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स्विमिंग पूल निर्माण में अनियमितता के प्रकरण पर होगी सख्त कार्रवाई

बुरहानपुर  आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने बुरहानपुर नगर निगम में स्विमिंग पूल निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आयुक्त नगर निगम बुरहानपुर को निर्देशित किया है कि उक्त प्रकरण में संदिग्ध पाए गए सेवानिवृत्त उपयंत्री सगीर अहमद एवं उपयंत्री अमित गंगराड़े से जांच में पूर्ण सहयोग प्राप्त किया जाए। दोनों से यह अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित समयावधि में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। नगरीय प्रशासन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उक्त अधिकारी जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करते हैं, तो जांच प्रक्रिया को एकपक्षीय रूप से आगे बढ़ाया जाये। इसी क्रम में, नगर निगम बुरहानपुर में वर्तमान में पदस्थ उपयंत्री अशोक पाटिल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। आयुक्त भोंडवे का कहा है कि नगरीय कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिये नवाचार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगरीय क्षेत्रों में आम जनता की सहभागिता बढ़ाने के लिए एक नवाचार की शुरुआत की है। इसके तहत, उन नागरिकों से आवेदन मंगाए गए हैं जो सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम जैसे निर्माण कार्यों में दक्षता रखते हैं। नगरीय प्रशासन आयुक्त ने इस पहल के बारे में बताते हुए कहा कि, यह पहल नगरीय निकायों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। नागरिकों की सहभागिता से कार्यों में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय लोगों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। इच्छुक नागरिक अपने आवेदन को ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन भेजने के लिए ई-मेल आईडी enc@mpurban.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। नगरीय विकास आयुक्त ने यह भी आशा व्यक्त की कि यह कदम राज्य के नगरीय विकास में सुधार लाएगा और नागरिकों को अधिक सक्रिय रूप से शामिल करने में मदद करेगा।    

रायपुर से जबलपुर के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन 3 अगस्त से, सफर होगा आसान

रायपुर छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्र में बताया कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में 44,657 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकार्ड 6,925 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण है। छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश के बीच आवागमन होगा आसान रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। इससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है। रीवा-पुणे के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन भारतीय रेलवे की ओर से मध्य प्रदेश के रींवा और महाराष्ट्र के पुणे के मध्य एक नए एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस नए ट्रेन का संचालन 3 अगस्त से किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

उत्तर छत्तीसगढ़ में बिगड़ा मौसम, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ में एक बार फिर तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ने की संभावना है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटों में सभी संभागों में बारिश हुई। इस दौरान राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा। कुछ प्रमुख बारिश वाले स्थानों में खरपसिया, अड़भार, कटघोरा, सक्ती (20 मिमी), मुंगेली, बम्हनीडीह, नया बाराद्वार, खड़गांव, भोपथरा, डभरा, जैजैपुर, मोहला आदि शामिल हैं, जहां 10 मिमी के आसपास वर्षा हुई है। इसलिए बदल रहा मौसम का मिजाज मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय श्रीगंगानगर से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला है। इसी कारण प्रदेश में नमीयुक्त हवाएं आ रही हैं, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 48 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, और अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

बारिश बनी मुसीबत: नागौर में नेशनल हाईवे तीसरी बार बंद, स्कूलों में ऐहतियातन छुट्टी

जयपुर मानसून की टर्फ लाइन उत्तर की तरफ शिफ्ट होने से राजस्थान में भारी बारिश झेल रहे जिलों में अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं उत्तरी क्षेत्रों में अब भारी बारिश का प्रभाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को गंगानगर और हनुमानगढ़ में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। हनुमानगढ़ के गोलूवाला में 6 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा तारानगर (चूरू) में 185 मिलीमीटर दर्ज की गई। पूर्वानुमान है कि आगामी 5-6 दिन मानसून टर्फ लाइन के सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राज्य के उत्तरी व उत्तर-पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेगी, वहीं दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। राजस्थान में लगातार हो रही बारिश ने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागौर में बीते 12 दिनों में तीसरी बार नेशनल हाईवे बंद करना पड़ा है। 11 जिलों के स्कूलों में छुट्टी आईएमडी ने आज प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 12 जिलों में स्कूलों  में अवकाश घोषित कर दिया है। इसमें झालावाड़, बारां, टोंक, डीग, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा और कोटपूतली-बहरोड़ शामिल हैं। इसके अलावा कोटा में शनिवार को क्लास एक से 12वीं तक के स्कूलों में बच्चों की छुट्टी रहेगी, जबकि स्टाफ यथावत कार्य करेंगे। कलेक्टर पीयूष समारिया ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए, जो सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 953.2 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 324.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 580.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 553.5 मि.मी., गरियाबंद में 496.1 मि.मी., महासमुंद में 536.3 मि.मी. और धमतरी में 498.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 671.6 मि.मी., मुंगेली में 678.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 778.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 849.9 मि.मी., कोरबा में 681.7 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 620.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 579.2 मि.मी., सक्ती में 721.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 506.5 मि.मी., कबीरधाम में 471.8 मि.मी., राजनांदगांव में 551.8 मि.मी., बालोद में 591.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 790.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 450.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 443.9 मि.मी., सूरजपुर में 775.3 मि.मी., जशपुर में 705.8 मि.मी., कोरिया में 711.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 674.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 723.2 मि.मी., कोंडागांव में 477.8 मि.मी., नारायणपुर में 592.2 मि.मी., बीजापुर में 803.9 मि.मी., सुकमा में 494.4 मि.मी., कांकेर में 642.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 662.0 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर कहर: 20 महीने में 445 ढेर, 1554 की गिरफ्तारी

