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शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म, जबरन धर्म बदलवाने के प्रयास की जांच जारी

ग्वालियर देशभर में धर्म छिपाकर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के काफी मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले के बहोड़ापुर इलाके में भी आया है, जहां 21 वर्षीय युवती के साथ मुस्लिम युवक ने दुष्कर्म किया। उसने युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ रखा और कई बार गलत काम किया। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव डालता रहा।अब मामले में अब युवती ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, पीड़िता की मुलाकात माधोगंज के लक्कड़खाना क्षेत्र में रहने वाले शान खान से हुई थी। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और दोनों साथ में रहने लगे। पहले नौ महीने तक पटेल नगर में और फिर बहोड़ापुर स्थित सदाशिव नगर में आरोपी ने युवती को अपने साथ रखा। इस दौरान उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 12 जुलाई को, सीएम डॉ. यादव ने दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए खुशखबरी है। शनिवार 12 जुलाई को उज्जैन से सीएम डॉ मोहन यादव योजना की 26वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा है कि अगले माह अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। अप्रैल से 10 से 15 तारीख के बीच भेजी जाती है योजना की किस्त आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से राशि वितरण की तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त, 15 मई को 24वीं किस्त और 16 जून को 25वीं किस्त जारी की गई थी।अब 12 जुलाई को मोहन सरकार योजना की अगली किस्त जारी करने जा रही है। दिवाली बाद बहनों को हर माह मिलेंगे 1500     दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा और हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी।     दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। अभी वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है।योजना के तहत चरणबद्ध रूप से राशि बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रति माह तक की जायेगी। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जून 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 25 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैंजिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।     लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?

किसानों से खरीदी मक्का, पैसे दबाए 3 करोड़! छिंदवाड़ा में व्यापारी पर पुलिस की कार्रवाई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में किसानों के साथ धोखा करने वाले एक व्यापारी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चौरई पुलिस ने इस व्यापारी को गिरफ्तार किया है। इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने किसानों से मक्का खरीदा और लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी भारती जाट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। चौरई पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा। भारी मात्रा में मक्का जब्त पुलिस ने आरोपी हिमांशु साहू की निशानदेही पर दादा गुरु वेयरहाउस कंडीपार से 4276.840 मीट्रिक टन मक्का जब्त की है। इस मक्के की कीमत लगभग 9 करोड़ 40 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस ने इस फसल को फ्रीज कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। वह दूसरे स्थान पर अलग नाम से रह रहा था। पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। इन धाराओं में मामला दर्ज थाना चौरई में अपराध क्रमांक 502/25 के तहत धारा 318(4), 318(3), 316(5), 3(5) BNS में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं किसानों में भुगतान न होने के कारण असंतोष का भाव है।  

गुना में स्कूल भवन निर्माण पर तेजी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया को कलेक्टर ने दी जानकारी

 गुना  गुना जिले के बमोरी विकासखंड के ग्राम सांगई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय, मारकी महू में लंबे समय से टपरे के नीचे कक्षाएं संचालित हो रही थीं। जैसे ही इस विद्यालय की जर्जर हालत और बच्चों की दयनीय पढ़ाई व्यवस्था की जानकारी केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली, उन्होंने इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया उस समय बेंगलुरु प्रवास पर थे। लेकिन जैसे ही उन्हें विद्यालय की बदहाल स्थिति और बच्चों की कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई किए जाने की सूचना मिली, उन्होंने स्थान और समय की परवाह किए बिना गुना कलेक्टर को फोन कर विद्यालय भवन निर्माण कार्य को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को आश्वस्त किया कि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य अगले एक-दो दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। यह विद्यालय पिछले तीन वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर झड़ने के कारण बच्चों को अस्थायी टपरे के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। टिन-तिरपाल से बने इस अस्थायी ढांचे में पढ़ाई का वातावरण न तो सुरक्षित था और न ही सम्मानजनक। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस त्वरित पहल ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को सक्रिय किया, बल्कि यह भी साबित किया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग और संवेदनशील रहते हैं।  

छात्रा से बदसलूकी का मामला: रतलाम में टीचर पर बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर ने लिया संज्ञान

रतलाम  रतलाम में एक शिक्षक को उसकी हरकतों की सजा मिली है। वीरसिंह मईड़ा नाम के इस शिक्षक ने नशे में एक बच्ची की चोटी काट दी थी। पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। यह घटना पिछले साल हुई थी। अब, करीब एक साल बाद, रतलाम के कलेक्टर ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। कलेक्टर राजेश बाथम ने यह फैसला लिया। वीरसिंह मईड़ा रावटी के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाता था। स्कूल का नाम सेमलखेड़ी-2 है। मईड़ा वहां सहायक शिक्षक था। उसने 4 सितंबर 2024 को यह हरकत की थी। उस दिन वह स्कूल में नशे की हालत में पहुंचा था। उन्होंने कक्षा 5वीं की एक छात्रा की चोटी काट दी। बच्ची इस दौरान सिसक सिसक कर रोती दिख रही थी। जांच में हुआ खुलासा इस घटना के बाद 5 सितंबर 2024 को शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। मामले की जांच हुई। जांच में पता चला कि शिक्षक ने यह कारनामा किया है। इसके बाद कलेक्टर राजेश बाथम ने उसे नौकरी से निकालने का आदेश दिया। यह आदेश गुरुवार की शाम को दिया गया। अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी टीचर ने जब बच्ची की चोटी काटी, तो किसी ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में टीचर कह रहा था कि जो करना है कर लेना। यह वीडियो इंटरनेट पर बहुत वायरल हुआ था। शुरुआती जांच में ही टीचर को सस्पेंड कर दिया गया था। अब 10 महीने बाद कलेक्टर ने उस पर कार्रवाई की है। उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।

