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देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा: मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर जहां एक ओर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है, वहीं इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो रहे है। देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा। आज भारत देश डिजिटल ट्रांजेक्शन के मामले में नम्बर एक पर है। मंत्री श्री सारंग ने यह बात सीएससी दिवस के उपलक्ष्य में आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यशाला में कहीं। इस अवसर पर सीएससी के राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय भी उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के कार्य किये जा रहे है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पारदर्शिता के साथ योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, इसमें बीएलई की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर व्यक्ति में ईमानदारी और कर्त्तव्य बोध है, इसे जगाने की जरूरत है। सीएससी के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बीएलई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लोगों और सरकार का काम कर रहे। उनके व्यवहार, आचरण और कार्य पद्धति से व्यवस्था परिलक्षित होती है। बीएलई द्वारा लोगों के किये गये कार्य से उसे पैसों के साथ दुआएं भी मिलती हैं। मंत्री श्री सारंग ने सुझाव दिया कि सीएससी में सुझाव और शिकायत की भी व्यवस्था हो और वर्ष में सीएससी में परफॉर्मेंस और उनके व्यवहार के आधार पर अवार्ड दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन बीएलई का व्यवहार अच्छा रहे उन्हें सम्मानित करें, जिससे दूसरे लोग भी प्रेरित हों। उन्होंने बीएलई से कहा कि सीएससी में सफाई व्यवस्था उसका उन्नयन और नवाचार करने से आपकी साख बढ़ेगी और विकसित भारत की परिकल्पना पूर्ण होगी। कार्यशाला में सीएससी पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। उज्जैन, अशोकनगर, डिण्डोरी, दमोह, पन्ना, छिंदवाड़ा के एक-एक बीएलई, छतरपुर, सिवनी, देवास के दो-दो कुल 12 बीएलई उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित किये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन– कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में नहीं होगी कमी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी कावड़ यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ अनुकूल व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में निर्देश जारी किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन त्रिवेणी शनिमंदिर से कावड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कावड़ यात्रियों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ का पूजन कर कावड़ उठाई और अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संत श्री उत्तम स्वामी के साथ पैदल चलकर कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी त्यौहार उत्साह के साथ मनाने की परम्परा राज्य सरकार ने शुरू की है। ईश्वर और संतजन के आशीर्वाद से उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ तेजी से की जा रही है। हम इस सोच के साथ सभी तैयारियां कर रहे है कि वर्ष-2028 के बाद यदि प्रतिवर्ष सिंहस्थ जैसे आयोजन हों तो किसी प्रकार की समस्या न आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन में संतों के लिये आश्रम और अन्य व्यवस्थाओं को जुटाने के लिये "सिंहस्थ धार्मिक सिटी" का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में उज्जैन आने वाले श्रृद्धालुओं के लिये सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया जल का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में कई संस्कृतियाँ हैं, दुनिया में तो 194 देश है लेकिन कोई देश अपने कोई भी शुभ काम प्रारंभ करने के लिए जल के माध्यम से कोई संकल्प नहीं लेता है। भारतीय संस्कृति जल ही जीवन की संस्कृति और जीवन जीने की पद्धति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर की कृपा से हम हजारों सालों से जल के गुणों से परिचित हैं। कावड़ यात्रा मे विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, श्री तपन भौमिक और संतों सहित बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।

