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गंगा उफान पर, काशी में मणिकर्णिका घाट की गलियां बनीं श्मशान पंक्तियाँ

वाराणसी   उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई है। गंगा अब 70.36 मीटर के ऊपर बह रही है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब धीरे-धीरे जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर की तरफ बढ़ता जा रहा है।     गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चलने लगी हैं। शवदाह करने के लिए लोगों को कतार लगानी पड़ रही है। गंगा में बाढ़ की वजह से 15 गांव और शहर के 10 मोहल्ले प्रभावित हो चुके हैं। अब तक 436 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। केंद्रीय जल आयोग की ओर जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.92 मीटर था और जलस्तर में हर घंटे चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही थी। शाम चार बजे गंगा ने चेतावनी बिंदु 70.26 को पार कर लिया और जलस्तर 70.28 मीटर था।   शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 70.36 मीटर पहुंच गया था जो कि चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चल रही है और छत पर शवदाह के कारण गलियों में शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट का इंतजार करना पड़ रहा है।     बाबा मसाननाथ सेवा समिति के संजय गुप्ता ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह में दिक्कत हो रही है और शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में भी अब जगह कम पड़ने लगी है। घाट के सारे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि इस वर्ष बाढ़ का कहर भयावह हो सकता है। गंगा के उफान और वरुणा में पलट प्रवाह से दीनदयालपुर, पैगंबरपुर, पुलकोहना, पुराना पुल, रूप्पनपुर और सलारपुर सहित कई तटीय बस्तियों के हालात गंभीर हो गए हैं।   नगवा इलाके में पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर जलस्तर बढ़ने के बाद पानी सड़क पर आने से रास्ता बंद हो – फोटो : अमर उजाला किसान संजय चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि उनके खेतों में लगी भिंडी, लौकी, टमाटर, नेनुआ जैसी मौसमी सब्जियां पानी में डूब चुकी हैं और फसल बर्बादी के कगार पर है।  वरुणा का प्रचंड रूप देख बाढ़ में फंसे लोगों में भय का माहौल है। नक्खी घाट निवासी संजय गुप्ता, दीनदयालपुर के रमेश सोनकर, विजय सोनकर ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देख कर 2014 की स्थिति की याद आ रही है। 1978 का रिकॉर्ड टूटने की आशंका गंगा नदी का जलस्तर अब डराने लगा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और वरुणा नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि आने वाले दो चार दिन तक अगर यही हालात रहे हो जलस्तर खतरे के निशान को भी पार कर सकता है। यह स्थिति 1978 के रिकॉर्ड जलस्तर 73.901 मीटर के करीब होगी।   ढाब क्षेत्र में खेती को खतरा, राहत शिविर में पहुंचे ग्रामीण चिरईगांव क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। बाढ़ का पानी अब उन क्षेत्रों को भी पार कर गया है, जो कुछ दिन पहले ही डूबे थे। यदि पानी का बढ़ाव इसी तरह जारी रहा तो किसानों की सब्जियों की नर्सरी नष्ट हो सकती है।  गलियों में घुसा पानी, रास्ता बंद गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नगवां नाला से पानी घुसने के कारण नगवां नाला के किनारे से होकर अस्सी पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर पानी लग गया है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मदद से चैनल गेट को बंद करवाया गया और पानी के निकासी करने के लिए मोटर पंप को चलवाया गया।   मंडलायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण बाढ़ी की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जनजीवन की सुरक्षा और संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंडलायुक्त एस राजलिंगम व उपमहानिरीक्षक 11वीं एनडीआरएफ मनोज शर्मा ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ से निपटने की तैयारियों, त्वरित बचाव कार्यों एवं राहत वित्तरण व्यवस्था को समीक्षा की।    उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एनडीआरएफ की टीमें हर स्तर पर स्थानीय प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए हुए हैं और किसी भी स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार है।   गंगा नदी का जलस्तर गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर-70.36 गंगा नदी का चेतावनी बिंदु-70.26 गंगा नदी का खतरे का बिंदु-71.26 गंगा नदी का अधिकतम जलस्तर-73.90  

