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यूपी में धर्म परिवर्तन गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के सरगना को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी एक न्यूज एजेंसी को एक अधिकारी ने दी. शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जलालुद्दीन उर्फ ​​छांगुर बाबा और सह-आरोपी नीतू उर्फ ​​नसरीन बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. जलालुद्दीन के खिलाफ एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जबकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था. दोनों को एक अदालत में पेश किया गया और बाद में उनकी रिमांड प्राप्त करने के बाद लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया.   लखनऊ के गोमतीनगर के एक पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धार्मिक धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने हिंदू और गैर-मुस्लिम समुदायों के व्यक्तियों को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए संगठित तरीके से काम किया. बयान के अनुसार गरीब, असहाय मजदूरों, कमजोर वर्गों और विधवा महिलाओं को प्रलोभन, वित्तीय सहायता, शादी के वादे या धमकी के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया, जो कि अभियुक्तों द्वारा स्थापित प्रक्रियाओं का उल्लंघन है. बयान में कहा गया है कि दो अन्य आरोपियों – नवीन उर्फ ​​जमालुद्दीन और महबूब, जो जलालुद्दीन का बेटा है. जिसे 8 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. दोनों बलरामपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में लखनऊ जिला जेल में बंद हैं.

योगी सरकार ने राज्यभर में मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को संवारने की पहल की है. पर्यटन को बढ़ावा देने और आस्था से जुड़े केंद्रों को विकसित करने के उद्देश्य से सरकार ने मंदिरों, आश्रमों और तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की है. खासतौर पर पूर्वांचल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में स्थित प्रमुख मंदिरों, संतों के आश्रमों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की है. सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. विशेष रूप से पूर्वांचल क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के नए हब के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है. एजेंसी के अनुसार, राज्य पर्यटन विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है. इसके तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और विकास किया जाएगा. योजना के तहत बलिया के भृगु आश्रम में स्थित चित्रगुप्त मंदिर का सौंदर्यीकरण, तेंदुआ पट्टी फरसतार मौजा होलपुर में हनुमान मंदिर परिसर का विकास और बसंतपुर गांव में उदासीन मठ का पुनर्विकास शामिल है. वहीं आजमगढ़ जिले में महाराजगंज स्थित भैरव बाबा स्थल और मिश्रपुर का राम-जानकी मंदिर भी इस परियोजना में शामिल हैं. इसके अलावा फूलपुर पवई (आजमगढ़) में दुर्वासा ऋषि आश्रम, मऊ के दुआरी गांव में स्थित श्री वीर बाबा ब्रह्म स्थान और कन्नौज जिले के सदर क्षेत्र में फूलमती देवी मंदिर का भी कायाकल्प किया जाएगा. इनके अलावा गोरखपुर के बांसगांव, सिंहपुर और धन्नीपुर में स्थित परमहंस बाबा से जुड़े स्थलों को भी शामिल किया गया है. इन स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, शौचालय, पार्किंग, लाइट और सूचना केंद्रों का भी विकास किया जाएगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में राज्य में कुल 65 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे, जो कि देश के किसी भी राज्य के मुकाबले सबसे अधिक है. अब इन धार्मिक स्थलों के विकास से आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है. पर्यटन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन संस्कृति और विरासत को संरक्षित करेगा, इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर भी मिलेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

हस्तिनापुर के पते पर फर्जी फर्म बनाकर राजस्थान के सौरभ ने की 2.46 करोड़ जीएसटी चोरी

