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अपर मुख्य सचिव राजन बोले – बागवानी उत्पादों की वैल्यू चेन समय की सबसे बड़ी जरूरत

बागवानी उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए राज्यस्तरीय वेबिनार आयोजित भोपाल प्रदेश में बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा “म.प्र. में क्लस्टर आधारित फल एवं सब्जी मूल्य श्रृंखला विकास एवं नवाचार और तकनीकी के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का रूपांतरण” विषय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव राजन ने कहा कि बागवानी उत्पादों की वैल्यू चैन विकसित करना समय की मांग है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में समृद्ध राज्य है। प्रदेश के किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब दाम मिल सके। इसके लिए उत्पादन से उपभोक्ता तक की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने किसानों, किसान संगठनों, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों तथा रिसोर्स पर्सन तथा उद्यानिकी अमले के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। आयुक्त उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा कि इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य, बागवानी उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है, इससे किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों का कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी जागरूकता और सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निर्वाहन करें। अपर संचालक उद्यानिकी के.एस. किराड़ ने कहा कि बागवानी किसानों को अधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए उत्पादों को नवीन तकनीक तथा नवाचार के माध्यम से प्रसंस्कृत कर मूल्य वर्धन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस काम में कृषक संगठन बेहतर भूमिका निभा सकते है। यह समूह विपणन भंडारण, प्रसंस्करण एवं निर्यात की दशा में सार्थक प्रयास कर सकते है। वेबिनार में कृषक संगठनों के प्रतिनिधि, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी, जिला रिसोर्स पर्सन, उद्यानिकी विभाग का मैदानी अमला सम्मिलित हुआ।

डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को आज देंगे रक्षाबंधन का शगुन रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को आज मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा डॉ. यादव आज देंगे लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का खास शगुन, भरेगा दिलों में खुशियाँ रक्षाबंधन पर सीएम डॉ. यादव का उपहार, सभी लाड़ली बहनों को मिलेगा शगुन 1.26 करोड़ बहनों के खातों में करेंगे 1859 करोड़ का अंतरण 07 अगस्त को प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में आएंगे 1500 रूपये राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत् गुरूवार 07 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार 823 लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 859 करोड़ 1 लाख 32 हजार 350 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। इस बार लाड़ली बहनों को नियमित किश्त 1250 रूपये के अतिरिक्त रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रूपये भी दिये जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना को रक्षाबंधन के पूर्व 1500 रूपये मिलेंगे। लाड़ली बहना योजना वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। योजना की पात्र महिलाएं (21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्याक्ता महिलाएं) को प्रतिमाह 1250 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 6198.88 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। 28 लाख से अधिक बहनों को 43.90 करोड़ रूपये की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों और विशेष पिछड़ी जनजाति की आर्थिक सहायता योजना अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं को गैस रिफिल की राशि भी प्रदाय करेंगे। योजना के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेण्डर रिफिलिंग के लिये 43.90 करोड़ रूपये की सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में होने वाले रोड-शो में भी शामिल होंगे।  

