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श्रीमहाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को होगी सावन की सांस्कृतिक संध्या: सीएम

श्रावण महोत्सव में विभिन्न कलाकारों द्वारा दी जाएंगी आकर्षक प्रस्तुतियां पहली सवारी की थीम होगी वैदिक उद्घोष भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप इस बार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी और अधिक भव्य रूप में निकाली जाएगी। आगामी श्रावण-भादो-मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारियों की अलग-अलग थीम होगी और पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी। सावन माह में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी होगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी 14 जुलाई, द्वितीय सवारी 21 जुलाई, तृतीय सवारी 28 जुलाई, चतुर्थ सवारी 4 अगस्त, पंचम सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। प्रथम सवारी में पालकी में श्री मनमहेश, द्वितीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर और हाथी पर श्री मनमहेश, तृतीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, चतुर्थ सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा महेश, पांचवी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश और रथ पर श्री होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर ,हाथी पर श्री मन महेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश, रथ पर श्री होलकर स्टेट और रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश अनुसार इस बार सवारियों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रत्येक सवारी की थीम अलग-अलग होगी। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर निकाली जाएगी। इस दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बटुकों द्वारा भव्य वैदिक उद्घोष किया जाएगा और बटुकों द्वारा सवारी मार्ग में वैदिक उद्घोष किया जायेगा। इसी के साथ विभिन्न जनजातियों के समूहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुती दी जायेगी। द्वितीय सवारी में लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें लोक नृत्य मटकी नृत्य मध्यप्रदेश, गणगौर नृत्य राजस्थान, बिहू नृत्य आसाम, भवाई नृत्य गुजरात, पुलियाट्म या टाइगर नृत्य कर्नाटक की प्रस्तुति रामघाट पर दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की तीसरी सवारी में पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की चतुर्थ सवारी में पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की पंचम सवारी में धार्मिक थीम रहेगी जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी। साथ ही सवारियों में विभिन्न जिलों के पृथक-पृथक जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। राजसी सवारी में 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण महोत्सव हर शनिवार को शाम 7:00 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। श्री महाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। श्रावण महोत्सव में इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त 13 जुलाई से लेकर 16 अगस्त तक 23 दिवसों में (श्रावण महोत्सव के दिन, सवारी के दिन, नाग पंचमी और 15 अगस्त को छोड़कर) श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनकी प्रस्तुती श्री महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के समीप शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जाएगी, जिसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति देंगे।श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा सवारी मार्ग में हर 200-200 मीटर पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीए सिस्टम और कैमरे भी मंदिर समिति के द्वारा लगाये जाएंगे।  

डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकतंत्र सेनानी थे डॉ. मुखर्जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक देश एक विधान कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के योगदान का किया स्मरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प " एक निशान, एक विधान और एक प्रधान" को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में "एक देश एक विधान" विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने किया क्रियान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था। डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

OBC को 27% आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, जल्द लेगी सरकार ऐतिहासिक फैसला

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार OBC के लिए 27% आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले यह घोषणा बिना सर्वे और तैयारी के की गई थी, इसलिए इसमें देरी हुई। अब अधिकारियों को कहा गया है कि वे तथ्यों और डेटा के आधार पर विधानसभा के लिए एक बिल बनाएं। मुख्यमंत्री यादव ने यह बात समन्वय भवन में मीडिया से बात करते हुए कही। EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उन्होंने यह भी कहा कि सरकार EWS के लिए 10% आरक्षण लागू कर रही है। साथ ही, कोर्ट के कारण जिन छात्रों को नियुक्ति नहीं मिल पाई, उन्हें अब नियुक्ति मिलेगी। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले भी सुलझा लिए हैं। PM मोदी की पहल के बाद जाति-आधारित जनगणना भी शुरू हो गई है। मूंग की MSP को लेकर शिवराज सिंह को भी लिखा है पत्र मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग का कम से कम 40% उत्पादन MSP पर खरीदने का लक्ष्य रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग का MSP 8,682 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस साल मूंग की खेती का रकबा भी बढ़ा है। राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा चंबल ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह जल्द ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील की, क्योंकि यहां तेजी से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर आने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर में 265.56 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बनाया जा रहा है।

मंदिरों के बाहर लगे ड्रेस कोड वाले पोस्टर, मिनी स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहनने पर आपत्ति

