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बीमार शिक्षकों के लिए सहारा बनी ‘जीवन दान योजना’, इलाज में मिलेगी आर्थिक सहायता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें आर्थिक मदद मिल सकेगी। इसके लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) ने ‘जीवन दान योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत जरूरतमंद शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। यह योजना शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के लिए शुरू की गई है और पूरी तरह से स्वैच्छिक है। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए एक बड़ी पहल की गई है। प्रदेश की चार लाख सदस्यीय संस्था टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) ने ‘गंभीर बीमारी के लिए जीवन दान योजना’ शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद शिक्षकों को गंभीर बीमारियों की स्थिति में आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत शिक्षक सदस्य 10 अगस्त तक 200 रुपये की राशि जमा करेंगे, जो कि एक कोष (कार्पस फंड) में संचित होगी। इस फंड से किसी भी सदस्य को गंभीर बीमारी के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में अधिकतम पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। योजना पूरी तरह ऐच्छिक है। इसमें भाग लेना या न लेना पूरी तरह शिक्षक की मर्जी पर निर्भर है और इसका असर संस्था की अन्य योजनाओं पर नहीं पड़ेगा। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विवेकानंद आर्य ने बताया कि यह योजना शिक्षकों की आपसी सहायता की भावना को मजबूत करती है। इस योजना के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं- सहायता केवल तभी दी जाएगी जब इलाज का खर्च 2 लाख रुपये से अधिक हो। केवल अस्पताल में भर्ती होने पर ही यह सहायता मान्य होगी। योजना में केवल एलोपैथिक इलाज को मान्यता दी गई है। एक सदस्य को दो वर्षों में केवल एक बार सहायता दी जाएगी। लॉक-इन पीरियड सामान्य शिक्षकों के लिए 18 माह और शिक्षामित्र व अनुदेशकों के लिए 17 माह तय किया गया है, जिसे जुलाई से 18 माह किया जाएगा। इसमें यह भी तय किया गया है कि यदि किसी शिक्षक के पास मेडिकल इंश्योरेंस है, तो पहले उसे उसी सीमा तक सहायता दी जाएगी। इंश्योरेंस की सीमा से अधिक खर्च होने पर संस्था की योजना के तहत पूरी सहायता दी जाएगी।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी घोषणा: यूपी-राजस्थान को जोड़ेगी नई वंदे भारत एक्सप्रेस

लखनऊ 15 अगस्त से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को वंदे भारत की नई सौग़ात मिल सकती है। लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन से जयपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन प्रस्तावित है। यह ट्रेन सुबह 5:50 बजे लखनऊ से रवाना होकर दोपहर 2 बजे जयपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन दोपहर 3 बजे जयपुर से चलकर रात 11 बजे गोमतीनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। आठ घंटे में तय करेगी सफर बताया जा रहा है कि हफ़्ते में 6 दिन वंदे भारत का संचालन होगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह सेमी हाई-स्‍पीड ट्रेन दोनों राजधानियों के बीच का सफर आठ घंटे में तय करेगी। शनिवार के दिन इसका संचालन नहीं होगा। उस दिन ट्रेन की मेंटेनेंस की जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने लखनऊ-जयपुर वंदे भारत एक्‍सप्रेस का प्रस्‍ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस कदम से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। बता दें कि भारत में इस समय 70 से ज्‍यादा वंदे भारत एक्‍सप्रेस ट्रेनें विभिन्‍न रूटों पर चल रही हैं। जिनमें सेमी हाई स्‍पीड ट्रेनों को यात्रियों का भी खूब साथ मिल रहा है। जिसकी वजह से ज्‍यादातर रूट्स पर इन ट्रेनों की ऑक्‍यूपेंसी फुल है। जल्द ही नागपुर-पुणे, अमृतसर-कटरा और बेंगलुरु-बेलगावी के बीच भी वंदे भारत एक्‍सप्रेस चल सकती है।