रायपुर प्रदेश में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले 20 महीने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी मारे गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में दी। संसद भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार की समन्वित विकास और सुरक्षा नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया। अमृत रजत महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

इतिहास में दूसरी बार बीजेपी के 100+ सांसद राज्यसभा में, कांग्रेस पीछे छूटी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत बीजेपी सरकार को संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा से एक बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है. आगामी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी ने राज्यसभा में 100 का आंकड़ा फिर से पार कर लिया है, जो पार्टी के लिए सियासी तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है. बीजेपी की ताकत अब 102 सांसदों तक पहुंच गई है, जो कि अप्रैल 2022 के बाद पहली बार हुआ है. यह बढ़त तीन नामित सदस्यों के बीजेपी में शामिल होने से मिली है- शीर्ष वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और केरल के समाजसेवी सी सदानंदन मास्टर… बीजेपी ने दूसरी बार पार किया 100 का आंकड़ा राज्यसभा की मौजूदा ताकत 240 सांसदों की है, जिसमें 12 नामित सदस्य भी शामिल हैं और 5 सीटें खाली हैं. ऐसे में बीजेपी के पास अकेले 102 सांसद हैं, जबकि एनडीए गठबंधन की कुल संख्या बढ़कर 134 हो गई है, जो बहुमत के लिए जरूरी 121 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. 31 मार्च, 2022 को 13 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद बीजेपी भारतीय इतिहास में संसद के ऊपरी सदन में 100 से अधिक सांसदों वाली दूसरी पार्टी बन गई थी. तब बीजेपी की संख्या 97 से बढ़कर 101 हो गई थी. कांग्रेस को 1988 और 1990 के बीच यह गौरव प्राप्त था. कौन हैं ये तीन नए चेहरे? उज्ज्वल निकम: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में अजमल कसाब को सज़ा दिलवाने वाले स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर. 2016 में पद्मश्री से सम्मानित. 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर उतरे थे, हालांकि हार गए थे. हर्षवर्धन श्रृंगला: 2020 से 2022 तक भारत के विदेश सचिव रहे. वह G20 समिट 2023 के चीफ कोऑर्डिनेटर भी रहे हैं. अमेरिका और बांग्लादेश में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं. सी सदानंदन मास्टर: केरल के चर्चित समाजसेवी और शिक्षक. 1994 में हिंसा में उनके पैर काट दिए गए थे, आरोप सीपीएम कार्यकर्ताओं पर लगे थे. 2016 में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. एक और नामित सदस्य – मीना मेनन इन तीनों के साथ नामित हुईं राजनीतिक इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन को भी बीजेपी के विचारों के करीब माना जाता है. वे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) की सदस्य रह चुकी हैं और 2020 में उन्हें भी पद्मश्री से नवाजा गया था. क्या है इसका मतलब? राज्यसभा में 102 सांसदों के साथ बीजेपी अब संसद के दोनों सदनों में मजबूत पकड़ रखती है. इसका सीधा असर कानूनों के पारित होने में रफ्तार, नीतियों के लागू होने में सुगमता और राजनीतिक दबदबे में दिखेगा. 2024 के बाद पीएम मोदी की तीसरी पारी में यह संसदीय मजबूती उनके लिए ‘नीतिगत सुधारों’ को तेज़ी से लागू करने का रास्ता खोलती है. राज्यसभा से आई यह खुशखबरी मोदी सरकार के लिए न सिर्फ सांसदों की गिनती में बढ़त है, बल्कि एक राजनीतिक संकेत भी है- सरकार अब और सरपट दौड़ने को तैयार है!

