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रेसलिंग रिंग से ज्यादा रोमांचक है पर्दे के पीछे का खेल, बैकस्टेज की जंग

नई दिल्ली लड़कपन से  30s की उम्र में आते-आते पहले ही क्या कम तमाम खूबसूरत भ्रम टूटकर फीके यथार्थ में बदल चुके थे, जो अब ये डाक्यूमेंट्री भी देखना बाकी था! WWE की रिंग, फाइट्स, सुपरस्टार्स, उनकी एंट्री वाला म्यूजिक, उनके 'किलर' मूव और उनकी आपसी दुश्मनी एक वक्त हम सबने टीवी पर बहुत देखी है. अब नेटफ्लिक्स की डाक्यूमेंट्री 'WWE Unreal' इस पूरे खेल के पीछे का खेल दिखाने आई है.  ईमानदारी से कहूं तो WWE ने पहली बार दिल तब तोड़ा था जब पता लगा था कि अंडरटेकर और केन असलियत में सगे भाई नहीं हैं. वो तो दो बिल्कुल अलग लोग हैं जो इस शो पर अंडरटेकर और केन के 'किरदारों में' नजर आते हैं! फिर भी दिल को समझा-बुझाकर किसी तरह ये प्रेम प्रसंग बरकरार रखा गया. मगर तबतक ये भी अफवाह जोरों पर थी कि WWE तो स्क्रिप्टेड होती है.  फील तो कभी-कभी हमें भी होता था मगर हमने इसे 'अफवाह' ही मानकर, WWE के भीमकाय मानवों की अमानवीय फाइट्स का रस लेना ज्यादा जरूरी समझा. जवान होते-होते रियल लाइफ के ड्रामे ने इतने चोक-स्लैम और पावर-बॉम्ब दिए कि सर पर चढ़ा WWE का भूत चुपचाप दिल की अलमारी के कोने में पड़ी बोतल में जाकर बैठ गया.  'WWE Unreal' यूं करती है कि उस भूत को बोतल से निकालती है और उसकी पूरी सच्चाई, उसके डरों, उसकी कमजोरियों, उसके सांस लेते हाड़-मांस के शरीर और चोटों को आपके सामने रख देती है. और अचानक से आप पाते हैं कि वो जो बोतल में कैद था वो कोई भूत नहीं, एक सुपरहीरो था. WWE में हम जिन रेसलर्स को मैच ना जीतता देखकर हमारे दिल टूटे, उनका हारना भले स्क्रिप्टेड रहा हो मगर उनकी हड्डियां सच में टूटी थी. मगर वो अगली बार फिर से उसी स्पिरिट के साथ हमारे एंटरटेनमेंट के लिए रिंग में उतरे सुपरहीरो थे. क्या है 'WWE Unreal' का मुद्दा? 'WWE Unreal' रेसलिंग स्पोर्ट के पीछे का पूरा खेल आपको दिखाकर वो भ्रम तोड़ देती है जिसे आप अपने बचपन से लेकर लड़कपन तक पूरी गंभीरता से देखते आए थे. लेकिन ऐसा होते हुए 'WWE Unreal' में आपके फेवरेट रेसलर्स जैसे जॉन सीना, सीएम पंक, ट्रिपल एच और द रॉक वगैरह की जो दूसरी साइड सामने आती है वो इस डाक्यूमेंट्री को अद्भुत बना देती है.  इस खेल को आपके लिए मनोरंजक बनाने के लिए जो कहानियां तैयार होती हैं, वो कैसे सोची जाती हैं. WWE का राइटर्स रूम कैसे काम करता है, वहां कैसे ये सोचा जाता है कि किस इवेंट में कौन जीतेगा, इन फैसलों के लिए रेसलर्स खुद कितने तैयार होते हैं, ये सब आपको नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री में नजर आता है. रेसलर्स जब अपनी पर्सनल लाइफ और परिवार के साथ नजर आते हैं तो वो उतने ही आम इंसान लगते हैं जितने आप और हम हैं.  