बेटी के लिए 25 हजार, बेटे के लिए 20 हजार – जानें योगी सरकार की खास स्कीम और आवेदन का तरीका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जनकल्याणकारी पहल की है। यह पहल गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार और बेटे के जन्म पर 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना से दिव्यांग बालिकाओं को भी लाभ हो रहा। दिव्यांग बालिकाओं के जन्म पर सरकार 50 हजार की सावधि जमा भी कराती है। इस योजना ने हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत दी है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इसका लाभ उठाएं। क्या है मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना? मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक राहत देना है। यह योजना खासकर उन मजदूर परिवारों के लिए लाभकारी है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत रोजाना की मेहनत-मजदूरी है। योजना की मुख्य विशेषताएं बेटे के जन्म पर 20 हजार की सहायता राशि बेटी के जन्म पर 25 हजार की सहायता राशि दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार की सावधि जमा महिला श्रमिक को अस्पताल में प्रसव के बाद 3 महीने की न्यूनतम वेतन राशि और 1 हजार चिकित्सा बोनस बेटियों के लिए ज्यादा मदद क्यों? सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यही वजह है कि बेटे की तुलना में बेटी के जन्म पर 5 हजार अधिक रूपये दिए जाते हैं। यदि पहली या दूसरी संतान बेटी है, या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तब भी 25 हजार की सावधि जमा का प्रावधान है। दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान यदि जन्म से कोई बालिका दिव्यांग है, तो सरकार उसकी आर्थिक मदद के लिए 50 हजार की सावधि जमा करती है। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर मिलती है।  योजना के लिए पात्रता शर्तें  श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क: 20 रूपये वार्षिक अंशदान: 20 रूपये   योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़  आधार कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन कैसे करें: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करें या www.upbocw.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें  

यूपी में बढ़ी कांग्रेस की हलचल, 8 से शुरू होगी ‘जय हिंद यात्रा’

लखनऊ  भाजपा के घर-घर तिरंगा अभियान के बीच कांग्रेस ने जय हिंद यात्रा निकालने का फैसला किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अपनी सक्रियता बढ़ाएगी। प्रदेश में ब्लाक स्तर पर जाने की तैयारी में लगी कांग्रेस ने अगस्त महीने को कैश कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेगी। जय हिंद यात्रा की शुरुआत आठ अगस्त को लखनऊ में काकोरी के शहीद स्मारक से होगी। पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय जोनल समन्वयकों के साथ संगठन सृजन को लेकर बैठक करेंगे।   उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अगस्त का महीना क्रांतिकारियों का महीना है। हमारे नेता महात्मा गांधी ने आठ अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो की घोषणा की थी। प्रदेश कांग्रेस आठ अगस्त को काकोरी स्थित शहीद स्मारक पर तिरंगा लहराने के साथ ही जय हिंद यात्रा की शुरुआत करेगी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि 28 अगस्त तक 16 जिलों में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। राय ने अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने पर भाजपा नेताओं के लोगों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाने व बाढ़ के मुद्दे को लेकर सवाल भी उठाए। राय ने कहा कि आठ अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा देकर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। प्रदेश कांग्रेस हर वर्ष की तरह इस बार भी अगस्त माह में स्वतंत्रता सेनानियों व देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों को नमन करेगी। लखनऊ से अभियान की शुरूआत के बाद नौ अगस्त को प्रयागराज, 10 अगस्त को आगरा व मुरादाबाद, 11 अगस्त को अयोध्या, 12 अगस्त को आजमगढ़, 14 अगस्त को मैनपुरी, 15 अगस्त को मऊ, 16 अगस्त को चंदौली व जौनपुर, 17 अगस्त को वाराणसी, 18 अगस्त को गाजीपुर व सीतापुर, 19 अगस्त को बलिया, 23 अगस्त को गोरखपुर व 28 अगस्त सैय्यद राजा चंदौली में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राय ने स्वदेशी व बाढ़ के मुद्दे पर भाजपा पर हमला भी बोला। अजय राय ने कहा कि घर-घर तिरंगा फहराने की बात करने वाली भाजपा अमेरिका के ट्रैरिफ बढ़ाने पर अब स्वदेशी अपनाने की बात कह रही है। राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर अन्य बड़े नेता जनता को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिला रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री विदेशी ब्रांड का चश्मा पहनते हैं। योगी व उनके मंत्री विदेशी कंपनियों की गाड़ियों से चलते हैं। आरोप लगाया कि भाजपा की आइटी टीम चीनी के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। चीन से व्यापार में भारत का घाटा 100 बिलियन डालर तक पहुंच गया है। प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई जा रही है। भाजपा के नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था। अब भाजपा भारत माता के सपूत बनने का नाटक करती है। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा के आइटी सेक्टर में चीन के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल हो रहा है। चीन के साथ व्यापार 100 बिलियन डालर का है और भाजपा देश को ठगने का काम कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने भाजपा के तिरंगा यात्रा के जवाब में प्रदेश में जय हिंद निकालने की योजना बना ली है। इस यात्रा में कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल होंगे।

