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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण

मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से पार्लियामेंट हाउस में मुलाकात भोपाल 19 अगस्त- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पार्लियामेंट हाउस दिल्ली में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हाल ही में होने वाले किसान सम्मेलन और भोपाल मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ करने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण चल रहा है। इस दिशा में स्वदेशी का अभियान भी पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि स्वदेशी अभियान के तहत गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाए जाए। इसके लिए हम सबको अधिक काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले सवा साल से औद्योगीकरण का प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके फलस्वरुप 30 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए जा चुके हैं। इसमें 21 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी क्रम से राज्य सरकार काम करती रहेगी और निरंतर विकास की राह पर अग्रसर होती रहेगी।

दिल्‍ली-NCR को मोदी ने दिया ₹11000 करोड़ का तोहफाघंटों का सफर होगा मिनटों में पूरा

दिल्ली 18 अगस्त – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 17 अगस्‍त को दिल्‍ली में अमूमन 11000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का उद्घाटन किया. इससे लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्‍या से राहत मिलेगी NCR में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 11,000 करोड़ रुपए की संयुक्त लागत वाली दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं का उद्घाटन किया. दिल्ली के रोहिणी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से मैंने देश के विकास और आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास पर विश्वास से बात की. आज का भारत क्या सोच रहा है, उसके सपने और संकल्प क्या हैं, यह सब कुछ आज पूरी दुनिया अनुभव कर रही है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया जब भारत को देखती और परखती है, तब उसकी पहली नजर हमारी राजधानी पर पड़ती है. इसलिए दिल्ली को विकास की नई उचाईयो पर ले जाना है और विकास का ऐसा मॉडल बनाना है, जहां यह सबको महसूस हो कि यह विकसित होते भारत की राजधानी है.द्वारका एक्सप्रेसवे का 10.1 किलोमीटर लंबा दिल्ली खंड लगभग 5,360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है. यह खंड यशोभूमि, डीएमआरसी ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन तक होगा, आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से जोड़ेगा. अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) के अलीपुर से दिचांव कलां खंड के साथ-साथ बहादुरगढ़ और सोनीपत के लिए नए संपर्क मार्गों की लागत लगभग 5,580 करोड़ रुपए है. इससे दिल्ली के अंदर और आउटर रिंग रोड तथा मुकरबा चौक, धौला कुआं और एनएच-09 जैसे व्यस्त स्थानों पर यातायात सुगम हो जाएगा.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 अगस्त को मंडला में बलराम जयंती समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आरडी कॉलेज मंडला में आयोजित कृष्ण भ्राता, कृषि देवता भगवान बलराम जयंती समारोह में शामिल हुए जहा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्रदेश के करीब 83 लाख किसानों के खातों में 1671 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई । इसमें मंडला जिले के 01 लाख 39 हजार 197 किसानों को 28.11 करोड़ रूपए की राशि अंतरित । इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव 226.12 करोड़ रूपए की लागत के कुल 24 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण । इसमें 202.25 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन एवं 23.87 करोड़ रूपए के 15 कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम भीमडोंगरी विकासखंड मवई में 172 लाख रूपए की लागत के पुलिस जनमित्र सहयोग केन्द्र स्थापना कार्य, 387.71 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खजरी में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 386.49 लाख रूपए की लागत के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहमदपुर में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 123.20 लाख रूपए की लागत के शासकीय हायरसेकेंडरी स्कूल दाढ़ीभानपुर में 3 लैब एवं 4 अतिरिक्त कक्षों का भवन निर्माण 641.74 लाख रूपए की लागत के लावाधार जलाशय का नहर सहित निर्माण 42.23 लाख रूपए की लागत के माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य बसनी, 27.04 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत ग्वारा में मुक्तिधाम में बाउंड्रीवॉल एवं समतलीकरण कार्य, 33.08 लाख रूपए की लागत के ग्राम पंचायत किन्द्री सड़क एवं पुलिया निर्माण, 49.27 लाख रूपए की लागत के चुटका से चुटका टोला (कुंडा) मार्ग निर्माण, 199.78 लाख रूपए की लागत के तिलगांव से चंदेहरा बैगाटोला मार्ग निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र लावर का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र बुदरा