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मुख्यमंत्री साय की दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग, बस्तर और विकास एजेंडे पर मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।  

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान बने खाबो-बने रहिबो

एमसीबी   वरिष्ठ खाद्य अधिकारी के जानकारी अनुसार  राज्य शासन एवं श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आई.ए.एस.) नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य जनित बीमारियों, संक्रमण की रोकथाम एवं जन-सामान्य को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराए जाने हेतु विभाग प्रतिबद्ध है। स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, हैण्डलर, खाद्य सेवा प्रदायकर्ताओं से विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित हैंडलिंग, खाद्य पदार्थ की स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता, ताजे एवं स्वच्छ भोजन जन-सामान्य को परोसे जाने की अपेक्षा की जाती है। उक्त निर्देश के परिपालन में 04 अगस्त, 05 अगस्त एवं 06 अगस्त 2025 को "बने खाबो-बने रहिबो" अभियान के तहत व्यापक तौर पर राज्य के संपूर्ण जिले के साथ जिला-मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्ट्रीट फूड वेन्डर्स एवं खाद्य बनाकर परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंटों एवं मिठाई दुकानों का सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।

50 साल पुरानी भारतीय डाकघर की रजिस्ट्री को अलविदा

बाय ,,,,,, बाय ,,,,,,, रजिस्ट्री एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ कभी यही रजिस्ट्री हमारे रिश्तों, खबरों और सरकारी कामों की सबसे बड़ी गवाह हुआ करती थी।वही  सात समुन्द्र पार मीलों का सफ़र तय कर, डाकिया घंटी बजाता और दरवाजे मे दस्तक के साथ लाता था — विश्वास और भरोसे की मुहर। आज आधुनिक  तकनीक  ने डाकघर की उस पुरानी रजिस्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। जैसे ई-मेल, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन सेवाओं ने उसके महत्व को कम कर दिया। फिर भी, 50 साल पुरानी वह रजिस्ट्री केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और इतिहास की याद है। हमारी चिट्ठी पत्री पहुँचाने का सबसे किफायती और भरोसेमंद साधन है लेकिन इसकी एक सर्विस के माध्यम से लीगल नोटिस और महत्त्वपूर्ण सरकारी फरमान के लिए इससे भरोसे की कोई सर्विस नही है।  मगर आगे से ऐसा नहीं होगा. भारतीय डाक विभाग ने अब अपनी 50 साल से भी अधिक पुरानी प्रतिष्ठित सेवा को समाप्त (india says goodbye to respected postal tradition) करने की घोषणा कर दी है. एक सितंबर से नागरिक अपने पार्सल को विश्वसनीय और सस्ती रजिस्ट्री के माध्यम से नहीं भेज पाएंगे. फिर क्या होगा ? बताते हैं। स्पीड पोस्ट से स्पीड मिलेगी वंही एमसीबी जिला के निवासी अधिवक्ता संजय गुप्ता ने बताया की भारतीय डाक विभाग ने इस सेवा को अपनी महंगी स्पीड पोस्ट सेवा में विलय करने का आदेश जारी कर दिया है. तथा  अब हर पार्सल या कागज पत्री पर मोटा-माटी दोगुना 'लगान' देना होगा. उदाहरण के लिए, अब तक जो 20 ग्राम का पार्सल लगभग 26-27 रुपये में रजिस्ट्री हो जाता था, उसे स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए 41 रुपये चुकाने होंगे, जो लगभग 75 फीसदी ज्यादा हुआ. जिसकी वजह से आम जन को उक्त सेवा के लिए अतिरिक्त राशि चुकाने पर सेवा प्राप्त होगी।  तो आइए कहें – “धन्यवाद भारतीय डाक, धन्यवाद रजिस्ट्री… अब वक्त है आपको बाय-बाय कहने का।”…….