वाराणसी में सीएम योगी का दौरा: पीएम मोदी के कार्यक्रम में मौजूदगी और बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

वाराणसी सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे पर है। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। योगी ने काल भैरव और काशी विश्वनाथ में दर्शन पूजन किया। आज सीएम PM मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम आज वाराणसी को 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही योगी आज बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। 2,200 करोड़ को देंगे तोहफा सीएम योगी ने पीएम के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘नई काशी’ बहुआयामी विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में लगभग 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ ही अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 20वीं किस्त भी जारी की जाएगी। विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना सशक्त होगी सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जाने वाले इन उपहारों से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, शहरी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना और सशक्त होगी। आपका हार्दिक अभिनंदन प्रधानमंत्री।

आज काशी में पीएम मोदी का दौरा, विकास परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 51वें दौरे पर काशी आएंगे। वह तीन घंटे तक काशी में रहेंगे। विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सेवापुरी के गांव बनौली जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिव्यांगों को उपकरण देंगे। 2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लोकार्पण की सबसे बड़ी परियोजना 35 किलोमीटर लंबी वाराणसी-भदोही फोरलेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये) है। शिलान्यास की सबसे बड़ी परियोजना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़) है। प्रधानमंत्री दोपहर 1:25 बजे बाबतपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ शुक्रवार शाम 7:40 बजे काशी आ गए। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारियों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से ही देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि भेजेंगे। इसमें काशी के 2.21 लाख किसान शामिल रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति संस्थान की कक्षा आठ की छात्रा बबली कुमारी को लो विजन उपकरण, रामनगर के रग्बी खिलाड़ी संतोष पांडेय को स्पोर्ट व्हीलचेयर, चुप्पेपुर के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी विकास कुमार पटेल को एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर, पितरकुंडा के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी मनोज कुमार को स्पोर्ट व्हीलचेयर, सेवापुरी के मटुका ककरहा की सीता कुमारी पाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, सेवापुरी के कालिका बाजार के किशुन (61 वर्ष) को कान की मशीन देंगे, फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेता स्वागत करेंगे। 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही मार्ग का 4 लेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये), 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण (2.54 करोड़ रुपये), वाराणसी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर एवं डॉग केयर सेंटर का निर्माण (1.85 करोड़ रुपये), महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी में 02 रेडिएशन मशीनों, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और सीटी स्कैन मशीन की स्थापना (73.30 करोड़ रुपये), दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार और जल शोधन का कार्य (3.40 करोड़ रुपये) शामिल है। 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़), गंगा नदी के 24 घाटों का जीर्णोद्धार एवं साइनेज कार्य (4.66 करोड़), नक्सल क्यूआरटी हेतु बैरक का निर्माण (1.54 करोड़), स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ग्राम करखियांव के सुंदरीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (18.26 करोड़), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के आवासीय भवनों का नवीनीकरण (8.23 करोड़), लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर का संग्रहालय के रूप में विकास (11.82 करोड़), वाराणसी-गाजीपुर मार्ग से स्वर्वेद महामंदिर तक मार्ग के नव निर्माण का (11.46 करोड़ ), दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण (215.88 करोड़ और कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता कक्ष का निर्माण (4.95 करोड़) शामिल है।

