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मौसम अपडेट: एमपी में भारी बारिश से राहत, कुछ इलाकों में हल्की फुहारें; रायसेन अभी भी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 74 प्रतिशत है। पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इस वजह से बाढ़ के हालात भी बन गए। हालांकि, अब भारी बारिश का दौर थम गया है।  इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इनमें भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, जबलपुर, मंडला, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, सीहोर, देवास शामिल हैं।कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है। कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा गिरा पानी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हिस्से में अब तक 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया, खेत-मंदिर और पुल डूब गए     पिछले दो से तीन दिन तक रायसेन जिले में अति भारी बारिश का दौर रहा। गुरुवार को बारिश थमी, लेकिन हालात गंभीर नजर आए। बेतवा नदी ने विशाल रूप ले लिया। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आया।     श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई। सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची, जो सर्चिंग करती रही। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी।     खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से पानी छोड़ा गया। इनमें 8 गेट 4 मीटर और 4 गेट साढ़े तीन मीटर तक खोले गए। पावर स्टेशन पर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदा में बाढ़ के हालात हैं।     खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं। अभी भारी बारिश का अलर्ट नहीं सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को कुछ जिलों में बारिश का दौर रहा, लेकिन अगले चार दिन तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। सिस्टम एक्टिव होने के बाद फिर से तेज बारिश का दौर चलेगा।

ओवल टेस्ट में इंग्लैंड की मुश्किलें बढ़ीं, चोट के चलते बाहर हुए तेज़ गेंदबाज़ क्रिस वोक्स

ओवल  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला लंदन के ओवल क्रिकेट पर ग्राउंड पर हो रहा है. इस मुकाबले में भारतीय टीम को पहले बैटिंग करने का न्योता मिला था. भारतीय टीम ने पहले दिन (1 अगस्त) स्टम्प तक अपनी पहली पारी में 6 विकेट पर 204 रन बनाए. अब दूसरे दिन का खेल काफी रोमांचक होने की संभावना है. दूसरे दिन के खेल से पहले मेजबान इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा है. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स इस मुकाबले से बाहर हो गए हैं. वो इस मैच में अब ना तो बल्लेबाजी कर पाएंगे, ना ही वो गेंदबाजी के लिए उपलब्ध होंगे. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस बात की जानकारी दी है. ईसीबी ने कहा कि वोक्स की चोट का आगे का मूल्यांकन इस सीरीज के खत्म होने के बाद किया जाएगा. बता दें कि क्रिस वोक्स को खेल के पहले दिन लॉन्ग ऑफ बाउंड्री पर गेंद को रोकने के समय कंधे में चोट लग गई थी, इसके चलते उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था. वोक्स का बायां कंधा अजीब तरीके से मुड़ गया था और मैदान से बाहर जाने से पहले वो काफी दर्द में दिखे. क्रिस वोक्स का बायां हाथ स्वेटर में लिपटा हुआ था. वोक्स का कैसा रहा प्रदर्शन? क्रिस वोक्स ने मौजूदा टेस्ट सीरीज में पांचों मुकाबलों में भाग लिया. उनका चोटिल होकर ओवल टेस्ट से बाहर होना इंग्लैंड के लिए किसी बड़े सेटबैक से कम नहीं है. वोक्स ना सिर्फ गेंद, बल्कि बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन करने में माहिर हैं. वोक्स ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 में कुल 9 पारियों में 52.18 की औसत से 11 विकेट चटकाए. वहीं 10.66 की औसत से 64 रन बनाए. बताते चलें कि इंग्लैंड की टीम इस मुकाबले में चार बदलाव के साथ उतरी. कप्तान बेन स्टोक्स कंधे में लगी चोट के चलते इस मुकाबले का हिस्सा नहीं बने. स्टोक्स की अनुपस्थिति में ओली पोप इंग्लिश टीम की कप्तानी कर रहे हैं. जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन और ब्रायडन कार्स भी इस मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं.

