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दिल्ली-NCR में तेज भूकंप के झटके, मेट्रो पर भी लग गया था ब्रेक, घरों से बाहर निकले लोग

झज्जर/नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह बारिश के बीच भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके करीब 10 सेकंड तक महसूस किए गए. भूकंप के झटके सुबह 9.04 बजे महसूस किए गए. ये झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और सोनीपत में भी महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर बताया जा रहा है. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 रही. भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागे. दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप में अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है. हम सभी दिल्लीवासियों की कुशलता की कामना करते हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर सभी के सुरक्षित होने की उम्मीद की. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि भूकंप के बाद सभी सुरक्षित होंगे. सभी के लिए प्रार्थना कर रहा हूं. बता दें कि धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं. रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है. झज्जर था भूकंप का केंद्र, 4.4 दर्ज की गई तीव्रता दिल्ली-NCR में सुबह-सुबह तेज भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, जिसके बाद लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए. बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके दिल्ली, यूपी और हरियाणा के कई इलाकों में महसूस हुए हैं. बताया जा रहा है कि हरियाणा का झज्जर इस भूकंप का एपिक सेंटर था. वहीं, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है.  नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप के झटके सुबह 9:04 पर महसूस किए गए. ये झटके दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा, जयपुर समेत हरियाणा के कई इलाकों में महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र झज्जर में था और लगभग 10 सेकंड के भूकंप से धरती हिलती रही. 4.4 रही तीव्रता रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 रही. भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागे. ये भूकंप के झटके हरियाणा के फरीदाबाद, जींद और गुरुग्राम समेत कई शहरों में महसूस हुए.  सिस्मिक जोन 4 में आता है दिल्ली-NCR दिल्ली-NCR सिस्मिक जोन 4 में आता है जो भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील है. हाल के सालों में इस क्षेत्र में कई बार 4.0 से अधिक तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल, विशेष रूप से इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन प्लेट्स के टकराव के कारण भूकंप आते हैं. NDRF ने जारी किए दिशा-निर्देश वहीं, भूकंप के बाद राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) ने भूकंप के दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन दिशा-निर्देशों को तीन चरणों में बांटा गया है, जिसमें भूकंप से पहले, भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद क्या-क्या करना चाहिए. मेट्रो ट्रेन में क्यों लग गया था ब्रेक रिक्टर स्केल पर 4.4 की तीव्रता वाले इस भूकंप का असर इतना था कि दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। एहतियात के तौर पर मेट्रो ट्रेनों को कुछ मिनटों के लिए रोक दिया गया। भूकंप की वजह से ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग काफी दहशत में आ गए। हरियाणा में झज्जर के के पास सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किए गए। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पहले से निर्धारित एसओपी के तहत भूकंप की वजह से दिल्ली मेट्रो के पहिये भी थम गए। मेट्रो ट्रेनों को 2-3 मिनट के लिए रोक दिया गया। हालांकि कुछ मिनटों बाद ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। अरशद नाम के एक यात्री ने कहा कि मेट्रो ट्रेन में होने की वजह से उन्हें भूकंप का अहसास नहीं हुआ। लेकिन मेट्रो को कुछ मिनटों के लिए रोक दिया गया था। 9 बजकर 4-5 मिनट पर ट्रेन को रोक दिया गया था। यात्रियों को बाद में पता चला कि भूकंप आने की वजह से ट्रेनों को रोका गया था। दिल्ली-एनसीआर की ऊंची इमारतों में लोगों ने भूकंप के झटके को अधिक महसूस किया। गुरुग्राम की अधिकतर ऊंची इमारतों से लोग बाहर निकल आए। कई लोग दफ्तरों में पहुंच चुके थे तो कई पहुंचने ही वाले थे। रात में तेज बारिश और सुबह आए भूकंप ने लोगों को डरा दिया। गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद, पूरी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। गनीमत है कि कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