इन आम इंसानों को कब पर्दे पर जब इवेंट का सुपरस्टार बनाया जाता है तो उनका क्या रिएक्शन होता है, ये सब 'WWE Unreal' को एक देखने लायक डॉक्यूमेंट्री बना देता है. जब ये बात कही जाती है कि WWE स्क्रिप्टेड होती है तो पहला सवाल दिमाग में ये आता है कि क्या हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है और क्या रियल? इस सवाल का जवाब भी अब आपके सामने है.  कैसी है नेटफ्लिक्स की ये डॉक्यूमेंट्री? WWE का क्रेज भारत में भी बहुत जबरदस्त रहा है. एक पूरा वक्त ऐसा रहा है जब प्रोफेशनल रेसलिंग का ये शो और इसके रिपीट टेलीकास्ट, टीवी पर लोगों की फर्स्ट चॉइस हुआ करते थे. मगर बदलते वक्त के साथ लोगों ने जब ये डिस्कवर करना शुरू किया कि ये स्क्रिप्टेड होता है तो इसका इंटरेस्ट भी कुछ कम हुआ.  'WWE Unreal' देखने के बाद आप WWE की फाइट्स और इसके रेसलर्स को पहले से भी ज्यादा दिलचस्पी से देख पाएंगे. कई दशकों तक ये शो दर्शकों के लिए एक रहस्य रहा है और लोग इसमें नजर आने वाले फाइटर्स को उनके कैरेक्टर वाले नामों से ही पहचानते आए हैं. इन किरदारों की जर्नी कैसे तय होती है ये देखना एक बहुत कमाल का अनुभव है जिसे 'WWE Unreal' दमदार तरीके से डिलीवर करती है.  एक दौर में WWE के टॉप रेसलर रहे ट्रिपल एच, जिनका रियल नाम पॉल लेवेक (Paul Levesque) है, इस डॉक्यूमेंट्री के नैरेटर हैं. पॉल खुद WWE के चीफ कंटेंट ऑफिसर हैं. डॉक्यूमेंट्री का नैरेटिव WWE के सिग्नेचर शो 'रॉ' से लेकर 'रोड टू रेसलमेनिया' और फिर अल्टीमेट सालाना इवेंट 'रेसलमेनिया' तक जाता है.  डॉक्यूमेंट्री का नैरेटिव जॉन सीना, सीएम पंक, चेल्सी ग्रीन, बियांका ब्लेयर और जे ऊसो जैसे रेसलर्स को फॉलो करता है जो इस बिजनेस के कुछ बेस्ट नाम हैं. उनकी कहानी के जरिए 'WWE Unreal' उस पूरे शो से पर्दा उठाती है, जो आप सालों से स्क्रीन पर देखते आए हैं. 'WWE Unreal' की एडिटिंग सॉलिड है जो इस डॉक्यू सीरीज को कमाल का एक्सपीरियंस बनाती है. इसलिए जहां एक तरफ आपको लगता है कि जिस रहस्य को आप बचपन से स्क्रीन पर देख रहे हैं उससे फाइनली पर्दा उठ रहा है. वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे की कहानी आपको WWE के संसार का और बड़ा फैन बनाती जाती है. इस सीरीज में आपको ये तो दिखता है कि जिस मोमेंट को आप किसी रेसलर का बड़ा मोमेंट मान रहे थे वो कैसे स्क्रिप्ट हुआ था. लेकिन ये डॉक्यू-सीरीज ये भी दिखाती है कि आप भले सबकुछ जान लें मगर WWE की क्रिएटिव टीम फिर भी अपने नए सीजन में आपको सरप्राइज कर सकती है. और इस शो में आप जितनी भी स्टोरीलाइन देखते हैं, वो भले ही स्क्रिप्टेड हो लेकिन फाइट्स और रेसलर्स की चोटें बिल्कुल असली होती हैं. करीब एक लाख लोगों के सामने एक दूसरे की जान के प्यासे लगने वाले रेसलर्स, बैक स्टेज आकर जब एक दूसरे की खैर-खबर ले रहे हैं और अपनी चोटों पर बात कर रहे हैं तो जैसे WWE के एक्सपीरियंस में एक नया एलिमेंट जुड़ जाता है.  प्रोफेशनल रेसलर्स की भाषा में WWE जैसे शोज को केफेब (Kayfabe) कहा जाता है, जिसमें आपके सामने घट रहीं रियल जैसी लगने वाली चीजें असल में स्क्रिप्टेड कहानियां हैं. केफेब की खासियत यही है कि पब्लिक के सामने कभी ये नहीं आने … Read more

हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।  

रोजगार के 1165 नए अवसर होंगे उपलब्ध, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित करेंगे आशय पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 अगस्त शनिवार को सीहोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र बड़ियाखेड़ी में लगभग 1406 करोड़ रूपये निवेश करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित करेंगे। जिससे यहां लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा। इन औद्योगिक इकाइयों से सीहोर जिले में 1165 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 4 औद्योगिक इकाइयों का होगा भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। इन इकाइयों में सीहोर जिले में लगभग 1406 करोड़ रूपये का निवेश होगा और 854 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिन ऑैद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन होगा उनमें वान्यावेदा ग्रीन्स जो (झिलेला) सीहोर में 20.020 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 115 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार बारमॉल्ट माल्टिंग इंडिया प्रा.लि. (बड़ियाखेड़ी फेस.2) 10.250 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 400 करोड़ रुपए के निवेश से देश की सबसे बड़ी माल्ट निर्माता कंपनी की इकाई स्थापित होगी, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लि. (जहांगीरपुरा) सीहोर में 18.260 हेक्टेयर में 888 करोड़ रुपए के निवेश से एशिया की सबसे बड़ी ट्रांसफार्मर इकाई स्थापित होगी, जिसमें 394 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कृष्णा इंडस्ट्रीज (बड़ियाखेड़ी) सीहोर 0.476 हेक्टेयर में 3 करोड़ रुपए के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित होंगे आशय पत्र मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में 6 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र वितरित करेंगे, जिनमें आरटीडीबी इंडस्ट्रीज, स्वाति सोनी, संजय कुमार, अमित मूंदड़ा, प्रकाश पैकेजिंग और आरना वेंचर्स शामिल हैं। इन इकाइयों द्वारा सीहोर जिले में लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा और 311 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

अब 1500 रुपए प्रतिमाह! जानें कब आएगी लाडली बहनों की अगली किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा. कब आएगी 27वीं किस्त  लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा। 9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है। कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है। भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी। लाड़ली बहना योजना पर एक नजर कहां से हुआ शुभारंभ शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता शुरुआत- 1000 रुपए 2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त? लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है। कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद) लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे। कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली … Read more

साध्वी ऋतंभरा के बयान से भड़का विवाद: महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों ने जन आक्रोश बढ़ाया

हरिद्वार भारत में धर्मगुरुओं के महिलाओं और लड़कियों को लेकर विवादित बयानों का दौर लगातार जारी है। हाल ही में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद जी महाराज के बाद अब साध्वी ऋतंभरा ने भी इस सूची में अपना नाम जोड़ा है। साध्वी ऋतंभरा ने हिंदू लड़कियों के रील्स बनाने और उनकी आधुनिक जीवनशैली पर कड़ी टिप्पणी की है जिससे विवाद फिर से उभर कर सामने आया है। साध्वी ऋतंभरा के विवादित बयान साध्वी ऋतंभरा, जिन्हें 'दीदी मां' के नाम से जाना जाता है, ने अपने एक प्रवचन में कहा कि "हिंदू लड़कियों को देखकर शर्म आती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कियां गंदे ठुमके लगाकर और गंदे गाने गाकर पैसे कमाती हैं। उनका कहना था कि इनके पति और पिता भी पैसों के कारण कुछ नहीं कहते। साध्वी ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर घर में गंदी कमाई आती है तो पूर्वज तड़पने लग जाते हैं।" यह बयान मार्च महीने का है लेकिन हाल ही में अन्य धर्मगुरुओं के विवादित बयानों के कारण यह फिर से चर्चा में आ गया है। साध्वी ऋतंभरा ने खासकर सोशल मीडिया पर लड़कियों और महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले रील्स पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि रील्स में ठुमके लगाना, गंदे गाने बजाना और कम कपड़े पहनना आम बात हो गई है। साध्वी ने महिलाओं से अपील की कि वे मर्यादित जीवन जीएं और अपनी जीवनशैली सुधारें। साध्वी ऋतंभरा राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं और वर्तमान में ‘वात्सल्य ग्राम’ नामक आश्रम चलाती हैं जहां अनाथ बच्चों और विधवा या परित्यक्त महिलाओं को आश्रय दिया जाता है। प्रेमानंद महाराज के विवादित बयान साध्वी ऋतंभरा से पहले वृंदावन के प्रेमानंद महाराज भी महिलाओं और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि आजकल की 100 लड़कियों में से मुश्किल से दो-चार ही पवित्र होती हैं, बाकी सभी बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो युवक या युवती कई लोगों के साथ संबंध बनाते हैं, वे बाद में अपने पति या पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाते क्योंकि उन्हें व्यभिचार की आदत लग जाती है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अनिरुद्धाचार्य का भी विवादित बयान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी कुछ समय पहले कहा था कि लड़कियों की शादी 25 साल से पहले हो जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा न होने पर लड़कियों के 4-5 बॉयफ्रेंड बन जाते हैं, जो उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। अनिरुद्धाचार्य ने सोशल मीडिया और आधुनिक जीवनशैली को लड़कियों के जीवन में अस्थिरता का कारण बताया और माता-पिता से कहा कि वे समय रहते बेटियों की शादी तय करें। इन धर्मगुरुओं के बयानों ने महिलाओं की भूमिका, आधुनिक जीवनशैली और नैतिक मूल्यों पर समाज में गहरी बहस छेड़ दी है। कई लोग इन बयानों को महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और पिछड़ेपन भरा मानते हैं, तो कुछ लोग इसे समाज में पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के रूप में देखते हैं।