नोएडा में लहराएगा गौरव: डीएम मेधा ने शूटिंग चैम्पionship में जीतें तीन गोल्ड

 नोएडा  मेधा रूपम गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला ज़िला मजिस्ट्रेट का पदभार संभाला है. एक शानदार करियर और प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ, एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर से लेकर एक शीर्ष नौकरशाह तक का उनका सफ़र कई लोगों को प्रेरित करता है. मेधा रूपम नोएडा ( गौतमबुद्ध नगर ) की पहली महिला जिलाधिकारी (डीएम) हैं. 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रूपम ने 30 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय का कार्यभार संभाला है.  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं पिता मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. मेधा की नियुक्ति की घोषणा इसी सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले आदेश में की गई थी, जिनमें गाजियाबाद और प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं. उन्होंने मनीष कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिन्हें प्रयागराज का जिलाधिकारी बनाकर स्थानांतरित किया गया है. कौन हैं मेधा रूपम ? आगरा में जन्मी मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.  मेधा ने 2014 में यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपना करियर शुरू किया है.  इसके बाद, वे मेरठ, हापुड़ और कासगंज सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीर्ष नौकरशाह के रूप में तैनात रहीं. उन्होंने फरवरी 2023 से जून 2024 तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कार्य किया.  शूटिंग चैम्पियनशिप में जीतें तीन गोल्ड मेडल मेधा राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर भी हैं और उन्होंने केरल राज्य शूटिंग चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं. मेधा के पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सहारनपुर में सेवारत हैं. सितंबर 2024 में, मेधा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक ट्रैक्टर में बैठी थीं और उनके साथ ड्राइवर समेत दो लोग थे. वह जलभराव वाले ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण कर रही थीं. मेधा की नियुक्ति भारतीय प्रशासन में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मेधा के पिता ज्ञानेश कुमार, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 60 वर्षीय कुमार इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम कर चुके हैं. वे 31 जनवरी, 2024 को अमित शाह के अधीन आने वाले सहकारिता मंत्रालय में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए. इससे पहले, वे संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के पद पर भी कार्यरत थे. कुमार ने इस वर्ष फरवरी में राजीव कुमार का स्थान लेते हुए भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण किया था.

मतदाता अभियान से रिंकू सिंह की छुट्टी, फैंस में नाराज़गी

लखनऊ क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है, दरअसल, चुनाव आयोग ने भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को मतदाता जागरूकता अभियान से बाहर कर दिया गया है। उनके नाम, फोटो और वीडियो सहित सभी प्रचार सामग्री को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि आखिर उन्हें चुनाव आयोग ने क्यों हटाया है। फिलहाल इस खबर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक यह फैसला तब आया जब हाल ही में रिंकू सिंह की समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद प्रिया सरोज से सगाई हुई। आयोग ने इस संबंध को राजनीतिक जुड़ाव मानते हुए, अभियान की निष्पक्षता को लेकर चिंता जाहिर की है। इस वजह से रिंकू सिंह को आयोग ने हटाया हो। राजनीतिक संबंध से बदल गया प्रचार का स्वरूप: आयोग चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता जागरूकता जैसे संवेदनशील और गैर-राजनीतिक अभियानों में पूर्ण निष्पक्षता जरूरी होती है। चूंकि रिंकू सिंह अब एक सक्रिय राजनीतिज्ञ से व्यक्तिगत रूप से जुड़े हैं, ऐसे में उनके प्रचार में शामिल रहने से पक्षपात की आशंका पैदा हो सकती है। इसी आधार पर आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि सभी पोस्टर, बैनर, डिजिटल विज्ञापन और वीडियो में से रिंकू की तस्वीर और नाम हटाए जाएं। लखनऊ में हुई थी सगाई, सपा के शीर्ष नेता भी हुए थे शामिल 8 जून को रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की सगाई लखनऊ के ‘द सेंट्रम’ होटल में हुई थी। इस निजी समारोह में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल यादव, जया बच्चन सहित पार्टी के 20 से अधिक सांसद मौजूद थे। इस सगाई के बाद से ही अटकलें लग रही थीं कि रिंकू का नाम अब राजनीतिक संदर्भों में जुड़ सकता है, जिससे उनकी छवि पर भी असर पड़ेगा। फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया फैसले के बाद रिंकू सिंह के फैंस ने सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने इस कदम को “ज़रूरत से ज़्यादा सतर्कता” करार दिया है, वहीं कुछ ने कहा कि लोकप्रिय हस्तियों का राजनीतिक दुरुपयोग रोका जाना जरूरी है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि इस तरह के निर्णय से चुनाव आयोग अपने निष्पक्ष और सख्त रवैये को सामने लाने की कोशिश कर रहा है, खासकर जब देश आगामी चुनावों की तैयारी में है। पहले भी हटाए गए हैं सार्वजनिक चेहरे यह पहला मौका नहीं है जब चुनाव आयोग ने किसी पब्लिक फिगर को अभियान से हटाया हो। इससे पहले भी आयोग ने ऐसे मामलों में कार्यवाही की है जहां किसी की राजनीतिक संबद्धता से अभियान की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकते थे। रिंकू और प्रिया की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं इस पूरे घटनाक्रम पर न तो रिंकू सिंह की तरफ से और न ही सांसद प्रिया सरोज की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने आया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को आगामी चुनावों से पहले एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।  

