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9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि

भारत बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के बैंक खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त हस्तांतरित की 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि पीएम मोदी ने वाराणसी से किसानों को भेजी सम्मान निधि भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार निरंतर किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। वर्ष 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत हुई थी। योजना के तहत पौने चार लाख करोड रुपए किसानों के बैंक खातों में जमा किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरण के कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने 20वीं किस्त के रूप में 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को 20 हजार 500 करोड रुपए की सम्मान राशि का हस्तांतरण किया। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और किसान कल्याण पर केंद्रित 2,183 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है किसान सम्मान निधि योजना : मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना कृषि उपज मंडी करोंद में पीएम किसान दिवस में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली शामिल हुए। मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई थी। इसके तहत किसानों को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के लिए साल भर में 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है। आज 2 अगस्त का दिन हम सभी के लिये फिर खुशहाली लेकर आया है क्योंकि आज के दिन को हम पीएम किसान दिवस के रूप में मना रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका नारा है सबका साथ सबका विकास के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि की 20 वी किश्त के रूप में भारत के लगभग 9 करोड़ 70 लाख किसानों को 20 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि में से मध्यप्रदेश के 87 लाख 93 हजार किसानों को 7 हजार 39 करोड की राशि बनारस से सीधे उनके खातों में डाली जा रही है। इससे पहले किसान सम्मान निधि से 10 हजार करोड़ किसानों को 3.69 लाख करोड़ की राशि दी जा चुकी है। मंत्री कंषाना ने कहा कि यह सम्मान निधि किसानों के लिए आर्थिक सक्षमता ही नहीं बल्कि उनका सम्मान भी है। आज 2 अगस्त 2025 को देश के सभी राज्यों में राज्य स्तर, जिला स्तर, विकास खण्ड स्तर, एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी पीएम किसान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में हम सभी एकत्रित हुये हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने देश एवं प्रदेश को मजबूत बनाने की दिशा में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपील की। कार्यक्रम में सचिव कृषि निशांत बरबड़े, संचालक अजय गुप्ता, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान सम्मिलित हुए। 

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी की पुष्पांजलि अर्पित, सेंट्रल हॉल में हुआ कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर शनिवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष तोमर की पहल स्वागत योग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल ने प्रदेश के विकास के लिए आधारभूत रूप से जो कार्य आरंभ किया, उस नींव पर ही प्रदेश के वर्तमान स्वरूप ने आकार लिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा राज्य के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर उन्हें स्मरण करने की परम्परा आरंभ करने की पहल स्वागत योग्य है। राज्य के विकास में इन पुण्यात्माओं के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने में उनके स्मरण का यह नवाचार सहायक होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने भी की मीडिया से चर्चा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान का स्मरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री श्रद्धेय पं. रविशंकर शुक्ल जी के जीवन और संघर्ष से हम सभी प्रेरणा लेते हैं। आज उनकी जयंती है, उन्हें स्मरण कर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।  

