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अब संपत्ति खरीद के लिए पैन-आधार लिंक जरूरी, OTP से होगी जांच

नई दिल्ली देश में संपत्ति खरीद और पंजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन की योजना बनाई जा रही है. नए पंजीकरण विधेयक-2025 के मसौदे में प्रस्तावित है कि हर संपत्ति खरीद के समय स्टांप के लिए OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य होगा. इससे सभी संपत्तियों की जानकारी आयकर विभाग के पास पहुंच जाएगी. इसके अलावा, बैनामी संपत्ति और भूमि खरीद पर नियंत्रण लगाने के लिए सरकार आधार और पैन नंबर का सत्यापन बैनामे से पहले अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है. ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने नए पंजीकरण विधेयक-2025 का मसौदा तैयार किया है. वर्तमान में संपत्ति खरीदने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड नंबर देना अनिवार्य है, लेकिन इनका सत्यापन नहीं किया जाता. सभी राज्यों के स्टांप एवं निबंधन विभागों के लिए यह आवश्यक है कि 30 लाख रुपये से अधिक के बैनामे की जानकारी आयकर विभाग को प्रदान करें, लेकिन कई मामलों में यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती. इसके परिणामस्वरूप, बैनामी संपत्तियों का पता लगाना कठिन हो जाता है. खरीदार का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा इस प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद, आयकर विभाग का एआई आधारित प्रणाली यह मूल्यांकन करेगी कि खरीददार कौन है, उसकी पिछले पांच से छह वर्षों में वार्षिक आय कितनी रही है, और उसने कुल कितनी संपत्तियां खरीदी हैं. यदि किसी व्यक्ति द्वारा उसकी शुद्ध आय से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदी जाती है, तो यह प्रणाली स्वतः नोटिस जारी करेगी. इससे संदिग्ध मामलों की पहचान और त्वरित समाधान में सहायता मिलेगी. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत संपत्तियों का संपूर्ण विवरण हमारे पास उपलब्ध रहेगा. किसी भी भूमि या संपत्ति की खरीद से पूर्व, खरीदार और विक्रेता के पैन कार्ड का ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद आधार नंबर से भी इसकी पुष्टि की जाएगी. सत्यापन के बाद सभी रजिस्ट्रार अपने अधिकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से बैनामे को मंजूरी देंगे. जैसे ही रजिस्ट्रार द्वारा पोर्टल पर बैनामे को ओटीपी से सत्यापित किया जाएगा, उसकी एक डिजिटल कॉपी हमारे पास उपलब्ध हो जाएगी, जिससे खरीदने और बेचने वाले का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. वर्तमान में, आयकर विभाग और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास बैनामी संपत्तियों से संबंधित तीन लाख से अधिक शिकायतें लंबित हैं. उत्तर प्रदेश में पैन आधारित सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. दान-गिफ्ट पर नजर नई प्रणाली के तहत दान और गिफ्ट में दी गई संपत्तियों पर निगरानी रखी जाएगी. विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जिनमें यह पाया गया है कि किसी व्यक्ति के नाम पर संपत्ति खरीदी गई और कुछ वर्षों बाद उसे दान या गिफ्ट के रूप में किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया. इन मामलों की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि संपत्ति के वास्तविक खरीदार वही व्यक्ति था, जिसे बाद में संपत्ति का दान या गिफ्ट दिया गया.

201 देशों में 120 ईसाई बहुल, मात्र दो हिंदू बहुल देश – आंकड़े बता रहे धार्मिक संतुलन की कहानी

