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मंदिर-मस्जिद विवाद पर कोर्ट की कार्रवाई स्थगित, 21 अगस्त को आएगा अगला अपडेट

संभल   चंदौसी की एक दीवानी अदालत ने मंगलवार को स्थानीय बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर को लेकर जारी विवाद की सुनवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी। यह मामला दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) आदित्य सिंह के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, लेकिन 19 मई को उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी और निचली अदालत को सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। हिंदू पक्ष की ओर से पेश हुए वकील  गोपाल शर्मा ने कहा कि आज बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण, अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त तय की है। बारिश और वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई मुस्लिम पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि बारिश के कारण बार एसोसिएशन हड़ताल पर है, जिसके कारण अगली तारीख दी गई है। यह विवाद पिछले वर्ष 19 नवंबर से शुरू हुआ, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर किया गया था। सर्वे के बाद भड़की हिंसा में 4 की हो गई थी मौत बताया जा रहा है कि अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) एक सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वेक्षण किया गया। दूसरे सर्वेक्षण के कारण संभल में काफी अशांति फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप 4 लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जाति और धर्म आधारित आदेश पर नाराज, अधिकारी सस्पेंड

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के उस आदेश पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें ग्राम सभा की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को खास जाति (यादव) और धर्म (मुस्लिम) से जोड़कर निर्देशित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस आदेश को ‘भेदभावपूर्ण और अस्वीकार्य’ बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित संयुक्त निदेशक एस.एन. सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की भाषा और सोच न सिर्फ शासन की नीति के खिलाफ है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष, तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से ऐसी गलती न हो, इसका सख्त ख्याल रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार समरसता, सामाजिक न्याय और सभी के समान अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी व्यक्ति, समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की नीति संविधान और न्याय की मूल भावना पर आधारित है, न कि किसी भेदभाव पर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों को भी घेरा। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म के बढ़ते गौरव से कांग्रेस और सपा परेशान हैं। पहले की सरकारें आतंकियों को संरक्षण देती थीं और सनातन धर्म की परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास करती थीं, लेकिन अब भारत अपनी आध्यात्मिक विरासत के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सहारनपुर क्षेत्र की उपेक्षा को समाप्त कर दिया है और विकास तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। इस पूरे मामले से सरकार का यह संदेश साफ है कि जाति और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई न तो स्वीकार की जाएगी और न ही उसे बर्दाश्त किया जाएगा।  

अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन की नई क्रांति, CM योगी बोले- अब देश की शान बनेगा शहर

