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मध्यप्रदेश में साइबर क्राइम का कहर: सिर्फ 10% रकम हो पाई होल्ड, 5 साल में 1054 करोड़ की ठगी

भोपाल  मध्यप्रदेश साइबर ठगों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है। आंकड़े बताते हैं की पिछले 5 साल में प्रदेश के अंदर 1 हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है। साल 2021 से 13 जुलाई 2025 तक में साइबर ठगों ने नागरिकों से करीब 1054 करोड़ की ठगी की है। ये धोखाधड़ी बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन गेमिंग जैसे माध्यमों से की गई है। ठगी की राशि में से सिर्फ 10 फीसदी ही पुलिस होल्ड करवा पाई।  जब ठगी की राशि वापस नहीं आने कारण का पता लगाया तो सामने आया कि ठगी किसी और शहर में बैठकर की जाती और जिस अकाउंट में पैसा आता है वो किसी और शहर का रहता है और पैसा किसी तीसरे शहर में निकाला जाता है। ठगी की राशि जिस अकाउंट में जाती थी वो गरीब व्यक्ति का होता। साथ ही फ्रॉड के बाद 2 घंटे का समय गोल्डन पीरियड माना जाता है जिसमें राशि को फ्रीज करने की सबसे अधिक संभावना होती है लेकिन जागरूकता की कमी के चलते पीड़ित इतनी जल्दी पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताए आंकड़े कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के सवाल के जवाब में सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि 2020 से 2024 तक साइबर क्राइम के मामलों में साल-दर-साल भारी इजाफा हुआ। जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में कुल 2.48 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 579 साइबर ठगी के केस थे। अभी तक सिर्फ 166 मामलों का निपटारा हो सका है। 2022 से जुलाई 2025 तक कुल 3541 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए, जिनमें से 717 का समाधान हो सका, जबकि 1575 केस अभी भी लंबित हैं। सबसे अधिक शिकार युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बनाया गया है। साइबर क्राइम में कई गुना बढ़ोतरी पुलिस की चुनौती: रिकवरी बेहद कम 5 साल में कुल ठगी ₹1054 करोड़ होल्ड की गई राशि ₹105.21 करोड़ (करीब 10%) पीड़ितों को लौटी रकम ₹1.94 करोड़ (लगभग 2%) सायबर फ्रॉड गंभीर समस्या मध्यप्रदेश में बीते पांच सालों में साइबर ठगी ने गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि विधानसभा में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आने के बाद भाजपा के विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने दावा किया कि सरकार लोगों को जागरूक करने के साथ, नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर इन पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। हजारों केस अब भी अधूरे एक सिंगल क्लिक और आपका अकाउंट खाली, पैसे डबल होने के लालच कई बार इंसान को मुसीबत में डाल देते हैं अगर सायबर फ्रॉड से बचना है तो आपको जागरूक होना पड़ेगा, पुलिस की कोशिशों के बावजूद रिकवरी की दर बेहद कम है और हजारों केस अब भी अधूरे हैं।

MP कैबिनेट बैठक संपन्न, पेंशन-पीएमयू सेल सहित विकास से जुड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर

भोपाल   मध्यप्रदेश में आज कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें कई अहम् प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। जबलपुर में ईएसआईसी अस्पताल के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दिए जाने के साथ ही सौर ऊर्जा और शहरी विकास समिति प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा के बाद कई अहम प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने जबलपुर के रांझी तहसील में 100 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल के लिए 5 एकड़ जमीन मंजूर करते हुए अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा नवगठित जिला मऊगंज और पांढुर्ना में भाजपा कार्यालय के लिए सरकारी जमीन आवंटित करने का फैसला किया गया है। इससे स्थानीय संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलेगी। ऊर्जा कैबिनेट ने मुरैना में 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के बिजली खरीद भुगतान के लिए राज्य सरकार ने गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय राज्य की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को भी कैबिनेट में मंजूरी दी है। इसके तहत विभिन्न शहरों में सड़क, जल, सीवरेज और अन्य नगरीय सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा। बैठक में पुलिस कर्मियों और पेंशन से जुड़े कुल 7 मामलों पर भी चर्चा की गई है। जिन्हें कैबिनेट ने प्रस्ताव के अनुसार स्वीकृति प्रदान की है। राजधानी भोपाल में सहकारिता आयुक्त और पंजीयन सहकारी संस्थाओं के अधीन PMU के गठन को भी मंजूरी दी गई है। यह फैसला सहकारी संस्थाओं की निगरानी और कार्य क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। विधानसभा परिसर में मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में सात पुलिस कर्मचारियों और पेंशन संबंधी मामलों पर भी चर्चा के बाद उस पर प्रस्ताव के मुताबिक मंजूरी देने का फैसला किया है। कैबिनेट बैठक में मऊगंज और पांढुर्णा में बीजेपी दफ्तर के लिए सरकारी जमीन दिए जाने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर चर्चा कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को सरकार ने मंजूरी दी गई है। साथ ही सहकारिता आयुक्त और पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल में पीएमयू सेल के गठन को लेकर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (श्रम और रोजगार मंत्रालय) भारत सरकार को 100 बिस्तर अस्पताल के लिए जबलपुर जिले के रांझी तहसील स्थित रिछाई गांव में 2.024 हेक्टेयर (पांच एकड़) जमीन देने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही भाजपा जिला कार्यालय के निर्माण के लिए मऊगंज जिला मुख्यालय में सरकारी जमीन के रकबा 29/12 में से 0.100 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भाजपा के पांढुर्णा जिला कार्यालय के निर्माण के लिए पांढुर्णा में जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ कैबिनेट ने मुरैना में 600 मेगावाट कैपिसिटी के सौर ऊर्जा सह ऊर्जा भंडारण परियोजना से उत्पादित व मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए राज्य सरकार की ओर से गारंटी दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

