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AIIMS भोपाल में नेतृत्व परिवर्तन: संदेश कुमार जैन होंगे नए डिप्टी डायरेक्टर, 4 अगस्त से संभालेंगे पद

 भोपाल  नक्सल ऑपरेशन, एटीएस और पुलिस रेडियो विंग जैसे संवेदनशील महकमों में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदेश कुमार जैन अब AIIMS भोपाल के नए डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) होंगे। यह पहली बार है, जब किसी पुलिस अधिकारी को एम्स भोपाल में प्रशासनिक कमान सौंपी।  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था पीएमएसएसवाई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जैन को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे भोपाल में पुलिस अधीक्षक (रेडियो) के रूप में पदस्थ हैं। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड, आईटी में विशेषज्ञता संदेश कुमार जैन तकनीकी रूप से भी दक्ष हैं। उन्होंने मैनिट भोपाल से बीटेक और इसके बाद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है। वे राज्य पुलिस सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें अनुशासन और संकट प्रबंधन का लंबा अनुभव है। पीछे छूटे 100 से ज्यादा दावेदार एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए 100 से अधिक आवेदन आए थे। इनमें से ज्यादातर आवेदन रिटायर्ड आर्मी अफसरों सहित विभिन्न प्रशासकीय पृष्ठ भूमियों से थे। सभी आवेदकों का इंटरव्यू नई दिल्ली में हुआ, जिसमें संदेश कुमार जैन ने सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चयन हासिल किया। क्यों खास है ये नियुक्ति AIIMS जैसे संस्थानों में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह पद क्लीनिकल सेवाओं, संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारु संचालन से जुड़ा होता है। संदेश कुमार जैन जैसे अनुभवी पुलिस अधिकारी की नियुक्ति से संस्थान के प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और दक्षता के नए मानक स्थापित हो सकते हैं। पदभार अभी तक किसके पास था वर्तमान में यह जिम्मेदारी कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार के पास थी। इससे पहले श्रमदीप सिन्हा, जो राजकोट एम्स में डिप्टी डायरेक्टर हैं, को भोपाल एम्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह नियुक्ति न सिर्फ प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बताती है कि अब तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव को मिलाकर संस्थानों में नई सोच के साथ बदलाव लाए जा रहे हैं। AIIMS भोपाल की कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 4 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि, उनके स्थान पर कौन आएगा यह अभी तय नहीं हैं। केंद्र स्तर पर इसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं। वहीं, नए डायरेक्टर आने तक एम्स भोपाल का प्रभार एम्स रायपुर के निदेशक को दिया जा सकता है।  

