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तीसरे दिन भी नहीं टूटी छांगुर बाबा की कोठी, बुलडोजर एक्शन में अफसरों की जद्दोजहद जारी

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर तीसरे दिन भी बुलडोजर का एक्शन जारी है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई छांगुर बाबा की आलीशान किलेनुमा कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है. हालांकि, बाबा की ये कोठी इतनी मजबूत है कि इसको तोड़ने के लिए जेसीबी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.  जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी इस मजबूत कोठी में 10 मिलीमीटर से 15 मिलीमीटर तक की मोटी-मोटी सरिया लगवा रखी हैं. इसका कंक्रीट मटेरियल भी ऐसा इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर ब्रिज और पुल निर्माण में प्रयोग होता है. इसी के चलते बाबा की कोठी बेहद मजबूत है, जिसे तोड़ने में बुलडोजर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  आपको बता दें कि बलरामपुर स्थित छांगुर बाबा की जिस कोठी को जमींदोज किया जा रहा है, वह किसी महल से कम नहीं है. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. प्राइवेट पावर प्लांट लगाया था. दर्जनों सोलर पैनल लगे थे. बाउंड्री पर कटीले तार बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के पास भी न फटक पाए.  इतना ही नहीं इस कोठी के अंदर ही एक गुप्त कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी. कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम था. अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि छांगुर बाबा को उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ बीते शनिवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. दोनों बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी था. उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर लेकर लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है. अब एटीएस उनसे पूछताछ करेगी.  इससे पहले, इसी केस में 8 अप्रैल को दो और आरोपियों जमालुद्दीन जो कि नसरीन का पति है और छांगुर बाबा के बेटे महबूब को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये दोनों भी बलरामपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इन बड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे- इस अवैध धर्मांतरण के पीछे फंडिंग कहां से आई? अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया? इस संगठित गिरोह के सदस्य किन-किन राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं? क्या इसके पीछे विदेशी ताकतों का इशारा था? इनकी खाड़ी देशों में किससे मुलाकात हुई और किनके निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था?

यूपी में मानसून दक्षिण और बुंदेलखंड की तरफ शिफ्ट, आज इन 14 जिलों में होगी बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और मध्य प्रदेश से सटे जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 40 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बुधवार को प्रदेश के तराई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बुधवार को पश्चिम तराई, विंध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड में अच्छी बारिश के आसार हैं। यहां है भारी वर्षा की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में ।  यहां है मेघगर्जन और वज्रपात होने की संभावना बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही , कानपुर देहात, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।  

कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप, भाजपा सरकार सत्ता से जाएंगे तभी बदलाव आएगा : अखिलेश यादव

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपा का शासन हटेगा, तभी कानून व्यवस्था में सुधार होगा। वे प्रदेश सपा मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से जनता परेशान है। सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाता है। भाजपा भूमाफिया बन गई है। उन्होंने कहा कि तालाब की सरकारी जमीनों पर भाजपाई अवैध कब्जे कर रहे हैं। जमीनों पर कब्जा करना ही भाजपा का एजेंडा है। सपा अध्यक्ष ने कहा आरएसएस उत्तर प्रदेश में नागपुर जैसा केंद्र बना रही है। भाजपा समाज में झूठ और नफरत फैला रही है। सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। भाजपा लोकतंत्र और संविधान विरोधी है। अखिलेश ने कहा कि सपा कार्यकर्ता भाजपा से पूरी तरह सजग रहकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। वोटर लिस्ट पर विशेष ध्यान देना है। भाजपा वोटर लिस्ट को लेकर साजिश करती है। बच्चों ने अखिलेश को सौंपी अपनी राशि अखिलेश यादव को प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर गोरखपुर से आईं कक्षा तीन की बालिका रश्मिका यादव और कक्षा 6 के बालक राजेश यादव विक्की ने अपने गुल्लकों की राशि भेंट की। इन बच्चों के साथ उनकी मां शौर्य यादव ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की। अखिलेश ने इन बच्चों की भावनाओं की भूरि-भूरि सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