महंगी हुई लखनऊ की रियल एस्टेट! नए सर्किल रेट से खरीददारों की जेब पर असर

लखनऊ   यूपी की राजधानी लखनऊ में एक अगस्त से नया डीएम सर्किल रेट लागू हो गया है. इससे अब जमीन, मकान या दुकान खरीदने वालों को न सिर्फ ज्यादा कीमत चुकानी होगी, बल्कि अब इलाके की सड़क, प्लॉट का उपयोग और आसपास की गतिविधियों की भी अहम भूमिका होगी. 10 साल बाद सर्किल रेट में यह बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है और साथ ही बिल्डरों की मनमानी पर भी अंकुश लगने की संभावना है.  हाई-डिमांड इलाकों में सर्किल रेट दो से तीन गुना बढ़ा लखनऊ, जो अब देश के प्रमुख मेट्रो शहरों की कतार में तेजी से खड़ा हो रहा है, उसमें यह बदलाव विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. गोमती नगर, अंसल, शहीद पथ और शालीमार वन वर्ल्ड जैसे पॉश और हाई-डिमांड इलाकों में सर्किल रेट को दो से तीन गुना तक बढ़ाया गया है. इन क्षेत्रों में हाईराइज टावर, होटल, शॉपिंग मॉल और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मांग के चलते जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है.  डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र के लिए सर्किल रेट ₹17,000 प्रति वर्ग मीटर पिछले कुछ वर्षों में आउटर रिंग रोड, किसान पथ और विभिन्न एक्सप्रेसवे के आसपास भी 20 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाए गए हैं. सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में इंडस्ट्री और निवेश को प्रोत्साहन देना है. आंकड़ों की मानें तो लखनऊ में अब तक दो लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. इसी कड़ी में भटगांव स्थित डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र के लिए सर्किल रेट ₹17,000 प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है, ताकि उद्योगों की स्थापना आसान हो सके.  डीएम विशाख जी ने बताया कि पिछली बार 2015 में सर्किल रेट में संशोधन हुआ था. तब से अब तक शहर की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि एक जुलाई को प्रस्तावित दरों पर कुल 49 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश में दरें बढ़ाने की मांग की गई थी.  गोमती नगर सबसे महंगा इलाका शहर की 26 प्रमुख कॉलोनियों के रेट इस बार अपडेट किए गए हैं. सबसे महंगे इलाके में गोमती नगर रहा, जहां सर्किल रेट ₹77,000 प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गया है. इसके बाद महानगर में ₹41,000 से ₹65,000 और इंदिरा नगर में ₹35,000 से ₹62,000 तक की दरें तय की गई हैं.  वहीं सबसे सस्ती कॉलोनियों में अनंतनगर ₹15,000–₹18,000 और संतुष्टि एन्क्लेव ₹7,000–₹10,000 शामिल हैं.  इस बदलाव के बाद जहां प्रॉपर्टी खरीदना थोड़ा महंगा हुआ है, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ने और सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतरने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही, यह कदम लखनऊ को निवेश और विकास की दृष्टि से और अधिक सशक्त बना सकता है. 

लखनऊ की वीआईपी कोठी छोड़नी पड़ेगी सपा को, मुलायम सिंह के नाम थी मंजूर

लखनऊ  मुरादाबाद में जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी को दी गई सरकारी कोठी का आवंटन रद्द कर दिया है.यह कोठी वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के नाम पर केवल 250 रुपये प्रति माह किराए पर आवंटित की गई थी.अब जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई को 30 दिनों के भीतर यह कोठी खाली करने का आदेश जारी कर दिया है. सिविल लाइंस में बनी है यह कोठी यह कोठी मुरादाबाद के पॉश इलाके सिविल लाइंस क्षेत्र में ग्राम छावनी के पास स्थित है, जहां पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज समेत कई सरकारी संस्थान मौजूद हैं.लगभग 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैली इस कोठी में वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी का जिला कार्यालय संचालित हो रहा है.इस कोठी का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है, और यह राजस्व अभिलेखों में सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है. नामांतरण न होने से निरस्त हुआ आवंटन प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद कोठी का नामांतरण नहीं कराया गया.नियमानुसार, किसी सरकारी आवंटन के मूल लाभार्थी की मृत्यु होने पर संपत्ति का नामांतरण आवश्यक होता है.चूंकि ऐसा नहीं किया गया, इसलिए प्रशासन ने आवंटन को समाप्त कर दिया. सरकारी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी अनुज सिंह की ओर से यह निर्णय राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की जरूरतों के लिए भूमि और भवन की मांग लगातार बढ़ रही है.विशेषकर अधिकारियों के आवास के विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह कोठी वापस लेने का निर्णय लिया गया. एडीएम (वित्त) ने जारी किया नोटिस इस संबंध में एडीएम (वित्त) ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि कोठी को एक माह के भीतर खाली कर दिया जाए. यदि तय समयसीमा में कोठी खाली नहीं की जाती, तो प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. प्रशासनिक कार्रवाई, राजनीतिक रंग इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं.कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला नियमों के तहत लिया गया है, जबकि कुछ इसे राजनीतिक निर्णय मानकर देख रहे हैं.हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह केवल नियमानुसार की गई एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सरकारी संपत्ति का प्रभावी और उचित उपयोग सुनिश्चित करना है.

अपने क्षेत्र में 51वीं बार पहुंचेंगे पीएम मोदी, वाराणसी को मिलेंगी बड़ी सौगातें

वाराणसी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 51वें दौरे पर आ रहे हैं. अपने इस एक दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में लगभग 2 घंटे बिताएंगे. इस दौरान वो जनसभा को भी संबोधित करेंगे. उनकी जनसभा सेवापुरी ब्लाक के कालिकाधाम (बलौनी) में होनी है. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.  गौरतलब है कि जब कभी प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में आते हैं, तो अक्सर कुछ बड़ा ऐलान करते हैं और परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी देते हैं. इस बार भी वह 2183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 52 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे.  इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी जाने वाली परियोजनाओं का लाभ न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल की जनता को भी मिलेगा. इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के रूप में 9.7 करोड़ किसानों के लिए  20 हजार 500 करोड़ रुपये की किस्त भी जारी करेंगे.  प्रधानमंत्री मोदी 2 अगस्त को सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे जनसभा स्थल हेलीकॉप्टर से पहुंच जाएंगे. वहीं, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एलिम्को की ओर से प्रधानमंत्री चुनिंदा कुछ दिव्यांगजनों और वयोश्री योजना के तहत अपने हाथों से उपकरण बाटेंगे. इसके बाद 2025 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी बांटा जाएगा. इसमें वाराणसी के सेवापुरी, आराजीलाइन और बड़ागांव के लाभार्थी शामिल किए गए हैं. तैयारियों जोरों पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जनसभा स्थल और तैयारियों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मानसून के मौसम में खासकर बारिश के मद्देनजर सभी तैयारी है. जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, लिहाजा जर्मन हैंगर के अलावा पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एसपीजी भी पहुंचकर सुरक्षा जांच में जुट गई है. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के मद्देनजर न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी पूरे जोर-शोर से लग गई है, जिसके तहत पूरे वाराणसी में स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों, महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं मठ-मंदिरों के आसपास स्वच्छता की जा रही है. इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री की जनसभा की व्यवस्था में लगे कार्यकर्ताओं की बैठक भी संपन्न हुई है, जिसमें जनसभा स्थल को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है और चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए प्रत्येक ब्लॉक के इंचार्ज भी बनाए गए हैं. पीएम मोदी के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं : * 565.35 करोड़ की लोकार्पित होने वाली 14 परियोजनाएं- वाराणसी-भदोही फोरलेन मार्ग (269.10 करोड़), मोहनसराय अदलपुरा रोड पर आरओबी (42.22 करोड़), होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में मशीनें व यूनिट (73.30 करोड़), जल जीवन मिशन की 47 परियोजनाएं (129.97 करोड़) आदि. * 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास- होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (85.72 करोड़), दालमंडी रोड का चौड़ीकरण (215.88 करोड़), बिजली के तारों का अंडर ग्राउंड कार्य (881.56 करोड़), अस्सी घाट पर मल्टीलेवल पार्किंग (9.84 करोड़) आदि.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गाजियाबाद अलर्ट, 5 कंट्रोल रूम और हजारों ‘कांवड़ मित्र’ तैयार

गाजियाबाद सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ मार्ग को 124 बीट में विभाजित किया है, प्रत्येक बीट की लंबाई 700-800 मीटर है। हर बीट में एक सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में चार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात ड्यूटी पर रहकर समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। इसके अलावा, 10,000 कांवड़ मित्र नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर कांवड़ियों की मदद करेंगे। ये कांवड़ मित्र कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को निर्बाध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए गाजियाबाद में पांच मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ तिराहा और तीनों जोनल कंट्रोल रूम शामिल हैं। इनके अधीन अस्थायी उप-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जैसे राज चौपला, निवाड़ी रोड और एनएच-9 चौराहा। इन कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर पर 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। पिछले साल मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव को देखते हुए इस बार एक बफर जोन बनाया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी। मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर सीसीटीवी की व्यवस्था भी की गई है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित हो जाती है, तो उन्हें तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार से 1,400 लीटर गंगाजल मंगवाया गया है। यह गंगाजल विभिन्न थानों में वितरित किया गया है, ताकि कांवड़िए बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, "हमारा उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाना है। सभी व्यवस्थाएं इस तरह की गई हैं कि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और वे अपना जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें।"

यात्रियों के लिए खुशखबरी! मुजफ्फरपुर-प्रयागराज ट्रेन में बढ़े AC-3 कोच, कई अपडेट जारी

मुजफ्फरपुर 12538/37 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर-प्रयागराज एक्सप्रेस में एसी-थ्री के तीन नए कोच जुटेंगे। इसके साथ ही इस ट्रेन का नंबर भी बदल जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलाई जाएगी। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि उक्त ट्रेन में एसी-थ्री के एक तथा एसी-थ्री-ई के दो अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलेगी। मुजफ्फरपुर-प्रयागराज के बीच चलने वाली इस ट्रेन में तीन नए कोच लगाए जाएंगे। इस ट्रेन में कोचों की कुल संख्या 18 से बढ़कर 21 हो जाएगी। एक सितंबर से गाड़ी संख्या 12538/12537 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर -प्रयागराज एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित नंबर 14112/14111 से किया जाएगा। 20 कोच के साथ चलेगी पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस पटना -हावड़ा के बीच चलने वाली 22348/22347 पटना-हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस में चार कोच अतिरिक्त जोड़कर 20 कर दिया गया है। इसके पहले 16 कोच के साथ चलायी जा रही थी। यात्रियों की मांग के मद्देनजर उनकी सुविधा हेतु के लिए 20 कोचों के साथ इसका परिचालन शुरू हो गया है। महिला डिब्बे में 1176 पुरुष यात्री धराए पूर्व मध्य रेल (पूमरे) की ओर से बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करके ट्रेनों को जहां-तहां रोकने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही। पूर्व मध्य रेल में आरपीएफ द्वारा आपरेशन समय पालन के तहत ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही। ताकि विलंब ना हो। 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने चेन पुलिंग करने के आरोप में 612 लोगों को हिरासत में लिया है। उन लोगों के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई। 327 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गए जबकि समस्तीपुर मंडल में 136, सोनपुर मंडल में 64, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 40 तथा धनबाद मंडल में 45 लोगों को हिरासत में लिया गया। आपरेशन महिला सुरक्षा के मद्देनजर पिछले महीने के 15 दिनों में रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत 1176 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया। इनमें सर्वाधिक 420 लोग दानापुर मंडल में जबकि धनबाद मंडल में 342, सोनपुर मंडल में 275, समस्तीपुर मंडल में 78 तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 61 पुरुष यात्रियों पकड़ा गया। इस बात की जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने शुक्रवार को दी।