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हाईकोर्ट ने कहा कि जवाब आने तक सरकार कोई कदम न उठाए, नहीं तो हम अंतरिम आदेश पारित करेंगे

भोपाल  आरक्षण के आधार पर प्रमोशन की बाट जोह रहे कर्मचारियों को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण की नई नीति पर सरकार से जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने पूछा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो सरकार ने नई नीति उसी तरह की क्यों बनाई? मौखिक रूप से पीठ ने कहा कि जवाब आने तक सरकार कोई कदम न उठाए, नहीं तो हम अंतरिम आदेश पारित करेंगे। इस पर महाधिवक्ता ने पीठ के समक्ष अंडरटेकिंग दी कि सरकार जवाब पेश होने और अगली सुनवाई तक प्रमोशन प्रक्रिया(Reservation in Promotion) पर किसी तरह से आगे नहीं बढ़ेगी। पीठ ने 15 जुलाई को केस सुनवाई के लिए लिस्टेड करने का आदेश दिया। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सरकार के बनाए नए नियम को भोपाल के समीर कुमार शर्मा समेत अन्य 17 ने याचिका के जरिए चुनौती दी है। हाईकोर्ट में सोमवार को 2025 में राज्य सरकार के प्रमोशन में आरक्षण संबंधी बनाए नियमों के खिलाफ यचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ताओं ने 2025 के प्रमोशन में आरक्षण संबंधी नियमों को चुनौती दी है। तर्क दिया- 2002 के नियमों को हाईकोर्ट ने आरबी. राय के केस में समाप्त किया है। इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। शीर्ष कोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया है और याचिकाएं लंबित हैं। उन्होंने कहा, सरकार के पास प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए कोई क्वांटिफिएबल डेटा नहीं है। एम. नागराज और जरनैल सिंह के मामलों में दिए गए आदेशों का पालन भी नहीं किया है। तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश की अवहेलना कर 2025 के नियम बनाए। यह न्याय संगत नहीं है। नोटिस जारी कर मांगा जवाब एक्टिंग चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से पहले के और नए प्रमोशन नियम के फर्क के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब न आने पर पीठ ने प्रमोशन (Reservation in Promotion) पर स्टे देने की मंशा जताई। इस पर राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने मौखिक अभिवचन दिया कि अगली सुनवाई तक कोई प्रमोशन नहीं किए जाएंगे। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी के जवाब तलब कर लिया।   ● हाईकोर्ट: मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो प्रमोशन में आरक्षण को लेकर नियम क्यों बनाए? सरकार पहले सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात को रखती। याचिका का निराकरण कराती फिर आगे बढ़ना चाहिए। ● महाधिवक्ता: यह नियम 2002 के आदेश से अलग है। ● हाईकोर्ट: दोनों नियमों पर तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करें। ● महाधिवक्ता: इसके लिए समय चाहिए। ● हाईकोर्ट: जब तक जवाब नहीं आता, तब तक सरकार इस पर आगे नहीं बढ़े। यदि इस पर अभिवचन दिया जाता है तो ठीक है, वर्ना अंतरिम रोक के आदेश पारित किए जाएंगे। ● महाधिवक्ता: जवाब आने तक सरकार प्रमोशन प्रक्रिया पर आगे नहीं बढ़ेगी।

हाईकोर्ट में मिली चुनौती के चलते एक बार फिर अधिकारी, कर्मचारियों में ओहदा बढ़‌ने की नौ साल बाद जागी उम्मीदों पर अघोषित ठहराव की स्थिति