हेलमेट न खरीदो, किराए पर पहन लो! इंदौर में चालान से बचने का नया तरीका वायरल

इंदौर   इंदौर में 1 अगस्त से प्रशासन के आदेश के बाद बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर सख्त रोक लगा दी गई है। अब पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट आए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है, जिससे शहर में ऐसे कई नजारे दिखने लगे, जो प्रशासन के नियम को धता बता रहे है। लोग इसकी हेलमेट उसके सिर की तर्ज पर पेट्रोल भरवा रहे है। बांगड़दा के पेट्रोल पंप पर हेलमेट नहीं पहन कर आए एक दोपहिया वाहन चालक ने पेट्रोल नहीं देने पर कर्मचारियों से विवाद भी किया।  कई लोग पेट्रोल भरवाने के लिए दूसरों से हेलमेट उधार मांग रहे हैं या आसपास खड़े लोगों का हेलमेट पहनकर केवल नियम पूरा कर रहे हैं।कुछ पेट्रोल पंपों के पास लोग 10-15 रुपये किराए पर हेलमेट देने लगे हैं ताकि ग्राहक पेट्रोल भरवा सकें। कई पंपों पर बेरिकेडिंग की गई है।सिर्फ जिनके पास हेलमेट है, उन्हें ही पेट्रोल पंप परिसर में जाने दिया जा रहा है।इस नए नियम के चलते हेलमेट की बिक्री अचानक बढ़ गई है, लोग फुटपाथों पर हेलमेट बेचने लगे हैं। यह बात भी सामने आई कि सायकल हेलमेट, खिलौना हेलमेट, किराए की हेलमेट जुगाड़ अपना पर भी कई जगह पेट्रोल भरवाने लोग जा रहे है। इंदौर में छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पेट्रोल पंप के बाहर एक व्यक्ति हेलमेट पहने खड़ा था। वह बगैर हेलमेट पेट्रोल भरवाने आने वाले लोगों से पूछ रहा था कि हेलमेट चाहिए क्या। लोग लोग हेलमेट लेने के लिए तैयार हो रहे थे, वह उनसे दस रुपये मांग रहा था। परदेशीपुरा पेट्रोल पंप पर संचालक ने बेरिकेड लगवा दिए। जिनके पास हेलमेट है। उन्हें भी बेरिकेड के भीतर जाने दिया जा रहा है। इस पंप से कुछ दूरी पर दो युवक हेलमेट दस रुपये में किराए पर दे रहे है, लेकिन वे पैसे नकद ले रहे है, ताकि कोई अधिकारी पकड़े तो उनके पास पैसे लेने के सबूत न रहे। इस पंप पर एक युवक सायकल के साथ पहनी जाने वाली हेलमेट पहन कर आ गया, लेकिन वह उसके सिर से बार-बार गिर रही थी। उसे भी कर्मचारियों ने पेट्रोल नहीं दिया।   भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवाने जाना है पेट्रोल भरवाने के लिए वाहन चालक अपने आस पड़ोसियों से, रिश्तेदारों से हेलमेट उधार मांग रहे है। वे यह बोलते नजर आ रहे है कि भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवा कर लाना है। ज्यादातर ई स्कूटर वाले बगैर हेलमेट के घूम रहे इंदौर में 40 हजार से ज्यादा ई बाइक व स्कूटर है। वे घर से ही अपना वाहन चार्ज करते है,हालांकि शहर में भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन है, लेकिन वहां के लिए प्रशासन की तरफ से स्पष्ट आदेश नहीं है। इस कारण बगैर हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक अपने वाहन चार्ज कर रहे है।

गुजरात में खपाने जा रहा था शराब की बड़ी खेप, पुलिस ने हरियाणा के तस्कर को दबोचा

सिरोही सिरोही जिले में आबकारी विभाग द्वारा शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बागसीन टोल पर की गई नाकाबंदी में पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब की 49 पेटियां जब्त की गई हैं। साथ ही हरियाणा निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जिसने नाकाबंदी तोड़कर भागने का प्रयास किया था, लेकिन विभाग की मुस्तैदी के चलते वह भाग नहीं सका।   नाकाबंदी तोड़ भागा, फिर पकड़ा गया जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी अजय जैन के निर्देशन में की गई। आबूरोड आबकारी वृत्त निरीक्षक भंवरलाल और सिरोही प्रहराधिकारी लेखराज की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बागसीन टोल पर विशेष नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने विभाग के वाहन को टक्कर मारते हुए मौके से फरार होने की कोशिश की। टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।   महंगी शराब और बीयर से भरी थी कार कार की तलाशी लेने पर पंजाब में बिक्री के लिए बनी अंग्रेजी शराब रेड लेबल की छह पेटियों में 72 बोतलें और बडवाईजर बीयर की 49 पेटियों में कुल 1176 टिन बरामद की गईं। यह शराब हरियाणा के करनाल से लादी गई थी और आरोपी इसे गुजरात के मेहसाणा जिले में सप्लाई करने जा रहा था।   इस मामले में हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वाले नरेश पुत्र गजानंद जाट को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने माना कि वह यह शराब मेहसाणा में पहुंचाने वाला था। आबकारी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि गुजरात में शराब की यह खेप किसे दी जानी थी। राज्य में शराब तस्करी को रोकने के लिए आबकारी विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान 21 अगस्त 2025 तक जारी रहेगा। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शराब तस्करी और अवैध परिवहन पर पूरी सख्ती बरती जा रही है और जो भी इस कार्य में लिप्त पाए जाएंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे जनसंपर्क विभाग की मांगो एवं उनकी केडर की कठिनाइयां, चुनोतियाँ रेल मंत्री तक पहुँचाई जाएगी – ओम बिरला

