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तकनीक के साथ बढ़ा अपराध: साइबर क्राइम के केस चार गुना बढ़े, महाराष्ट्र-यूपी सबसे ज्यादा प्रभावित

नई दिल्ली डिजिटल इंडिया के युग में साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है. गृह मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. पिछले चार वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल गिरफ्तारी, सेक्सटॉर्शन और साइबर हमलों के मामलों में 401 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. वर्ष 2021 में लगभग 4.5 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए थे. साल 2024 तक साइबर क्राइम के मामलों की संख्या 22 लाख से अधिक हो गई, जो कि पिछले आंकड़ों की तुलना में चार गुना से ज्यादा है. यह वृद्धि यहीं नहीं रुकी, क्योंकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 30 जून तक 12 लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो 2021 और 2022 के वार्षिक आंकड़ों को भी पार कर चुके हैं. इस संदर्भ में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के रूप में सामने आए हैं. इस वर्ष महाराष्ट्र में अब तक 1.6 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश 1.4 लाख मामलों के साथ दूसरे और कर्नाटक 1 लाख मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है. पिछले तीन वर्षों से ये तीनों राज्य साइबर क्राइम के मामले में सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं. इसके अलावा, पिछले चार वर्षों में गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक में साइबर अपराध में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसमें गुजरात में 824 फीसदी, ओडिशा में 783 फीसदी और कर्नाटक में 763 फीसदी का इजाफा हुआ है. बच्चों पर मंडराता सबसे बड़ा खतरा साइबर अपराध के मामले में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच तीन हजार से अधिक चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ स्टॉकिंग के 500 मामले भी सामने आए हैं. इन अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जहां 2021 में बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 32.5 प्रतिशत तक पहुंच गया. शेयर हो रही थी चाइल्ड पोर्नोग्राफी सोशल मीडिया, चैट रूम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अपराधों में वृद्धि देखी गई है. पिछले वर्ष, इंडिया टुडे की OSINT टीम ने ऐसे टेलीग्राम चैनलों का खुलासा किया, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी का बड़े पैमाने पर वितरण कर रहे थे. इस खुलासे के बाद, टेलीग्राम को इन अकाउंट्स को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा. भारत में हर मिनट 761 साइबर अटैक देश का सुरक्षा ढांचा लगातार साइबर हमलों का शिकार हो रहा है. डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में हर मिनट औसतन 761 साइबर हमले करने के प्रयास हुए. इनमें सबसे अधिक हमले स्वास्थ्य, आतिथ्य और बैंकिंग क्षेत्रों पर देखे गए हैं. पहलगाम हमले के बाद साइबर अटैक साल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत में साइबर हमलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई. इस अवधि में 15 लाख से अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जिनमें मुख्य रूप से देश के रक्षा, बिजली, दूरसंचार, वित्त और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया गया. जांच एजेंसियों के अनुसार, ये हमले पाकिस्तान और उसके सहयोगी हैकिंग समूहों द्वारा सुनियोजित तरीके से किए गए थे. ये है डिजिटल क्राइम का नया चेहरा भारत अब साइबर अपराध के एक अत्यंत गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है, जैसा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है. धोखाधड़ी और यौन शोषण जैसे अपराध आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि विदेशी हैकिंग नेटवर्क देश की रणनीतिक सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं.

लापता हुईं दो नाबालिग बहनें, पुलिस ने दर्ज किया मामला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को वह अपने रिश्ते के भाई के 6 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. दोनों भाई को स्कूल छोड़कर घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

नई जिम्मेदारी: अरुण चतुर्वेदी राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नियुक्त, ठकराल को सचिव पद