CM योगी का बड़ा एक्शन प्लान: मंडलवार संवाद से खत्म होगी अफसरशाही की मनमानी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार बढ़ रही खटपट अब सरकार के लिए सिरदर्द बन गई है। विधायकों और मंत्रियों की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मंडलवार संवाद' नामक नई पहल की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए जनप्रतिनिधियों और अफसरों को एक मंच पर लाकर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में कई मंत्री और विधायक अधिकारियों की मनमानी और असहयोग रवैये के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला जैसे कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई है। दो साल से चल रहा था विवाद, अब सामने आए खुलकर आरोप सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से विधायकों और अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अब, 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये विवाद सतह पर आ गया है। भाजपा के एक विधायक का कहना है, “हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं, लेकिन अधिकारी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं।” अधिकारियों की सफाई: जनप्रतिनिधि डालते हैं अनुचित दबाव दूसरी ओर, सचिवालय कर्मचारी संघ के सदस्य और कई अधिकारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि जनप्रतिनिधि अक्सर नियमों से परे जाकर दबाव बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि वे बेवजह के दबाव में आए बिना काम करें। CM ने दी कड़ी हिदायतें, डीएम-एसडीएम के हुए तबादले सीएम योगी ने मंत्रियों और विधायकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलों में अफसरों के तबादले किए हैं। मंत्री प्रतिभा शुक्ला के अनुसार, “योगी जी ने हमारी बात सुनी और संबंधित अफसरों को बदला गया। उम्मीद है अब चीजें सुधरेंगी।” अधिकारियों ने फोन उठाना हंद कर दिया…ऊर्जा मंत्री खुलेआम जता चुके हैं नाराजगी गौरतलब है कि हाल ही में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने कार्यालय के एक्स अकाउंट पर लिखा था- 'अधिकारियों ने फोन उठाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। स्थिति पहले से ही खराब थी, और अब यह और भी बदतर हो गई है।' शर्मा ने अपनी बात रखने के लिए बिजली उपभोक्ता और विभाग के एक अधिकारी के बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप अपलोड किया। मंत्री गोपाल गुप्‍ता नंदी ने CM योगी को लिखी थी चिट्ठी वहीं बुनियादी ढांचा और उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र वायरल हो गया था। इसमें उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों पर दो वर्षों से अधिक समय से निर्देशों का पालन नहीं करने के साथ-साथ मनमाने ढंग से काम करने और कुछ के प्रति तरजीही व्यवहार दिखाने का आरोप लगाया था।