HC की कड़ी टिप्पणी: चयनित नायब तहसीलदार को नियुक्ति न देना अनुचित

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट(MP High Court) की एकल पीठ ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होने के बाद भी नियुक्ति नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 30 दिन में नायब तहसीलदार के पद पर पोस्टिंग देने का आदेश देते हुए कहा कि यह एक ऐसा ज्वलंत मामला है, जहां राज्य शासन के अधिकारियों ने मनमाना, दुर्भावनापूर्ण, निरंकुश रवैया दिखाया। 2016 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन के बाद वह अपनी सफलता का पूरा आनंद नहीं ले सका। उसके जीवन के सात साल बर्बाद कर दिए। न अभ्यावेदन का निराकरण किया, न नियुक्ति दी। इसलिए याचिकाकर्ता 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति (हर्जाना) पाने अधिकार रखता है। हर्जाने की राशि उस अधिकारी से वसूली जाएगी, जिसने मनमाना रवैया अपनाया। विभाग की मनमानी कांच मिल रोड ग्वालियर निवासी अतिराज सेंगर पीएससी द्वारा वर्ष 2013 में तहसीलदार पद पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में शामिल हुए थे। 2016 में रिजल्ट घोषित किया गया। अतिराज सेंगर को सामान्य श्रेणी की प्रतिक्षा सूची (श्रवण बाधित) में 16 नंबर पर रखा गया। इस श्रेणी में चयनित एक मात्र व्यक्ति अमित कुमार तिवारी थे, लेकिन उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। इस कारण एमपी पीएससी ने अतिराज के नाम की अनुशंसा की। विभाग को 2018 में अनुशंसा प्राप्त हो गई। नियुक्ति के लिए राजस्व विभाग में पत्राचार किया, लेकिन राजस्व विभाग ने उनके अभ्यावेदन पर ध्यान नहीं दिया, उन्हें नियुक्ति नहीं दी। इसके चलते हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एक साल बाद दी थी सूची राज्य शासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चयन सूची एक साल के लिए थी। 2016 में शुरू होकर 2017 में समाप्त हो गई। इसलिए नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। पीएससी ने परिणाम घोषित होने के एक साल बाद नाम की सिफारिश की थी। जब वह सूची अस्तित्व में नहीं थी, तो याचिकाकर्ता को नियुक्ति का सवाल ही नहीं होता है, इसलिए याचिका खारिज किए जाने योग्य है।

वित्तीय साक्षरता शिविर मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बमनौरा कला द्वारा

 बमनौरा कलां आज मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बमनौरा कलां के ब्रांच मैनेजर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों मैं जाकर वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया इसमें वित्तीय साक्षरता शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगो को वित्तीय रूप से साक्षर बनाना है ताकि वे अपने पैसे का प्रबंधन बेहतर ढंग से कर सके सही वित्तीय निर्णय ले सके और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सके वित्तीय साक्षरता शिविर मैं वित्तीय जागरूकता बढ़ाना लोगो को विभिन्न वित्तीय उत्पादों सेवाओं योजनाओं के बारे मैं जानकारी देना इसमें वित्तीय साक्षरता शिविर मैं बचत खाते , ऋण,बीमा और बैंकिंग सेवाओं के बारे मैं विस्तृत जानकारी तथा बैंकिंग सुविधाओ का सही ढंग से लाभ लेना एवं बैंकिंग लोन ऋण समय पर चुकाना इत्यादि शिविर मैं मौजूद मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से ब्रांच मैनेजर श्री राजेश कुमार जैन, कियोस्क संचालक राकेश अहिरवार , अखलेश रायकवार रक्षपाल सिंह यादव इत्यादि।

सरकारी बैठक या शाही भोज? अफसरों ने उड़ाए 13 किलो काजू-बादाम और पी गए 2 किलो घी

 शहडोल  शहडोल जिले में 4 लीटर पेंट के लिए 165 मजदूरों का बिल निकालने के मामले के बाद एक और चौंकाने वाला बिल सामने आया है. मई महीने में जब गांव-गांव जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा था, तब भदवाही गांव में कुछ और ही खेल चल रहा था. सामने आए बिल के अनुसार, मात्र एक घंटे के कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारियों ने 13 किलो ड्राई फ्रूट खा लिया और 19,000 रुपये का बिल बनाया गया. दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने बारिश के पानी को बचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए 'जल गंगा संवर्धन' अभियान चलाया था. मई में शुरू हुए इस अभियान के तहत, सरकार की जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सभी गांवों में प्रशासन और ग्रामीणों ने जल संरक्षण के लिए चौपाल लगाई. लोग कितने जागरूक हुए, यह तो पता नहीं, लेकिन सरकारी रुपए पानी की तरह बहाए गए. जब गांव के कुएं, तालाब और नाले सूखे हैं, तब सरकारी चौपाल की छांव में अफसरों की मेज पर काजू-बादाम, दूध-घी और नमकीन की बरसात हो रही है. शहडोल जिले के गोहपारू जनपद की ग्राम पंचायत भदवाही में पिछले महीने जल चौपाल का आयोजन किया गया था, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कनिष्ठ कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे. चौपाल का उद्देश्य गांव-गांव जाकर जल संरक्षण की सीख देना था. लेकिन चौपाल के नाम पर पंचायत रजिस्टर में दर्ज खरीदारी किसी शादी-ब्याह की दावत से कम नहीं है.  इस मेहमान नवाजी पर काजू 5 किलो, बादाम 5 किलो, किशमिश 3 किलो,नमकीन 30 किलो, बिस्कुट पैकेट 20, दूध 6 किलो, शक्कर 5 किलो लगी. वहीं, अफसरों को 2 किलो घी भी पिलाया गया. इस मेहमाननवाजी पर 19,010 रुपये खर्च हुए और इसके अलावा 5 हजार 260 रुपये का एक और बिल निकाला गया, जिसमें घी विशेष रूप से शामिल है. अब सवाल उठता है कि जल संरक्षण के नाम पर अफसरों की थाली में काजू-बादाम कैसे आ गए?  इस पूरे मामले में जिला पंचायत प्रभारी सीईओ मुद्रिका सिंह का कहना है कि जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें हम लोग और ग्रामीण शामिल थे. चाय-नाश्ते और खाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन काजू, बादाम, किशमिश जैसे बिलों का मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी

नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें, वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव नवीन शासकीय भर्तियों की सतत समीक्षा करें वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश, शासकीय भर्ती प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों को भरने का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। रिक्त पदों पर सतत् रूप से नियुक्तियों का कार्य होने से विभागों के नियमित कार्यों में भी गति आ रही है। साथ ही वर्षों पश्चात पदोन्नतियों की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने से भी बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्ति का कार्य आसान हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी नवीन शासकीय भर्तियों के कार्य की सतत् समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में हुई एक बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागों में नियुक्तियों के कार्य की निरंतर समीक्षा भी की जाए। मुख्य सचिव स्तर और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागों को समय सीमा में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इस क्रम में विभागों से पालन प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए। इस कार्य को आवश्यक समन्वय और सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय कुमार शुक्ल ने लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल और अन्य स्तर से नवीन शासकीय भर्तियों की प्रगति से अवगत करवाया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री सिबि चक्रवर्ती, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: ओंकारेश्वर में अब सिर्फ प्रोटोकॉल पर मिलेंगे VIP दर्शन

खंडवा  श्रावण मास 2025 में इस बार 14 जुलाई से 28 अगस्त तक कुल 6 सोमवार पड़ रहे हैं। ओंकारेश्वर में इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इसी क्रम में  एसडीएम शिवम प्रजापति की श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पांच अहम बिंदुओं पर कार्य योजना बनाई गई। दर्शन व्यवस्था सप्ताह के शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष दर्शन प्रबंध रहेंगे। वीआईपी दर्शन सिर्फ प्रोटोकॉल से ही होंगे। स्थानीय लोगों के लिए प्रातः 9:00 बजे तक विशेष दर्शन की सुविधा रहेगी। उसके बाद आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लगना होगा। भीड़ को देखते हुए दोपहर 12:20 से 1:20 तक मंदिर बंद रहता था, जिसका समय कम कर दिया गया है। अब मंदिर जल्दी खोला जाएगा, ताकि दर्शन में कोई अवरोध न हो। ट्रस्ट की ओर से पहले से लागू नये सिस्टम से श्रद्धालु अब काफी अभ्यस्त हो चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाएं मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीन डॉक्टर नियमित रूप से तैनात रहेंगे। एक अतिरिक्त डॉक्टर जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। सभी प्रमुख घाटों पर ऑक्सीजन सिलिंडर और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। घाटों और सुरक्षा प्रबंध घाटों पर सुरक्षा नाव तैनात की जाएंगी। नगर परिषद को अनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश। कोटवार, पटवारी, आरआई आदि की घाटों पर ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। ओंकारेश्वर नर्मदा नदी में नौका विहार में डीजल इंजन नावों पर रोक, केवल पेट्रोल चालित नए इंजन वाली नावों को अनुमति। यातायात प्रबंधन ऑटो रिक्शा को नगर की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऑटो स्टैंड: दंडी आश्रम, पुराने बस स्टैंड और बालवाड़ी तक सीमित।