विपक्ष का सरकार पर निशाना, विजय शाह की बर्खास्तगी को लेकर विधानसभा में हंगामा

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में जनजातीत कार्य, भोपाल गैस राहत त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल गैस पीड़ित समिति की अनुशंसाओं को लेकर प्रश्न पूछा था। मंत्री विजय शाह को इसका जवाब देना था। लेकिन तभी कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री पर महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा दिया। विपक्ष ने जमकर की नारेबाजी इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और फिर आसंदी के सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सबको अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल में बात करने के लिए बार-बार आग्रह किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली। इस बीच सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी होने लगी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सेना का अपमान करने वाले सेना के सम्मान की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान और चीन का सपोर्ट करते हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष से भी नारेबाजी हुई। थोड़ी देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सदन में उपस्थित थे। मीडिया से बचते नजर आए विजय शाह मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मंत्री विजय शाह को लेकर बवाल मच गया। विपक्ष ने विजय शाह को सदन से बाहर करने की मांग की और इस्तीफा दो के नारे लगाए। आसंदी के पास पहुंचकर धरना दिया। भारी हंगामे के बीच कार्यवाही को प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मंत्री विजय शाह सदन से बाहर निकले। इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल किया, लेकिन वे बचते नजर आए। सदन के अंदर से लेकर मीडिया के कैमरे पर भी सवालों की बौछार के बीच मुस्कुराते रहे। जब तक इस्तीफा नहीं होगा छोड़ेंगे नहीं- नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी को हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की टीप और सुनवाई सुनाई नहीं देती है। भाजपा देश की भावनाओं को नहीं समझती है। 1971 की लड़ाई नहीं समझती है। बीजेपी हर मोर्चे पर विफल रही है, सिर्फ बहाने बनाती है, बयान पलटती है। न राष्ट्रभक्ति की बात करती है न देश प्रेम की बात करती, बीजेपी सिर्फ राजनीति करती है। विजय शाह ने हमारी बहन हमारी सेना के मान का अपमान किया है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह इनका देश प्रेम नहीं मंत्री प्रेम है, जब तक इस्तीफा नहीं होगा हम छोड़ेंगे नहीं। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि देश का अपमान करने वालो की सदन में कोई जगह नहीं है। जबसे मंत्री विजय ने देश की बेटी का अपमान किया, हम उसी दिन से विरोध कर रहे है। हम इस्तीफा लेकर रहेंगे। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि चीन हो या पाकिस्तान किसने की जासूसी, किसके पाकिस्तानी एजेंट पकड़ाए यह जनता के सामने हैं। बीजेपी की राष्ट्रभक्ति सिर्फ छलावा है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि बात देश की हो या प्रदेश की हर मामले में सदन से लेकर सड़क बीजेपी भागती है। यही भाजपा का चेहरा है। विजय शाह के मामले में सरकार में बात करने का दम नहीं है। किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे- मंत्री सारंग मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने आज फिर सदन की गरिमा को तार-तार किया। ये किस मुंह से देश प्रेम की बात कह रहे है। लोकसभा में राहुल गांधी ने देश और सेना का अपमान किया। विपक्ष चीन और पाकिस्तान की भाषा बोलता है। कांग्रेस का मकसद ही देश द्रोह के साथ देश का अपमान करना है।

फर्जीवाड़े में फंसी विदेशी अभिनेत्री, दो आधार कार्ड बनवाने पर उठे सवाल

कोलकाता  कोलकाता के जादवपुर से एक 28 साल की बांग्लादेशी अभिनेत्री को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभिनेत्री का नाम शांता पॉल है और वह कई सालों से अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रही थी। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी भी बरामद की गई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पॉल बांग्लादेश में कई मॉडलिंग प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। 2023 से वह जाधवपुर के विजयगढ़ में एक किराए के मकान में रह रही थीं। पार्क स्ट्रीक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। शांता पॉल के मकान में तलाशी के दौरान उनके कई बांग्लादेशी दस्तावेज भी मिले हैं। इसमें बांग्लादेशी सेकंड्री एग्जामिनेशिन का ऐडमिट कार्ड, बांग्लादेश की एयरलाइन की आईडी शामिल हैँ। इसके अलावा शांता पॉल के पास दो आधार कार्ड पाए गए। एक में पता कोलकाता का है तो दूसरे में बर्धमान का। पुलिस का कहना है कि बर्धमान वाला आधार कार्ड 2020 में जारी हुआ था। हाल ही में पॉल ने थाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें उनका अलग ही पता दर्ज करवाया गया था। शांता पॉल अकसर अपना पता बदलती रहती थीं। वहीं शांता का ऐप बेस्ड कैब का भी बिजनेस था। इसी वजह से उनकी संदिग्ध गतिविधियां नजर में आ गईं।पुलिस ने बताया कि शांता पॉल ने भारतीय पहचान पत्रों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। संदेह है कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट हो सकता है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये दस्तावेज कैसे बनवाए गए और इन्हें बनवाने के लिए कौन से कागजात लगाए गए थे। लालबाजार पुलिस ने आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड की जांच करने के लिए UIDAI, चुनाव आयोग और राज्य के खाद्य विभाग से भी संपर्क किया है। जानकारी के मुताबिक शांता पॉल बांग्लादेश के बारीसाल की रहने वाली हैं। वहीं पॉल के पति आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। वह भी पॉल के साथ ही साउथ कोलकाता के फ्लैट में रहते थे। उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। साल 2019 में पॉल ने केरल में होने वाले मिस एशिया ग्लोबल कॉम्पटिशन में भी हिस्सा लिया था। वह बंगाली और तेलुगु फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।

‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर

भारत की दमदार चाल से बौखलाए अमेरिका, ट्रंप बोले– ये पुष्पा स्टाइल नहीं चलेगी! ‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर नई दिल्ली अमेरिका की सत्ता में जब डोनाल्ड ट्रंप ने वापसी की तो उन्होंने पूरी दुनिया को टैरिफ की धमकी दी थी. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में उनसे मुलाकात की थी. साथ ही भारत शुरू से ट्रेड डील पर बात कर रहा था. लेकिन अब अमेरिका ने यह जगजाहिर कर दिया है कि रूस और भारत की दोस्ती से वह नाराज रहा है. इसके अलावा भारत ट्रेड डील से जुड़ी बातचीत में अमेरिका के सामने झुका नहीं जो ट्रंप प्रशासन के कुंठा का बड़ा कारण बना. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने न्यूयॉर्क में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत को लेकर ट्रंप और पूरी ट्रेड टीम बहुत हताश हो गई है. बातचीत की शुरुआत भारत ने की थी लेकिन फिर चीजें खींचती चली गईं.’ वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद से यूक्रेन में मास्को के युद्ध प्रयासों को बनाए रखने में मदद मिल रही है और यह निश्चित रूप से वाशिंगटन के साथ नई दिल्ली के संबंधों में ‘चिढ़ का विषय’ है. यह दोनों बयान तब आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक ऐलान कर दिया कि 1 अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा. किस बात पर तैयार नहीं भारत रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ट्रेड डील के लिए तैयार है. लेकिन उसने एक रेड लाइन खींच दी है, जिसे वह अमेरिका को पार करने नहीं देगा. यह रेडलाइन देश के किसानों को बचाने के लिएबनाई गई है. दरअसल भारत मक्का, सोयाबीन, डेयरी और बादाम के आयात को छूट देने के लिए तैयार नहीं है, जो व्यापार वार्ता में एक प्रमुख अड़चन साबित हुआ. भारतीय वार्ताकारों ने भारतीय बाजारों में बेरोकटोक पहुँच की अनुमति देने की अमेरिकी मांगों पर स्पष्ट रूप से लाइन तैयार कर दी है. किसान संघों ने भी अमेरिका के साथ ऐसे किसी भी समझौते को लेकर सरकार को बार-बार चेतावनी दी थी, जिससे आयात की अनुमति मिलती हो. भारत पर अमेरिका ने लगाया टैरिफ भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया मोड़ आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक ऐलान कर दिया कि 1 अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा. इतना ही नहीं, भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल और सैन्य उपकरण खरीदने पर भी एक अलग ‘पेनल्टी’ लगाने की बात कही गई है. इस फैसले के ठीक एक दिन बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने न्यूयॉर्क में CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘भारत को लेकर ट्रंप और पूरी ट्रेड टीम बहुत हताश हो गई है.’ स्कॉट बेसेन्ट ने सीधे तौर पर भारत की रूस से तेल खरीद को अमेरिका के लिए बड़ी चिंता बताया. उन्होंने कहा, ‘भारत बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित रूसी तेल खरीद रहा है और फिर उसे रिफाइन कर बेचता है. ऐसे में वह एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी नहीं माना जा सकता.’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा? विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है, लेकिन हर मसले पर 100% सहमति होना संभव नहीं.’ उन्होंने माना कि भारत की ऊर्जा जरूरतें बहुत बड़ी हैं और रूस से तेल खरीदना उसकी आर्थिक मजबूरी भी है क्योंकि वहां से तेल सस्ता मिल रहा है. उन्होंने आगे कहा, ‘ निराशाजनक है कि जब दुनिया में तेल के इतने विकल्प हैं, तब भी भारत रूस से इतनी बड़ी मात्रा में खरीदारी करता है. इससे रूस को युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है.’. ‘नमस्ते नहीं, नापसंद’: भारत ने ठुकराया F-35 ऑफर, कहा– भरोसा है अपने साथी पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसद टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. भारतीय उत्‍पादों के लिए अमेरिका बहुत बड़ा बाजार है, ऐसे में ट्रंप की घोषणा का कारोबार पर असर पड़ने की पूरी संभावना है. हालांकि, अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने इस मसले पर बातचीत की मंशा भी जाहिर की है. इन सबके बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट को खरीदने से इनकार कर दिया है. नई दिल्‍ली ने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि वह ज्‍वाइंट वेंचर के तौर पर 5th जेनरेशन का लड़ाकू विमान डेवपल करना चाहता है. बता दें कि भारत के ऑल वेदर फ्रेंड रूस ने भी पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट मुहैय कराने का ऑफर दिया है. कुछ रिपोर्ट की मानें तो रूस ने टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्‍त रूप से पांचवीं पीढ़ी का विमान डेवलप करने का प्रस्‍ताव दिया है. F-35 फाइटर जेट पर भारत के रुख के बाद ऐसा माना जा रहा है कि रूस का Su-57 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट डील में फ्रंट रनर हो सकता है. ‘ब्‍लूमबर्ग’ की र‍िपोर्ट के अनुसार, भारत अमेरिकी F-35 फाइटर जेट खरीदने को लेकर इच्‍छुक नहीं है. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस बाबत भारत ने अमेरिका को सूचित कर दिया है कि वह F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने का इच्छुक नहीं है. फ़रवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत को ये महंगे लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश की थी. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मोदी सरकार घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरणों के संयुक्त डिज़ाइन और निर्माण पर केंद्रित साझेदारी में ज़्यादा रुचि रखती है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि भारत ज्‍वाइंट और टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर के आधार पर डिफेंस डील करना चाहता है. बता दें कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का एफ-35 लड़ाकू विमान तकनीकी दिक्‍कतों के चलते केरल में तकरीबन 37 दिनों तक अटका रहा. इसके अलावा कैलिफोर्निया में एफ-35 जेट क्रैश भी हुआ है. इन दोनों घटनाओं से F-35 की एफिशिएंसी पर गंभीर सवाल उठे हैं. ट्रंप के टैरिफ वॉर से निपटने का तरीका रिपोर्ट के अनुसार, भारत अमेरिका से आयात बढ़ाकर हालात को संतुलित करने की कोशिश कर सकता है. इसमें खास तौर पर प्राकृतिक गैस, कम्‍यूनिकेशन … Read more