का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र सलैया का भवन निर्माण, 65 लाख रूपए की लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र भालीवाड़ा का भवन निर्माण कार्य एवं 65 लाख रूपए की लागत के उपस्वास्थ्य केन्द्र जामगांव का भवन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किये गए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत बना शक्तिशाली राष्ट्र, अब सहन नहीं होगा अन्याय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। अब अन्याय सहन नहीं किया जाएगा। हमारी जांबाज सेना ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देकर भारत की शक्ति का परिचय कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार इंदौर में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान की विशाल यात्रा में शामिल हुए। पूरा शहर राष्ट्र की आन-बान-शान तिरंगे के रंग में रंग गया। देशभक्ति के जोश और जुनून का अद्भूत वातावरण देखने को मिला। शहर देशभक्ति गीतों और वंदे् मातरम तथा भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया, जिसमें हजारों नागरिक सहभागी बने। समाज के हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म के लोग जोश और जुनून के साथ शामिल हुए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायकगण श्री रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, मधु वर्मा, पूर्व विधायक जीतू जिराती तथा सुदर्शन गुप्ता, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां के नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा लोकतंत्र के प्रहरियों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे तिरंगे की आन, बान और शान पहले से कहीं अधिक बुलंद हुई है। यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि 15 अगस्त को हमारा देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनायेगा। इस अवसर को अविस्मरणीय बनाने के लिए “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय पर्व को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाने के लिए सभी जिलों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों को मूर्त रूप देने के लिए जन-जन तक स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए इंदौर नगर निगम के स्मार्ट इंदौर हेल्पलाइन (वाट्सएप चेटबॉट सेवा) का शुभारंभ भी किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की स्वच्छता यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार 8 वर्षों से देश में स्वच्छता में अव्वल है। इंदौर अब डिजिटल तकनीकी का उपयोग कर स्वच्छता के कार्यों तथा जनसमस्याओं के निराकरण को त्वरित और अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्होंने आज से प्रारंभ हुई स्मार्ट इंदौर हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को श्री सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। तिरंगे से सजे रथ में सवार हुए मुख्यमंत्री-नागरिकों का किया अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा में तिरंगे से सजे विशेष रथ पर सवार हुए। उन्होंने यात्रा मार्ग में नागरिकों का अभिवादन किया। जगह-जगह नागरिकों ने मुख्यमंत्री का उत्साह और उमंग से भव्य स्वागत किया। यात्रा ऐतिहासिक राजवाड़ा से शुरू होकर कृष्णपुरा छत्री, जेल रोड, जिला न्यायालय के सामने से होते हुए ऐतिहासिक गांधी हाल में सम्पन्न हुयी। सैंकड़ों मंचों से हुआ स्वागत यात्रा के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों और दुकानों को तिरंगे से सजाया। यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। विभिन्न समाज, व्यापारी वर्ग, खेल संगठनों, औद्योगिक संगठनों आदि द्वारा मंचों के माध्यम से यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा में युवा, छात्र-छात्राएं, एनसीसी के विद्यार्थी, यूथ क्लब, खिलाड़ी विशेष रूप से सम्मिलित हुए। यात्रा में विशेष रूप से विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई दिये। संत समाज, धर्माचार्य, महिलाएं भगवा साड़ी में सम्मिलित हुई। यात्रा में स्वच्छता कर्मी भी विशेष रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता कर्मियों और लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के स्वच्छता में देश में लगातार आठवीं बार अव्वल रहने पर स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता दीदियों और अन्य बहनों से राखी भी बंधवायी। यह राखी जीरो वेस्ट थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया। ब्रास बैंड और संगीत मंडली के देशभक्ति के तरानों से गूंजा शहर तिरंगा यात्रा में देश भक्ति के तराने प्रस्तुत करते हुए ब्रास बैंड शामिल हुए। वहीं अनुसूचित जनजाति समाज की नृत्य मंडली ने भी देश भक्ति गीतों पर पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में सिख समाज के अनुयायी भगवा पगड़ी में शामिल हुए। महाराष्ट्रियन समाज के लोगों विशेषकर महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्रों के साथ नासिक ढोल पर प्रस्तुति दी। यात्रा में महापुरुषों की वेशभूषा में सजे युवा भी आकर्षण का केन्द्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

देश के लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करती रही है कांग्रेस-विश्वास सारंग