जयपुर राजस्थान में राज्य वित्त आयोग के पद पर पूर्व बीजेपी अध्यक्ष तथा वसुंधरा सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे अरुण चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। चतुर्वेदी के साथ एक पूर्व ब्यूरोक्रेट नरेश ठकराल को भी राजनीतिक नियुक्ति मिली है। वित्त विभाग में लंबे समय तक रह चुके ठकराल को राज्य वित्त आयोग में सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने देर रात अधिसूचना जारी कर दी। राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल एक अप्रैल 2025 से अगले डेढ़ वर्ष के लिए किया गया है। इस अवधि में यह राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। हालांकि डेढ़ वर्ष बाद भी सरकार आयोग का कार्यकाल बढ़ा सकती है। हर सरकार में आयोग के कार्यकाल की समय सीमा बढ़ाई जाती रही है। ये होंगे आयोग के काम राज्य वित्त आयोग मुख्य रूप से पंचायतों के लिए ग्रांट निर्धारित करता है। इसकी सिफारिशों के आधार पर ही सरकार पंचायतों को ग्रांट जारी करती है। इसके अलावा इसके अलावा पंचायतों में वित्तीय संसाधनों को विकसित करने के लिए टोल, शुल्क और टैक्स की दरें निर्धारित करने की सिफारिश भी कर सकता है। शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने का काम भी राज्य वित्त आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके अलावा 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्थानीय निकायों को दी जाने वाली सहायता राशि का समायोजन भी राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही किया जाता है। भजनलाल सरकार में यह पहली राजनीतिक नियुक्ति नहीं है, इससे पहले आरपीएससी, किसान आयोग, सैनिक कल्याण बोर्ड सहित कई अन्य बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां हुई हैं लेकिन अब तक किसी भी राजनीतिक नियुक्ति वाले पदाधिकारी को मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है। जबकि इससे पहले की सरकारों में राजनीतिक नियुक्तियों के साथ नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मंत्री का दर्जा दिए जाने के आदेश भी जारी किए जाते थे। क्या कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा? राज्य वित्त आयोग एक संवैधनिक संस्था है, यहां पर नियुक्ति होने वाले अध्यक्ष को लगभग हर सरकर में मंत्री का दर्जा दिया जाता रहा है। इससे पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाकर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। इसके साथ ही बीजेपी नेता अशोक लाहोटी को राज्य वित्त आयोग में सदस्य नियुक्त किया गया था। हालांकि मौजूदा सरकार ने चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है लेकिन उनके दर्जे को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

नौकरानी से दुष्कर्म मामले में पूर्व सांसद रेवन्ना को आज मिलेगी सजा

बंगलूरू कर्नाटक की विशेष अदालत द्वारा दुष्कर्म के एक मामले में दोषी करार दिए गए जनता दल सेक्युलर (जदएस) नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को आज सजा सुनाई जाएगी। विशेष अदालत के जज संतोष गजानन भट्ट शनिवार को सजा का एलान करेंगे। रेवन्ना के खिलाफ दुष्कर्म के चार मामले दर्ज हैं।   मामला 48 वर्षीय महिला से जुड़ा है, जो हासन जिले में रेवन्ना के परिवार के गन्निकाडा फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का पौत्र रेवन्ना 2021 में हासन के फार्महाउस और बंगलूरू स्थित अपने घर में महिला के साथ दो बार दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। उसने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया था। साथ ही धमकी दी थी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो वह वीडियो लीक कर देगा। पीड़िता की गवाही रही अहम विशेष सरकारी वकील अशोक नायक ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों से बयान लिए और 180 दस्तावेज जमा किए। मुख्य साक्ष्य पीड़िता का था, जो बहुत ही विश्वसनीय था। मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल ने सितंबर 2024 में 1,632 पेज का आरोपपत्र दायर किया था। इसमें 113 गवाहों के बयान शामिल थे। मामला कब समने आया? मामले तब प्रकाश में आए, जब प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित अश्लील वीडियो वाले पेन-ड्राइव कथित तौर पर हासन में 26 अप्रैल, 2024 को होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले प्रसारित किए गए। पिछले साल 31 मई को गिरफ्तार किया गया प्रज्वल रेवन्ना को पिछले साल 31 मई को जर्मनी से बंगलूरू हवाई अड्डे पर पहुंचने पर होलेनरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। 2024 के लोकसभा चुनावों में झेली हार रेवन्ना 2024 के लोकसभा चुनावों में हासन संसदीय क्षेत्र पर जीत हासिल करने में विफल रहे थे। उनके खिलाफ दर्ज मामलों के बाद जेडीएस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

अगस्त-सितंबर में मेघ करेंगे जमकर बरसात, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार

नई दिल्ली मानसून की बारिश से देश के अधिकांश हिस्सों में हाहाकार मचा है। खासतौर पर हिमालयी राज्यों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। पिछले दिनों से जारी भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जगह-जगह रास्ते टूटने से अमरनाथ यात्रा 3 सितंबर तक रोक दी गई है। जम्मू-कश्मीर के साथ ही हिमाचल प्रदेश में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कई मैदानी राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फिलहाल, कोई राहत भी नजर नहीं आ रही क्योंकि मौसम विभाग ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अगले सात दिन भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में आज भी बारिश की संभावना श्रीनगर में अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों से अमरनाथ यात्रा दो दिन और स्थगित कर दी गई है। दोनों मार्गों पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से लगातार दूसरे दिन तीर्थयात्रियों की आवाजाही स्थगित रही। इस वर्ष अब तक 4.05 लाख से अधिक यात्री पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू संभाग में भी कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। धुंध के कारण कई दिनों से कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा बाधित रही। भूस्खलन के कारण बुधवार रात उधमपुर में जखैनी से हाईवे को दूसरी लाइन पर घंटों डायवर्ट करके वाहनों को भेजना पड़ा। बसंतगढ़-रामनगर मार्ग पर मलबे के कारण तीसरे दिन भी आवाजाही बंद रही। शनिवार को भी केंद्र शासित प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में 6 तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान 2 और 3 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मेघालय और 3 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और बिहार में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 6 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण राज्य में 283 मार्ग अभी भी बंद हैं। इनमें चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। लाहौल और स्पीति जिले में मशेरन नाला में बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग को बंद करना पड़ा है। राज्य आपका संचालन केंद्र ने बताया कि 314 बिजली ट्रांसफार्मर और 221 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। झारखंड में घर गिरा, बच्चे की मौत झारखंड के दुमका जिले में भारी बारिश के कारण शुक्रवार सुबह एक घर के गिर जाने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई और उसकी 14 वर्षीय बहन घायल हो गई। यह घटना हंसडीह थाने के बामनखेटा गांव में हुई। स्थानीय लोगों ने बच्चों को मलबे से निकाला। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी बहन को इलाज के लिए देवघर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   राजस्थान के धौलपुर में मिनी ट्रक बहा राजस्थान के कई जिलों में भी पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे नदी-नाले उफान पर हैं। शुक्रवार को धौलपुर जिले में उफनती पार्वती नदी में एक मिनी ट्रक बह गया। इसमें उसके ड्राइवर और खलासी के मारे जाने की आशंका है। अभी तक दोनों लापता हैं और उनकी तलाश चल रही है। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी इलाके में बाइक सवार एक युवक की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। एहतियात के तौर पर नागौर जिले में प्रशासन ने लूनी नदी के जसनगर पुलिया पर लगभग छह इंच पानी भर जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-458 को बंद कर दिया है। भारी बारिश के कारण 16 जिलों में शुक्रवार को स्कूल भी बंद रहे।   दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण होगा सक्रिय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी अगस्त और सितंबर माह के लिए राहतभरी भविष्यवाणी की है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा लेकर आएगा। हालांकि पूर्वोत्तर और कुछ अन्य क्षेत्रों में कम बारिश की आशंका भी जताई गई है। प्रशांत और हिंद महासागर में समुद्री परिस्थितियों का अध्ययन इस पूर्वानुमान का आधार है। अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा 31 जुलाई को जारी आईएमडी के मासिक पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। विभाग ने इस बारिश को लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 106% से अधिक बताया है। यानी यह सामान्य वर्षा से भी बेहतर हो सकती है। हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का अनुमान है, लेकिन पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीपीय इलाकों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों 2021से 2025 में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में लगातार सामान्य से कम बारिश हुई हैऔर इस क्षेत्र में वर्षा में गिरावट का दीर्घकालिक रुझान देखा जा रहा है। अगस्त-सितंबर की वर्षा का औसत और संभावित वितरण 1971 से 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर अगस्त-सितंबर में औसतन 422.8 मिमी वर्षा होती है।आईएमडी का अनुमान है कि अगस्त 2025 के दौरान बारिश एलपीए के 94% से 106% के बीच रह सकती है। हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी भारत और पश्चिमी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है।  

सिराज की नई उड़ान: बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ा, एशिया में नंबर-1 गेंदबाज बने

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टेस्ट सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी का मेजबानों के पास कोई जवाब नहीं था। सिराज ने इंग्लैंड की पहली पारी में 4 विकेट चटकाए और इंग्लिश टीम को 247 रनों पर समेटने में मदद की। इस 4 विकेट हॉल के साथ सिराज ना सिर्फ मौजूदा IND vs ENG टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हैं, बल्कि वह इंग्लैंड में सबसे अधिक 4 विकेट हॉल लेने वाले भी नंबर-1 एशियाई गेंदबाज बने हैं। जी हां, उन्होंने इस मामले में जसप्रीत बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ा है। बुमराह ने इंग्लैंड में अभी तक 5 बार पारी में 4 विकेट चटकाए हैं। वहीं मोहम्मद सिराज के करियर में यह 6ठा मौका है जब उन्हें इंग्लैंड की सरजमीं पर एक पारी में 4 विकेट मिले हो। मोहम्मद सिराज ने इसी के साथ श्रीलंका और पाकिस्तान के लीजेंड्री गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन और वकार यूनुस की बराबरी की है। इन दोनों दिग्गजों के नाम भी इंग्लैंड में 6-6 चार विकेट हॉल दर्ज हैं। इंग्लैंड टेस्ट में सर्वाधिक 4 विकेट हॉल (एशियाई गेंदबाज) 6 – मोहम्मद सिराज* 6 – मुथैया मुरलीधरन 6 – वकार यूनिस 5- जसप्रीत बुमराह 5 – मोहम्मद आमिर 5- यासिर शाह बात मैच की करें तो, टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया पहली पारी में 224 रनों पर सिमट गई। इसके जवाब में इंग्लैंड 247 रन ही बोर्ड पर लगा सकी। भारत के लिए मोहम्मद सिराज के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने भी 4 विकेट लिए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत दूसरी पारी में 2 विकेट के नुकसान पर 75 रन बोर्ड पर लगा चुका है। यशस्वी जायसवाल अर्धशतक बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।  

