News Aazad Bharat

रॉयटर्स का X अकाउंट ब्लॉक होने पर मचा बवाल, भारत सरकार ने झाड़ा पल्ला

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने गैंग के साथ मिलकर कैब ड्राइवरों की हत्याओं की साजिश रची. आरोपी अजय लांबा और उसके तीन साथी किराए पर कैब बुक करते, ड्राइवर को पहाड़ियों में ले जाकर पहले बेहोश करते और फिर गला घोंटकर हत्या कर देते थे. लाश को खाई में फेंक दिया जाता, जबकि गाड़ी को नेपाल में बेच देते थे.   दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की आरकेपुरम टीम ने ऐसे सीरियल किलर को पकड़ा है, जिसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर चार कैब ड्राइवर्स की हत्या की. इसके बाद शवों को उत्तराखंड की पहाड़ियों से गहरी खाई में फेंक दिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय लांबा के रूप में हुई है, जो दिल्ली के इंडिया गेट इलाके से पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई वर्षों से एक्टिव था. अब तक कई कैब ड्राइवरों को अपना शिकार बना चुका है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गैंग रेंट पर कैब बुक करता था. ड्राइवर को उत्तराखंड की ओर ले जाकर पहले उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश करता था. इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी जाती थी. लाश को अल्मोड़ा, हल्द्वानी और उधमसिंह नगर जैसे इलाकों की गहरी खाइयों में फेंक दिया जाता था, जिससे शव कभी बरामद न हो सकें. हत्या के बाद आरोपी कैब को नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों में बेचते थे.   अब तक इस केस में चार ड्राइवरों की हत्या की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से केवल एक शव पुलिस बरामद कर सकी है. बाकी तीन शवों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस को शक है कि यह गैंग दर्जनों मिसिंग कैब ड्राइवर केसों से जुड़ा हो सकता है, और उनकी हत्या भी इन्हीं आरोपियों ने की हो. गिरफ्तार आरोपी अजय लांबा नेपाल में भी करीब 10 साल तक छिपा रहा और वहीं की एक युवती से शादी की. उसके खिलाफ दिल्ली में ड्रग्स तस्करी और ओडिशा में डकैती जैसे संगीन मामलों में पहले भी जेल जा चुका है. इस गैंग के अन्य सदस्य धीरेंद्र और दिलीप पांडे पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन एक और अहम आरोपी धीरज अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए इस सीरियल किलर से गहन पूछताछ जारी है. दिल्ली से लेकर उत्तराखंड और नेपाल तक फैले इस गिरोह का नेटवर्क अब पुलिस के निशाने पर है.

