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क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! टीम इंडिया का पूरा अगला शेड्यूल जारी

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरा पूरा हो चुका है. 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही. कप्तान शुभमन गिल की सेना ने इस टूर पर फैंस को कई यादें दी हैं. बतौर कप्तान वो पहले इम्तिहान में पास हुए हैं. इंग्लैंड टूर पर ना सिर्फ उनका बल्ला बोला बल्कि बतौर कप्तान भी गिल ने सभी को इंप्रेस किया है. अब सभी के मन में एक ही सवाल है कि आखिरी अब टीम इंडिया का अगला मिशन क्या है? भारत कब और किसके खिलाफ मैदान पर उतरेगी? हम आपके लिए भारतीय क्रिकेट टीम का इस साल का पूरा शेड्यूल लेकर आए हैं, जिसमें ये बताएंगी कि अब मेन इन ब्लू कब और कौन-कौन सी टीमें से भिड़ने वाली है. इंग्लैंड टूर के बाद अब टीम इंडिया कुछ दिनों रेस्ट करेगी. वो अगले महीने सितंबर में एक्शन में होगी, क्योंकि इस महीने एशिया कप 2025 होना है, जो टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम है. यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में होगा. जिसकी मेजबानी बीसीसीआई है, लेकिन टूर्नामेंट मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों अबू धाबी और दुबई में खेले जाएंगे. कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं. भारत-पाकिस्तान भी इसमें नजर आएंगे. अब एशिया कप 2025 में नजर आएगी टीम इंडिया टीम इंडिया अब एशिया कप 2025 में नजर आएगी. उसे पहला मैच 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ खेलना है. फिर 14 सितंबर को पाकिस्तान से भिड़ना होगा. आखिरी लीग स्टेज मैच में वो ओमान के खिलाफ खेलेगी. टीम इंडिया खिताब जीतने की दावेदार है. लीग स्टेज के 3 मैच जीतकर वो सुपर 4 स्टेज में पहुंचेगी और वहां से सेमीफाइन और फाइनल में जगह पक्की करेगी. टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को दुबई में होगा. वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट होंगे एशिया कप 2025 के ठीक 2 दिन बाद टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेलेगी, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने घर में होना है. कुल 2 मैच होंगे. पहला मुकाबला 2 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जबकि दूसरा मैच 10 अक्टूबर से दिल्ली के अरुण जेटली में खेला जाएगा. मतलब एक बार फिर रेड बॉल की धूम होगी, इस बार ये भारत में होगी तो रोमांचक अलग स्तर का होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज वेस्टइंडीज के बाद टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया टूर पर जाएगी. जहां वनडे और टी20 मैचों की सीरीज होगी. ये टूरअक्टूबर महीने में ही होगा. जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा भी नजर आ सकते हैं. इस टूर पर 3 वनडे और 5 टी20 मैच होंगे. टी20 विश्व कप 2026 से पहले यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसी के घर में खेलना बढ़िया तैयारी होगी. ये टूर बेहद मुश्किल हो सकता है. भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे का पूरा कार्यक्रम देख लीजिए 19 अक्टूबर- पहला वनडे, पर्थ स्टेडियम, पर्थ 23 अक्टूबर- दूसरा वनडे, एडिलेड ओवल, एडिलेड 25 अक्टूबर- तीसरा वनडे, एससीजी, सिडनी 29 अक्टूबर- पहला T20, मनुका ओवल, कैनबरा 31 अक्टूबर- दूसरा T20, एमसीजी, मेलबर्न 2 नवंबर- तीसरा T20, बेलेरिव ओवल, होबार्ट 6 नवंबर- चौथा T20, गोल्ड कोस्ट स्टेडियम, गोल्ड कोस्ट 8 नवंबर- पांचवां T20, द गाबा, ब्रिस्बेन साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट, वनडे और टी20 में होगी जंग ऑस्ट्रेलिया का यह टूर खत्म करने के बाद टीम इंडिया अपने घर लौटेगी. यहां वो साउथ अफ्रीका से टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज खेलेगी. यह दौरा 14 नवंबर से शुरू होगा, जो 19 दिसंबर तक चलेगा. मतलब पूरे साल टीम इंडिया बिजी रहने वाली है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घर में भारत 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 खेलेगी. साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल 2025 पहला टेस्ट- 14 से 18 नवंबर, कोलकाता दूसरा टेस्ट- 22 से 26 नवंबर, गुवाहाटी पहला वनडे- 30 नवंबर, रांची दूसरा वनडे- 3 दिसंबर, रायपुर तीसरा वनडे- 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम पहला टी20- 9 दिसंबर, कटक दूसरा T20- 11 दिसंबर, मुल्लांपुर तीसरा T20- 14 दिसंबर, धर्मशाला चौथा T20- 17 दिसंबर, लखनऊ पांचवां T20- 19 दिसंबर, अहमदाबाद

पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने इंग्लैंड की आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने की रणनीति की आलोचना की

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने भारत के खिलाफ ड्रॉ हुई टेस्ट श्रृंखला के दौरान इंग्लैंड की आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने की रणनीति की आलोचना करते हुए कहा, ‘सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है।'  चैपल ने अपने कॉलम में युवा भारतीय टीम की अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रशंसा की, वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों, विशेषकर हैरी ब्रुक की आलोचना की, क्योंकि वे परिस्थितियों को समझने में विफल रहे। भारत के पूर्व मुख्य कोच चैपल ने कहा, ‘इस श्रृंखला में इंग्लैंड का सफर उसके सामने चेतावनी पेश करता है। इसे प्रतिभाशाली लेकिन चंचल प्रकृति के हैरी ब्रुक ने मूर्त रूप दिया, जिनकी मैं पहले सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुका हूं।'  उन्होंने कहा, ‘उनकी टाइमिंग बहुत अच्छी है। वह कई तरह के शॉट लगा सकते हैं। उनमें आत्मविश्वास है और बल्लेबाजी को सहज बनाने का दुर्लभ कौशल है। लेकिन क्रिकेट, विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट, केवल शॉट लगाने के बारे में नहीं है। यह निर्णय लेने के बारे में है। टेस्ट क्रिकेट में यह समझना जरूरी होता है कि कब आक्रामक होकर खेलना है और कब संयम बरतना है।'  लंदन में पांचवें टेस्ट के चौथे दिन सोमवार को इंग्लैंड ने 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 301 रन बना लिए थे लेकिन 26 वर्षीय ब्रूक के आउट होने से उसकी टीम लड़खड़ा गई और उसे 6 रन से हार का सामना करना पड़ा। चैपल ने कहा, ‘सकारात्मकता में कुछ भी ग़लत नहीं है। लेकिन सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है। इसका मतलब है आत्मविश्वास से भरा, सोच-समझकर जोखिम उठाना।'   

हीरो की तरह लौटे सिराज! ओवल टेस्ट में चमकने के बाद हैदराबाद में दिखा स्टार जैसा क्रेज

हैदराबाद भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की इंग्लैंड के खिलाफ हाल में समाप्त हुई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी को 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका रही। बुधवार को अपने गृह नगर हैदराबाद पहुंचने पर इंग्लैंड दौरे के इस हीरो का जोरदार स्वागत किया गया। सिराज ने पांच मैचों की श्रृंखला में सर्वाधिक 23 विकेट लिए। उन्होंने ओवल में खेले गए अंतिम टेस्ट मैच में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें इस मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था। उन्होंने सभी पांच मैच खेले और 185.3 ओवर फेंके। इससे पहले मुंबई में भी फैंस ने स्टार गेंदबाज का स्वागत किया। हैदराबाद के 31 वर्ष के स्टार सिराज फील्डिंग कोच टी दिलीप के साथ सुबह-सुबह काले रंग की कैजुअल पोशाक में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां प्रशंसकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सिराज से सेल्फी और ऑटोग्राफ के लिए अनुरोध किए गए, लेकिन वह हैदराबाद के लिए उड़ान पकड़ने के लिए जल्दी से कार में सवार होकर वहां से निकल गए। हैदराबाद में प्रशंसक पहले ही उनके स्वागत के लिए तैयार थे। इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने अभी तक उनसे बात नहीं की है। लेकिन हम निश्चित रूप से उनके लिए कुछ (सम्मान) योजना बनाएंगे, क्योंकि वह कुछ दिनों के लिए शहर में रह सकते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया।’’ सिराज ने ओवल टेस्ट मैच में पहली पारी में चार और दूसरी पारी में पांच विकेट लिए थे। उनके इस शानदार प्रदर्शन से भारत ने 374 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे इंग्लैंड को 367 रन पर आउट करके छह रन से अपनी सबसे करीबी जीत हासिल की थी।  