भोपाल, 13/08/2025। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी का शासन रहा और वह शुरू से देश के लोकतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करती रही है। वोट चोरी जैसे शब्द का प्रयोग करके राहुल गांधी देश के लोकतंत्र को अपमानित करने का काम कर रहे हैं, जो बिहार चुनाव में अपनी सुनिश्चित हार से जनता का ध्यान बंटाने तथा अपनी फेस सेविंग की कोशिश मात्र है।लोकतंत्र को बदनाम और उसका दुरुपयोग करती रही है कांग्रेसमध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आजादी के बाद देश की जनता ने कांग्रेस को शासन करने का अधिकार दिया, लेकिन 1952 और उसके बाद जब-जब भी नेहरू परिवार और कांग्रेस की सरकारें देश में रही हैं, उन्होंने लोकतंत्र को बदनाम किया तथा उसका दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि 1952 में जब बाबा साहब अंबेडकर जी चुनाव लड़े थे, पं. नेहरू ने स्वयं उन्हें चुनाव हराने के लिए षडयंत्र रचा था। उनके चुनाव में 74433 वोटों को खारिज कराया गया था, जबकि अंबेडकर जी सिर्फ 14561 वोटों से चुनाव हारे थे। उसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। 1952 के बाद 1957, आपातकाल और आपातकाल के बाद भी कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र के दुरुपयोग का प्रयास किया। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 90 से अधिक चुनाव हार चुकी है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की स्थिति पूरे देश में बदतर होती जा रही है और वह अपनी हार का ठीकरा कभी ईवीएम पर, तो कभी चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं। अब यह सुनिश्चित हो गया कि बिहार के चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगी बुरी तरह हारेंगे, तो मतदाता सूची पर प्रश्न चिन्ह लगाकर अपनी फेस सेविंग का काम कर रहे हैं।अपने गिरेबान में झांकें कांग्रेस और राहुल गांधीमध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मैं राहुल गांधी से यह कहना चाहता हूं कि सिर्फ गांधी सरनेम लगाने से काम नहीं चलेगा, उसके साथ नीयत भी नेक होना चाहिए। उन्हें यह विचार करना चाहिए कि देश के जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनी हैं, अगर निर्वाचन प्रक्रिया में कोई खराबी रही होती, तो क्या ये सरकारें बन पातीं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता जो आरोप लगा रहे हैं, उसका खंडन तो स्वयं कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के सहकारिता मंत्री राजन्ना ने कर दिया है। राहुल गांधी जिस वोट चोरी की बात करते हैं, उसका आरोप मंत्री राजन्ना ने अपनी ही सरकार पर लगाया है। मंत्री राजन्ना ने जब यह कहा कि हमारी सरकार ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की थी, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। उन्हें सफाई देने का मौका तक नहीं दिया गया। इससे पता चलता है कि कांग्रेस का आंतिरक लोकतंत्र कितना बदहाल है।राहुल गांधी और कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की सुपारी ली हैमध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुझे लगता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता केवल और केवल देश को बदनाम करने की सुपारी लेकर और अर्बन नक्सलियों की तरह राजनीति कर रहे है। जिस तरह नक्सली बिना किसी जानकारी या तथ्य के व्यवस्था के खिलाफ असंतोष पैदा करने की कोशिश करते हैं, वही काम कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कर रहे हैं। राहुल गांधी की झूठ, फरेब की राजनीति इन्हीं प्रयासों की कड़ी है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और न्यायालय के सामने जाकर कभी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है, केवल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाए जाते हैं। चुनाव आयोग ने कई बार कहा कि अगर आपको कोई आपत्ति है, तो आयोग में आकर बात कीजिए, लेकिन कांग्रेस के ये नेता जिनमें मध्यप्रदेश के भी कुछ नेता शामिल हैं, आयोग के पास नहीं गए। श्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के नेता संभवतः इस कहावत पर राजनीति कर रहे हैं कि ‘‘सौ बार झूठ बोलेंगे, तो वह सच हो जाएगा’’, लेकिन ऐसा होता नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है और उन्हें लगता है कि अगर नेहरू परिवार के नेतृत्व को बचाना है, तो झूठ-फरेब की राजनीति को आगे बढ़ाना होगा।जब-जब देश का सम्मान बढ़ा, तब-तब अपमान करती रही कांग्रेसमध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जब-जब दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ता है, तब-तब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश की व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिह्न लगाकर देश को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। जब हमारी सेनाओं ने आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की, तो राहुल गांधी उस पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं। जब एयर स्ट्राइक होती है, तो राहुल गांधी पाकिस्तान और चीन की भाषा बोलते हैं। अभी जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तब भी कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता देश के सम्मान को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। 15 अगस्त आ रहा है और पूरे देश का वातावरण तिरंगामय हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि तिरंगे के मान और सम्मान के लिए देश का हर व्यक्ति खड़ा है, ऐसे में देश के संविधान तथा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर कांग्रेस और विपक्ष के नेता देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी नकारातमक विचाराधारा और कार्यपद्धति के कारण कांग्रेस लगातार नीचे जा रही है।भाजपा और श्री नरेन्द्र मोदी में ही अपना भविष्य देख रहा देशमध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से हताश और निराश है। जनता में उसकी साख पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। देश की जनता ने यह मान लिया है कि उसका भविष्य भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ ही है। ऐसे में कांग्रेस को ‘नाच न आवे आंगन टेढ़ा’ की कहावत पर न चलते हुए अपनी नीति, नीयत और नेता को ठीक करना चाहिए। जब तक नीति ठीक नहीं होगी, नीयत साफ नहीं होगी और नेतृत्व सक्षम नहीं होगा, वह जनता के बीच अपनी पैठ नहीं बना सकती। केवल दूसरों को गाली देना कांग्रेस की मानसिकता बन गयी है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी से निवेदन करता हूं कि देश में झूठ, फरेब और भ्रम की राजनीति बंद करे