मेरठ हस्तिनापुर के पते पर फर्जी फर्म बनाकर एक व्यक्ति ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाते हुए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट किए। चार फर्म में सप्लाई दिखाकर इनसे 2.46 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी को अंजाम दिया। मवाना मंडल के राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त ने बहसूमा थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहायक आयुक्त उमेश सिंह ने शिकायत में बताया कि राजस्थान के धौलपुर जिले की जाटव बस्ती कासमपुर निवासी सौरभ कुमार ने पैन कार्ड व अन्य कागज लगाकर हस्तिनापुर के पते पर मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज के नाम पर 10 दिसंबर 2024 को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था। राज्यकर अधिकारी ने फर्म के व्यापार स्थल का भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई नहीं मिला और उस पते पर कोई व्यापारिक गतिविधि भी नहीं हो रही थी। इस पर जीएसटी पंजीकरण निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया। व्यापारी ने मई माह की रिटर्न जीएसटीआर-2ए दाखिल की। इसमें प्रयागराज के बहराना स्थित मैसर्स श्रावणी इंटरप्राइजेज से 13.67 करोड़ की इनवर्ड सप्लाई प्राप्त दिखाई गई। इससे 1.23 करोड़ के सीजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट और 1.23 करोड़ एसजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। जबकि सप्लायर फर्म ने इस माल की कोई खरीद नहीं की थी न ही कोई नकद टैक्स जमा किया गया।   मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज की दाखिल रिटर्न जीएसटीआर-1 में चार फर्म को आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई। इनमें मैसर्स हरि ओम इंटरप्राइजेज को 12 करोड़ की सप्लाई करते हुए 2.16 करोड़ की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 80.61 लाख की सप्लाई करते हुए 14.51 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स आरके ट्रेडर्स को 53.64 लाख की सप्लाई करते हुए 10.55 लाख और मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 22.40 लाख की सप्लाई करते हुए 4.03 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट हस्तांतरित की गई।   आरोपी ने बिना कोई आपूर्ति प्राप्त किए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर इन चारों फर्मों को पासऑन कर दी। आरोपी ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाकर धोखाधड़ी की। जीएसटी में ई-वे बिल जनरेट करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इससे साबित होता है कि आरोपी ने इस मोबाइल नंबर का प्रयोग किया है। रुड़की के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते का इसमें इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यूपी पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, योगी सरकार ने तैयार किया विकास का मास्टर प्लान

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, संतों के आश्रमों और अन्य धार्मिक स्थलों की जीर्णोद्धार कराएगी। सरकार ने राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए मंदिरों के बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और पर्यटन विकास के लिए एक योजना शुरू की है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। इस योजना के तहत बलिया स्थित भृगु और आजमगढ़ स्थित दुर्वासा ऋषि के आश्रमों सहित जैन मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक विशेष रूप से पूर्वांचल के मंदिरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पर्यटन विभाग ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।इसमें बलिया में भृगु आश्रम स्थित चित्रगुप्त मंदिर का सौंदर्यीकरण, तेंदुआ पट्टी फरसातार मौजा होलपुर में हनुमान मंदिर परिसर का पर्यटन विकास, बसंतपुर गांव में उदासीन मठ का विकास, आजमगढ़ के महाराजगंज में भैरो बाबा स्थल का पर्यटन विकास और फूलपुर पवई में दुर्वासा ऋषि आश्रम का विकास किया जाना प्रस्तावित है। बयान में कहा गया है कि मऊ जिले में श्री वीरा बाबा ब्रह्म स्थान का पर्यटन विकास, आजमगढ़ के मिश्रापुर में राम जानकी मंदिर का विकास, कन्नौज के सदर में फूलमती देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही आजमगढ़ के धन्नीपुर, सिंगपुर और बांसगांव में स्वर्गीय संत परमहंस बाबा के स्थल का भी पर्यटन विकास इस योजना में शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं।  