CMHO की सख्ती: हथाईखेड़ा अस्पताल के 25 स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज, कारण बताओ नोटिस भेजा

भोपाल  राजधानी के सिविल अस्पताल हथाईखेड़ा में लापरवाही और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 अगस्त 2025 को कराए गए आकस्मिक निरीक्षण में अस्पताल के 25 स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल मनीष शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 3 कार्यदिवस के भीतर स्पष्टिकरण मांगा है। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डॉक्टर्स से लेकर टेक्नीशियन तक शामिल प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह 9:45 बजे तक अस्पताल में कोई नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ा। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से लेकर तकनीकी स्टाफ तक शामिल हैं। अनुपस्थित पाए गए प्रमुख स्वास्थ्यकर्मी: चिकित्सा अधिकारी 1. डॉ. योगेश सिंह कुरव 2. डॉ. सुनन्दा जैन 3. डॉ. अब्दुल हाफीज 4. डॉ. मनीष मुकाती 5. डॉ. दानिष पटेल 6. डॉ. दयाशंकर त्रिमूर्ति 7. डॉ. भावना मालवीया 8. डॉ. हर्षिता शर्मा 9. डॉ. सुरती शर्मा नर्सिंग ऑफिसर  10. संध्या नारीया 11.  रजनी मोवाडे 12. भाग्यश्री फाटेगाओंकर 13. मोनीका बोबड़े 14.  मेघा सोनी 15.  लीना जाटव 16.  रेखा गुप्ता 17. श्रष्टि खसदेव (प्रशिक्षक) 18.मीना वाडकेले 19. पायल भास्कर और ये भी पढ़े     फार्मासिस्ट और तकनीकी स्टाफ 20.ममता माजोका 21. ललीता साह 22. एन.एन. वर्मा 23. ज्ञान सिंह बोरेला (लैब टेक्नीशियन) 24. लोकेश जैन (लैब टेक्नीशियन) 25. जयदीप माजोका (एक्स-रे टेक्नीशियन) नोटिस में कहा गया है कि इन कर्मचारियों की समय पर गैर-मौजूदगी से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जो कि सेवा अनुशासन और नैतिक जिम्मेदारी का उल्लंघन है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि आपकी अनुपस्थिति से हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित होना पड़ा है। यह घोर लापरवाही है। 3 दिन के भीतर जवाब दें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, यह निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि समयपालन, जिम्मेदारी और मरीजों को गुणवत्ता वाली सेवा सुनिश्चित की जा सके।  

रीवा में सरकारी कर्मचारियों के लिए खास निर्देश, एक दिन बिना वाहन के पहुंचें कार्यालय

रीवा  रीवा संभाग में एक विशेष पहल की गई है। यहां सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मंगलवार को साइकिल से ही दफ्तर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश जारी करने वाले संभाग आयुक्त बीएस जामोद ने खुद साइकिल से दफ्तर पहुंचकर इसकी शुरुआत भी की है। संभाग आयुक्त बीएस जामोद ने मंगलवार को 'साइकिल डे' की शुरुआत की है। पूरे संभाग के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सप्ताह में एक दिन साइकिल आएंगे अथवा पैदल या रिक्शा का सहारा ले सकते हैं। लेकिन बाइक या कार से ऑफिस नहीं जा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य है ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य है। मंगलवार को रीवा कमिश्नरी के कर्मचारी साइकिल से कार्यालय पहुंचे। हालांकि बहुत से कर्मचारी-अधिकारी वाहन से ही आए। संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद ने रीवा संभाग के सभी कलेक्टर और विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर, मंगलवार साइकिल डे प्रारंभ करने को कहा है। सप्ताह में एक दिन साइकिल के उपयोग की बात कहते हुए कमिश्नर ने कहा है कि वर्तमान में हम सभी वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इनमें ईंधन की बढती कीमतें, पर्यावरण प्रदूषण का स्तर और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं गंभीर विषय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाने से जहां शरीर स्वस्थ रहेगा वहीं पर्यावरण का प्रदूषण भी कम होगा और खर्चे में भी कटौती होगी। हालांकि इसकी शुरुआत के पहले दिन जहां कमिश्नर और उनके कर्मचारी साइकिल से कार्यालय पहुंचे तो कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्यादातर अधिकारी कर्मचारी वाहन से ही पहुंचते दिखे।

कुम्हार का बेटा, मां की मेहनत और मटका बेचने की जिद – पहुंचा BARC साइंटिस्ट बनने

 जबलपुर  मध्य प्रदेश में जबलपुर के एक गरीब कुम्हार का बेटा साइंटिस्ट बनने जा रहा है. कभी जो हाथ माटी से मटके बनाया करते थे, अब उन्हीं हाथों से ये नौजवान शोध करेगा. त्रिपुरी चौक में रहने वाले 23 वर्ष के नौजवान का सिलेक्शन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC)  में बतौर साइंटिस्ट के रूप में हुआ है. ऑफर लेटर देखकर पूरा परिवार खुशियों से झूम उठा है.  तब नजरा देखते बनता था. जहां मिट्टी के बर्तनों की सुगंध के बीच सफलता की खुशी साफ महसूस की जा सकती थी. जैसे टीम अजय के घर पहुंची, तब भी अजय दुकान में ग्राहकी कर रहे थे. अजय ने बताया, परिवार का हाल… अजय ने बताया सड़क किनारे वर्षों से पिता मिट्टी के बर्तन बेचने का काम कर रहे हैं. मम्मी घरों-घरों में जाकर गमले बेचने का काम करती है. ऐसे में सिर्फ एक ही रास्ता था, पढ़ लिखकर मां-बाप का सहारा बनना और देशभर में नाम कमाना. उन्होंने बताया, हर चीज आसान नहीं थी, लेकिन पढ़ाई के दौरान हर वक्त जहन में माता-पिता का संघर्ष दिखाई देता था. आज वही मेहनत रंग लाई है और परिवार के आंखों में खुशी के आंसू हैं. इस तरह शुरू हुआ सिलसिला…  अजय ने बताया, सरस्वती विद्या मंदिर से 10वीं की पढ़ाई पूरी की और मध्य प्रदेश में 9वां स्थान हासिल किया था. फिर 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए साइंस कॉलेज से केमिस्ट्री सब्जेक्ट से पढ़ाई पूरी की. हालांकि, अब अजय को पोस्ट ग्रेजुएट करना था. इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से पोस्ट ग्रेजुएशन का एंट्रेंस एग्जाम देकर देशभर में 19वीं रैंक हासिल की और पढ़ते पढ़ते ग्रेजुएट एटीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) में दसवीं रैंक हासिल की और इंटरव्यू पास कर लिया. पिता बोले; पढ़ाई में कोई भी कसर नहीं छोड़ी  अजय के पिता बिहारी लाल चक्रवर्ती ने कहां, अजय की मां ने कभी स्कूल की चौखट नहीं चढ़ी. मैं सिर्फ 11वीं तक पढ़ा हूं. ऐसे में सिर्फ एक ही सपना था, बेटा सड़क किनारे मटका न बेचे. कोई अधिकारी बने. इसको लेकर दिन-रात मेहनत करते थे. किसी भी तरह की पढ़ाई में कसर नहीं छोड़ी. बेटे ने घर की परिस्थितियों को समझा और जिसका परिणाम रहा कि बेटी बैंक में नौकरी कर रही है और आज बेटा साइंटिस्ट बनने जा रहा है. दुकान भी चलाते थे, मटके भी बेचते थे  अजय ने बताया, पढ़ाई के दौरान काफी संघर्ष किया, ऐसे मौके भी आए, जब मां और पिता घर में नहीं होते थे, तब बाहर बैठकर सड़क किनारे मटके बेचने का भी काम किया. जब ग्राहक नहीं होते थे तब पढ़ाई भी किया करते थे. इस दिन का इंतजार काफी समय से कर रहा था, जब माता-पिता को बेटे पर गर्व होगा और आज वह दिन आ गया. उन्होंने बताया मेरी उपलब्धि का हक माता-पिता दोस्तों और गुरुजन को जाता है. परिस्थिति को समझा, आगे बढ़ता गया  अभी स्कूल और कॉलेज के लिए जाता था, तब पहली नजर माता-पिता के मेहनत पर ही जाती थी. घर की परिस्थितियों इतनी अनुकूल नहीं थी, जितनी होनी थी. लेकिन हाथ में सिर्फ मेहनत थी. जिसके बलबूते आगे बढ़ते चले गए और आज उसी मेहनत का परिणाम है कि प्रतिभा को सम्मान मिला है.

मध्यप्रदेश में झमाझम बारिश का दौर, कई जिलों में रिकॉर्ड टूटा; ग्वालियर-मुरैना में अलर्ट जारी

 भोपाल  मध्यप्रदेश में इस समय मानसून की सक्रियता कम हो गई है। फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे ज्यादातर जिलों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, लोकल वेदर सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना जताई जा रही है। मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक सामान्य से 47 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। यह कोटे का 77% है। पूर्वी हिस्से में बादल जमकर बरसे हैं। हालांकि, अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिलों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) हो सकती है। वहीं रीवा और सतना में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात को तेज वर्षा के आसार हैं। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश के उत्तरी हिस्सों में मानसून की प्रमुख प्रणाली सक्रिय है, जिससे मध्यप्रदेश में इसका असर सीमित हो गया है। इस कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश की तीव्रता कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना और भिंड में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, भोपाल में सुबह से धूप खिली है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 51% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 43% बारिश अधिक हुई है। सोमवार को दिनभर के दौरान प्रदेश के कुछ शहरों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया में 14 मिमी, खजुराहो में 5 मिमी, नौगांव में 3 मिमी, इंदौर में 1 मिमी, उज्जैन में 0.4 मिमी, रीवा और सतना में 1-1 मिमी और सिवनी में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कम बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भी हल्की वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा-     भोपाल: अधिकतम 31.0°C, न्यूनतम 24.2°C     इंदौर: अधिकतम 30.2°C, न्यूनतम 21.7°C     ग्वालियर: अधिकतम 31.2°C, न्यूनतम 26.4°C     जबलपुर: अधिकतम 32.8°C, न्यूनतम 24.4°C अगले 24 घंटे विशेष रूप से ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना के लिए अहम माने जा रहे हैं। इन जिलों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। एमपी में बाढ़ से 2 माह में 275 मौतें पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो बाढ़ के दौरान हुए हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। मानसून की आमद के बाद से जून और जुलाई के ये आंकड़े सरकार ने खुद विधानसभा में बताए हैं। 1657 पशुओं की भी मौत हुई है। बारिश के चलते ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (RRDA) की 254 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 293 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 3 हजार 687 मकानों में आंशिक नुकसान हुआ है। कुल 3980 मकानों को नुकसान पहुंचा है। पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा नदी ने विकराल रूप ले लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे। वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे। उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के उफान पर आने से चित्रकूट में कई दुकानों में पानी भर गया था। गुना में सबसे ज्यादा 45 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।  

लव जिहाद फंडिंग में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, अनवर कादरी की संपत्तियां होंगी जब्त