ममता बनर्जी का तीखा संदेश: बंगाली भाषा के लिए लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को झारग्राम में एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व किया और राज्य के बाहर बांग्ला भाषी प्रवासियों पर कथित हमलों की निंदा की। बांग्ला भाषा और पहचान को ‘कभी दबाया नहीं जा सकता’ के संदेश के साथ निकाली गई रैली का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी ने किया। उन्होंने कहा कि भले ही आप मुझे गिरफ्तार करने या मुझे गोली मारने आएं, मैं बंगाली भाषा के अपमान के खिलाफ विरोध करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि अगर आप बांग्ला भाषा और बंगाल के लोगों पर हमला करेंगे, तो मैं भाजपा को दुनिया के सामने बेनकाब कर दूंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारग्राम रैली में दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को पिछले दरवाजे से लाने के लिए की जा रही है। असम सरकार को पश्चिम बंगाल के लोगों को एनआरसी नोटिस भेजने का क्या अधिकार है। भाजपा नेता लोगों से उनकी पहचान साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास खुद के दस्तावेज हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर एक भी मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में लगभग तीन किलोमीटर की पदयात्रा की, जिसमें तृणमूल नेता, सांस्कृतिक हस्तियां और नागरिक शामिल हुए। उनके हाथों में तख्तियां थी जिनपर बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बंगाल, मेरी मां, जैसे नारे लिखे थे। यह विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों में बांग्ला भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न के मद्देनजर आयोजित किया गया। वहीं, ममता बनर्जी ने मतदाता सूची तैयार करने में कथित चूक को लेकर राज्य सरकार के चार अधिकारियों और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने पर बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस कदम की वैधता पर सवाल उठाया और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, "अधिकारियों को कल निलंबन नोटिस दिया गया था। क्या अभी तक चुनावों की घोषणा भी हुई है? कौन सा कानून उन्हें इस समय निलंबित करने की अनुमति देता है? आप सभी की सुरक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है। हम ऐसा करेंगे। हम उन्हें निलंबित नहीं करेंगे।" तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने चुनाव आयोग पर सरकारी अधिकारियों को धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका प्रशासन अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा।  