माहौल बिगाड़ने की साजिश? ताजिया के दौरान चबूतरा टूटने पर बरेली में बढ़ा तनाव

फरीदपुर (बरेली) यूपी के बरेली में माहौल खराब करने की कोशिश की गई। फतेहपुर में बहुसंख्यक आबादी के बीच ताजिया रखने के दौरान पड़ोस की दुकान का चबूतरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसको लेकर वहां रहने वाले व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने विवाद शांत करने को अपनी ओर से मुकदमा भी दर्ज किया लेकिन व्यापारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने गिरफ्तारी न होने तक ताजिया न निकलने देने की बात कही है। फरीदपुर के मोहल्ला साहूकारा में बहुसंख्यक आबादी के बीच उत्तम अग्रवाल के घर के सामने रात में ताजिया रखने की कई वर्ष पुरानी परंपरा है। कभी इसको लेकर कोई विवाद भी नहीं हुआ। मगर शनिवार रात करीब साढ़े तीन बजे यहां ताजिया रखने के दौरान मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पड़ोस के व्यापारी दीपक अग्रवाल का चबूतरा हथौड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि उनकी दुकान के शटर को भी तोड़ने की कोशिश की गई। रविवार सुबह वहां रहने वाले व्यापारियों ने चबूतरा टूटा देखा तो वे लोग आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें चबूतरा तोड़ने वाले सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। बेवजह चबूतरा तोड़कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। पुलिस ने व्यापारियों को समझाने की कोशिश कर अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर एक महिला को हिरासत में ले लिया। मगर व्यापारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक ताजिया नहीं उठने देंगे। मौके पर मौजूद पुलिस कर रही है वार्ता घटना की सूचना पर सीओ संदीप सिंह और इंस्पेक्टर राधेश्याम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे हैं। दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है कि त्योहार को सकुशल संपन्न कराया जा सके।  

बरेली में 20 प्रतिशत तक बढ़ेंगे जमीन के रेट , एक अगस्त से नया डीएम सर्किट रेट प्रभावी

बरेली बरेली जिले की जमीनों की कीमतों में इजाफा होने वाला है। डीएम सर्किल रेट की दरों के पुनर्निधारण का काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि पिछली दरों की अपेक्षा इस बार सर्किल रेट 20 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। दरों के पुनर्निधारण के लिए टाइम-लाइन भी जारी हो गई है। शुक्रवार को एडीएम राजस्व एवं वित्त ने उप निबंधकों के साथ बैठक भी कर ली है। नए सर्किल रेट को एक अगस्त से प्रभावी किया जाना है। एडीएम राजस्व एवं वित्त संतोष कुमार सिंह के चेंबर में हुई बैठक में सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) तेज सिंह यादव और उप निबंधकों के बीच में सर्किल रेट बढ़ाने के संबंध में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बताया कि कौन-कौन से गाटे आबादी के 200 मीटर के दायरे में हैं। इस संबंध में तहसीलों से रिपोर्ट मांगी गई है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। एडीएम ने बताया कि इस बार तय हुआ है कि छह से 12 मीटर और इससे अधिक चौड़ाई वाली सड़कों के आसपास की जमीनों को सर्किल रेट वृद्धि की श्रेणी में लाया जा रहा है। विकसित एवं विकासशील क्षेत्रों को भी चिह्नित कर वहां की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की योजना बनी है। जून में कम हुए बैनामे बैठक में उप निबंधकों ने बताया कि लक्ष्य के हिसाब से जून महीने में सदर तहसील में स्टांप शुल्क से आय में गिरावट आई है। बैनामे कम संख्या में हुए हैं। जबकि, शहरी क्षेत्र में 80 और ग्रामीण क्षेत्र में 20 प्रतिशत स्टांप शुल्क की आय का लक्ष्य है। इसका एक कारण बीडीए की तरफ से निजी भू-स्वामियों की जमीनों के नक्शे न स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। उप निबंधकों ने कहा कि बीडीए अपने प्लाटों को बेचने के चक्कर में निजी भूमियों के नक्शे पास नहीं कर रहा है। सर्किल रेट के संबंध में जारी समय-सारिणी संशोधन के लिए प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण 15 जुलाई को होगा। संशोधित दर सूची के प्रस्ताव का प्रकाशन 16 जुलाई को किया जाएगा। फिर 22 जुलाई तक आपत्ति एवं सुझाव मांगे जाएंगे। इनके निस्तारण के उपरांत एक अगस्त से जिले में नया डीएम सर्किल रेट प्रभावी हो जाएगा।  

काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन को लेकर तैयारियों को अंतिम दिया जा रहा रूप, एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना

वाराणसी सावन में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा में बाढ़ की वजह से ललिता घाट से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। दर्शन के लिए आने वाले वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन और बच्चों के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। सावन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि इस बार सावन में बाबा के दरबार में कोई भी वीआईपी या वीवीआईपी नहीं होगा। सावन भर प्रोटोकॉल दर्शन नहीं होंगे। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु कतार में लगकर ही आएंगे। कोई श्रद्धालु दलालों के झांसे में न आए। यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर रुपये मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है, तो वह आपको ठगने का प्रयास कर रहा है। इसकी जानकारी निकटतम पुलिस या फिर मंदिर के कर्मी को दी जा सकती है। उधर, मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट कतार में न लगें। पहले सोमवार को चल प्रतिमा, तो दूसरे सोमवार गौरी-शंकर शृंगार इस सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग शृंगार किए जाएंगे। 14 जुलाई को पहले सोमवार को चल प्रतिमा शृंगार, दूसरे सोमवार (21 जुलाई) को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) शृंगार, तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को अर्धनारीश्वर शृंगार और चौथे व अंतिम सोमवार (चार अगस्त) को रुद्राक्ष शृंगार होगा। वहीं, नौ अगस्त को पूर्णिमा पर झूला शृंगार होगा। मंडलायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के सहयोग से धाम परिसर और शहर के अलग-अलग स्थानों पर बाबा विश्वनाथ की आरती और शृंगार के डिजिटल दर्शन की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी दर्शन की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जाएगी। व्यवस्था प्रबंधन के लिए संपूर्ण धाम में केंद्रीयकृत लोक सूचना प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और आवश्यक स्थानों पर स्थानीय लोक सूचना प्रणाली (लोकल पब्लिक एड्रेस सिस्टम) की व्यवस्था रहेगी। मंडलायुक्त ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुल पांच स्थानों पर चिकित्सकीय टीम की तैनाती की जाएगी। हेल्थ डेस्क पर तीन पाली में डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। प्रत्येक पाली में दो डॉक्टरों की टीम रहेगी। मंदिर में दो एंबुलेंस रहेगी। इनमें एक एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा होगी, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तत्पर रहेगी। छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र मंडलायुक्त ने बताया कि विश्वनाथ धाम में छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें मंदिर प्रांगण, शंकराचार्य चौक, गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार), गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक), गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग) और ललिता घाट पर बने खोया पाया केंद्र पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे।   पेयजल काउंटर की रहेगी सुविधा मंडलायुक्त के मुताबिक, धाम में समय-समय पर ग्लूकोज/ओआरएस घोल, सूक्ष्म जलपान, बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट आदि का वितरण किया जाएगा। इससे वृद्ध और बच्चों को सहूलियत मिलेगी। अतिरिक्त पेयजल काउंटर और गुड़ की व्यवस्था भी रहेगी।

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, योगी सरकार दे रही स्थानीय स्तर पर रोजगार का मौका

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ ही उनकी क्षमता का भी पूरा उपयोग करने का इंतजाम कर रही है। सरकार स्किल डेवलपमेंट के साथ युवाओं को स्वावाल‍ंबी बनाने के लिए हर स्तर उनकी मदद की योजना तैयार कर चुकी है। सरकार तो अब युवाओं को उनके ही जिले में रोजगार देने की कोशिश कर रही है। पहली बार जिला स्तर पर स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके तहत युवाओं को उन्हीं सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनकी उनके जिले में सबसे अधिक मांग है। हर जिले में पांच प्रमुख सेक्टरों की पहचान की जा रही है। यह चयन स्थानीय उद्योगों की मांग, रोजगार की संभावनाएं और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा। हर जिले में चुने गए पांच सेक्टरों में काम कर रही पांच अग्रणी कंपनियों या औद्योगिक इकाइयों को चिन्ह्ति किया जाएगा। इनके साथ समन्वय कर युवाओं को उनकी मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उन्हीं कंपनियों में सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के साथ बैठक कर योजना की रूपरेखा साझा की है। योजना को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रशिक्षण संस्थानों और मिशन टीम के बीच मजबूत समन्वय किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारियों को 26 सेक्टरों की सूची सौंपी गई है, जिनमें से उन्हें अपने जिले के लिए पांच उपयुक्त सेक्टरों का चयन करना है। कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इससे उद्योगों को स्थानीय प्रशिक्षित जनशक्ति मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को घर के पास ही नौकरी मिलेगी।  

