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प्रशासनिक फेरबदल: वरुण कपूर डीजी जेल नियुक्त, शाहिद अबसार को एडीजी चयन एवं भर्ती का प्रभार

भोपाल  राज्य शासन ने तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया है। वरुण कपूर को जेल महानिदेशक बनाया गया है। वह अभी आरएपीटीसी इंदौर में विशेष पुलिस महानिदेशक थे। डीजी जेल जीपी सिंह के 31 जुलाई को सेवानिवृत होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में एडीजी शाहिद अबसार को एडीजी चयन एवं भर्ती बनाया गया है। इस पद पर रहीं सोनाली मिश्रा को रेल सुरक्षा बल में डीजी बनाए जाने के बाद उनकी जगह शाहिद अबसार को पदस्थ किया गया है। उनके पास पीटीआरआई का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। इसके अतिरिक्त डीआईजी साइबर यूसुफ कुरैशी को डीआइजी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ बनाया गया है। रवि गुप्ता विशेष पुलिस महानिदेशक बने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल रवि कुमार गुप्ता को विशेष पुलिस महानिदेशक, रेल बनाया गया है। डीजी जेल जीपी सिंह के सेवानिवृत होने के बाद स्पेशल डीजी का एक पद रिक्त होने पर उन्हें पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति का आदेश एक अगस्त से प्रभावी होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ साहित्यकार देवकीनन्दन खत्री को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी भाषा और साहित्य को समृद्ध बनाने वाले साहित्यकार देवकीनन्दन खत्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रकांता, काजर की कोठरी, नरेन्द्र-मोहिनी, कुसुम कुमारी, वीरेंद्र वीर जैसी उनकी कालजयी कृतियां हिंदी भाषा प्रेमियों एवं साहित्य पाठकों को सदैव आनंदित और रोमांचित करती रहेंगी।  

हेलमेट नहीं, फिर भी पेट्रोल! विधायक परिवार के पंप पर लापरवाही, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

इंदौर  इंदौर शहर में आज से पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई है। शहर में एक पेट्रोल पंप ऐसा भी है, जहां पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। मरीमाता चौराहे पर स्थित शुक्ला ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर बेधड़क बिना हेलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक यह पेट्रोल पंप विधायक गोलू शुक्ला के परिवार का है। इस सूचना के बाद प्रशासन की टीम पेट्रोल पंप पर पहुंची और फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अब बगैर हेलमेट पेट्रोल न दिया जाए और अगर ऐसा करते पाए गए तो पेट्रोल पंप सील कर दिया जाएगा। इसके बाद से अब यहां हेलमेट पहने चालकों को ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इस पेट्रोल पंप के करीब दो और पेट्रोल पंप हैं, जहां नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इधर… हेलमेट नहीं लगाने पर 10 वाहन चालकों पर जुर्माना क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री दोपहिया वाहन चालकों के लिए लागू की गई है। इसके अमल के लिए गुरुवार को कार्यालय के गेट पर एआरटीओ द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों और आवेदकों की जांच की गई। बगैर हेलमेट के आने वाले 10 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही सभी को समझाई दी गई कि दोबारा बगैर हेलमेट के आने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा दिए गए हेलमेट अनिवार्य करने के निर्देश के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री का नियम बुधवार को लागू किया गया। इसके तहत गुरुवार सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने प्रवेश द्वार पर ही दोपहिया वाहनों की जांच की। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान 10 वाहन चालकों से जुर्माना वसूला गया। कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती पेट्रोल खरीदते समय हेलमेट पहनने का संबंध सड़क सुरक्षा से कैसे हो सकता है? ऐसे ही सवाल उठाते हुए कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के आदेश के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनानी याचिकाकर्ता बने हैं। उन्होंने ट्रैफिक सुधार के लिए मौजूद कानून से लेकर शहर की सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था तक का हवाला दिया है। याचिका में पेट्रोल खरीदने के लिए हेलमेट पहनने के आदेश को बेतुका बताया है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि हेलमेट पहनने के नियम का पालन करवाने के लिए पहले से नियम मौजूद हैं। इसे नहीं मानने वाले का ट्रैफिक पुलिस चालान बना सकती है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि कलेक्टर ने दो महीने के लिए आदेश जारी किया है। ऐसा कौन सा फार्मूला है कि दो महीने में बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी।

मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत “वंदे-मातरम” एवं राष्ट्र-गान का सामूहिक गायन

भोपाल  अगस्त माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री संजय कुमार शुक्ल, सहित सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन को किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और हिन्दी के विद्वान पुरुषोत्तम दास टंडन की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित टंडन का प्रेरणादायी व्यक्तित्व सरलता, सेवा एवं सादगी की त्रिवेणी था। हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और हर भारतीय के हृदय में इसे प्रतिष्ठित कराने में उनके योगदान के लिए देश सदैव कृतज्ञ रहेगा।  

