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भोपाल में अपराधियों पर शिकंजा, मछली गैंग से जुड़े लोगों के गन लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

भोपाल  एमडी ड्रग्स में पकड़े गए यासीन अहमद और उसके परिवार के सदस्यों के शामिल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मछली परिवार से जुड़े 15 लोगों के नाम भेजे हैं। जिनके नाम शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। पत्र मिलने के बाद शस्त्र शाखा ने भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके तहत पांच लोगों के शस्त्र मिलने का पता चला है, जिनको आठ शस्त्र रखने की अनुमति दी गई है। इन शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करने से पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, अब तक शस्त्र शाखा को सोहेल, शहरयार, शफीक, शाहिद और शावेज के नाम शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। जिन पर आठ शस्त्र चढ़े हैं। कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के बाद अपराधों में लिप्त लोगों का रिकार्ड सर्च किया जा रहा है। जिनके नाम मिलेंगे, उनके शस्त्र निलंबित किए जाएंगे। जिले में अपराधों में लिप्त लोगों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं। सरकारी जमीन पर बनी कोठी भी तोड़ेंगे जिला प्रशासन की टीम ने मछली परिवार के सरकारी जमीनों पर बने मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, कारखाना, वेयरहाउस, बकरा और मुर्गी फार्म, मदरसे को जमींदोज करने के बाद सील की गई कोठी को भी तोड़ने की तैयारी कर ली है। एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया का कहना है कि सरकारी जमीन पर बनी कोठी को तोड़ने के लिए दोबारा से टीम जाएगी। प्रशासन कार्रवाई कर रहा है     एमडी ड्रग्स मामले के आरोपितों की शस्त्र लाइसेंस संबंधी जानकारी पता कर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। आरोपितों के नाम से शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी मिलती है तो निलंबित की कार्रवाई की जाएगी। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त  

‘मछली गैंग’ का पर्दाफाश जारी, आरोपी यासीन पर एक और गंभीर आरोप दर्ज

भोपाल  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता शफीक मछली के भाई शाहवर अहमद और भतीजे यासीन अहमद पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पहले से ही ड्रग्स तस्करी और मारपीट के मामले में जेल में बंद शाहवर और यासीन पर एक और कार्रवाई की गई है। यासीन अहमद उर्फ मछली पर रेप की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी पर अब तक 6वां मामला दर्ज हुआ है। दरअसल, एमपी नगर थाने में दर्ज नए प्रकरण में पीड़िता ने कहा है कि यासीन ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका यौन शोषण किया। यासीन मछली ने पहले एमपी नगर के एक फाइव स्टार होटल में रेप किया। फिर उसके बाद अलग-अलग जगहों पर युवती के साथ ज्यादती की गई। उसने आरोप लगाया है कि यासीन बेरहमी से पीटता था और उसने मारपीट के वीडियो भी बनाए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर पुलिस ने युवती की पहचान की और उसकी काउंसलिंग के बाद एफआईआर दर्ज की। मछली परिवार की बढ़ रही मुसीबतें इससे पहले भी अरेरा हिल्स और महिला थाने में यासीन के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार पीड़िता प्राइवेट नौकरी करती है। वहीं, ड्रग तस्कर यासीन से उसकी मुलाकात एक पब में हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद एक दूसरे से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर शेयर किए थे। इसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एक फाइव स्टार होटल में बुलाया, जहां उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। उसके बाद से वह लगातार युवती का शोषण कर रहा था। जब पीड़िता ने शादी की बात की तो उसने इनकार कर दिया। इतना ही नहीं मारपीट कर वीडियो भी बना लिया।