कोटा  भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अखिल भारतीय रेलवे जनसंपर्क सेमिनार का भव्य आयोजन शनिवार को कोटा के मेनाल रेलवे ऑफिसर्स क्लब में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी  ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की और भारतीय रेलवे जनसंपर्क कैडर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बिरला जी के आगमन पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत से हुआ। तत्पश्चात, मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कालरा सहित विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन किया गया।  मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की सराहना की गई। इसके बाद जनसंपर्क विभाग के परिचय पर एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिससे जनसंपर्क कर्मियों की बहुआयामी भूमिका का परिचय उपस्थित जनसमूह को मिला। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री कमल जोशी द्वारा जनसंपर्क  कैडर का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभाग की वर्तमान कार्यप्रणाली, दायित्व, एवं संरचनात्मक चुनौतियों को रेखांकित किया गया। माननीय श्री ओम बिरला जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “रेलवे का जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इसकी मजबूती से रेलवे की छवि और पारदर्शिता में वृद्धि होती है।” उन्होंने विभाग के हितों की रक्षा और समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन भी प्रदान किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया गया तथा कार्यक्रम का औपचारिक समापन धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इसके उपरांत सेमिनार सत्र आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रचार निरीक्षकों ने अपने विचार, अनुभव एवं कैडर से संबंधित व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। यह विचार-विमर्श सत्र जनसंपर्क विभाग की कार्यक्षमता, कैडर पुनर्गठन, और भविष्य की दिशा तय करने में मील का पत्थर सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कालरा, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री ललित कुमार धुरंधर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन, मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री किशोर पटेल,नेता प्रतिपक्ष श्री लव शर्मा सहित रेलवे के विभिन्न संवर्गों के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक,सोशल मीडिया से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस आयोजन ने न केवल विभागीय एकजुटता को दर्शाया बल्कि जनसंपर्क कैडर की समस्याओं को नीति-निर्माताओं के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान किया।  भारतीय रेलवे जनसंपर्क कर्मी कल्याण समिति

रात की पार्टियों को लेकर पुलिस का अलर्ट, लड़कियों और अभिभावकों को दी खास सलाह

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने के नाम पर लगाए गए पोस्टरों पर जबरदस्त विवाद खड़ा कर हो गया है. इन पोस्टरों में लिखा था, ‘लेट-नाइट पार्टी में जाना रेप या गैंगरेप को न्योता दे सकता है.’ इस तरह की भाषा को लेकर पुलिस और सामाजिक संगठनों की तीखी आलोचना हो रही है. हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुंरत इन पोस्टरों को हटवा दिया है. साथ ही पुलिस ने स्वीकार किया है कि पोस्‍टर में इस्‍तेमाल भाषा को स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है. पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर लगवाए गए एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘अंधेरे और सुनसान इलाकों में दोस्तों के साथ न जाएं, आपके साथ रेप या गैंगरेप हो सकता है.’ इस तरह के संदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया. पुलिस अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि ये पोस्टर ‘सतर्कता’ नामक एक संगठन द्वारा ट्रैफिक जागरूकता के लिए प्रस्तावित किए गए थे. डीसीपी (ट्रैफिक वेस्ट) नीता देसाई और एसीपी (ट्रैफिक एडमिन) शैलेश मोदी ने कहा कि पुलिस को पोस्टर की पूरी सामग्री की जानकारी नहीं थी और जैसे ही विवाद बढ़ा इन्हें तुरंत हटवा दिया गया. पुलिस ने झाड़ा पल्‍ला वहीं, पुलिस ने इस विवाद से अपना पल्‍ला झाड़ने की कोशिश की है. एसीपी (ट्रैफिक) एनएन चौधरी ने कहा, ‘हमने इस तरह की भाषा की अनुमति कभी नहीं दी थी.’ स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रकरण से आहत हैं. घाटलोडिया निवासी एक महिला भूमि पटेल ने कहा, ‘इस तरह के संदेश महिलाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि असल जिम्मेदारी सिस्टम की होती है.’ बोडकदेव की फिटनेस ट्रेनर ने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ करार देते हुए कहा कि यह पोस्टर महिला सुरक्षा का मजाक उड़ाते हैं. महिलाएं नाराज बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर कैंपेन चलाए जाते हैं. पुलिस प्रशासन इसमें गैरसरकारी संस्‍थाओं का सहयोग भी लिया जाता है. अहमदाबाद के इस बार के पोस्‍टर कैंपेन में भी एनजीओ की मदद ली गई थी, पर जिस तरह से महिला सेफ्टी के लिए शब्‍दों का चयन किया गया, उससे बवाल मच गया. मह‍िलाओं ने खासकर नाराजगी जताई है. नेहरू नगर निवासी एक महिला ने कहा, ‘इन पोस्टरों से वह मानसिकता उजागर होती है जो पीड़िता को दोष देती है और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को बचा लेती है.’ इस विवाद ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के नाम पर दी जा रही ‘नसीहतों’ के तरीके और उनके पीछे की सोच को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