फुट ओवरब्रिज नेटवर्क का विस्तार: इंदौर में नई सौगात, पुराने पुलों के रखरखाव की तैयारी

इंदौर  शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम चार नए फुट ओवरब्रिज बनाने की तैयारी में है। लंबे समय से निगम द्वारा शहर में एक दर्जन फुट ओवरब्रिज बनाए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन भूमि की अनुपलब्धता के चलते यह योजना अटकी रही। अब चार स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार फर्मों की तलाश की जा रही है, जबकि तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को 10 साल की अवधि के ठेके पर दिया जाएगा, जिससे उनका बेहतर रख-रखाव किया जा सके। ऑनलाइन टेंडर जारी, नए ओवरब्रिज बनेंगे डिजाइन-बिल्ट-ऑपरेट सिस्टम से नगर निगम के यातायात विभाग ने चार नए फुट ओवरब्रिजों के निर्माण के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए हैं। ये सभी ओवरब्रिज डिजाइन, बिल्ट, ऑपरेट और ट्रांसफर सिस्टम के तहत बनाए जाएंगे। साथ ही तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को भी दस साल की अवधि के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिनकी लाइसेंस अवधि को आगे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। निगम ने पहले भी एक बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तब कोई भी ठेकेदार फर्म आगे नहीं आई थी। इस बार दूसरी बार प्रयास किया जा रहा है। कर्बला, एमवाय, दवा बाजार और जुपिटर हॉस्पिटल क्षेत्र में बनेंगे नए ब्रिज फुट ओवरब्रिज निर्माण की योजना के तहत निगम ने कर्बला से जीडीसी कॉलेज की ओर एक नया ओवरब्रिज बनवाने की योजना तैयार की है। वहीं एमवाय अस्पताल के सामने भी फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजन सड़क पार कर दवा दुकानों तक सुरक्षित पहुंच सकें। दवा बाजार क्षेत्र में भी एक फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशी जा रही है। इसके अलावा एक और नया फुट ओवरब्रिज विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के सामने प्रस्तावित किया गया है, जहां आए दिन ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीन पुराने ब्रिज रख-रखाव के लिए ठेके पर, उपयोगिता को लेकर सवाल बरकरार फिलहाल शहर में तीन पुराने फुट ओवरब्रिज मौजूद हैं, जिन्हें नगर निगम 10 साल के रख-रखाव के ठेके पर देगा। इनमें पहला फुट ओवरब्रिज छप्पन दुकान से अपोलो टॉवर की ओर है, दूसरा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने बना हुआ है, जबकि तीसरा अपोलो टॉवर से छप्पन दुकान की दिशा में बना है। निगम के अनुसार, कर्बला से कलेक्ट्रेट रोड पर एक पुराना ओवरब्रिज पहले ही बना हुआ है, लेकिन यह अधिक उपयोगी नहीं साबित हुआ। इसी अनुभव को देखते हुए अब नए ब्रिजों की जगह और डिजाइन सोच-समझकर तय की जा रही है।  

