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पोकरण में मूसलाधार बारिश, घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

जैसलमेर जिले के पोकरण में कल दोपहर के समय आसमान में अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते पूरे इलाके में काली घटाओं ने डेरा जमा लिया। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे से मूसलाधार बारिश का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि कस्बे की सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक पानी-पानी हो गया। लगातार करीब दो घंटे तक हुई इस झमाझम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर इसने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कुल 118 एमएम बारिश पोकरण के तहसील कार्यालय पर लगे रेनगेज यंत्र के अनुसार गुरुवार को कुल 118 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की सबसे भारी बारिश में से एक रही। बारिश इतनी तीव्र थी कि मुख्य सड़कों से लेकर तंग गलियों तक पानी का सैलाब बहने लगा। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। कई इलाकों में गली-मोहल्लों में पानी का स्तर 3 से 4 फीट तक जा पहुंचा। तेज बारिश से नाले-नालियां भी ऊफान पर आ गईं, मगर उचित निकासी नहीं होने से पानी सड़कों पर ही बहता रहा। पोकरण कस्बे के कई मोहल्लों में पानी इतना ज्यादा जमा हो गया कि वह लोगों के घरों में घुस गया। जोधपुर रोड, पुरोहितों की गली, मंगलपुरा क्षेत्र और मदरसे के पास बारिश के पानी की स्थिति सबसे ज्यादा भयावह रही। यहां गलियों में पानी का बहाव इतना तेज था कि चार से पांच फीट तक पानी बहता नजर आया। तेज बहाव के चलते कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दुकानों में भी पानी भर गया। व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानदारों ने बताया कि तेज बहाव के चलते दुकानें जलमग्न हो गईं, जिससे कई सामान भीग गया और आर्थिक नुकसान हुआ। लगभग दो घंटे तक लगातार बारिश के बाद शाम करीब 4:45 बजे बारिश की रफ्तार धीमी पड़ी और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश के बाद भी गलियों और सड़कों में पानी जमा रहा, जिससे लोगों की मुश्किलें बरकरार रहीं।

पशुपालन विभाग की मंत्री जोराराम कुमावत ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर, पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पशुपालन विभाग के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों, पशुधन निरीक्षक के 2540 व पशु परिचर के 6433 पदों पर भर्ती को लेकर समीक्षा की। उन्होंने पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा से भर्ती संबंधी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। श्री कुमावत ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों के लिए आरपीएससी को अर्भ्यथना भेज दी गई है। इसके अलावा पशुधन निरीक्षक की गत 13 जून-2025 को प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है, जिसका परिणाम जल्द से जल्द जारी करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह पशु परिचर के डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है, मगर कुछ आवेदकों के कोर्ट में चले जाने के कारण मामले में विभाग की ओर से मजबूत पैरवी करने के लिए कहा गया है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना पर चर्चा करते हुए 15 अगस्त-2025 तक समस्त 16 लाख पशुओं का पशुपालन विभाग की ओर से हेल्थ सर्टिफिकेट जारी कर संबंधित बीमा कंपनी को पॉलिसी वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के पशुपालन विभाग के भवनों की मरम्मत व नए भवन निर्माण का कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया। मंत्री श्री कुमावत ने नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत आवेदनों के त्वरित निस्तारण, पशु चिकित्सा महाविद्यालय व डिप्लोमा कोर्स के संचालन को लेकर भी समीक्षा की। मंत्री श्री कुमावत ने लंम्पी, गलघोंटू व लंगड़ा बुखार सहित गौवंश में अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की प्रगति के बारे में समीक्षा कर कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में  पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. आनंद सेजरा मौजूद रहे।