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो

रायपुर : ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें-उपमुख्यमंत्री शर्मा महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर बाज़ार तक पहुँचाये-उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के दिए निर्देश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण तस्वीर को संवारने और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दो दिनों तक पंचायत विभाग के कार्यो की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमति निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संयुक्त सचिव धर्मेश कुमार साहू, आयुक्त महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया के अलावा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।          उपमुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ गांव के मेहनतकश लोग और महिलाएं हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें। उन्होंने विशेष तौर पर महिलाओं और वंचित वर्गों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इन समूहों को खेती, जैविक उत्पादन, मशरूम उत्पादन, वनोपजों के संग्रहण व प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिला समूहों के उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के निर्देश दिए। आईआईटी भिलाई और तकनीकी संस्थानों से सहयोग लेकर वनोपजों जैसे महुआ, साल बीज, चिरौंजी, आंवला, लाह, हर्रा-बहेड़ा इत्यादि के प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक इकाइयां जिले स्तर पर स्थापित की जाएंगी। इससे न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं को भी गांव में ही स्वरोजगार के साधन मिलेंगे।          उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की।  उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो, इसके लिए ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो। गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ निर्माण कार्य समय पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो।             बैठक में भू-जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे मोरे गांव मोरे पानी महाभियान की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अब तक निर्मित 37,090 जल संरचनाओं की सराहना की। इनमें तालाब गहराईकरण, डबरी, चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट और परकोलेशन टैंक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी और सामुदायिक श्रमदान से 3.32 लाख से अधिक कार्य पूरे किए गए हैं, जो गांवों की जल आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से अक्टूबर तक जल संरक्षण अभियान तेज किया जाए और इसके साथ ही वृक्षारोपण, जल स्रोतों की सफाई और अमृत सरोवरों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।         उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत आवासों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति और लंबित मामलों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण जनता को गरिमामय जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इसे सुचारु रूप से क्रियान्वित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिन जिलों में अपेक्षित गति नहीं है उसका मोनिटरिंग राज्य स्तर से करें ताकि योजना के लाभार्थियों को शीघ्र आवास की सुविधा मिल सके। पीएम जन मन योजना के तहत 33,000 से अधिक आवासों को मंजूरी मिली है, जिनमें से 10,500 बन चुके हैं।

