मैं बिना किसी संदेह के कहता हूं कि हमारे पास सबूत हैं. हमारे पास ऐसे सबूत हैं जो बताते हैं कि चुनाव आयोग है ही नहीं.' कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची की डिजिटल प्रति उपलब्ध नहीं कराता. इन दस्तावेजों को स्कैन नहीं किया जा सकता. चुनाव आयोग ऐसी प्रतियां क्यों उपलब्ध कराएगा जिन्हें स्कैन नहीं किया जा सकता? उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एक लोकसभा क्षेत्र में हमने मतदाता सूची की जांच की और पाया कि 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख मतदाता फर्जी थे. लोकसभा चुनावों में हुई थी धांधली राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'हम इसे साबित करने जा रहे हैं, हमारे पास अब डेटा है. लोकसभा चुनाव में धांधली हो सकती है और धांधली हुई भी थी. भारत में चुनाव आयोग मर चुका है. इसे साबित करने के लिए हमारे पास दस्तावेज हैं. अगर उन्हें 15-20 सीटें कम मिलतीं, तो वह (पीएम मोदी) प्रधानमंत्री नहीं बनते.' रिटायर चुनाव अधिकरियों को भी नहीं छोड़ेंगे: राहुल एक दिन पहले संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि मैं बड़ी गंभीरता के साथ कह रहा हूं कि चुनाव आयोग वोटों की चोरी कर रहा है और वह ऐसा बीजेपी के लिए कर रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में बैठकर जो भी लोग ये काम कर रहे हैं, वे देश के खिलाफ काम कर रहें हैं. ऊपर से लेकर नीचे तक कोई भी हो हम उसको छोड़ेंगे नहीं. ये राजद्रोह है. उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था, 'आप कहीं भी हो, रिटायर हो या कुछ भी हो, हम आपको ढूंढ निकालेंगे.' वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का दावा राहुल गांधी ने एक लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा, "हमने एक सीट की वोटर लिस्ट की जांच की। उसमें 6.5 लाख वोटर थे, जिनमें से 1.5 लाख फर्जी निकले।" उनका दावा है कि यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित योजना के तहत किया गया फर्जीवाड़ा है। कांग्रेस नेता ने पार्टी के विधि विभाग द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान यह टिप्पणी की। "अगर 15-20 सीटें कम होतीं, मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते" राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी की बहुमत सरकार इसी गड़बड़ी के कारण बनी है। उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी को 15-20 सीटें कम मिलतीं, तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते।" राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, "भारत में चुनाव आयोग अब मर चुका है।" उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह संस्था स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही। "शक 2014 से था, अब सबूत मिल गए" राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 2014 से ही चुनाव प्रणाली पर शक था, और गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान यह शक और गहराया। उन्होंने कहा, “राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलना, हैरान करने वाला था। जब भी हम बोले, लोग कहते थे सबूत कहां हैं?” महाराष्ट्र बना टर्निंग पॉइंट राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में उन्हें पहली बार ठोस सुराग मिले। उन्होंने कहा, "लोकसभा में हमने जीत हासिल की, लेकिन चार महीने बाद विधानसभा में हमारी बुरी हार हुई। जब हमने जांच की तो पाया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच 1 करोड़ नए वोटर जुड़ गए, जिनमें से अधिकतर वोट बीजेपी को गए। अब मेरे पास कोई शक नहीं कि ये चुनाव गड़बड़ी से प्रभावित था।" राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब इन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे देश के सामने यह सच्चाई उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि वे इसे कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाएंगे। हम ऐसी धमकियों पर ध्यान नहीं देते: चुनाव आयोग चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा और चुनावों में धांधली के विस्फोटक आरोपों का तीखा खंडन करते हुए उनके दावों को निराधार और गैरजिम्मेदाराना बताया था. आयोग ने कहा कि जब हम राहुल गांधी को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए बुलाते हैं तो वह नहीं आते और अब हमारे कर्मचारियों को धमकाने लगे हैं. कांग्रेस नेता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा, 'हम हर दिन लगाए जा रहे ऐसे निराधार आरोपों को नजरअंदाज करते हैं और हर दिन दी जा रही धमकियों के बावजूद, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं. हमने अपने सभी चुनाव अधिकारियों से ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान नहीं देने के लिए कहा है.'