45 दिन में आत्महत्या का पांचवां मामला, अधीक्षका ने की आत्महत्या से सनसनी

बलरामपुर रामानुजगंज बलरामपुर रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 3 में रिंग रोड में स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में आज सुबह दुपट्टा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली इसकी जानकारी विद्यालय के अन्य स्टाप को लगी तो तत्काल दरवाजा को जोर से धक्का देकर उसे फांसी से उतारा गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा पिता संजय कुमार उम्र 25 वर्ष पटना बिहार की रहने वाली थी। वह पिछले वर्ष 27 जून 2024 को कन्या छात्रावास अधीक्षका के रूप में पदभार ग्रहण किया था। एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य राजू सिंह ने बताया कि नेहा व्यवहार कुशल एवं अपने कर्तव्य के प्रति कर्मठ कर्मचारी थी। कल रात तक उसने अपना ड्यूटी का निर्वहन किया आज सुबह 10:30 बजे के करीब विद्यालय के अन्य स्टाप से मुझे आत्महत्या कर लेने की जानकारी मिली जिसके बाद इसकी सूचना थाने में दी गई। विद्यालय के अन्य सहयोगी कर्मचारी ने बताया कि सुबह तक वह ठीक-ठाक लोगों से बात विचार कर रही थी एकाएक घटना से सभी स्तब्ध हैं। घटना के बाद लगातार बज रहा है मोबाइल पर घंटी घटना के बाद विद्यालय के कर्मचारियों के द्वारा यहां फांसी से शव को निकल गया। वही नेहा का लगातार मोबाइल बज रहा था। इंस्टाग्राम के माध्यम से नेहा के दूसरे सहयोगि विद्यालय स्टाप को घटना की सूचना किसी युवक के द्वारा दी गई। 45 दिनों में आत्महत्या की यह पांचवीं घटना रामानुजगंज क्षेत्र में बीते 45 दिनों में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की यह पांचवीं घटना है। फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले सभी लोगों की उम्र 18 से लेकर 30 वर्ष के बीच है एवं सभी अविवाहित थे।

इनामी नक्सली समेत तीन गिरफ्तार, सुरक्षाबलों को मिली अहम कामयाबी

सुकमा सुकमा में थाना केरलापाल क्षेत्रान्तर्गत प्रतिबंधित माओवादी संगठन में सक्रिय दो लाख रुपये के इनामी नक्सली सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से रखे गए टिफिन IED बम एवं अन्य विस्फोटक सामग्री को भी बरामद किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना केरलापाल में वैधानिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। तीनों नक्सली थाना केरलापाल क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा के निवासी हैं। उक्त कार्रवाई थाना केरलापाल पुलिस बल, डीआरजी एवं 159 वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 1 अगस्त 2025 को ग्राम गोगुंडा, पोंगाभेजी, सिमेल, खुंडूशपारा और आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग हेतु संयुक्त बल रवाना हुआ था। इसी दौरान ग्राम पोंगाभेजी व रबड़ीपारा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से तीन नक्सलियों क्रमशः (1) पोड़ियाम नंदा पिता देवा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया कमांडर, इनामी ₹2 लाख, उम्र लगभग 40 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा डुंगिनपारा, (2) हेमला जोगा पिता स्व. नंदा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया सदस्य, उम्र लगभग 28 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा इंतापारा, (3) हेमला गंगा पिता स्व. गंगा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया सदस्य, उम्र लगभग 45 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा इंतापारा को गिरफ्तार किया गया। ये सभी प्रतिबंधित माओवादी संगठन केरलापाल एरिया कमेटी अंतर्गत गोगुंडा पंचायत मिलिशिया संगठन में सक्रिय थे। आरोपियों के कब्जे से 2 नग टिफिन बम (वजन लगभग 3-3 किग्रा), 3 नग डेटोनेटर, 2 नग जिलेटिन रॉड, कोर्डेक्स वायर लगभग 2 मीटर, इलेक्ट्रिक वायर (लाल-काला रंग) लगभग 18 मीटर, तथा 2 नग बैटरी बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन विस्फोटकों को सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से प्लांट करने हेतु जंगल में छिपाकर रखा गया था। उक्त कृत्य विधि के विरुद्ध पाए जाने पर थाना केरलापाल में अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर, 1 अगस्त 2025 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

धर्मांतरण और मानव तस्करी केस में गिरफ्तार ननों की जमानत मंजूर

दुर्ग   छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार केरल की दो ननों को आज एनआईए अदालत द्वारा ज़मानत दिए जाने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार और केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। मानव तस्करी और धर्मातरण के मामले में दुर्ग केंद्रीय जेल में बंद केरल की दो ननो को आज बिलासपुर एनआईए कोर्ट से जमानत मिल दे दी है। केरल के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर आज दुर्ग जेल पहुंचे। और दोनो नन से की मुलाकात की। इसके कुछ देर में बाद जब दोनो नन को महिला बंदी गृह से रिहा किया।तब प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर दोनो नन को अपने साथ इनोवा कार में बिठाकर रायपुर रवाना हो गए। इससे पूर्व ननो को जमानत मिलने की खुशी में केरल के सांसद और विधायको के द्वारा जेल के बाहर मिठाई बांटकर खुशियां मनाई गई। पूरा मामला 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर नारायणपुर निवासी तीन युवतियों को एक युवक रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा थे।जहां तीनों युवतियों को लेने के लिए दो नन पहुंची थी। इस बात की जानकारी बजरंग दल को लगी जिसके बाद वो दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे और जमकर हंगामा किया।बजरंग दल ने ननों पर मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत जीआरपी दुर्ग में की।जिसके बाद जीआरपी ने दो ननों और युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था जहां जेल भेज दिया था ननों की गिरफ्तारी के बाद 29 जुलाई को कांग्रेस सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुर्ग पहुंचा और जेल में बंद ननों से मुलाकात की।सांसदों ने मुलाकात के बाद कहा कि ननों को झूठे आरोपों में फंसाया गया है।