नई दिल्ली भारत में कई नेता अकसर बदलती हुई आबादी का मसला उठाते रहे हैं। हाल ही में तमिलनाडु के गवर्नर और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी यह मसला उठाया था। हिमंत बिस्वा सरमा का तो कहना है कि 2041 तक असम में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। इसके अलावा राज्यपाल एन. रवि ने भी असम, पश्चिम बंगाल, यूपी और बिहार के कुछ सीमांत इलाकों को लेकर चिंता जाहिर की। लेकिन दुनिया भर में ऐसी चर्चाएं और चिंताएं अकसर जाहिर की जाती रही है। अब प्यू रिसर्च के एक सर्वे में आया है कि 2010 से 2020 की अवधि में दुनिया में ईसाई बहुल देशों की संख्या में कमी आई है। ईसाई बहुल देशों की संख्या दुनिया में 2010 में 124 थी, जो 2020 में घटकर 120 पर आ गई है। इसकी वजह यह है कि कई देशों में ईसाई आबादी का अनुपात कम हुआ है। जनसंख्या वृद्धि दर में कमी और अपने धर्म को छोड़कर नास्तिक बनना या किसी और मजहब को स्वीकार करना इसकी अहम वजह है। जिन देशों में ईसाई आबादी अब बहुसंख्यक नहीं रही है, वहां कमी का कारण यह है कि बड़ी संख्या में लोगों ने धर्म को छोड़ दिया। ये लोग खुद को अब किसी भी धर्म से नहीं जोड़ते हैं। ये खुद को नास्तिक, अज्ञेयवादी अथवा अनीश्वरवादी मानते हैं। कुल मिलाकर ईसाई देशों की संख्या में 10 सालों के अंतराल में ही बड़ी कमी आ गई और 4 देश नक्शे से घट गए। कुल 5 फीसदी देश दुनिया के ऐसे हैं, जहां बहुसंख्यक आबादी किसी भी धर्म को ना मानने वालों की है। अब बात करते हैं कि आखिर वे कौन से देश हैं, जहां की अब बहुसंख्यक आबादी ईसाई नहीं रही। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और उरुग्वे जैसे बड़े देश हैं। अब यूके में ईसाई आबादी 49 फीसदी ही बची है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में 47 फीसदी, फ्रांस में 46 और उरुग्वे में 44 फीसदी ही ईसाई जनसंख्या बची है। उरुग्वे में किसी भी धर्म को ना मानने वालों की संख्या 52 फीसदी हो गई है। एक और तथ्य यह है कि नीदरलैंड में भी बहुमत (54 फीसदी) अब किसी मजहब को न मानने वालों का है। इसके अलावा न्यूजीलैंड में यह नंबर 51 पर्सेंट है। हिंदुओं का दुनिया में क्या हाल, बहुमत वाले सिर्फ 2 देश दुनिया के 201 मान्यता प्राप्त देशों में अब 120 ही ईसाई बहुल बचे हैं। इसके अलावा सिर्फ दो देश ही हिंदू बहुल हैं। इन देशों में एक भारत है और दूसरा नेपाल। दिलचस्प फैक्ट है कि 95 फीसदी हिंदू आबादी अकेले भारत में ही बसती है। इसके अलावा बाकी 5 फीसदी जनसंख्या पूरी दुनिया में बिखरी हुई है। यही नहीं दुनिया की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 15 फीसदी है। कुल मिलाकर दुनिया के 60 फीसदी देश अब भी ईसाई बहुल है। हालांकि आने वाले दशकों में इस स्थिति में और बदलाव हो सकता है। कुछ और देश ईसाई बहुल होने का तमगा खो सकते हैं।

पति की संपत्ति पर तलाक के बाद नहीं रहेगा हक़: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का साफ़ आदेश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विवाह विच्छेद (तलाक) के बाद पत्नी का पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं रह जाता। अदालत ने कहा कि तलाक की डिक्री मिलने के बाद पत्नी का वैवाहिक दर्जा खत्म हो जाता है और वह पति की संपत्ति पर उत्तराधिकार या स्वामित्व का दावा नहीं कर सकती। हाई कोर्ट ने रायगढ़ सिविल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी। जिंदल स्टील स्टाफ से प्रेम विवाह, 2010 से रहने लगे अलग रायगढ़ निवासी युवक, जो जिंदल स्टील में कार्यरत था। उसने 11 मई 2007 को जिंदल स्टील प्लांट के स्टाफ से प्रेम विवाह किया था। कुछ वर्षों बाद पत्नी के चरित्र पर सवाल उठाते हुए दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया और वे वर्ष 2010 से अलग-अलग रहने लगे। पति ने वर्ष 2013 में रायगढ़ के पारिवारिक न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन दायर किया। फैमिली कोर्ट ने मार्च 2014 को पति के पक्ष में तलाक की डिक्री जारी कर दी। आदेश के अनुसार, पति-पत्नी का वैवाहिक संबंध 31 मार्च 2014 से समाप्त हो गया। संपत्ति पर अधिकार के लिए दाखिल किया सिविल वाद, सिविल कोर्ट ने किया खारिज तलाक के बावजूद पत्नी ने पति की संपत्ति पर अधिकार जताते हुए रायगढ़ सिविल कोर्ट में सिविल वाद दायर किया। लेकिन सिविल कोर्ट ने यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि तलाक के आदेश के बाद पत्नी का पति की संपत्ति पर कोई वैध अधिकार नहीं बनता है। पति ने मकान खरीदा, पत्नी ने कर लिया कब्जा पति ने रायगढ़ में एक मकान खरीदा था, जिसे किराए पर दिया गया था। तलाक के बाद पत्नी अपने 8-10 साथियों के साथ जबरन उस मकान में घुस गई और अवैध रूप से कब्जा कर वहीं रहने लगी। इस घटना के बाद पति ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पत्नी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 452 व 448/34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पत्नी का उत्तराधिकार हो जाता है समाप्त: हाई कोर्ट सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ महिला ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपील दायर की। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि विवाह विच्छेद की तारीख (31 मार्च 2014) से दोनों के वैवाहिक संबंध समाप्त हो चुके हैं। इसलिए पत्नी के पास पति की संपत्ति पर कोई भी वैधानिक अधिकार नहीं बचता। अदालत ने कहा कि तलाक की डिक्री के बाद पत्नी का दर्जा समाप्त हो जाता है, इसलिए उत्तराधिकार का अधिकार भी स्वतः समाप्त हो जाता है। अदालत ने सिविल कोर्ट रायगढ़ के आदेश की पुष्टि करते हुए पत्नी की अपील को खारिज कर दिया है।

