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प्रो पंजा लीग 2025: श्रीमंत झा बने छत्तीसगढ़ के पहले प्रतिनिधि खिलाड़ी

रायपुर भारतीय आर्म रेसलिंग के इतिहास में छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलर श्रीमंत झा प्रतिष्ठित प्रो पंजा लीग के लिए चयनित होने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस बार लीग का यह दूसरा सीजन होगा, जो 5 अगस्त से 22 अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ट्रेनिंग सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। जहां श्रीमंत मुंबई मसल फ्रेंचाइज़ी का प्रतिनिधित्व करेंगे। आर्म रेसलिंग की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं श्रीमंत झा बता दें कि श्रीमंत झा आर्म रेसलिंग की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। भिलाई के रहने वाले श्रीमंत ने अब तक 56 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। वर्तमान में वह विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर और एशिया में नंबर एक पर हैं। उनकी ये उपलब्धियां उनके समर्पण, कठोर मेहनत और खेल के प्रति जुनून को दर्शाती हैं। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर श्रीमंत एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं और अपने व्यस्त प्रोफेशनल जीवन के साथ-साथ आर्म रेसलिंग के प्रति अपने जुनून को बखूबी निभा रहे हैं। उनका अनुशासन और निरंतर अभ्यास उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आया है। श्रीमंत का प्रो पंजा लीग में चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। वे राज्य के उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखना और उसे पूरा करना चाहते हैं। प्रो पंजा लीग 2025 भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष आर्म रेसलरों की प्रतियोगिता है। इस मंच परश्रीमंत झा की मौजूदगी छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। श्रीमंत को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर ढेरों शुभकामनाएं और भविष्य के मुकाबलों के लिए हार्दिक बधाई। क्या है प्रो पंजा लीग ? प्रो पंजा लीग का पहला सीजन जुलाई 2023 में आयोजित हुआ था। यह लीग भारत की प्रमुख पेशेवर आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य इस खेल को आम लोगों तक पहुंचाना और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। इसमें भारत सहित विभिन्न देशों के सर्वश्रेष्ठ आर्म रेसलर हिस्सा लेते हैं, जिससे यह लीग इस खेल में उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुकी है। प्रो पंजा लीग का फॉर्मेट टूर्नामेंट के फॉर्मेट की बात करें तो एक वेट कैटेगरी में दो खिलाड़ियों के बीच बाउट्स होते हैं। इन बाउट्स में खिलाड़ियों को पिन हासिल करने यानी राउंड जीतने होते हैं। पुरुष और महिला दोनों वर्ग में बाउट्स तय वेट कैटेगरी में होते हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी अलग श्रेणी है। लीग प्रारूप के बाद सेमीफाइनल होगा। फिर फाइनल में विजेता तया होगा। कितने मुकाबले होंगे प्रो पंजा लीग 2025 में 5 अगस्त से 21 के बीच 17 दिन में 30 मैच होंगे। 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। विजेताओं का मुकाबला फाइनल में होगा। 20 अगस्त को सेमीफाइनल और 21 अगस्त को फाइनल होगा। इस बार सीजन 2 में छह टीमें- मुंबई मसल, जयपुर वीर, किराक हैदराबाद, शेर-ए-लुधियाना, रोहतक रॉडीज और एमपी हथोड़ास आपस में भिड़ेगी। इस बार प्रो पंजा लीग में नई और छठी फ्रेंचाइजी टीम एमपी हथोड़ास का एंट्री हुई है। श्रीमंत मुंबई मसल का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रो पंजा लीग 2025 की लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट डिटेल्स प्रो पंजा लीग 2025राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने के लिए मैचों का प्रसारण और स्ट्रीमिंग कई प्लेटफॉर्म पर होंगे। सोनी स्पोर्ट्स 3 और डीडी स्पोर्ट्स इसका टीवी पर प्रसारण करेंगे। फैनकोड इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। वहीं, स्पोर्टवोट अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के लिए इस टूर्नामेंच की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा।

गरियाबंद बोर्ड रिजल्ट में बदलाव: पुनर्मूल्यांकन के बाद मिला चौथा स्थान

’पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी’ रायपुर शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम गरियाबंद शिक्षा के क्षेत्र मे एक और अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला रहा। जहां कक्षा 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिले ने राज्य मे चौथा रैंक हासिल किया। इसी प्रकार पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी किया गया है। जिसमें कक्षा 10वीं मे जिले के सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, देवभोग के भूपेश कुमार नागेश ने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर तीसरा रैंक प्राप्त किया है।   शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी किया जाता है, इसमें भी जिले के छात्रों ने अपने प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल, सडक परसुली के शैलेन्द्र कुमार शोरी ने इस संवर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त कर मेरिट में अपना स्थान बनाया है। दूरस्थ ग्रामीण अंचल के छात्र भूपेश नागेश ने राज्य में तृतीय रैंक, तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र शैलेन्द्र शोरी ने संवर्ग में राज्य मंे प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

ग्रामीणों ने उद्योग को जमीन आवंटन का किया विरोध, चारागाह और श्मशान बचाने की उठी मांग

महासमुंद शासकीय भूमि को पंचायत के बिना प्रस्ताव के मनोरमा इंडस्ट्री को दिए जाने का विरोध करते हुए ग्राम पंचायत बिरकोनी के सैंकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर आपत्ति जताई। ग्रामीण चारागाह और श्मशान घाट की भूमि को उद्योग को देने पर आक्रोशित हैं, जबकि मनोरमा इंडस्ट्री 100 साल पुरानी चुहरी तालाब को कृषि भूमि बताकर पहले ही खरीद चुके हैं। इसके लिए बकायदा शासन से स्टांप ड्यूटी में उद्योग के नाम पर 58 लाख से ज्यादा का छूट भी ले चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत बिरकोनी के औद्योगिक क्षेत्र से दूर खसरा नंबर 2435, 2436, 2619, 2620, 2616, 2614 रकबा क्रमशः 1.72, 0.45, 0.22, 10.95, 0.12 हेक्टेयर कुल खसरा 06, कुल रकबा 3.48 हेक्टेयर भूमि शासन के मद में दर्ज है। इसे जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग महासमुंद को हस्तांतरण किए जाने के लिए तहसीलदार न्यायालय से 23 जुलाई को दावा आपत्ति के लिए ईश्तहार जारी किया गया था। इसकी भनक लगते ही सैंकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर से मनोरमा इंडस्ट्री को भूमि दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रस्तावित है जमीन ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 2485 में चारागाह भूमि है, 2620 में श्मसान भूमि है। साथ ही उपरोक्त भूमि पर जिला माडल गौठान के तहत रीपा प्रोजेक्ट का कार्य किया गया है। ग्रामीणों के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए खसरा नं 2435 को ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित किया गया है। इसी भूमि के कुछ भाग पर मनरेगा के तहत चारागाह का निर्माण भी किया गया है, जो ग्रामवासियों का निस्तारी का एक मात्र साधन है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी प्रकार से मनोरमा इंडस्ट्री को सरकारी भूमि नहीं देना चाहते हैं। यह जमीन हमारे निस्तारी और मुक्तिधाम के लिए है। इस मामले में कलेक्टर का कहना है कि आपत्ति आई है, जिसकी जांच कराने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल रंग लाई, राजस्व अधिकारियों की मांगों पर बनी सहमति, हड़ताल समाप्त

राजस्व अधिकारियों की मांगों पर बनी सहमति, हड़ताल समाप्त प्रमुख मुद्दों पर हुई कार्रवाई, शासन ने दिए आवश्यक निर्देश रायपुर, राजस्व संघ के संसाधन नही तो काम नही सिद्धान्त पर आधारित 17 सूत्रीय मांगों की पूर्ति हेतु विगत सकारात्मक पहल नही होने पर 28 जुलाई से चरणबद्व आंदोलन पर बैठे राजस्व अधिकारियों ने राजस्व मंत्री के सकारात्मक पहल और ठोस आश्वासन पर आज हड़ताल से वापस हो गए। राज्य में गत कुछ दिनों से चल रही राजस्व अधिकारियों की हड़ताल अब समाप्त हो गई है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद राजस्व संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।        राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है, और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं को शासन गम्भीरता से लेता है और उचित समाधान हेतु कटिबद्ध है।”      इस अवसर पर राजस्व सचिव, राजस्व संचालनालय के संचालक तथा उप सचिव भी उपस्थित रहे। संघ के प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर अपनी मांगों एवं समस्याओं को सामने रखा। मंत्री श्री वर्मा ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान हेतु आवश्यक आश्वासन दिए। संघ पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि राज्य शासन द्वारा समयबद्ध ढंग से उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग को सुचारू बनाए रखने हेतु तत्परता से पहल की। राजस्व सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संघ के प्रतिनिधियों से विस्तृत विमर्श कर समाधान के लिए मार्ग प्रशस्त किया। संघ द्वारा प्रस्तुत मुख्य मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रशासन ने कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई है। परिणामस्वरूप, राजस्व अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः कार्यभार संभालने की घोषणा की है। डिप्टी कलेक्टर के पदों पर पदोन्नति/सीधी भर्ती पर 50 : 50 अनुपात की बहाली पर कार्यवाही की जाएगी। राजस्व अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा दिए जाने की मांग पर नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार को राजपत्रित करने संबंधी प्रस्ताव पर शासन ने त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुए नायब तहसीलदारों एवं तहसीलदारों के लंबित ग्रेड पे और पदोन्नति मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा। इसी तरह सभी तहसीलों में कार्यरत अधिकारियों को प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन मिला है। राजस्व विभाग में बिना वैध प्रक्रिया के निलंबन अथवा अभियोजन से प्रभावित अधिकारियों की स्थिति की 15 दिवस के भीतर जांच कर बहाली की कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से राज्यभर के राजस्व कार्यालयों में कामकाज पुनः सामान्य हो गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। संघ ने शासन की तत्परता और समाधानात्मक रुख की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि लंबित विषयों पर आगे भी संवेदनशील निर्णय लिए जाएंगे। यह वार्ता संवाद और समन्वय के माध्यम से प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का सफल उदाहरण बनी है। हड़ताल की वापसी से राहत हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश भर में राजस्व संबंधी कार्यों के पुनः सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे नामांतरण, बंटवारा, भू-अधिकार अभिलेख, सीमांकन जैसे कार्यों में हो रही देरी पर रोक लगेगी और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय राजस्व विभाग एवं शासन के बीच संवाद, सहमति और समाधान की संस्कृति को दर्शाता है, जो प्रशासनिक मजबूती और जनसेवा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर राजस्व संघ के प्रांताध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार लहरे,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह राठौर,प्रदेश सचिव श्री प्रशांत पटेल,प्रदेश प्रवक्ता श्री शशिभूषण सोनी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

होटलों में परोसा जा रहा था नकली पनीर, राजधानी में छापे में खुला बड़ा फूड फ्रॉड

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. यहां सस्ता और घटिया क्वालिटी का पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर से नकली पनीर तैयार किया जा रहा था. यह फैक्ट्री शंकर नगर क्षेत्र में नाले के ऊपर चल रही थी. स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त किया है. जानकारी के मुताबिक, रामानंद बाघ नामक व्यक्ति ने एनालॉग उत्पाद बनाने का लाइसेंस ले रखा था. जो मुनाफे के लिए  पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर का उपयोग कर नकली पनीर तैयार करता था. यहां नियमों को भी अनदेखा किया जा रहा था. अस्वच्छ तरीके से स्टोर कर के पॉलीथिन में पैक कर के राजधानी के कई होटलों, ढाबों और ओडिशा तक भेजा जा रहा था. इसे बनाने में 180 रुपए की लागत आती थी, जिसे वह 250 रुपए में मार्केट में बेच देता था. फैक्ट्री संचालक रामानंद ने बताया कि 180 रुपए में एक किलो माल तैयार हो जाता है, जिसे वह होटल संचालकों और सप्लायर्स तक 240 से 250 रुपये प्रति किलो तक के दाम तक पहुंचाता है. फैक्ट्री से ये चीजें हुई जब्त स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने नकली पनीर की फैक्ट्री में छापा मरकर बड़ी मात्रा में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त  किया। अधिकारियों ने कई सैंपल कलेक्ट किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है.  रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संचालक से लाइसेंस व अन्य दस्तावेज भी मांगे गए हैं, जिसकी प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं पाई गई है. मौके पर सहायक आयुक्त भी पहुंचे, उन्होंने बताया कि खाद्य उत्पादों को नियमानुसार पैक किया जाना चाहिए, पैकिंग पर उसमें उपयोग की गई सामग्री, पोषण तत्वों की मात्रा, निर्माण व समाप्ति तिथि आदि अंकित होनी चाहिए. लेकिन यहां तो डल्ले बना कर खुली झिल्ली में माल पैक कर बेचा जा रहा था.

पावरलिफ्टिंग चैंपियन नमी पारेख का सम्मान, मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता नमी राय पारेख ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को रायपुर निवासी नमी राय पारेख ने बताया कि 05 से 13 जुलाई तक जापान के हिमेजी में एशियन पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में उन्होंने 57 किलोग्राम डेडलिफ्ट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नमी राय पारेख को एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मेहनत और समर्पण से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटियों को आपकी उत्कृष्ट उपलब्धि से प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर अंजय शुक्ला, अंजिनेश शुक्ला, सनी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री के घर चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरगुजा छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता टीएस सिंहदेव के घर को चोरों ने निशाना बनाया है. चोरों ने आंगन में लगी पीतल से बनी हाथी की मूर्ती पर हाथ साफ कर के फरार हो गए हैं. कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंघदेव के कोठीघर कैंपस में मंगलवार रात को चोरो ने धावा बोल दिया. चोरों ने बरामदे में लगी 15 किलो वजनी पीतल से बनी हाथी की मूर्ति को चोरी कर लिया और फरार हो गए. घटना के बाद थाने में इसकी शिकायत की गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.   घटना का CCTV फुटेज पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के घर चोरी की घटना का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज लल्लूराम डॉट कॉम के पास आया है. इस फुटेज में चोर उनके बंगले में प्रवेश करते नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि घटना के दौरान केवल सुरक्षाकर्मी और नौकर मौजूद थे. घर के रिनोवेशन के दौरान ऐसी दो मूर्तियां बरामदे में लगाई गई थी, जिसमें से एक पर चोरों ने हाथ साफ किया है.

बीजापुर के जंगलों में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने इलाके को लिया घेरे में

बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में आज सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को मार गिराया है। मौके से एक नक्सली का शव और हथियार भी बरामद किये जाने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ गंगालुर क्षेत्र के जंगलों में हो रही है और अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। घटना की पुष्टि फिलहाल अधिकारिक तौर पर नहीं की गई है। खबर लिखे जाने तक मुठभेड़ के संबंध में पूरी जानकारी नहीं आ सकी थी।

बच्चों ने रक्षासूत्रों में पिरोई देशभक्ति : सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए खास पहल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी।  मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।  मुख्यमंत्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा । इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, लक्ष्मी वर्मा, मुरली शर्मा,  कैलाश सोनी, समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।

17 सूत्रीय मांगों पर माने मंत्री, तहसीलदार-नायब तहसीलदारों ने रोकी हड़ताल

रायपुर 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 28 जुलाई से आंदोलन कर रहे तहसीलदार-नायाब तहसीलदारों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात के बाद आज संघ ने अपना आंदोलन खत्म कर लिया है. रुका हुआ काम जल्द पूरा होगा : मंत्री टंकराम वर्मा खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि तहसीलदारों से चर्चा हो चुकी है और उनकी हड़ताल समाप्त हो गई है. उन्होंने कहा कि तहसीलदारों की कुछ प्रमुख मांगें थीं, जिन पर सहमति बन गई है. अन्य मांगों पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि रुके हुए कार्यों को जल्द ही पूरा किया जाएगा. मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल की खत्म तहसीलदार संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया कि प्रमुख मांगों पर राजस्व मंत्री ने त्वरित गति से विचार करने की बात कही है. मंत्री ने ये आश्वासन दिया है कि जल्द ही हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा. इसलिए प्रदेश की जनता की हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है. बता दें कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 28 जुलाई से अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं. सभी तहसीलों में स्वीकृत सेटअप की पदस्थापना सभी तहसीलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, WBN. KGO. नायब नाजिर, माल जमादार भृत्य, वाहन चालक. आदेशिका वाहक राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की पदस्थापना की जाए. यदि संभव न हो तो संबंधित तहसील को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा की बाध्यता से मुक्त किया जाए. तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति प्रक्रिया सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात पूर्व की भांति 50:50 रखा जाए और पूर्व में की गई घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए. नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित करने की मांग इस आशय की पूर्व घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए. ग्रेड पे में शीघ्र सुधार तहसीलदार और नायब तहसीलदार के लंबित ग्रेड पे सुधार को शीघ्र किया जाए. शासकीय वाहन की उपलब्धता सभी तहसीलों में कार्यवाही, प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की व्यवस्था हो या वाहन भत्ता प्रदान किया जाए. निलंबन से बहाली बिना वैध प्रक्रिया, नियमित आदेश या अभियोजन कार्रवाई से प्रभावित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को 15 दिवस में जांच पूर्ण कर बहाल किया जाए. न्यायालयीन प्रकरणों में आदेशों का पालन न्यायालयीन मामलों को जनशिकायत/जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए. न्यायालयीन आदेशों पर FIR नहीं न्यायाधीश प्रोटेक्शन act 1985 के सन्दर्भ में शासन दवारा जारी आदेश 2024 का कड़ाई से पालन किया जाये…. हर वो मामला जिसमे अपील का प्रावधान सहिता में निहित हैं तो किसी भी अन्य न्यायालय में परिवाद पेश ना कि जा सके जिससे FIR कि स्थिति ना बने (केवल न्यायालयीन प्रकरण के सन्दर्भ में) न्यायालय में उपस्थिति के लिए व्यवस्था न्यायालयीन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल ड्यूटी से पृथक व्यवस्था की जाए. मानदेय भुगतान एवं नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ की नियुक्ति के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया जाए. प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति Agristack, स्वामित्व योजना, e-Court. भू-अभिलेख जैसे तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं. SLR/ASLR की बहाली तहसीलदारों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए SLR/ASLR को पुनः भू अभिलेखीय कार्यों के लिए बहाल किया जाए. व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की गोपनीयता TI की भांति पदेन शासकीय मोबाइल नंबर और डिवाइस प्रदान किया जाए. राजस्व न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सुरक्षाकर्मी प्रत्येक तहसील में सुरक्षा कर्मी की तैनाती एवं फील्ड भ्रमण हेतु वाहन उपलब्ध कराया जाए. सड़क दुर्घटना में मुआवजा की व्यवस्था सड़क दुर्घटना में तहसीलदारों के माध्यम से आर्थिक सहायता राशि 25000 तत्काल मौके पर देने की मांग आती है. परंतु तत्काल में राशि उपलब्ध नहीं होती है. उक्त राशि मौके पर दिए जाने के संबंध में शासन से स्पस्ट गाइडलाइन्स जारी हो. इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं में तहसीलदारों से ही मौके पर मुआवजा राशि की अपेक्षा की जाती है. उसके सम्बन्ध में भी गाइडलाइन्स स्पष्ट जारी हो. संघ की मान्यता प्रदेश के समस्त तहसीलदार नायब तहसीलदार संघ के सदस्य है. अतः शासन के समक्ष मांगें प्रस्तुत करने व समाधान के लिए वार्ता एवं पत्राचार में संघ को की मान्यता दी जाए. विशेषज्ञ कमिटी का गठन प्रदेश में राजस्व न्यायालय के संदर्भ में सलाह व अपनी समस्याओं को प्रस्तुत किये जाने के लिए राजस्व न्यायालय सुदृणीकरण तहत विशेषज्ञ कमेटी/परिषद का गठन किया जाए.