बालाघाट के भरवेली में नवनिर्मित पंचायत भवन का किया लोकार्पण

भोपाल मध्यप्रदेश में जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 5 हजार से ज्यादा है उन पंचायतों में दो सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 10 से 12 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर-क्लस्टर वाली ग्राम पंचायत में उप यंत्री का कार्यालय बनाया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को बालाघाट जनपद पंचायत के ग्राम भरवेली में 64 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सर्व-सुविधायुक्त ग्राम पंचायत भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते यह बात हुए कही। उन्होंने ग्राम पंचायत भवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं समाज सेविका माता सावित्री बाई फुले की प्रतिमा का अनावरण किया और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि भरवेली ग्राम पंचायत भवन लोकार्पण का कार्यक्रम यादगार दिन है। देश के विकास की रीढ़ माने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी जी एवं महान समाजसेवी सावित्री बाई फुले की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर सौभाग्य की बात है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल जी के प्रयासों से देश के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है। उनके द्वारा प्रारंभ की गई यह योजना आज भी फलीभूत हो रही है। समाजसेविका सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए जो काम किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है। आने वाले समय में प्रदेश में बिना भवन की कोई भी ग्राम पंचायत नहीं रहेगी। राज्य में चरण बद्ध रूप से ग्राम पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं और उनके साथ ही सामुदायिक भवन भी बना रहे हैं। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 05 हजार से अधिक है वहां पर दो सामुदायिक भवन बनाये जाएंगे। भरवेली को भी इसका लाभ मिलेगा। मंत्री श्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बालाघाट जिले के प्रदेश में तृतीय स्थान पर आने के लिए सराहना करते हुए कहा कि बालाघाट जिले ने इस अभियान में अच्छा कार्य किया है। उन्होंने प्रशासन एवं जन-प्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 जुलाई से 15 अगस्त तक सरकारी भूमि पर पौधारोपण का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पौधे लगाने के साथ ही उनके जीवित रहने की गारंटी भी ली जाएगी। पौधे उन्हीं स्थान पर लगाए जाएंगे जहां उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग की व्यवस्था होगी और गर्मियों के दिनों में पानी की व्यवस्था होगी। 15 अगस्त से 15 सितंबर तक "एक बगिया मां के नाम" अभियान चलाया जाएगा और इसमें ऐसे महिला समूह जिनके पास 01 एकड़ भूमि उपलब्ध है उस पर फलों के पौधे लगवाए जाएंगे। महिला समूह को पहले वर्ष 02 लाख रुपए, दूसरे वर्ष 52 हजार रुपए एवं तीसरे वर्ष 48 हजार रुपए की राशि उनके कार्य की प्रगति पर दी जाएगी।  

ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को सशक्त करने का माध्यम है : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को बालाघाट के सांदीपनी विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 240 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों को एक सम्मानजनक नाम दिया है। दिव्यांगजनों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें कहीं पर भी आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उनके पंजीयन और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने में अच्छा कार्य करने के लिए बालाघाट जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस शिविर में दिव्यांगजनों को प्रदाय किए गए उपकरण एवं सामग्री उनके कष्ट कम कर सशक्त और स्वावलंबी बनाने में मदद करेंगे। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने कहा कि शासन की मंशानुसार बालाघाट जिले में दिव्यांगजनों का सर्वे कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। अब तक 6615 दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया है। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सामग्री प्रदान करने के लिए यह 10 वां शिविर लगाया गया है। असंगठित क्षेत्र के लोगों को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अटल पेंशन योजना में 2000 के लक्ष्य के विरुद्ध 12 हजार लोगों को जोड़कर बालाघाट जिला सम्पूर्ण देश में प्रथम स्थान पर है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ ने बताया कि दिसंबर 2024 से अब तक जिले में 06 हजार दिव्यांगजनों को 05 करोड़ 88 लाख रुपए के 14 हजार सहायक उपकरण एवं सामग्री निःशुल्क प्रदाय की गई है। आज के शिविर में 240 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश में फिर घोटाले का खेल, वेतन घपले में ट्रेजरी अफसर सस्पेंड