लखनऊ की वीआईपी कोठी छोड़नी पड़ेगी सपा को, मुलायम सिंह के नाम थी मंजूर

लखनऊ  मुरादाबाद में जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी को दी गई सरकारी कोठी का आवंटन रद्द कर दिया है.यह कोठी वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के नाम पर केवल 250 रुपये प्रति माह किराए पर आवंटित की गई थी.अब जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई को 30 दिनों के भीतर यह कोठी खाली करने का आदेश जारी कर दिया है. सिविल लाइंस में बनी है यह कोठी यह कोठी मुरादाबाद के पॉश इलाके सिविल लाइंस क्षेत्र में ग्राम छावनी के पास स्थित है, जहां पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज समेत कई सरकारी संस्थान मौजूद हैं.लगभग 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैली इस कोठी में वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी का जिला कार्यालय संचालित हो रहा है.इस कोठी का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है, और यह राजस्व अभिलेखों में सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है. नामांतरण न होने से निरस्त हुआ आवंटन प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद कोठी का नामांतरण नहीं कराया गया.नियमानुसार, किसी सरकारी आवंटन के मूल लाभार्थी की मृत्यु होने पर संपत्ति का नामांतरण आवश्यक होता है.चूंकि ऐसा नहीं किया गया, इसलिए प्रशासन ने आवंटन को समाप्त कर दिया. सरकारी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी अनुज सिंह की ओर से यह निर्णय राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की जरूरतों के लिए भूमि और भवन की मांग लगातार बढ़ रही है.विशेषकर अधिकारियों के आवास के विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह कोठी वापस लेने का निर्णय लिया गया. एडीएम (वित्त) ने जारी किया नोटिस इस संबंध में एडीएम (वित्त) ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि कोठी को एक माह के भीतर खाली कर दिया जाए. यदि तय समयसीमा में कोठी खाली नहीं की जाती, तो प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. प्रशासनिक कार्रवाई, राजनीतिक रंग इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं.कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला नियमों के तहत लिया गया है, जबकि कुछ इसे राजनीतिक निर्णय मानकर देख रहे हैं.हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह केवल नियमानुसार की गई एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सरकारी संपत्ति का प्रभावी और उचित उपयोग सुनिश्चित करना है.

मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कारली पहुंचकर सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं रक्षा बंधन पर मंत्री राजवाड़े का अनोखा स्नेह, कारली में जवानों को बांधी राखी मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं जवानों की वीरता को नमन किया और कहा आप देश के प्रहरी है रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने  दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान सुरक्षा कैम्प कारली पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों को राखी बांधी और उन्हें रक्षा पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने जवानों के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी देश के प्रहरी हैं। यह राखी केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि आपके प्रति हमारे विश्वास, कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है। आपकी वीरता और अनुशासन, पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। हम अपने घरों में सुरक्षित हैं, यह आपकी कर्तव्य परायणता की बदौलत है। आपकी इस सेवा को हम हृदय से सम्मान करते हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जवानों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके परिवारजनों की कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी जवानों को मिठाइयाँ बांटी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा भी जवानों को राखियां बांधी गईं और रक्षाबंधन पर्व अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

भोपाल में नया आदेश लागू: पेट्रोल-सीएनजी केवल हेलमेट पहनने वालों को ही मिलेगा

भोपाल   भोपाल जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार वृद्धि और जनहानि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, 1 अगस्त शुक्रवार से बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को जिले के किसी भी पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशन से पेट्रोल अथवा गैस नहीं दी जाएगी। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना उद्देश्य राजधानी में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है। भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई कलेक्टर की आदेश के मुताबिक इस फैसले का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईएसआई मार्क हेलमेट जरूरी भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के इस आदेश में लिखा है मध्य प्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी तथा वाहन चालक अनिवार्य रूप से आईएसआई. मार्क हेलमेट पहनेगा। 