दिल्ली में तेज धूप और उमस से लोग बेहाल, बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बारिश की कमी के कारण गर्मी की समस्या बढ़ती जा रही है. मंगलवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया, जिससे तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. हालांकि, मंगलवार रात को कुछ क्षेत्रों में तेज और अन्य में हल्की बारिश हुई. मौसम विभाग ने एक बार फिर दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, और आज से 14 जुलाई के बीच आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है. दिल्ली में तापमान में गिरावट देखी गई है, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आज, बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. अगले 24 घंटों में तापमान में और कमी आने की उम्मीद है, साथ ही 14 जुलाई तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. इस वर्ष दिल्ली में मई और जून के महीनों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जिसके परिणामस्वरूप इन महीनों का औसत तापमान भी सामान्य से कम रहा. हालांकि, जुलाई में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. मानसून 29 जून को दिल्ली में आ चुका था, लेकिन अभी तक शहर में व्यापक वर्षा का इंतजार किया जा रहा है, जिससे लोगों को अधिक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से तेज धूप का सामना करना पड़ा, जो दिन चढ़ने के साथ और भी बढ़ गई. हाल ही में हुई बारिश के कारण दिल्ली के वातावरण में नमी की मात्रा काफी अधिक है. मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे दिल्ली का तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि नमी का स्तर 58 प्रतिशत तक पहुंच गया था. इस समय हवा की गति 14.8 किलोमीटर प्रति घंटे रही. इन परिस्थितियों के कारण लोगों ने 48.3 डिग्री सेल्सियस का अनुभव किया, जो फील लाइक तापमान के रूप में जाना जाता है. विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है. वायु गुणवत्ता सूचकांक 98 अंक पर रहा दिल्ली की हवा मौसम के प्रभाव के कारण लगातार साफ बनी हुई है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 98 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है. अगले दो दिनों में भी वायु गुणवत्ता के इसी स्तर पर बने रहने की संभावना है.

दिल्ली-NCR में शांति व्यवस्था के लिए नया आदेश, लाउडस्पीकर और हथियारों पर पूरी तरह रोक

हापुड़ 11 जुलाई से श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उच्चाधिकारी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। जिसके मद्देनजर इस बार कांवड़ पदयात्रा के दौरान तेज आवाज में लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि यंत्र नहीं बजाया जा सकेगा। निर्धारित आवाज के साथ ही शिवभक्त भजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा कांवडिया अपने साथ अस्त्र या शस्त्र लेकर नहीं जा सकेंगे। नियम उल्लंघन कर कार्रवाई तक होगी। एसपी ज्ञानंजय ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। उच्चाधिकारियों से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में 11 जुलाई से प्रारंभ हो रही कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रावण के महीने में कांवड़ या जल लाने वाले कांवड़िया और श्रद्धालु शिव मंदिरों तक पदयात्रा करते हैं। पदयात्रा के दौरान धार्मिक भजन और संगीत बजाने के साथ ही कई बार नारेबाजी भी होती है। खुफिया विभाग से उच्चाधिकारियों को इनपुट मिला है कि पदयात्रा में लाउडस्पीकर, तेज ध्वनि यंत्र बजाने और नारेबाजी करने से तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसके चलते कांवड़ यात्रा में कांवड़िया और शिविरों में श्रद्धालु निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर या तेज ध्वनि यंत्र से नहीं बजा सकेंगे। उल्लंघन करने पर इन्हें जब्त करने के साथ ही मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों में मनचाहा बदलाव किया जाता है। लेकिन इस पर भी पांबदी लगा दी गई है। बंद रहेंगी शराब और मांस की दुकान कांवड़ यात्रा के लिए रूट बनाए गए हैं। इन रूट पर पड़ने वाली मांस और शराब की दुकान बंद रहेंगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी तय होगी। अस्त्र-शस्त्र पर पूर्णत रहेंगे प्रतिबंधित कांवड़ यात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र साथ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। कावड़िया अपने साथ लाठी-डंडे, नुकीले भाले समेत तमाम तरह के हथियार लेकर नहीं जा सकेंगे। ऐसा करने वाले कांवड़ियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। किसी भी हाल में कानून और शांति व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। कांवड़ रूट पर नहीं खड़े हो सकेंगे वाहन कांवड़ यात्रा के रूट पर ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य भारी वाहन खड़े होने की समस्या रहती हैं। इसको देखते हुए इन रास्तों पर वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगा दी है। कावड़ यात्रा के इसके अलावा कांवड़ियों के रूट पर कांवड़ शिविर सड़क से तय दूरी पर लगाए जा सकेंगे। कांवड़ शिविर हाइटेंशन लाइन के नीचे नहीं लगेंगे। तेज ध्वनि संचालकों को दिया नोटिस थानावार तेज ध्वनि यंत्र संचालकों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस जारी किए गया है। जिसमें तेज ध्वनि यंत्र से तेज आवाज में संगीत न बजाने के साथ अन्य सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। नियम उल्लंघन पर कार्रवाई तय होगी।  