लापता चार मासूम बच्चों की पानी भरे गड्ढे में मिली लाश

मेजा/प्रयागराज मेजा इलाके के बेदौली गांव से लापता चार मासूम बच्चों की बुधवार सुबह घर से कुछ ही दूरी पर पानी भरे गड्ढे में लाश उतराती हुई मिली तो सनसनी फैल गई। चारों बच्चों में दो भाई-बहन हैं। बाकी दो पड़ोसी हैं। सूचना पर मौके पर एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय के साथ मेजा थाना अध्यक्ष राजेश उपाध्याय पहुंच गए। चारों बच्चों के शव को पहले सीएचसी रामनगर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। घर में कोहराम मचा हुआ है।   मेजा थाना क्षेत्र के बेदौली गांव के आदिवासी बस्ती के ज्यादातर लोग गांव में स्थित ईंट भट्ठा या मनरेगा में मजदूरी का काम करते हैं। उनकी बस्ती के पास ही ईंट भट्ठा संचालित होता है। ईंट भट्ठा संचालक द्वारा मिट्टी निकालने के चक्कर में बड़ा गड्ढा कर दिया गया है। जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ है। मंगलवार शाम तीन बजे बस्ती के लोग मनरेगा के काम में चले गए थे। शाम पांच जब बस्ती के लोग घर आए तो हीरा आदिवासी का बेटा हुनर (5), हीरा आदिवासी की बेटी वैष्णवी (3), संजय आदिवासी का बेटा खेसारी लाल (5) और विमल आदिवासी का बेटा कान्हा (5) वर्ष घर से लापता थे। इन चारों बच्चों की खोजबीन पूरी बस्ती के लोग काफी देर तक किए लेकिन कुछ भी पता नहीं चल सका। मेजा पुलिस ने रात में ही चारों बच्चों के लापता होने पर गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन शुरू की थी, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। बुधवार सुबह छह बस्ती के लोगों की निगाह ईंट भट्ठा के बगल पानी भरे गड्ढे पर गई तो वहां पर चारों मासूम बच्चों की लाश उतरती हुई दिखी। ऐसे में सनसनी फैल गई। घर में कोहराम मच गया। बस्ती के लोगों ने चारों बच्चों की उतराती हुई लाश को बाहर निकाल लिया। सूचना पर एसीपी मेजा, एसडीएम मेजा सुरेंद्र प्रताप यादव सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक चारों बच्चे खेलते खेलते पानी भरे गड्ढे में चले गए। जिससे चारों मासूम बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम मेजा ने बताया की चारों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए सहायता के रूप में दिया जाएगा। मेजा थाना क्षेत्र के बेदौली गांव में पानी में डूबने से जिन चार बच्चों की मौत हुई है उसमें दो बच्चे सगे भाई बहन हैं। यह बच्चे हीरा आदिवासी के हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।  घटना के बाद बस्ती में कोहराम मचा हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। परिवार के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली।  

उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस सेवा में किया पदोन्नत, आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) काडर में पदोन्नति दे दी गई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना के क्रम में इस संबंध में उत्तर प्रदेश के नियुक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, सहारनपुर के अपर आयुक्त भानु प्रताप यादव, यूपीएसएसएससी के परीक्षा नियंत्रक विधान जायसवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार सिंह, सिद्धार्थनगर के सीडीओ बलराम सिंह, यीडा के विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, यूपीपीएससी के उप सचिव देवी प्रसाद पाल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सचिव अंजू लता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय के संयुक्त निदेशक जयनाथ यादव, अपर निदेशक (प्रशासन) कृषि तथा अपर मेला अधिकारी कुंभ मेला दयानंद प्रसाद को पदोन्नति दी गई है। इसी तरह से यूपीपीएससी के उप सचिव विनोद कुमार गौड़ व विवेक कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक मंडी परिषद सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हाथरस बसंत अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वाराणसी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अयोध्या महेंद्र कुमार सिंह,, अपर जिलाधिकारी प्रशासन बिजनौर विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुरादाबाद गुलाब चंद्र, सदस्य वक्फ न्याायधिकरण लखनऊ राम सुरेश वर्मा , अपर जिलाधिकारी प्रशासन गाजियाबाद रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) गौतमबुद्धनगर राजेश कुमार, उप निदेशक मंडी योगेंद्र कुमार और अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय नीलम को भी आईएएस काडर में पदोन्नति दे दे गई है। इन सभी अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है।

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं. 

मुख्यमंत्री योगी बोले – पौधरोपण अभियान अपनी मां के नाम कृतज्ञता ज्ञापित करने का मौका

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौधरोपण अभियान अपनी मां के नाम कृतज्ञता ज्ञापित करने का मौका देता है। इसलिए इसे एक पेड़ मां के नाम अभियान नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के दिन पौधरोपण कर इनकी सुरक्षा के लिए और संरक्षण के लिए काम करें। मुख्यमंत्री योगी बुधवार को अयोध्या में सोलर सिटी के पास दशरथ पथ पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। पौधरोपण महा अभियान का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पहले संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, आरती की और सीएम ने दर्शन-पूजन के उपरांत निकलते समय आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया। वहीं मंदिर परिसर की परिक्रमा कर राम मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन किए। उन्होंने श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की इसके साथ ही उन्होंने राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली। राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी का जुलाई महीने में पहले अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 5 जून को राम दरबार के उद्घाटन के अवसर पर यहां आए थे।

Apple कंपनी ने भारतीय मूल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सबिह खान को COO बनाया