भोपाल मध्य प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा अपडेट न पाए जाने का खुलासा होने के बाद अब शिवपुरी ऐसा दूसरा जिला सामने आया है जहां वेतन घोटाला किया गया। इससे पहले देवास जिले में भी इसी तरह का घपला पकड़ा गया था। शिवपुरी जिले में ट्रेजरी अधिकारी की मिली भगत से डेढ़ करोड़ रुपये का वेतन घोटाला पकड़ा गया है। शिवपुरी के खनियाधाना विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय के लेखापाल सुखनंदन रसगैया और जिला कोषालय कार्यालय में पदस्थ सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम दिया। इसमें सुखनंदन रसगैया ने हर माह अपना वेतन बढ़ाकर निकलवाया। इतना ही नहीं जो शिक्षक नहीं थे उन्हें भी शिक्षक बताकर उनके खाते में राशि डाली गई। अपनी पत्नी, बेटे समेत कई सगे संबंधियों को फर्जी तरीके से शिक्षक दर्शाकर उनके बैंक खातों में वेतन का भुगतान किया जाता रहा। इस घोटाले को वर्ष 2018 से अंजाम दिया जा रहा था।   वेतन पास करने के नाम पर 17.19 लाख रुपये रिश्वत ली सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने फर्जी लोगों के वेतन पास करने के नाम पर 17.19 लाख रुपये रिश्वत ली, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिवपुरी शाखा के अपने बैंक खाता में 10 अप्रैल 2023 से अप्रैल 2025 तक अलग-अलग किस्तों में जमा करवाए। घोटाले की भनक लगने पर आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार ने मामले की जांच कराई तो गड़बड़ी प्रमाणित पाई गई। इस मामले में सहायक कोषालय अधिकारी कुशवाह को निलंबित कर दिया है और बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है। लेखापाल सुखनंदन रसगैया के विरुद्ध एक मई 2025 को थाना खनियाधाना में एफआईआर दर्ज करा कर निलंबन की कार्रवाई की गई। देवास में किया था ढाई करोड़ का घोटाला मई माह में देवास जिले में ढाई करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ में आया था। इसमें देवास जिले के बागली और हाटपीपल्या के शासकीय कालेज के लिपिकों और उप कोषालय के लिपिक हरि सिंह चौहान ने मिलकर वित्तीय गड़बड़ी की थी। शासकीय कॉलेज के लिपिकों ने कॉलेज की दो करोड़ 51 लाख रुपये की राशि निकालकर अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा कराया था। इसके बिल बनाकर उप कोषालय भेजे गए जहां उप कोषालय के चौहान ने इन्हें पास भी कर दिया था। जांच कस बाद ट्रेजरी लिपिक व दोनों कॉलेजों के लिपिकों को बर्खास्त कर दिया गया है। सॉफ्टवेयर ने पकड़ी थी बड़ी चूक आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारी-कर्मचारी ऐसे पाए गए थे जिनके ई-केवाईसी अपडेट नहीं थे। इसमें यह पता नहीं चल रहा था कि वे सेवानिवृत्त हो गए या प्रति नियुक्त पर हैं। वहीं इनका छह माह से वेतन आहरण ही नहीं हो रहा था। ऐसे में शक हुआ तो आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार ने सभी छह हजार आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) से रिपोर्ट मांगी थी। पड़ताल की गई तो तब यह बात सामने आई कि कुछ लोग प्रति नियुक्त पर हैं। तो कुछ फर्जी नामों पर भी वेतन आहरण हो रहा है। लेखापाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज मप्र कोष एवं लेखा के आयुक्त भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि शिक्षा विभाग के लेखापाल और सहायक कोषालय अधिकारी द्वारा वित्तीय गड़बड़ी करना पाया गया है। लेखापाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह को निलंबित कर दिया गया है। बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। 

एक बगिया मां के नाम परियोजना का प्रशिक्षण 12 जुलाई को

भोपाल "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अंतर्गत परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं D.P.M. (SRLM) का एक दिवसीय प्रशिक्षण 12 जुलाई को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार, विकास भवन अरेरा हिल्स, भोपाल में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश में "एक बगिया मां के नाम" परियोजना शुरू की गई है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश रोजगार गारंटी परिषद द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में "एक बगिया माँ के नाम" परियोजना अंतर्गत व्यक्तिगत / फलोद्यान के लिये तैयारी, भूमि चयन, पौधों की प्रजाति चयन, देखभाल, सुरक्षा एवं शतप्रतिशत उत्तरजीविता सुनिश्चित करते हुए वैज्ञानिक तकनीकियों का उपयोग पर पौधरोपण की बारीकियों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की दी सौगातें