अपने क्षेत्र में 51वीं बार पहुंचेंगे पीएम मोदी, वाराणसी को मिलेंगी बड़ी सौगातें

वाराणसी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 51वें दौरे पर आ रहे हैं. अपने इस एक दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में लगभग 2 घंटे बिताएंगे. इस दौरान वो जनसभा को भी संबोधित करेंगे. उनकी जनसभा सेवापुरी ब्लाक के कालिकाधाम (बलौनी) में होनी है. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.  गौरतलब है कि जब कभी प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में आते हैं, तो अक्सर कुछ बड़ा ऐलान करते हैं और परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी देते हैं. इस बार भी वह 2183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 52 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे.  इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी जाने वाली परियोजनाओं का लाभ न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल की जनता को भी मिलेगा. इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के रूप में 9.7 करोड़ किसानों के लिए  20 हजार 500 करोड़ रुपये की किस्त भी जारी करेंगे.  प्रधानमंत्री मोदी 2 अगस्त को सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे जनसभा स्थल हेलीकॉप्टर से पहुंच जाएंगे. वहीं, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एलिम्को की ओर से प्रधानमंत्री चुनिंदा कुछ दिव्यांगजनों और वयोश्री योजना के तहत अपने हाथों से उपकरण बाटेंगे. इसके बाद 2025 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी बांटा जाएगा. इसमें वाराणसी के सेवापुरी, आराजीलाइन और बड़ागांव के लाभार्थी शामिल किए गए हैं. तैयारियों जोरों पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जनसभा स्थल और तैयारियों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मानसून के मौसम में खासकर बारिश के मद्देनजर सभी तैयारी है. जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, लिहाजा जर्मन हैंगर के अलावा पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एसपीजी भी पहुंचकर सुरक्षा जांच में जुट गई है. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के मद्देनजर न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी पूरे जोर-शोर से लग गई है, जिसके तहत पूरे वाराणसी में स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों, महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं मठ-मंदिरों के आसपास स्वच्छता की जा रही है. इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री की जनसभा की व्यवस्था में लगे कार्यकर्ताओं की बैठक भी संपन्न हुई है, जिसमें जनसभा स्थल को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है और चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए प्रत्येक ब्लॉक के इंचार्ज भी बनाए गए हैं. पीएम मोदी के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं : * 565.35 करोड़ की लोकार्पित होने वाली 14 परियोजनाएं- वाराणसी-भदोही फोरलेन मार्ग (269.10 करोड़), मोहनसराय अदलपुरा रोड पर आरओबी (42.22 करोड़), होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में मशीनें व यूनिट (73.30 करोड़), जल जीवन मिशन की 47 परियोजनाएं (129.97 करोड़) आदि. * 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास- होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (85.72 करोड़), दालमंडी रोड का चौड़ीकरण (215.88 करोड़), बिजली के तारों का अंडर ग्राउंड कार्य (881.56 करोड़), अस्सी घाट पर मल्टीलेवल पार्किंग (9.84 करोड़) आदि.