हथियार लाइसेंस के जरिए बढ़ेगी सुरक्षा, असमिया मूल के नागरिकों को मिलेगा लाभ

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी मुखर राय और सख्त फैसलों के लिए चर्चित रहे हैं। अब उन्होंने ऐसा ही एक फैसला और लिया है, जिसकी देश भर में चर्चा हो रही है। इसके तहत असम के मूल निवासियों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मूल असमिया लोगों को सुरक्षा के लिए प्रैक्टिकल तरीके अपनाने होंगे। असम सरकार ‘संवेदनशील क्षेत्रों’ में रहने वाले मूलनिवासी लोगों को शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने की सुविधा देने के उद्देश्य से एक पोर्टल लॉन्च करने वाली है। यह जानकारी मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई स्तरों पर जांच और सत्यापन के बाद ही लाइसेंस दिया जाएगा। सरमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एक समर्पित पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ऐसे मूलनिवासी लोग शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे, जो अपने जीवन को खतरा महसूस करते हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में रहते हैं।’ मुख्यमंत्री के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो असम के ‘मूल निवासी या भारतीय नागरिक’ हैं और जो अपने निवास क्षेत्र की संवेदनशीलता के कारण ‘अपने जीवन और सुरक्षा को लेकर वास्तविक खतरा महसूस करते हैं’, वे आवेदन के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ऐसे लोग जो जिला प्रशासन द्वारा अधिसूचित या अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों के आंकलन के अनुसार ‘अत्यधिक संवेदनशील या दूरदराज क्षेत्रों’ में निवास करते हैं, वे भी शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी गहन आकलन, सत्यापन, वैधानिक अनुपालन, गैर-हस्तांतरणीय शर्तें, समय-समय पर समीक्षा, निगरानी और रिपोर्टिंग आदि शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने 28 मई को निर्णय लिया था कि ‘संवेदनशील और दूरदराज’ क्षेत्रों में रहने वाले मूलनिवासी लोगों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे ताकि उनमें सुरक्षा की भावना उत्पन्न की जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया था कि कुछ ऐसे संवेदनशील क्षेत्र धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव, दक्षिण सालमारा-मनकाचर, रुपाही, धिंग और जानिया हैं। इन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत अधिक है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि असम आंदोलन (1979 से 1985) के समय से ही इन क्षेत्रों में रहने वाले मूलनिवासी लोग अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा था ‘असमिया लोग अब केवल आंदोलन से नहीं, बल्कि व्यावहारिक कदम उठाकर ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।’  

कांग्रेस-टीएमसी के रवैये से विपक्ष में दरार, संसद चलाने की अपील भी न आई काम

नई दिल्ली. बिहार के SIR को लेकर संसद में हंगामा थमने के आसार नहीं हैं। अब एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी गठबंधन INDIA के बड़े दलों ने छोटी पार्टियों की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें संसद चलने का तरीका खोजने की बात कही गई थी। हालांकि, किसी भी पार्टी ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। विपक्षी गठबंधन SIR पर चर्चा की मांग कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, INDIA गठबंधन के कुछ सदस्यों ने बड़े दलों से संसद चलने का तरीका खोजने की अपील की, लेकिन इस बात को खारिज कर दिया गया। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि मंगलवार सुबह INDIA गठबंधन की बैठक में CPM के जॉन ब्रिटास, RSDP के एनके प्रेमचंद और IUML के ईटी मोहम्मद बशीर ने सुझाव दिया कि संसद सत्र खाली नहीं जाना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, इन सांसदों की याचिका को कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल जैसे बड़ी पार्टियों की तरफ से खारिज कर दिया गया। बड़े दलों का मानना है कि मतदाता सूची समीक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा से सरकार को बचने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। खबरें ये भी हैं कि विपक्ष ने आने वाले दिनों में ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। 11 अगस्त को विपक्ष का मार्च पहले विपक्षी दलों ने 8 अगस्त को चुनाव आयोग तक मार्च का फैसला किया था, लेकिन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण इसे बढ़ाकर 11 अगस्त कर दिया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से दिए गए रात्रि भोज का कार्यक्रम 7 अगस्त को होने वाला है। इसके अलावा सोरेन के निधन के चलते कांग्रेस द्वारा मंगलवार को बेंगलुरु में किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन अब आठ अगस्त को होगा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राहुल करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई थी। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है।