जबलपुर जिले में एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पोस्टर मंदिरों के बाहर लगाया गया जिस पर लिखा है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहन कर अंदर प्रवेश करें। बताया जा रहा है कि यह पोस्टर हिन्दूवादी संगठन ने शहर के कई मंदिरों के बाहर लगाया है। पोस्टर में कहा गया है कि मिनी स्कर्ट,जींस-टॉप तथा वेस्टर्न कपडे पहनकर आने पर बाहर से दर्शन करें। दरअसल, जबलपुर शहर में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल ने मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाया है और उसमें लिखा है, "निवेदन है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही वस्त्र पहनकर प्रवेश करें। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमुंडा, मिनी स्कर्ट, नाईट-शूट, कटी फटी जींस और क्राप टॉप आदि वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने पर मंदिर के बाहर से ही दर्शन करें। बालिकाएं और महिलाएं मंदिर परिसर में सिर ढक कर प्रवेश करें। पोस्टर पर आगे लिखा है कि इसे अन्यथा न लें और भारतीय संस्कृति आपको ही बचानी है। पोस्टर में निवेदक के रूप में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल लिखा हुआ है। शहर भर के 40 मंदिरों में लगेंगे पोस्टर इस पोस्टर को लेकर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिला मीडिया प्रभारी अंकित मिश्रा ने बताया कि ऐसे पोस्टर शहर के लगभग 30 से 40 मंदिरों में लगाए गए हैं। इन पोस्टरों को शहर के अन्य मंदिर में भी लगाया जायेगा। महिलाएं ही धर्म के कार्य में सबसे आगे आती हैं। भारतीय संस्कृति को बचाना उनके हाथों में है। मेरा उनसे निवेदन है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप कपड़े पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश करें। पोस्टर को लेकर वकील ने क्या कहा? वहीं दूसरी ओर पोस्टर के संबंध में अधिवक्ता अंजना कुरलिया का कहना है कि महिला को कैसे कपड़े पहनना है, यह उनका विवेकाधिकार है। महिलाओं के लिए कई प्रकार के कपड़े हैं। प्राचीन भारतीय संस्कृति में बिना सिलाई वाले कपड़े नहीं थे। सिलाई वाले कपड़े ईरान से आये हैं, जिसे पहना जा रहा है। जींस-टीशर्ट सहित वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने वाली महिला व युवती मंदिर आकर ऐसे पोस्टर देखेगी तो उन्हें आघात होगा।

उज्जैन में आस्था का सैलाब: दो वर्षों में 12 करोड़ श्रद्धालु और 1 अरब से अधिक का चढ़ावा

उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी संख्या में वृद्धि हुई है। बीते दो साल में 12.32 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। इससे महाकाल मंदिर में मिलने वाला दान बीते दो वर्ष में एक अरब रुपये को पार कर गया। महाकाल मंदिर में किसी समय 15-20 करोड़ रुपये सालाना दान आता था।   दान राशि में अचानक वृद्धि महाकाल लोक बनने के बाद दान राशि में अचानक वृद्धि हो गई। वर्ष 2023-24 में दान 59.91 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 51.22 करोड़ रुपये रहा। यानि दोनों वर्ष का मिलाकर यह आंकड़ा एक अरब को पार कर गया। यह राशि सिर्फ भेंट पेटियों में डाले गए दान की है। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा मंदिर में अन्य कमाई भी मिला दो तो आंकड़ा कहीं अधिक है। इसके साथ ही उज्जैन में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या भी बीते दो वर्ष में मिलाकर 12.32 करोड़ रही। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा। आने वाले श्रावण मास में श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि का अनुमान है।

उज्जैन में विराजमान अष्ट भैरव को पूर्णिमा पर लगेगा छप्पन भोग, होगी दिव्य महाआरती

उज्जैन आषाढ़ी पूर्णिमा पर 10 जुलाई को भगवान कालभैरव को छप्पन पकवानों का भोग लगाया जाएगा। शहर के अन्य भैरव मंदिरों में भी सुबह अभिषेक पूजन, दिन में हवन अनुष्ठान तथा शाम को महाआरती के आयोजन होंगे। कुल परंपरा अनुसार घरों में भी कुलभैरव का पूजन किया जाएगा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा महाभैरव की पूजा का भी दिन है। मालवा की लोकपरंपरा अनुसार इस दिन घरों में कुल भैरव का पूजन किया जाता है।   भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का लगेगा तांता धर्मधानी उज्जैन में अष्ट महाभैरव की मान्यता है। इसलिए यह आदि अनादिकाल से भैरव साधना का केंद्र भी रही है। आज भी कालभैरव, विक्रांत भैरव आदि यहां तंत्र के अधिष्ठात्र देवता के रूप में पूजे जाते हैं। भैरव पूर्णिमा पर अष्ट महा भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगेगा। कालभैरव मंदिर के पं.ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया आषाढ़ी पूर्णिमा पर सुबह कालभैरव का भैरव सहस्त्रनामावली से महा अभिषेक होगा।   इसके बाद विशेष शृंगार किया जाएगा। सुबह शाम मदिरा का विशेष भोग लगेगा। शाम को महाआरती होगी। भक्तों को दिनभर महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार सिंहपुरी स्थित आताल पाताल भैरव, भागसीपुरा स्थित आनंद भैरव, छप्पन भैरव, कालिदास उद्यान स्थित दंडपाणि भैरव, चक्रतीर्थ स्थित बम बटुक भैरव मंदिर में भी अभिषेक, पूजन, शृंगार, महाप्रसादी व महाआरती होगी। सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाएं गुरुपूर्णिमा पंचांगकर्ता, ज्योतिर्विद पं.आनंद शंकर व्यास ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव को पत्र लिखकर गुरुपूर्णिमा को सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए पं.व्यास ने लिखा है कि पांच हजार साल पहले आपके गृह नगर उज्जैन में मुनि सांदीपनि के आश्रम में प्रथम गुरुकुल की स्थापना हुई थी। भगवान बलराम, श्रीकृष्ण मुनि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण करने आए और उसी दिन से गुरु शिष्य परंपरा की शुरुआत हुई। गुरुपूर्णिमा इसी परंपरा का उत्सव रूप है। इसलिए मध्य प्रदेश के स्कूल, कॉलेज में यह उत्सव सांदीपनि महोत्सव के नाम से मनाया जाना चाहिए।