ग्रीन इंदौर मिशन: 50 करोड़ की लागत से गार्डनों का सौंदर्यीकरण शुरू

इंदौर  इंदौर विकास प्राधिकरण ने शहर को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण दो दर्जन नए गार्डनों को विकसित करने जा रहा है, जिस पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बीते साल भी हरियाली महोत्सव और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों के तहत ग्रीन बेल्ट और गार्डनों में हजारों पौधे लगाए गए थे, जो अब बड़े होकर हरे-भरे पेड़ों में तब्दील हो चुके हैं। स्कीम 78 में सिटी फारेस्ट बनाया आईडीए ने योजना क्रमांक 78 में मियावाकी पद्धति से गार्डन विकसित किया है। यह इसकी एक सफल मिसाल है। प्राधिकरण केवल पौधारोपण ही नहीं करता, बल्कि रख-रखाव के लिए भी ठेका देता है, जिससे पौधों का जीवित रहना सुनिश्चित होता है। रिंग रोड की हरियाली और सिटी फॉरेस्ट योजना को भी मिलेगा विस्तार प्राधिकरण के सीईओ आरपी अहिरवार के अनुसार, प्राधिकरण ने वर्षों पहले रिंग रोड पर जो चौड़े ग्रीन बेल्ट विकसित किए थे, वह आज भी हरे-भरे हैं, हालांकि मेट्रो प्रोजेक्ट और फ्लाईओवर निर्माण के कारण कुछ स्थानों पर ग्रीन बेल्ट हटाने की भी नौबत आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योजना क्रमांक 97 पार्ट-4 में 42 एकड़ भूमि पर सिटी फॉरेस्ट के लिए जमीन मिली है, जिसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। हाल ही में प्राधिकरण ने कुमेर्डी में आईएसबीटी के सामने 2100 पौधे लगाए हैं। पिछले वर्ष लगाए गए करीब ढाई लाख पौधे अब 10 से 15 फीट तक ऊंचे हो चुके हैं, जो इस योजना की सफलता दर्शाते हैं। नई टीपीएस योजनाओं में शामिल होंगे बड़े गार्डन क्षेत्र प्राधिकरण के सीईओ आरपी अहिरवार के अनुसार, इस वर्ष भी मां की बगिया और एक पौधा मां के नाम जैसे अभियानों के तहत मानसून सीजन में हजारों पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही, जो नई टीपीएस योजनाएं घोषित की गई हैं, उनमें बड़ी संख्या में गार्डनों के लिए जमीन आरक्षित की गई है। इन दो दर्जन नए गार्डनों में ही ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मियावाकी पद्धति के अतिरिक्त अन्य पौधारोपण कार्यों के लिए भी टेंडर बुलाए जा चुके हैं और विभिन्न ठेकेदार फर्मों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ठेकेदार फर्में करेंगी रखरखाव, प्राधिकरण करेगा सख्त मॉनिटरिंग पौधारोपण की सफलता का राज यह है कि प्राधिकरण पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों को सौंपता है। पौधे सूखने की स्थिति में फर्म को नए पौधे लगाने होते हैं। इसके अलावा पौधारोपण से पहले गार्डनों और ग्रीन बेल्ट में बाउंड्री, फेंसिंग, बोरिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्राधिकरण की टीम लगातार इसकी निगरानी करती है। हाल ही में पर्यावरण दिवस पर सिंदूर गार्डन में 1100 पौधे लगाए गए थे। अब बारिश के मौसम में प्राधिकरण पूरे शहर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने जा रहा है। 

INDI गठबंधन उतारेगा साझा उम्मीदवार? उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

 नई दिल्ली उपराष्ट्रपति पद के लिए सामूहिक निर्णय के बाद आइएनडीआइए एक साझा उम्मीदवार उतार सकता है। ब्लॉक के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के बहुमत में होने के बावजूद उसे लगता है कि संख्या बल विपक्ष के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी भावना है कि विपक्षी दलों को परिणाम की परवाह किए बिना एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने के लिए चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटना चाहिए। जगदीप धनखड़ ने सोमवार को दिया था इस्तीफा गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे अन्य कारणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 74-वर्षीय धनखड़ ने अगस्त, 2022 में पदभार ग्रहण किया था और उनका कार्यकाल अगस्त, 2027 तक था। दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 782 है बहरहाल, दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 782 है और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में विजयी उम्मीदवार को 392 वोट हासिल करने होंगे, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें। लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं। लोकसभा में, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 542 सदस्यीय सदन में 293 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, वहीं आइएनडीआइए के पास 234 सदस्य हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा में लगभग 130 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिसकी प्रभावी संख्या 240 है।  आइएनडीआइए को 79 सदस्यों का समर्थन प्राप्त उच्च सदन में आइएनडीआइए को 79 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। प्रभावी रूप से, संसद में एनडीए के 423 सदस्य और इंडिया ब्लॉक के 313 सदस्य हैं, शेष गुटनिरपेक्ष हैं। चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और यह जल्द ही तारीखों की घोषणा करेगा। संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड दो के अनुसार, उपराष्ट्रपति के निधन, त्यागपत्र या पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से खाली हुए इस पद को भरने के लिए चुनाव ''यथाशीघ्र'' कराया जाएगा। निर्वाचित व्यक्ति ''अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पूरे पांच वर्ष की अवधि'' तक इस पद पर बने रहने का हकदार होगा।  