15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर होंगे सृजित प्रदेश के सभी शहरों में आयोजित करेंगे ग्रोथ कॉन्क्लेव रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोग्रेसिव सेक्टर गिफ्ट सिटी के जैसे मध्यप्रदेश में भी 10 सिटी बनाएंगे सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को देंगे बढ़ावा प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किये जायेंगे शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा इकोनॉमिक टाइम्स अर्बन ग्रोथ 2025 पुस्तिका का हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोगेसिव सेक्टर है और यह सेक्टर देश के नवनिर्माण में बड़ा सहयोग दे रहा है। रियल एस्टेट के विकास में ही देश का विकास अंतर्निहित है। हम इस सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इसी तरह की ग्रोथ कॉन्क्लेव करके और सबको घर मुहैया कराकर नागरिकों के जीवन में खुशहाली लायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जीडीपी में अब 8.5 प्रतिशत तक योगदान दे रहा है, जो कभी मात्र 3 प्रतिशत हुआ करता था। उन्होंने गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी ही 10 स्मार्ट सिटीज़ मध्यप्रदेश में विकसित की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेक्टरों के लिए विशेष ग्रोथ कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी। प्रदेश के समग्र शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर स्थित ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में उद्योग, होटल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, रिन्यूअल एनर्जी, आईटी आदि क्षेत्रों में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश में 15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और शहरी एवं औद्योगिक विकास को नई ऊचाईयां प्राप्त होंगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की सौगातें भी दी। उन्होंने मुख्य रूप से जल प्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता और अधोसंरचना निर्माण के लिये 5 हजार 454 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 799 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को बढ़ावा दिया जायेगा। कॉन्क्लेव में प्राप्त निवेश प्रस्ताव कॉन्क्लेव में सर्वाधिक 12 हजार 473 करोड़ रुपये का निवेश औद्योगिक क्षेत्र में प्राप्त हुआ है। इसी तरह होटल क्षेत्र में 3 हजार 344 करोड़ रूपये, रियल एस्टेट क्षेत्र में 1812.14 करोड़ रुपये, एजुकेशन क्षेत्र में 72.45 करोड़ रूपये, रिन्यूअल एनर्जी क्षेत्र में 500 करोड़ रूपये तथा आईटी क्षेत्र में 100 करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत 12 निवेशकों से 2 हजार 784 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिये एक हजार 320 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमारो कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश के शहरों को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुलभ, स्विफ्ट और सुरक्षित परिवहन, किसी भी आधुनिक शहर की रीढ़ होते हैं। भविष्य की ट्रांसपोर्टेशन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर शहरों में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये दी सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये 12 हजार 500 करोड़ रुपये की सौगातें प्रदान की। मुख्य रूप से इंदौर शहर के लिए अमृत 2.0 अंतर्गत जलप्रदाय एवं सीवरेज योजना हेतु 2,382.03 करोड़ रुपये की सौगात दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उपयोगित जलप्रदाय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास हेतु 257 परियोजनाओं के लिए 3,562.27 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अंतर्गत 45,503 हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत 19,541 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कुल 65,044 हितग्राहियों को 2,799.26 करोड़ रूपये की राशि अंतरण की गई। शहरी विकास को गति देने के लिये हुए महत्वपूर्ण एमओयू शहरी प्रशासन के विविध घटकों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से इंटीग्रेट करके अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। नगरीय विकास विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी और हाउसिंग और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुड़को) के मध्य समझौता निष्पादन हुआ। मध्यप्रदेश शासन और IIM इंदौर के बीच सिंहस्थ 2028 की कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से की रूबरू चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों से चर्चा की और निवेश की संभावनाओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया। डॉ. यादव ने मुख्य रूप से हुडको के अध्यक्ष श्री संजय कुलश्रेष्ठ , पटेल इंफ्रा के श्री अरविंद विदुलभाई पटेल, आईटीसी के श्री आशीष पाल, एमकेसी इंफ्रा के श्री केतन पटेल, ओमेक्स ग्रुप के श्री मोहित गोयल, मेडुला सॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के श्री शांतनु शर्मा, राठी स्टील लिमिटेड के श्री ध्रुव राठी, मध्यप्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के श्री सुमित सूरी, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सुश्री प्रीति पटेल, डापलमायर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रफुल्ल चौधरी, साई ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के श्री रितेश दास से रु-ब-रु होकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही मेट्रो से लेकर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट, झील संरक्षण से लेकर स्मार्ट कमाण्ड सेंटर तक हर क्षेत्र में तेज गति और व्यापक पैमाने पर कार्य शुरू किये गये हैं यह एक शुरूआत है। इसे आगे भी सबके सहयोग से तेज गति … Read more

मंत्री सुश्री भूरिया महिला बाल विकास पर पश्चिमी राज्यों की ज़ोनल मीट में होंगी शामिल