पूर्व क्रिकेटर बोले- सिराज की गेंदबाज़ी में कपिल देव जैसी धार, टीम इंडिया काबिल-ए-तारीफ

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ की है। ओवल टेस्ट में हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज के मैच जिताऊ प्रदर्शन से गदगद योगराज सिंह ने उनकी तुलना महान कपिल देव से की है। उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की भी दिल से तारीफ की है। योगराज ने कहा कि गिल को देखकर लगा जैसे कोई अनुभवी कप्तान मोर्चा संभाल रहा हो जबकि यह उनकी बतौर कप्तान पहली ही सीरीज थी। मोहम्मद सिराज ने ओवल टेस्ट की पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 5 विकेट हासिल किए थे। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 35 रन की जरूरत थी। भारत ने 374 रन का लक्ष्य दिया था। आखिरी दिन सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीनकर सीरीज को 2-2 से बराबरी पर खत्म किया। प्रसिद्ध ने पहली और दूसरी दोनों ही पारियों में 4-4 विकेट हासिल किए थे। योगराज सिंह ने कहा, ‘हमारे खिलाड़ियों ने जिस तरह का खेल दिखाया उसे देखना अद्भुत था। मोहम्मद सिराज ने जिस तरह की गेंदबाजी की, उसने मुझे कपिल देव की याद दिलाई। शुभमन गिल की कप्तानी परिपक्व दिखी। ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि वह पहली बार कप्तानी कर रहे थे।’ शुभमन गिल की कप्तानी में 1-2 से पिछड़ने के बावजूद भारतीय टीम ने चौथे टेस्ट को ड्रॉ कराया और आखिरी टेस्ट में 6 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। लीड्स में खेले पहले टेस्ट में भारतीय टीम को हार मिली थी। एजबेस्टन में खेले दूसरे टेस्ट में टीम ने वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन के विशाल अंतर से हराया। हालांकि, लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत को 22 रन से हार का सामना करना पड़ा था। मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ रहा था। ओवल में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत ने 6 रन से जीत दर्ज की।  

एशिया कप 2025 के लिए अफगानिस्तान की स्क्वॉड जारी, स्टार खिलाड़ियों की वापसी

नई दिल्ली एशिया कप 2025 के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी एसीबी ने अपनी 22 सदस्यीय प्रिलिमनरी टीम का ऐलान कर दिया है। इन्हीं में से फाइनल 15 का चयन होगा। अफगानिस्तान की टीम को एशिया कप से पहले टी20 ट्राई सीरीज भी खेलनी है। इसके लिए भी ये टीम चुनी गई है। राशिद खान को टीम की कप्तानी मिली है। वहीं, रहमनुल्लाह गुरबाज को वाइस कैप्टन चुना गया है। एशिया कप अगले महीने से खेला जाना है, जबकि ट्राई सीरीज अफगानिस्तान को इसी महीने खेलनी है। पाकिस्तान और यूएई के के साथ अफगानिस्तान को टी20 ट्राई सीरीज खेलनी है। हालांकि, इससे पहले अफगानिस्तान की ये 22 सदस्यीय टीम यूएई में दो सप्ताह ट्रेनिंग कैंप में भाग लेगी। ये एशिया कप की तैयारी का एक हिस्सा भी है। इस कैंप के बाद एशिया कप और त्रिकोणीय सीरीज के लिए टीम को 15 खिलाड़ियों तक सीमित कर दिया जाएगा। अफगानिस्तान की टीम एशिया कप 2025 के ग्रुप बी में है, जिसमें उनके साथ हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश और श्रीलंका की टीम है। अफगानिस्तान को एशिया कप में अपने सभी मुकाबले अबू धाबी में खेलने हैं। 9 सितंबर को हॉन्ग कॉन्ग, 16 सितंबर को बांग्लादेश और 18 सितंबर को श्रीलंका से अफगानिस्तान को ग्रुप स्टेज के मैचों में भिड़ना है। स्पिन हैवी साइड अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने चुनी है, क्योंकि यूएई में स्पिनरों को अच्छी खासी मदद मिलती है। राशिद खान और गुरबाज के साथ-साथ मोहम्मद नबी भी टीम का हिस्सा हैं और स्पिन की दुनिया में कमाल करते आ रहे अल्लाह गजनफर और नूर अहमद भी टीम का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान की प्रारंभिक टीम राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, वफीउल्लाह तारखिल, इब्राहिम जादरान, दरविश रसूली, मोहम्मद इशाक, मोहम्मद नबी, नांग्याल खरोती, शराफुद्दीन अशरफ, करीम जनत, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, मुजीब जादरान, अल्लाह गजनफर, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, नवीन उल हक, फरीद मलिक, सलीम सफी, अब्दुल्ला अहमदजई और बशीर अहमद  