राज्यपाल पटेल को स्काउट्स स्कार्फ पहनाकर किया सम्मानित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस राजभवन में शुक्रवार को मनाया गया। राज्यपाल पटेल को इस अवसर पर स्कार्फ पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त पारस जैन एवं अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। विदित हो कि प्रतिवर्ष 01 अगस्त को स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस मनाया जाता है। राज्यपाल, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य संरक्षक होते हैं।  

ED की बड़ी कार्रवाई: फर्जी बैंक गारंटी केस में अनिल अंबानी के खिलाफ जांच तेज

मुंबई  रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. बैंक लोन फ्रॉड केस के बाद अब ईडी ने 68 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी मामले में जांच तेज कर दी है. इसी सि​लसिले में शुक्रवार को ईडी ने ओडिशा और कोलकाता में छापेमारी की. ईडी ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से 11 नवंबर, 2024 को दर्ज एक मामले के आधार पर एक ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज की है. ईडी का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनी को इसी फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेका दिया गया था. भुवनेश्वर में ईडी ने मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों से जुड़े 3 परिसरों पर छापा मारा और तलाशी ली. वहीं कोलकाता में इसी फर्म के एक सहयोगी के परिसर में ईडी ने छापेमारी की. मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (ओडिशा स्थित), इसके निदेशक और सहयोगी 8% कमीशन पर फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में संलिप्त पाए गए.' कमीशन देने के लिए फर्जी बिल तैयार किए ईडी ने आरोप लगाया है कि अनिल अंबानी की कंपनी ने फर्म को कमीशन देने के लिए फर्जी बिल भी तैयार किए थे. कई अघोषित बैंक खातों का पता चला है. इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं. संघीय एजेंसी ने कहा कि उसने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों और भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) को सौंपी गई ₹68.2 करोड़ की एक फर्जी बैंक गारंटी के बीच संबंधों का खुलासा किया है. इसी से जुड़े एक मामले में, पहले जब्त किए गए सबूत (अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के मामले में 24.07.2025 को की गई तलाशी के दौरान) का वर्तमान जांच से सीधा संबंध है. SBI का फर्जी ईमेल डोमेन इस्तेमाल किया ईडी के अनुसार, यह फर्जी गारंटी मेसर्स रिलायंस एनयू बेस लिमिटेड और मेसर्स महाराष्ट्र एनर्जी जनरेशन लिमिटेड के नाम पर जारी की गई थी, जो दोनों अनिल अंबानी समूह से जुड़ी हैं. फर्जी बैंक गारंटी को असली बताने के प्रयास में, अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने कथित तौर पर SECI से संपर्क करने के लिए आधिकारिक "sbi.co.in" के बजाय एक नकली ईमेल डोमेन, "s-bi.co.in" का इस्तेमाल किया. ईडी ने इस नकली डोमेन के सोर्स का पता लगाने के लिए नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) से डोमेन रजिस्ट्रेश का विवरण मांगा है. कंपनी के पते पर मिला रिश्तेदार का आवास ईडी के अनुसार, कंपनी केवल एक कागजी संस्था है- इसका पंजीकृत कार्यालय एक रिश्तेदार की आवासीय संपत्ति है. पते पर कंपनी का कोई वैधानिक रिकॉर्ड नहीं मिला. कई कंपनियों के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है. कंपनी से जुड़े प्रमुख लोग टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल 'डिसअपीयरिंग मैसेज' फीचर इनेबल करके चैट करते पाए गए हैं, जो बातचीत को छिपाने के प्रयासों का संकेत देता है. इससे पहले अंबानी को ईडी ने शुक्रवार को कथित ₹17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में समन जारी किया और पूछताछ के लिए 5 अगस्त को अपने नई दिल्ली में दफ्तर पेश होने को कहा.