भोपाल  सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नति देने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर ली है। लोक निर्माण विभाग, वाणिज्यिक कर और निर्वाचन आयोग भी कुछ वर्गों के लिए अलग-अलग बैठकें कर चुका है। निर्वाचन में प्रमोशन आदेश भी जारी हुए। स्कूल शिक्षा जैसे कई विभागों ने सहमति लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उधर जिन विभागों में शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) पूरी करने संबंधी प्रक्रिया अधूरी थी, उनमें भी अतिरिक्त काम हो रहे हैं। इस बीच हाईकोर्ट में मामले को सपाक्स वर्ग के कर्मचारियों की ओर से मिली चुनौती के चलते एक बार फिर अधिकारी, कर्मचारियों में ओहदा बढ़‌ने की नौ साल बाद जागी उम्मीदों पर अघोषित ठहराव की स्थिति बन गई है।  30 जुलाई तक नहीं आया फैसला तो…. 30 जुलाई तक यही हाल रहे तो तब तक बगैर प्रमोशन के 1500 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। इसके पहले एक से डेढ़ लाख इसी तरह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जब तक कोर्ट से निर्णय नहीं हो जाता तब तक मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक पदोन्नति दिए जाने को लेकर शुरु हुई सीआर लिखने, पदोन्नति के लिए शासकीय सेवकों से सहमति लिए जाने, विभागों में डीपीसी की बैठकें करने जैसी सभी कार्रवाई पर ठहराव की स्थिति बननी तय है। कर्मचारी घोषित तौर पर तो अब कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सपाक्स, अजाक्स के पदाधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 31 जुलाई है डेडलाइन सभी विभागों को पहले चरण के तहत 31 जुलाई तक पदोन्नति देना है। मुख्य सचिव (सीएस) ने जून के अंत में बैठक ली थी। निर्देश एसीएस, पीएस, सचिव व विभागाध्यक्षों को दिए थे। यह भी कहा था कि प्रमोशन संबंधी जितने प्रकरण निपट जाएं, उतने निपटा लें। शेष शासकीय सेवकों के लिए सितंबर-अक्टूबर में बैठकें करें। सरकार ने नौ साल से लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों में तेजी लाने के लिए इस वर्ष दो बार डीपीसी करने का निर्णय लिया है। आमतौर पर अगले वित्तीय वर्ष से वर्ष में एक बार ही डीपीसी होगी। इस वर्ष सभी विभागों में पहली डीपीसी की संबंधी प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी करनी है। कब क्या हुआ     08 अप्रैल 2025 : सीएम ने पहली बार पदोन्नति की घोषणा की।     27 मई 2025 : सीएम ने दोहराया कि पदोन्नति जल्द देंगे।     10 जून 2025 : कैबिनेट में पदोन्नति नियम के प्रस्ताव पर चर्चा।     17 जून 2025 : कैबिनेट में पदोन्नति नियम के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।     19 जून 2025 : अधिसूचना जारी।     26 जून 2025 : मुख्य सचिव ने 31 जुलाई की डेडलाइन तय की।

बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम, दाम छु रहे आसमान, रसोई का बजट बिगड़ा

भोपाल  मानसून आते ही सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। हरी सब्जियां बहुत महंगी हो गई हैं। फूल गोभी और गिलकी 120 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। लौकी और पत्ता गोभी 80 रुपये प्रति किलो बिक रही हैं। टमाटर, जो सर्दी और गर्मी में 10 से 20 रुपए प्रति किलो बिकते थे, अब 60 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। आलू और प्याज ही ऐसे हैं जो 30 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कद्दू भी 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम हो गई है। इसलिए दाम बढ़ गए हैं। करेला और गिलकी के दाम सुन हैरान हैं लोग स्कूल टीचर प्रेरणा शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले बिट्टन हाट में सब कुछ सस्ता था। बैंगन 10 रुपये का ढेर था। टमाटर 20 से 40 रुपये प्रति किलो थे, पर अब 60 रुपये से कम में कुछ नहीं मिल रहा है। करेला और गिलकी 120 रुपये प्रति किलो देखकर वे हैरान रह गईं। फल खरीदने का मौसम सरकारी कर्मचारी पंकज दुबे ने हंसते हुए कहा 'मुझे नहीं पता कि लोगों के लिए यह कितना संभव है, लेकिन मैं सुझाव दूंगा कि यह साल का वह समय है जब सब्जियां खरीदने के बजाय फल खरीदना बेहतर है। आपके पास कई तरह के आम, केले, संतरे, जामुन और कुछ और हैं, और वे बहुत महंगे भी नहीं हैं, सिवाय लीची और निश्चित रूप से अनार और सेब के, जो अभी भी सब्जियों से महंगे हैं। सब्जियों की सप्लाई हुई कम सब्जी विक्रेता राकेश चौरसिया ने बताया कि सब्जियों की सप्लाई कम हो गई है। थोक बाजार में दाम बढ़ने से खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ जाते हैं। बिट्टन मार्केट सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष हरिओम खटीक ने कहा कि बारिश में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। बारिश सबसे पहला कारण उन्होंने कहा कि 'सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं, लेकिन अगर थोक बाजार में कद्दू 20 रुपये प्रति किलो बिकना शुरू हो जाए, तो हम यह कह सकते हैं कि सब्जियों की कीमतें वास्तव में बढ़ गई हैं। जिन क्षेत्रों से सब्जियां भोपाल लाई जाती हैं, उनमें बारिश की मात्रा उनकी कीमतों को तय करने में एक प्रमुख कारक है। भोपाल के आसपास नहीं होती सब्जियां बारिश के मौसम में, भोपाल के आसपास के क्षेत्रों में सब्जियों का उत्पादन नहीं होता है, इसलिए सब्जियों की स्थानीय आवक बहुत कम हो जाती है। हरिओम खटीक ने बताया कि अब, हमारे पास महाराष्ट्र, रतलाम और मंदसौर की ओर मालवा और मैहर से आपूर्ति हो रही है, और इसमें कोई संदेह नहीं है कि सभी सब्जियों की कीमतें अधिक हैं।  