अलीगढ़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना आज देश के अंदर एक मॉडल बनकर उभरी है। सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि आज स्वदेशी अपनाना हम सब लोगों की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमारा ही पैसा अगर हमारे ही कारीगर और हस्तशिल्पियों के पास जाएगा तो यह विकास और समृद्धि का आधार बनेगा। प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने कहा कि 2018 में शुरू हुआ डिफेंस कॉरिडोर आज ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत हथियारों का उत्पादन कर रहा है। यह मिसाइल विश्व में अद्वितीय है और भारत के हर दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़ ड्रोन और हार्डवेयर उद्योग में भी अपनी पहचान बना रहा है, जो स्थानीय कारीगरों को रोजगार और समृद्धि प्रदान कर रहा है। सीएम योगी ने मंगलवार को अलीगढ़ के नुमाइश मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में 958 करोड़ रुपए की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अगर हमारा यह पैसा विदेशी हाथों में जाएगा, तो आतंकवाद के रूप में, धर्मांतरण के रूप में, अव्यवस्था के रूप में, विस्फोट के रूप में, भारत को अस्थिर करने के लिए भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल किया जाएगा।" सीएम योगी ने आने वाले सभी त्योहारों पर लोगों से अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को गिफ्ट के रूप में देने की अपील की। समारोह में सीएम योगी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सहायता राशि, टैबलेट, आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। सीएम ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भगवान कृष्ण के रूप में सजे बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चॉकलेट, माखन और खिलौने भेंट किए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अलीगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह ने अलीगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके सपनों को साकार करते हुए हम 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के माध्यम से ताला उद्योग को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय जल्द ही अलीगढ़ को उच्च शिक्षा का नया केंद्र बनाएगा, जो स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को जीवित रखने के साथ-साथ युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को दोहराते हुए सीएम योगी ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का ताला उद्योग, पीतल की मूर्तियां, और हार्डवेयर आज देश-विदेश में मांग को पूरा कर रहे हैं। विदेशी सामान खरीदने से हमारा पैसा आतंकवाद और अस्थिरता को बढ़ावा देता है। जब हम विदेशी सामान खरीदते हैं, तो उसका मुनाफा आतंकवाद, धर्मांतरण और देशविरोधी ताकतों को मिलता है। उन्होंने मुरादाबाद, फिरोजाबाद, भदोही, और मेरठ जैसे जिलों के ओडीओपी उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थानीय कारीगरों की समृद्धि और रोजगार का आधार बन रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और इसे बढ़ावा देना आज की जरूरत है। इसी से हम अपने राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोग स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। 'सिंगल यूज प्लास्टिक' का उपयोग बंद करें, ताकि नालियां न चोक करें और जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की अपील की और कहा कि 13 से 15 अगस्त तक हर घर, प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान में तिरंगा लहराएं। स्वाधीनता संग्राम के स्मारकों की सफाई करें और शहीदों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झंडा नहीं, भारत के गौरव, बलिदान और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिले दंगों और अराजकता से जूझ रहे थे। आज बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। हाल ही में हुई 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती में अलीगढ़ से 1,344 युवाओं का चयन हुआ, जिसे उन्होंने स्थानीय परिवारों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आगे हम यूपी पुलिस में 30 हजार और भर्तियां करने वाले हैं। उन्होंने कहा, "2017 से पहले सरकारी नौकरियां कुछ परिवारों की बपौती थीं, लेकिन अब चयन मेरिट के आधार पर हो रहा है। लॉजिस्टिक्स और निवेश परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं।" सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ ने मूर्ति के निर्माण को लेकर के पूरे देश के अंदर एक नया केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी लोग अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को उपहार में दें। इससे हमारी मेहनत का पैसा हमारे घर में ही रहेगा। योगी ने कहा कि सरकार 8 से 10 अगस्त तक महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। सीएम ने जनप्रतिनिधियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों ने डबल इंजन सरकार को समर्थन देकर अलीगढ़ के विकास को गति दी है। हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रेमी के साथ संबंध, फिर रेप का आरोप! कैमरे में कैद हुई हकीकत

गोरखपुर गोरखपुर से मुंबई जा रही ट्रेन में युवती के साथ यौन उत्पीड़न के केस ने दिलचस्प मोड़ आया है। खबर है कि GRP को जांच में पता चला है कि महिला झूठे आरोप लगा रही है और वह अपने प्रेमी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद अस्पताल पहुंची थी। खास बात है कि महिला ने पुलिस के बार-बार कहने के बाद भी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। 30 वर्षीय युवती ने आरोप लगाए थे कि उसके साथ चलती ट्रेन में यौन उत्पीड़न हुआ था। रिपोर्ट के अुसार, 13 जुलाई को दादर GRP को अस्पताल से एक फोन आया। पुलिस को जानकारी दी गई कि एक महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिसके निजी अंगों पर चोट के निशान हैं। पुलिस पूछताछ में महिला ने चलती ट्रेन में यौन हिंसा की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले गोरखपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में प्रयागराज से मुंबई जा रही थी। उसने बताया कि वह ट्रेन में वॉशरूम गई और उस समय वहां एक अनजान शख्स भी पहुंच गया। महिला के आरोप थे कि उस शख्स ने यौन हिंसा से पहले अंदर से गेट बंद कर लिया था। महिला अपमान होने की बात कहकर पुलिस शिकायत से इनकार करती रही। बाद में पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की, जिसमें एक एनजीओ की मदद भी ली गई। पुलिस ने इस संबंध में स्वत: संज्ञान FIR दर्ज कर ली। ऐसे खुला राज पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मौका-ए-वारदात पर भी पहुंची। जांच में पता चला कि महिला अपने प्रेमी के साथ मुंबई जा रही थी और दोनों ने 12 जुलाई की रात एक गेस्ट हाउस में गुजारी थी, जहां दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए। इसके चलते उसे गुप्तांगों में चोट लगी थी और वह अस्पताल में भर्ती हो गई थी।  