एलन मस्क की सियासी पारी शुरू, राष्ट्रपति बनने की अटकलों पर उठे सवाल

वाशिंगटन  टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ, दुनिया के सबसे अमीर शख्स और 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को दूसरी बार अमेरिकी सत्ता तक पहुंचाने वाले "किंगमेकर" एलन मस्क अब खुद अमेरिकी राजनीति में उतर चुके हैं। उन्होंने शनिवार को एक नई राजनीतिक पार्टी "America Party" की घोषणा की है। मस्क का दावा है कि यह पार्टी अमेरिका के 80% मध्य और संतुलित मतदाताओं की आवाज बनेगी, जो न रिपब्लिकन हैं, न डेमोक्रेट। एलन मस्क के करीबियों की मानें तो उनकी यह घोषणा स्वाभाविक थी। ऐसा इसलिए क्योंकि, हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने सीनेट में बिग ब्यूटीफुल बिल पास करवा लिया। मस्क इस बिल के खिलाफ थे। जब ट्रंप इस बिल के हिमायती बनते हुए विरोधियों को इस बिल की खूबियां गिना रहे थे, तब मस्क ने कहा था कि अगर बिल पास हो जाता है तो वो अमेरिका के लोगों के लिए नई पार्टी की घोषणा करेंगे। मस्क ने इस बिल को अमेरिकी लोगों के लिए विनाशकारी बताया है। मस्क के मुताबिक, यह बिल सिर्फ अमीरों के लिए फायदेमंद होगा, न कि गरीब और मध्यमवर्गीय के लिए। क्या 2028 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ पाएंगे एलन मस्क? जैसे ही मस्क की पार्टी का एलान हुआ, सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया — क्या एलन मस्क खुद राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं? अमेरिका में किसी के लिए भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ना आसान नहीं है। अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद II, खंड 1 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति तभी अमेरिकी राष्ट्रपति बन सकता है यदि वह तीन शर्तों को पूरा करे। पहली शर्त है- वह जन्म से अमेरिका का नागरिक हो। दूसरा- उसकी उम्र कम से कम 35 वर्ष हो और वह अमेरिका में कम से कम 14 साल से रह रहा हो। यहां एलन मस्क इन शर्तों में से पहली शर्त पर खरे नहीं उतरते, जो सबसे जरूरी है। मस्क जन्म 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में हुआ था। उन्होंने बाद में अमेरिका की नागरिकता ली, लेकिन चूंकि वे "जन्म से अमेरिकी नागरिक" नहीं हैं, इसलिए संविधान उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की अनुमति नहीं देता। क्या कहते हैं एक्सपर्ट चाहे मस्क के पास असीम दौलत हो, तकनीक और कारोबार की पकड़ हो या एक समर्पित फैन फॉलोइंग, अमेरिकी संविधान की यह शर्त उनका रास्ता रोक देती है। जब तक संविधान में संशोधन नहीं होता, एलन मस्क कभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं बन सकते। ऐसा संशोधन बेहद मुश्किल है क्योंकि उसके लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए और फिर 50 में से 38 राज्यों की मंजूरी भी जरूरी होती है। मस्क का मकसद क्या है? राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक एलन मस्क अब "किंगमेकर" से "पावरब्रोकिंग" की दिशा में बढ़ रहे हैं। वह 2026 के मिडटर्म इलेक्शन में अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं। इसके अलावा 2028 में किसी अमेरिकी-जन्मे नेता को राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतार सकते हैं और खुद पार्टी प्रमुख, नीति-निर्देशक या फंडर बन सकते हैं। ट्रंप से दूरी और नई सियासी लड़ाई 2024 में एलन मस्क ने ट्रंप को खुला समर्थन दिया था। मस्क ने ट्रंप को जिताने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। फंडिंग से लेकर पब्लिक स्टेटमेंट्स तक मस्क हर कदम पर ट्रंप के साथ रहे। लेकिन अब जब उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है, तो संकेत साफ हैं कि मस्क अब ट्रंप के जोन से बाहर निकलकर खुद की राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं।  

नेमप्लेट विवाद में कूदे बाबा रामदेव, बोले- नाम छिपाना अनुचित, सभी के पूर्वज थे हिंदू

हरिद्वार कांवड़ यात्रा से पहले 'नेमप्लेट विवाद' पर योग गुरु बाबा रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि सभी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही हैं, इसलिए नाम छिपाने में कुछ नहीं रखा है। बाबा रामदेव ने शिवभक्तों से भी खास अपील की है। बाबा रामदेव ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "जैसे रामदेव को हिंदू होने पर गर्व है, वैसे ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने मुस्लिम होने पर गर्व होना चाहिए। सभी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही हैं। इसलिए नाम छिपाने में कुछ नहीं रखा है। नाम बताना चाहिए, अगर किसी की मर्जी होगी तो वो खाना खाने आएगा, इसलिए नाम छिपाना न मजहब की दृष्टि से उचित है, न धार्मिक स्थिति और न व्यवहारिक दृष्टि से उचित है।" उन्होंने कहा कि सबको अपने-अपने मातृवंश और मजहब पर गौरव होना चाहिए। मुस्लिम भाइयों को किसी तरह से भी अपना मजहब नहीं छिपाना चाहिए। योग गुरु रामदेव बाबा ने कांवड़ यात्रियों से भी अपील की है। उन्होंने कहा, "कांवड़ लेकर चलने वाले लोग भगवान शिव के सच्चे भक्त हैं। भगवान शिव पवित्रता के प्रतीक हैं और सनातन धर्म के सबसे बड़े देवताओं में से एक 'आदि योगी' हैं। इसलिए शिव भक्तों को संयम और धैर्य का परिचय देना चाहिए। अगर किसी को बीड़ी-सिगरेट, शराब पीने या भांग जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करने की लत है तो उन्हें इस बार कांवड़ लेकर चलते समय भगवान भोलेनाथ को अपनी सारी बुराइयां अर्पित करनी चाहिए। उन्हें व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए।" 'भाषा विवाद' पर योग गुरु ने कहा, "भाषा और अलग-अलग जाति के आधार पर हम हिंदू लड़ते हैं तो उससे हिंदू एकता, राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर आंच आती है। इसलिए हम सबको भारतवासी होकर एकजुट रहना चाहिए। हमारी एकता में ही राष्ट्रीय एकता और अखंडता अक्षुण्य रहेगी।" उन्होंने आगे कहा, "हिंदुत्व का जो मूल दर्शन है, हमें उसे ही समझना है। हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं। भाषाएं अलग हो सकती हैं, रीति-रिवाज भिन्न हो सकते हैं और जाति-वर्ग अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन अभेद दृष्टि को ही हमने जीया है और यही हिंदुत्व है। वेद भी यही कहते हैं।"