श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी ओर बलराम जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन्माष्टमी और बलराम जयंती को लेकर सरकार तैयार, डॉ. यादव बोले- उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण पर्व पर होंगे प्रदेश में गरिमामय आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव आयोजन संबंधी समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में बलराम एवं श्रीकृष्ण के प्रसंगों, उनके अवदान और लोक कल्याणकारी जीवनगाथा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। विभिन्न चिन्हित मंदिरों में भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालयों में स्थानीय साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृति संस्थाओं का सहयोग भी लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में हलधर महोत्सव एवं लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाये। बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त को बलराम जयंती और 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में अनेक स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इसके लिए गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया गया है। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जिन स्थानों पर पड़े और उनके जीवन के विशेष प्रसंग जहां घटित हुए, ऐसे सभी संबंधित स्थान पावन हैं। इस नाते इन स्थानों पर भी जन रुचि के अनुरूप प्रभावी कार्यक्रम होंगे। इन स्थानों में सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा धाम, अमझेरा, जामगढ़, जानापाव आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री निवास में भी होगा विशेष कार्यक्रम भोपाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अनेक जिलों के बालगोपाल भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में एक मंच पर आएंगे। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति और पर्यटन विभाग के सौजन्य से विभिन्न कलाकार भी जुड़ेंगे। बैठक में आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव एवं पर्यटन विकास निगम के निर्देशक इलैया राजा, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एमपी नामदेव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ‘कृष्णायन’ की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों की कृष्णायन" में प्रस्तुति सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्णायन में श्रीकृष्ण के जीवन की प्रेरक झलकियाँ, डॉ. यादव ने की सराहना "मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की 'कृष्णायन' की प्रशंसा, बताया श्रीकृष्ण जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण विधानसभा के मानसरोवर सभागार में कलाकारों ने दिखाए भगवान के जीवन के प्रसंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए "कृष्णायन" जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रभावशाली माध्यम हैं। इस प्रस्तुति में शामिल कलाकारों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश के ऐसे स्थानों जिनसे भगवान श्रीकृष्ण का संबंध है, उनके महत्व को भी ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुति से समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभाकक्ष में कृष्णायन की प्रस्तुति देखी। इसमें भगवान कृष्ण की जीवन की संपूर्ण कथा को सांगीतिक रूप से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रस्तुति के कलाकारों को एक लाख 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने जहां सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की वहीं अमझेरा में विवाह संबंध, नारायणा धाम से सुदामा के साथ मैत्री और जानापाव में सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग जन रूचि के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "कृष्णायन" के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों की जानकारी वाद्य यंत्रों, ध्वनि, प्रकाश और आतिशबाजी के साथ रोचक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किये जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों को सम्मानित भी किया। मध्यप्रदेश बन सकता है, दूसरा वृंदावन: स्पीकर तोमर इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान कृष्ण का गहरा संबंध रहा है जिसे जन-जन तक पहुंचाया जाए तो मध्यप्रदेश दूसरा वृंदावन बन जाएगा। स्पीकर तोमर ने भजनों और गीतों के साथ की गई सुंदर प्रस्तुति के लिए समस्त कलाकारों को बधाई दी। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री गण, विधायक गण सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति कृष्णायन प्रस्तुति में निर्देशक और प्रमुख कलाकार मोहित शेवानी के साथ ही अभिषेक बरथरे, शुभम, अंतिका विश्वकर्मा, श्रीजा उपाध्याय, हिमांशु पवार, विजय गौर, स्वप्निल, अनानंद, करन, दिव्यांश, राहुल, दिव्या, धनीराम, पंकज और ओमी शामिल थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पर्यावरण प्रेमियों ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पर्यावरण प्रेमियों ने की भेंट बाजारों में वस्त्र के झोले वितरित करने के प्रकल्प की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में पॉलिथीन मुक्त बिट्टन मार्केट समूह की सदस्यों ने भेंट की। ग्रुप की पर्यावरण प्रेमी महिला सदस्यों ने श्रीमती सीमा सिंह जादौन ने नेतृत्व में भेंट कर जानकारी दी कि बाजारों में ग्रुप की सदस्य वस्त्र के झोले वितरित करने का कार्य गत कई वर्ष से कर रही हैं। इन प्रयासों में सफलता भी मिली है। हजारों नागरिक पॉलीथिन के स्थान पर कपड़े के झोलों का उपयोग करने के प्रति जागरूक हो रहे हैं। मुख्यमंत्री यादव ने इस सामाजिक प्रकल्प की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ यादव से भेंट करने वाली पर्यावरण प्रेमी महिला समाज सेवियों में श्रीमती समता अग्रवाल , सुश्री रुचिका सचदेवा और अल्पना गुप्ता शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संस्था द्वारा तैयार करवाए गए कपड़े के झोले भेंट भी किए गए।  