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12 जुलाई 2025 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने जा रही “पश्चिमी क्षेत्रीय राज्यों की ज़ोनल मीट” में मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। बैठक केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला एवं बाल विकास योजनाओं के बेहतर समन्वयन और क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श, केंद्र एवं राज्यों के बीच नीतिगत सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान, पोषण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण संबंधी कार्यक्रमों की समीक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, मध्यप्रदेश, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली के महिला एवं बाल विकास विभागों के मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना, मोटी आई, सक्षम आंगनवाड़ी अभियान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया, एकीकृत बाल संरक्षण सेवाएं और पोषण ट्रैकिंग जैसे नवाचारों की जानकारी साझा करेंगी। बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये राज्य में किए जा रहे प्रभावशाली प्रयासों की प्रस्तुति भी देंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है। भारत वसुधैव-कुटुम्बकम की संस्कृति पर चल रहा है, जहाँ पूरा विश्व एक परिवार की तरह है। जब सारा विश्व युद्ध में झुलस रहा है, तब भारत जियो और जीने दो का संदेश देकर अपनी उदार संस्कृति का परिचय दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के केसरबाग क्षेत्र में एक बगिया माँ के नाम नगर वन निर्माण का भूमि पूजन एवं पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संयोग है कि आज श्रावण माह का पहला दिन है और इसी दिन केसरबाग में "एक बगिया माँ के नाम" के तहत इंदौर को हरा-भरा और सुंदर बनाने का संकल्प लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के लोग प्रारंभ से ही प्रकृति के निकट रहे हैं और उन्होंने प्रकृति में भी परमात्मा के दर्शन किये है। कार्बन उत्सर्जन को दूर करने में पौधों की बड़ी भूमिका है। पेड़ ऋषि-मुनि के समान होते है, जो प्रकृति से कम और लेते देते अधिक हैं। पौधों में प्राण होते है और भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करके दिखाया कि पौधों मे प्राण होते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केसरबाग में आम के पौधे का रोपण किया। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्लॉथ मॉर्केट एसोसिएशन ने शासन को केसरबाग में जो चार एकड़ से अधिक जमीन पौधारोपण के लिए दी है, उस पर 51 हजार से अधिक पौधे लगाकर इसे सुन्दर और प्रदेश की सबसे बड़ी बगिया बनाया जाएगा। बगिया में फलदार और औषधीय पौधे लगाये जायेंगे। बीते वर्ष हमने एक दिन में रेवती रेंज मे 12 लाख 40 हजार से अधिक पौधारोपण कर इतिहास रचा था। वर्तमान में सभी पौधे जीवित है और लहरा रहे है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस मानसून में इंदौर जिले में 7 लाख पौधों का रोपण हो चुका है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं हजारों की संख्या में पौधारोपण करेंगी। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बेहतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति प्रेमी है और वे जल संरक्षण एवं जल संर्वधन की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। मुनि श्री आचार्य विभोव सागर महाराज ने कहा कि पर्यावरण जीवन का आधार और संस्कृति का संरक्षक है। जहॉ वृक्ष होते है, वहाँ बादल अधिक बरसते हैं हर व्यक्ति अपने आंगन में एक पेड़ अवश्य लगाये। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेद्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, सुश्री उषा ठाकुर, श्री गोलू शुक्ला आदि शामिल थे।  

शैक्षणिक उन्नयन के लिए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की वार्षिक कार्ययोजना पर हुई अहम चर्चा

 भोपाल  आज अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला संस्थान के सभागार मे जिला सागर के सभी विकासखण्ड के शैक्षणिक उन्नयन हेतु वार्षिक कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई | इस कार्यक्रम मे पिछले वर्ष की प्रमुख गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमे शिक्षकों कि प्रभावी कक्षा शिक्षण की प्रक्रियाओं एवं बच्चों के सीखने मे पड़े प्रभाव से संबंधित विभिन्न कामों को सभी ने देखा और सराहा |  इस बैठक मे सागर जिले के सभी विकासखण्ड के बीआरसी समन्वयक एवं, जिला शिक्षा केंद्र से श्री अनिल जैन APC (अकादमिक), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से वरिष्ठ प्राध्यापक श्री नेमा, एवं असाटी जी तथा प्रियंक श्रीवास्तव, जिला प्रमुख अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, सागर की उपस्थिति मे जिला सागर की पिछली वार्षिक कार्ययोजना के प्रभाव और चुनौतियों को समझा गया ।   एपीसी अनिल जैन एवं आर० के० असाटी (वरिष्ठ व्याख्याता) ने जिले के शिक्षकों की क्षमता संवर्धन हेतु अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से निपुण शिक्षक कार्यक्रम अंतर्गत संचालित डेमो कक्षाओं के प्रभाव से सहमति जताते हुए कहा की इस कार्यक्रम ने हमारे शिक्षकों को अपनी कक्षाओं को बेहतर बनाने के साथ साथ बच्चों के सीखने को भी बेहतर किया हैं | समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा केंद्र से शालू शर्मा एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से शिफ़ा खान, आशुतोष, राम नरेश, स्वेता एवं राकेश मौजूद रहे ।  प्रियंक श्रीवास्तव (जिला प्रमुख अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, सागर) द्वारा अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना कि विस्तृत जानकारी प्रदान की  गई । जिसका विवरण संलग्न इस प्रकार है- अठारह राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति (वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से सागर जिले की 1,367 छात्राएं लाभान्वित हुई।) सागर, 11  जुलाई: अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को सहायता प्रदान करना है।  अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो। o किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। • छात्रवृत्ति: डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है । उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है ।  फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा । अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को छात्रवृत्ति दी गई है । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष का पैसा इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू होगी ।  अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा ।