News Aazad Bharat

PWD अफसर होश में रहो! बिना बुलाए पुल उद्घाटन पर दयाशंकर सिंह का तीखा वार

लखनऊ  यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र बलिया में एक नवनिर्मित पुल को जनता के लिए बिना बताए खोलने पर पीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई. दयाशंकर ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा, "ज्यादा दिमाग न खराब हो. मैं यहां का विधायक और मंत्री हूं. आपने मुझे बिना बताए पुल खोल दिया. मुझे पता है कि आप किसके इशारे पर काम कर रहे हैं." हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन वह संभवतः इंजीनियर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रहे थे. मंत्री ने कहा, "क्या आप यहां से चुनाव लड़ रहे हैं? क्या बसपा आपको टिकट दे रही है? हो सकता है कि विधायक आपको टिकट दिलाने में मदद कर रहे हों."   उन्होंने बाद में पत्रकारों को बताया कि अधिशासी अभियंता ने पहले बार-बार अनुरोध के बावजूद पुल न खोलने के लिए औपचारिक परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला दिया था. लेकिन मंगलवार को अचानक, लोक निर्माण विभाग के मामलों में दखल देने वाले और जिनकी बातों में ये इंजीनियर चलते हैं, किसी ऐसे व्यक्ति के प्रभाव में आकर, बिना हमारी अनुमति या सूचना के पुल खोल दिया गया- ताकि हमें श्रेय न मिले.   मंत्री ने आगे कहा, "इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी. उन्होंने इलाके में लोक निर्माण विभाग की विश्वसनीयता पर भी चिंता जताई और कहा, "2015 से, पूर्व भुगतान के बावजूद यहां एक नाली तक नहीं बनी है. इस सरकार में कोई अधिकारी इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है? वह मंत्री, विधायक और यहां तक कि नगर पालिका अध्यक्ष की भी अनदेखी कर रहा है. ज़रूर कोई उच्च सुरक्षा वाला होगा." बता दें कि मंत्री दयाशंकर सिंह बीती रात को बलिया के कटहल नाले पर बने पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. तभी उन्हें पता चला कि बिना उद्घाटन के ही इसे जनता के लिए खोल दिया गया. इस बात से वो मौके पर मौजूद इंजीनियर के ऊपर उखड़ गए.  वहीं, पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी के एक्सइन ने कहा कि पुल का उद्घाटन नहीं हुआ है, केवल पुल और सड़क को चालू किया गया है, जिससे कि आवागमान सुचारु रूप से हो सके. चूंकि, बाढ़ आई हुई है और कटहल नाला भरा हुआ है, पुराना पुल जो था उसके एप्रोच की मिट्टी सरक रही थी. पुल पर खतरा हो सकता था. इसलिए पुराने पुल को बंद करके नए पुल को चालू कर दिया गया ताकि कोई हादसा न हो. 

UP में भारी बारिश के कहर को देखते हुए लिया गया फैसला, फिर बढ़ीं स्कूलों की छुट्टियां!

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। जिले में लगातार हो रही बारिश और स्कूलों में जलभराव की स्थित को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त स्कूलों और सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त स्कूलों को 6 अगस्त और 7 अगस्त को बंद कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह फैसला लिया गया, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  शहर की सड़केंगलियां, कॉलोनियां और बाजार पानी से लबालब हो गए हैं। बारिश का पानी घरों के अंदर तक घुस गया, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। मेन मार्केट, स्टेशन रोड, राजबाग कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। नालियों की सफाई ना होने और अधूरे नाले निर्माण ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। नगर प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन तेजी से जलनिकासी ना होने के कारण स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर दिखाई दे रही है  

BJP पर गंभीर आरोप: अखिलेश बोले- नकली आधार बनाने की मशीनें हैं इनके पास

लखनऊ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आधार कार्ड लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले नकली आधार बनाने की मशीन रखते हैं. नकली आधार बनाकर नकली वोटर आईडी बनाते हैं. इनकी मशीन छीनी जाए. इतना ही नहीं अखिलेश ने चुनाव आयोग से नई मांग की है. उनका कहना है कि चुनाव आयोग को वोटर आईडी और आधार कार्ड मैटल का बनाना चाहिए. अखिलेश ने इसके पीछे तर्क दिया कि मैटल के आईडी होंगे तो कोई चुनाव के दिन फर्जी नहीं बना सकेगा. आधार पर हमारा सबकुछ निर्भर करता है. वही हमारी पूरी पहचान है. असली-नकली की पहचान के लिए मशीनें बना ही सकते हैं. टेक्नोलॉजी इतनी आसान है, सस्ती है. चुनाव आयोग को सुधार करना चाहिए, सरकार को हमारी मांग माननी चाहिए. सपा मुखिया ने कहा कि यूपी के पिछले चुनावों की बात करते हुए कहा कि डीजीपी हटते थे, गृह सचिव, डीएम, एसपी हटते थे. ये पोस्ट होते हैं कि चुनाव कौन लूट सकते हैं. जो चुनाव अच्छी तरह लूट सकता है, उसे अच्छी पोस्टिंग दी जाती है. हमारी पार्टी ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को टैग करके शिकायत की है लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने की हिमाकत, रायबरेली में दो युवक भीड़ के गुस्से का शिकार

रायबरेली यूपी के रायबरेली में आज अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करने के बहाने आए दो युवकों ने उन पर थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज कार्यकर्ताओें ने आरोपी युवकों को दौड़ा कर पीटा। पुलिस को मामला शांत कराने में पसीने छूट गए। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को फतेहपुर जा रहे थे। इस दौरान वह रायबरेली में रुके। शहर के सारस चौराहे पर कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने मौर्य के थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीट दिया। इस दौरान पुलिस को मामला शांत कराने में छूटे पसीने। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।  

उद्योगों को बढ़ावा: यूपी में फुटवियर यूनिट्स को ज़मीन, बिजली और पूंजी पर बड़ी छूट

लखनऊ योगी सरकार ने फुटवियर और लेदर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए पहली बार “यूपी फुटवियर नीति” तैयार की है। इस नीति के तहत ज़मीन, बिजली और पूंजी निवेश पर भारी छूट दी जाएगी। 150-200 करोड़ तक के निवेश पर कंपनियों को 30-50% पूंजी सब्सिडी मिलेगी। बुलंदशहर व अन्य ज़िलों में ज़मीन पर 35%, बिजली दरों पर 50% तक छूट दी जाएगी। मशीनरी पर GST की आंशिक वापसी होगी और 200 नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे। 700 करोड़ से अधिक निवेश सीएम योगी ने यह सुझाव दिया कि यदि डिजाइन, अनुसंधान, उत्पादन के साथ-साथ प्रशिक्षण को एकीकृत किया जाए तो यह क्षेत्र न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर सकता है। सरकार का लक्ष्य 10 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। 700 करोड़ से अधिक निवेश और यूपी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। योगी ने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स जैसी अधोसंरचना सुविधाओं की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि इस नीति के तहत न केवल लेदर और नॉन-लेदर फुटवियर निर्माण इकाइयों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मशीनरी निर्माण, विशेष रूप से चमड़ा सिलाई, कटिंग, मोल्डिंग और नॉन-लेदर सेफ्टी शूज़ बनाने वाली तकनीकों से संबंधित इकाइयों को भी समर्थन मिलना चाहिए। हील्स, थ्रेड्स, टैग्स, इनसोल, लेस, केमिकल्स,लेबल्स के निर्माण को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

मकान निर्माण पर बढ़ा बोझ: LDA ने ‘चढ़ावे’ के नाम पर बढ़ाया शुल्क

लखनऊ राजधानी में अब मकान का नक्शा पास करना और महंगा हो जाएगा. पूरे लखनऊ शहर के लोगों को अब मकान का नक्शा पास कराते समय सुख-सुविधा शुल्क देना होगा. एलडीए ने इसकी दरें भी करीब तीन गुना बढ़कर 200 से 500 प्रति वर्ग मीटर कर दी है. यह शुल्क शहीद पथ, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर के विकास के नाम पर देना होगा. पहले यह शहीद पथ और किसान पथ के अगल-बगल 250 मीटर के दायरे में मकान बनवाने वालों से ही लिया जाता था. ये फैसला मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में हुई एलडीए बोर्ड की बैठक में लिया गया. बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकारी विभागों द्वारा बनाई गई 7:50 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे भी मकान का नक्शा पास होगा, बस मार्ग 200 मीटर लंबा होना चाहिए. एलडीए की इस बैठक में दो और योजनाओं को भी मंजूरी मिली है, जिनमें बीकेटी में विकसित की जाने वाली नैमिष नगर योजना के साथ-साथ आगरा एक्सप्रेस-वे की वरुण विहार योजना शामिल है. वरुण विहार योजना को 2664 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा. साथ ही नैमिषनगर योजना को 1084 हेक्टेयर में पूरा करने की तैयारी है. इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की बैठक में ऐशबाग, बसंतकुंज, विराजखंड, गोमतीनगर जैसे क्षेत्रों में भी विकास की योजनाओं पर चर्चा की गई. यहां के सेक्टर-4 में एलडीए की तरफ से सुख-सुविधाओं से लैस अपार्टमेंट बनाए जाएंगे.

मंदिर प्रवेश पर सरकार की शर्त: सिर्फ सनातनी हिंदुओं को ही मिले अनुमति, सुप्रीम कोर्ट में रखी दलील

नई दिल्ली. बांके बिहारी मंदिर के मैनैजमेंट के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सहमति जताई है। इसके साथ ही यूपी सरकार ने यह मांग भी रखी है कि इस समिति का नेतृत्व करने वाले सेवानिवृत्त जज सनातनी हिंदू होने चाहिए। इसका अर्थ हुआ कि किसी अन्य पंथ या मजहब को मानने वाले को समिति के मुखिया के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह समिति तब तक मंदिर का प्रबंधन करेगी, जब तक इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से मंदिर में कॉरि़डोर निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए यूपी सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश पर फैसला नहीं हो जाता। यूपी सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच से कहा है कि हमें अंतरिम समिति के गठन से कोई आपत्ति नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का प्रस्ताव है कि हाई कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को समिति का मुखिया बना दिया जाए। इस पर यूपी सरकार का कहना है कि हमें सभी शर्तें स्वीकार हैं, लेकिन पैनल का हेड उसी व्यक्ति को बनाया जाए, जो आस्था से सनातनी हिंदू हो। इस समिति के मुखिया के पास मंदिर के प्रशासन का जिम्मा होगा। इसके अलावा मंदिर के फंड का भी वह मैनेजमेंट कर सकेगा और उसके विकास पर उसे खर्च करने की अनुमति देगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंदिर के लिए बांके बिहारी कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए सरकार की ओर से फंडिंग की जाएगी। इसके अलावा आधा हिस्सा मंदिर ट्रस्ट से भी लेने की तैयारी है। इसके लिए अध्यादेश लाया गया है और मंदिर प्रशासन ने इसे ही चुनौती दी है। वहीं यूपी सरकार का कहना है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए भी ऐसी ही नीति का पालन किया गया था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम समिति की बात रखी है, जो अध्यादेश की वैधता पर फैसले तक काम करेगी। इस पर सरकार ने कहा कि हम समिति के लिए तैयार हैं, लेकिन उसका मुखिया ऐसा शख्स होना चाहिए, जो खुद एक सनातनी हिंदू हो। ऐसा इसलिए ताकि श्री बांके बिहारी जी महाराज की गरिमा और पवित्रता बनी रह सके।

यूपी पंचायत चुनाव में गड़बड़ी! पोर्टल से हटाई गईं पंचायतें, 50 हजार लोग नहीं कर सकेंगे मतदान

प्रतापगढ़ पंचायत चुनाव होने में अभी वक्त है, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मतदाता पुनरीक्षण का काम भी जोर पकड़ने लगा है। जनगणना के पहले निर्वाचन आयोग ने पोर्टल से 45 मिनी पंचायतों का नाम हटा दिया गया है। पहले 1,193 ग्राम पंचायतें पोर्टल पर थीं, मगर अब 1,148 ग्राम पंचायतें की बची हैं। वर्ष 2020-21 में पंचायत चुनाव हुआ था। इस दौरान 26 लाख 19 हजार 516 मतदाताओं ने मतदान किया था। इस दौरान निर्वाचन आयोग की पोर्टल पर 1,193 ग्राम पंचायतों का ब्योरा दर्ज था। इसमें 45 ग्राम पंचायतें निकाय में शामिल हो गईं। इसमें मानधाता ब्लाक के पूरे तोरई, सराय देवराय, गौरा, छतौना, सराय हरि नारायण, लाखापुर, मानधाता, मिश्रपुर तरौल, अहिना, जिलौली, गंभीरा, सराय भूपत, बगियापुर, पूरे मोतीलाल और जगदीशपुर शामिल हुआ है। साथ ही सदर के राजापुुर कला, बाबागंज के बहोरिकपुर, जगापुर, फतूहाबाद, ऐंधा, कालाकांकर के चौरही, बजहाभीट, मिरगड़वा, लाटतारा, संडवा चंद्रिका के गड़वारा, भदौसी, शिवराजपुर, डंगरी, चौरा, आशापुर निकाय में शामिल हुईं। जनगणना के पहले निर्वाचन आयोग ने 45 ग्राम पंचायतों का नाम पोर्टल से हटा दिया है। पोर्टल पर कुल 1,148 ग्राम पंचायतें ही दिख रही हैं। पंचायतों का नाम हटाने से इस बार के पंचायत चुनाव में बूथ और मतदान केंद्रों में कमी आना भी स्वाभाविक है। चुनाव में लाखों रुपये खर्च होने से बचत हो सकेगी। अतिरिक्त मतदान कार्मिक नहीं लगाए जाएंगे। इस मुहल्ले के लोग अब निकाय चुनाव में सहभागी बन सकेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम आदित्य प्रजापति ने बताया कि जनगणना शुरू होने के पहले आधा दर्जन से अधिक निकायों में शामिल 45 ग्राम पंचायतों का नाम निर्वाचन आयोग की पोर्टल से हटाया गया है। निर्वाचन आयोग से यह कार्रवाई हुई है। अब पोर्टल पर केवल 1,148 ग्राम पंचायतों का ही ब्योरा दिख रहा है।

छवि धूमिल करने का प्रयास बेअसर होगा, बसपा स्वतंत्र राह पर कायम : मायावती

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बयान जारी कर अपनी पार्टी की स्वतंत्र राजनीतिक नीति को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएसपी न तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एनडीए गठबंधन के साथ है और न ही कांग्रेस के इंडी गठबंधन से जुड़ी है। मायावती ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" के सिद्धांतों पर चलती है, जो दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए समर्पित है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, "जैसा कि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ना तो बीजेपी के एनडीए गठबंधन के साथ है और ना ही कांग्रेस के इंडिया समूह (गठबंधन) के साथ है, और ना ही किसी और के साथ है, बल्कि इन दोनों व अन्य और किसी भी जातिवादी गठबंधनों से अलग अपनी ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के अंबेडकरवादी सिद्धांत व नीति पर चलने वाली पार्टी है।" मायावती ने आगे लिखा, इसके बावजूद भी ख़ासकर दलित, आदिवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा इन वर्गों के प्रति जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बी.एस.पी. की इमेज को बीच-बीच में धूमिल करने व राजनीतिक नुकसान पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, जिसको लेकर पार्टी को लगातार अपने लोगों को इनसे सतर्क करते रहने की जरूरत पड़ती रहती है।" पोस्ट में आगे लिखा कि इस क्रम में अभी हाल में एक यूट्यूब चैनल में ’’बीजेपी के साथ आ गयी मायावती कर दिया बड़ा ऐलान?’’ इस शीर्षक से गलत, तथ्यहीन व विषैली ख़बर चलायी है, जबकि उसके भीतर न्यूज़ में कुछ और है। इस प्रकार से चैनल द्वारा पार्टी की इमेज को ख़ासकर चुनाव के पूर्व इस प्रकार का आघात पहुंचाने का जो यह घिनौना प्रयास किया गया है उसकी जितनी भी निंदा व भर्त्सना की जाए, वह कम है। चैनल को इसके लिए माफी भी ज़रूर मांगनी चाहिये। मायावती ने आगे कहा, "साथ ही, पार्टी के लोगों से यह विशेष आग्रह है कि वे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मीडिया के इस प्रकार के घिनौने हथकण्डों से हमेशा ज़रूर सावधान रहें और किसी के भी बहकावे में ना आएं, क्योंकि जातिवादी तत्व अपने अम्बेडकरवादी कारवां को कमजोर करने के घिनौने षड्यंत्र में हमेशा किसी न किसी रूप में लगे रहते हैं।"

पीडीए पाठशाला पर कार्रवाई नहीं संभव : अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

लखनऊ  समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी पढ़ाई को लेकर किसी पर एफआईआर नहीं कराई, लेकिन यह सरकार सोचती है कि पुलिस से पीडीए पाठशाला बंद हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं होगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव मंगलवार को राजधानी में जनेश्वर मिश्रा की जयंती पर प्रेस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्कूलों के विलय पर एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीडीए पाठशाला को पुलिस नहीं रोक सकती है। समाजवादी संकल्प लेते हैं कि जब तक सरकार स्कूलों में शिक्षक और प्रिंसिपल नहीं पहुंचाती, पीडीए पाठशाला और ट्यूशन चलती रहेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को पाठशालाओं की स्थिति देखने की सलाह दी और याद दिलाया कि उनकी सरकार ने अभिनव-संस्कृति स्कूल खोला था। सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि उसने कई स्कूल बंद कर दिए हैं। कुछ का विलय भी किया है। जब तक उन स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता तब तक छात्रों को पढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बलिया से निकला पत्र इनकी सोच को बताता है। यह सरकार बुनियादी सवाल न पूछे जाने के लिए ऐसा करती है। अखिलेश ने प्रयागराज बाढ़ से पीड़ित लोगों का भी जिक्र किया और सरकार से राहत की मांग की। उन्होंने तालाबों पर भाजपा के कब्जे का आरोप लगाया है। अयोध्या, बनारस, लखनऊ की जमीनों की रजिस्ट्री भी संदिग्ध तरीके से कराई गई है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा बताए कि भारत का क्षेत्रफल पहले कितना था और अब कितना है। जिस दिन यह जवाब देंगे, हम भी तिरंगा लेकर निकलेंगे। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई समाजवादी सिद्धांतों से ही कम हो सकती है। वस्त्र बदलने से कुछ नहीं बदलता, न ही कोई लाभ मिलता है। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर बेईमानी का आरोप लगाया और कहा, “कैमरे में कैद है कि पुलिस चुनाव में वोट डलवाने में लगी थी, लेकिन आयोग ने कार्रवाई नहीं की। उसे भुला नहीं गया है।" उन्होंने गोसाईगंज नगरपालिका चुनाव में नकली आधार और वोटर आईडी बनाने की मशीन लगाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास नकली आधार आईडी बनाने की मशीन है।