राजीव शर्मा होंगे राजस्थान के नए डीजीपी

जयपुर राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव शर्मा प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक का पदभार सौंपा है। शाम 5 बजे वे पुलिस मुख्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे और कार्यवाहक डीजीपी संजय अग्रवाल से चार्ज लेंगे। राजीव शर्मा को बुधवार को केंद्र सरकार से रिलीव किया गया था। वे अभी तक नई दिल्ली में ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डायरेक्टर जनरल पद पर कार्यरत थे। सोमवार को राज्य सरकार ने उन्हें रिलीव करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा था। नए डीजीपी राजीव शर्मा को पुलिस सेवा में 30 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है। वे राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो, एसडीआरएफ और राजस्थान पुलिस अकादमी जैसे अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा जोधपुर, झालावाड़, दौसा, राजसमंद, भरतपुर और जयपुर नॉर्थ में एसपी रहे हैं। शर्मा सीबीआई जयपुर और सीबीआई दिल्ली में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राज्य सरकार ने डीजी रैंक के 7 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के नाम संघ लोकसेवा आयोग को भेजे थे, जिनमें राजीव शर्मा, संजय अग्रवाल, अनिल पालीवाल, राजेश आर्य, राजेश निर्वाण, गोविंद गुप्ता और आनंद श्रीवास्तव शामिल थे। यूपीएससी ने वरिष्ठता के आधार पर तीन नामों की सिफारिश की, जिनमें से राज्य सरकार ने राजीव शर्मा के नाम पर अंतिम निर्णय लिया। राजीव शर्मा उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले के निवासी हैं। उन्होंने एमए और एमफिल की पढ़ाई की है। उनकी पहली पोस्टिंग 1992 में डीएसपी जोधपुर सिटी के तौर पर हुई थी। 2006 में वे एसपी से डीआईजी बने और इसके बाद पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच में अपनी सेवाएं दीं। राज्य के पूर्व डीजीपी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा के सेवानिवृत्त होने के बाद संजय अग्रवाल को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब नए डीजीपी की औपचारिक नियुक्ति के बाद राजीव शर्मा प्रदेश की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

मेहंदीपुर बालाजी धाम पहुंचे, राजस्थान के जल संसाधन कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत

दौसा राजस्थान के जल संसाधन कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत गुरुवार को मेहंदीपुर बालाजी धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी महाराज और प्रेतराज सरकार की विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा मंत्री रावत का प्रसादी देकर स्वागत किया गया। इससे पहले बालाजी मोड़ से लेकर मुख्य बाजार तक भी मंत्री रावत का माला व साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री रावत ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पेपर लीक कांग्रेस शासनकाल की देन है और अब कांग्रेस उसी मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जिसे उन्होंने ही जन्म दिया। कांग्रेस को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान का युवा अब जागरूक हो चुका है। वो आगामी पंचायतीराज व नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस को करारा जवाब देने के लिए तैयार है। मंत्री सुरेश रावत ने खाद-बीज घोटाले को लेकर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्री मीणा की तत्परता से नकली खाद व बीजों का बड़ा खुलासा हुआ है। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई कर रही है ताकि किसानों और आमजन के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी दाता या किसान के साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक बयानबाजी का अनूठा संगम देखने को मिला।  

लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” का शुभारंभ

जयपुर, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा गुरुवार को समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसे विषयों पर लोगों में विधिक जागरूकता फैलाने हेतु “लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री हरिओम शर्मा अत्री सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा बताया गया कि समाज में बाल-विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसी कुरीतियाँ आज भी विद्यमान है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा स्कूली बच्चों व आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान “लापता नहीं पहचान बनाती लेडीज- विधिक जागरूकता के लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन जागरूकता अभियान” की शुरुआत की जा रही है। श्री पवन कुमार जीनवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने बताया कि जिला प्राधिकरण जयपुर द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं बालिका शिक्षा की उपेक्षा जैसे विषयों पर स्कूली विद्यार्थियों तथा आमजन को जागरूक करने हेतु दृश्यात्मक माध्यम के रूप में एक सशक्त और प्रभावशाली फिल्म “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग करवाये जाने का निर्णय लिया गया है चूंकि दृश्य कथा, विशेष रूप से युवा वर्ग में, सामाजिक मुद्दों को समझाने एवं स्मरणीय बनाने का अत्यंत प्रभावी तरीका है। साथ ही फिल्में गहरे स्तर पर भावनात्मक जुड़ाव बनाकर सकारात्मक परिवर्तन को उत्प्रेरित कर सकती है। अतः “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग हेतु सर्वप्रथम ऐसे स्कूलों व महाविद्यालयों का चयन किया जाएगा जहां प्रोजेक्टर पर उक्त फिल्म दिखाए जाने की व्यवस्था हो सके। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय स्थापित करते हुए चयनित स्कूलों व महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को शाला समय के पश्चात् उक्त फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करवाई जाएगी। इसके साथ ही पंचायत समिति स्तर पर “लापता लेडिज” की विशेष स्क्रीनिंग हेतु ऐसे पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केन्द्रों का भी चयन किया जाएगा जहां पर प्रोजेक्टर के माध्यम से उक्त फिल्म दिखाए जाने की व्यवस्था हो सके। इसके लिए तालुकाओं तथा पंचायत समिति स्तर के स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए एक गांव एक स्क्रीन के तहत उक्त फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करवाई जाएगी। प्रत्येक स्क्रीनिंग के पश्चात पीएलवी व पैनल अधिवक्तागण के द्वारा संवाद सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों/ग्राम जन से विधिक जानकारी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम एवं शिक्षा के अधिकार से संबंधित चर्चा होगी। साथ ही उक्त फिल्म से उन्हें क्या शिक्षा मिली इस बाबत भी चर्चा की जावेगी। फिल्म एवं चर्चा सत्र के दौरान विधिक सहायता सेवा, हेल्पलाइन नम्बर एवं जागरूकता पुस्तिका वितरित की जाएगी।   इस अवसर पर श्री हरीओम शर्मा तथा श्री अजीत कुमार हिंगर अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा पोस्टर का विमोचन भी किया गया। जिसमें श्री पवन कुमार जीनवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला, श्री दीपेन्द्र माथुर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर-प्रथम, निदेशक सुश्री वंदना राठौड़, विशेष सचिव डॉ. प्रियंका पारीक, सचिव राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति श्री अजय डूडी, उपसचिव-प्रथम श्रीमती रश्मि नवल, उपसचिव-द्वितीय श्री प्रदीप कुमावत, उपसचिव- एक्शन एड व एडीआर श्रीमती सावित्री सिंह, जिला एवं सेशन न्यायालय जयपुर जिला में पदस्थापित अन्य न्यायिक अधिकारीगण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के इन्टर्नशीप हेतु उपस्थित विधि विद्यार्थीगण आदि उपस्थित रहें।

नेहरू सहकार भवन में लगी ‘सहकारिता का सफर: अतीत से वर्तमान तक’ विषय पर प्रदर्शनी

जयपुर, सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने गुरूवार को नेहरू सहकार भवन में ‘सहकारिता का सफर: अतीत से वर्तमान तक’ विषय पर आयोजित प्रदर्शनी का फीता काटकर एवं गणेश प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रदर्शित की गई जानकारी की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस (5 जुलाई) एवं सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के चतुर्थ स्थापना दिवस (6 जुलाई) के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही गतिविधियों की श्रंखला में प्रचार अनुभाग द्वारा यह प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में सहकारी आन्दोलन के अब तक के सफर को आकर्षक रुप में विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्राचीन भारतीय लोकाचार में सहकारिता के बीज, विश्व में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, भारत में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, राजस्थान में सहकारी आन्दोलन का शुभारम्भ, राजस्थान में सहकारी विधि का विकास, राज्य में सहकारिता की त्रिस्तरीय संरचना, राज्य में शीर्ष सहकारी संस्थाओं का इतिहास एवं वर्तमान स्वरूप आदि से सम्बन्धित जानकारियों के साथ ही सहकारिता के सिद्धांत एवं उद्देश्य, सहकार से समृद्धि के अंतर्गत राज्य की प्रमुख उपलब्धियां, राज्य में सहकारिता का वर्तमान परिदृश्य एवं वर्तमान में सहकारिता की प्रासंगिकता आदि से संबंधित जानकारियां प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं। वहीं, राज्य में सहकारी आन्दोलन के विकास के जुड़े पुराने छायाचित्रों को भी प्रदर्शनी में आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में विभिन्न सहकारी संस्थाओं कॉनफेड, ट्राइफेड, इफको, कृभको एवं तिलम संघ द्वारा भी स्टॉल्स लगाकर अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। श्रीमती राजपाल ने इन स्टॉल्स का अवलोकन कर प्रदर्शित उत्पादों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। इस दौरान सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में भी दिल्ली AIIMS की तर्ज पर बनेगा RIMS, सरकार लाने जा रही विधेयक