अब आसमान से तय होगा इंदौर-भोपाल का सफर, हेलीकॉप्टर सेवा के लिए प्रक्रिया शुरू

इंदौर अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) की बोर्ड बैठक का आयोजन बुधवार को महापौर और बोर्ड अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में शहर के सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें एक बड़ी घोषणा भी की गई, जिसमें बताया गया कि इंदौर से भोपाल के बीच अब हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। जिसके लिए AICTSL एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मंगाने का निर्णय भी लिया गया है। हेलीकॉप्टर सेवा पर मिलने वाले प्रस्तावों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिलेगी मुफ्त यात्रा सुविधा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बोर्ड बैठक में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। इसमें उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में महिला यात्रियों को शहर में संचालित सभी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सौगात दी जाएगी। इसे उन्होंने माताओं और बहनों को रक्षाबंधन का उपहार बताया। बैठक में संभागायुक्त एवं बोर्ड उपाध्यक्ष दीपक सिंह, कलेक्टर एवं निदेशक आशीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर एवं प्रबंध निदेशक शिवम वर्मा, आईडीए सीईओ रामप्रकाश अहिरवार, AICTSL सीईओ दिव्यांक सिंह सहित अन्य कई वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।  50 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे इंदौर में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में इस माह 50 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। वर्तमान में शहर में बीआरटीएस कॉरिडोर पर 30 और अन्य मार्गों पर 50 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में इंदौर को 150 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। इन बसों के संचालन के लिए आईएसबीटी नायता मुंडला और देवास नाका पर दो नए इलेक्ट्रिक बस डिपो तैयार किए जाएंगे, जिसकी वित्तीय सहायता केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा का होगा शुभारंभ इंदौर से आसपास के शहरों के लिए जल्द ही 26 इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ये बसें इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडव और महेश्वर तक चलेंगी। निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। पीपीपी मॉडल पर भविष्य की इलेक्ट्रिक बसों के लिए ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। नई एसी लग्जरी बस सेवाएं भी होंगी शुरू महापौर ने बताया कि पूर्व में की गई निविदा प्रक्रिया के आधार पर अब इंदौर से कोटा, मंदसौर होते हुए नीमच, जीरापुर और सोयत कला तक एसी बस सेवा भी प्रारंभ की जाएगी। पूर्व में आमंत्रित निविदा प्रक्रिया में कोई बोलीदाता न मिलने के कारण अब निगम स्वयं डबल डेकर बसें खरीदेगा। राष्ट्रीय स्तर पर जुड़ने की तैयारी, फिर से होंगी निविदाएं इंदौर को राष्ट्रीय मार्गों से जोड़ने के लिए कई शहरों के लिए फिर से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। जिसमें राजकोट (वाया सूरत), रायपुर (वाया नागपुर), जयपुर, ग्वालियर, कानपुर (वाया झांसी), अहमदाबाद, उदयपुर, पुणे, मुंबई, अयोध्या, वाराणसी, नई दिल्ली, दमोह, बांसवाड़ा, भुसावल और शहडोल शामिल है। ई-बाइक से लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती मौजूदा माय बाइक प्रोजेक्ट के तहत शहर में 1500 साइकिलें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। भविष्य में ई-बाइक सेवा भी शुरू करने पर विचार किया गया। AICTSL को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास AICTSL ने एबी रोड पर 42 यूनिपोल पर विज्ञापन के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। जल्द ही डिपो पर भी यूनिपोल लगाए जाएंगे और उन पर विज्ञापन के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होगी।

मध्य प्रदेश में विज्ञान बना बदलाव की गाड़ी, ‘साइंस ऑन व्हील्स’ से टूट रही रूढ़ियां, संवर रहा भविष्य