दिल्ली में दिल दहला देने वाला डबल मर्डर, मजनू का टीला में मिली दो लाशें

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डबल मर्डर का मामला सामने आया है, जहां नॉर्थ दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में 22 साल की युवती और उसकी सहेली की बेटी की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। मृतक महिला का नाम सोनल और बच्ची का नाम यशिका बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, चाकू मारकर दोनों को मौत के घाट उतारा गया। पुलिस के अनुसार, डबल मर्डर का शक मृतक युवती के बॉयफ्रेंड पर जताया जा रहा है। बच्ची यशिका सोनम की सहेली की बेटी है। सोनल अपने बॉयफ्रेंड निखिल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। सोनल का निखिल से झगड़ा चल रहा था, इसलिए वह अपनी सहेली रश्मि के घर मजनू का टीला इलाके में रहने के लिए आई थी। रश्मि किसी काम से घर से बाहर गई थी, तभी निखिल पहुंचा और सोनम की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद उसने 6 साल की बच्ची को भी मार डाला। आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इस पर सिविल लाइन थाना की पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीमें आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने युवती और बच्ची के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम आरोपी निखिल की तलाश कर रही है। साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी ली जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दहशत है। एक महिला ने बताया कि रश्मि स्कूल से अपनी बड़ी बेटी को लाने के लिए गई थी और छोटी बेटी को अपनी सहेली के पास छोड़कर गई थी। जब उसने वापस आकर देखा तो उसकी हत्या हो चुकी थी। रश्मि के पति का मोबाइल शॉप है और वह वहां पर थे। लोगों ने बताया कि बच्ची को मार डाला गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आज जब उस बच्ची के साथ ऐसी घटना हुई तो हम अपने बच्चों को घर में अकेले छोड़कर कैसे बाहर जा सकते हैं।

दिल्ली सरकार के नए नियमों पर आतिशी का हमला, बोलीं– मिडिल क्लास हो रहा बेहाल

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है और इस बार आप नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा की दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के तुगलकी फरमान से मिडिल क्लास बेहाल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजधानी दिल्ली में मिडिल क्लास परिवारों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली कटौती, पानी की समस्या और अब "एंड ऑफ लाइफ" वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों ने जनता को परेशान कर दिया है। आप नेता आतिशी ने कहा, "भाजपा सरकार ने बीते छह महीने में मिडिल क्लास को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। कभी बिजली कटौती, कभी पानी की कमी, और अब पुरानी गाड़ियों को बंद करने का फरमान। यह फैसला मिडिल क्लास की जिंदगी को पूरी तरह से झकझोर देने वाला है।" उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास के लोग वर्षों की मेहनत से अपनी बचत से गाड़ियां खरीदते हैं। महिलाएं अपनी सुरक्षा और सहूलियत के लिए वाहन लेती हैं ताकि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने से बच सकें। बुजुर्ग छोटे-मोटे बाजार जाने और दवाइयां लाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कई लोग सेकंड हैंड गाड़ियां खरीदते हैं क्योंकि नई गाड़ी खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। लेकिन भाजपा सरकार ने एक झटके में 10 साल पुरानी गाड़ियों को बेकार घोषित कर दिया, चाहे उनकी कंडीशन कितनी भी अच्छी क्यों न हो। यह फरमान सीधे तौर पर स्क्रैप कारोबारियों और वाहन निर्माता कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला है, न कि जनता को। आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार जनता के विरोध के बाद अब कोर्ट जाने की बात कर रही है, लेकिन यह सब दिखावा है। आतिशी ने कहा, "यह ठीक वैसा ही है जैसे एक फिल्म आई थी 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', अब ये हो गया है 'सरकार कॉलिंग सरकार'। पहले आदेश निकालते हैं, फिर खुद ही चिट्ठी लिखते हैं कि हम रोक नहीं लगा सकते, और अब कोर्ट का सहारा ले रहे हैं।" आप पार्टी की स्पष्ट मांग है कि भाजपा सरकार इन 62 लाख पुराने वाहनों को बचाने के लिए तुरंत एक स्पष्ट कानून लेकर आए। यह कानून जनता के हितों को प्राथमिकता दे, न कि स्क्रैप डीलरों या गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती, तो यह साफ हो जाएगा कि वह बड़े कॉर्पोरेट हितों से जुड़ी है और आम आदमी की समस्याओं से उसे कोई सरोकार नहीं है। इस बीच दिल्ली जल बोर्ड को लेकर भी आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए कि भाजपा ने अधिकारियों के माध्यम से जल बोर्ड से निर्णय लेने की शक्तियां छीन ली थीं, जबकि दिल्ली सरकार ने 10 साल पहले ही जल बोर्ड को स्वायत्त निर्णय लेने की आजादी दी थी। 

न विज्ञापन, न दिखावा… ट्रकर्स को मुफ्त खाना और करोड़ों की कमाई वाला NCR का अनोखा ढाबा

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो यह डायलॉग आपने जरूर सुना होगा-'चलो मुरथल चलते हैं, अमरीक सुखदेव के परांठे खाने'। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने दिखाया गया कि यह फेमस ढाबा अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि 100 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाला बिज़नेस एम्पायर बन चुका है। इस ढाबे की हर महीना कमाई करीब 8 करोड़ है। ट्रक ड्राइवरों को फ्री में खाना और कोई विज्ञापन नहीं… इस ढाबे की खूबी है।इंस्टाग्राम पर रियल एस्टेट और बिज़नेस से जुड़े कंटेंट क्रिएटर रॉकी सग्गू कैपिटल ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अमरीक सुखदेव ढाबे की ग्रोथ और बिज़नेस स्ट्रैटेजी को विस्तार से बताया गया है। ढाबे से बना ब्रांड रिपोर्ट के अनुसार, अमरीक सुखदेव ढाबे की शुरुआत 1956 में सरदार प्रकाश सिंह ने की थी। उस समय यह एक साधारण सा ढाबा था, जिसमें ट्रक ड्राइवरों के लिए दाल, रोटी, सब्जी और चावल परोसा जाता था। 1990 में उनके बेटों अमरीक और सुखदेव ने व्यवसाय को आधुनिक रूप देना शुरू किया। धीरे-धीरे ढाबा एक फुल-फ्लेज्ड रेस्टोरेंट में बदल गया। रेवेन्यू रॉकी के मुताबिक, आज अमरीक सुखदेव की सालाना कमाई करीब 100 करोड़ रुपये है। यहां हर दिन 5,000 से 10,000 लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं। शुरुआती दिनों में ट्रक ड्राइवरों को फ्री या सस्ता खाना दिया जाता था, जिससे वफादार ग्राहक बन सके। रॉकी वीडियो में दावा करते हैं कि रेस्टोरेंट मालिक आज भी हर नई डिश को खुद टेस्ट करते हैं। साफ-सफाई, सर्विस और चौबीसों घंटे खुला रहता है। तेज़ सर्विस और हाइजीन ने लोगों का अभी भी भरोसा बनाए रखा है।  

दिल्ली में फिर डबल मर्डर का मामला, महिला और बच्ची की लाश मिलने से हड़कंप

नई दिल्ली दिल्ली में क्रिमिनल बेखौफ हो गए हैं। लाजपत नगर में मां-बेटे की हत्या का मामला अभी ठीक से सुलझा ही था कि आज सिविल लाइंस में एक और डबल मर्डर की घटना सामने आई है। यहां एक 22 वर्षीय महिला और उसकी दोस्त की बेटी की उनके घर में हत्या कर दी गई। आरोपी क्राइम सीन से मर्डर करने के बाद फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। दिल्ली पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय महिला और उसकी दोस्त की बेटी की उनके घर में हत्या कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद है और जांच कर रही है। इस अपराध का एक संदिग्ध हत्यारा फरार है। पुलिस उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है। यह एरिया मजनू के टीले के पास का है। पुलिस को संदेह है कि महिला का एक पुरुष साथी, जो घटना के बाद से लापता है, इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार हो सकता है। एक सूत्र ने बताया, "दोनों शव बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। क्राइम सीन की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था।" मृतकों की पहचान कर ली गई है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है।  

‘श्री रामपुरम’ नामकरण की मुहिम को मिला जनसमर्थन, दिल्ली में 60 हजार साइन जुटे

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद कई इलाकों का नाम बदलने की मांग उठ चुकी है। नजफगढ़ से मुस्तफाबाद तक के विधायक अपने इलाके की 'इस्लामिक पहचान' हटाना चाहते हैं। इस बीच शकूरबस्ती के विधायक करनैल सिंह ने तो एक कदम आगे बढ़ाते हुए जनतमत संग्रह शुरू कर दिया है। वह इस इलाके का नाम बदलकर श्री रामपुरम करना चाहते हैं। करनैल सिंह ने इसे जनता की मांग बताते हुए जनमत संग्रह की शुरुआत की है। करनैल सिंह ने कहा, ‘यह जनता की मांग रही है। पहले इसका नाम बस्ती था। लेकिन अब यहां बड़ी इमारते हैं, अच्छी गलियां और बाजार हैं। लोगों ने इसके लिए मत दिया और चर्चा के बाद हमने इसका नाम श्री रामपुरम करने का फैसला किया है। हमें इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।’ श्री रामपुरम के प्रस्ताव पर 60 हजार लोग कर चुके साइन भाजपा विधायक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि जनमत संग्रह के लिए एक फॉर्म बनाया गया है। इस पर लोगों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक कुल 60 हजार लोग साइन कर चुके हैं और वह क्षेत्र की करीब 90 फीसदी जनता का हस्ताक्षर लेकर सरकार और संगठन से इस बदलाव की मांग करेंगे। भगवान राम से प्यार करते हैं लोग, इसलिए उनका नाम: करनैल सिंह करनैल सिंह ने कहा कि कुछ लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं जबकि ऐसा है नहीं। यह सिर्फ लोगों की भावना है। लोग भगवान राम से इतना प्यार करते हैं, हमारी विधानसभा भी प्रगति करे और उनके पदचिह्नों पर चले इसलिए हमने शकूरबस्ती का नाम श्री रामपुर करने का फैसला किया है।  

30KM सिर्फ 15 मिनट में! दिल्ली-गुरुग्राम के बीच बनेगी हाईस्पीड अंडरग्राउंड टनल

नई दिल्ली ट्रैफिक जाम दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। जाम ना केवल दिल्ली में बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आने वाले कई शहरों में यही समस्या है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनकी सरकरा दिल्ली से लेकर गुरुग्राम तक टनल सड़क बनाने की योजना पर काम कर रही है। जल्दी ही इसके काम की शुरुआत हो सकती है। कहां से कहां तक बनेगी टनल वाली सड़क नितिन गडकरी ने बताया कि यह सड़क दिल्ली से लेकर गुरुग्राम तक जाएगी। सरकार यह योजना इसलिए ला रही है क्योंकि दिल्ली से गुरुग्राम तक जाने और आने में बहुत समय बर्बाद होता है। गडकरी ने बताया कि यह टनल दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से लेकर गुरुग्राम तक बनाई जाएगी। इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा। कितना समय खर्च होगा इस बहुप्रतीक्षित योजना को लेकर जानकारी देते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली से गुरुग्राम तक टनल रोड बन जाने के बाद यात्रा में खर्च होने वाला समय काफी बच जाएगा। गडकरी ने बताया कि अभी दिल्ली से गुरुग्राम तक जाने के लिए 1 घंटे का समय लगता है, लेकिन यह टनल बन जाने के बाद दोनों के बीच की दूरी 15 मिनट में तय कर सकेंगे। दिल्ली से गुरुग्राम के बीच टनल वाली सड़क बनाने की योजना पर बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि हम एक ऐसी सुरंग बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जो दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से शुरू होकर गुरुग्राम तक जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना को लेकर अध्ययन शुरू कर दिया गया है। गडकरी ने बताया कि परिवहन मंत्रालय के पास दिल्ली के लिए 30-40 हजार करोड़ रुपए का बजट है। उन्होंने कहा कि इस टनल को बनाने का उद्देश्य यात्रा में लगने वाले समय को कम करना और दिल्ली-गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक कोम करना है। इसके अलावा दिल्ली से वायु प्रदूषण को कम करने का भी प्रयास किया जा रहा है।  

LG का चेतावनी भरा पत्र: तेलबंदी फैसले पर दिल्ली सरकार को दी नसीहत

नई दिल्ली दिल्ली में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के मुद्दे ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर इस नीति पर पुनर्विचार की मांग की है। एलजी ने साफ कहा है कि दिल्ली इस तरह के कठोर प्रतिबंधों के लिए अभी तैयार नहीं है और यह मध्यम वर्ग के लिए भावनात्मक और आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है। क्या है पूरा विवाद? कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के हालिया निर्देशों के तहत दिल्ली में 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को 'एंड ऑफ लाइफ' (EOL) मानकर रजिस्ट्रेशन रद्द करने और स्क्रैप करने का आदेश है। यह फैसला 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर आधारित है। हालांकि, एलजी ने इस नीति को 'अनुचित' बताते हुए इसके कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं। एलजी ने अपने पत्र में लिखा, "एक डीजल वाहन दिल्ली में 10 साल पुराना होने पर 'एंड ऑफ लाइफ' माना जाता है, लेकिन वही वाहन चेन्नई या मुंबई में सड़क पर कानूनी रूप से दौड़ सकता है। यह मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सिद्धांतों के खिलाफ है, जो पूरे देश में एकसमान नियम लागू करता है।" मध्यम वर्ग पर भावनात्मक और आर्थिक बोझ एलजी ने पत्र में मध्यम वर्ग की भावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदते हैं, जो उनके लिए सिर्फ सवारी का साधन नहीं, बल्कि भावनात्मक लगाव का प्रतीक भी है। ऐसे वाहन, जो कम चले हों और उत्सर्जन मानकों का पालन करते हों, उन्हें केवल उम्र के आधार पर स्क्रैप करना अन्यायपूर्ण है। एलजी ने जोर दिया कि नीति में उन वाहनों को टारगेट करना चाहिए जो वास्तव में प्रदूषणकारी और खराब हालत में हों। 'दिल्ली एक ट्रांजिट कॉरिडोर का हिस्सा' LG ने यह भी बताया कि दिल्ली एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर का हिस्सा है, जहां उत्तर, पूर्व और पश्चिमी राज्यों को जोड़ने वाले वाहन गुजरते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों में वैध वाहनों को दिल्ली में गैर-कानूनी ठहराना अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि यह नीति न केवल दिल्लीवासियों, बल्कि ट्रांजिट यात्रियों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है। सक्सेना ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीरता को स्वीकार किया, लेकिन जोर दिया कि इसका समाधान संतुलित और वैज्ञानिक होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए, जिसमें हाल के बुनियादी ढांचे के सुधार, जैसे मेट्रो विस्तार, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को शामिल किया जाए। इसके अलावा, सड़कों की मरम्मत, हरियाली बढ़ाने, और एंटी-स्मॉग गन जैसे उपायों को भी रेखांकित करने की सलाह दी। एलजी ने की ये सिफारिशें     CAQM से पुनर्विचार: CAQM के निर्देशों को NCR में समान रूप से लागू करने की तैयारी होने तक स्थगित करने की मांग।     MORTH से संवाद: मोटर व्हीकल स्क्रैपिंग नियमों में बदलाव के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय से चर्चा।     सुप्रीम कोर्ट में याचिका: हाल के सुधारों और बदली परिस्थितियों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करना।     विस्तृत प्रदूषण रणनीति: तीन महीने में विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ परामर्श कर प्रदूषण नियंत्रण की व्यापक योजना तैयार करना। LG ने बताया कि उन्हें नागरिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों से ढेरों शिकायतें मिली हैं, जो इस नीति की प्रभावशीलता और व्यावहारिकता पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने पुराने वाहनों को CNG या इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए सरकारी प्रोत्साहन की वकालत की। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और सड़क धूल जैसे अन्य प्रदूषण स्रोतों पर ध्यान देने की जरूरत बताई।