जिला एम सी बी के स्काउट्स एवं गाइड्स साहसिक शिविर जलकी सिरपुर में हुए शामिल

एमसीबी भारत स्काउट्स एवम गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ सोमनाथ यादव एवम राज्य सचिव कैलाश सोनी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़  शासन स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से साहसिक प्रशिक्षण संस्थान सिरपुर ग्राम जलकी जिला महासमुंद  में पर्वतारोहण,  व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर 28  से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी सह पदेन जिला आयुक्त स्काउट आर.पी.मिरे के आदेशानुसार ,राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शैलेन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन एवम  जिला संगठन आयुक्त स्काउट दान बहादुर सिंह  के नेतृत्व में एमसीबी जिला के तीनों विकास खंड खड़गवां, मनेन्द्रगढ़ ,भरतपुर से 15 स्काउट 15 गाइड एव प्रभारी गाइडर सुमित्रा यादव के साथ सम्मिलित हुए। इस साहसिक प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत स्काउट्स एवम गाइड्स ने जलकी  में स्थित एडवेंचर पॉइंट्स मंकी ब्रिज,सस्पेंसन ब्रिज,बैलेंसिंग रोप,नौका विहार आदि   साहसिक गतिविधियां किये।  साथ ही सिरपुर संग्रहालय का भ्रमण  करके पुरातात्विक धरोहरों का अवलोकन किये,,लक्ष्मणेश्वर मंदिर,गंधेश्वर मंदिर ,युधिष्ठिर मंदिर का भ्रमण करते हुए स्थानीय निवासियों के जीवन शैली के बारे में जानकारी प्राप्त किये।शिविर में   सेजेस खड़गवां से अजय,महेश,सतेंद्र,साहित्य हाई स्कूल मझौली से सरसती,अंशिका हायर सेकंडरी स्कूल उधनापुर से विनोद कुमार,आकाश कुजूर शा  कन्या उ मा विद्यालय चिरमिरी से गौरी मनहर,सीमा प्रजापति ,हाई स्कूल बंजारीडाँड़ से संजना राजवाड़े,प्रीति सिंह, शा उ मा विद्यालय बुंदेली से हर्षित टोप्पो,कुलदीप सिंह ,शा उ मा विद्यालय नागपुर से ओम जायसवाल, दुर्गेश साहू ,शा हाई स्कूल भल्लोर से प्रिया,दुर्गावती ,शा कन्या उ मा विद्यालय (शिवि) मनेन्द्रगढ़ से  नंदनी सिंह, सुलोचनी सिंह ,सिमरन एक्का सेंट जोसेफ झगराखण्ड से प्रिंस जांगड़े,आदित्य मोहन बियानी उ मा विद्यालय कलम बड़ेरी से लालिमा सिंह, रेशमा वर्मा, लक्ष्मण सिंह न्यू लाइफ उ मा विद्यालय जनकपुर से सत्येंद्र यादव,कमलेश चौधरी,काजल पांडेय,रुचि यादव  शामिल हुए।  इस शिविर में  छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 97 प्रतिभागी शामिल हुए जिसमें सफलता पूर्वक शिविर सम्पन्न करके सभी प्रतिभागियों के वापसी होने पर जिले के  तीनों विकास खंड शिक्षा अधिकारी खड़गवां,मनेन्द्रगढ़ एवम भरतपुर  बलविंदर सिंह,  श्री गोपाल कृष्णा दुबे एवं  इस्माइल खान ,सहायक राज्य संगठन आयुक्त  जेरमिना एक्का जिला संघ एम सी बी के जिला मुख्य आयुक्त राजकुमार गुप्ता, जिला सचिव अशोक साहू जिला आयुक्त गाइड रश्मि रानी गुप्ता,जिला संगठन आयुक्त गाइड सोनम कश्यप जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शान्तनु कुर्रे ,प्राचार्य गण ,पालकों सभी यूनिट लीडर्स श्री सत्येंद्र सिंह व टी विजय गोपाल राव ने बधाई एवम शुभकामनाएं प्रेषित की।

ऑनलाइन गेम के पैसे कटे, मां से डरा 12 साल का बच्चा… इंदौर में फांसी लगाकर दी जान

इंदौर  इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 12 साल के एक बच्चे ने ऑनलाइन गेम के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक बच्चा आठवीं क्लास का छात्र था और ऑनलाइन गेम खेलने का शौकीन था. इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है. जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई को बच्चा अपने घर पर अपनी मां के मोबाइल पर गेम खेल रहा था. इसी दौरान उसकी मां के खाते से 3000 रुपये कट गए. जब मां को इसका पता चला, तो उन्होंने बेटे को समझाया, लेकिन बच्चे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुपचाप अपने कमरे में चला गया. काफी देर तक जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिजनों को कुछ संदेह हुआ. उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया. अंदर का नजारा देखकर चीख-पुकार मच गई। बच्चे ने पंखे से लटककर फांसी लगा ली थी. परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 30 जुलाई को ही घर में बच्चे का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया था. इसके बाद किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन घर में मातम छा जाएगा. घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी. जांच अधिकारी राजेश जैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण ऑनलाइन गेम और पैसों का ट्रांजेक्शन सामने आया है. वहीं, मृतक के ताऊ ने सरकार से अपील की है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए ऑनलाइन गेम्स पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए.

