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हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।  

रोजगार के 1165 नए अवसर होंगे उपलब्ध, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित करेंगे आशय पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 अगस्त शनिवार को सीहोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र बड़ियाखेड़ी में लगभग 1406 करोड़ रूपये निवेश करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित करेंगे। जिससे यहां लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा। इन औद्योगिक इकाइयों से सीहोर जिले में 1165 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 4 औद्योगिक इकाइयों का होगा भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। इन इकाइयों में सीहोर जिले में लगभग 1406 करोड़ रूपये का निवेश होगा और 854 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिन ऑैद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन होगा उनमें वान्यावेदा ग्रीन्स जो (झिलेला) सीहोर में 20.020 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 115 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार बारमॉल्ट माल्टिंग इंडिया प्रा.लि. (बड़ियाखेड़ी फेस.2) 10.250 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 400 करोड़ रुपए के निवेश से देश की सबसे बड़ी माल्ट निर्माता कंपनी की इकाई स्थापित होगी, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लि. (जहांगीरपुरा) सीहोर में 18.260 हेक्टेयर में 888 करोड़ रुपए के निवेश से एशिया की सबसे बड़ी ट्रांसफार्मर इकाई स्थापित होगी, जिसमें 394 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कृष्णा इंडस्ट्रीज (बड़ियाखेड़ी) सीहोर 0.476 हेक्टेयर में 3 करोड़ रुपए के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित होंगे आशय पत्र मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में 6 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र वितरित करेंगे, जिनमें आरटीडीबी इंडस्ट्रीज, स्वाति सोनी, संजय कुमार, अमित मूंदड़ा, प्रकाश पैकेजिंग और आरना वेंचर्स शामिल हैं। इन इकाइयों द्वारा सीहोर जिले में लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा और 311 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

अब 1500 रुपए प्रतिमाह! जानें कब आएगी लाडली बहनों की अगली किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा. कब आएगी 27वीं किस्त  लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा। 9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है। कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है। भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी। लाड़ली बहना योजना पर एक नजर कहां से हुआ शुभारंभ शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता शुरुआत- 1000 रुपए 2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त? लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है। कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद) लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे। कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली … Read more

फुट ओवरब्रिज नेटवर्क का विस्तार: इंदौर में नई सौगात, पुराने पुलों के रखरखाव की तैयारी

इंदौर  शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम चार नए फुट ओवरब्रिज बनाने की तैयारी में है। लंबे समय से निगम द्वारा शहर में एक दर्जन फुट ओवरब्रिज बनाए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन भूमि की अनुपलब्धता के चलते यह योजना अटकी रही। अब चार स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार फर्मों की तलाश की जा रही है, जबकि तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को 10 साल की अवधि के ठेके पर दिया जाएगा, जिससे उनका बेहतर रख-रखाव किया जा सके। ऑनलाइन टेंडर जारी, नए ओवरब्रिज बनेंगे डिजाइन-बिल्ट-ऑपरेट सिस्टम से नगर निगम के यातायात विभाग ने चार नए फुट ओवरब्रिजों के निर्माण के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए हैं। ये सभी ओवरब्रिज डिजाइन, बिल्ट, ऑपरेट और ट्रांसफर सिस्टम के तहत बनाए जाएंगे। साथ ही तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को भी दस साल की अवधि के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिनकी लाइसेंस अवधि को आगे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। निगम ने पहले भी एक बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तब कोई भी ठेकेदार फर्म आगे नहीं आई थी। इस बार दूसरी बार प्रयास किया जा रहा है। कर्बला, एमवाय, दवा बाजार और जुपिटर हॉस्पिटल क्षेत्र में बनेंगे नए ब्रिज फुट ओवरब्रिज निर्माण की योजना के तहत निगम ने कर्बला से जीडीसी कॉलेज की ओर एक नया ओवरब्रिज बनवाने की योजना तैयार की है। वहीं एमवाय अस्पताल के सामने भी फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजन सड़क पार कर दवा दुकानों तक सुरक्षित पहुंच सकें। दवा बाजार क्षेत्र में भी एक फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशी जा रही है। इसके अलावा एक और नया फुट ओवरब्रिज विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के सामने प्रस्तावित किया गया है, जहां आए दिन ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीन पुराने ब्रिज रख-रखाव के लिए ठेके पर, उपयोगिता को लेकर सवाल बरकरार फिलहाल शहर में तीन पुराने फुट ओवरब्रिज मौजूद हैं, जिन्हें नगर निगम 10 साल के रख-रखाव के ठेके पर देगा। इनमें पहला फुट ओवरब्रिज छप्पन दुकान से अपोलो टॉवर की ओर है, दूसरा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने बना हुआ है, जबकि तीसरा अपोलो टॉवर से छप्पन दुकान की दिशा में बना है। निगम के अनुसार, कर्बला से कलेक्ट्रेट रोड पर एक पुराना ओवरब्रिज पहले ही बना हुआ है, लेकिन यह अधिक उपयोगी नहीं साबित हुआ। इसी अनुभव को देखते हुए अब नए ब्रिजों की जगह और डिजाइन सोच-समझकर तय की जा रही है।  