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे ठप, मलबा हटाने में लगा तीसरा दिन भी

रुद्रप्रयाग मुनकटिया के समीप रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। एनएच और कार्यदायी संस्था दो जेसीबी व एक डोजर से दोतरफा मलबा साफ करने में जुटी है। यहां जमा टनों मलबा व बोल्डरों के साथ ही पहाड़ी से कई बार रुक-रुककर गिर रहे पत्थरों से कार्य में दिक्कत हो रही है। एनएच के अधिकारियों ने रात्रि तक हाईवे खुलने की उम्मीद जताई है। वहीं पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण करते हुए कार्मिकों का हौंसला बढ़ाया। बीते मंगलवार शाम करीब छह बजे राजमार्ग मुनकटिया के समीप भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया था। इसी रात को भारी बारिश से भूस्खलन का दायरा बढ़ गया था, जिससे हाईवे का काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही ऊपरी तरफ सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग का एक हिस्सा टूट गया था। टनों मलबा व बोल्डर जमा होने से हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया था, तब से एनएच और कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा साफ करने का काम किया जा रहा है। केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों को सोनप्रयाग भेजा जा रहा दूसरी तरफ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा अस्थायी पगडंडी बनाकर जंगल के रास्ते केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों को सोनप्रयाग भेजा जा रहा है। वहीं सोनप्रयाग से जा रहे स्थानीय लोगों को गौरीकुंड भेजा जा रहा है। राजमार्ग के बंद होने से पिछले तीन दिन से यात्रा बंद पड़ी है। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने रुद्रप्रयाग से मुनकटिया तक राजमार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएच और कार्यदायी संस्था के अधिकारी-कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कार्मिकों को स्वयं की सुरक्षा के साथ कार्य करने को कहा। राजमार्ग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि पिछले तीन दिन से सुबह से देर रात्रि तक जेसीबी व डोजर से मलबा सफाई का कार्य किया जा रहा है। आए दिन बार-बार होती बारिश से भूस्खलन जोन से पत्थर व मलबा गिर रहा है, जिससे दिक्कत हो रही है। मौसम के ठीक रहने की स्थिति में देर रात्रि तक हाईवे को खोल दिया जाएगा। सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि हाईवे अवरुद्ध होने से केदारनाथ यात्रा को बंद किया गया है। सोनप्रयाग में गिनती के यात्री हैं, जिनके यहां कमरे बुक हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों की मदद से सोनप्रयाग से सिर्फ स्थानीय लोगों को ही अस्थायी रास्ते से गौरीकुंड भेजा जा रहा है। साथ ही केदारनाथ से वापस लौट रहे यात्री सोनप्रयाग लाए जा रहे हैं।

परमार ने लॉन्च की ‘वैद्य आपके द्वार’ योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा

आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ आयुष मंत्री परमार ने 'वैद्य आपके द्वार' योजना और ई-संजीवनी पोर्टल का किया उद्घाटन परमार ने लॉन्च की 'वैद्य आपके द्वार' योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा पोर्टल से आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श की सुविधा भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है। आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सुउमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