9 सितंबर को मतदान, उपराष्ट्रपति पद के चुनाव का पूरा शेड्यूल EC ने जारी किया

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति के उप चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. 9 सिंतबर को उपचुनाव होंगे. इसी दिन वोटिंग की जाएगी. वहीं, नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है. साथ ही 9 सितंबर को ही वोटों की गिनती भी की जाएगी. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को पद से इस्तीफा दे दिया था. धनखड़ ने इस्तीफा देने की वजह स्वास्थ्य कारण बताए थे. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंप दिया था. अब उनके इस्तीफे के बाद ही उप चुनाव कराए जा रहे हैं. उपराष्ट्रपति चुनाव की अहम तारीखें:     चुनाव आयोग की अधिसूचना – 7 अगस्त, 2025 को जारी होगी.     नामांकन की अंतिम ताीरख- 21 अगस्त, 2025 (गुरुवार)     नामांकन की जांच – 22 अगस्त, 2025 (शुक्रवार)     नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख- 25 अगस्त, 2025 (सोमवार)     वोटिंग – 9 सितंबर, 2025 (मंगलवार)     वोटों की गिनती- 9 सितंबर, 2025 (मंगलवार)     मतदान 9 अगस्त को होगा और वोटों की गिनती भी उसी दिन की जाएगी. बता दें कि 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 को समाप्त होने वाला था। लेकिन धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे की घोषणा की थी। यदि एक से ज्यादा उम्मीदवारों का नामांकन हुआ तो फिर चुनाव कराना पड़ेगा और ऐसी स्थिति में 9 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। उसी दिन काउंटिंग होगी और शाम तक रिजल्ट आ जाएगा। जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की शाम को अचानक ही पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इसकी जानकारी भी खुद ही एक्स अकाउंट पर लेटर शेयर करके दी थी। इससे पहले वह राष्ट्रपति भवन गए और प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को इस्तीफा सौंप आए थे। बता दें कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर अब तक कयासों का दौर जारी है। भले ही उन्होंने अपने इस्तीफे में बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला दिया था, लेकिन विपक्ष की ओर से लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर उन्होंने अचानक पद क्यों छोड़ा है। सरकार के साथ उनके रिश्ते बिगड़ने को लेकर भी तमाम अपुष्ट दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन सरकार या फिर जगदीप धनखड़ की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं गया है। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने किसानों के मुद्दे पर तीखी राय जाहिर की थी। इसके अलावा बीते कुछ महीनों में विपक्ष के साथ उनके रिश्ते ज्यादा गहराने की भी चर्चाएं चलती रही हैं। कैसे होते हैं उपराष्ट्रपति पद के चुनाव उपराष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए एक निर्वाचक मंडल (Electoral College ) होता है. यह ही लोग वोट करते हैं. चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation System) के तहत होता है. उपराष्ट्रपति के पद के लिए किसी व्यक्ति का चुनाव करने वाले निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य शामिल होते हैं. कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति तब तक नहीं चुना जा सकता जब तक कि वह:     भारत का नागरिक हो     35 साल या उससे ज्यादा उसकी उम्र हो     राज्यसभा सांसद के रूप में चुनाव के लिए योग्य है. जगदीप धनखड़ ने दिया था इस्तीफा जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. धनखड़ के इस्तीफे से राजनीतिक हलचल मच गई थी. विपक्षी नेताओं ने उनके अचानक इस्तीफे को लेकर अटकलों को हवा दी थी. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी का “संवैधानिक पदों और प्रक्रियाओं, दोनों को कमजोर करने” का रिकॉर्ड रहा है. सुरजेवाला ने कहा था कि धनखड़ के “अचानक और रहस्यमय” इस्तीफे ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए हैं. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी धनखड़ के इस्तीफे पर संदेह जताया और “पर्दे के पीछे” राजनीति का आरोप लगाया था.  

