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अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है। राज्यपाल श्री पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कॅरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल श्री पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर श्री दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। श्री बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से श्री सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। श्री विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।

संगठित होकर कार्य करने से बनता है इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो समाज संगठित होकर कार्य करता है, वह इतिहास बनाता है। कीर समाज को भगवान श्रीराम की चरण रज प्राप्त हुई और समाज बंधुओं ने भगवान श्रीराम को भवसागर पार करवाया। उस समाज ने बदले में भगवान श्रीराम से कुछ नहीं मांगा। बस जीवन की वैतरणी पार करने का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज की एक राज्य स्तरीय पंचायत शीघ्र ही राजधानी में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में हुए कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज ने भगवान श्रीराम को मनुष्य के बजाय भगवान के रूप में पहचाना था। आज समाज प्रगति के मार्ग पर है। शिक्षा के प्रसार और नशा मुक्ति जैसे रचनात्मक कार्यों से समाज जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त सेवा के इस अवसर का श्रेय कीर समाज सहित ऐसे सभी समाज बंधुओं के आशीर्वाद को देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास और शिक्षा के प्रोत्साहन के कार्य कर रही है। जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, वहीं छात्रवृत्ति पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म मिलने से शिक्षा अर्जन आसान बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महासम्मेलन में उपस्थित अनेक बहनों से संवाद भी किया और लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर समाज को संस्कृति के पर्व मिलकर मनाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सामाजिक मेलजोल और आध्यात्मिक चेतना के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के प्रयासों और महासम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में कीर समाज के महासम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी के शपथ समारोह और विचार विमर्श के सत्र हुए। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महासम्मेलन को मां पूरी बाई कीर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गया प्रसाद कीर, समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित भी किया।

ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को होने वाली रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में निवेशकों से रू-ब-रू होकर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत करा कर सीधा संवाद भी करेंगे। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की विशेष उपस्थिति होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इससे ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित यह कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही एमओयू एवं अनुबंध भी होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम-स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल शामिल किये जायेंगे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। पहला “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।

विवाह के पहले क्या करना जरुरी

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विवाह के पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान अवश्य कराना चाहिए। सिकल सैल एनीमिया की बीमारी आनुवांशिक है। इसके उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को मण्डला के ग्राम सेमरखापाके एकलव्य आदर्श विद्यालय ऑडीटोरियम में “परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सैल एनीमिया प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से पीड़ित व्यक्ति का चिन्हांकन एवं त्वरित रोग उपचार ही इस बीमारी से बचाव का कारगर उपाय है। जितनी जल्दी इस रोग का पता चलेगा, इसे नियंत्रित करने की संभावना उतनी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि आमजन स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर सिकल सैल एनीमिया की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि मां के गर्भ में और बच्चे के जन्म के 72 घंटे में इसकी जांच की सुविधा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहडोल जिले से वर्ष 2023 से सिकल सैल उन्मूलन का अभियान शुरू हुआ है। तब से लेकर अब तक देश में 7 करोड़ लोगों की जाँच की जा चुकी है, जिसमें मध्यप्रदेश में एक करोड़ 14 हजार व्यक्तियों की जांच की गई। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में प्राचीन औषधियों को अस्तित्व में बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। मंडला में डी-मार्ट की तर्ज पर ट्रायबल मार्ट बनाया जायेगा। जनजातीय बंधु इसका संचालन करेंगे। यहां मिलने वाले उत्पाद की कीमत बाजार की तुलना में 25-30 प्रतिशत कम होगी। स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय जीवन को बेहतर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य हो रहे हैं। केन्द्र व राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों की बदौलत स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के संबंध में चिकित्सकों एवं परंपरागत वैद्यों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करना और उसे वृहद स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। बालाघाट में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर खोलने की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। रिसर्च के क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों के साथ एम.ओ.यू. भी किए जा रहे हैं। परंपरागत वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और शोध के दस्तावेजीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परंपरागत रूप से काम कर रहे पारंपरिक वैद्यों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल अति संवेदनशील हैं, जो जनजातीय जिलों के सुदूर अंचलों तक जाकर इस बीमारी की रोकथाम के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। नर सेवा ही नारायण सेवा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि पूजा अर्चना से परमेश्वर दर्शन देंगे या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन जब दीन-हीन बीमार व्यक्ति की सेवा होगी तो उसकी आंखों में परमेश्वर के दर्शन स्वतः हो जाएंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सैल एनीमिया से ग्रसित बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल श्री पटेल एवं अन्य अतिथियों ने मिशन नेत्रज्योति अंतर्गत चश्मा, सिकल सैल दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण किट, विधवा पेंशन कार्ड एवं स्व-सहायता समूह को राशि वितरित की। भगवान धनवंतरी एवं जननायक बिरसामुण्डा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत अंगवस्त्र, तुलसी पौधा एवं गोंडी पेंटिंग भेंट कर किया गया। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण

मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से पार्लियामेंट हाउस में मुलाकात भोपाल 19 अगस्त- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पार्लियामेंट हाउस दिल्ली में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हाल ही में होने वाले किसान सम्मेलन और भोपाल मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ करने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण चल रहा है। इस दिशा में स्वदेशी का अभियान भी पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि स्वदेशी अभियान के तहत गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाए जाए। इसके लिए हम सबको अधिक काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले सवा साल से औद्योगीकरण का प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके फलस्वरुप 30 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए जा चुके हैं। इसमें 21 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी क्रम से राज्य सरकार काम करती रहेगी और निरंतर विकास की राह पर अग्रसर होती रहेगी।

हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूल की त्रैमासिक परीक्षा समय सारणी जारी

28 अगस्त से शुरू होंगी परीक्षाएं भोपाल 18 अगस्त – प्रदेश के शासकीय स्कूलों में इस वर्ष कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक की त्रैमासिक परीक्षाएं 28 अगस्त से शुरू हो रही है। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा निर्देश जारी किये है। परीक्षाएं हाई-हायर सेकण्डरी स्कूल की 28 अगस्त से शुरू होंगी। यह परीक्षाएं 9 सितम्बर तक सम्पन्न हो जायेंगी। त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्न पत्र विमर्श पोर्टल पर भेजे जायेंगे। इससे राज्य स्तर पर परीक्षा पेपर की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेंगी। निर्देशों में कहा गया है कि अभिभावकों और शिक्षकों की मीटिंग (पीटीएम) आयोजित करने के लिये कहा गया है। यह मीटिंग सभी स्कूलों में 16 सितम्बर को होंगी। मीटिंग में बच्चों के अभिभावकों को उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन कराया जायेगा। इस व्यवस्था के लिये संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को अलग-अलग दल गठित कर न्यूनतम 10-10 स्कूलों का निरीक्षण करने के लिये कहा गया है। त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम 20 सितम्बर तक विमर्श पोर्टल पर प्रविष्ट करने के लिये भी कहा गया है। परीक्षा की समय सारणी स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के लिये भी कहा गया है। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 में अपार आईडी होगी अनिवार्य माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हाई स्कूल और हायर सेकण्डरी परीक्षा सत्र वर्ष 2026-27 अपार आईडी व्यवस्था अनिवार्य की गई है। मण्डल की समस्त परीक्षाओं के फॉर्म में यूडीआईएसई पोर्टल पर आधारित विद्यार्थियों के लिये स्थाई शैक्षणिक आईडी (अपार) ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउण्ट को अनिवार्य किया गया है। इस शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 के लिये कक्षा 9वीं से 12 में भरे जाने वाले आवेदन पत्रों में अपार आईडी को वैकल्पिक किया गया है। आगामी सत्र वर्ष 2026-27 में यह व्यवस्था अनिवार्य होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्यप्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें म.प्र. और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। म.प्र. के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है। जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।” प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के श्री स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के श्री निकोलस, स्टेएक्स के श्री एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के श्री मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के श्री फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी। प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रतिनिधि मंडल के बी2बी व्यावसायिक बैठकें और कई तकनीकी साझेदारी के समझौते होंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय निवेश और नई साझेदारियों के द्वार खुलेंगे। इस पहल से प्रदेश के उच्च कौशल वाले हजारों युवाओं के लिये रोजगार सृजित होगे। इससे प्रदेश के युवा वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। साथ ही राज्य में नए ‘अनुसंधान औऱ विकास’ केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की बुनियाद सिद्ध होगा। इस दौरे से वैश्विक नॉलेज और कटिंग एज टेक्नोलॉजी से ट्रांस्फोर्मेटिव साझेदारी विकसित होगी, जो प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इस पहल से नवाचार हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति और सुदृढ़ होगी और आने वाले वर्षों में राज्य को भारत का टेक्नोलॉजी पॉवर हाउस बनाने की दिशा में निर्णायक गति मिलेगी।  

सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिविल सेवा में चयनित लोकसेवक केन्द्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। गरीब, वंचित और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें और उनकी मदद आगे बढ़कर करें। विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। राज्यपाल श्री पटेल रविवार को नर्मदा क्लब के सभागार में संकल्प संस्थान से चयनित सिविल सेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को सफलता की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल ने संकल्प संस्थान के गुरूजन, मार्गदर्शक और सफल प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया। प्रतिभावान छात्रों को निखारने और सफल बनाने के प्रयासों के लिए संस्थान की सराहना की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऋग्वेद के अनुसार ज्ञानी लोग अज्ञानियों को भी ज्ञानवान बनाते हैं, अर्थात शिक्षा की उपयोगिता अशिक्षितों को भी शिक्षित बनाने में ही है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो परिवार और समाज में बदलाव लाती है। राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बंधन मुक्त शिक्षा का अवसर देकर, नए भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। विश्वगुरू भारत और नए विश्व के निर्माण के लिए जरूरी है कि युवा हमेशा नए सपने देंखे और बड़े सपने देंखे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संस्थान, प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभागियों को संस्थान की विशेषज्ञता से लाभान्वित करने का विशेष प्रयास करें। दूरस्थ और ग्रामीण अंचल के युवाओं को तलाशने और तराशने के लिए का काम करें। उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। संस्थान, ऐसी व्यवस्था बनाने का चिंतन करें जो दूर-दराज के क्षेत्रों, जरूरतमंदों और प्रतिभावान बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज और राष्ट्र उत्थान से जुड़े सामाजिक सरोकारों में आगे बढ़कर हिस्सा लें। शिक्षा से समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संस्थान को विश्व जगत की वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के समाधान और दिशा दर्शन का केन्द्र बनना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। संकल्प संस्थान के संस्थापक श्री संतोष तनेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी ने विद्वान वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। सफल प्रतिभागियों को भावी जीवन की चुनौतियों और चिंतन की प्रेरणा दी। संस्थान से जुड़े श्री शैलेन्द्र चौधरी और सुश्री दीपिका ने सिविल सेवा में सफलता के लिए संस्थान से प्राप्त सहयोग और अनुभवों को साझा किया। आभार संकल्प भोपाल के श्री वी.आर. नायडु ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के सदस्य, सफल प्रतिभागी, उनके परिजन उपस्थित थे।  

एयर एम्बुलेंस सेवा से रीवा निवासी लवकुश दुबे को समय पर मिला जीवनदायक उपचार

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह सेवा बहुमूल्य समय की बचत कर गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक त्वरित पहुँच प्रदान कर रही है। आपदा, दुर्घटना या अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति में यह सेवा मरीज और उपचार के बीच की दूरी को कम करते हुए जीवन रक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के साथ इस तरह की जीवन रक्षक सेवाओं का सशक्त नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने रीवा निवासी मरीज श्री लवकुश दुबे ज़िन्हें उन्नत उपचार के लिए भोपाल एयरलिफ्ट किया गया, उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। रीवा निवासी श्री लवकुश दुबे (55 वर्ष) को ब्रेन हेमरेज और अत्यधिक रक्तचाप की गंभीर स्थिति में तत्काल उच्च स्तरीय इलाज की आवश्यकता थी। उन्हें पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से रीवा से आयुष्मान एम्पेनल्ड चिरायु हॉस्पिटल, भोपाल सफलतापूर्वक एयर-लिफ्ट किया गया। समय पर मिले उपचार से उनकी जान बचाई जा सकी। एयर एम्बुलेंस सेवा सड़क दुर्घटना, औद्योगिक हादसे, प्राकृतिक आपदा और अन्य आपात स्थितियों में राज्य के भीतर और बाहर मरीजों को सुरक्षित व त्वरित हवाई परिवहन उपलब्ध कराती है। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर और बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिये निःशुल्क सेवा उपलब्ध है। ग़ैर आयुष्मान कार्ड नागरिकों को राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों तक निःशुल्क सेवा तथा राज्य के बाहर अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध है।

मऊगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मऊगंज जिले के गठन के साथ ही इस जिले में विकास के द्वार खुल गए हैं। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। 40 करोड़ रुपए की लागत से सुविधायुक्त 100 बिस्तरों का जिला चिकित्सालय भवन निर्माणाधीन है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया तथा पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ले आउट देकर परिसर का सीमांकन कराते हुए सभी कार्य प्रारंभ कराएं तथा नियत समय सीमा में पूर्ण कराएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊगंज जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकीय स्टाफ व उपकरण की कमी नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रोएक्टिव होकर कार्य करें। जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों का लगातार भ्रमण कर स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन की मॉनीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि ओपीडी पर विशेष ध्यान दें। ग्रामीण स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने से मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर कम होगी तथा जिला स्तर पर व रीवा के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम होगी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक करने के निर्देश भी उप मुख्यमंत्री ने दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जो भी आवश्यकताएं हों उन्हें बताएं जिससे तत्काल उनकी पूर्ति कराई जा सके। उन्होंने कहा कि एक माह बाद वह फिर जिला अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ने कहा कि मऊगंज में इससे पूर्व 30 बिस्तरों का अस्पताल था जिसे विस्तारित कर 100 बिस्तर का बनाया गया। मऊगंज एवं हनुमना के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन, सीएमएचओ डॉ संजीव शुक्ला, समाजसेवी डॉ राजेन्द्र मिश्र, सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, अधिकारी उपस्थित रहे।