जयपुर देश के शीर्ष मेडिकल संस्थान एम्स की तरह ही राजस्थान में RIMS बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने AIIMS दिल्ली के साथ एमओयू का प्रारूप तय कर लिया है, जो कि जल्द ही साइन हो जाएगा। इसे तैयार करने में AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी है। मेडिकल एज्यूकेशन विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने बताया कि RIMS में कैसे उपकरण होने चाहिए, कैसा स्पेशलाइजेशन होना चाहिए, कैसे हम AIIMS क्वालिटी की फैकल्टी को हॉयर कर सकें इन सब चीजों में AIIMS के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।   AIIMS की तर्ज पर लाया जाएगा विधेयक  अंबरीश कुमार ने बताया कि AIIMS की तर्ज पर राजस्थान में भी RIMS को एक इंडिपेंडेंट इंस्टिट्यूट बनाया जा सके, इसके लिए ड्रॉफ्ट एक्ट बनाया गया है। इसके लिए सरकार ने AIIMS के एक्ट को ही कॉपी किया है। यह विधेयक अभी विधि विभाग के पास वेटिंग के लिए गया हुआ है। जल्द ही इसे राज्य सरकार की तरफ से पारित किया जाएगा। खुद ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी होगा RIMS अंबरीश कुमार ने बताया कि यह एक अनोखा इंस्टिट्यूट होगा, जो खुद ही अपने आप में कॉलेज व यूनिवर्सिटी दोनों होगा। अभी राजस्थान में बाकी मेडिकल कॉलेज राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS)से संबद्ध हैं। इनकी डिग्री RUHS से आती है। इसी तरह से RIMS खुद की डिग्री देगा। यह खुद ही पढ़ाई करवाएगा, खुद ही अपना सिलेबस सेट करेगा। यह AIIMS, IIT पैटर्न पर प्रदेश का पहला इंस्टिट्यूट होगा।

राजस्थान पीटीईटी के नतीजे घोषित, यहाँ से डाउनलोड करें अपना स्कोर कार्ड

जयपुर राजस्थान पीटीईटी 2025 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। वे उम्मीदवार जो दो वर्षीय बीएड (B.Ed) या चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स (B.A. B.Ed/ B.Sc. B.Ed) में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे अब आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा आयोजित इस परीक्षा की फाइनल आंसर-की पहले ही जारी की जा चुकी थी। अब रिजल्ट के साथ ही अगली प्रक्रिया यानी काउंसलिंग और कॉलेज चॉइस फिलिंग की तैयारी शुरू हो गई है।   पीटीईटी परीक्षा के माध्यम से ही राजस्थान के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में दो वर्षीय बीएड कोर्स और चार वर्षीय बीए-बीएड/बीएससी-बीएड कोर्स संचालित किए जाते हैं। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से मेरिट के आधार पर बीएड कॉलेज आवंटित किया जाएगा। महत्वपूर्ण तिथियां राजस्थान पीटीईटी 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 5 मार्च, 2025 से हुई थी। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल, 2025 निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 17 अप्रैल, 2025 किया गया। इसके बाद एक बार फिर आवेदन की समयसीमा बढ़ाई गई और अंतिम तिथि 5 मई, 2025 तय की गई। परीक्षा 15 जून, 2025 को आयोजित की गई थी। ऐसे चेक करें अपना पीटीईटी रिजल्ट     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जाएं।     अपने कोर्स – दो वर्षीय बीएड या चार वर्षीय बीएड को चुनें।     अपना रोल नंबर व अन्य जरूरी डिटेल्स दर्ज करें।     लॉग इन करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।  