जडेजा-सुंदर को क्यों घसीटा?’ बेन स्टोक्स पर सचिन ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैच की सीरीज का चौथा मुकाबला ही इकलौता ऐसा मैच रहा जिसका कोई परिणाम नहीं निकला। मैनचेस्टर में खेला गया टेस्ट ड्रॉ हुआ था और उसके आखिरी सेशन में 'हैंडशेक कंट्रोवर्सी' की काफी चर्चा रही। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने उस समय मैच को ड्रॉ मानकर जल्दी समाप्त करने की पैंतरेबाजी चली जब रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर दोनों ही अपने-अपने शतक के करीब थे। स्टोक्स ने मैच ड्रॉ की पेशकश करते हुए जडेजा की तरफ हाथ बढ़ाया लेकिन भारतीय ऑलराउंडर ने इससे साफ इनकार कर दिया। इससे चिढ़े स्टोक्स और इंग्लैंड के बाकी खिलाड़ियों ने मजाक उड़ाने के अंदाज में जडेजा पर खूब टिप्पणियां भी की थी और ताना मारे थे। इस मुद्दे पर क्रिकेट जगत की राय बंटी हुई दिखी थी। ज्यादातर पूर्व क्रिकेटरों और एक्सपर्ट्स ने बेन स्टोक्स की हरकत की आलोचना की थी लेकिन डेल स्टेन जैसे कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने स्टोक्स का समर्थन किया था। सीरीज खत्म होने पर महान सचिन तेंदुलकर ने भी हैंडशेक कंट्रोवर्सी पर खुलकर अपनी बात रखी है। बेन स्टोक्स ने जिस अंदाज में जडेजा और सुंदर के सामने पेशकश रखी, उसकी तेंदुलकर ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह सुंदर और जडेजा का सिरदर्द थोड़े है कि वे इसे सुनिश्चित करें कि पांचवें टेस्ट के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों को भरपूर आराम मिले। सचिन ने भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का रिव्यू किया है। उन्होंने इससे जुड़ा वीडियो रेडिट पर पोस्ट किया है। उसमें वह हैंडशेक कंट्रोवर्सी पर कहते हैं, ‘वॉशिंगटन ने शतक बनाया और जडेजा ने शतक बनाया। यह सही भावना क्यों नहीं है? वे ड्रॉ के लिए खेल रहे थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘सीरीज जीवंत था तो उन्हें क्यों मानना चाहिए (और हाथ मिलाना चाहिए) और इंग्लैंड के गेंदबाजों और फील्डरों को आराम देना चाहिए? अगर इंग्लैंड हैरी ब्रूक को गेंद थमाना चाहता था तो यह बेन स्टोक्स का फैसला था। यह भारत की समस्या नहीं थी। मेरे लिए, यह ठीक था। वे ड्रॉ के लिए खेल रहे थे, अपने शतकों के लिए नहीं। जब वे बल्लेबाजी के लिए आए तब अगर वे आउट हो गए होते तो हम हार सकते थे। जब वे बल्लेबाजी करने आए तब हैरी ब्रूक बोलिंग नहीं कर रहे थे, क्या वह कर रहे थे? इसलिए, पांचवें टेस्ट के लिए इंग्लैंड के गेंदबाज क्यों तरोताजा रहने चाहिए? क्या आपके पास इसका जवाब है? नहीं!’ सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'मैं पूरी तरह भारतीय टीम के साथ हूं। चाहे गंबीर हों या शुभमन या जडेजा या वॉशिंगटन, जिसने भी फैसला लिया। मैं शत प्रतिशत उनके साथ हूं। आखिरी टेस्ट में जब रनों को रफ्तार की जरूरत थी, सुंदर ने शानदार ढंग से उसे अंजाम दिया। क्या उन्होंने नहीं किया? जब क्रीज पर डटे रहने की जरूरत थी, उसने चौथे टेस्ट में यह किया। और जब बेरहमी से और तेजी से रन की जरूरत थी, उसने पांचवें टेस्ट में ऐसा ही किया। शानदार।'  