शिव की कृपा से लक्ष्मी का वरदान, इन राशियों की किस्मत पलटेगा गजलक्ष्मी राजयोग

हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवभक्त व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक के माध्यम से शिव की कृपा प्राप्त करते हैं। साल 2025 में सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त को पड़ रहा है, और यह दिन खास इसलिए है क्योंकि इस दिन एक नहीं बल्कि कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो कुछ राशियों के लिए सौभाग्य के द्वार खोल सकते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस दिन मिथुन राशि में गुरु और शुक्र की युति से गजलक्ष्मी राजयोग बन रहा है, जो धन, वैभव और सौंदर्य का प्रतीक है। साथ ही सूर्य और गुरु की स्थिति से द्विद्वादश योग भी बन रहा है, जो भाग्यवृद्धि और आत्मबल को बढ़ाता है। इतना ही नहीं, सूर्य जब कर्क राशि में रहकर बुध के साथ युति करेगा, तब बुधादित्य योग का निर्माण होगा, जो बुद्धि और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि लाता है। इन सभी शुभ योगों के कारण कई राशियों की किस्मत इस दिन चमक सकती है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वे भाग्यशाली राशियां। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए सावन का अंतिम सोमवार बेहद शुभ साबित हो सकता है, खासतौर पर द्विद्वादश योग के बनने से। यह योग आपके लंबे समय से अटके हुए कामों को गति देने वाला है। जो कार्य अब तक बार-बार अटक रहे थे, वे अब पूरे होने लगेंगे। साथ ही आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। भगवान शिव की कृपा से इस समय आपकी मेहनत का फल मिलना शुरू होगा। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी। घर में जो आपसी मतभेद या परेशानियां चल रही थीं, वे अब दूर होने लगेंगी। भाई-बहनों के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी और आपसी सहयोग बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को काम के क्षेत्र में मान-सम्मान और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वहीं व्यापारी वर्ग के लिए यह समय रणनीति बनाकर काम करने का है  क्योंकि इस दौरान बनाई गई योजनाएं सफल होंगी और लाभदायक साबित हो सकती हैं। कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए सावन का अंतिम सोमवार बहुत ही शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इस दिन बनने वाला गुरु और सूर्य का द्विद्वादश योग आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है , खासकर वे कार्य जो लंबे समय से अधूरे थे, अब पूरे हो सकते हैं। परिवार के साथ भी रिश्ते मजबूत होंगे और आपसी समय की गुणवत्ता बढ़ेगी। यदि आप विदेश से जुड़े किसी काम में हैं या विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो वहां से भी लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बहुत ही अनुकूल रहेगा। आपके काम की सराहना होगी और लीडरशिप क्वालिटी उभरकर सामने आएगी, जिससे आपको नई ज़िम्मेदारियां और ऊंचा पद मिल सकता है। वेतन वृद्धि और पदोन्नति के योग भी बन रहे हैं। इसके साथ ही इस समय आपको पिता या किसी गुरु तुल्य व्यक्ति का पूरा सहयोग मिल सकता है, जो आपके लक्ष्य को पाने में सहायक साबित होगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए सावन का आखिरी सोमवार शिव जी की विशेष कृपा लेकर आ सकता है। इस समय आपके जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हो सकती है। जो भी कार्य आप लंबे समय से कर रहे हैं, उनमें अब साफ तौर पर सफलता दिखने लगेगी। कानूनी मामलों में उलझे हुए लोग राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में आपके पक्ष में फैसला आ सकता है। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं, जिससे समाज या कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ेगा। पारिवारिक रिश्तों की बात करें तो पिता के साथ यदि कोई मनमुटाव या दूरी थी, तो वह अब दूर हो सकती है। अविवाहित लोगों को विवाह का अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है और विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं। पार्टनर के साथ संबंधों में गहराई आएगी और साथ में समय बिताने के अवसर मिलेंगे। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके प्रयास अब रंग ला सकते हैं। यह समय आपके लिए आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ रहेगा। 

अगस्त में 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, लॉन्ग वीकेंड में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें लिस्ट