‘रानी’ ने रचा इतिहास! राजस्थान में एक साथ पांच बाघ शावकों का जन्म, देश में नया रिकॉर्ड

जयपुर राजस्थान के जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन ‘रानी’ ने एक साथ पांच शावकों को जन्म देकर देश में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह पहली बार है जब किसी बाघिन ने भारत में एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। पार्क प्रशासन ने मंगलवार को शावकों के बाबत जानकारी साझा करते हुए इनके फोटो और वीडियो जारी किए हैं।  पार्क के सीनियर पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि बाघिन ‘रानी’ ने 27 अप्रैल 2025 को दो मादा और तीन नर शावकों को जन्म दिया था। दो माह के संरक्षण और देखभाल के बाद अब इन्हें मां रानी के साथ कराल (ओपन एनक्लोजर) में छोड़ा गया है, जहां वे मानसून के मौसम का आनंद ले रहे हैं। अब पार्क में आने वाले पर्यटक रानी और उसके नन्हें शावकों का दीदार कर सकेंगे। डॉ. माथुर ने बताया कि सभी शावकों को बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीनेट किया गया है। पहचान के लिए उनका लिंग परीक्षण भी किया गया, जिसमें एक सफेद और दो गोल्डन शावक नर हैं, जबकि शेष दो गोल्डन शावक मादा हैं। उन्होंने बताया कि शावकों को अब नियमित रूप से खुले कराल में मां के साथ रखा जाएगा ताकि वे प्राकृतिक परिवेश में खेलने, मिट्टी से संपर्क और सामाजिक व्यवहार को विकसित कर सकें। इससे उनकी शारीरिक और मानसिक ग्रोथ बेहतर होगी। अगस्त में इन्हें बूस्टर डोज भी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रानी ने इससे पहले 10 मई 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से एक की मृत्यु हो गई थी। शेष दो शावक आज भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्क में दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बाघिन रानी और उसके शावकों की देखभाल के लिए पार्क प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए। गर्मी से राहत के लिए कलर स्प्रे, टाट की बोरियों, और विशेष आहार की व्यवस्था की गई। पार्क स्टाफ की सतत निगरानी में रानी और उसके सभी शावक स्वस्थ हैं।  

राजस्थान में मूसलाधार बारिश, तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न, जनजीवन अस्त-व्यस्त

धौलपुर/अलवर राजस्थान में मानसून ने इस बार जोरदार दस्तक दी है, जिससे जहां एक ओर किसानों को राहत मिली है, वहीं शहरी इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। धौलपुर, अलवर और कोटपुतली-बहरोड़ में तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगहों पर घरों, दुकानों और सरकारी भवनों में पानी घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। धौलपुर में हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। जगन टॉकीज, हरदेव नगर, कोर्ट परिषद और बाड़ी रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र पानी में डूब गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान नहीं कर रहा। दुकानों में पानी घुसने से कारोबार ठप हो गया और स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस जाने वालों तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से पानी सीधे घरों और दुकानों में घुस गया। अलवर में सुबह 6:30 बजे शुरू हुई मूसलधार बारिश ने 9 बजे तक शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। होप सर्कस, घंटाघर, सराफा बाजार, अशोक टॉकीज, बस स्टैंड और एसएमडी चौराहे समेत शहर के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो गए। दुकानों और घरों में पानी भरने से काफी नुकसान हुआ। चूड़ी मार्केट और अन्य बाजारों में व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। कच्ची बस्तियों में झोंपड़ियों की छतें टपकने लगीं और घरों में रखा सामान भीग गया। एसएमडी चौराहे पर नाले के ऊपर लगे जाल में कचरा फंसने से पानी का बहाव रुक गया, जिससे आसपास के घरों में पानी भर गया। इसी तरह कोटपुतली-बहरोड़ क्षेत्र में मंगलवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। तेज बारिश के बीच आसमान में घने बादल छाए रहे। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि इससे खेतों को अच्छी नमी मिलेगी और फसलों को फायदा होगा। हालांकि लगातार बारिश से कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।