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साध्वी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया, बोली आतंकवाद का रंग हरा होता है

भोपाल  मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी होने के बाद पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपने गृह नगर भोपाल पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. भारत माता की जय के नारों और फूल-मालाओं के साथ समर्थकों ने उन्हें सम्मानित किया. लेकिन इस स्वागत समारोह के दौरान साध्वी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया. भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने आतंकवाद और मुसलमानों को लेकर कहा, कौन कहता है कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता? आतंकवाद का रंग हरा होता है. उन्होंने कहा हरे रंग के झंडे के नीचे आतंकवाद फैलाया जाता है. साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘इन्होंने हरा रंग लेकर पहलगाम में जो कुछ किया, वो सबके सामने है. पूछ-पूछकर कहा गया कि क्या तुम हिंदू हो? और फिर कपड़े उतरवाकर परीक्षण करके मारा गया. मुसलमान आतंकवाद होता है, ये निश्चित है.’ ‘हिंदू आतंकवादी हो ही नहीं सकता…’ इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मालेगांव केस में उन्हें 17 वर्षों तक मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं, लेकिन आखिरकार सत्य की विजय हुई. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हिंदुओं को हमेशा कुचला और प्रताड़ित किया है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद की झूठी स्क्रिप्ट रची, लेकिन वो टिक नहीं सकी. हिंदू आतंकवादी हो ही नहीं सकता, क्योंकि हिंदू तो सहिष्णु होता है. हमारा तो वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र है.’ साध्वी प्रज्ञा ने कांग्रेस और विशेष रूप से दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधर्मी मानसिकता को बढ़ावा दिया है और हिंदुओं को अपमानित करने की साजिश की है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आतंकवादियों के लिए आँसू बहाती है और हिंदुओं को प्रताड़ित करती है. दिग्विजय तो पूरी तरह दिग्भ्रमित हैं, उनका नाम ही अशुभ है.’ ‘ISI के जासूस करने वाले कौन?’ साध्वी के इस बयान पर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने साध्वी के बयान को इस्लामोफोबिया से ग्रसित बताया और कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ना न केवल गलत है, बल्कि समाज को बांटने वाला है. उन्होंने कहा, ‘जो अन्य धर्मों के लोग ISI के लिए जासूसी करते हुए पकड़े जाते हैं, तो क्या उन्हें हिंदू या भगवा आतंकी कहा जाता है? आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, वे मानवता के दुश्मन होते हैं.’ वहीं कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई. पार्टी के मध्य प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि अदालतें पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘साध्वी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. वह एक बार फिर समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं. अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आतंकवाद किसी धर्म या रंग से नहीं जुड़ा होता.’

सचिन पर लगा पितृत्व का दावा, DNA रिपोर्ट के बाद रघुवंशी परिवार में उठे सवाल

 इंदौर मेघालय हनीमून मर्डर केस से सुर्खियों में आया इंदौर का रघुवंशी परिवार अब एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की पत्नी होने का दावा करने वाली एक महिला ने सचिन को अपने बेटे का जैविक पिता बताया है। इतना ही नहीं, उस महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक कथित डीएनए रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है। महिला के इस सनसनीखेज खुलासे ने इंदौर के सबसे चर्चित मामलों में से एक को लेकर चल रही कानूनी और भावनात्मक लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ दिया है।  महिला ने 1 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए भावुक स्वर में कहा कि डीएनए टेस्ट से पुष्टि होती है कि सचिन रघुवंशी ही उसके बेटे का पिता है। उसने दावा किया कि सचिन ने उससे एक मंदिर में पूरे रस्मों-रिवाज के साथ शादी की थी। उसके पास शादी के वीडियो और तस्वीरें भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ये तस्वीरें भी दिखाई । आंखों में आंसू भरकर महिला ने कहा, “मेरे बच्चे को जानबूझकर ठुकरा दिया गया। यह न केवल मेरा अपमान है, बल्कि मेरे बच्चे का भी अपमान है। आज मेरा बच्चा दर-दर भटक रहा है। सचिन को अब जवाब देना होगा।" इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया : महिला उसने कहा, "अगर सचिन ने सही ढंग से शादी की होती और हमारे रिश्ते को स्वीकार किया होता, तो हमें इस अपमान से नहीं गुजरना पड़ता।" उसने आगे कहा कि उसने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। मैंने जब भी न्याय की मांग की, तो परिवार ने हर बार मुझसे मुंह मोड़ लिया और मेरा अपमान किया। महिला ने आगे कहा कि अब उसने अपने बेटे को मान्यता और कानूनी अधिकार दिलाने की उम्मीद में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने कहा, “मुझे विश्वास है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा।” राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई रहस्यमयी मौत के बाद से रघुवंशी परिवार पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ था। सचिन पर लगे ताजा आरोपों ने इस मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। साथ ही परिवार पर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 

प्रदूषण बोर्ड का दावा – जले कचरे से नहीं फैल रहा कैंसर, लोगों की चिंता फिर भी बरकरार

भोपाल / पीथमपुर  पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा जलाया गया। कचरे को रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया गया है। कचरा जलाने के बाद इसके गंभीर परिणाम भविष्य में सामने आने की बात सामने आई थी। जिसको लेकर खूब सियासत भी हुई थी। इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने दावा किया है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे में किसी भी प्रकार का कैंसर कारक पेस्टीसाइड एवं इनसेक्टीसाइड नहीं मिले हैं। मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार मंडरई ने बताया कि कैंसर के मुख्य कारण अवशिष्ट के भस्मक जलाने के बाद राख में नहीं थे। इसमें हेवी मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित पाई गई। उन्होंने बताया कि पीथमपुर प्लांट में जलाए गए वेस्ट के बाद उत्पन्न हुई राख में किसी भी रसायन का रिसाव भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित नहीं कर सकेगा। साथ ही भूमिगत जल प्रभावित होने की संभावना भी नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इससे कोई खतरा नहीं है और इसकी 30 सालों तक मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इस बात को लेकर लोगों के मन में भय भोपाल गैस त्रासदी के पीथमपुर में नष्ट किए गए जहरीले कचरे को लेकर लोगों के मन में इस बात की दुविधा है कि कहीं इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बुरा असर न पड़े। इसी कारण स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। हालांकि प्रशासन ने बार- बार आश्वत किया है कि कचरे को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों के मेधावी बच्चों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही है। यहां अध्ययन का अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा कि वे उज्जैन में पहली बार पत्रकारों के मेधावी बच्चों के सम्मान के कार्यक्रम में उपस्थित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मेधावी बच्चों से खूब पढ़ने और उज्जैन के साथ ही मध्यप्रदेश और देश का नाम रौशन करने की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सिटी प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा आयोजित समारोह में पत्रकारों के 50 से अधिक मेधावी बच्चों का सम्मान करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को पुष्पमाला पहनाई और सम्मान पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम को सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेंद्र कुल्मी ने संबोधित करते हुए इस अवसर को पत्रकारों और उनके परिवार को संबल बताया। इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्प समय में प्रदेश में जो विकास कार्य प्रारंभ किए हैं, वह अद्वितीय हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षित होने के साथ-साथ प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है और जब पत्रकारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ते हैं, तो यह पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान होता है। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, मुकेश यादव, रवि सोलंकी, दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

मोदी-योगी का नाम लेने की मिली थी धमकी? साध्वी प्रज्ञा का बड़ा आरोप

 भोपाल भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट से बरी होने के बाद रविवार को पहली बार मध्य प्रदेश के भोपाल में अपने आवास पर पहुंचीं। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि उन्हें पीएम मोदी, सीएम योगी और मोहन भागवत समेत कई बड़े लोगों के नाम लेने के लिए मजबूर किया गया था। जब उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि उन्होंने मुझे बड़े नेताओं के नाम लेने के लिए मजबूर किया। मैंने वो नाम नहीं लिए; मैंने वैसा नहीं किया जैसा वो चाहते थे। मैं दबाव में नहीं आई और मैंने किसी का भी नाम नहीं लिया, किसी को झूठा नहीं फंसाया… इसलिए, उन्होंने मुझे प्रताड़ित किया। उन नामों में विशेष रूप से मोहन भागवत, राम माधव, प्रधानमंत्री मोदी, योगी आदित्यनाथ, इंद्रेश कुमार और अन्य नेता शामिल थे…” उन्होंने आगे कहा, “मैंने बार-बार यह कहा है कि परमबीर सिंह बहुत निकृष्ट और अदम व्यक्ति है क्योंकि उसने हर सीमा पार की है, हर कानून को तोड़ा है और कानून से बाहर जाकर मुझे प्रताड़नाएं दी हैं। अकेले परमबीर सिंह ने ही नहीं बल्कि मुझे सभी एटीएस अधिकारियों ने प्रताड़ित किया है… मुझे गैर कानूनी तौर पर 13 दिनों तक रखा और 11 दिनों की पुलिस हिरासत में रखा गया। इस प्रकार से मैं 24 दिनों की पुलिस कस्टडी में रही और एटीएस की प्रताड़नाएं झेलती रही।” भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए एनआईए कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने पर भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। समाज और देश ने उन्हें करारा जवाब दिया है। अदालत का फैसला बिल्कुल स्पष्ट है। यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने इसे 'भगवा आतंकवाद' कहा… उन्होंने इसे पहले भी 'भगवा आतंकवाद' और 'हिंदू आतंकवाद' कहा है। महाराष्ट्र के चव्हाण (पृथ्वीराज चव्हाण) ने 'सनातन आतंकवाद', 'हिंदुत्व आतंकवाद' पर बात की है। वे एक ही श्रेणी के लोग हैं। वे सभी कांग्रेस के सदस्य हैं।" साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, "सत्य की जीत हुई है, जो सुनिश्चित थी क्योंकि धर्म और सत्य हमारे पक्ष में था। सत्यमेव जयते! मैंने यह पहले भी कहा था और अब यह सिद्ध हो गया है। विधर्मियों के, देशद्रोहियों के मुंह काले हुए हैं, उन्हें जवाब मिला है। देश हमेशा धर्म और सत्य के साथ है और हमेशा रहेगा।" एनआईए कोर्ट ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में हाल ही में साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

MP में निलंबन पर हाई कोर्ट की सख्ती, विधायक के दबाव को माना अनुचित प्रभाव

 जबलपुर   हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने महिला विधायक के दबाव में किए गए सहकारी बैंक के सीईओ के निलंबन को अनुचित पाकर निरस्त कर दिया। इसी के साथ अविलंब बहाल करने के निर्देश दे दिए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि याचिकाकर्ता का निलंबन आदेश शक्तियों का दुरुपयोग करके महिला विधायक के दबाव में पारित किया गया है। ट्रांसफर का मामला दरअसल, गांधीग्राम शाखा से सीधी शाखा ट्रांसफर किए गए एक क्लर्क के तबादले को रद कराने के लिए यह कवायद की गई। विधायक ने इस मामले में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग किया है। याचिकाकर्ता सीधी निवासी राजेश रायकवार की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की गांधीग्राम शाखा के एक क्लर्क का सीधी तबादला किया था। याचिकाकर्ता पर लगाया यह आरोप इससे नाराज होकर महिला विधायक (याचिका में रीति पाठक का नाम न होने की वजह से हाई कोर्ट ने यही शब्द इस्तेमाल किया) ने पांच जून, 2025 को फोन पर पहले याचिकाकर्ता को डांटा व धमकाया। इसके बाद याचिकाकर्ता पर आरोप लगाया गया कि उसने विधायक, प्रभारी मंत्री प्रदीप जायसवाल व सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के विरुद्ध अभद्र भाषा का इस्तेमाल करके अपशब्द कहे हैं। फिर विधायक के साथ दो और विधायकों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिले के प्रभारी मंत्री के जरिए 10 जून, 2025 को याचिकाकर्ता को निलंबित करा दिया। 

9वीं कक्षा में ITI शुरू, 10वीं होते ही विदेश भेजे जाएंगे छात्र—MP सरकार ने खोली अंतरराष्ट्रीय नौकरी की राह

भोपाल  मध्यप्रदेश में पहली बार अब कक्षा 9वीं के साथ आईटीआई होगी। इसका फायदा यह होगा कि 10 वीं पास करने के साथ ही स्टूडेंट के हाथ में नौकरी होगी। अब उसे नौकरी नहीं करनी है तो दूसरा ऑप्शन 12वीं तक डिप्लोमा करने का रहेगा। इतना ही नहीं स्टूडेंट सीधे इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में एडमिशन ले सकेंगे। इसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गई है। 10वीं पास करते ही विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे। रूस ने 1.5लाख जॉब ऑफर किए है। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को ड्युअल अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट आठ ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। इसमें ईवी मैकेनिक ट्रेड के तहत स्टूडेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल की ट्रेनिंग ले सकेंगे तो प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मेसन, ड्रेस डिजाइन, स्विंग टेक्नोलॉजी, वायरमैन के साथ रेफ्रिजरेशन एंड एसी ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। ट्रेंड विद्यार्थियों को रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फाॅर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" का मतलब है कि ये बोर्ड न केवल अपने पारंपरिक प्रमाण पत्र जारी करेंगे, बल्कि एनसीवीईटी के साथ मिलकर भी प्रमाण पत्र जारी करेंगे. इससे छात्रों को दोहरी मान्यता प्राप्त होगी और उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ओपन बोर्ड अब एक बार में दो कोर्स करा सकेगा जिसमें स्टूडेंट 9वीं और 10 वीं की पढ़ाई जारी रखते हुए आईटीआई भी कर सकेंगे। इसे दोहरा सर्टिफिकेट कोर्स नाम दिया गया है। इसके तहत न केवल 9वीं और 10 वीं की परीक्षा हो जाएगी, बल्कि वे आईटीआई भी कर सकेंगे। इसके बाद 11–12 वीं करते हुए डिप्लोमा पूरा हो जाएगा। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। स्टूडेंट के पास विदेश जाने का मौका इस योजना के तहत पास होने वाले ट्रेंड विद्यार्थियों को दूतावास के माध्यम से रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे सर्विस करके अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। तिवारी बताते हैं कि ओपन स्कूल के रूस स्थित भारतीय दूतावास से चर्चा हो गई है। चर्चा में रूस में डेढ़ लाख मेसन (राजमिस्त्री) की जरूरत बताई गई है। शिक्षामंत्री के विधानसभा क्षेत्र से शुरुआत प्रदेश में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत गाडरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सांईखेड़ा में होने जा रही है। सांईखेड़ा के शासकीय स्कूल में आठों ट्रेड के लिए लैब स्थापित की जा रही है। यह स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र में है। इसके साथ इस मॉडल आईटीआई में 100 स्टूडेंट के रुकने की व्यवस्था भी होगी। यहां एक्सपर्ट थ्योरी के साथ–साथ लगातार प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग भी देंगे। ऑनलाइन टीचिंग, 15–15 दिन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पायलट प्रोजेक्ट के तहत विधानसभा क्षेत्र के 300 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 9वीं–10 वीं के साथ आईटीआई करने का मौका मिलेगा। इसकी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से स्कूली विषयों के साथ कराई जाएगी, वहीं प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए साल में दो बार 15–15 दिन आईटीआई में रहकर प्रैक्टिकल का मौका मिलेगा। स्टूडेंट मॉडल आईटीआई बिल्डिंग के छात्रावास में रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। 15–15 दिन के दो सत्रों में स्टूडेंट अधिक ट्रेनिंग ले सकेंगे। इसके लिए हर दिन 12– 12 घंटे का ट्रेनिंग शेड्यूल बनाया गया है। फीस नहीं भरने वाले भर सकेंगे बॉन्ड आईटीआई की फीस जहां 25 हजार होती है, वहीं स्टूडेंट पढ़ाई के साथ 15 हजार रुपए में आईटीआई कर सकेंगे। इस योजना का प्रारूप बनाते समय इस बात की व्यवस्था भी की गई है कि आर्थिक रूप अक्षम होने के चलते कोई तकनीकी कौशल सीखने से वंचित ना हो। योजना के तहत ऐसी व्यवस्था की गई है कि फीस नहीं भर सकने वाले स्टूडेंट से एक बॉन्ड भरवाया जाएगा। बॉन्ड भरने वाले स्टूडेंट से पढ़ाई पूरी होने के बाद एक साल काम कराया जाएगा जिससे फीस की प्रतिपूर्ति हो जाएगी। मल्टी एंट्री, मल्टी एग्जिट पॉलिसी भी है योजना केवल फीस के मामले में लचीली नहीं है, बल्कि पूरी पॉलिसी को इस तरह बनाया गया है कि विद्यार्थी इसमें अलग–अलग स्तर पर प्रवेश लेकर और निकलने के विकल्प चुन सकते हैं। इसे मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट नाम दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया … Read more

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।

सतना में बदमाशों का तांडव! व्यापारी के घर पर गोलियां बरसाईं, परिवार सहमा

सतना  सतना शहर के पॉश इलाकों में शुमार चाणक्यपुरी में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक व्यापारी भागवत गुप्ता के निवास पर रविवार सुबह करीब 9 बजे नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना के समय घर में व्यापारी और उसका पूरा परिवार मौजूद था, जो इस हमले से बुरी तरह दहशत में आ गया। सूचना मिलते ही कोलगवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सभी हमलावर उत्तर प्रदेश नंबर प्लेट लगी गाड़ियों से आए थे। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल पर तीन बुलेट कारतूस मिले हैं। दो अंदर घर में और एक बाहर बरामद किया गया है। दीवार में छेद कर गोली अंदर तक पहुंची गई थी। यह अच्छा रहा कि वह किसी को लगी नहीं। घटनास्थल पर थाना प्रभारी सुदीप सोनी स्वयं पहुंचे और एफएसएल टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। पहले भी दी जा चुकी थी पुलिस को सूचना व्यापारी परिवार ने पूर्व में भी संभावित खतरे की आशंका को लेकर थाने में सूचना दी थी। परिजन इस फायरिंग की घटना को पुराने गुप्ता पैलेस जमीनी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। परिवार की ओर से संदेह व्यक्त किया गया है कि उन्हीं लोगों का हाथ इस हमले में हो सकता है, जो पूर्व विवाद में शामिल थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर विशेष सोशल टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय कर संदिग्ध नंबरों की निगरानी शुरू कर दी गई है। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में टीआई सुदीप सोनी ने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया और क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। गोलीबारी की पुष्टि की जा चुकी है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और परिवार की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सतना: महिला शिक्षक से प्रिंसिपल ने की जबरदस्ती, अब पति को भेजी अश्लील तस्वीरें

सतना  सतना में एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने अपने ही स्कूल की लेडी टीचर के साथ कार में रेप किया। इतना ही नहीं जब लेडी टीचर की शादी हो गई तो आरोपी प्रिंसिपल फिर से उसे ब्लैकमेल करने लगा लेकिन महिला ने उसकी बात नहीं मानी। जिसके बाद आरोपी प्रिंसिपल ने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें उसके पति व ननदोई को भेज दीं। पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है। लिफ्ट देने के बहाने कार में की ज्यादती घटना 18 जनवरी 2024 की है, तब पीड़िता आरोपी धीर सिंह के साथ एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करती थी। धीर सिंह स्कूल का प्रिंसिपल था और उस दिन पीड़िता को अपनी सहेली को मेहंदी लगवाने के लिए जाना था इसलिए उसने प्रिंसिपल धीर सिंह को छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। आरोपी ने छुट्टी देने के साथही कार से छोड़ने की बात उससे कही जिसके कारण वो तैयार हो गई और आरोपी की कार में बैठ गई। इसके बाद आरोपी कार को डालीबाबा बगिया की ओर ले गया और वहीं पर कार में ही लेडी टीचर के साथ रेप किया। आरोपी ने रेप करते हुए वीडियो भी बना लिया और धमकी दी कि अगर किसी को कुछ बताया तो वीडियो वायरल कर देगा और जान से मार देगा। शादी के बाद करने लगा ब्लैकमेल आरोपी की धमकी से डर कर पीड़िता चुप रही और कुछ दिन बाद उसकी शादी हो गई। वो अपनी शादीशुदा जिंदगी जी रही थी लेकिन फिर से आरोपी धीर सिंह ने उसे ब्लैकमेल कर मिलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोपी की बात नहीं मानी तो आरोपी ने आपत्तिजनक फोटो पीड़िता के पति और ननदोई को भेज दिए। इसके बाद पीड़िता ने पूरी बात पति को बताई और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंची। पुलिस ने आरोपी धीर सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी मतरी पतौरा थाना उचेहरा जिला सतना का रहने वाला है और वर्तमान में डालीबाबा पंजाबी कॉलोनी थाना सिटी कोतवाली में रह रहा था।