हर महीने की तरह अगस्त 2025 में भी बैंक कई दिनों के लिए बंद रहेंगे. अगर आपके पास कोई जरूरी बैंक का काम है, जैसे पासबुक अपडेट कराना, कैश जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना या लॉकर एक्सेस करना, तो अभी से उसकी प्लानिंग कर लेना अच्छा रहेगा.रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की छुट्टियों की लिस्ट(RBI Bank Holidaylist) के अनुसार, अगस्त महीने में कुल 15 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें कुछ दिन वीकेंड यानी शनिवार और रविवार की छुट्टियां हैं, जबकि कुछ छुट्टियां राज्य विशेष त्योहारों और आयोजनों के कारण हैं. हर राज्य की बैंक छुट्टियां एक जैसी नहीं होतीं, इसलिए ये जानना जरूरी है कि आपके शहर में किस-किस तारीख को बैंक बंद (State-Wise Bank Holiday List) रहेंगे. शनिवार और रविवार की छुट्टियां हर हफ्ते के रविवार को सभी बैंक बंद रहते हैं. इसके अलावा, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंकों में छुट्टी होती है. अगस्त 2025 वीकेंड की छुट्टियां कब-कब रहेंगी? अगस्त 2025 में रविवार को बैंक हमेशा की तरह बंद रहेंगे. इस बार 3, 10, 17, 24 और 31 अगस्त को रविवार है. इसके अलावा, 9 अगस्त को दूसरा शनिवार और 23 अगस्त को चौथा शनिवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे. अगस्त 2025 में त्योहारों की वजह से कई दिन  बंद रहेंगे बैंक  अगस्त में कई बड़े त्योहार आने वाले हैं जैसे रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी. इन्हीं त्योहारों के चलते अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. 8, 9, 13, 15, 16, 19, 25, 27 और 28 अगस्त को अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. जैसे – 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर यूपी, राजस्थान, एमपी समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.15 अगस्त को पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र में पारसी न्यू ईयर की छुट्टी होगी.16 अगस्त को जन्माष्टमी के चलते बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, तेलंगाना जैसे राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.27 और 28 अगस्त को गणेश चतुर्थी और इसके अगले दिन महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, ओडिशा जैसे राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. छुट्टियों की तारीखें राज्य और वहां मनाए जाने वाले त्योहारों पर निर्भर करती हैं, इसलिए बैंक जाने से पहले  हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक करें. अगस्त 2025 की छुट्टियों की पूरी लिस्ट इस बार अगस्त में कुल 15 छुट्टियां होंगी, जिनमें से करीब 7 दिन वीकेंड की छुट्टियां हैं और बाकी राज्य/त्योहारों के हिसाब से हैं.     3 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     8 अगस्त 2025 को तेंगना पोर्निमा और झूलन पूर्णिमा के मौके पर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बैंक बंद रहेंगे.     9 अगस्त को दूसरा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी.     10 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     13 अगस्त को केरल में ओणम पर्व की छुट्टी के कारण बैंक बंद रहेंगे.     15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा.     16 अगस्त को पारसी नववर्ष (नवरोज) के चलते महाराष्ट्र और गुजरात में बैंक बंद रहेंगे.     17 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     19 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.     23 अगस्त को चौथे शनिवार की वजह से पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे.     24 अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे.     25 अगस्त को जन्माष्टमी के कारण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे.     27 अगस्त को श्री नारायण गुरु जयंती के चलते केरल में बैंक अवकाश रहेगा.     28 अगस्त को थिरुवोनम (ओणम का प्रमुख दिन) पर केरल में एक बार फिर बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी.     31  अगस्त 2025 रविवार को देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे. राज्य के अनुसार छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं. पूरी लिस्ट आप RBI की वेबसाइट या अपने स्थानीय बैंक ब्रांच से भी चेक कर सकते हैं. बैंक हॉलिडे के दिन क्या ऑनलाइन बैंकिंग काम करेगी? हाँ, छुट्टी के दिन भी नेट बैंकिंग, UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसे डिजिटल साधन चलते रहेंगे. आप फंड ट्रांसफर, बैलेंस चेक, बिल पेमेंट जैसे काम आराम से कर पाएंगे.हालांकि, NEFT और RTGS जैसे ट्रांजैक्शन में थोड़ी देरी हो सकती है और चेक क्लीयरेंस, KYC अपडेट, लॉकर विज़िट जैसे काम के लिए ब्रांच जाना ज़रूरी होता है, जो छुट्टी वाले दिन नहीं हो पाएगा. अब भले ही डिजिटल बैंकिंग आम हो गई हो, लेकिन बहुत से ऐसे काम हैं जो बिना बैंक जाए पूरे नहीं होते. इसलिए अगर आप किसी जरूरी बैंकिंग काम की प्लानिंग कर रहे हैं जैसे लोन प्रोसेसिंग, फिक्स्ड डिपॉजिट, ड्राफ्ट बनवाना या चेक क्लियरेंस तो बेहतर होगा कि छुट्टियों की लिस्ट देखकर काम पहले ही पूरा कर लें.वरना छुट्टी के चलते आपको फालतू की दौड़भाग और देरी का सामना करना पड़ सकता है.