CM मोहन यादव की निवेशकों को बड़ी राहत, 100 करोड़ पर 30 करोड़ की सब्सिडी की घोषणा

सीहोर  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 1600 करोड़ की लागत वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित किए और सभी को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ के निवेश पर सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। अगर कोई अगर कोई 40 लाख की गौशाला खोलता है तो 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने की ये बड़ी घोषणाएं  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 1600 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित भी किए। कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ का निवेश करने पर प्रदेश सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक कारखाना लगाने पर सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी, भूमि सहित अन्य छूट दी जा रही है..साथ ही इसमें काम करने वाली महिलाओं को को प्रति माह 6000 और पुरुषों को 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि 10 साल तक दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कृषि क्षेत्र में सीहोर के किसानों को बड़ा लाभ देने के लिए जल्द ही एक लाख मीट्रिक टन सब्जियों की खरीद व्यवस्था शुरू होगी, जिससे दो लाख से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इसके अलावा पॉवर ट्रांसफर इकाई की स्थापना भी जिले में रोजगार के नए अवसर खोलेगी। इसी के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में ‘वृंदावन ग्राम’ स्थापित होंगे। 40 लाख की गौशाला खोलने पर 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि गाय का दूध खरीदने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू किया जा रहा है। सीहोर में लगेगा राज्य स्तरीय कृषि मेला कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें सीहोर, देवास, उज्जैन और सोनकच्छ जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में राज्य स्तरीय कृषि मेला आयोजित किया जाएगा जिसमें देशभर के उद्योगपति, किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है और बहन-बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगारोन्मुखी उद्योगों की स्थापना पर न सिर्फ उद्योगपतियों को विशेष छूट देगी, बल्कि महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए मासिक अनुदान भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश से जो एक बार जुड़ता है, वह जीवनभर के लिए जुड़ जाता है’।  

‘2020 में जेटली ने धमकाया?’ राहुल गांधी के बयान पर उठा सवाल, BJP ने याद दिलाई मौत की तारीख

 नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान ने एक बार फिर सियासी भूचाल ला दिया है. शनिवार को कांग्रेस के वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को लेकर ऐसा दावा कर दिया, जिसे भाजपा ने 'फेक न्यूज' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब अरुण जेटली का निधन 2019 में हो गया तो वह राहुल गांधी से मिलने 2020 में कैसे आ गए? लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के इस दावे पर कि दिवंगत पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था, डीडीसीए प्रमुख रोहन जेटली ने शनिवार को कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि उनके पिता का निधन इन कानूनों के लागू होने से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे।" एक्स पर एक पोस्ट में, रोहन जेटली ने लिखा, "राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी विरोधी विचार के लिए धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।" उन्होंने आगे लिखा, "अगर ऐसी कोई स्थिति आती, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते। वह ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी से कहता हूं वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के साथ भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, जो भी उतना ही घटिया था। दिवंगत आत्मा को शांति मिले।'' इससे पहले दिन में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने दिवंगत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पहले लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ने की कोशिश करने पर उन्हें धमकाने के लिए भेजा था। राहुल गांधी ने कहा, "मुझे याद है कि जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था, 'अगर आप सरकार का विरोध करते रहेंगे और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहेंगे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।' मैंने उनकी तरफ देखा और कहा, ''मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं।'' दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, वो (अरुण जेटली) अब नहीं हैं, इसलिए मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए लेकिन फिर भी कहूंगा, अरुण जेटली जी को मुझे मिलने और धमकी देने के लिए भेजा गया था." राहुल ने कहा कि जेटली जी ने मुझसे कहा, "अगर तुम इस रास्ते पर चलते रहे, सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों पर हमसे लड़ते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी. मैंने जवाब दिया कि मुझे नहीं लगता कि आपको अंदाजा है कि आप किससे बात कर रहे हैं. हम कांग्रेस वाले हैं, डरते नहीं हैं, झुकते नहीं हैं. हमें तो अंग्रेज नहीं झुका पाए." भाजपा का पलटवार: फर्जी बयानों से दूर रहें राहुल राहुल गांधी के इस बयान पर सबसे तीखा जवाब आया बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की ओर से. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, 'Fake News Alert!' उन्होंने आगे लिखा, "राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि अरुण जेटली ने उन्हें 2020 में लाए गए कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था. लेकिन तथ्य यह है कि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हो गया था, जबकि कृषि कानूनों का मसौदा पहली बार 3 जून 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया गया था और ये कानून सितंबर 2020 में पास हुए." अमित मालवीय ने आगे कहा, "ऐसे में यह दावा सरासर झूठा और भ्रामक है कि जेटली जी ने उन्हें किसी बात के लिए संपर्क किया. यह साफ है कि राहुल गांधी एक बार फिर टाइमलाइन को तोड़-मरोड़ कर अपनी राजनीतिक कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं." पिता की आत्मा को शांति से रहने दें: रोहन जेटली अरुण जेटली के बेटे और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी अब यह दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने कृषि कानूनों को लेकर उन्हें धमकी दी थी. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता कभी किसी को किसी विचार के विरोध के लिए धमकाने वाले नहीं थे. वह एक सच्चे लोकतांत्रिक व्यक्ति थे जो हमेशा संवाद और सहमति में विश्वास रखते थे." उन्होंने आगे कहा, "मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि जो अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके बारे में बोलते समय थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं. उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के अंतिम दिनों को भी राजनीति से जोड़कर अपमानजनक हरकत की थी." हर बात में झूठ, कांग्रेस कब सुधरेगी: अनुराग ठाकुर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की हर बात झूठ है. हर साल झूठ बोलते हैं, वो सुधर नहीं सकते. रोज एक नया झूठ. कांग्रेस कब तक झूठ की राजनीति करेगी? अरुण जेटली बड़े नेता थे. उनका निधन 2019 में हुआ और कृषि कानून 2020 में संसद में आया. कितने झूठ बोलेंगे राहुल गांधी? जब जेटली जी 2019 में ही गुजर गए, तो वो उनसे 2020 में मिलने कैसे आ सकते हैं? राहुल गांधी को अरुण जेटली के परिवार … Read more

पहलगाम हमले का लिया बदला, PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को महादेव को किया समर्पित

 लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंच गए हैं, जहां वह कुछ देर में करीब 2,183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी जारी की. बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन से पहले सावन के महीने में उनका ये दौरा पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देगा. इस मौके पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं. जब 22 अप्रैल पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. 26 निर्दोष लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी गई. उनके परिवार की पीड़िता उन बच्चा का दुख और उन बेटियों की वेदना, मेरा मन बहुत दुख से भर गया था. तब मैं बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना कर रहा था कि उन्हें ये दुख सहन करने की शक्ति दे. मैंने जो वचन दिया था वो भी पूरा हुआ ये महादेश के आशीर्वाद से पूरा हुआ है.' साथियों इन दिनों जब काशी में गंगा जल लेकर जाते हुए शिव भक्तों की तस्वीरें देखने का अवसर मिल रहा है और खास कर जब हमारे यादव बंधु बाबा का जलाभिषेक करने निकलते हैं तो वो बहुत ही मनोरम दृश्य होता है. आज काशी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है. इस बारे में बोलते हुए पीएम ने कहा, 'जब काशी से धन जाता है तो वो अपने आप में प्रसाद बन जाता है. 21 हजार करोड़ रुपये किसाने के खाते में जमा कर दिए हैं.' पीएम ने कहा कि पहले के सरकारों में किसानों के नाम पर एक घोषणा भी पूरी होना मुश्किल थी, लेकिन बीजेपी सरकार जो कहती है वो करके दिखाती हैं. आज पीएम किसान सम्मान निधि सरकार के पक्के इरादों की उदाहरण बन गई है. किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देशभर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को 20,500 करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए. इसके बाद पीएम ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए. पीएम ने दृष्टिबाधित छात्रा बबली को लो विजन का चश्मा भेंट किया और छात्रा से बातचीत की. इसके बाद पीएम ने संतोष कुमार पांडे व्हीलचेयर प्रदान की.  इन प्रमुख परियोजनाओं का PM करेंगे उद्घाटन     वाराणसी-भदोही सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (269.10 करोड़)     मोहनसराय-अडलपुरा मार्ग पर ROB का निर्माण (42.22 करोड़)     PAC रामनगर में बहुउद्देशीय सभागार (2.54 करोड़)     CSR के तहत 8 मिट्टी घाटों का पुनर्विकास (22 करोड़)     कालिका धाम मंदिर पर्यटन विकास (2.56 करोड़)     लालपुर स्टेडियम में हॉकी मैदान का पुनर्निर्माण (4.88 करोड़)     तिलमापुर में रंगीला दास कुटिया के पास घाट का निर्माण (1.77 करोड़)     पशु जन्म नियंत्रण और डॉग केयर सेंटर (1.85 करोड़)     53 विद्यालय भवनों की मरम्मत (7.89 करोड़)     कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना (73.30 करोड़)     जल जीवन मिशन के तहत 47 पेयजल योजनाएं (129.97 करोड़)     दुर्गाकुंड का जीर्णोद्धार (3.40 करोड़)  