खंडवा की शिफा ने अपनाया हिन्दू धर्म, राहुल के साथ मंदिर में रचाई शादी

खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा में एक प्रेम कहानी ने धर्म के बंधनों को तोड़कर नया अध्याय लिखा। छतरपुर की शिफा राइन ने अपने प्रेमी राहुल वर्मा के लिए इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाया और शान्वी वर्मा बनकर महादेवगढ़ मंदिर में सात फेरे लिए। राहुल से हुआ था प्यार शिफा और राहुल की मुलाकात छतरपुर में हुई थी। दोनों का प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ा, लेकिन धर्म का अंतर उनके रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती था। शिफा ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू संस्कृति और देवी-देवताओं से प्रभावित थीं। उनके सपनों में माता रानी और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता था, जिसने उनके मन में सनातन धर्म के प्रति आस्था जगाई। शिफा ने जब राहुल से शादी का फैसला लिया, तो उन्होंने खंडवा के प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर को अपनी मंजिल चुना। यूट्यूब पर इस मंदिर की महिमा सुनकर शिफा ने यहां आने का मन बनाया। मंदिर के पुजारी पंडित अश्विन खेड़े ने शिफा का प्रायश्चित हवन करवाया और विधि-विधान से उन्हें सनातन धर्म में शामिल किया। इसके बाद शिफा ने अपना नाम शान्वी वर्मा रखा। अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे शान्वी और राहुल ने महादेव को साक्षी मानकर पाणिग्रहण संस्कार पूरा किया। वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने अग्नि के सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। शान्वी ने कहा, 'सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान देखकर मेरा मन यहां खींचा चला आया। मां सीता और मां पार्वती की पूजा ने मुझे प्रेरित किया।'

तिलक जी के विचार राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज सुधारक एवं प्रखर चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री बाल गंगाधर तिलक जी ने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूंगा" के दृढ़ संकल्प से भारत की स्वतंत्रता के लिए जन-जन को जागृत किया। उनके विचार सदैव राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र रहेंगे।  

श्रम कानून संशोधन: हड़ताल और बंद से पहले कंपनियों को देना होगा 6 सप्ताह का नोटिस

 भोपाल  वर्षों पुराने श्रम कानूनों में तीन संशोधन विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पारित हो गए। इनमें ठेका श्रम अधिनियम 1970, कारखाना अधिनियम 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 शामिल हैं। ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन के बाद अब 50 से अधिक मजदूर होने पर पंजीयन की आवश्यकता होगी। हालांकि, पीएफ, ईएसआइ जैसे नियम कम संख्या पर भी लागू होंगे। इसी तरह से कारखाना अधिनियम में 20 की जगह 40 मजदूर होने पर पंजीयन जरूरी होगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम में कारखाना बंद करने के छह सप्ताह पहले नियोक्ता को सूचना देनी होगी। इसी तरह से श्रमिकों को हड़ताल करने के लिए भी नियोक्ता को छह सप्ताह पहले बताना होगा। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इन विधेयकों को मजूदरों के हित के विपरीत बताया। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, दोनों के हितों का ध्यान रखा गया कांग्रेस की ओर से हीरालाल अलावा, सोहन लाल वाल्मीकि व अन्य सदस्यों ने कहा कि ऐसे में तो मजदूर अब हड़ताल ही नहीं कर पाएंगे। उनका शोषण होगा। सरकार की ओर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जैसे हड़ताल की सूचना मजदूर के लिए जरूरी है उसी तरह से नियोक्ता को तालाबंदी के पहले बताना होगा। कांग्रेस ने विधेयकों के विरोध में दो मिनट के लिए बहिर्गमन कर नारेबाजी की। इसी बीच घ्वनिमत से तीनों संशोधन विधेयक पारित हो गए। कांग्रेस ने किया विरोध कांग्रेस नेताओं ने कहा, इस विधेयक से मजदूरों का हड़ताल और आंदोलन करने का अधिकार छीन जाएगा। वहीं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह संशोधन विधेयक श्रमिकों के हित में है। सरकार श्रमिकों के हितों का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत छोटी विनिर्माण इकाइयों को कारखाना अधिनियम के उपबंधों से राहत देने के लिए इसके तहत नियोजित श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कारखाना अधिनियम के तहत निर्माण इकाई के पंजीयन के लिए अब मशीनों से उत्पादन होने की स्थिति में नियोजित श्रमिकों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 और बिना मशीन के उत्पादन होता है वहां 20 से बढ़ाकर 40 की जा रही है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, संशोधन छोटी संस्था के कामगारों के हित में नहीं है। एक ओर सरकार निवेश बढ़ाकर रोजगार को बढ़ावा दे रही है। वहीं श्रमिकों का नुकसान कर रही है। विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी का ठेका प्रणाली से भारी शोषण होता है। कंप्यूटर ऑपरेटर को सरकार क्ञस् 13 हजार भुगतान करती है, पर उन्हें 12-13 हजार रुपए मिलते हैं। बिचौलिए पैसे खा जाते हैं। सीधे आउटसोर्स कर्मी के खाते में रुपए डालने की व्यवस्था होनी चाहिए। एसजीएसटी संशोधन विधानसभा में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मप्र माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। इसमें विशेष आर्थिक जोन, मुक्त व्यापार, भंडारण क्षेत्र में माल आपूर्ति को जीएसटी विधान में सप्लाय की श्रेणी से बाहर किया। इसमें जब तक माल की निकासी निर्यात के लिए न हो, करदाता इस जोन में बिना कर दिए आपस में कारोबार कर सकेंगे।