उत्तर प्रदेश में कानून का खौफ: योगी सरकार ने 15,000+ अपराधियों को भेजा जेल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में गंभीर अपराध हत्या, डकैती, लूट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट में 15 हजार से अधिक अपराधियों को कठोर सजा दिलायी गयी है। इस दौरान गंभीर अपराध के 47 हजार से अधिक मामले चिन्हित किये गये। इनमें से कोर्ट द्वारा 19 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर अपराधियों को सजा दी गयी। प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन पुलिस महानिदेशक अभियोजन दीपेश जुनेजा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में हत्या, डकैती, लूट, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, बलात्कार और चोरी जैसे गंभीर 47,149 अपराध के मामलों को चिन्हित किया गया। इनमें से कोर्ट द्वारा 19,584 मामलों का निर्णय करते हुए 15,641 अपराधियों को सजा सुनायी गयी। आंकड़ों पर एक नजर :- हत्या के 9,942 मामलों में से 4,137 का निर्णय हुआ, जिनमें से 3,411 अपराधियों को सजा मिली और 726 दोषमुक्त हुए। सजा दर 82.45 प्रतिशत है। पॉक्सो एक्ट/बलात्कार के 27,074 मामलों में 9,140 का निपटारा हुआ, जिसमें से 6,075 को सजा और 3065 दोषमुक्त हुए। सजा दर 66.46 प्रतिशत है। डकैती के 461 मामलों में 203 का निर्णय हुआ, जिनमें से 174 को सजा मिली और 29 बरी हुए। सजा दर 85.71 प्रतिशत है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय ऑपरेशन कन्विक्शन को प्रभावी बनाने के लिए ई-प्रॉसीक्यूशन पोर्टल और केस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। वर्चुअल कोर्ट सुनवाई जैसे नवाचारों को अपनाया गया है। जिला स्तर पर अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मामलों की त्वरित समीक्षा करवाई जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय पैदा हुआ है और संगठित गिरोहों का नेटवर्क कमजोर हुआ है। कई मामलों में अपराध की प्रवृत्तियों में कमी आई है। यह अभियान प्रदेश में कानून के शासन की पुनर्स्थापना का प्रतीक बन चुका है।  

कांवड़ यात्रा को लेकर सपा पर बरसे योगी, बरेली को दी 2,264 करोड़ की विकास योजनाएं

बरेली  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि समाज की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता के कारण कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिशें बार-बार नाकाम हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बरेली में 2,264 करोड़ रुपये की 545 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ असामाजिक तत्वों ने कांवड़ यात्रा की छवि खराब करने की कोशिश की लेकिन समाज की जागरुकता व प्रशासन की तत्परता ने ऐसी साजिशों को नाकाम कर दिया है। यह यात्रा अब एकता और भक्ति की प्रतीक है।''  ‘‘माफिया मुक्त'' हुआ यूपी – सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘2017 से पहले बरेली हर तीसरे माह सांप्रदायिक दंगों का गवाह बनता था। आज यह नाथ कॉरिडोर और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए जाना जाता है।'' उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘‘माफिया मुक्त'' हो जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘पहले हर जिले का अपना माफिया डॉन होता था। आज उत्तर प्रदेश एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज और एक जिला, एक उत्पाद के लिए जाना जाता है। हम आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हुए आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण कर रहे हैं।''  ‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं'  मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं। चाचा-भतीजे भर्ती को अपने निजी व्यवसाय की तरह समझते थे। पिछले आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गई है।'' पुलिस बल में भर्ती का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमने 60 हजार 244 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी कर ली है। इनमें से 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं।''  भाजपा विरासत को विकास से जोड़ रही है – योगी आदित्यनाथ  उन्होंने दावा किया कि अब किसी भी योजना के क्रियान्वयन में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है जो ‘सबका साथ, सबका विकास' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘डबल इंजन वाली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार विरासत को विकास से जोड़ रही है।''  सीएम ने 6 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किए नियुक्तिपत्र   मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के माध्यम से चयनित छह हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तिपत्र भी वितरित किए और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व टैबलेट प्रदान किये। योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इस योजना के तहत चयनित युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ऋण को 7.5 लाख और फिर 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘डबल इंजन वाली सरकार लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।''   

कांवड़ियों के स्वागत में उमड़ा भक्ति भाव: सीएम योगी ने की पुष्प वर्षा और पूजा अर्चना