‘अमेरिका फर्स्ट’ में ट्रंप ने नहीं देखा रिश्ता! इजरायल समेत कई देशों पर 15% टैरिफ लागू

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत कुल 92 व्यापारिक साझेदार देशों पर टैरिफ लगाया गया है। इन देशों पर 10 से 41 फीसदी तक टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने अपने इस कार्यकारी आदेश के जरिए उस कहावत को भी चरितार्थ किया है कि बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया.. और इसी क्रम में ट्रंप ने अपने दोस्त नेतन्याहू को भी नहीं बख्शा। अमेरिका ने नई व्यापार नीति के तहत इजरायल पर 15% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। वाइट हाउस ने घोषणा की है कि ट्रम्प प्रशासन की नई व्यापार नीति के तहत इजरायल से आने वाले सामानों पर 15 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। इससे पहले अप्रैल में लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में इजरायल पर दो फीसदी ज्यादा यानी कुल 17 फीसदी का टैरिफ लगाया गया था। नए आदेश में सीरिया पर 41% तक टैरिफ लगाया गया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका पर 30% टैरिफ लगाया गया है। इसके अलावा, कनाडा से आने वाले सामानों पर मौजूदा टैरिफ 25% को बढ़ाकर 35% कर दिया गया है। पाकिस्तान पर 19% टैरिफ आदेश में कहा गया है कि धरती पर मौजूद हर देश से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर कम से कम 10% टैरिफ तो लगाया ही जाएगा। द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की तरफ से जारी नई लिस्ट में कुल 92 देश शामिल हैं, जो उच्च टैरिफ रेट के अधीन हैं। ट्रंप ने पहले अफ्रीकी देश लेसोथो पर 50% टैरिफ की लगाने की धमकी दी थी लेकिन इस देश से आने वाले सामानों पर 15% टैरिफ ही लगाया गया है। इनके अलावा ताइवान पर 20%, पाकिस्तान पर 19% टैरिफ लगाया गया है। 15 फीसदी टैरिफ के दायरे में कौन-कौन से देश? 15 फीसदी के टैरिफ दायरे में इजरायल के अलावा और जो देश हैं, उनमें आइसलैंड, फिजी, घाना, गुयाना, इक्वाडोर, वेनेजुएला,दक्षिण कोरिया, तुर्की, अंगोला, बोत्सवाना, कैनरुन, चाड, कांगो, जापान, जॉर्डन, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस. वनातु, जिम्बाव्वे और जाम्बिया आदि शामिल हैं।

Bigg Boss 19 कंटेस्टेंट लिस्ट लीक? मुनमुन दत्ता और राम कपूर की एंट्री की चर्चा तेज

मुंबई  इंडियन टेलीविजन का सबसे बड़ा रियलिटी शो 'बिग बॉस 19', 24 अगस्त से जियो हॉटस्टार और कलर्स चैनल पर शउरू होने वाला है. फैन्स इसके लिए बेहद एक्साइटेड हैं. सोशल मीडिया पर कई सेलेब्स के नाम का बज चल रहा है जो इस शो का हिस्सा बन सकते हैं. हालांकि, मेकर्स अभी कास्टिंग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जल्द ही वो फाइनल कंटेस्टेंट्स के बारे में पूरी डिटेल देंगे.  कौन हौंगे कंटेस्टेंट्स? अभी जिन सेलेब्स के शो में एंट्री लेने की चर्चाएं हो रही हैं, उनमें राम कपूर, मुनमुन दत्ता, फैजल शेख, द रिबेल किड उर्फ अपूर्वा मुखिजा, पूरब झा, गौतमी कपूर, धीरज धूपर जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस बार सलमान खान के रियलिटी शो में कौन आने वाला है… राम कपूर और गौतमी कपूर पति-पत्नी की ये जोड़ी कई बार न्यूज में रह चुकी है. बीते दिनों राम कपूर ने एक वेब सीरीज के मेकर्स पर ही जुबानी हमला बोल दिया था, जिसके बाद वो काफी सुर्खियों में आए थे. इसके अलावा गौतमी ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी शॉकिंग खुलासे किए थे.  धीरज धूपर टीवी के पॉपुलर शो 'कुंडली भाग्य' में श्रद्धा आर्या संग इनकी जोड़ी काफी पसंद की गई. रिपोर्ट्स की मानें तो कहा जा रहा है कि धीरज इस बार सलमान के शो का हिस्सा बन सकते हैं.  मुनमुन दत्ता 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की बबीता जी भी सलमान के में आ सकती हैं. हालांकि, मुनमुन की ओर से शो में पार्टिसिपेट करने को लेकर अबतक कोई अपडेट नहीं है.  द रिबेल किड उर्फ अपूर्वा मुखिजा 'द ट्रेटर्स' में जब अपूर्वा आई थीं तो इन्होंने अपने गेम से हर किसी का दिल जीता था. देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार भी ये ऐसा करने में खरी उतरती हैं या नहीं. फैजल शेख यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर फैजल शेख के लिए ये साल काफी टफ रहा. जन्नत जुबैर से इनका ब्रेकअप काफी चर्चा में रहा. हो सकता है कि ये भी सलमान के शो में आ जाएं.  पूरब झा यूट्यूब और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर पूरब झा भी शो का हिस्सा बन सकते हैं. अगर अपूर्वा शो में आती हैं और पूरब भी जाते हैं तो दोनों की जोड़ी क्या रंग लाएगी, देखना दिलचस्प होगा. 