राष्ट्रीय सब जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप सात अगस्त से ग्रेटर नोएडा में

नई दिल्ली भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने मंगलवार को कहा कि ग्रेटर नोएडा में सात से 13 अगस्त तक होने वाली सब-जूनियर (अंडर-15) राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 400 लड़के और 300 लड़कियों सहित 700 से अधिक मुक्केबाज भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन 15 भार वर्ग में किया जाएगा। हरियाणा लड़कियों के वर्ग में जबकि चंडीगढ़ लड़कों के वर्ग में गत विजेता है। राष्ट्रीय सब जूनियर चैंपियनशिप से पहले इस साल के शुरू में पुरुष, महिला और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। मुक्केबाज विश्व मुक्केबाजी के तकनीकी नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसमें 1.5 मिनट के तीन राउंड होंगे तथा राउंड के बीच में एक मिनट का विश्राम होगा। प्रतियोगिता में 10 अंकों की स्कोरिंग प्रणाली अपनाई जाएगी।  

शतरंज: चेन्नई में शह और मात के खेल में उतरेंगे 19 ग्रैंड मास्टर्स

चेन्नई भारत के प्रमुख क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंट क्वांटबॉक्स चेन्नई ग्रैंडमास्टर्स का तीसरा संस्करण बुधवार से शुरू हो रहा है। देश के सबसे मजबूत क्लासिकल इवेंट माने जाने वाले इस टूर्नामेंट में विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल होंगे। इनमें अर्जुन एरिगेसी, अनीश गिरी, विदित गुजराती, निहाल सरीन, हरिका द्रोणावल्ली और वैशाली रामबाबू जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इस टूर्नामेंट से फिडे सर्किट पॉइंट मिलेंगे जो 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की करने के लिए जरूरी हैं। 15 अगस्त तक चलने वाले टूर्नामेंट में 19 शीर्ष ग्रैंडमास्टर शामिल होंगे जो अब तक की सर्वाधिक एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और महत्वपूर्ण फिडे सर्किट पॉइंट्स के लिए चुनौती पेश करेंगे। मास्टर्स चैंपियन को 25 लाख रुपये जबकि चैलेंजर्स चैंपियन को 7 लाख रुपये और 2026 मास्टर्स में जगह मिलेगी। गुकेश, अरविंद बने थे चैंपियन : 2023 का पहला संस्करण ग्रैंडमास्टर गुकेश डी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। उन्हें जीत से फिडे सर्किट पॉइंट्स मिले जिससे उन्हें कैंडीडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिली और उन्होंने अंततः विश्व चैंपियन बन गए। 2024 में अरविंद चिदंबरम ने रोमांचक टाईब्रेक में का खिताबी जीत हासिल की। जिन खिलाड़ियों के साथ उन्होंने बराबरी की, उनमें से एक, अर्जुन एरिगेसी, इस साल शीर्ष दावेदार के रूप में वापसी कर रहे हैं।  कुल 20 खिलाड़ी : इस संस्करण में 20 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जो 10-10 खिलाड़ियों वाले दो वर्गों में बांटे गए हैं : मास्टर्स और चैलेंजर्स। मास्टर्स वर्ग में दस में पांच भारतीय ग्रैंडमास्टर्स हैं। चैलेंजर्स में भी आठ भारतीय ग्रैंड मास्टर्स शामिल हैं। पिछले संस्करणों में सात-सात दौर के मुकाबले खेले गए थे क्योंकि उनमें आठ-आठ खिलाड़ी थे। इस बार नौ दौर के मुकाबले खेले जाएंगे। दोनों वर्गों 10-खिलाड़ियों के राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट के रूप में खेले जाएंगे जो क्लासिकल समय नियंत्रण के तहत होंगे।  

टीम इंडिया बनी इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती, दशक भर से जारी विजय अभियान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम का इस दशक में इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में एकछत्र राज देखने को मिला है। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ अंग्रेज इस दशक में यानी 2020 के बाद से एक अदद सीरीज जीतने के लिए तड़प रहे हैं। टीम इंडिया ने हर फॉर्मेट में इंग्लैंड को चारों खाने चित किया हुआ है, जबकि बिग थ्री में शामिल इंग्लैंड की टीम पिछली 10 सीरीजों में एक भी सीरीज जीत नहीं पाई है। इंग्लैंड की टीम ने दो सीरीज ड्रॉ जरूर कराई हैं, लेकिन दोनों सीरीज टेस्ट सीरीज थीं और इंग्लैंड की सरजमीं पर खेली गई थीं। वहीं, टीम इंडिया टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को मिलाकर कुल 8 सीरीज 10 में से जीत ली हैं, जबकि दो सीरीजों का नतीजा ड्रॉ रहा है। इस तरह इंग्लैंड की टीम इस दशक में भारत के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज जीतने के मामले में खाली हाथ रही है। इंग्लैंड ने आखिरी बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज 2018 में जीती थी, जो इंग्लैड में खेली गई थी। 3 मैचों की सीरीज में भारत को 2-1 से हार मिली थी। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीते 10 साल भी ज्यादा का समय हो गया है। आखिरी बार भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने 2014 में टी20 सीरीज जीती थी, जो सिर्फ एक मैच था। 2018 में आखिरी टेस्ट सीरीज भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने जीती थी। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की बात करें तो इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने ओवल में 6 रनों से जीत दर्ज करके सीरीज को 2-2 से बराबर किया। इंग्लैंड की टीम 3 मैचों के बाद 2-1 से आगे थी, लेकिन भारत ने चौथे मैच को ड्रॉ कराया और आखिरी मैच में शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज में बराबरी हासिल की। दोनों देशों के बीच अब अगली सीरीज इन्हीं दिनों अगले साल होगी, जो वनडे और टी20 सीरीज होगी।  

सेंचुरियन हो या मुंबई, जब टेस्ट मुकाबलों ने दिल जीत लिया

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए खेली गई पांच मैच की सीरीज 2-2 से बराबर रही जिससे कड़े मुकाबले वाली सीरीज की लंबी सूची में एक और चमकदार पन्ना जुड़ गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जबकि कोई टेस्ट सीरीज रोमांच के चरम पर समाप्त हुई हो। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। पिछले डेढ़ दशक में हुए कुछ यादगार मुकाबलों का संकलन किया है, जिनमें टेस्ट क्रिकेट के उतार-चढ़ाव देखे गए। इस लिस्ट में भारत की 5 टेस्ट सीरीज शामिल है। आईए एक नजर डालते हैं पूरी लिस्ट पर- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2020-21 संभवतः यह क्रिकेट के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ सीरीज में से एक थी, जिसमें भारत ने अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने और कुछ कड़ी चुनौतियों से पार पाकर ऑस्ट्रेलिया पर 2-1 से जीत दर्ज की। एडिलेड में 36 रन के अपने न्यूनतम स्कोर पर आउट होने से लेकर गाबा में तीन विकेट की जीत तक, कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में भारत ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसकी धरती पर ही धूल चटा दी थी। भारत बनाम श्रीलंका, 2015 इस सीरीज से ही नए कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में अगले दशक के लिए टेस्ट क्रिकेट में भारत के दमदार प्रदर्शन की शुरुआत की। गॉल में श्रीलंका ने भारत को 63 रन से हरा दिया। लेकिन भारत ने कोलंबो में अगले दो मैचों (पी सारा ओवल और एसएससी) में कोहली के कभी हार न मानने वाले रवैये को अपनाया तथा 278 और 117 रन से जीत हासिल करके सीरीज 2-1 से अपने नाम कर दी। भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका 2010-11 यह आखिरी टेस्ट सीरीज थी जिसमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की मशहूर तिकड़ी ने अपना प्रभाव छोड़ा था। सेंचुरियन में पारी और 25 रन से मिली करारी हार के बाद भारत ने डरबन टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए 85 रन से जीत हासिल की, जहां लक्ष्मण ने डेल स्टेन और मोर्ने मोर्केल की आक्रामक जोड़ी के सामने 96 रन की पारी खेली थी। केपटाउन में अंतिम टेस्ट में भारत को मैच बचाने के लिए पूरे पांचवें दिन बल्लेबाजी करनी थी और वह गौतम गंभीर (184 गेंदों पर 68 रन), द्रविड़ (112 गेंदों पर 31 रन), तेंदुलकर (91 गेंदों पर नाबाद 14 रन) और लक्ष्मण (67 गेंदों पर नाबाद 32 रन) की बदौलत ऐसा करने में सफल रहा। भारत बनाम इंग्लैंड, 2011-12 अहमदाबाद में इंग्लैंड को नौ विकेट से हराने के बाद भारत चार मैचों की सीरीज में अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा था लेकिन केविन पीटरसन के शतक से प्रेरित होकर एलिस्टेयर कुक के नेतृत्व में इंग्लैंड ने मुंबई में भारत को 10 विकेट से हराया और फिर ईडन गार्डन्स में सात विकेट से जीत हासिल की। नागपुर में इंग्लैंड ने चौथा टेस्ट आसानी से ड्रॉ कराकर सीरीज 2-1 से जीत ली। जो रूट ने उस टेस्ट में डेब्यू किया था। ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, 2016-17 यह दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के बीच की जंग थी। दक्षिण अफ्रीका के पास कगिसो रबाडा और वर्नोन फिलैंडर थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पास मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाज थे। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में बाजी मारी क्योंकि उन्होंने पर्थ और होबार्ट में अपनी टीम को जीत दिलाई जबकि ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट मैच जीता था। यह 2008 के बाद ऑस्ट्रेलिया की घरेलू सीरीज में पहली हार थी। न्यूजीलैंड बनाम पाकिस्तान 2017-18 जैसे ही न्यूज़ीलैंड ने अबू धाबी में कदम रखा, पाकिस्तान की अपने मजबूत स्पिन आक्रमण के कारण 3-0 से जीत की भविष्यवाणी की जाने लगी। लेकिन कीवी टीम ने पहला टेस्ट चार रन के मामूली अंतर से जीत लिया, जबकि पाकिस्तान ने दुबई में पारी और 16 रन से जीत हासिल की। लेकिन अबू धाबी में, कीवी टीम ने ऑफ स्पिनर विलियम सोमरविले के सात विकेटों की बदौलत 123 रन से जीत हासिल की और सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। भारत बनाम इंग्लैंड 2021-22 यह सीरीज कोविड-19 महामारी के कारण खाली स्टेडियमों में खेली गई थी। नॉटिंघम में ड्रॉ के बाद लॉर्ड्स में भारत ने 151 रन से जीत हासिल की लेकिन इंग्लैंड ने लीड्स में पारी और 76 रन से जीत हासिल करके हिसाब बराबर कर दिया था। भारत ने ओवल में चौथा टेस्ट 157 रन से जीता था, लेकिन सितंबर 2021 में मेहमान टीम के सदस्यों के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के कारण दौरे को स्थगित कर दिया गया था। उस समय भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा था, लेकिन इंग्लैंड ने जुलाई 2022 में बर्मिंघम में खेले गए पांचवें टेस्ट में 378 रन से जीत हासिल करके सीरीज को बराबर कर दिया था।