सोयाबीन की फसल से अब जिले के किसानों का मोह भंग, किसान अब मक्का की फसल करने में अधिक रूचि ले रहे

शिवपुरी  सोयाबीन की फसल से अब जिले के किसानों का मोह भंग हो गया है. किसान अब मोटे अनाज यानी मक्का की फसल करने में अधिक रूचि ले रहे हैं. इसकी वजह पिछले कुछ समय में इसकी बढ़ती मांग के साथ ही सोयाबीन की तुलना में इसकी देखरेख आसान होना है. इसी कारण सोयाबीन का रकबा पिछले दो साल में घटकर आधा रह गया है. जिले का किसान वैसे तो बाजरा, मक्का, सोयाबीन, उड़द फसलों की खेती करते हैं, लेकिन अच्छे दाम के मोह में पहले किसान सोयाबीन की खेती सबसे अधिक करते थे. सोयाबीन का कुल रकबा एक लाख 65 हजार हेक्टेयर था. सोयाबीन बाजार में 4 हजार से 4200 रुपये क्विंटल के हिसाब से बिकती है. हालांकि सोयाबीन की फसल में कीड़े लगने का खतरा अधिक होता है, जिससे देखरेख अधिक करना पड़ता है. फसलों को बचाने में भी काफी खर्च करना पड़ता है. एक बीघा में महज दो से ढाई क्विंटल सोयाबीन होता है. कृषि विकास केंद्र शिवपुरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. एमके भार्गव ने बताया, "बीते दो साल में जिले में किसानों की रुचि में बदलाव आया है. किसान अब सोयाबीन की जगह मक्का की फसल अधिक उगा रहे हैं. जिसका परिणाम है कि सोयाबीन का रकबा अब महज 80 हजार हेक्टेयर रह गया है. इसकी वजह ये है कि मक्का की मांग तेजी से बढ़ी है. किसानों को सोयाबीन की फसल के भाव तो अधिक मिलते हैं, लेकिन इसका उत्पादन कम होता है. इसके मुकाबले मक्का के दाम कम मिलते हैं, लेकिन उत्पादन अधिक होता है." उदाहरण के लिए सोयाबीन की एक क्विटंल फसल 4 हजार में बिकती है, जबकि मक्का की दो हजार क्विंटल में बिकती है. लेकिन एक बीघा खेत में केवल ढाई क्विंटल सोयाबीन होता है, वहीं मक्का 8 से 12 क्विंटल तक होती है. ऐसे में उत्पादन अधिक होने से किसान को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है, साथ ही मक्का में कीड़े लगने की टेंशन भी नहीं होती है. 2025 के लक्ष्य से समझें किसका रकबा कितना बढ़ा या घटा फसल रकबा धान 45 हजार हेक्टेयर ज्वार 400 हेक्टेयर बाजरा 7 हजार हेक्टेयर मक्का 85 हजार हेक्टेयर तुअर 1 हजार हेक्टेयर उड़द 25 हजार हेक्टेयर मूंग 3500 हेक्टेयर मूंगफली 1 लाख 90 हजार हेक्टेयर तिल 3200 हेक्टेयर सोयाबीन 80 हजार हेक्टेयर कुल 440100 हेक्टेयर जिले में सोयाबीन का रकबा पहले एक लाख 65 हजार हेक्टेयर था, लेकिन बीते कुछ सालों में रकबा घटकर 80 हजार हेक्टेयर रह गया है. इसकी जगह मक्का का रकबा बढ़कर अब 85 हजार हेक्टेयर हो चुका है. किसानों को मक्का का उत्पादन अधिक मिलता है, साथ ही कीड़ों की चिंता भी नहीं होती है. ये बदलाव केवल शिवपुरी ही नहीं बल्कि अशोक नगर और गुना में भी आया है.