इंदौर लव जिहाद फंडिंग करने के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी और कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज पुलिस कोर्ट से उसकी फरारी का वारंट जारी करा कर उसे विधिवत रूप से भगोड़ा घोषित कराने जा रही है,साथ ही उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक,आरोपी अनवर कादरी को फरार घोषित कराने की तैयारी अंतिम चरण में है। आज कोर्ट में उसके फरारी वारंट के लिए आवेदन दाखिल किया जाएगा। वारंट जारी होते ही पुलिस उसे कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित कर सकेगी। दूसरी और सोमवार को पुलिस ने कादरी का लुक आउट सर्कुलर नोटिस भी जारी कर दिया है। इसके आधार पर देश के सभी हवाई अड्डों और सीमाओं पर अलर्ट जारी हो गया है,जिससे वह विदेश न भाग सके। संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही अनवर कादरी की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाने के लिए पंजीयन विभाग और नगर निगम से डेटा मंगवाया गया है। संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। भगोड़े डकैत को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम कई राज्यों में सक्रिय होकर मदद मांग रही हैं। मुख्य रूप से पुलिस की टीम सिक्किम और चेन्नई में नजर रखे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि कादरी अब उनके रडार पर है और जल्द गिरफ्तारी संभव है। अपने पिता की मदद करने वाली कादरी की बेटी आयशा कादरी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में कादरी के मामले में ज्यादा कुछ खास खुलासा तो नहीं हुआ,जो भी उससे जानकारी मिली पुलिस उसे पर लगातार कार्रवाई कर रही है। बेटी आयशा भी गिरफ्तार इंदौर पुलिस ने कुछ दिन पहले दिल्ली से अनवर कादरी की बेटी आयशा को गिरफ्तार कर लिया था । पुलिस ने अनवर कादरी पर लव जिहाद के लिए फंडिंग और हिंदू युवतियों को देह व्यापार में धकेलने की साजिश रचने का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही अनवर लगातार फरार चल रहे हैं।आरोपी पार्षद की फरारी के दौरान उनकी मदद करने वालों पर अब पुलिस का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही अनवर के बेटी आयशा को सोमवार को दिल्ली के शालीमार बाग से गिरफ्तार किया। वह पिता अनवर कादरी के फरार होने के बाद उनके संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि आयशा अपने पिता अनवर कादरी के साथ दिल्ली में थी। इंदौर पुलिस ने सोमवार को जब वहां दबिश दी तो अनवर फरार हो गए, जबकि आयशा पुलिस के हत्थे चढ़ गई। फरार पार्षद पर बढ़ाया गया इनाम इस बीच अब पुलिस ने कांग्रेस पार्षद पर इनाम की रकम दोगुनी कर दी है। पुलिस ने पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की रकम दस हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी। अगर अगले कुछ दिनों में कांग्रेस पार्षद गिरफ्तार नहीं होते हैं तो उनकी संपत्तियां कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस ने बताया कि शहर के दो युवक साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून महीने में पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए कादरी ने उन्हें तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम उन्होंने युवतियों पर खर्च की थी।

रोजगार दफ्तरों में पंजीयन घटा, 5 साल में 62.75 लाख बेरोजगार हुए थे रजिस्टर

भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2018 से जून 2023 के बीच 62 लाख 75 हजार बेरोजगार युवाओं ने रोजगार कार्यालयों में पंजीयन कराया। हालांकि अब यह संख्या घटी है। वर्ष 2018 में 26.82 लाख बेरोजगार पंजीकृत थे, जो 2023 में बढ़कर 33.13 लाख हो गए। वहीं जून 2025 में यह संख्या घटकर 25.68 लाख रह गई। यह जानकारी राज्य मंत्री कौशल विकास एवं रोजगार गौतम टेटवाल ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। ‘आकांक्षी युवा’ शब्द को लेकर जवाब विधायक ने पूछा कि किस निर्देश पर बेरोजगार के स्थान पर ‘आकांक्षी युवा’ शब्द का उपयोग किया गया। इस पर मंत्री ने बताया कि एमपी पोर्टल पर आवेदन करने वाले युवाओं को बेरोजगार नहीं माना गया है, बल्कि केवल पंजीकृत आवेदक कहा गया है। इसी कारण पंजीकृत आवेदक के स्थान पर आकांक्षी युवा शब्द का उपयोग किया गया।  

धार्मिक भेदभाव पर रोक और अपराधियों पर शिकंजा – डीजीपी का दो टूक संदेश

भोपाल  भोपाल में सामने आए लव जिहाद और ड्रग्स कनेक्शन मामले के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गर्ल्स स्कूल और कॉलेजों के पास नियमित पेट्रोलिंग की जाए ताकि छेड़खानी की घटनाएं न हों। धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास घूमने वाले मजनुओं पर सख्त कार्रवाई करें। वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश सोमवार को पुलिस मुख्यालय से आयोजित वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश के सभी जोनल एडीजी/आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल-इंदौर और सभी जिलों के एसपी शामिल हुए। डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन होस्टल से समन्वय के लिए बीट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाएं। प्रारंभिक शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करें। ड्रग माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज करें और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ड्रग्स हॉटस्पॉट्स की पहचान करें। बालिकाओं की गुमशुदगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करें। स्टाफ रोटेशन और समीक्षा के निर्देश डीजीपी ने अधिकारियों से अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा करने और अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को उनकी मूल पदस्थापना या थानों में वापस भेजने को कहा। साथ ही सभी कर्मचारियों का नियमानुसार रोटेशन करने के निर्देश दिए, विशेषकर उन वाहन चालकों का जो लंबे समय से एक ही अधिकारी या थाने पर कार्यरत हैं। बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक महिला सुरक्षा अनिल कुमार ने ऑपरेशन मुस्कान, ऑपरेशन हेल्पिंग हैंड, महिला अपराधों की विवेचना और डीएसआर की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा की।