शुक्रवार 02अगस्त 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों में आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को अशांति महसूस होगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। सप्ताह के प्रारंभ में संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है।H कर्क राशि- कर्क राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वाले किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में भी संतुलन बनाए रखें। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि होगी। खर्चों में वृद्धि होगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन परेशान रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। परिवार का साथ रहेगा। धनु राशि– धनु राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में भी वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। कारोबार से लाभ में वृद्धि होगी। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के मन में प्रसन्नता रहेगी और आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। मीन राशि- मीन राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे।

भोपाल में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गैंग से जुड़ा भूरी हिरासत में

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच लगातार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने एक बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया है। उस पर शहर के अलग-अलग थानों में करीब 18 अपराध दर्ज हैं, इनमें मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थ तस्करी आदि शामिल हैं। पुलिस को शातिर ड्रग्स तस्कर यासीन और शाहवर से पूछताछ के बाद उसके इनसे जुड़े होने की जानकारी मिली थी। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्री शीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। पैडलर के तौर पर सामने आया नाम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोकुल धाम तुलसी नगर टीटी नगर निवासी 32 वर्षीय अंशुल सिंह उर्फ भूरी पुराना बदमाश है। ड्रग्स तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। आरोपित से लंबी पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर चार अगस्त तक की रिमांड पर लिया है। उससे गिरोह के संबंध में पूछताछ की जाएगी। उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्करी के पूरे माड्यूल को समझा जाएगा। पुलिस को एक और आरोपी की तलाश यह किस तरह से बाहर के चार राज्यों से मादक पदार्थ लाते थे और उसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचा रहे थे, उनके इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। अंशुल उर्फ भूरी से शुरुआती पूछताछ में यासीन और उसके चाचा के एक खास गुर्गे का नाम भी सामने आया है। वह शाहजहांनाबाद क्षेत्र के इस्लामी गेट इलाके में रहता है और क्रिकेट पर सट्टा खिलाता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। कांग्रेस-भाजपा से संबंध अंशुल सिंह उर्फ भूरी की मां रजनी राज सिंह पार्षद रह चुकी हैं। वह एक बार भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अंशुल अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस से युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहा था। उसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का खास माना जाता है। उसे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के खास समर्थकों में गिना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

नई ट्रेन सेवा की सौगात, रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी

रायपुर, छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं। रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान: नशे से दूरी-है जरूरी ने बनाया वर्ल्‍ड रिकार्ड

भोपाल.  मध्‍यप्रदेश पुलिस के नशे के विरूद्ध 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक चलाए गए "नशे से दूरी-है जरूरी’’ राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड कायम किया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश के 57 जिलों के 1175 थानों द्वारा संचालित इस अभियान में लगभग 23 लाख लोगों ने प्रत्‍यक्ष सहभागिता तथा सोशल मीडिया माध्‍यमों से 6.35 करोड़ लोगों ने सहभ‍ागिता की। पुलिस मुख्‍यालय में शुक्रवार को वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ तथा प्रेसीडेंट संतोष शुक्‍ला ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और एडीजी नारकोटिक्‍स के.पी. व्‍यंकटेश्‍वर राव से भेंट कर सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस दौरान वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस संस्‍था की जनरल सेक्रेटरी डॉ. तिथि भल्‍ला तथा एडिटर सुअपूर्वा मेनन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और किशोरों को नशा मुक्‍त रखना हमारा शासकीय कर्तव्‍य ही नहीं नैतिक दायित्‍व भी है। इस अभियान के दौरान सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तथा अन्‍य सहयोगी विभाग, विभिन्‍न संगठनों के अथक प्रयास से यह अभियान जनआंदोलन बन गया। उन्‍होंने कहा कि हमारा उद्देश्य कभी भी कोई विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था बल्कि अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उद्देश्य था। यदि इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, तो यह सभी पुलिसकर्मियों, सहयोगी संस्थाओं और प्रदेश की जनता के समर्पण का परिणाम है। वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ शुक्‍ला ने मध्‍यप्रदेश पुलिस के इस अनूठे जन जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अपने उद्देश्‍य में सफल रहा। उन्‍होंने 13 सितंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले सम्‍मान समारोह में डीजीपी मकवाणा को आमंत्रित भी किया।