प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने ठोका 5 लाख का जुर्माना

बेंगलुरु कर्नाटक की बेंगलुरु कोर्ट ने जेडीएस से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के मामले में दोषी करार देने के बाद उम्रकैद की साल की सजा सुनाई है। एक दिन पहले बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को दोषी करार दिया था। जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में घरेलू नौकरानी से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौकरानी की उम्र 47 साल थी। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना के ऊपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिछले साल प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स टेप की पेनड्राइव सुर्खियों में आई थी। इसके बाद उनके महिलाओं के साथ वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने अपनी घरेलू सहायिका के साथ रेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्‍वल रेवन्‍ना पर अदालत ने 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने प्रज्‍वल रेवन्‍ना को अधिकतम सजा सुनाई है. प्रज्‍वल रेवन्‍ना को 48 साल की महिला के यौन उत्‍पीड़न से जुड़े मामले में यह सजा सुनाई गई है. यह महिला घरेलू सहायिका थी. उनके खिलाफ यौन उत्‍पीड़न और इस कृत्य का वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया था. हासन जिले के होलेनरसीपुरा में रेवन्ना परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली महिला ने आरोप लगाया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 2021 से उसके साथ बार-बार रेप किया. साथ ही इस दौरान रिकॉर्डिंग भी की और धमकी दी कि अगर उसने किसी को भी अपने किए के बारे में बताया तो वह वीडियो जारी कर देगा. पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी हासन से जेडीएस के सांसद रह चुके प्रज्वल रेवन्ना को पिछले सात 31 मई को अरेस्ट किया गया था। रेवन्ना की गिरफ्तारी बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद हुई थी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पीड़ित महिलाओं ने रेप के दर्ज कराए थे। रेवन्ना को बेंगलुरु की कोर्ट ने पहले मामले में सजा सुनाई है। कोर्ट में जब रेवन्ना को दोषी करार दिया गया तो परिवार की तरफ से कोई मौजूद नहीं रहा। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। 2144 पेज की चार्जशीट कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने पिछले साल अगस्त में जांच के बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 2144 पेज की बड़ी चार्जशीट दाखिल की थी। यह यौन उत्पीड़न और रेप के मामलों के लिए की गई थी। प्रवज्ल रेवन्ना ने घर में काम करने वाली महिलाओं का यौन शोषण किया था। प्रज्वल रेवन्ना के तमाम महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में 26 अप्रैल को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस घटनाक्रम ने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया था। सियासी बवंडर के बीच जहां रेवन्ना विदेश चले गए थे। 31 मई को जर्मनी से लौटने पर उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया गया था। कैसे खुला मामला प्रज्वल रेवन्ना का पूरा कांड साल 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान खुला। 24 अप्रैल 2024 की सुबह हासन स्टेडियम के रनिंग ट्रैक पर सैकड़ों पैन ड्राइव मिले। जिसमें पूर्व सांसद से जुड़े 3 हजार सेक्स क्लिप थे। देखते ही देखते अश्लील वीडियो कर्नाटक सहित देश भर में वायरल होने लगे। रेवन्ना का ताल्लुक देश के बड़े सियासी परिवार से है। जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगोड़ा देश के प्रधानमंत्री रहे। चाचा कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। पिता राज्य में कद्दावर मंत्री रहे। रेवन्ना खुद हासन सीट से सांसद रहा। लिहाजा मामले ने तुरंत राजनीतिक तूल पकड़ लिया। लोकसभा चुनाव होने के कारण जनता दल सेक्युलर और उसकी सहयोगी पार्टी BJP पर कांग्रेस व अन्य दलों ने जमकर हमला बोला। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कर्नाटक पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद एक बाद एक करके 50 से अधिक युवतियां व महिलाएं सामने आई। उन्होंने रेवन्ना के दुराचार की बात देश के सामने रखी। रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। कर्नाटक पुलिस ने आरोपी रेवन्ना के खिलाफ 4 मामले दर्ज किए। रेप केस में नाम आने पर जर्मनी भाग गया रेवन्ना मामले का वीडियो सामने आने के बाद आरोपी प्रज्ज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार करने के लिए कर्नाटक पुलिस पर दवाब बढ़ने लगा। गिरफ्तारी के डर से प्रज्ज्वल जर्मनी भाग गया। 31 मई 2024 को वह भारत लौटा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कर्नाटक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हासन सीट से करना पड़ा हार का सामना यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद देवेगौड़ा परिवार की सियासी रसूख पर भी बट्टा लग गया। रेवन्ना हासन सीट से हार गया। कांग्रेस के श्रेयस पटेल ने जीत दर्ज की। साड़ी में मिला शुक्राणु, खुद के बनाए वीडियो से फंसा पीड़िता प्रज्ज्वल के यहां काम करती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साल 2021 में प्रज्ज्वल ने दो बार उसका रेप किया। पूर्व सांसद के कृत्य की पुष्टि रेप पीड़िता के साड़ी से हुई। पीड़िता की साड़ी से प्रज्ज्वल का DNA मिला। पीड़िता ने कहा कि जब उसका वीडियो वायरल हुआ तो वह पुलिस के पास पहुंची। पीड़िता ने 28 अप्रैल 2024 को रेवन्ना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का रेप वाला वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा। फॉरेंसिक की जांच में वीडियो फुटेज में दिख रहा व्यक्ति और रेवन्ना एक ही शख्स है। इसकी पुष्टि हुई। दोषी साबित होती फूट-फूटकर रोने लगा रेवन्ना बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने 1 अगस्त को जैसे ही प्रज्वल के दोषी होने का फैसला सुनाया, कर्नाटक के सबसे ताकतवर परिवार से आने वाला प्रज्वल फूट-फूटकर रोने लगा। पीड़िता की ओर से केस लड़ने वाले वकील अशोक नायक ने कहा कि विक्टिम का बयान बहुत मजबूत था। यह केस चार साल पुराना था। इसलिए भी आरोपी दोषी साबित करना जटिल था। नायक ने कहा कि सबूत और पीड़िता के गवाह के आधार पर कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी पाया। भारत में रेप के मामले … Read more