नशे की बड़ी खेप जब्त, ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे 50 लाख का माल

फिरोजाबाद एएनटीएफ और फिरोजाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 लाख रुपये की अफीम डोडा की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने नशे के 2 सौदागरों को गिरफ्तार किया है. तस्कर बिहार से नशे की खेप लेकर आते थे और हरियाणा में इसकी सप्लाई करते है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. फिरोजाबाद के एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना रसूलपुर पुलिस और एएनटीएफ यूनिट आगरा की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा पोस्त के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रक की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है. कुल बरामदगी 70 लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि मुसलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, थाना होडल, जिला पलवल (हरियाणा), उम्र 28 वर्ष, बलराम कुमार पुत्र सिताराम, निवासी ग्राम हरनाही, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार), उम्र 27 वर्ष को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. तस्कर कार्बन की बोरियों में ट्रक की केबिन के ऊपर छिपाकर त्रिपाल से ढ़ककर तस्करी कर रहे थे. टीम ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की. पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि यह खेप उनके गिरोह के लीडर ज्ञानी सिंह द्वारा बिहार के गया से मंगवाई गई थी, जिसे हरियाणा के पलवल निवासी असलम खां को पहुंचाया जाना था. असलम फुटकर बिक्री करता है. गिरोह बिहार से सस्ते दाम पर डोडा पोस्त खरीदकर 4-5 गुना मंहगे रेट पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बेचता था. पुलिस अब इस मामले में असलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, होडल, पलवल (हरियाणा),ज्ञानी सिंह पुत्र गंधारी सिंह, निवासी हरनाही, बाराचट्टी, गया (बिहार) की तलाश कर रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस अब गिरोह के बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना रसूलपुर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

ठगी की दुल्हन का खुलासा: 8 निकाह, कई ठगी केस, 9वीं शादी से पहले गिरफ्तारी

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां पुलिस ने एक ऐसी ‘लुटेरी दुल्हन’ को गिरफ्तार किया है जिसने एक-दो नहीं बल्कि आठ लोगों से पहले बारी-बारी से शादी की और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए. पुलिस के अनुसार ये लुटेरी दुल्हन अपने अगले ‘शिकार’ की तलाश में थी. इससे पहले की वह अपना अगला शिकार कर पाती, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी लुटेरी दुल्हन की पहचान समीरा फातिमा के रूप में की है. इस लुटेरी दुल्हन को पुलिस ने उस वक्त पकड़ा है जब वह अपने नौवें ‘शिकार’ के लिए किसी अन्य शख्स से चाय पर मिल रही थी. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी दुल्हन अपने पतियों को ब्लैकमेल करके उनसे पैठे ऐंठ रही थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.' एक गिरोह से जुड़ी हुई थी लुटेरी दुल्हन पुलिस की जांच में पता चला है कि समीरा फातिमा (लुटेरी दुल्हन) अपने अलग-अलग पतियों से पैसे ऐंठने के लिए एक गिरोह के साथ मिलकर काम कर रही थी. पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी समीरा शिक्षित है और पेशे से शिक्षिका है. पुलिस को शक है कि आरोपी लड़की ने बीते पिछले पंद्रह सालों में कई अन्य युवकों को भी ठगा है. वह मुस्लिम समुदाय के अमीर और शादीशुदा युवकों को निशाना बनाती है. वहीं, उसके पति का आरोप है कि उसने किसी से पचास लाख और किसी से पंद्रह लाख नकद या बैंक के ज़रिए वसूले हैं. उसने रिज़र्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी ऐसा ही किया है. ऐसे फंसाती थी प्रेम जाल में पुलिस के मुताबिक, फातिमा खुद को तलाकशुदा बताकर सहानुभूति हासिल करती और कहती, ‘मुझे सहारा दो, मैं दूसरी पत्नी बनकर रहूंगी’. इस बहाने वह पुरुषों से शादी करती और एक महीने के भीतर झगड़ा कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देती. कोर्ट केस और सेटलमेंट के नाम पर वह लाखों की रकम वसूलती थी. ऐसे हुआ खुलासा दरअसल, गुलाम पठान (पति) ने मार्च 2023 में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि 2010 से अब तक समिरा ने आठ शादियां कीं और तकरीबन 50 लाख रुपये ऐंठे हैं. पुलिस के पास 10 लाख रुपये की ठगी के पक्के सबूत हैं. वह झूठे आरोपों की धमकी देकर डराती थी और समझौते के नाम पर मोटी रकम ऐंठती थी. समिरा की तलाश में पुलिस भटकती रही, लेकिन आखिरकार सिविल लाइंस इलाके की एक टपरी पर चाय पीने आई महिला को दबोच लिया गया. पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार को उसकी पुलिस कस्टडी समाप्त हो रही है. गिट्टीखदान पुलिस अब उसके पुराने मामलों की छानबीन कर रही है. कई पुरुषों ने भी आगे आकर शिकायतें दर्ज कराने की बात कही है. पुलिस को शक है कि उसने और भी कई लोगों को शिकार बनाया है.

ऊर्जा मंत्री की ज़मीनी सख्ती: बारिश में निरीक्षण, भ्रष्ट लाइनमैन को मौके पर ही बर्खास्त

लखनऊ उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वे प्रदेश में विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जब राजधानी लखनऊ में तेज बारिश हो रही थी, उस समय बिना किसी पूर्व सूचना, बिना छाते, बिना सुरक्षा एस्कॉर्ट और बिना प्रोटोकॉल के मंत्री स्वयं निरीक्षण पर निकल पड़े। मंत्री शर्मा सीधे पहुंचे 1912 शिकायत नियंत्रण कक्ष, जहां वे बिना किसी औपचारिकता के अंदर गए और व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा। निरीक्षण के दौरान जब वे नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे, उसी समय बहराइच जिले के रणजीतपुर सब स्टेशन के अंतर्गत गंडेरियन पुरवा गाँव से एक उपभोक्ता का महिला कर्मी ने टोल फ्री के अंतर्गत कॉल रिसीव किया गया। उपभोक्ता ने बताया कि उनके यहाँ का बिजली कनेक्शन एक लाइनमैन ने काट दिया है और दो हजार रुपये की मांग कर रहा है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछताछ की और स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संबंधित लाइनमैन नेपाली को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। शिकायतों के निस्तारित में अनावश्यक विलंब इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री विधानसभा क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से बातचीत की और जाना कि क्षेत्र में कितनी शिकायतें लंबित हैं, उनका किस तरह से निस्तारण हो रहा है और किन स्तरों पर बाधाएं आती हैं। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों को निस्तारित करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। मंत्री ने निर्देश दिया कि दुर्घटना, भ्रष्टाचार, बार-बार की शिकायत, संवेदनशील उपभोक्ता, वीआईपी कॉल या तकनीकी बाधाओं से जुड़ी समस्याओं को ‘विशेष फ्लैगिंग कैटेगरी’ में चिन्हित किया जाए और उनका समाधान तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर होनी चाहिए ताकि कोई भी उपभोक्ता उपेक्षा का शिकार न हो। कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा 1912 टोल फ्री सेवा की समीक्षा करते हुए मंत्री ने वहाँ कार्यरत अधिकारियों, कॉल रिसीवरों और कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा आम जनता और विभाग के बीच सेतु है और इसका जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि “हमारे लिए उपभोक्ता सर्वोपरि हैं। मैं यह संकल्प ले चुका हूं कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, ढिलाई और उपेक्षा को खत्म करके एक उत्तरदायी और पारदर्शी प्रणाली तैयार करूंगा। जब तक यह विभाग जनहित की भावना से नहीं चलेगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।

आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: कुलगाम मुठभेड़ में एक दहशतगर्द मारा गया, ऑपरेशन जारी

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल क्षेत्र में  शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन अभी-भी जारी है. ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से हुई मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है. सेना को आशंका है कि अभी इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे हो सकते हैं. इस बारे में भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने जानकारी दी है. चिनार कॉर्प्स ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने आतंकियों की मौजूदगी का खुफिया इनपुट के आधार पर दक्षिण कश्मीर के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया और मुठभेड़ में एक आतंकी को ढेर कर दिया. सेना का कहना है कि इस इलाके में अभी दो से तीन आतंकियों के फंसे होने की आशंका है, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (LET) के आतंकवादी शामिल हो सकते हैं. सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी को और मजबूत कर लिया है और अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है, क्योंकि आतंकियों की ओर से रातभर से रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी की जा रही है. अभी ऑपरेशन जारी है.

किसानों को मिली राहत! पीएम मोदी ने ट्रांसफर की 20वीं किस्त, ऐसे करें स्टेटस चेक

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे। नहीं आया है पैसा तो क्या करें? जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल मिलते हैं 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं। कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा 1- भारतीय नागरिक होना चाहिए। 2- खेत होना चाहिए। 3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए। 4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए। 5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों। कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन 1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in 2- New Farmer Registration पर क्लिक करें। 3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें। 4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें। 5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।