मुरादाबाद आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी ऐपल में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी ने भारतीय मूल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सबिह खान को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया है। वह जेफ विलियम्स की जगह लेंगे जो लगभग 30 साल की सर्विस के बाद इसी साल रिटायर होने जा रहे हैं। विलियम्स अभी कुछ समय तक टिम कुक को रिपोर्ट करते रहेंगे। वह ऐपल की डिजाइन टीम और हेल्थ से जुड़े कामों को भी देखेंगे। सबिह खान का जन्म 1966 में उत्तर प्रदेश की पीतल नगरी मुरादाबाद में हुआ था। स्कूली दिनों में ही वह सिंगापुर चले गए थे। कुछ समय बाद ही वह अमेरिका चले गए। Tufts University से इकनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री लेने के बाद उन्होंने Rensselaer Polytechnic Institute (RPI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री ली। ऐपल में आने से पहले सबिह खान जीई प्लास्टिक्स में काम करते थे। वहां वह एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और टेक्निकल लीडर थे। सफलता की सीढ़ियां सबिह खान ने 1995 में ऐपल के प्रोक्योरमेंट ग्रुप को ज्वाइन किया था। धीरे-धीरे वह आगे बढ़ते गए और 2019 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। पिछले छह साल में उन्होंने ऐपल की ग्लोबल सप्लाई चेन को संभाला है। इसमें प्लानिंग, खरीदारी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्ट को पूरा करना शामिल है। सबिह खान ने ऐपल के सप्लायर रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम को भी देखा है। यह प्रोग्राम कर्मचारियों की सुरक्षा, शिक्षा और पर्यावरण की देखभाल पर ध्यान देता है। टिम कुक ने सबिह खान के बारे में कहा कि वह एक शानदार रणनीतिकार हैं। वह ऐपल की सप्लाई चेन के मुख्य आर्किटेक्ट रहे हैं। सबिह ने ऐपल की सप्लाई चेन को बनाने और मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में नई टेक्नोलॉजी को लाने में मदद की है। उन्होंने अमेरिका में ऐपल की मौजूदगी को बढ़ाया है। साथ ही, उन्होंने पर्यावरण के लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाया है। ऐपल ने अपने कार्बन फुटप्रिंट को 60 प्रतिशत से ज्यादा कम कर दिया है। कुक ने क्या कहा कुक ने यह भी कहा, 'सबिह की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह दिल से और ईमानदारी से काम करते हैं। मुझे पता है कि वे एक बेहतरीन चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बनेंगे।' सबिह खान ने ऐपल की ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पहल को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सप्लायरों के साथ मिलकर पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे असर को कम करने के लिए काम किया है। उनकी वजह से ऐपल ग्लोबल चुनौतियों का सामना करने में सक्षम रहा है।  

ED ने छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज, होगी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

बलरामपुर  बलरामपुर से धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला. अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी छांगुर बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.    दरअसल, ED ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज की है. ED धर्मांतरण केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी. ED की लखनऊ यूनिट ने देर शाम केस दर्ज किया है. बहुत जल्द ED इस केस से जुड़े आरोपियों से पूछताछ करेगी. धर्मांतरण के विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल की भी जांच की जाएगी.  मालूम हो कि छांगुर बाबा से जुड़े मामले में अब 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग की बात सामने आई है. जिसके बाद केस में ED की एंट्री हुई. धर्मांतरण केस में छांगुर एंड कंपनी को कहां-कहां से और कैसे-कैसे फंडिंग हुई, इसकी जांच ED करेगी.  गौरतलब है कि बीते दिनों यूपी सहित दूसरे राज्यों में फैले अवैध धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ. इस रैकेट का मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा है, जिसे यूपी एसटीएफ ने महिला साथी के साथ गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि यह रैकेट जाति के आधार पर धर्म बदलवाने के लिए रेट फिक्स करता था. इतना ही नहीं नाबालिगों और प्रेम जाल में फंसाकर भी लोगों का धर्मांतरण कराया गया. कुछ पीड़ित सामने आकर अपनी आपबीती बयां कर चुके हैं.  हाल ही में लखनऊ में 12 लोगों ने इस्लाम धर्म से हिंदू धर्म में वापसी की थी. इनमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि बलरामपुर के रहने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने पैसों का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया. तब से ही छांगुर बाबा यूपी ATS और STF की जांच के दायरे में आ गया था. लखनऊ के ही एक होटल से छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया. सीएम योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश इस कार्रवाई के दौरान में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। मतांतरण कराने और विदेशी फंडिंग के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जलालुद्दीन, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और इसकी पत्नी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाई गई कोठी को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार देर शाम तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह मय फोर्स जाकर कोठी पर तीन नोटिस चस्पा की। तीनों पर अलग-अलग तिथियां अंकित हैं। नीतू के नाम से जारी नोटिस में कहा गया है कि गाटा संख्या 337/370 के संपूर्ण रकबा 0.0060 हेक्टेयर से अतिक्रमण की गई जमीन सात दिन में स्वयं खाली कर लें। अन्यथा इस अतिक्रमण को नियमानुसार बलपूर्वक हटवा दिया जाएगा। यह आदेश न्यायालय तहसीलदार उतरौला न्यायिक ने 15 मई, 2025 को दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में 17 व 26 मई और छह जून, 2025 की तिथि में जारी नोटिस को कोठी की दीवार पर एक ही दिन में चस्पा की गई। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए भवन को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। जलालुद्दीन व उसके करीबियों की अन्य संपत्तियों की जांच जारी है। अवैध मतांतरण कराने का गरोह चलाने वाले आरोपित जलालुद्दीन के विरुद्ध कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।   

योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या  उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे. सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है. वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है. थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें. गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना' अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा. नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है. एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे. तैयारियों को मिला अंतिम रूप मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.