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एनटीपीसी में सुरक्षा पर सवाल: हादसे में मजदूर की मौत, चार की हालत नाजुक

बिलासपुर सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 5 मजदुर गंभीर रुप से घायल हो गए है। हादसे के बाद सभी मजदुरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हादसे के बाद एनटीपीसी में अपना तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, प्लांट के यूनिट-5 में चल रहे एनुअल मेंटेनेंस कार्य के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म अचानक टूट गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर नीचे गिर पड़े। इस हादसे में कुल 5 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से 3 मजदूरों का इलाज एनटीपीसी के अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल 2 मजदूरों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान इनमें से एक मजदूर श्याम साहू की मौत हो गई, जो सीपत के पोड़ी इलाके का रहने वाला था। हादसे की वजह और मेंटेनेंस में हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे पर गहरी नाराज़गी जताई है और एनटीपीसी प्रबंधन से जवाब मांगा है। कई घंटे बीत जाने के बाद भी NTPC प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही घायलों और मृतकों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है।

BSP निदेशक चित्तरंजन महापात्र की CM से मुलाकात, विकास में प्लांट के योगदान पर चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भिलाई स्टील प्लांट के नवनियुक्त निदेशक चित्तरंजन महापात्र ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर महापात्र ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सीएम साय ने महापात्र को उनकी नवीन पदस्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास में प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भिलाई स्टील प्लांट प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान देगा।

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति: हर घर बनेगा बिजलीघर

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। हर नागरिक की होगी भागीदारी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है। मिलेगी डबल सब्सिडी  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा। स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण छत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी। बढ़ेंगे रोजगार के अवसर छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। योजना के फायदे- केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बन रहा टेक्नोलॉजी हब : नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा राज्य, युवाओं को मिलेगा नवाचार और रोजगार का नया मंच रायपुर छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी  उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा। आवास और पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

मौसम बदलने के संकेत: छत्तीसगढ़ में उमस के बाद अब बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर अगस्त की शुरुआत में छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदेश भर में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। तापमान में बढ़ोतरी होने से कूलर और एसी की मांग फिर से बढ़ गई है। हालांकि इस बीच राहत की खबर है कि प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है और 7 अगस्त से पूरे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में बादल गरजने, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान 27 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मानसून ब्रेक की स्थिति मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अब अरुणाचल प्रदेश की ओर चला गया है, जिससे 'मानसून ब्रेक' की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण प्रदेश में केवल कुछ स्थानों पर ही हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधि में तेजी आने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में बारिश का हाल प्रदेश के सभी संभागों में बीते 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। बिलासपुर और राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऑरेंज अलर्ट (तेज बारिश, वज्रपात और आंधी की चेतावनी – अगले 3 घंटे) जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, सुरगुजा और सूरजपुर यलो अलर्ट (बिजली गिरने और तेज हवा की संभावना) सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया

जेल से छूटते ही किया शक्ति प्रदर्शन, पुलिस ने दोबारा भेजा जेल

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में आदतन बदमाश दुर्गेश महंत को जमानत में रिहा होते ही जुलूस निकलना उस वक़्त मंहगा पड़ गया। जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। रायगढ़ पुलिस ने तत्काल एक्शन में आते हुए उसे दोबारा जेल भेज दिया है। उक्त मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश महंत 22 साल ने करीब तीन माह पूर्व थाना जूटमिल क्षेत्र के मारपीट में जेल में निरुद्ध था। हाल ही में उसे जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ शहर की सड़कों पर जुलूस निकाला। वीडियो से शहरवासियों और पीड़ित परिवार में आक्रोश की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया में वीडियो वाइरल होते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देश में कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल सायबर सेल टीम के साथ आरोपी को पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद शहर में जुलूस निकाल रहा था। कोतवाली पुलिस ने धारा 170 BNSS एवं धारा 126, 135(3) BNSS के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी को पुनः कल शाम जिला जेल भेज दिया गया।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।  

बिलासपुर में बरसात का इंतज़ार, भीषण गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बिलासपुर सावन की विदाई से पहले बिलासपुर में सूरज जमकर कहर बरपा रहा है। मंगलवार को तापमान बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा। राज्य का सबसे गर्म शहर बनने के साथ न्यायधानी उमस और तपिश से बेहाल रही। मानसून ब्रेक के चलते बारिश की स्थिति शून्य रही, जिससे राहत की उम्मीद भी धूमिल हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आंशिक बदलाव के संकेत दिए हैं। न्यायधानी में सूरज सिर चढ़कर बोला और धूप की चुभन ने आमजन को घरों में कैद कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। यह तापमान इस सीजन का रिकार्ड बन गया, जिसने बिलासपुर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना दिया।     शहर अधिकतम न्यूनतम     बिलासपुर 35.0 डिग्री सेल्सियस 26.4 डिग्री सेल्सियस     पेंड्रारोड 31.4 डिग्री सेल्सियस 21.6 डिग्री सेल्सियस     अंबिकापुर 32.9 डिग्री सेल्सियस 23.6 डिग्री सेल्सियस     माना 33.4 डिग्री सेल्सियस 26.5 डिग्री सेल्सियस     जगदलपुर 33.9 डिग्री सेल्सियस 24.5 डिग्री सेल्सियस सावन के अंतिम सप्ताह में इस तरह की भीषण गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया। वातावरण में बढ़ी नमी के कारण उमस और अधिक बढ़ गई, जिससे छांव भी बेअसर रही। दिनभर आसमान पूरी तरह साफ रहा और सूर्य की किरणें सीधे सिर पर पड़ीं। पूरे जिले में वर्षा नहीं हुई, जिससे मौसम और ज्यादा भारी हो गया। अरुणाचल की ओर मानसून द्रोणिका मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका का पूर्वी सिरा अरुणाचल प्रदेश की ओर खिसक गया है। इसे मानसून ब्रेक की स्थिति कहा जाता है। इस कारण प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। गर्मी ने बदली लोगों की दिनचर्या बिलासपुर में बढ़ती तपिश और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते दिखे। छोटे बच्चों को घरों में ही रहना पड़ा, वहीं ऑफिसों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। शहर में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे पंखे और कूलर बेअसर नजर आए। आमजन को राहत की उम्मीद अब संभावित बारिश पर टिक गई है।

सरगुजा कोठीघर में चोरों की घुसपैठ, पीतल की हाथी मूर्ति ले उड़े चोर

अंबिकापुर सरगुजा राजपरिवार के कोठीघर परिसर से लगभग 15 किलो वजनी पीतल की हाथी की मूर्ति चोरी कर ली गई। यह स्थल, सरगुजा पैलेस से लगा हुआ है। कोठीघर के ठीक सामने मुख्य सड़क गुजरी है। सीसी कैमरे में घटना कैद हुई है। सीसीटीवी कैमरे की एक युवक चोरी कर वापस जाता नजर आ रहा है। चोरी की घटना रविवार 3 अगस्त को मध्यरात्रि के बाद हुई है। सीसी कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस अब आरोपित की पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। सरगुजा राजपरिवार का निवास कोठीघर के नाम से जाना जाता है। यह सरगुजा पैलेस से लगा हुआ है। राजपरिवार के लोग जब आते हैं तो वे कोठीघर में रहते हैं। इसका निर्माण कई साल पहले पैलेस के क्षतिग्रस्त होने के बाद कराया गया था। पूर्व उप मुख्यमंत्री सिंहदेव का निवास तपस्या है। वे कोठीघर में भी रहते हैं। जोड़े मे से एक हाथी उठा ले गया बता दें कि कोठीघर के एक हिस्से का उपयोग वर्षो तक सरगुजा जिला कांग्रेस कार्यालय के रूप में किया जाता रहा है। हाथी के जिस पीतल की वजनी मूर्ति की चोरी हुई है, वह दो वर्ष पहले लगाई गई थी, जब कोठीघर का नए सिरे से मरम्मत और निर्माण कराया गया था। कोठीघर में प्रवेश के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पोर्च के दोनों ओर पीतल के दो हाथी की मूर्ति रखी गई थी। इसमें एक हाथी नजर नहीं आने पर सीसी कैमरों को खंगाला गया तो चोरी का पता चला। पुराने पैलेस की तरफ से आया चोर कोठीघर के प्रबंधक राज सोनी ने कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। सीसी कैमरों में आए फुटेज से स्पष्ट है कि चोर पुराने पैलेस की ओर से कोठीघर परिसर में आया। जहां सामने पोर्च में दोनों ओर लगी हाथी की पीतल की मूर्तियों में से एक को निकालकर अपने साथ ले गया। मूर्ति की कीमत लगभग 40 हजार थी। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव इन दिनों विदेश प्रवास पर हैं। राजपरिवार के कोई सदस्य वर्तमान में यहां नहीं है।

अरुण साव बोले – गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी

  रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक श्री सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वश्री बाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और भावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।