प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे, एमपी में 8-9-10-11 जुलाई भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट

भोपाल  प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे। अगले 3-4 दिन इसका असर रहेगा। इसके चलते मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में बाढ़ तो मध्य क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सोमवार को भी दिनभर लगभग पूरे प्रदेश में बौछारें पड़ीं। सूबे में अब तक औसत 191.3 मिमी की तुलना में 300 मिमी बारिश हो चुकी है। यह औसत से 68% ज्यादा है। राजधानी में भी रविवार देर रात में शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। सोमवार को भी दिनभर रुक-रुककर तेज तो कहीं मध्यम बौछारें पड़ीं। संपर्क कटा, स्कूलों की छुट्टी बालाघाट में वैनगंगा नदी समेत कई नदी नाले उफान पर हैं। १५ से अधिक गांवों का जिला से संपर्क कट गया। सिरका नाले में बहने से किन्हीं गांव में पदस्थ शिक्षक जहरू सिंह सैयाम (52) की मौत हो गई। कलेक्टर ने भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। बाढ़: पूर्वी हिस्से में अतिभारी बारिश की संभावना के बीच अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल, उमरिया में बाढ़ के हालात बन सकते हैं। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी,मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 जुलाई को सीहोर, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला,बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल में अति भारी बारिश का अलर्ट है। बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, जबलपुर, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश होने की संभावना है। 10 जुलाई को इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जुलाई को दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना,रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश हो सकती है। ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, देवास, खंडवा, हरदा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 11 जुलाई को इन जिलों बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश का अलर्ट है।

इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी गड़बड़ी, फ्लाइट भी कैंसिल हो गई, क्या थी वजह?

इंदौर इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में मंगलवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के चलते उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद आपातकालीन लैंडिंग करा दी गई। फ्लाइट संख्या 6E 7295 रोजाना सुबह 6:35 बजे इंदौर से रवाना होती है। आज उसने तय समय पर टेक-ऑफ किया, लेकिन उड़ान के कुछ देर बाद ही तकनीकी समस्या के कारण पायलट को विमान वापस लाना पड़ा। जोर का झटका महसूस हुआ यात्रियों के अनुसार फ्लाइट ने सुबह 6:30 बजे इंदौर एयरपोर्ट से टेक ऑफ किया था। उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद अचानक एक जोर का झटका महसूस हुआ। इसके कुछ मिनटों बाद ही पायलट ने घोषणा की कि तकनीकी कारणों से विमान को वापस इंदौर एयरपोर्ट पर लाया जा रहा है। विमान को सुबह 7:15 बजे सुरक्षित लैंड करा लिया गया। पायलट को मिले थे फॉल्स अलार्म इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर के अनुसार, पायलट को उड़ान के दौरान फॉल्स अलार्म यानी झूठे तकनीकी संकेत मिले थे, जो आमतौर पर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माने जाते हैं। इस एहतियात के चलते पायलट ने फ्लाइट को बीच रास्ते से वापस मोड़ने का फैसला किया। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतार दिया गया। यात्रियों को दिए गए दो विकल्प तकनीकी जांच और सुरक्षा कारणों से इंडिगो ने इस फ्लाइट को रद्द कर दिया। एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को दो विकल्प दिए गए हैं, वे चाहें तो टिकट का पूरा पैसा वापस ले सकते हैं या फिर अपनी बुकिंग को अगले उड़ान के लिए रीशेड्यूल करा सकते हैं।