सफाई में नंबर 1 इंदौर की नई पहल: ऑन डिमांड कचरा उठाने के लिए लॉन्च होगा मोबाइल ऐप

इंदौर सफाई के मामले में इंदौर एक बार फिर नंबर बन रहा है। वहीं अब इंदौर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बाद एक और सुविधा मिलने जा रही है। इस सुविधा के तहत लोग अपने मोबाइल में एक एप्लीकेशन के जरिए कचरा गाड़ी बुलवाकर कचरा दे सकेंगे। यह सुविधा घर और संस्थानों सभी के लिए उपलब्ध रहेगी। दरअसल, इस खास ऐप के जरिए लोगों को साफ-सफाई का ऑप्शन दिया जाएगा। इंदौर में शुरू होने वाले इस खास ऐप को 5 अगस्त को लॉन्च किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक जो ऐप लॉन्च किया जाएगा, वह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ही एप्लीकेशन पर काम करेगा। इस ऐप का मकसद सफाई के मामले में इंदौर को और आगे ले जाना है। अब इंदौर में डोर टू डोर ही नहीं ऑन डिमांड भी कचरा किया जाएगा कलेक्ट, फूड डिलीवरी की तरह ही होगा काम कैसे काम करेगा यह ऐप? दरअसल, लॉन्च किया जाने वाला यह ऐप एकदम फूड डिलीवरी ऐप की तरह ही काम करेगा। जिस प्रकार से हम किसी फूड डिलीवरी ऐप पर जाकर फूड आइटम सेलेक्ट करते हैं और अपना एड्रेस डालकर ऑर्डर करते हैं, वैसे ही इस ऐप में भी सफाई के कुछ ऑप्शंस को सेलेक्ट करना होगा और अपने घर व संस्थान का एड्रेस देना होगा। इसके बाद गाड़ियां घर आएंगी और आपका कचरा कलेक्ट करेंगी। दरअसल, यह कचरा रोज़ाना के अलावा इकट्ठा होने वाला एक्स्ट्रा कचरा होगा। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि इसका चार्ज कितना होगा, लेकिन जल्द ही यह तय किया जा सकता है। यह चार्ज नगर निगम द्वारा लिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 5 अगस्त को इस ऐप को लॉन्च किया जा सकता है। ये एप्लिकेशन एंड्राइड और आईओएस दोनों के लिए रहेगी। फूड डिलीवरी ऐप की तरह करेगी काम जिस प्रकार आप फूड डिलीवरी ऐप का इस्तेमाल करते हैं। वैसे ही ये ऐप भी काम करेगी। फूड डिलीवरी ऐप पर जिस प्रकार फूड को सिलेक्ट करते हैं उसके बाद ऑर्डर देते हैं। ऑर्डर होने के बाद फूड आपके घर या संस्थान तक पहुंचाया जाता है। उसी प्रकार इस ऐप के माध्यम से आप अपने घर या संस्थान से निकलने वाले कचरे (रोजाना के अलावा) कलेक्शन के लिए गाड़ियां बुला सकते हैं। बड़े संस्थान और बड़े इवेंट के लिए साफ-सफाई का भी ऑप्शन मिलेगा। हालांकि, इसके लिए नगर निगम द्वारा चार्ज लिया जाएगा, लेकिन कितना चार्ज लिया जाएगा ये फिलहाल तय नहीं हुआ हैं। ऐप को दिया ‘क्विक साफ' नाम स्वच्छ भारत मिशन द्वारा तैयार की गई इस ऐप को 'क्विक साफ' (Quick Saaf) नाम दिया है। इंदौर में लोगों के घरों में डोर-टू-डोर कचरा गाड़ी रोजाना आती हैं, जिसमें लोग गिला और सूखा कचरा अलग-अलग डालते हैं। 5 अगस्त को लॉन्च की जा सकती है ऐप 5 अगस्त को नगर निगम परिषद के कार्यकाल के तीन साल पूरे हो रहे हैं। महापौर भार्गव ने बताया कि 5 अगस्त को कार्यकाल पूरे हो रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव से इस विषय में चर्चा की जाएगी। अगर अनुमति मिलती है तो इस ऐप को 5 अगस्त को ही लॉन्च कर दिया जाएगा। इस ऐप की फिलहाल दरें तय नहीं हुई है। दरें एमआईसी में अप्रूवल के लिए आई है। जल्द ही दरें भी अप्रूव हो जाएगी। मगर इस ऐप का इस्तेमाल से लोग अपने घरों और संस्थानों में निकलने वाले एक्स्ट्रा कचरे को देने के लिए गाड़ी बुक कर सकते हैं। बुकिंग पर गाड़ी आपके घर आएगी और घर या संस्थान से कचरा कलेक्ट कर ले जाएगी। बड़े इवेंट या बड़े संस्थानों में साफ-सफाई के लिए भी आप इस माध्यम से टीम को बुला सकते हैं। नवाचार और इनोवेशन से इंदौर नंबर वन महापौर पुष्यमित्र भार्गव से दैनिक भास्कर ने इसे लेकर खास चर्चा की। उन्होंने बताया कि इंदौर नगर निगम अपने नवाचार और इनोवेशन के कारण लगातार देश में नंबर वन हैं। गीले कचरे से बायो सीएनजी बन रही है, सूखे को रिसाइकिलिंग कर रहे हैं, हरे कचरे से प्लेट्स बनाने का काम इंदौर नगर निगम में शुरू हो गया है, लेकिन इस कचरा प्रबंधन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने लिए अब इंदौर नगर निगम ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन भी शुरू करने जा रहा है। क्विक साफ (Quick Saaf) नाम से ऐप हमारा बनकर तैयार हो गया है, जिसकी शुरुआत जल्द होने वाली है। फूड डिलीवरी ऐप पर जैसे खाने की डिलीवरी होती है। उसी तरह डोर-टू-डोर कचरा गाड़ी के अलावा जो कचरा है वह यदि कोई देना चाहता है तो ऐप के माध्यम से घर बुलाकर दे सकता है। वैसे ही किसी बडे़ आयोजन की साफ-सफाई करना है तो ऐप के माध्यम से रिक्वेस्ट भेज सकता है। टीम वहां जाकर साफ-सफाई भी कर देगी। कई नवाचार लाइन में हैं। रोड स्वीपिंग के हो, मिक्स्ड वेस्ट के या प्लास्टिक से फ्यूल बनाना हो। इन्हें हम तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। क्या है इस ऐप का नाम? बता दें कि इंदौर में डोर टू डोर कलेक्शन किया जाता है, यानी गाड़ियां लोगों के घर जाती हैं और वहां से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करती हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जब महीने या हफ्ते में घर की सफाई की जाती है तो एक्स्ट्रा कचरा निकलता है। ऐसे में इस कचरे को डालना भी बड़ी समस्या बन सकता है। लेकिन इंदौर नगर निगम सफाई के मामले में बेहद ही सक्रिय है। अब एक्स्ट्रा कचरे के लिए लोग गाड़ी बुक कर सकेंगे। बुकिंग करने पर यह गाड़ी आपके घर आएगी और घर से यह कचरा कलेक्ट कर लेगी। यह बड़े इवेंट और संस्थाओं के लिए भी सफाई का अच्छा माध्यम बनेगी। बता दें कि इंदौर में शुरू होने वाले ऐप को क्विक साफ नाम से तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य के नाम पर ज़हर! मिलावटी हरी सब्जियों से तिल-तिल कर मर रहा है शरीर