मौसम का कहर: MP से ओडिशा तक बारिश का तांडव, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली  देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के करीब है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में 6 से 11 जुलाई तक को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 6 से 8 जुलाई तक भारी बारिश होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ में 6 से 7 जुलाई और विदर्भ में 7 व 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा, पूर्वी और मध्य भारत में अगले सात दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना है। राजस्थान में दक्षिण पश्चिमी मॉनसून की सक्रियता जारी है। शनिवार दिन में सीकर में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार से बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। मौमस विभाग के अनुसार, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में मध्यम दर्जे की बारिश आगामी 2-3 दिन हो सकती है। जोधपुर संभाग के कुछ भागों में 6 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी होगी। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार शनिवार को राज्य में कई स्थानों पर बादल गरजने के साथ बारिश हुई। इस दौरान सीकर में 45 मिलीमीटर, वनस्थली में 26 मिलीमीटर, जयपुर में 14 मिलीमीटर, कोटा में 7.2 मिलीमीटर, फतेहपुर में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। कई और जगह भी बूंदाबांदी व बारिश हुई। बंगाल में भारी बारिश की संभावना पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र में कम दबाव बनने की संभावना है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के कुछ हिस्सों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम वर्धमान, पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और बांकुड़ा जिलों में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने और मजबूत मानसून प्रवाह के कारण इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। आईएमडी ने कहा कि उपहिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार के कुछ हिस्सों में 10 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण 260 से अधिक सड़कें बंद हैं जिनमें से 176 अवरुद्ध सड़कें अकेले मंडी जिले में हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार को कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर अत्याधिक बारिश की आशंका जताते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन, शिमला और कुल्लू जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। एक दिन में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी के बीच हुई वर्षा को बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 204.4 मिमी से अधिक वर्षा को अति भारी वर्षा माना जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ आने, जलभराव होने और कमजोर ढांचों, फसलों एवं आवश्यक सेवाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका के प्रति सतर्क किया है। साथ ही नदी-नालों से दूर रहने और संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी है।