रायपुर की धरती के नीचे छुपा है 2100 साल पुराना इतिहास, खुदाई में मिले चौंकाने वाले साक्ष्य

रायपुर महादेव घाट के पास गिरिजा शंकर स्कूल के पीछे लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने का दावा किया जा रहा हैं। एक निजी जमीन को समतल करते समय यह खोज हुई। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने इस क्षेत्र को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। मार्च महीने में एक निजी मालिक अपनी 36 एकड़ जमीन को समतल करवा रहे थे। तभी खुदाई के दौरान उन्हें एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं। इधर, जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच के बाद एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति ने पूरे क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण किया और अपनी रिपोर्ट कलेक्टर व राज्य सरकार को सौंपी। समिति की रिपोर्ट के अनुसार यह स्थल ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां जमीन के 30 फीट नीचे महल और किले जैसी और भी कई प्राचीन संरचनाएं मिलने की संभावना है। इसी वजह से प्रशासन ने इस जमीन पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। 2,100 साल पुरानी सभ्यता के संकेत शुरुआत में मिले अवशेषों को देखकर अधिकारियों ने इसे कलचुरी काल (लगभग 1,000 साल पुराना) का माना था। हालांकि बाद में मिले और भी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद यह स्थल 2,100 साल से भी अधिक पुराना है। यह खोज रायपुर में रींवा की तरह ही एक बड़ी पुरातात्विक उपलब्धि साबित हो सकती है। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह जगह कभी एक टीले के रूप में रही होगी। क्योंकि यह खारुन नदी के तट पर स्थित है। प्राचीन सभ्यताओं में लोग अक्सर नदी किनारे ही बसते थे। इसलिए यह संभावना बहुत अधिक है कि इस जगह पर कोई प्राचीन बस्ती या शहर बसा हुआ था। जमीन को हैंडओवर करने की तैयारी खुदाई का काम शुरू करने के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन-प्रशासन से इस 36 एकड़ जमीन को अपने अधिकार में लेने की मांग की है। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र भी भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार जमीन के मालिक यानी निजी बिल्डर यहां निर्माण कार्य शुरू करने पर अड़े हुए हैं। वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उन्हें काम करने की अनुमति मिल जाए। महादेव घाट के पास लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने की संभावना है। क्योंकि यहां एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं।- प्रताप पारख, उप संचालक, पुरातत्व विभाग

रीवा-पुणे एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, जानें यात्रा का शेड्यूल और स्टॉपेज

रीवा रेल यात्रियों के लिए एक खुशी की खबर आ रही है। भारतीय रेलवे  ने रीवा-पुणे-रीवा एक्सप्रेस शुरू कर रहा है जो पुणे और रीवा के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली पहली ट्रेन होगी। वर्तमान में दोनों स्टेशनों के बीच अप्रत्यक्ष कनेक्टिविटी उपलब्ध है, लेकिन अब यह ट्रेन इन दोनों स्थानों के बीच यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉप रीवा एक ऐतिहासिक और शैक्षिक केंद्र के अलावा एक पर्यटन केंद्र भी है, जहां केवटी और बहुती झरने, व्हाइट टाइगर सफारी आदि आकर्षण हैं। सीआर के एक अधिकारी ने बताया कि यह ट्रेन महाराष्ट्र के पुणे, दौंड, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, वर्धा, नागपुर और गोंदिया शहरों और मध्य प्रदेश के बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी, सतना और रीवा को जोड़ने वाले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी। ट्रेन का समय ट्रेन संख्या 20152 रीवा-पुणे एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को रीवा स्टेशन से सुबह 06.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09.45 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 20151 पुणे-रीवा एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को शाम 5.15 बजे पुणे स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन शाम 5.30 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।

यूपी वालों के लिए अलर्ट! आज इन इलाकों में तेज बारिश के आसार, घर से निकलने से पहले जानें मौसम का हाल

लखनऊ उत्तर प्रदेश का मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रूक-रूककर बारिश हो रही है। अगस्त महीने में एक बार फिर बारिश रफ्तार पकड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तीन अगस्त से पांच अगस्त के बीच राज्य के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं आज राज्य के दो दर्जनों जिलों में जमकर बादल बरसने वाले है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज राज्य के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 51 जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना नहीं है। कल यानी 3 अगस्त को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक कल यूपी के बस्ती, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, संतकबीर नगर, सीतापुर, गाजीपुर, गोंडा हराइच, गोरखपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़ और बलिया जिले में भारी बारिश का अलर्ट है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। आगरा, पीलीभीत, शामली, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर,  हापुड़, महामायानगर, सहारनपुर, ज्योतिबाफुले नगर, बागपत, मुरादाबाद, बुलंदशहर, संभल, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मेरठ, बरेली में जमकर बादल बरसे थे।