श्रावण मास के हर सोमवार को भक्तों को अन्नक्षेत्र में नि:शुल्क महाप्रसादी वितरण, राजगीरा का हलवा, केसरिया खीर, ड्रायफ्रूट खिचड़ी परोसी जाएगी

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए माकूल प्रबंध किए हैं। जो इंतजाम दिखाई दे रहे हैं, उसके अनुसार भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन (Ujjain Mahakal Darshan) के लिए लंबा पैदल नहीं चलना पड़ेगा। दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थी प्रवेश द्वार के सामने ही वाहन पार्क कर सकेंगे। सामान्य, शीघ्र दर्शन, वीआइपी और कावड़ यात्री के लिए अलग-अलग द्वार से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। पेयजल, जूता स्टैंड, अन्नक्षेत्र में महाप्रसादी की व्यवस्था बिल्कुल नि:शुल्क की गई है। प्रत्येक सोमवार को फलाहारी महाप्रसादी श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार के दिन मंदिर समिति भगवान महाकाल के भक्तों को महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में नि:शुल्क फलाहारी महाप्रसादी कराएगी। श्रद्धालुओं को शुद्ध देशी घी से बना राजगीरा का हलवा, केसरिया खीर, ड्रायफ्रूट खिचड़ी तथा मालवा की प्रसिद्ध आमठी परोसी जाएगी। सप्ताह के शेष दिन भक्तों को भोजन कराया जाएगा। हर प्रवेश द्वार के पास नि:शुल्क जूता स्टैंड मंदिर प्रशासन ने पांच स्थानों पर जूता स्टैंड स्थापित किए हैं। दर्शनार्थी किसी भी दिशा से मंदिर पहुंचे उन्हें हर प्रवेश द्वार के पास नि:शुल्क जूता स्टैंड की सुविधा मिलेगी। सामान्य दर्शनार्थियों के लिए त्रिवेणी संग्रहालय, श्री महाकाल महालोक प्लाजा मानसरोवर भवन के पास जूता स्टैंड रहेगा। इसके अलावा बड़ा गणेश, विक्रमटीला, हरसिद्धि चौराहा तथा महाकाल मंदिर के प्रशासनिक कार्यालय के समीप भी जूता स्टैंड बनाया गया है।छह स्थानों पर वाहन पार्किंगश्रावण मास में भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ेगा।

राजधानी भोपाल में 8 पुलिसकर्मी को सस्पेंड, ये पुलिसकर्मी ट्रांसफर के आदेश को नहीं मान रहे थे

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता को लेकर 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Policeman Suspended) कर दिया है. इन पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रांसफर आदेशों का पालन न करने और ट्रांसफर वाली जगह पर आमद नहीं देने पर निलंबित किया गया है. DCP श्रद्धा तिवारी द्वारा यह कार्रवाई की गई है. सस्पेंड होने वालों में एक सब इंस्पेक्टर, ASI, 2 कांस्टेबल, 4 हेड कांस्टेबल शामिल हैं.  निलंबित किए गए ये पुलिसकर्मी     साबिर खान- उप निरीक्षक (थाना टीलाजमालपुरा)     रामअवतार- सहायक उप निरीक्षक (रक्षित केंद्र)     नरेश कुमार शर्मा- प्रधान आरक्षक क्रमांक 1906 (थाना श्यामला हिल्स)     मनोहरलाल- प्रधान आरक्षक क्रमांक 1851 (थाना बागसेवनिया)     चंद्रमौल मिश्रा प्रधान आरक्षक क्रमांक 2091 (थाना कमलानगर)     वीरेंद्र यादव आरक्षक क्रमांक 1517 (थाना हनुमानगंज)     कपिल चंद्रवंशी आरक्षक क्रमांक 4682 (थाना हनुमानगंज)     प्रशांत शर्मा आरक्षक क्रमांक 3305 (थाना अपराध शाखा)

रीवा में सरकारी अस्पताल के डॉ. अशरफ पर नर्सिंग छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए , अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा

रीवा  रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नर्सिंग की 80 छात्राओं ने डॉ. अशरफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉ. अशरफ उनके साथ गंदा व्यवहार करते हैं। इस वजह से वे अब उनके साथ काम करने से मना कर रही हैं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ दिन पहले इसी ईएनटी (ENT) विभाग में एक नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया था। नर्सिंग कॉलेज की 80 छात्राओं ने एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईएनटी विभाग में काम करने वाले डॉक्टर अशरफ उनके साथ गंदी भाषा में बात करते हैं, अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं और क्लीनिकल प्रैक्टिस के दौरान बार-बार मानसिक रूप से उन्हें परेशान करते हैं। नर्सिंग छात्राओं ने गंदे व्यवहार के लगाए आरोप     नर्सिंग कॉलेज की 80 छात्राओं ने मामले को लेकर प्राचार्य को लिखित शिकायत दी। इन्होंने कहा कि ईएनटी विभाग में काम करने वाले डॉ. अशरफ उनके साथ गंदी भाषा में बात करते हैं, गलत-गलत कमेंट करते हैं और क्लीनिकल प्रैक्टिस के दौरान बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। इस शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने डाॅक्टर की ड्यूटी ईएनटी विभाग से हटा दी। नाबालिग ने गैंगरेप का भी लगाया था आरोप हाल ही में ईएनटी विभाग में एक अन्य घटना भी घटी थी। इसमें एक वॉर्ड बॉय पर नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। नाबालिग ने गैंगरेप का भी आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। अब यह नया मामला सामने आया है। इसमें नर्सिंग छात्राओं के साथ डॉ. अशरफ के व्यवहार को लेकर शिकायत की गई है। प्राचार्य ने डीन को लिखा पत्र प्राचार्य ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर डीन को पत्र लिखा है। पत्र में डॉ. अशरफ के गंदे व्यवहार का उल्लेख किया गया। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करने का आदेश दिया। इस जांच का नेतृत्व नेत्र रोग विभाग की प्रमुख डॉ. शशि जैन करेंगी। टीम में डॉ. नीरा मराठे, पीएसएम, रीना पटेल (स्टाफ नर्स), और कमलेश सचदेवा (खुशी फाउंडेशन) भी शामिल हैं। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य, प्रवीण पटेल ने पुष्टि की है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इस कारण उनकी ड्यूटी ईएनटी विभाग से हटा दी गई है। उनका मानना है कि इससे छात्राओं को मानसिक शांति मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई और कार्य कर सकेंगी। यह कदम इस बात को भी उजागर करता है कि अस्पताल प्रबंधन को कर्मचारियों और छात्रों की सुरक्षा के मामलों में सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है। अब यह देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी, मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती

 खंडवा  दादा धूनीवाले की नगरी खंडवा में मंगलवार से गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। पूरे शहर में जगह-जगह भंडारों की तैयारी हो चुकी है, जहां पुड़ी-सब्जी के साथ 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जायँगे।  शहर में लगातार बारिश के बीच भी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। मंदिर क्षेत्र और प्रमुख पंडालों में वाटरप्रूफ टेंट और डोम लगाए गए हैं। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी खंडवा से सनावद के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती है, लेकिन सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयास से रेलवे ने गुरुपूर्णिमा के दो प्रमुख दिनों (10-11 जुलाई) के लिए इसका संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है। 5 दिन बंद रहेगी अनाज मंडी गुरुपूर्णिमा महोत्सव के चलते 9 से 11 जुलाई तक कृषि उपज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। इसके बाद 12 को शनिवार और 13 को रविवार की छुट्टी होने से कुल 5 दिन मंडी में काम नहीं होगा। मंडी सचिव ने किसानों से अपील की है कि वे इन दिनों अपनी उपज लेकर मंडी न आएं। आज खंडवा पहुंचेंगे सांसद बंटी साहू छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू पैदल यात्रा करते हुए खंडवा आ रहे हैं। वे मंगलवार को दादा धाम पहुंचेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी चल रहे हैं। रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं और संत दादा गुरु ने भी उनका स्वागत किया। 11 जुलाई तक जारी रहेगी बारिश मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के मुताबिक, 11 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सतर्कता बरतें। सभी कार्यक्रमों की व्यवस्था मौसम को देखते हुए की गई है।