भोपाल में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गैंग से जुड़ा भूरी हिरासत में

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच लगातार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने एक बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया है। उस पर शहर के अलग-अलग थानों में करीब 18 अपराध दर्ज हैं, इनमें मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थ तस्करी आदि शामिल हैं। पुलिस को शातिर ड्रग्स तस्कर यासीन और शाहवर से पूछताछ के बाद उसके इनसे जुड़े होने की जानकारी मिली थी। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्री शीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। पैडलर के तौर पर सामने आया नाम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोकुल धाम तुलसी नगर टीटी नगर निवासी 32 वर्षीय अंशुल सिंह उर्फ भूरी पुराना बदमाश है। ड्रग्स तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। आरोपित से लंबी पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर चार अगस्त तक की रिमांड पर लिया है। उससे गिरोह के संबंध में पूछताछ की जाएगी। उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्करी के पूरे माड्यूल को समझा जाएगा। पुलिस को एक और आरोपी की तलाश यह किस तरह से बाहर के चार राज्यों से मादक पदार्थ लाते थे और उसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचा रहे थे, उनके इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। अंशुल उर्फ भूरी से शुरुआती पूछताछ में यासीन और उसके चाचा के एक खास गुर्गे का नाम भी सामने आया है। वह शाहजहांनाबाद क्षेत्र के इस्लामी गेट इलाके में रहता है और क्रिकेट पर सट्टा खिलाता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। कांग्रेस-भाजपा से संबंध अंशुल सिंह उर्फ भूरी की मां रजनी राज सिंह पार्षद रह चुकी हैं। वह एक बार भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अंशुल अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस से युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहा था। उसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का खास माना जाता है। उसे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के खास समर्थकों में गिना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान: नशे से दूरी-है जरूरी ने बनाया वर्ल्‍ड रिकार्ड

भोपाल.  मध्‍यप्रदेश पुलिस के नशे के विरूद्ध 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक चलाए गए "नशे से दूरी-है जरूरी’’ राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड कायम किया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश के 57 जिलों के 1175 थानों द्वारा संचालित इस अभियान में लगभग 23 लाख लोगों ने प्रत्‍यक्ष सहभागिता तथा सोशल मीडिया माध्‍यमों से 6.35 करोड़ लोगों ने सहभ‍ागिता की। पुलिस मुख्‍यालय में शुक्रवार को वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ तथा प्रेसीडेंट संतोष शुक्‍ला ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और एडीजी नारकोटिक्‍स के.पी. व्‍यंकटेश्‍वर राव से भेंट कर सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस दौरान वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस संस्‍था की जनरल सेक्रेटरी डॉ. तिथि भल्‍ला तथा एडिटर सुअपूर्वा मेनन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और किशोरों को नशा मुक्‍त रखना हमारा शासकीय कर्तव्‍य ही नहीं नैतिक दायित्‍व भी है। इस अभियान के दौरान सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तथा अन्‍य सहयोगी विभाग, विभिन्‍न संगठनों के अथक प्रयास से यह अभियान जनआंदोलन बन गया। उन्‍होंने कहा कि हमारा उद्देश्य कभी भी कोई विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था बल्कि अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उद्देश्य था। यदि इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, तो यह सभी पुलिसकर्मियों, सहयोगी संस्थाओं और प्रदेश की जनता के समर्पण का परिणाम है। वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ शुक्‍ला ने मध्‍यप्रदेश पुलिस के इस अनूठे जन जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अपने उद्देश्‍य में सफल रहा। उन्‍होंने 13 सितंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले सम्‍मान समारोह में डीजीपी मकवाणा को आमंत्रित भी किया।  

मुंगेली पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ चोरी का आरोपी, दिल्ली से ला रही थी टीम

ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर में छत्तीसगढ़ मुंगेली पुलिस को चोरी का आरोपी चकमा देकर फरार हो गया। मुंगेली पुलिस दिल्ली से गिरफ्तार कर उसे छत्तीसगढ़ ले जा रही थी। तभी मुरार बड़ागांव हाईवे स्थित ढाबे पर पुलिस भोजन के लिए रुकी थी। भोजन करने में व्यस्त पुलिस को देख आरोपी रफू चक्कर हो गया। देर रात तक मुंगेली और मुरार थाना पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी रही लेकिन हाथ नहीं आया। ढाबे में भोजन के दौरान भाग निकला दअरसल मुंगेली कोतवाली थाना पुलिस चोरी के आरोपी संदीप महिलांगे निवासी सिंगारपुर थाना भाटापारा जिला बलौदा बाजार को दिल्ली से गिरफ्तार कर मुंगेली ले जा रही थी। देर रात पुलिस टीम मुरार थाना क्षेत्र के एक ढाबे पर एक साथ भोजन करने बैठ गई। इसी दौरान पुलिस कर्मियों का ध्यान उसकी तरफ से हट गया और चोर उनकी नजर बचाकर भाग निकला। जब पुलिस टीम को सुध आई तो उनके हाथ पैर फूल गए। इसकी सूचना मुरार थाना को दी। आरोपी का अभी तक पता नहीं चला आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मुंगेली और मुरार थाना पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई लेकिन आरोपी का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका। मुंगेली पुलिस ने मुरार थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत पर फरार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी रोबिन जैन सीएसपी ग्वालियर ने दी।

प्रदेश के सभी बांधों एवं जलाशयों की निरंतर करें निगरानी : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल.  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी बांधों एवं जलाशयों की निरंतर निगरानी की जाए और सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन एवं सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभावी रूप से कार्य करें और अतिवृष्टि एवं बाढ़ की जानकारी राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को भेजते रहें। बांधों से जल छोड़ने की जानकारी सभी संबंधियों को दी जाए और विशेष रूप से मुनादी करवाकर व अन्य साधनों से आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराई जाए। मंत्री सिलावट ने शुक्रवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि मानसून के इस चुनौती पूर्ण समय में पूर्ण सजगता और सक्रियता के साथ कार्य करें, जिससे प्रदेश में कोई भी अप्रत्याशित घटना न हो और न ही किसी प्रकार से जान-माल का नुकसान हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राजेश राजौरा, मुख्य अभियंता आर डी अहिरवार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज तक 711.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश की औसत वर्षा से 59% अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 62% अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 55% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 480.40 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 8% अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 50.07% औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 72.75% जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 18 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं। मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 104 बांधों में 90% से अधिक, 31 बांधों में 75% से 90% तक तथा 46 बांधों में 50% से 75% तक जल भराव हो चुका है. इसी प्रकार 52 बांधों में 25 प्रतिशत से 50% तक, 25 बांधों में 10% से 25% तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10% से कम जल भराव हुआ है। मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख 18 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के पांच, बिलगांव डिंडोरी के दो, गोपी कृष्ण सागर गुना का एक, इंदिरा सागर खंडवा के 12, कोतवाल फीडर मुरैना के दो, कुटनी छतरपुर के दो, मणिखेड़ा शिवपुरी के 10, मनुअर शिवपुरी के दो, मटियारी मंडला के 6, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के दो, ओंकारेश्वर के 19, पगारा मुरैना के दो, पगरा फीडर सागर के सात, पवई पन्ना का एक, राजघाट अशोकनगर के 8, संजय सागर विदिशा का एक, थावर मंडला का एक तथा अपर ककेटो श्योपुर का एक गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है। नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 62.01 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 78.9 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 82.45 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 64.37 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 88.80 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 94.85 प्रतिशत भर चुका है। प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 63.68 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 80.81 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 63.38 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 69.80 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 32.05 प्रतिशत जल भराव है। माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 60.64 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 42.32 प्रतिशत एवं 20.17 प्रतिशत जल भराव हुआ है। बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 52.78 एवं 60.91 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 61.75 प्रतिशत, संजय सागर बांध 70.71 प्रतिशत और राजघाट 73.18 प्रतिशत भर चुके हैं। चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 52.42 प्रतिशत, मोहनपुरा 75.59 प्रतिशत और कुण्डलिया 42.08 प्रतिशत भर गए हैं। प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन और धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 53.43 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 50.67 प्रतिशत जलभराव में है। इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर एवं अशोक नगर में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100.00 प्रतिशत, हरसी 105.52 प्रतिशत, अपर काकेटो 44.94 प्रतिशत, काकेटो 100.98 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 74.30 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 58.99 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।  

आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ

भोपाल.  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है। आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सुउमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

रेल नेटवर्क विस्तार: भोपाल-इटारसी-बीना रूट पर चौथी लाइन के लिए सर्वे कार्य शुरू

भोपाल  रेलवे यातायात को सुगम, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में भोपाल मंडल के अंतर्गत इटारसी-भोपाल-बीना खंड पर चौथी रेल लाइन परियोजना की शुरुआत कर दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल माल और यात्री परिवहन की क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन को भी नया आयाम मिलेगा। वर्तमान में इस खंड पर पहले से मौजूद तीन रेल लाइनों पर भारी यातायात का दबाव है, जिससे ट्रेनों की गति और समयबद्धता पर असर पड़ता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चौथी लाइन के निर्माण से यह दबाव कम होगा और मालगाड़ियों के निर्बाध संचालन के साथ-साथ यात्री ट्रेनों को भी समय पर और बेहतर ढंग से चलाया जा सकेगा। सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी परियोजना के तहत इटारसी से भोपाल और फिर भोपाल से बीना तक सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वे के पूर्ण होते ही नियमानुसार आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसमें स्थानीय प्रशासन के सहयोग से भूमि स्वामियों को उचित मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा रूट यह चौथी रेल लाइन मप्र के नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जैसे जिलों से होकर गुजरेगी। इन जिलों में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। परियोजना से इन क्षेत्रों में आवागमन के समय में कमी आएगी और साथ ही माल परिवहन की लागत और समय में भी कमी आएगी। निर्माण, रखरखाव और संचालन से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, इस परियोजना के तहत माल गोदाम, लॉजिस्टिक्स हब जैसे रेलवे से जुड़े अन्य ढांचागत विकास से आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। सर्वे कार्य किया जा रहा है     चौथी लाइन के निर्माण के लिए इटारसी से लेकर बीना खंड तक सर्वे का कार्य जारी है। सर्वे पूर्ण होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल बीना-इटारसी के बीच बिछेगी चौथी रेल लाइन रेलवे के अधिकारियों की मानें तो बीना से इटारसी के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने के बाद सुपरफास्ट और एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें 160 से 220 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेंगी। इतना ही नहीं ट्रैफिक का लोड भी कम होगा और ट्रैफिक क्लियर मिलने के कारण अभी जो गाड़ियां आउटर पर खड़ी करनी पड़ती हैं उन्हें भी खड़ा नहीं करना पड़ेगा जिसके कारण समय की काफी बचत होगी। बीना से इटारसी के बीच की दूरी 230 किमी. है जिसे पूरा करने में अधिकतर ट्रेनों को 4 से साढ़े 4 घंटे का वक्त लगता है। चौथी रेलवे लाइन की सर्वे रिपोर्ट रेलव बोर्ड को भेजने की जानकारी देते हुए रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि 2025 में ही चौथी रेल लाइन का काम शुरू हो जाएगा और अगले 3 साल में चौथी रेल लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। बीना-भोपाल-इटारसी रूट व्यस्ततम रूट है जिस पर रोजाना सैकड़ों ट्रेनें चलती हैं। 160 से 220 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें भोपाल रेल मंडल के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि "बीना से इटारसी के बीच तीसरी रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है. नवंबर 2023 से इस पर ट्रेनें चल रही हैं. तीसरी लाइन के चालू होने से भोपाल मंडल को 10 से अधिक नई ट्रेनें मिली हैं. इन ट्रेनों में वंदे भारत, महामना, सिंगरौली-पुणे हमसफर और आरकेएमपी-एलटीटी एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. इससे बाकी मंडलों को भी फायदा पहुंचा है. अब चौथी रेल लाइन बिछाने के बाद सुपरफास्ट और एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें 160 से 220 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेंगी. ट्रैफिक क्लियर होने से अधिक देर तक आउटर में भी नहीं खड़े रहना पड़ेगा." वर्तमान में लगते हैं 4 से 5 घंटे बीना से इटारसी की दूरी 230 किलोमीटर है. इस दूरी को तय करने में निजामुद्दीन-जबलपुर सुपरफास्ट को 4 घंटे 20 मिनट लगते हैं. इसी प्रकार ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस और कुशीनगर बीना से इटारसी पहुंचने में करीब 4 घंटे का समय लेती है. 3 लाइनों में लोड के कारण ट्रेन को समय अधिक लगता है. लेकिन चौथी रेल लाइन बिछने के बाद लोड कम हो जाएगा और ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी. यानि नई रेल लाइन बिछने के बाद बीना से इटारसी के बीच यात्रा करने पर 2 से ढाई घंटे की बचत होगी. 3 साल में पूरा होगा चौथी रेल लाइन का काम डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि "चौथी लाइन बिछाने के लिए सर्वे की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है. 2025 में ही इसका काम शुरू हो जाएगा. बीना से इटारसी के बीच चौथी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार 160 से 220 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ जाएगी. अगले 3 साल में चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी. इसका मतलब है कि बीना से इटारसी का सफर 2 से ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा." केंद्रीय बजट में मिले 14,745 करोड़ रुपये केंद्रीय रेलवे बजट में मध्य प्रदेश के लिए 14,745 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे मध्य प्रदेश में जहां ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, वहीं यात्री सुविधाओं में भी इजाफा होगा. अभी बीना-भोपाल-इटारसी रूट मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन के लिए काफी जरूरी है. यह व्यस्ततम रूट में गिना जाता है. वर्तमान में इस रूट से सैकड़ों एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं. चौथी नई लाइन न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि माल ढुलाई को भी आसान बनाएगी. इससे प्रमुख शहरों की आपस में कनेक्टिविटी बेहतर होगी.