25% आयात शुल्क पर फिलहाल रोक, ट्रंप का फैसला एक हफ्ते टला — जानें अगली डेट

नई दिल्ली अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर बुधवार को 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो 1 अगस्‍त यानी आज से प्रभावी होने वाला था. लेकिन अब इसे एक सप्‍ताह के लिए टाल दिया गया है. अमेरिका की ओर से जारी किए गए नए निर्देश में अब ये टैरिफ 7 दिन बाद भारत समेत बांग्‍लादेश, ब्राजील और अन्‍य देशों पर लगाया जाएगा, जो 7 अगस्‍त 2025 से प्रभावी होगा. बुधवार को डोनाल्‍ड ट्रंप ने अचानक से भारत समेत कई देशों पर टैरिफ का ऐलान करते हुए दुनिया में फिर से हलचल मचा दी थी. भारत पर 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा था कि व्‍यापार बाधा को दूर करने के लिए ये टैरिफ लगाया जा रहा है. इसके अलावा, जुर्माने का भी ऐलान किया गया था, जो रूस से तेल और डिफेंस प्रोडक्‍ट्स खरीदने के कारण है. हालांकि अभी अमेरिका ने नए आदेश के तहत सभी देशों पर लगने वाले टैरिफ को 1 सप्‍ताह के लिए टाल दिया है यानी अब टैरिफ लगने की नई डेडलाइन 7 अगस्‍त हो चुकी है. देशहित में हर संभव कदम! जिसपर भारत ने बिना कोई जवाबी कार्रवाई के सीधे शब्‍दों में कहा कि देशहित में हर संभव कार्रवाई की जाएगी. वहीं एक सरकारी अधिकारी ने कहा था कि भारत नेगोशिएशन टेबल पर अमेरिका के टैरिफ का जवाब देगा. लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा था कि बात 10 से 15 फीसदी टैरिफ को लेकर हुई है. उन्‍होंने कहा था कि टैरिफ को लेकर देशहित में हर संभव कार्रवाई की जाएगी.  अमेरिका क्या चाहता है? भारत पर अतिर‍िक्‍त दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने टैरिफ लगा रहा है. वह चाहता है कि जल्‍द से जल्‍द भारत अपने एग्रीकल्‍चर और डेयरी सेक्‍टर्स से समझौता करके डील कर ले, लेकिन भारत इसपर राजी नहीं है. भारत का कहना है कि किसी भी सूरत में वह अपने कृषि और डेयरी सेक्‍टर्स को अमेरिका के लिए नहीं खोल सकता.  अमेरिका भारत से अपने कृषि और डेयरी उत्पादों, खासकर (नॉन-वेज मिल्क) और जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) फसलों के लिए बाजार खोलने और इन पर टैरिफ कम की डिमांड कर रहा है, जिस कारण अभी व्‍यापार डील नहीं हो पा रही है. अमेरिका इसमें 100 फीसदी टैरिफ से छूट चाहता है. भारत क्‍यों नहीं मानना चाहता यूएस की बात? भारत में दूध को धार्मिक और सांस्‍कृतिक तौर पर पवित्र माना जाता है और मांसाहारी चारा खाने वाले मवेशियों से मिले दूध (नॉनवेज मिल्‍क)  को अनुमति देना भारत के लिए स्‍वीकार्य नहीं है. भारत चाहता है कि दोनों देशों के बीच एक संतुलित सौदा हो, जो 140 करोड़ लोगों, खासकर 70 करोड़ किसानों के हितों की रक्षा हो. खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित, और रणनीतिक स्वायत्तता को प्रमुखता पर रखना चाहता है. साथ ही अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच की उम्‍मीद कर रहा है. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल

टेक्सटाइल उद्योगों को प्रोत्साहित करने होंगे हरसंभव प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक और गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन करने वाला राज्य है। राज्य सरकार ने कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। न केवल देश बल्कि अन्य देशों की टेक्सटाइल इकाइयों से भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बायर-सेलर के साथ चर्चा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट में शामिल हुए जहां देश-दुनिया के कई इंडस्ट्री लीडर्स उपस्थित हुए। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर वन-टू-वन मीटिंग भी की हैं। इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग प्रोत्साहक राज्य की छवि बनाते हुए सभी सेक्टर्स के उद्यमियों को आमंत्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स का स्वागत करते हुए कहा कि देश ऐसे ही नहीं बदलता है इसके लिए दृढ़ संकल्पों की आवश्यकता होती है। इन संकल्पों में नवीनता होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी प्रकार के व्यवसायों को आगे बढ़ा रही है। औद्योगीकरण को गति प्रदान करने में बायर-सेलर वर्ग का विशेष स्थान होता है। प्रधानमंत्री मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और वर्ष 2014 के बाद आज 15वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। "ईज ऑफ डूइंग" के अंतर्गत 42 कानूनों को किया खत्म मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत 42 कानूनों को खत्म किया है, जो व्यापार में बाधा बनते थे। राज्य सरकार ने उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी 29 अनुमतियों को भी कम करके 10 तक सीमित कर दिया है। प्रदेश में उद्योगपतियों को बिजली, पानी, जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रमिकों के वेतन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है। मेक इन इंडिया से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमें प्रतिकूलता से आगे बढ़कर अनुकूलता की ओर बढ़ने की जरूरत है। राज्य सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में औद्योगीकरण का वातावरण तैयार किया है। सरकार खनन, पर्यटन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट्स सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश में हैंडीक्राफ्ट्स और हैंडलूम के आर्टिजंस और छोटे-छोटे उद्योग उपलब्ध है। राज्य की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेशकों को वित्तीय एवं गैर वित्तीय सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। वित्तीय प्रोत्साहन निवेशकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करने की सुविधा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश करने पर सरकार सभी नीतियों का पूर्ण लाभ प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4000 से अधिक दिनों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को मिलकर पूरा कर सकते हैं। राज्य सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में विद्युत, ऊर्जा और जल की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य की नीतियां उद्योपतियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। भारत का दिल मध्यप्रदेश में बसता है और यह टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए नया केंद्र बन रहा है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में 4 औद्योगिक कॉरिडोर, 5 लाख कि.मी. से ज्यादा सड़कें, पर्याप्त पानी, 1 लाख एकड़ से ज्यादा औद्योगिक जमीन और 31 जीडब्ल्यू बिजली की उपलब्धता है। भारत का सबसे बड़ा पी.एम. मित्रा टेक्सटाइल पार्क 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर राज्य में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" में शीर्ष राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक राज्य है और कपास उत्पादन में भी पाँचवें स्थान पर है। वस्त्र और फुटवियर उद्योग के लिए सरकार पूंजी सब्सिडी, इंडस्ट्री प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी और स्टाम्प शुल्क की छूट देती है। उन्होंने कहा कि चंदेरी, महेश्वरी, बाघ और बटिक प्रिंट जैसे मशहूर हैंडलूम क्लस्टर राज्य में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान करीब दो दर्जन देशों में काम करने वाली कंपनी वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद को बेस्ट ग्लोबल सोर्सिंग अवॉर्ड और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक समाधान प्रदाता ली एंड फंग ग्रुप की सीईओ श्रीमती दीपिका राणा को क्वीव ऑफ एक्सिलेंस द बीएसएल प्लेटिनम अवॉर्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएसएल के दो वर्ष के उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। टेक्सटाइल सेक्टर के उद्योगपतियों ने रखें विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राउंड टेबल मीटिंग के दौरान उद्योगपतियों ने अपनी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया। बीएसएल के फाउंडिंग मेंबर एवं नेशनल जनरल सेक्रेटरी रमन दत्ता ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री इस प्रकार उद्योगपतियों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को सुन रहे हैं, यह बहुत अनुकरणीय पहल है। नॉइस जींस से फाउंडर एवं सीईओ मनीष चौहान, वॉलमार्ट के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद, एच एंड एम कंपनी के ग्लोबल सोर्सिंग हेड अमित हेमराजानी, ली एंड फंग कंपनी की सीओओ श्रीमती दीपिका राणा और वाइल्डक्राफ्ट इंडिया के भूपिंदर सिंह ने अपनी बात रखी। उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीएसएल ग्लोबल आउटरीच … Read more