खतरनाक इमारतों पर बड़ी कार्रवाई: 2699 भवन होंगे सील और ध्वस्त

जयपुर प्रदेश में झालवाड़ में स्कूल बिल्डिंग गिरने हुई बच्चों की मौतों के बाद अब स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश भर में जर्जर इमारतों को चिन्हित करने का काम शुरू कर उन्हें ध्वस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग के सचिव रवि जैन ने इसे लेकर गुरुवार को सभी 224 निकायों के प्रमुखों की बैठक ली।  इस बैठक में प्रदेश में 2699 भवनों के जर्जर होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उन्होंने इन भवनों को सील कर इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। रवि जैन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश अनुसार प्रदेश के 224 नगरीय निकायों में अब तक कुल 2 हजार 699 जर्जर भवनों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें नियमानुसार सील करके ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। जैन ने सख्त निर्देश दिए कि सभी आयुक्त और अधिशासी अधिकारी अपने क्षेत्रों में जाकर नियमित रूप से निरीक्षण कर जर्जर भवनों के सामने स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाएं, जिससे आम जनता को चेतावनी मिल सके और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। बारिश में विद्युतजनित हादसों को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। जैन ने विद्युत तंत्र की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए विद्युत डिस्कॉम के अभियंताओं के साथ समन्वय कर सड़क किनारे ढीले तारों को तुरन्त ठीक करने के आदेश दिए। इसके साथ ही बिजली के खम्भों, डीपी, केबल बॉक्स और स्वीच बॉक्स के पास फैले हुए लूज तारों को हटाने, स्वीच बॉक्स के टूटे ढक्कनों की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश दिए। वहीं आकस्मिक अग्निकांड या करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अग्निशमन वाहन, तकनीकी उपकरण और स्टाफ को हमेशा तैयार रखने के निर्देश दिए। बैठक में हरियालो राजस्थान के तहत करवाए जा रहे पौधारोपण के कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए।

भोपाल गैस त्रासदी: कचरे के निपटान पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 14 अगस्त को