फिटजी कर्मचारियों को राहत, वेतन न मिलने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला – संस्थान देगा 27 लाख

ग्वालियर देशभर में अपनी शाखाओं के माध्यम से छात्रों से भारी फीस वसूलने और बाद में संस्थान बंद कर फरार होने वाले फिटजी कोचिंग संस्थान के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। ग्वालियर में स्थित न्यायालय नियंत्रक प्राधिकारी उपदान अधिनियम (सहायक श्रमायुक्त) नम्रता सोनी ने संस्थान को निर्देश दिया है कि वह अपने छह पूर्व कर्मचारियों को कुल 26,98,786 रुपये की राशि 10% वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे। फिटजी ने ग्वालियर में भी सैकड़ों छात्रों से लाखों की फीस वसूली के बाद अचानक कोचिंग बंद कर दी थी। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न तो वेतन दिया गया और न ही ग्रेच्युटी या अन्य निर्धारित लाभ। इस अन्याय से पीड़ित होकर उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामले में कर्मचारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता निखिल शिवहरे ने बताया कि फिटजी संस्थान ने न केवल छात्रों बल्कि अपने ही वफादार कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की। ग्वालियर में वर्षों तक काम कर चुके इन कर्मचारियों को जब उचित वेतन और सेवा लाभ नहीं मिले तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। श्रमायुक्त कार्यालय ने फिटजी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सहायक श्रमायुक्त ने संस्थान को भुगतान का आदेश दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित राशि पर साधारण ब्याज जोड़कर वसूली प्रमाण पत्र (RC) जारी किया जाएगा और कानूनी वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

स्कूल मान्यता रद्द पर सरकार का आश्वासन – सभी बच्चों को दूसरे संस्थानों में मिलेगा प्रवेश

भोपाल  प्रदेश के 250 निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। इन स्कूलों में अध्ययनरत करीब 25 हजार विद्यार्थियों को नजदीक के सरकारी स्कूलों में प्रवेश का विकल्प दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को इस संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया कि ऐसे विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया जाए। बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट जिन स्कूलों की मान्यता समाप्त हुई है उनमें राजधानी भोपाल के ही करीब 12 स्कूल हैं। इनमें दर्ज बच्चों के एडमिशन अवैध हो गए हैं। अब बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। इस कारण अब डीईओ की जिम्मेदारी होगी कि इन स्कूलों में दर्ज बच्चों को नजदीक के स्कूलों में प्रवेश दिलाएं। यह आदेश सत्र शुरू होने के चार माह बाद हुए। 250 स्कूलों की अपील खारिज बता दें, कि प्रदेश के 350 निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी विवाद की अपील शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के पास पहुंची थी। उन्होंने 250 स्कूलों की अपील को खारिज कर दिया। ये स्कूल जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों के पास जमीन नहीं थी तो कुछ के पास पर्याप्त जमीन और रजिस्ट्री के कागज नहीं थे। अपील में जाने वाले 50 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण हुआ वहीं 50 स्कूलों का मामला अभी भी लंबित है। राजधानी के ये सालों पुराने स्कूल राजधानी के अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर चौक स्थित सेवन हिल्स, सर्वधर्म कोलार स्थित प्रीति हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलार स्थित राजपुष्पा, पार्थ, ज्ञान कृष्णा समेत अन्य स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में मान्यता समाप्त करने का कारण जमीन नहीं होना बताया गया है। इन स्कूलों में करीब दो ढाई हजार विद्यार्थी हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार का कहना है कि राजधानी के करीब 12 स्कूल हैं, जिनकी मान्यता समाप्त की गई है। इसमें कुछ बड़े स्कूल भी हैं, जिनके पास जमीन नहीं था और वे वर्षों से संचालित हो रहे थे। इन स्कूलों के करीब 2500 विद्यार्थियों को पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को क्लीनचिट, मालेगांव केस में नहीं मिला दोष साबित होने का सबूत, विधर्मियों का मुंह हुआ काला

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मालेगांव धमाके में एनआईए की अदालत से मिली क्लीनचिट को सनातनियों की जीत बताया है तो यह भी कह दिया कि 'विधर्मियों का मुंह काला' हो गया। उन्होंने 'हिंदूराष्ट्र' की मंशा भी जाहिर की है। अदालत ने साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित सभी सात आरोपियों को 17 साल बाद बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा ने उनकी गिरफ्तारी के बाद 'भगवा आतंकवाद' जैसे गढ़े गए शब्दों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने इसमें दूसरे धर्म के सभी लोगों को भी लपेट लिया। साध्वी ने शुक्रवार रात एक्स पर लिखा, 'भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद के जन्मदाता कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह हुआ काला। भगवा ,हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का हुआ बोलबाला बहुत-बहुत बधाई।' साध्वी ने अपनी पोस्ट के साथ जय हिंदूराष्ट्र, जय श्री राम का नारा लगाया। भोपाल की पूर्व सांसद ने इससे पहले एक्स पर एक भगवा झंडे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'भगवा चिर विजयी ध्वज….' झंडे के नीचे राष्ट्र जयघोष लिखा हुआ है। बचपन से ही हिंदुत्व की विचारधारा के लिए समर्पित साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम धमाके के केस में गिरफ्तार किया गया था। आरोप लगाया गया था कि जिस बाइक पर विस्फोटक रखा गया था वह साध्वी के नाम रजिस्टर्ड थी। लेकिन अदालत ने कहा कि सबूतों से यह साबित नहीं हो पाया। साध्वी प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में लिखा कि भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने वाली कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हुआ, भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का बोलबाला। बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्दू राष्ट्र, जय श्रीराम। विज्ञापन एनआईए कोर्ट से मिली राहत गौरतलब है कि वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ली थी और साध्वी प्रज्ञा समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की करीब 16 साल तक चली सुनवाई के बाद, विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा। कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद का नैरेटिव एक राजनीतिक साजिश था और उसका आज पटाक्षेप हो गया है। कौन-कौन थे आरोपी?  मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे थे। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा चला है, जिनमें हत्या, साजिश, सांप्रदायिकता फैलाना, और आतंक फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और कोर्ट से आरोपियों को उनके अपराध के अनुसार सजा देने की मांग की थी।  मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक में धमाका होने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 अन्य लोग घायल हो गए थे। इस मामले के आरोपियों में ठाकुर, पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। हिंदू आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ‘हिंदू आतंकवाद’, और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। अब अदालत के फैसले के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस से जवाब मांगा जा रहा है।

पेट्रोल पंप पर नया जुगाड़: ‘हेलमेट पहनो, पेट्रोल भरो, फिर लौटा दो’ – भोपाल में नियम की उड़ रही धज्जियां

भोपाल   'गोलमाल है भाई सब गोलमाल है… इसको इसकी टोपी उसके सिर… ये ये गाना आप सभी ने सुने होंगे। भोपाल के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को ये गाने चरितार्थ हो गए। दरअसल, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का 'हेलमेट अनिवार्यता' का आदेश शहर के पेट्रोल पंपी पर 'हेलमेट जुगाड़' का मंच बन गया। पेट्रोल पंप को चालक एक दूसरे हेलमेट मांगकर पेट्रोल भरवाते नजर आए। एक अगस्त से लागू हुए इस आदेश में कहा गया था कि बिना हेलमेट के दोपहिया चालको को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 'एक हेलमेट, कई सवारी का फॉर्मूला चल निकला।  हेलमेट शेयरिंग ऐप का ट्रायल सुबह 10 बजे प्रभात चौराहे के पेट्रोल पंप पर चालकों ने हेलमेट बदल-बदलकर पेट्रोल भरवाया। एक हेलमेट को पांच हाथों में घूमते देखकर भी पंप कर्मचारियों ने आंखें मूंद रखी थीं। शहर के प्रगत्ति चौराहा, श्रीराम कॉलोनी और एम्पी आदि के मास स्थिति पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल बेचा गया लेकिन पुलिस, जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारी कहीं नहीं दिखे। सितंबर तक लागू रहेगा आदेश शहर में कुल 192 पेट्रोल पंप है, जहां हर रोज पेट्रोल और डीजल की खपत करीब 21.50 लाख लीटर है , इसमें करीब 11 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। यह आदेश 29 सितंबर तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति संस्था और संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 23 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुलिस वाले ने भी हेलमेट उधार लिया नानके पंप एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के पहुंच गया। पंप वाले ने मना किया, तो उसने दूसरे बालक से हेलमेट उधार लेकर पेट्रोल भरवाया और फिर वापस कर दिया। बोतल में पेट्रोल, नियमों में छेद दोपहर 12 बजे आइएसबीटी के पास स्थित पंप पर बोत्तल में पेट्रोल देने का गैर कानूनी धंधा खुलेआम चला। बोतल में पेट्रोल मरना सख्त मना है, कर्मचारी ने बिना किसी हिचक के पैसा लिया और पेट्रोल भर दिया। भोपाल आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कि तीन कार्रवाई की गई थी। लेकिन शुक्रवार को शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भोपाल में IAS अफसर के घर में घुसकर 40 गुंडों ने की तोड़फोड़, अफसर बोलीं – खुलेआम बैठकर दे रहे थे धमकी

भोपाल  भोपाल में शिक्षा विभाग में उप सचिव आईएएस मंजूषा राय के घर में शुक्रवार को कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंच गए। इस दौरान बाउंड्रीवॉल और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। महिला अफसर ने कहा कि 40 गुंडे बाहर खड़े कर दिए। प्रॉपर्टी का विवाद है तो सिविल कोर्ट में आओ। मामला दानिशकुंज कॉलोनी में शुक्रवार का है। विवाद 1800 स्क्वायर फीट जमीन पर बने मकान के एग्रीमेंट, नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़ा है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। लेकिन उनके हटने के बाद में उन्होंने जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। पुलिस से नहीं मिल रहा सहयोग 41 लाख रुपए में किया था एग्रीमेंट महिला अफसर राय ने बताया कि 2010 में मकान का 41 लाख रुपए एग्रीमेंट किया था। पूरा पेमेंट बैंक अकाउंट से किया। इसके बाद भी जब-जब जरूरत पड़ी, लाखों रुपए लिए। संबंधित के नाम नामांतरण नहीं होने की वजह से रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। वहीं, साल 2011 से परिवार समेत मकान में रह रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यहां दो कमरे भी बनवाए। दूसरे के नाम पर करा दी रजिस्ट्री महिला ने बताया कि इसी बीच हितेश बटेजा नामक व्यक्ति के जरिए 17 मार्च-2025 में नामांतरण करा दिया। 10 जून में रजिस्ट्री करा दी। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। शुक्रवार को 40 से ज्यादा गुंडे घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ की। गुंडे घर के बाहर ही बैठ गए। पति के नाम से कराया था एग्रीमेंट आईएएस राय ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है। इसमें कहा है कि मकान नंबर-595 दानिश कुंज में रंजना अहमद से पति विक्रांत प्रवीण राय ने 16 दिसंबर-10 में 41 लाख रु में विक्रय अनुबंध कर क्रय किया था। यह डुप्लेक्स मकान है। रंजना अहमद की मृत्यु के बाद उसके पुत्र सईद फरीद अहमद परिवर्तित नाम रिदित अरोड़ा को शेष बची हुई राशि मकान के एवज में अपने स्वयं के खाते से एवं मेरे पति के बचत खाते से भुगतान की गई। दो बार नामांतरण आवेदन खारिज 2021 में रिदित अरोड़ा द्वारा नायब तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण के लिए दो बार आवेदन लगाए गए थे। जिन्हें दस्तावेज के अभाव में खारिज कर दिया था। रिदित अरोड़ा की सहमति से पारिवारिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हमारे द्वारा उक्त संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण कार्य भी कराया था। इसका भुगतान मैंने अपने स्वयं के खाते से किया था। कोर्ट में विचाराधीन है प्रकरण बाद में 17 मार्च 2025 में उक्त संपत्ति पर रंजना अहमद के पुत्र रिदित अरोड़ा का नामांतरण अतिरिक्त तहसीलदार कोलार ने किया और 10 जून में उक्त संपत्ति का विक्रय अरोड़ा ने मोना बटेजा पति हितेश बटेजा को कर दिया। हमारे संज्ञान में उक्त रजिस्ट्री और नामांतरण के आने के पश्चात कोलार एसडीएम कोर्ट में नामांतरण के विरुद्ध अपील की गई। तहसीलदार कोर्ट में मोना बटेजा के पक्ष में नामांतरण न हो, इस संबंध में आपत्ति भी लगाई गई। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। एसडीएम-तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई उन्होंने कहा कि हमारे सभी रिकॉर्ड में इसी मकान का नाम दर्ज है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई गई है। इस मामले में प्रशासनिक अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, बटेजा से चर्चा नहीं हो पाई।