चित्रकूट में नौकरानी की मौत का मामला गहराया, पूर्व कांग्रेस नेता की पत्नी पर संगीन आरोप

 सतना चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के निवास पर काम करने वाली 24 साल की नौकरानी सुमन की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस में अहम खुलासे किए हैं। मृतका के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर शस्त्र अधिनियम के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। 29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी। इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया। मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी। 

पहली नौकरी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आपने परीक्षा, इंटरव्यू आदि तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपनी पसंद की नौकरी हासिल कर ली। यह मौका संतुष्ट होकर बैठ जाने का नहीं है, बल्कि आपसे यह अपेक्षा है कि आप पहले ही दिन अपने बॉस व साथियों से अपना लोहा मनवा लें और फिर लगातार स्वयं में सुधार लाते जाएं। अपनी पहली नौकरी में अच्छा काम कर दिखाना सफल करियर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। आपको खूब मेहनत करनी होगी। पढ़ाई के दिनों की आदतें छोड़नी होंगीं। यह समझना होगा कि अब आप स्टूडेंट नहीं, प्रोफेशनल हैं। जानिए कि अपनी पहली नौकरी में आपको किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। टाइम मैनेजमेंट इस बात का खास ध्यान रखें कि आप तय समय से कुछ पहले ऑफिस पहुंच जाएं। कॉलेज में पहला पीरियड निकल जाने के बाद पहुंचना चल जाता था लेकिन ऑफिस में यह रवैया नहीं चल सकता। स्कूल-कॉलेज में साल के अंत में आपको परीक्षा देनी होती थी मगर यहां आपको रोज-रोज परीक्षा देनी है और उसमें पास भी होना है। तय समय से पहले ऑफिस न छोड़ें। जो भी काम आपको सौंपा गया है, उसे समय-सीमा के अंदर पूरा कर दें। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। ऑफिस का माहौल जानें हर ऑफिस का अपना खास माहौल, अपनी खास संस्कृति होती है। पहले दिन से ही इसका अध्ययन कर इसे समझने की कोशिश करें। यह देखें कि क्या कर्मचारी कैजुअल कपड़े पहनकर आते हैं या फिर फॉर्मल। यह भी कि वे ईमेल के जरिये संवाद करते हैं या रूबरू मिलकर। कुछ काम बच जाए, तो उसे घर से करने का चलन है या नहीं…। जानें आपसे क्या चाहा गया है आपको स्वयं पहल करके अपने बॉस के साथ बातचीत करनी होगी। उनसे जानें कि आपकी जिम्मेदारियां ठीक-ठीक क्या हैं। यह भी कि कंपनी के लक्ष्यों को पाने की प्रक्रिया में आप कहां ठहरते हैं। अच्छे दिखें फर्स्ट इंप्रेशन का अहम पहलू यह है कि आप दिखते कैसे हैं। स्मार्ट और प्रोफेशनल तरीके से कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। आपके कपड़े आरामदायक होने चाहिए, जिनमें आप पूरा दिन काम करते हुए बिता सकें। सुनें, देखें आपको लग सकता है कि आप बहुत कुछ जानते हैं और आपके आइडिया के दम पर कंपनी का बहुत फायदा हो सकता है लेकिन यह मत भूलिए कि कंपनी में अन्य लोग आपसे बहुत पहले से काम करते आ रहे हैं। उनके पास अनुभव है। इसलिए बिन मांगे अपने सुझाव न दें, खास तौर पर डींगें हांकने वाले अंदाज में तो कतई नहीं। शुरूआत में बेहतर यही होगा कि आप दूसरों की सुनें, उनके काम को देखें। जब पूछा जाए, तो ही अपनी राय दें और वह भी विनम्रता से। यदि कोई बात समझ में न आ रही हो, तो सवाल पूछने में झिझकें नहीं। कंपनी जानती है कि आप फ्रेशर हैं। कोई यह उम्मीद नहीं कर रहा कि आपको सब कुछ आता है। सो आपका सवाल पूछना सामान्य ही माना जाएगा। इससे यह समझा जाएगा कि आपमें काम सीखने की लगन है। तमीज का रहे ध्यान भले ही ऑफिस का माहौल अनौपचारिक हो लेकिन किसी साथी की सैलरी के बारे में पूछना अच्छा नहीं माना जाएगा। इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप क्या बोलते हैं और किससे बोलते हैं। किसी साथी से अनबन की स्थिति आ जाए, तो भी दूसरों से सामने उसकी बुराई कतई न करें। राजनीति से दूर रहें लगभग हर दफ्तर में ऑफिस पॉलिटिक्स होती ही है। नए रंगरूट के तौर पर आप इससे जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। आप नहीं जानते कि कौन किस खेमे में है। आपको नहीं पता कि किसको कही गई बात किस तक पहुंच सकती है। कोई बॉस की बुराई करके आपको भी ऐसा करने के लिए उकसा सकता है। ऐसे में सबकी सुन लें लेकिन किसी के बहकावे में न आएं। अपने काम से काम रखें। अपना आकलन करें पहला महीना खत्म होने पर अपने इमिडिएट बॉस से पूछें कि आपका काम उन्हें कैसा लग रहा है और आपको स्वयं में क्या बदलाव लाने की जरूरत है। स्वयं में सुधार लाने की प्रक्रिया कभी बंद न होने दें।  

करोड़ों का करियर छोड़ रचा इतिहास, दीपक को मिला संवाद लेखन का राष्ट्रीय पुरस्कार

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा के दीपक किंगरानी को साल 2023 के लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन का पुरस्कार मिला है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश का मान बढ़ा है। मनोरंजन जगत में हर्ष की लहर है। छोटे से कस्बे भाटापारा से ताल्लुक रखने वाले दीपक मानते हैं कि सिनेमा सीखने का सबसे सही तरीका है, अच्छा सिनेमा देखना। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ इन पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार की दौड़ में शामिल रही। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके सिनेमा में अपनी किस्मत आजमाने मुंबई पहुंचे दीपक किंगरानी ने लंबे संघर्ष के बाद सफलता देखी है और इसके लिए वह उन सबका एहसान मानते हैं जिन्होंने उनके सपने को साकार किया। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ साल 2023 की रिलीज हिंदी फिल्मों में सबसे अच्छी फिल्म मानी गई थी।  राष्ट्रीय फिल्म जीत चुके हैं दीपक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके दीपक किंगरानी ने कहीं से भी स्क्रिप्ट राइटिंग जैसा कोई कोर्स नहीं किया है। उन्होंने 27 मई 2023 को अमर उजाला में दिये अपने साक्षात्कार में कहा था कि तमाम अंग्रेजी फिल्मों की पटकथाओं ने मेरी मदद की। भारत में अभी इसकी अधिक उपलब्धता नहीं है लेकिन विदेश में रिलीज हो चुकी फिल्मों की पटकथाएं आसानी से मिल जाती हैं, तो पहले मैं एक फिल्म देखता था। फिर उस फिल्म को दोबारा देखता था, उसकी पटकथा को अपने लैपटॉप पर खोलकर। मैं दोनों चीजें समझता और ये समझता कि किसी दृश्य को जमाने, उसे आगे बढ़ाने और फिर एक दृश्य से दूसरे दृश्य तक जाने का खास बिंदु क्या होगा। बस, मैंने पटकथा लेखन ऐसे ही सीखा, मैं कभी किसी फिल्म स्कूल नहीं गया।” शौक के लिये छोड़ी थी लाखों पैकेज की नौकरी भाटापारा और रायपुर से स्कूल और ग्वालियर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले दीपक को सिनेमा का शौक शुरू से ही रहा है। सिनेमा कैसे बनता है, इसमें उनकी दिलचस्पी इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने जगाई। इंजीनियरिंग करने के बाद वो लंबे समय तक नौकरी के सिलसिले में विदेश में रहे। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ लेखक हबीब खान ने उनके लेखन पर भरोसा जताया। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से आने वालों के लिए रूमी जाफरी हमेशा एक लाइट हाउस की तरह रहे हैं। उनसे वो खूब मिलते रहते थे। वह किंगरानी की कहानियां सुनते और उनका हौसला बढ़ाते रहते थे। अनीस बज्मी ने भी उनके संघर्ष के दिनों में उनकी हिम्मत बनाए रखी।  स्पेशल ऑप्स’ ने दी सही दिशा 7 नवंबर 1982 को भाटापारा में जन्में दीपक किंगरानी अमरीकन कंपनी में लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर मुंबई चले गये और मशहूर पटकथा लेखक बने। उन्हें हॉटस्टार स्पेशल जासूसी थ्रिलर सीरीज,  कोर्ट रूम ड्रामा, सिर्फ एक बंदा काफी है (2023), वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’(2020)  मिशन रानीगंज 2023,  भैया जी 2024  लिखी है। बतौर संवाद लेखक उनकी पहली फिल्म ‘वॉर छोड़ ना यार’ 2013, पागलपंती (2019) रिलीज हुई थी ।  हालांकि ‘स्पेशल ऑप्स’ ने उन्हें एक सही दिशा दी।  ट्रस्ट का बिजनेस है फिल्म इंडस्ट्री दीपक कहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री ट्रस्ट का बिजनेस है। जब तक आपने कुछ लिखा नहीं है, तब तक कोई भरोसा नहीं करता। हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रोजाना कई कहानियां सुनते हैं, ऐसे में आपको खुद को साबित करना होता है। शुरुआत में सबसे जरूरी है लगातार लिखते रहना। लोगों से मिलते रहना और अपने विचार साझा करते रहना।   

एआर रहमान के भतीजे जीवी प्रकाश को मिला दूसरा नेशनल अवॉर्ड, संगीतकार ने दी बधाई

चेन्नई, ऑस्कर विनर म्यूजिशियन ए.आर. रहमान ने म्यूजिक डायरेक्टर जी.वी. प्रकाश को उनके दूसरे नेशनल अवॉर्ड के लिए बधाई दी है। ये अवॉर्ड उन्हें फिल्म वाथी के लिए मिला है। बधाई देने वालों में सुधा कोंगरा और अन्य फिल्मी सितारे भी शामिल हैं। ए. आर. रहमान (जो म्यूजिक डायरेक्टर जी.वी. प्रकाश के अंकल भी हैं) ने एक्स अकाउंट से उन्हें बधाई दी। रहमान ने यहां लिखा-“बधाई हो जी.वी. प्रकाश, आपको और अवॉर्ड मिलें ऐसी मैं कामना करता हूं।’’ इसके जवाब में संगीतकार-अभिनेता जी.वी प्रकाश ने लिखा- आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सर। मजेदार बात ये है कि म्यूजिक डायरेक्टर बनने से पहले जी.वी. प्रकाश रहमान के दिशा निर्देशन में काम कर चुके हैं। एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा था कि वो उनके भतीजे हैं फिर भी वो रहमान को सर ही बुलाते हैं। इससे पहले जी.वी. प्रकाश ने नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद एक बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने लिखा-”ये आशीर्वाद है जो मुझे दूसरी बार मिला है। मैं इसे पाकर बहुत ही खुश हूं और कृतज्ञ हूं कि मुझे 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर फिल्म वाथी के लिए दिया गया। जूरी और सेलेक्शन कमेटी का तहे दिल से शुक्रिया। इस सफर का हिस्सा बनने के लिए वाथी की पूरी टीम को धन्यवाद ।” उन्होंने स्टार धनुष को भी बधाई दी। लिखा- “मेरे भाई धनुष को खासतौर पर धन्यवाद जिन्होंने मुझे इस फिल्म के लिए चुना। हम लगातार ‘पोल्लावधान’ से लेकर ‘असुरन’ तक और ‘इडली कडाई’ तक में साथ काम करते आए हैं, इसने हम दोनों की रचनात्मकता को निखारकर हमें इनाम दिया है। मेरे डायरेक्टर वेंकी अल्तूरी को बहुत बड़ा धन्यवाद जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे इस फिल्म में अपना बेस्ट म्यूजिक देने के लिए प्रेरित किया।” उन्होंने आगे लिखा- “’वाथी’ से लेकर ‘लकी भास्कर’ तक और अब नए प्रोजेक्ट के लिए धन्यवाद वेंकी। आपने मुझे पर लगातार भरोसा जताया और मेरे सफर में ब्लॉकबस्टर पल लेकर आए। हमारे ऊपर भरोसा करने और हमें ये मौका देने के लिए हमारे प्रोड्यूसर्स नागावामसी और त्रिविक्रम को भी धन्यवाद।” उन्होंने अंत में अपनी फैमिली, फ्रेंड्स, गीतकारों और पूरी टीम को भी धन्यवाद कहा।