यूपी पुलिस को नई गाइडलाइन, तलाशी से पहले अनिवार्य होगा गवाह का होना

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के नए DGP (पुलिस प्रमुख) राजीव कृष्ण ने बीते सोमवार को गिरफ्तारी और तलाशी से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। यह नियम पूरे राज्य में सभी पुलिस कप्तानों को भेजे गए हैं और इनके सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं। अब CBI और ED की तरह काम करेगी यूपी पुलिस नए नियमों के मुताबिक, अब यूपी पुलिस भी CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों की तर्ज पर गिरफ्तारी और तलाशी का काम करेगी। इसका मतलब है कि अब पुलिस को हर गिरफ्तारी के बारे में पूरी रिपोर्ट बनानी होगी, जिसमें कई जरूरी बातें दर्ज करना अनिवार्य होगा। हर गिरफ्तारी की रिपोर्ट में ये बातें होंगी: – गिरफ्तारी का स्थान और समय – गिरफ्तारी का कारण – अभियुक्त (आरोपी) का बयान – बरामद सामान का पूरा विवरण – मेडिकल जांच की स्थिति – गिरफ्तारी के समय मौजूद दो स्वतंत्र गवाहों के हस्ताक्षर यह सभी बातें अब लिखित रूप में दर्ज की जाएंगी, जिससे केस की जांच में पारदर्शिता बनी रहे और अदालत में सबूतों की मजबूती हो। बरामद सामान का पूरा रिकॉर्ड जरूरी पुलिस को अब यह भी सुनिश्चित करना होगा कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी से जो भी चीजें बरामद होती हैं, उनका पूरा ब्यौरा लिखित रूप में रिकॉर्ड किया जाए। इससे अदालत में सबूत पेश करने में आसानी होगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकेगी। निर्दोष लोगों को नहीं होगी परेशान इस नई व्यवस्था से निर्दोष लोगों को फंसने से बचाया जा सकेगा। क्योंकि हर कदम पर रिकॉर्ड और गवाह होंगे, जिससे पुलिस की जवाबदेही भी तय होगी। साथ ही, अगर कोई व्यक्ति गिरफ्तार किया जाता है तो उसके परिजनों को समय पर पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि तनाव और अफवाहों से बचा जा सके। कितना होगा असर? यह आदेश सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को भेज दिया गया है और उन्हें कहा गया है कि इन नियमों को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करें। अब देखने वाली बात यह होगी कि थानों और फील्ड में तैनात पुलिसकर्मी इन बदलावों को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं।

स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर ताला, प्रयागराज में 7 अगस्त तक बंदी

प्रयागराज जनपद के प्री प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को सात अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश के साथ ही जनपद में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिया है।  जिले में भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रयागराज में प्री प्राइमरी से कक्षा-12 तक संचालित समस्त बोर्ड (बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत बोर्ड व अन्य बोर्ड) के सभी विद्यालय सात अगस्त तक के लिए बंद रहेंगे। समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीएसए देवब्रत सिंह ने भी आठवीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया है। बीएसए ने साफ किया है कि परिषदीय शिक्षक वर्क फ्रॉम होम के तहत डीबीटी, यू-डायस प्लस एवं अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही निर्देशित किया है कि जिन विद्यालयों में जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकी व रैन बसेरा बनाया गया है उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी अपना सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं दूसरी ओर सेंट जोसेफ कॉलेज, सेंट मेरीज कॉन्वेंट, गंगा गुरुकुलम फाफामऊ समेत कई स्कूलों ने सभी अभिभावकों को मैसेज किया है कि पांच से सात अगस्त तक ऑनलाइन कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित होंगी।  

कब्जा हटाने के आदेश में आपत्तिजनक भाषा, यूपी अफसर पर कार्रवाई, सीएम योगी का त्वरित एक्शन

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के एक हालिया आदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को जाति व धर्म विशेष से जोड़कर निर्देशित किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आदेश को पूर्वाग्रह से प्रेरित और अस्वीकार्य मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही इस आदेश के लिए जिम्मेदार संयुक्त निदेशक (पंचायती राज) सुरेंद्र नाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी यह पत्र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय उपनिदेशकों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया था. इसमें प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि, जैसे कि ग्राम सभा की भूमि, पोखरे, खलिहान, खाद गड्ढे, श्मशान भूमि आदि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पत्र की भाषा में विशेष रूप से यादव जाति और मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा किए गए कथित कब्जे का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति दर्ज की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेश को न केवल संविधान की भावना के विरुद्ध बताया, बल्कि यह भी कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के अनुसार होनी चाहिए न कि जातिगत या धार्मिक पहचान के आधार पर. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की भाषा, जो सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकती है, का प्रयोग किसी भी सरकारी पत्राचार में न किया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि शासन की ओर से कोई भी निर्णय लेते समय संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और प्रशासनिक मर्यादा का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.

‘साड़ी गुरु’ बनी यूपी पुलिसवाली, विदेशी महिलाओं को सिखाई भारतीय परंपरा

आगरा  ताजमहल का पश्चिमी गेट. पर्यटकों की भीड़, संगमरमर की चमक, और उसके बीच नीली-गुलाबी साड़ी में इटली से आईं दो महिलाएं एलिसिया और ब्रूना. हवा तेज़ थी, साड़ी उड़ रही थी. पल्लू बार-बार नीचे गिर रहा था. उन्होंने कई बार कोशिश की, प्लेट्स बनाईं, लेकिन साड़ी सही नहीं हो रही थी. आसपास मौजूद लोग वीडियो बनाने , लोग लेकिन किसी ने पास आकर मदद नहीं की. तभी सामने आई यूपी पुलिस की महिला सिपाही लक्ष्मी देवी. लक्ष्मी न तो घबराईं, न झिझक दिखी. एक प्यारी-सी मुस्कान के साथ उन्होंने कहा May I help you? इसके बाद शुरू हुआ वो लम्हा, जो उन दोनों विदेशी मेहमानों की पूरी इंडिया ट्रिप का सबसे यादगार हिस्सा बन गया. लक्ष्मी देवी ने बड़े ही आत्मीय ढंग से दोनों की साड़ी संभाली. प्लेट्स बनाईं, पल्लू को सलीके से कंधे पर टिकाया और उन्हें सिखाया कि चलना कैसे है, बैठना कैसे है ताकि साड़ी पैर में न आए, और पूरे वक्त आरामदायक भी रहे. दोनों ने खूब सवाल भी किए  एलिसिया ने पूछा, आप रोज साड़ी पहनती हैं इस पर लक्ष्मी मुस्कराईं और कहा कि त्योहारों पर, घर में, और कभी-कभी ड्यूटी पर भी. हमारी वर्दी में भी साड़ी होती है. लक्ष्मी ने जब बताया कि पल्लू का मतलब गरिमा से है, और प्लेट्स अनुशासन की तरह होती हैं तो एलिसिया और ब्रूना की आंखों में जिज्ञासा और सम्मान साथ दिखा. ब्रूना ने कहा कि अब समझ में आया, भारतीय महिलाएं साड़ी में इतनी सहज और सुंदर कैसे लगती हैं. यह कपड़ा नहीं, एक संस्कृति है. लोग देखते रहे, पर लक्ष्मी ने जो किया, वो दिल छू गया इस पूरी प्रक्रिया को कोई रिकॉर्ड कर रहा हो या नहीं, फर्क नहीं पड़ता. जो दृश्य था, वो सीधे विदेशी मेहमानों के दिल में दर्ज हो चुका था. ताजमहल की छाया में, दो विदेशी सैलानी और एक भारतीय महिला पुलिसकर्मी तीनों के बीच भाषा अलग थी, लेकिन भाव और सम्मान एकदम एक से. सिर्फ स्मारक नहीं, अनुभव था ये एलिसिया और ब्रूना भारत भ्रमण पर थीं. दिल्ली देख चुकी थीं, अब आगरा आईं और आगे उनका रुख जयपुर की ओर था. लेकिन उनके मुताबिक, “ताजमहल सुंदर है, लेकिन हमें जो सबसे प्यारा अनुभव मिला, वो लक्ष्मी के साथ था. लक्ष्मी देवी ने इस पूरी घटना पर कहा, मैंने वही किया जो मेरी मां करतीं, मेरी बहन करतीं, या कोई भारतीय महिला करती. साड़ी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और वो हमारी मेहमान हैं. आखिर में एलिसिया ने कहा Thank you, Lakshmi.

बारिश का कहर बरसेगा अगले 24 घंटे, इन जिलों में अलर्ट जारी

लखनऊ यूपी में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसका असर यह हुआ है कि राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 अगस्त को भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी यूपी के भी कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में तो भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट – बहुत भारी बारिश की चेतावनी इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है: मथुरा, हाथरस, आगरा, संभल, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर। इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इन जिलों में येलो अलर्ट – भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, यानी यहां भी भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है: नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती। इन जिलों में सामान्य बारिश की संभावना इन जिलों में आज कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है: ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, महोबा, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, चंदौली, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, कुशीनगर, गाजीपुर, वाराणसी। बाढ़ से बिगड़े हालात, रेस्क्यू जारी लगातार बारिश से प्रदेश के 17 से ज्यादा जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। गंगा, यमुना और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। इससे सैकड़ों गांवों में पानी भर गया है और कई इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है।प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उन्हें जरूरी दवाएं और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही हैं। तापमान में मामूली गिरावट की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। क्या करें, क्या न करें:     अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें     बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहें     बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी में रखें     बिजली गिरने के समय खुले स्थानों से बचें     प्रशासन की चेतावनियों और निर्देशों का पालन करें  

अखिलेश का बीजेपी पर बड़ा वार: ‘सांसद लेता है कमीशन, उसके बाद नंबर आता है विधायक का

लखनऊ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने खस्ताहाल सड़को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नहीं भ्रष्टाचार का सहकार है। इसीलिए भाजपा राज में सड़के धंस रही हैं, पुल गिर रहे हैं, छते टपक रही हैं, पानी की टंकियाँ धराशायी हो रही हैं। भाजपाई भ्रष्टाचार का कमाल देखिए अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि भाजपा का कुकर्म, धर्म में भी अधर्म! महाकुंभ में प्रयागराज में हजारों करोड़ों की लागत से बनी सड़कों का हाल देखिए, भाजपाई भ्रष्टाचार का कमाल देखिए। दरअसल इस भाजपाई महाभ्रष्टाचार की बंदरबाँट को समझने के लिए विशेष ‘भाजपाई करप्शन क्रोनोलॉजी’ (BCC) समझनी होगी। महाकमीशन लेकर ‘प्रधान ठेका’ दिया जाता है अखिलेश ने आगे कहा कि पहले महाकमीशन लेकर ‘प्रधान ठेका’ दिया जाता है। फिर बड़ा कमीशन लेकर ‘मुख्य ठेका’ दिया जाता है। फिर मोटा कमीशन लेकर ‘उप ठेका’ दिया जाता है और उसके बाद भाजपाई सांसद का कमीशन का खेला चलता है, उसके बाद विधायक जी का… इसीलिए भाजपा राज में सड़के धंस रही हैं, पुल गिर रहे हैं, छते टपक रही हैं, पानी की टंकियाँ धराशायी हो रही हैं। भाजपा सरकार नहीं, भ्रष्टाचार का सहकार है।