हार की खीज में पाकिस्तान का नया ड्रामा, देश के नाम को लेकर जारी किया बेतुका आदेश

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने विश्व चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल) में भारतीय खिलाड़ियों के 'पाकिस्तान चैंपियंस' के खिलाफ खेलने से इनकार करने के बाद निजी क्रिकेट लीग में अपना प्रतिनिधित्व करने वाली टीमों में देश के नाम का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड में चल रहे WCL में भारत चैंपियंस की टीम ने शाहिद अफरीदी की अगुआई वाली पाकिस्तान चैंपियंस टीम को आईना दिखाया और लीग स्टेज के बाद सेमीफाइनल में भी खेलने से इनकार कर दिया। क्रिकेट जगत और दुनिया भर के मीडिया चैनल्स पर इसे भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव बताया गया। इस बात की खूब चर्चा हुई कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है। जैसे ही इस तरह के बयान सामने आए, पीसीबी ने बेतुका फरमान जारी कर निजी क्रिकेट लीगों में देश के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला ले लिया। 'लोकप्रियता को नुकसान पहुंचा' सूत्रों ने शुक्रवार को बताया, 'गुरुवार को निदेशक मंडल की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। उच्च स्तर के अधिकारियों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों का डब्ल्यूसीएल के दूसरे सत्र में पाकिस्तान के खिलाफ दो बार खेलने से इनकार करने से देश की क्रिकेट टीम और लोकप्रियता को नुकसान पहुंचा है। भविष्य में किसी भी निजी संगठन को निजी लीग के लिए देश का नाम इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, पाकिस्तान चैंपिंयस की मौजूदा टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को होने वाले WCL फाइनल में खेलने की स्वीकृति होगी। 'निजी संगठनों पर होगी कार्रवाई' रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न निजी संगठनों ने जिम्बाब्वे, केन्या और अमेरिका में छोटी और लो प्रोफाइल लीग में खेलने के लिए पाकिस्तान के नाम का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 'पाकिस्तान के नाम का इस्तेमाल करने पर सभी निजी संगठनों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पीसीबी के करीबी सूत्रों ने कहा, 'अगर पीसीबी को लीग और संगठन की प्रमाणिकता सही लगती है तो उसके पास क्रिकेट प्रतियोगिताओं के लिए इसके इस्तेमाल की अनुमति देने का एकमात्र अधिकार है।' यह भी पता चला है कि पाकिस्तान सरकार और देश में खेलों की देखरेख करने वाली आईपीसी (अंतर-प्रांतीय समन्वय समिति) ने पीसीबी को एक सलाह भेजी है कि भविष्य में निजी क्रिकेट लीग में देश के नाम के उपयोग को नियंत्रित किया जाए। यूएई टी20 विश्व कप से पहले त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी के अंतर्गत इस महीने के अंत में एक ट्वेंटी20 त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा जिसमें अफगानिस्तान और पाकिस्तान भी शामिल होंगे। शारजाह 29 अगस्त से शुरू होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के सभी सात मैचों की मेजबानी करेगा। शीर्ष दो टीमें फाइनल के लिए क्वालिफाई करने से पहले एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलेंगी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान पहले ही भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर चुके हैं। यूएई भी क्वालिफाई कर सकता है, लेकिन उसे अक्टूबर में ओमान में आईसीसी के एशिया-पूर्वी एशिया और प्रशांत क्वालिफायर खेलने होंगे। पिछले टी20 विश्व कप में सातवें स्थान पर रहने वाले अफगानिस्तान ने पिछले साल के अंत में जिम्बाब्वे के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला है। पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रहा है।  

अजमेर में प्रशासन का बड़ा कदम, 250 अवैध दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, सुरक्षा के लिए भारी फोर्स मौजूद

अजमेर  अजमेर के तारागढ़ पहाड़ियों पर वन विभाग की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. शनिवार को वन विभाग ने तारागढ़ क्षेत्र में लगभग 250 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें करीब 200 केबिननुमा दुकानें शामिल हैं. इन निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए वन विभाग की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन क्षेत्र में शांतिपूर्ण रूप से अतिक्रमण हटाया जा रहा है. ध्वस्तीकरण की ये कार्रवाई सेक्टर बनाकर की जा रही है. हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं. वहां वन विभाग के भी अधिकारी मौजूद है. बताया जा रहा है कि अब तक प्रशासन ने 40% के आसपास अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि तारागढ़ क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर सालों से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं. इन्हीं शिकायत के आधार पर प्रशासन ने पहले 300 से अधिक अवैध निर्माणों को चिन्हित किया था, जिनमें से कुछ अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है. हालांकि, जिन निर्माणों पर कोई कानूनी स्थगन नहीं है, उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रशासन ने बताया कि हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त करने वाले अतिक्रमण को अलग से चिन्हित किया गया है. जारी है अभियान अजमेर की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि ये अभियान वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न थानों के थानाधिकारी और विशेष कार्य बल (STF) की टीमें शामिल हैं. प्रशासन ने इस दौरान मीडिया की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी है, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए.