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जबलपुर में नेपाली नागरिक के वोटर आईडी प्रकरण की जांच शुरू, पुलिस कर रही गहन पड़ताल

जबलपुर   भारतीय पासपोर्ट के साथ पकड़े गए नेपाली नागरिक को पहचान पत्र जारी करने के जिम्मेदार पुलिस के निशाने पर है। इसके लिए सिविल लाइंस पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन से नेपाल के युवक का नाम केंट विधानसभा क्रमांक 99 की मतदाता सूची में दर्ज करने वालों के नाम पूछे गए है। मामले में पुलिस ने गुरुवार को रांझी एसडीएम को एक पत्र भेजा है। इसमें नेपाली नागरिक दीपक थापा को मतदाता परिचय पत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ी कई जानकारी चाही गई है। संबंधित प्रक्रिया के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांगी है, जिन्होंने मतदाता परिचय पत्र जारी करने में चूक की है। नेपाली नागरिक दीपक थापा को भारतीय नागरिता के लिए फर्जीवाड़ा में सहयोग किया है। मामले की छानबीन से निवार्चन प्रक्रिया से जुड़े कई कर्मचारी और अधिकारी लपेटे में आ सकते है। नेपाली नागरिक दीपक थापा कुछ वर्षों पूर्व भारत आया। वह जबलपुर पहुंचा और यहीं बस गया। कुछ समय से वह सिविल लाइंस के पवित्र अपार्टमेंट रह रहा था। 22 मई को वह नेपाल जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। जहां, से उसे काठमांडू की फ्लाइट में सवार होना था। एयरपोर्ट पर चेकइन के दौरान सुरक्षा कर्मियों को उस पर संदेह हुआ। उसका भारतीय पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र जांचा गया। छानबीन में पता चला कि वह मूलत: नेपाल का निवासी है। कुछ समय पूर्व उसने अपना नाम जबलपुर के केंट विधानसभा क्रमांक 99 में मतदाता के रूप में जुड़वाया था। जिसके आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया है। जिसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय तक पहुंची। उसके बाद सिविल लाइंस थाना में मामला पंजीबद्ध किया गया है। युवक के घर तक पहुंची पुलिस रांझी एसडीएम की ओर से मामले की शिकायत किए जाने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरंभिक जांच में पता चला है कि दीपक थापा का नाम वर्ष 2019 की केंट विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। उन जाली अभिलेखों को भी ढूंढा जा रहा है जिसके सहारे उसने स्वयं को केंट विधानसभा का नागरिक बताया। सिविल लाइंस पुलिस का एक दल गुरुवार को आरोपित दीपक थापा का घर ढूंढते हुए पवित्र अपार्टमेंट पहुंचा। आसपास के लोगों से पवित्र के संबंध में पूछताछ की। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह कब से वहां पर रह रहा था।

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर प्रक्रिया तेज, 55 पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस की रफ़्तार अभी भी तेज है, अलग अलग विभाग अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर रहे हैं, इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय भोपाल ने फिर एक तबादला सूची जारी की है जिसमें पुलिस उप निरीक्षक और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। 55 उप निरीक्षक/कार्यवाहक उप निरीक्षकों के ट्रांसफर  PHQ भोपाल ने तबादला आदेश की एक बड़ी सूची जारी की है इसमें 55 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं जिन्हें एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया है, आदेश के तहत ट्रांसफर किये गए सभी अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादला नीति का पालन करते हुए कार्यमुक्त करने के निर्देश  तबादला आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन उप निरीक्षकों और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के तबादले किये गए हैं उनको कार्य आवंटन उस इकाई में जॉइनिंग देने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक करेंगे, साथ ही ये भी स्पष्ट किया गया है कि तबादला नीति के अनुसार निर्धारित समयावधि में ट्रांसफर शासकीय सेवक को कार्यमुक्त किया जाये।

श्रावण में उमड़ी श्रद्धा, तीन बजे खुलते ही महाकाल मंदिर में गूंजा ‘हर हर महादेव’

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही शुक्रवार से विशेष दर्शन व्यवस्था की शुरुआत हो गई। आज रात तीन बजे मंदिर के पट खुले और भस्म आरती की गई। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े। मंदिर प्रशासन ने महापर्व को लेकर विशेष तैयारियां की थीं और आकर्षक विद्युत रोशनी से मंदिर को सजाया गया था। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज श्रावण माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुक्रवार की सुबह 3 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिसके बाद जय श्री महाकाल के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। कालों के काल विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मे आज श्रावण माह कृष्ण पक्ष की प्रथम पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह 3 बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल के मस्तक पर त्रिपुंड, त्रिनेत्र लगाकर शृंगारित किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल को फूलों की माला भी अर्पित की गई। साथ ही निराले स्वरूप मे नवीन मुकुट से शृंगारित किया गया। जिसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। चलित भस्म आरती भी हुई मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के महाकाल मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को भस्म आरती के दर्शन कराने के उद्देश्य से एक बार फिर मंदिर में चलित भस्म आरती की व्यवस्था शुरू की गई। आज भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था रही। आज श्रद्धालुओं ने बिना किसी अनुमति के चलते हुए भगवान महाकाल के दर्शन कर किए। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की अत्यधिक संख्या को देखते हुए कार्तिकेय मंडपम में तीन लाइन चलाकर भक्तों को भस्म आरती के दर्शन कराने की व्यवस्था की।  

भारी बारिश की चेतावनी! MP के 20 जिलों में अगले 24 घंटे रहेंगे खतरे वाले, हरसी बांध ओवरफ्लो

भोपाल  मध्यप्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने राज्य के 20 जिलों में अति भारी बारिश और 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.अगले 48 घंटे में वेदर सिस्टम और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल संभागों में तेज बारिश हो सकती है. इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में अति भारी वर्षा के कारण जलभराव, नदी-नालों में उफान और लो-लाइन क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. इन जिलों में सामान्य से भारी बारिश का अलर्ट विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर और मुरैना जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. बीते 24 घंटे के दौरान रीवा में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। ग्वालियर में भी भारी बारिश दर्ज की गई। यहां ढाई इंच पानी गिरा। छतरपुर के खजुराहो में 1.9 इंच, जबलपुर में 1.6 इंच, मंडला में 1.4 इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और सतना में 1 इंच बारिश हुई। दतिया, उमरिया, दमोह, बालाघाट, रतलाम, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, गुना, मऊगंज, सीहोर समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।     गुना में लल्लू बैरागी (6) और कबीर मीना (8) नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। रात करीब साढ़े 9 बजे मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से शव नदी से बाहर निकाले गए।     शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया। इससे पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।     ग्वालियर में आधे घंटे की तेज बारिश में ही पॉश कॉलोनियों में पानी भर गया। निचली बस्तियों के घरों में तो कमर तक पानी भर गया।     दमोह में ड्राइवर ने उफनते नाले से बस को पार कराने की कोशिश की। बस बेकाबू होकर पुलिया से नीचे लटक गई। बस में सवार 6 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।     सीहोर जिले की रेहटी में एक कार धामंडा नाले में बह गई। कार सवार दो लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।     मैहर गुरुवार को दोपहर 2 बजे के बाद तेज बारिश होने लगी। जिससे रेलवे स्टेशन रोड पर पानी भर गया।     दतिया में रिछरा फाटक इलाके का नाला सुबह हुई बारिश से उफान पर आ गया। नाले के तेज बहाव में ऑटोरिक्शा फंस गया। स्थानीय लोगों ने मदद कर ड्राइवर को बाहर निकाला। रीवा में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा बारिश गुरुवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। मंडला समेत कई जिलों में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से कई गांवों में बाढ़ के हालात हैं। शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया है। बांध से पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।  ग्वालियर और रीवा में 9 घंटे में ढाई इंच  पानी गिर गया। दतिया में पौन इंच, टीकमगढ़, सतना और छतरपुर के खजुराहो में आधा इंच पानी गिरा। सीधी, गुना, सागर, उमरिया, दतिया, मऊगंज, दमोह, सिवनी, मऊगंज में भी बारिश का दौर जारी रहा। अगले 2 दिन में सिस्टम और भी होगा स्ट्रॉन्ग अगले 2 दिन में सिस्टम और भी स्ट्रॉन्ग होगा, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल में भी तेज बारिश का दौर चलेगा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 3 टर्फ का असर है। वहीं, लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) की एक्टिविटी भी सामने आई है। इसके चलते बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम 11, जुलाई: जबलपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर। प्रदेश के बाकी के जिलों में भी हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। 12 जुलाई: जबलपुर, दमोह, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, बैतूल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज। बाकी के जिलों में भी बारिश का यलो अलर्ट है। 13 जुलाई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, दतिया, दमोह, सिवनी, बालाघा। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। भोपाल में तालाब का जलस्तर बढ़ा राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते बड़ा तालाब समेत अन्य जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने लगा है. स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है और निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते अगले दो दिनों तक मध्यप्रदेश में रुक-रुक कर तेज वर्षा हो सकती है. इसका प्रभाव सबसे अधिक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-चंबल, और नर्मदापुरम संभाग में रहेगा.

भक्ति संगीत जगत को लगा झटका, अमरकंटक में डूबे भजन गायक राज भदौरिया

अनूपपुर नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में रामघाट पर गुरुवार को भजन गायक राज भदौरिया (22) की डूबने से मौत हो गई। घटना शाम करीब 5.30 की है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नदी-तालाबों में डूबने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ताजा मामला अमरकंटक क्षेत्र का है, जहां ग्राम बालनपुर (भिंड) निवासी 22 वर्षीय भजन गायक “राज भदौरिया” अपने भाई और जीजा के साथ धार्मिक यात्रा पर पहुंचे थे। 10 जुलाई 2025, गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे रामघाट में स्नान करते समय वे गहरे पानी में चले गए, संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फव्वारे की रेलिंग में फंस गया और वे डूबने लगे। साथियों और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। वॉटर बोट और स्थानीय निवासी कृष्णा पाल चौहान की मदद से रेस्क्यू कर राज को बाहर निकाला गया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अमरकंटक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद मृतक के गांव और परिवार में शोक की लहर है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से नदी-तालाबों में सतर्कता बरतने, बच्चों को अकेले न भेजने और गहरे पानी से बचने की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अनूपपुर जिले में डूबने की प्रमुख घटनाएं: 1. 10 जुलाई 2025: अमरकंटक, रामघाट- भजन गायक राज भदौरिया (22) की डूबने से मौत। 2. 8 जुलाई 2025: ग्राम लोहारिन टोला- 4 वर्षीय जितेश सिंह नदी में डूबा, शव तीन दिन बाद मिला। 3. 25 जून 2024: पुष्पराजगढ़, जोहिला नदी- आकांक्षा गुप्ता (20) और अंशु गुप्ता (16) की डूबकर मौत। 4. अप्रैल 2024: मलगा गांव- तालाब में डूबने से अमित (14) और हरिसिंह (40) की मौत। 5. मई 2023: सारंगढ़, सीतामढ़ी तालाब- पिकनिक के दौरान दो लड़कियों और एक लड़के की डूबने से मौत। प्रशासन और पुलिस ने बार-बार अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-तालाबों में स्नान करते समय विशेष सतर्कता बरतें, बच्चों को अकेले न छोड़ें और गहरे पानी में जाने से बचें। कई जगह अवैध उत्खनन के कारण खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।

आज शुरू होगा मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025, CM यादव करेंगे शुभारंभ

इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 11 जुलाई को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे। यह आयोजन प्रदेश में शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे इस उच्च स्तरीय आयोजन में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1:30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुँचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन में क्रेडाई, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, हाउसिंग बोर्ड, मैट्रो, हुडको, एलआईसी सहित कई संस्थाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। तकनीकी सत्रों का आयोजन कॉन्क्लेव में चार तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे, जिनमें “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधिनिक तकनीक, विकास के केंद्र के रूप में शहर, भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण और भविष्य के शहरों की यातायात व्यववस्था” जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में MP लॉकर, ET अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन समिट 2025 ब्रोशर का विमोचन, एमओयू साइनिंग और “सौगात” का उद्घाटन एवं अनावरण करेंगे। वह निवेशकों को प्रशस्ति-पत्र भी भेंट करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के शहरीकरण में निवेश अवसरों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। शहरीकरण में निवेश के अवसर प्रदेश में मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब, अफोर्डेबल हाउसिंग, वॉटरफ्रंट डेवेलपमेंट, सीवेज नेटवर्क, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट रोड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक नए आवासों पर कार्य चल रहा है, जिनमें लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश संभावित है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध रियल इस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध हैं। पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शतप्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाइज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इंदौर में आयोजित यह ग्रोथ कॉन्क्लेव न केवल प्रदेश की शहरी योजनाओं को रफ्तार देगा, बल्कि निवेशकों को एक मजबूत और विश्वसनीय मंच भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नेतृत्व में प्रदेश शहरी परिवर्तन की ओर तेज़ी से अग्रसर है।  

न्यू मार्केट में दिखे सीएम, बिना तामझाम के फल खरीदते देख हैरान रह गए लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 जुलाई की रात एक चौंकाने वाला लेकिन शानदार नजारा देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे। आम जनता के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल लोगों से बातचीत की और हालचाल जाना, बल्कि एक ठेले वाले से फल भी खरीदे और उसका डिजिटल पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को बेहद पसंद आया। बाजार में सीएम को देख चौंके लोग सीएम को अचानक बाजार में देख लोगों को उनकी सादगी पसंद आई। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके मुख्यमंत्री इतनी सहजता से उनके बीच खड़े हैं। अचानक सीएम को अपने बीच में देखकर लोग अचंभित नजर आए। काफिले में नहीं, सिर्फ दो गाडियों से पहुंचे न्यू मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे और 15 मिनट रुक कर फल खरीदे और निवास लौट गए। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन आमतौर पर सीएम का काफिला जिस रूट से गुजरता है। अमूमन 10-15 मिनट पहले पुलिस उस रूट पर ट्रैफिक रोक देती है लेकिन, सीएम ने अपने दौरे की किसी को जानकारी नहीं दी। वे जब फल लेकर वापस सीएम हाउस की तरफ जाने लगे तो सिग्नल पर रेड लाइट देखकर उनकी गाड़ी रुक गई। सीएम ने सिग्नल पर ट्रैफिक नहीं रोकने दिया। बल्कि, ग्रीन सिग्नल होने पर ही वे आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने सीएम का यह अंदाज देख वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। डॉ. मोहन यादव बिना भारी-भरकम सुरक्षा के केवल दो वाहनों के काफिले के साथ बाजार पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी पूरी तरह पालन किया। फल विक्रेता से उन्होंने न सिर्फ सामान लिया, बल्कि उसके व्यवसाय और हालचाल की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री को यूं अपने बीच सहजता से खड़ा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए और उनके इस व्यवहार की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह बेफिक्र और जनता से जुड़ाव दर्शाने वाला अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन इतना ही नहीं, लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर अपनी गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। उनके इस आचरण से यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है, चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई पदाधिकारी। उनका सादगीभरा व्यवहार प्रदेशवासियों को यह सिखाता है कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल पद ग्रहण करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना भी है।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे। यह आयोजन प्रदेश में शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। इस उच्च स्तरीय आयोजन में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1:30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुँचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन में क्रेडाई, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, हाउसिंग बोर्ड, मैट्रो, हुडको, एलआईसी सहित कई संस्थाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। तकनीकी सत्रों का आयोजन कॉन्क्लेव में चार तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे, जिनमें “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधिनिक तकनीक, विकास के केंद्र के रूप में शहर, भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण और भविष्य के शहरों की यातायात व्यववस्था” जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में MP लॉकर, ET अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन समिट 2025 ब्रोशर का विमोचन, एमओयू साइनिंग और “सौगात” का उद्घाटन एवं अनावरण करेंगे। वह निवेशकों को प्रशस्ति-पत्र भी भेंट करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के शहरीकरण में निवेश अवसरों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। शहरीकरण में निवेश के अवसर प्रदेश में मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब, अफोर्डेबल हाउसिंग, वॉटरफ्रंट डेवेलपमेंट, सीवेज नेटवर्क, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट रोड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक नए आवासों पर कार्य चल रहा है, जिनमें लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश संभावित है। रियल इस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध हैं। पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शतप्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाइज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इंदौर में आयोजित यह ग्रोथ कॉन्क्लेव न केवल प्रदेश की शहरी योजनाओं को रफ्तार देगा, बल्कि निवेशकों को एक मजबूत और विश्वसनीय मंच भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नेतृत्व में प्रदेश शहरी परिवर्तन की ओर तेज़ी से अग्रसर है।  

मौसम विभाग ने बताया- भोपाल में दो दिन नहीं होगी बारिश, रविवार से बढ़ेगा मानसून का असर

भोपाल राजधानी में आगामी दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि वर्तमान में भोपाल के आसपास कोई सक्रिय द्रोणिका नहीं है, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की फुल्की बारिश जरूर हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल राजधानी में किसी बड़े मौसमी सिस्टम की सक्रियता नहीं है, जिससे शुक्रवार और शनिवार को मौसम में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। तापमान में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। शहरवासियों को इस दौरान राहत रहेगी, लेकिन उमस बनी रह सकती है।   17 मिमी बारिश दर्ज सुरेंद्रन ने आगे बताया कि रविवार और सोमवार से राजधानी में फिर से भारी बारिश की संभावना बन रही है। बंगाल की खाड़ी की ओर से नया सिस्टम बनने की स्थिति में राजधानी में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। गुरुवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक एयरपोर्ट रोड पर 17.01 मिमी और अरेरा हिल्स में 17.02 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

मध्यप्रदेश में वर्षों बाद संरक्षित क्षेत्र में कैराकल की पुष्टि गर्व की बात

भोपाल गाँधी सागर अभ्यारण्य मंदसौर में दुर्लभ प्रजाति के “स्याहगोश’’ (कैराकल) की उपस्थिति दर्ज हुई है। गाँधी सागर वन्य-जीव अभ्यारण्य में “कैराकल’’ जिसे स्थानीय रूप से “स्याहगोश’’ कहा जाता है कैमरा ट्रैप में दिखाई दिया। यह मांसाहारी प्रजाति का अत्यंत शर्मीला, तेज गति से दौड़ने वाला और सामान्यत: रात्रिचर वन्य-जीव है। यह मुख्यत: शुष्क, झाड़ीदार, पथरीले और खुली घास वाले इलाकों में पाया जाता है। भारत में अब यह प्रजाति विलुप्तप्राय श्रेणी में रखी गयी है और इसकी उपस्थिति बहुत ही दुर्लभ मानी जाती है। गाँधी सागर अभ्यारण्य के वन अधिकारी ने बताया कि वन मण्डल मंदसौर में लगाये गये कैमरा ट्रैप में एक वयस्क नर कैराकल की उपस्थिति दर्ज हुई है जो जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अभ्यारण्य में संरक्षित आवासों की गुणवत्ता और संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। कैराकल की उपस्थिति यह दर्शाती है कि गाँधी सागर क्षेत्र के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क पारिस्थितिकीय तंत्र अब भी इतने समृद्ध और संतुलित हैं जो इस दुर्लभ प्रजाति को आश्रय दे सकते हैं। मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों बाद किसी संरक्षित क्षेत्र में कैराकल की पुष्टि हुई है जो प्रदेश के लिये गर्व की बात है। यह खोज न केवल वन्य-जीव शोध के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारे संरक्षण प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। इस उपलब्धि के लिये वन विभाग एवं गाँधी सागर वन्य-जीव अभ्यारण्य के अधिकारी-कर्मचारियों के विशेष प्रयासों से विविध पारिस्थितिकी संरक्षित रह पायी है जिससे आज यह अभ्यारण्य दुर्लभ प्रजातियों के लिये भी एक सुरक्षित आश्रय-स्थली बना हुआ है।