भोपाल/जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष पूर्व निर्देश के अनुसार जहरीले कचरे को नष्ट करने से निकली राख को नष्ट करने संबंध में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने नाखुशी जताई. एक्सपर्ट कमेटी को सवालों के जवाब देने के निर्देश युगलपीठ द्वारा किये गये प्रश्नों को एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की है साथ ही एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से प्रश्नों के संबंध में संतोषजनक जवाब पेश करने के आदेश जारी किए. गौरतलब है कि साल 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रही थी. सरकार ने जहरीले कचरे के निपटान का किया था दावा पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया था "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है. केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण किया गया है. जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है. एमपी-पीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा." जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ का दावा हाई कोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था. इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये थे. वहीं, हाई कोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है. हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई किये जाने की व्यवस्था दी थी. इस पर गुरुवार को सभी मामलों की संयुक्त रूप से सुनवाई हुई." जहरीले कचरे की राख को अमेरिका भेजने की मांग याचिका में यह मांग की गई है कि जैसे साल 2003 में तमिलनाडु सरकार ने कोडैकनाल में पड़े यूनीलीवर कंपनी के जहरीले कचरे को अमेरिका भेज दिया था, वैसे ही यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले कचरे की राख को भी अमेरिका भेजा जाए। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने के बाद बची राख को पीथमपुर में इंसानी आबादी के पास क्यों दफनाया जा रहा है। यह भी नहीं बताया गया कि अगर कचरा जलाने के बाद जहरीली मरकरी राख में नहीं बची, तो वह आखिर गई कहां। अगली सुनवाई में सरकार को बताना होगा प्लान याचिकाकर्ता ने दो स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों को सुनवाई में शामिल करने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त तय की है। इस दिन मध्यप्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में यह बताना होगा कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख को सुरक्षित दफनाने के लिए उसकी क्या योजना है। इसके लिए पीथमपुर के अलावा कौन-कौन सी वैकल्पिक जगह चिह्नित की गई है। पिछले सुनवाई में सरकार ने ये रिपोर्ट पेश की थी याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे सीनियर वकील नमन नागरथ और खालिद नूर फखरुद्दीन ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निपटारा सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे को नष्ट किया गया है। जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख और अन्य अवशेष एकत्रित हुए है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। कोर्ट ने इल रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था। इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस बीच हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है। हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई की व्यवस्था दे दी है। आगामी सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों के जवाबों पर गौर करने के साथ अन्य बिंदुओं पर भी विचार किया जाएगा। जहरीले कचरे की राख में हेवी मेटल व मर्करी हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यूनियन कार्बाइड के जहरीला कचरा की राख में हेवी मेटल व मर्करी के संबंध में सवाल किये. इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास कचरे के विनिष्टीकरण की साइट का चयन किये जाने के संबंध में भी युगलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से सवाली किये. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा खालिद नूर फखरुद्दीन ने पैरवी की. 

महंगी हुई लखनऊ की रियल एस्टेट! नए सर्किल रेट से खरीददारों की जेब पर असर

लखनऊ   यूपी की राजधानी लखनऊ में एक अगस्त से नया डीएम सर्किल रेट लागू हो गया है. इससे अब जमीन, मकान या दुकान खरीदने वालों को न सिर्फ ज्यादा कीमत चुकानी होगी, बल्कि अब इलाके की सड़क, प्लॉट का उपयोग और आसपास की गतिविधियों की भी अहम भूमिका होगी. 10 साल बाद सर्किल रेट में यह बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है और साथ ही बिल्डरों की मनमानी पर भी अंकुश लगने की संभावना है.  हाई-डिमांड इलाकों में सर्किल रेट दो से तीन गुना बढ़ा लखनऊ, जो अब देश के प्रमुख मेट्रो शहरों की कतार में तेजी से खड़ा हो रहा है, उसमें यह बदलाव विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. गोमती नगर, अंसल, शहीद पथ और शालीमार वन वर्ल्ड जैसे पॉश और हाई-डिमांड इलाकों में सर्किल रेट को दो से तीन गुना तक बढ़ाया गया है. इन क्षेत्रों में हाईराइज टावर, होटल, शॉपिंग मॉल और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मांग के चलते जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है.  डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र के लिए सर्किल रेट ₹17,000 प्रति वर्ग मीटर पिछले कुछ वर्षों में आउटर रिंग रोड, किसान पथ और विभिन्न एक्सप्रेसवे के आसपास भी 20 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाए गए हैं. सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में इंडस्ट्री और निवेश को प्रोत्साहन देना है. आंकड़ों की मानें तो लखनऊ में अब तक दो लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. इसी कड़ी में भटगांव स्थित डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र के लिए सर्किल रेट ₹17,000 प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है, ताकि उद्योगों की स्थापना आसान हो सके.  डीएम विशाख जी ने बताया कि पिछली बार 2015 में सर्किल रेट में संशोधन हुआ था. तब से अब तक शहर की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि एक जुलाई को प्रस्तावित दरों पर कुल 49 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश में दरें बढ़ाने की मांग की गई थी.  गोमती नगर सबसे महंगा इलाका शहर की 26 प्रमुख कॉलोनियों के रेट इस बार अपडेट किए गए हैं. सबसे महंगे इलाके में गोमती नगर रहा, जहां सर्किल रेट ₹77,000 प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गया है. इसके बाद महानगर में ₹41,000 से ₹65,000 और इंदिरा नगर में ₹35,000 से ₹62,000 तक की दरें तय की गई हैं.  वहीं सबसे सस्ती कॉलोनियों में अनंतनगर ₹15,000–₹18,000 और संतुष्टि एन्क्लेव ₹7,000–₹10,000 शामिल हैं.  इस बदलाव के बाद जहां प्रॉपर्टी खरीदना थोड़ा महंगा हुआ है, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ने और सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतरने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही, यह कदम लखनऊ को निवेश और विकास की दृष्टि से और अधिक सशक्त बना सकता है. 