शहडोल मध्यप्रदेश के जनजातीय जिलों में अब विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने का मजबूत हथियार बन चुका है। शहडोल जिले के शिक्षक संतोष कुमार मिश्रा की अनोखी पहल 'साइंस ऑन व्हील्स' (Science on Wheels) न सिर्फ ग्रामीण बच्चों में वैज्ञानिक सोच जगा रही है, बल्कि समाज में गहराई से जमी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता की अलख भी जगा रही है। शहडोल जिला, जहां आज भी कई ग्रामीण इलाकों में झाड़-फूंक, दागना और बाल विवाह जैसी परंपराएं प्रचलित हैं, वहां शिक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ की शुरुआत की। इस पहल का मकसद था विज्ञान को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर गांव-गांव तक पहुंचाना।   ‘साइंस ऑन व्हील्स’ के अंतर्गत एक चलती-फिरती साइंस वैन के ज़रिए स्कूल, खेत, गांव और छात्रावासों में जाकर विज्ञान की बेसिक और दिलचस्प जानकारी दी जाती है। इसमें बच्चों को विज्ञान के प्रयोग करवाए जाते हैं और उन्हें साइंस एंबेस्डर बनाया जाता है, ताकि वे अपने घर और समाज में वैज्ञानिक सोच फैला सकें। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इसने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया। जब ग्रामीण इलाकों की बच्चियों ने इन विज्ञान गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू किया, तो अभिभावकों को भी यह समझ में आने लगा कि उनकी बेटियां भी होशियार हैं। परिणामस्वरूप कई बच्चियों का बाल विवाह टला और वे स्कूल में बने रहने लगीं। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ सिर्फ पढ़ाई का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह बेटियों को आत्मविश्वासी, जागरूक और स्वतंत्र सोच वाला नागरिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। अभिभावकों के साथ संवाद कर उन्हें बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें यह बताया गया कि झाड़-फूंक, दागना जैसी परंपराएं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गलत हैं और इनसे दूर रहना चाहिए।

बाघों की सुरक्षा बनाम गांवों का अस्तित्व: क्या खाली कराए जाएंगे जंगल के किनारे बसे गांव?

उमरिया मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में इजाफा तो हो रहा है, लेकिन उनके प्राकृतिक आवास यानी जंगल सिकुड़ते जा रहे हैं। कारण है जंगल के भीतर बसे सैकड़ों गांव, जो न सिर्फ जगह घेर रहे हैं, बल्कि जंगल के संतुलन को भी प्रभावित कर रहे हैं। अब तक राज्य के टाइगर रिजर्व क्षेत्रों से 200 से अधिक गांवों को विस्थापित किया जा चुका है। बावजूद इसके, इतने ही गांव अभी भी जंगलों के भीतर बसे हुए हैं। इनके कारण बाघों को उनके लिए जरूरी क्षेत्रफल नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, इन गांवों की वजह से घास के मैदान विकसित नहीं हो पा रहे हैं, जो शाकाहारी वन्य जीवों के लिए जरूरी हैं।   घास के मैदान क्यों जरूरी हैं? जंगल के अंदर जब घास के मैदान नहीं बनते, तो शाकाहारी प्राणियों की संख्या कम हो जाती है, जिससे बाघ जंगल के कोर जोन से बाहर आकर गांवों की ओर बढ़ते हैं। वहां वे मवेशियों का शिकार करते हैं, जिससे मानव-पशु संघर्ष बढ़ता है। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉ. राकेश शुक्ला के अनुसार, जब तक जंगल के अंदर बसे गांवों को पूरी तरह से हटाया नहीं जाता, तब तक बाघों को उनका आवश्यक क्षेत्र नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हाल ही में यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विस्थापन प्रक्रिया को तेज करेगी और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। सबसे ज्यादा प्रभावित टाइगर रिजर्व पन्ना टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा गांव बसे हैं। बांधवगढ़ के कोर जोन में 10 गांव हैं। पेंच टाइगर रिजर्व में 44, संजय टाइगर रिजर्व में 34, वीरांगना रानी दुर्गावती में 81 और कान्हा में 8 गांव अब भी मौजूद हैं। क्या कहते हैं आंकड़े? प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश की कोर और बफर जोन में गांव बसे हैं। उदाहरण के तौर पर, बांधवगढ़ में 165, कान्हा में 129, पेंच में 123 और सतपुड़ा में 62 बाघ हैं। 