आज मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में लुधियाना में रोड शो का आयोजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बेंगलुरु और सूरत के सफल रोड शोज़ के बाद अब मध्यप्रदेश के निवेश संवादों की तीसरी कड़ी के रूप में आज लुधियाना में रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शुमार लुधियाना में यह आयोजन टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश साझेदारी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लुधियाना में यह रोड शो मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, नीतिगत स्थिरता और निवेश-अनुकूल वातावरण को देश के अग्रणी उद्योग समूहों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे और उद्योगजगत की हस्तियों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे इंडस्ट्री विजिट्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। ये यात्रा उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली की समझ को गहरा करने के साथ-साथ इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा का अवसर भी प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में व्यवहारिक सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे। वन टू वन मीटिंग्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावहारिक और परिणाममूलक संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। इंटरएक्टिव सेशन– इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एक विशेष सत्र में लुधियाना के उद्योगपतियों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे। यह इंटरएक्टिव सेशन संभावित निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की गहराई से समझ का अवसर होगा। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। यह संवाद औपचारिकता से परे जाकर सहयोग, विस्तार और विश्वास की भावना को आगे बढ़ाने का मंच होगा, जिसमें कंपनी के नेतृत्व के साथ संभावित औद्योगिक निवेश और साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी।कुल जमा यह रोड शो सिर्फ एक निवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बदलती औद्योगिक सोच, सक्षम नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की प्रभावशाली प्रस्तुति है। लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र से संवाद और सहयोग स्थापित कर प्रदेश व्यवहारिक समन्वय और साझे विकास की दिशा में नए कदम रख रहा है।  

21 वर्षीय युवती कालेज की छात्रा से दोस्त ने किया दुष्कर्म, दूसरा कर रहा था ब्लैकमेल

भोपाल बैरसिया थाना पुलिस के कॉलेज की एक छात्रा की शिकायत पर उसके दोस्त के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। प्रेम संबंधों का पता चलने पर एक युवक छात्रा को ब्लैकमेल भी कर रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। Bhopal के बैरसिया थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन ने बताया कि क्षेत्र के गांव में रहने वाली 21 वर्षीय युवती कालेज की छात्रा है।   सितंबर 2024 में दुष्कर्म, फिर ज्यादती छात्रा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज शिकायत में छात्रा ने बताया कि गांव के मनोज रैकवार से उसका परिचय हुआ था। उनके बीच फोन पर भी बातचीत होने लगी। शादी करने का भरोसा देते हुए मनोज ने सितंबर 2024 में उसके साथ दुष्कर्म कर दिया था। बाद में भी वह उसके साथ ज्यादती करने लगा। वीडियो वायरल करने की धमकी शादी करने का दबाव बनाने पर मनोज शादी करने की बात से मुकर गया। उधर, छात्रा के मनोज के साथ प्रेम संबंध का पता चलने पर संजय जाटव नाम का युवक भी उसे ब्लैकमेल करने लगा। वह दोस्ती नहीं करने पर उसका वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा था। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