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर कांवड़ यात्रा का हवाई निरीक्षण किया और यहां बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग तथा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा भी की। मुख्यमंत्री ने मेरठ रेंज के अधिकारियों से कांवड़ यात्रा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे यात्रियों पर मेरठ में पुष्प वर्षा की। पुष्प वर्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ कांवड़ियों से सीधी बात भी की। कांवड़ियों ने हर हर महादेव के नारे के साथ उनका अभिवादन किया। पुष्प वर्षा के दौरान हर हर महादेव के नारे दूर तक गूंजते रहे। जूना अखाड़ा के प्रवक्ता एवं श्रीदूधेश्वरनाथ मठ के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना करके आज से शुरु हो रहे श्रावण कावड़ मेला का शुभारंभ भी किया।सिद्धपीठ में यह मेला शिवरात्रि के जलाभिषेक तक चलेगा। 

बिजली संकट पर सख्त हुए योगी, अफसरों को दी सुधार की अंतिम चेतावनी

लखनऊ बिजली की आंख मिचौली से खफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग और अनावश्यक कटौती किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्युत आपूर्ति के लिए व्यवस्था में सुधार करना ही होगा वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री योगी ने यहां ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था अब केवल तकनीकी या प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और शासन की संवेदनशीलता का पैमाना बन चुकी है। सीएम ने शिकायतों पर जताई नाराजगी  बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जून 2025 में उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड 31,486 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग सफलतापूर्वक पूरी की। इस अवधि में 16,930 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। लगातार बढ़ रही उमस (ह्यूमिडिटी) और तापमान ने खपत को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया, इसके बावजूद शहरी क्षेत्रों में औसतन 24 घंटे, तहसील स्तर पर 21.5 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने ट्रिपिंग की लगातार आ रही शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि प्रत्येक फीडर की तकनीकी जांच हो, कमजोर स्थानों की पहचान कर तुरंत सुधार कराया जाए।  ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाएः योगी  सीएम ने कहा कि जहाँ ज़रूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता तुरंत बढ़ाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फील्ड से प्राप्त वास्तविक शिकायतों का समाधान समयबद्ध ढंग से हो, ताकि जनता को राहत मिले। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया है। ऐसे में किसी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों से उनके क्षेत्रों की आपूर्ति की स्थिति जानने के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।  बिलिंग व्यवस्था पर ये बोले सीएम योगी  बिलिंग व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हर उपभोक्ता को हर महीने सही समय पर स्पष्ट और सटीक बिल मिलना चाहिए। फॉल्स या ओवरबिलिंग जैसी शिकायतें जन विश्वास को तोड़ती हैं और विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं। यह किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। बिलिंग एफिशिएंसी बढ़ाई जाए। उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक 31 लाख उपभोक्ता स्माटर् मीटर से जोड़े जा चुके हैं और इस प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर तक ले जाने का कार्य तेज़ी से जारी है। योगी ने तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों (लाइन लॉस) को चरणबद्ध रूप से नीचे लाने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर डिस्कॉम को अपने स्तर पर ठोस रणनीति बनाकर काम करना होगा। साथ ही, जहां आवश्यक हो, पारेषण व वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया भी गति पकड़े।  

योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक कीर्तिमान: यूपी की सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहने वाले सीएम बने

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। अब तक योगी आदित्यनाथ 8 साल और 132 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं, जबकि गोविंद बल्लभ पंत ने कुल 8 साल और 127 दिन (स्वतंत्रता से पहले और बाद को मिलाकर) तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। 19 मार्च 2017 को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ मिली जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिर 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को दोबारा बहुमत मिला और वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने यूपी में पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सीएम पद संभाला है। योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और साथ ही गोरखनाथ मठ के महंत (मुख्य पुजारी) भी हैं। उन्होंने 1998 में सिर्फ 26 साल की उम्र में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीता और संसद पहुंचे। वे लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। 2017 के चुनाव से सीएम बनने तक 2017 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में शामिल थे। चुनाव में पार्टी को भारी बहुमत मिला और उन्हें मुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 2022 में एक बार फिर भाजपा को जीत मिली और वे फिर से मुख्यमंत्री बने।   अब अगला चुनाव 2027 में उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होगा। अगर योगी आदित्यनाथ तब तक मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल और भी लंबा हो जाएगा और यह रिकॉर्ड और मजबूत होगा।