BJP की राह पर प्रियंका चतुर्वेदी? पीएम मोदी से मीटिंग के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बीते दिन सोमवार (04 अगस्त, 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें उन्होंने आज मंगलवार (05 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर कीं। इसके बाद से लोग इस पर रिएक्शन देने लगे हैं और कहने लगे हैं कि वो जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। उन्होंने तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, "कल मैंने संसद में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मैं उनके बहुमूल्य समय और भारत के आकर्षक सांस्कृतिक इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर उनकी अंतर्दृष्टि के लिए धन्यवाद करती हूं।" पीएम मोदी से मुलाकात की इन तस्वीरों को पोस्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे हैं कि वो जल्द ही बीजेपी में शामिल होगीं। हालांकि प्रियंका चतुर्वेदी ने जिस तरह का रिएक्शन दिया है, उससे लगता नहीं है कि ऐसा कुछ होने वाला है। प्रियंका चतुर्वेदी ने दिया ये इशारा राज्यसभा सांसद ने इसको लेकर कोई टिप्पणी तो नहीं की लेकिन एक पोस्ट को रीपोस्ट करके कुछ इशारा जरूर किया। दरअसल अमित शांडिल्य नाम के एक यूजर ने लिखा, "सिर्फ एक साथी सांसद के रूप में मिलना ही कुछ लोगों को चुभ गया है। यही लोग दूसरों को असहिष्णु कहते हैं।" इस लिखी हुई टिप्पणी को प्रियंका चतुर्वेदी ने रीपोस्ट किया है। कौन हैं प्रियंका चतुर्वेदी? शिवसेना (यूबीटी) में शामिल होने से पहले वो कांग्रेस में हुआ करती थीं। उनकी पहचान एक तेज तर्रार प्रवक्ता के रूप में है, जो टीवी डिबेट में शामिल होती हैं। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हाल ही में सरकार ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजा था, जिसका वो हिस्सा थीं। उन्होंने 2019 में कांग्रेस को छोड़ शिवसेना (यूबीटी) का दामन थामा था। इसके बाद वो 2020 में राज्यसभा सांसद बनीं और अगले साल उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।

SC नहीं बताएगा देशभक्त कौन है, सवाल पूछना देशद्रोह नहीं: प्रियंका गांधी का बयान

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता विपक्ष का बचाव करते हुए दो टूक कहा है कि कौन सच्चा भारतीय है? यह सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना राहुल गांधी की ड्यूटी है क्योंकि वह लोकसभा में नेता विपक्ष हैं। प्रियंका गांधी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें अदालत ने कहा था कि कोई भी सच्चा भारतीय ऐसी बातें नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “माननीय न्यायाधीशों के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए मैं ये कहना चाहती हूं कि वो यह तय नहीं कर सकते कि सच्चा भारतीय कौन है? सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है। मेरा भाई कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोलेगा, वह उनके प्रति उच्च सम्मान रखता है। इसका गलत मतलब निकाला गया है।” क्या थी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी? बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भारतीय सेना के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा था, ‘‘अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले में लखनऊ की एक अदालत में गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘‘आप विपक्ष के नेता हैं। आप संसद में बातें क्यों नहीं कहते हैं, आप सोशल मीडिया पर क्यों कहते हैं?’’ पीठ ने पूछा था, ‘‘आपको कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन चीनियों ने कब्जा कर ली है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय जानकारी है?’’ पीठ ने पूछा, ‘‘बिना किसी सबूत के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी। उन्होंने दलील देते हुए कहा, ‘‘अगर वह प्रेस में छपी ये बातें नहीं कह सकते, तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते।’’ पीठ की ‘‘सच्चे भारतीय’’ टिप्पणी पर सिंघवी ने कहा, ‘‘यह भी संभव है कि एक सच्चा भारतीय कहे कि हमारे 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और मार डाला गया। यह भी चिंता का विषय है।’’ इस पर शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘जब सीमा पार संघर्ष होता है, तो क्या दोनों पक्षों में हताहत होना असामान्य बात है?’’ सिंघवी ने कहा कि गांधी केवल उचित खुलासे और सूचना के दमन पर चिंता जताने की बात कर रहे थे। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि विपक्ष के एक जिम्मेदार नेता होने के नाते गांधी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था क्योंकि ऐसे सवाल उठाने के लिए एक उचित मंच मौजूद है। सिंघवी ने इस बात से सहमति जताई कि गांधी इस मामले में बेहतर तरीके से टिप्पणी कर सकते थे। उन्होंने कहा कि यह शिकायत याचिकाकर्ता को परेशान करने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।