टूरिज्म बूस्ट! इंदौर-गोवा के बीच विंटर से शुरू होगी वीकली डायरेक्ट फ्लाइट

इंदौर इंदौर से गोवा जाने वाले यात्रियों को विंटर सीजन से सीधी उड़ान की सुविधा मिलने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने 26 अक्टूबर से सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान सप्ताह में एक दिन सिर्फ रविवार को संचालित होगी। इस उड़ान के शुरू होने के साथ ही गोवा जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। देशभर के एयरपोर्ट के साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर विंटर सीजन की शुरुआत 27 अक्टूबर से हो रही है। इसकी शुरुआत के साथ ही इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से विमान कंपनियों ने नई उड़ानों को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंडिगों विमान कंपनी ने विंटर सीजन में जम्मू उड़ान के बाद अब गोवा के लिए 26 अक्टूबर से उड़ान शुरू करने की घोषणा की है।   वीकेंड पर गोवा जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा यह उडा़न इंदौर से सुबह गोवा जाएगी और दोपहर में वापस आएगी। वीकेंड पर जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा होगा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि गोवा के लिए साप्ताहिक उड़ान शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा। अतिरिक्त उड़ान विकल्प मिलने से यात्री आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह उडा़न सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचाएगी, इससे चेकइन के लिए यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं गोवा से वापस आने वाले यात्रियों को भी सुबह 11 बजे उड़ान मिलने से फायदा होगा। तीन कैटेगरी में होगी बुकिंग इंडिगो विमान कंपनी द्वारा शुरू की जा रही साप्ताहिक उड़ान का फेयर साढ़े दस हजार रुपये के करीब आ रहा है। विमान कंपनी ने तीन कैटेगरी में बुकिंग शुरू की है। सेल फेयर, फ्लेक्सी प्लस फेयर और सुपर फेयर में यह बुकिंग की जा रही है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग करवा सकेंगे। दोनों एयरपोर्ट के लिए उड़ाने संचालित वर्तमान में इंदौर से गोवा के दोनों एयरपोर्ट के लिए एक-एक उड़ाना संचालित हो रही है। यह उड़ाने नियमित संचालित होती है। इंडिगो कंपनी की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.30 बजे रवाना होती है और साउथ गोवा के डोबोलिम एयरपोर्ट जाती है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.20 बजे रवाना होती है और नार्थ गोवा के मनोहर पर्रिकर एयरपोर्ट जाती है। यह रहेगा शेड्यूल इंदौर से गोवा – फ्लाईट 6ई 314 इंदौर से सुबह 8.55 बजे रवाना होगी और सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचेगी। गोवा से इंदौर – फ्लाईट 6ई 6738 गोवा से सुबह 11.05 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.45 बजे इंदौर पहुंचेगी।

राखी पर सीएम मोहन यादव की सौगात, लाड़ली बहनों को 250 रुपये शगुन का ऐलान

भोपाल रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। राखी पर सीएम डॉ. मोहन यादव बहनों को 250-250 रुपये का विशेष शगुन देंगे। यह शगुन लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपये के अतिरिक्त होंगे। सीएम डॉ. यादव बहनों को यह राशि 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से दोपहर करीब 2:45 पर जारी करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को अपना मान-सम्मान मानती है। इसलिए वह उनके सल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव खुद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। गौरतलब है कि इस बार राखी पर लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से शगुन का उपहार मिलेगा। सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में इस बात पर विशेष जोर दिया था कि 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह शगुन रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार स्वरूप है। 250 रुपये की यह राशि हर महीने मिलने वाली 1250 रुपये से अतिरिक्त होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। इस तरह लगातार बढ़ती जाएगी राशि बता दें, मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी होगी। साल 2028 तक महिलाओं को तीन हजार रुपये हर महीने मिलने लगेंगे। इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए सरकार हर महीने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा उनके खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रदेश सरकार दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपये से बढ़ाकर हर महीने 1500 रुपये देगी। पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे सीएम डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के ‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों, स्थानीय-नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध करवा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादों को साकार करने में अथक मेहनत कर रहे हैं। सीएम डॉ. यादव का कहना है कि जैसे मोदी सरकार लोकसभा-विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी तरह हमारी सरकार भी महिलाओं के रोजगार और उनकी आर्थिक तरक्की के लिए संकल्पित है।