लसाड़िया में बाइक चोर गिरोह पकड़ा गया, मास्टर माइंड निकला स्कूली उम्र का बालक

सलूंबर सलूंबर जिले की लसाड़िया पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। लसाड़िया थाना क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर इस गिरोह का खुलासा किया। थानाधिकारी हर्षराज सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गिरोह से जुड़े तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा चोरी की बाइक खरीदने वाले दो अन्य व्यक्तियों को भी पुलिस ने पकड़ा है। वहीं गिरोह का मास्टर माइंड एक बाल अपचारी निकला, जो पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुका है। पुलिस ने मुख्य सरगना समेत दो बाल अपचारियों को डिटेन किया है। पूछताछ और छापेमारी के बाद पुलिस ने एक चोरी की बाइक, एक बाइक के विभिन्न पार्ट्स और दो प्रयुक्त बाइक जब्त की हैं, जो अलग-अलग घटनाओं में चोरी की गई थीं। इस गिरोह का नेटवर्क क्षेत्र के कई हिस्सों में फैला हुआ था और ये चोरी की गई बाइकों को सस्ते दामों में बेचते थे। एसपी राजेश यादव के निर्देश पर यह पूरी कार्रवाई हुई। एसपी यादव ने बताया कि क्षेत्र में बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें लसाड़िया पुलिस ने कई कार्रवाइयां की हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से आमजन ने राहत की सांस ली है। वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।

मालेगांव धमाके में आरएसएस प्रमुख को जोड़ने की थी कोशिश? पूर्व अधिकारी का बड़ा आरोप

मालेगांव  महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का दबाव था और ऐसा करने के लिए कहा गया था। इस मामले में भाजपा की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र ATS के रिटायर्ड इन्सपेक्टर महबूब मुजावर ने कहा कि भागवत को गिरफ्तार करने के आदेश का उद्देश्य ‘भगवा आतंकवाद’ को स्थापित करना था। उन्होंने सोलापुर में कहा कि अदालत के फैसले ने एटीएस के फर्जीवाड़े को नकार दिया है। शुरू में एटीएस ने मामले की जांच की थी, लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अपने हाथ में ले लिया था। मुजावर ने एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए कहा, ‘‘इस फैसले ने एक फर्जी अधिकारी द्वारा की गई फर्जी जांच को उजागर कर दिया है।’’ मोहन भागवत को ‘पकड़ने’ के लिए कहा गया था उन्होंने कहा कि वह 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए विस्फोट की जांच करने वाली एटीएस टीम का हिस्सा थे, जिसमें छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मोहन भागवत को ‘पकड़ने’ के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि एटीएस ने उस समय क्या जांच की और क्यों… लेकिन मुझे राम कलसांगरा, संदीप डांगे, दिलीप पाटीदार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसी हस्तियों के बारे में कुछ गोपनीय आदेश दिए गए थे। ये सभी आदेश ऐसे नहीं थे कि उनका पालन किया जा सके।’’ आदेश नहीं माना तो झूठे मामले में फंसाया मुजावर ने कहा कि दरअसल, उन्होंने उनका पालन नहीं किया क्योंकि उन्हें हकीकत पता थी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती को पकड़ना मेरी क्षमता से परे था। चूंकि मैंने आदेशों का पालन नहीं किया, इसलिए मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और इसने मेरे 40 साल के करियर को बर्बाद कर दिया।’’ पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भगवा आतंकवाद नहीं था। सब कुछ फर्जी था।’’