यात्रियों की परेशानी देख शिवराज का अनुरोध, ट्रेन में जनरल डिब्बे बढ़ाने की मांग

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ट्रेन में बैठकर भोपाल से गंजबासौदा जा रहे थे। रविवार को उन्होंने पंजाब मेल एक्सप्रेस के जनरल बोगी में यात्रा करने की कोशिश की, लेकिन उस बोगी में जगह नहीं मिली। उन्होंने जनरल बोगी के यात्रियों से बात की और उनकी परेशानियां जानी। शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर जनप्रतिनिधि को आम होना चाहिए। उन्होंने खुद को आम आदमी बताया और कहा कि जनता के बीच जाकर ही उनकी तकलीफों का पता चलता है। उन्होंने जनरल बोगी को बढ़ाने की बात भी कही। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनरल बोगी में यात्रियों से बात करके उनकी मुश्किलों का पता चला। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में शिवराज यात्रियों से बातचीत करते हुए दिख रहे हैं। शिवराज ने कहा कि जनता के हर प्रतिनिधि को जनरल ही होना चाहिए। हम खास नहीं हैं हम आम हैं। जनरल बोगी में बैठने के लिए नहीं थी जगह शिवराज ने कहा कि हम खास नहीं, आम हैं। उनका मानना है कि आम लोगों के बीच जाकर ही उनकी कठिनाइयों और तकलीफों का अहसास होता है। उन्होंने जनरल बोगी में जगह की कमी के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं जनरल कोच में बैठना चाहता था, लेकिन वहां जगह ही नहीं थी। खचाखच भरा हुआ था। कुछ लोग खड़े भी हैं। इससे उस तकलीफ का भी अहसास होता है। शिवराज ने जनरल डिब्बों को बढ़ाने की बात कही केंद्रीय मंत्री ने इस समस्या को देखते हुए ट्रेनों में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा, "इसको देखकर मुझे लगता है कि ट्रेन में जनरल डिब्बों की और जरूरत है।" शिवराज का मानना है कि आम जनता के बीच जाकर ही उनकी समस्याओं का पता चलता है। इसलिए, उन्होंने ट्रेन में सफर कर रहे लोगों से मिलने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मैं सभी भाई-बहनों के बीच जाऊं, जो ट्रेन से सफर कर रहे हैं। यह उनको समझने का और समझ कर उनकी सेवा करने का एक प्रयास है। 1 जुलाई से बढ़ गया है ट्रेनों का किराया दूसरी तरफ रेलवे ने 1 जुलाई से ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में की गई है। मीडिया के अनुसार रेलवे ने नान एसी क्लास का किराया 1 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ाया है। वहीं, सभी एसी क्लास का किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले ही किराया बढ़ाने के संकेत दे दिए थे। 24 जून को किराया संशोधन का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद ट्रेनों और श्रेणियों के अनुसार किराया तालिका जारी की गई।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिये ऑनलाइन आवेदन एवं नामांकन की प्रक्रिया शुरू

13 जुलाई तक किये जा सकेंगे नामांकन एवं आवेदन भोपाल  प्रदेश में केन्द्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग मंत्रालय नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिये आवेदन और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला कलेक्टर्स एवं जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। आवेदन एवं नामांकन वेब पोर्टल http://nationalawardstoteachers.education.gov.in पर 13 जुलाई तक स्वीकार किये जायेंगे। प्रदेश में जिन शिक्षकों द्वारा 13 जुलाई तक नामांकन कर दिया जायेगा उनके अभिलेख, ऑडियो, वीडियो 15 जुलाई तक पोर्टल पर अपलोड किये जा सकेंगे। जिला स्तरीय चयन समिति शिक्षक द्वारा किये गये नामांकन की प्रथम स्तर पर स्कूटनी के लिये जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। समिति में राज्य शासन का प्रतिनिधित्व जिले के डाइट प्राचार्य और कलेक्टर द्वारा नामांकित प्रतिष्ठित शिक्षाविद् सदस्य के रूप में करेंगे। राज्य स्तरीय चयन समिति राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार एवं सम्मान के लिये राज्य स्तर पर भी समिति होगी। सचिव स्कूल शिक्षा विभाग अध्यक्ष होंगे। समिति के अन्य सदस्यों में केन्द्र सरकार के नामांकित प्रतिनिधि, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के साथ आयुक्त लोक शिक्षण सदस्य सचिव के रूप में शामिल होंगे। राज्य चयन समिति द्वारा विशेष श्रेणी सहित अधिकतम 6 अनुशंसाएं केन्द्र सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर अग्रेषित की जा सकेंगी। समय सारणी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की ऑनलाइन प्रक्रिया के निष्पादन की समय सारणी निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के ऑनलाइन आवेदन एवं नामांकन 13 जुलाई 2025 तक स्वीकार किये जायेंगे। शिक्षक द्वारा अंतिम रूप से नामांकन पूर्ण करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तय की गई है। जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा राज्य चयन समिति के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर 3 अनुशंसाओं को 16 जुलाई से 25 जुलाई तक भेजा जा सकेगा। राज्य चयन समिति द्वारा नेशनल ज्यूरी को शॅार्ट-लिस्टेड 6 अनुशंसाएं केन्द्र सरकार को ऑनलाइन 26 जुलाई से 4 अगस्त तक भेजी जा सकेंगी। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के बेव पोर्टल से प्राप्त किये जा सकते हैं।