4775.84 करोड़ की लागत से यूपी को मिलेगा नया एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल और वेस्ट के बीच सीधा रास्ता

लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर सात मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड का निर्माण किया जाना है। यूपीडा के प्रस्ताव में एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी स्थापित करना शामिल है। एक्सप्रेसवे पर दो बड़े सेतु, 20 छोटे सेतु, दो रेलवे ओवरब्रिज, छह फ्लाईओवर व पांच इंटरचेंजेज का निर्माण होगा। लखनऊ से कानपुर जाने वाले लोग अब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्ट हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दे दिया है। यह छह लेन का होगा और भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक के साथ आठ लेन का भी किया जा सकेगा। इसके लिए 39 गांवों की 597 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद पांच साल तक निजी कंपनी इसका रखरखाव करेगी। इसे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के पहले टोल (महुरा कला) से सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पहले टोल से जोड़ा जाएगा। इसकी लंबाई करीब 49.960 मीटर होगी। इसका सबसे अधिक फायदा लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर को होगा। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के आदमपुर, इरखरा, सकाभवई, लुहस बंथरा, सिकंदपुर, कुरैनी, भगदुमपुर, काशी जैतीखेड़ा, परवर, पश्चिम परवर, उल्लासखेड़ा, खुजहा, बरकत नगर, किथौली और कलपहास जैसे गांवों से होकर गुजरेगा। यहां वाहनों की गति 120 किमी. प्रति घंटे की होगी। वहीं लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को अगर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पकड़ना होगा तो उन्हें लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर न चलकर लखनऊ-कानपुर (एनएच 27) यानी नीचे वाले एक्सप्रेसवे पर चलना होगा। जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया और लिंक एक्सप्रेसवे बनाने में कम से कम तीन साल का समय कार्यदायी संस्था को लग सकता है।  

हाई कोर्ट के बाद स्पेशल कोर्ट ने भी झटका दिया, अब्बास अंसारी को नहीं मिली राहत

मऊ  भडकाऊ भाषण मामले में निवर्तमान सदर विधायक अब्बास अंसारी को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स ने कोई राहत नहीं दी। उसके सजा के विरुद्ध दाखिल किए गए स्थगन आदेश के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपील निस्तारण पर सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। कोर्ट ने इसके साथ ही सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक रहे अब्बास अंसारी को अपील के निस्तारण तक जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स के फैसले के बाद अब मऊ सदर सीट पर विधानसभा का उप चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है। राजेश कुमार पांडेय व अनिल कुमार पांडेय ने इस मामले अभियोजन की तरफ से अपना पक्ष रखा। इस मामले में अब्बास अंसारी की तरफ से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह व विपक्षी संख्या एक वादी गंगाराम बिंद की तरफ से सदानंद राय ने बहस की। गौरतलब है कि तीन मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने जनसभा के दौरान मंच से अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। इस मामले में शहर कोतवाली में दर्ज एफआइआर के बाद न्यायालय में बीते 31 मई को दो साल का कारावास व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। इसके बाद से उसकी विधायकी चली गई थी। भड़काऊ भाषण मामले में दो वर्ष की सजा के खिलाफ अब्बास अंसारी की अपील पर शनिवार शाम को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट राजीव कुमार वत्स ने फैसला सुनाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई और पिछली सुनवाई में अदालत ने फैसला सुनाने के लिए पांच जुलाई की तारीख तय की थी। अदालत ने बीती 31 मई को अब्बास को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान तीन मार्च 2022 को एक जनसभा के दौरान मंच से अब्बास ने जीतने के बाद अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। मामले में शहर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। अब्बास ने सुभासपा के टिकट पर मऊ सदर से चुनाव जीता था।