भोपाल  स्वस्थ समझकर खा रहे हरी सब्जियों में छुपा हो सकता है कीटनाशकों का जहर! जानिए कैसे ये सब्जियां बन रही हैं बीमारियों की जड़ और क्या है इससे बचने का सही तरीका. सर्दियों में जैसे ही पालक, मेथी, बथुआ और सरसों की बहार बाजार में आती है, लोग इन्हें विटामिन और आयरन से भरपूर सुपरफूड मानकर थालियों में सजाना शुरू कर देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब्जियां जिन खेतों से आती हैं, वहां क्या छिड़का जा रहा है? रसायनों से भरी सब्जियां, स्वाद से पहले ज़हर किसानों द्वारा तेजी से उत्पादन बढ़ाने और फसल को कीटों से बचाने के लिए सिस्टमिक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है. ये रसायन सीधे पौधे की जड़ों और पत्तियों में समा जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इनका असर सब्जियों से हटाने के लिए 7–10 दिन का समय देना चाहिए, लेकिन अधिकतर किसान इस निर्देश को नजरअंदाज करते हैं. धीमा जहर: स्वास्थ्य पर घातक असर डॉक्टर मनीष खेडेकर के अनुसार, लंबे समय तक ऐसे कीटनाशक खा लेने से शरीर पर गहरा असर होता है. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसी बीमारियां पहले आती हैं और बाद में कैंसर, किडनी व लिवर डैमेज जैसे घातक परिणाम सामने आते हैं बच्चों और बुजुर्गों पर असर और भी तेज़ होता है क्या करें? ये हैं सेफ्टी के उपाय सब्जियों को धोएं, भिगोएं और फिर पकाएं जहां संभव हो, जैविक खेती से आई सब्जियां खरीदें खुद छोटे पैमाने पर किचन गार्डन या ऑर्गेनिक फार्मिंग अपनाएं बाजार से आने वाली हरी पत्तेदार सब्जियों को नमक या सिरके के पानी में भिगोना असरदार हो सकता है प्राकृतिक खेती ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प नीम का अर्क, गोमूत्र, जीवामृत, राख जैसे पुराने संसाधन न सिर्फ फसल को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि मानव शरीर के लिए भी पूरी तरह सेहतमंद होते हैं. सरकारें भी अब प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने लगी हैं, लेकिन जब तक ग्राहक खुद जागरूक नहीं होंगे, बदलाव धीमा ही रहेगा.