प्रेम में पागल डॉक्टर ने महिला सहकर्मी से की मारपीट, मोबाइल भी छीना

तमिलनाडु तमिलनाडु के होसुर में डॉक्टर की ओर से अपनी महिला सहकर्मी पर हमला का मामला सामने आया है। एक निजी दंत चिकित्सा क्लिनिक में काम करने वाली 25 वर्षीय डॉ. कृतिका ने डॉ. अंबु सेल्वन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हिंसक घटना में घायल डॉ. कृतिका को होसुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पीड़िता ने कहा कि डॉक्टर बार-बार के उसे विवाह करने का प्रस्ताव दे रहा था, जिसने उसने ठुकरा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। डॉ. कृतिका ने बताया कि डॉ. अंबु ने उन्हें कई बार विवाह के लिए दबाव डाला, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। घटना के दिन, अंबु ने उन्हें दोपहिया वाहन पर पाठला पल्ली क्षेत्र में ले जाकर गया और फिर से विवाह के लिए दबाव बनाने लगा। जब कृतिका ने इनकार किया, तो अंबु ने उस पर हमला कर दिया। उनका मोबाइल फोन, सोने की चेन, कंगन और घड़ी छीन ली। बाद में, उन्हें क्लिनिक वापस लाकर और मारपीट की गई, जहां उनके सहकर्मियों ने दखल देकर उनकी जान बचाई। आरोपी डॉक्टर पहले से शादीशुदा होसुर टाउन पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद केस अधिकरट्टी पुलिस स्टेशन को हस्तांतरित कर दिया, क्योंकि घटना उनके क्षेत्राधिकार में हुई थी। डॉ. कृतिका ने अधिकरट्टी पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। जांच में पता चला कि डॉ. अंबु सेल्वन पहले से शादीशुदा है, लेकिन वर्तमान में अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सख्त ऐक्शन लेने की मांग हो रही है।  

भगवान गणेश और नाग देवता की मूर्तियां टूटीं, कर्नाटक के शिवमोगा में हालात तनावपूर्ण

कर्नाटक  कर्नाटक में शिवमोगा के बंगरप्पा लेआउट इलाके में रविवार को उस समय तनाव फैल गया, जब अज्ञात बदमाशों ने भगवान गणेश और नाग देवता की मूर्तियों को खंडित कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने यह भी बताया कि नाग देवता की मूर्ति सड़क किनारे नाले में पड़ी पाई गई। यह घटना शिवमोगा के शांतिनगर वार्ड में हुई, जहां हाल ही में बंगरप्पा लेआउट की मुख्य सड़क पर मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इलाके के निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और देवताओं के अपमान पर गुस्सा जताया। पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय समुदाय से चर्चा की। अधिकारियों ने निवासियों को बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और पुलिस जांच जारी है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विजयेंद्र ने एक्स पर एक पोस्ट में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिवमोगा में शरारती हरकतों में थोड़े समय के विराम के बाद हिंदू विरोधी तत्वों ने एक बार फिर अपनी हरकतें शुरू कर दी हैं। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा, ‘रग्गीगुड्डा में बदमाशों ने भगवान गणेश और शेषनाग की मूर्तियों को खंडित किया।’ उन्होंने यह भी कहा कि मूर्ति को नाले में फेंक दिया गया। विजयेंद्र ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हिंदू संगठनों को बुरी नजर से देखने वाली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार हमेशा हिंदू विरोधी ताकतों की कट्टर समर्थक बनकर खड़ी रही है। शिवमोगा जिले में बदमाशों की ज्यादतियां चरम सीमा पर पहुंच गई हैं।’ भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार इन दुष्ट तत्वों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं करती तो जो परिणाम होगा उसकी जिम्मेदार वह खुद होगी। कांग्रेस की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।  

कब्र से निकली सच्चाई: 11 साल बाद आरोपी ने कबूला रेप और हत्या का खौफनाक राज

बेंगलुरु कर्नाटक में एक चौंकाने वाले खुलासे ने सनसनी फैला दी है। यहां पर एक शख्स ने दावा किया है कि उसने रेप की शिकार लड़कियों और महिलाओं की लाशें जलाकर ठिकाने लगाई हैं। उसका कहना है कि 1998 से 2014 तक लगातार उसने ऐसा किया। करीब 11 साल बाद यह शख्स खुद पुलिस के पास पहुंचा और अपना गुनाह स्वीकार किया। साथ ही उसने यह भी कहाकि उसे ऐसा करने पर मजबूर किया गया। यह व्यक्ति कर्नाटक के धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी था। उसने पुलिस से अपनी पहचान छुपाने का अनुरोध किया है। उसने पुलिस को कुछ लाशों और कंकाल की फोटो भी दी है। जल रहा था पछतावे की आग में इस व्यक्ति का कहना है कि वह दसियों साल से पछतावे की आग में जल रहा था। फिर उसने सामने आने का फैसला किया ताकि रेप और मर्डर के पीड़ितों को न्याय मिल सके। पुलिस का कहना है कि कोर्ट की जरूरी इजाजत के बाद धर्मस्थल पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूली लड़कियों की भी लाश इस शख्स ने बताया कि शुरुआत में उसे लगा कि यह लाशें आत्महत्या करने वालों की या फिर डूबकर मरने वालों की है। इनमें बड़ी तादाद में महिलाओं की लाशें होती थीं। उनमें भी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं रहता था। कुछ महिलाओं की लाशों पर तो यौन उत्पीड़न और हिंसा के निशान होते थे। ऐसा लगता था कि जैसे रेप के दौरान उन्हें काफी ज्यादा प्रताड़ित किया गया है। उसने बताया इनमें काफी ज्यादा संख्या स्कूली लड़कियों की होती थी। मना करने पर मारा-पीटा गया खुद की पहचान छुपाने वाले इस शख्स ने यह भी बताया कि 1998 में पहली लाश आई थी। उसने बताया कि मेरे सुपरवाइजर ने चुपचाप लाशों को ठिकाने लगाने के लिए कहा। जब मैंने इनकार किया और पुलिस के जाने की बात कही तो मुझे बुरी तरह से मारा-पीटा गया। इसके अलावा खुद को और अपने परिवार को भी बचाने की गुहार लगाई है। उसने कहाकि 11 साल पहले उसने परिवार के साथ धर्मस्थल छोड़ दिया। वह पड़ोसी राज्य में किसी गुप्त जगह पर जाकर छिप गया था। उसने बताया कि हमें हर रोज बस यही डर लगा रहता था कि कहीं हमें मार न दिया जाए।  

तिहाड़ से छूटते ही फरार हुआ खूंखार सोहराब, जेल सुरक्षा पर उठे सवाल

नई दिल्ली  एतिहाड़ जेल में सजा काट रहा सीरियल किलर सोहराब फरार हो गया है। सोहराब तीन दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वापस जेल नहीं लौटा। जेल प्रशासन लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर सोहराब को ढूंढ रही है।मिली जानकारी के अनुसार, सोहराब को तीन दिन के लिए पैरोल पर तिहाड़ से बाहर निकाला गया था। लखनऊ में पत्नी से मुलाकात के बाद सोहराब को दिल्ली की तिहाड़ जेल पहुंचना था, लेकिन वो नहीं पहुंचा। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई। जेल प्रशासन ने लखनऊ पुलिस से संपर्क किया और सोहराब को बरामद करने का प्रयास तेज कर दिया है। सोहराब एक खतरनाक अपराधी और सीरियल किलर है। उसने कई हत्याओं को अंजाम दिया है। सोहराब ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लखनऊ के सआदतगंज में पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के नाती की भी हत्या करवा दी थी। इस दौरान वो जेल में बंद था, लेकिन हत्या के लिए पूरा प्लान करने के बाद अंजाम दे दिया था। इसके अलावा सोहराब पूर्व पार्षद की हत्या की साजिश में भी शामिल रहा है। सोहराब ने लखनऊ के अमीनाबाद में बीजेपी के पार्षद पप्पू पांडे की शूटर को सुपारी देकर हत्या करवा दी थी। मामला साल 2005 का है। सोहराब के छोटे भाई शहजादे की लखनऊ के हुसैनगंज में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही सोहराब के साथ उसके दो भाइयों के सिर पर खून सवार था। रमजान में हुई भाई की हत्या का बदला तीनों ने एक साल बाद लिया। भाई की हत्या के एक साल बाद ईद वाले दिन तीनों भाइयों, सोहराब, सलीम और रुस्तम ने अपने भाई के हत्यारों की हत्या कर दी थी। हत्या करने से पहले सोहराब ने लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी को फोन करके कहा था कि अपने भाई की मौत का बदला लेने जा रहा हूं, रोक सको तो रोक लो। इसके बाद तीनों ने अपने भाई के हत्यारों को ईद के दिन मौत के घाट उतार दिया था। अब सोहराब पैरोल पर बाहर तो निकला, लेकिन पैरोल का समय खत्म होने के बाद भी तिहाड़ नहीं पहुंचा। इस मामले की सूचना जब जेल प्रशासन को हुई तो उनके हाथ-पांव फूलने लगे। तिहाड़ जेल प्रशासन ने तुरंत लखनऊ पुलिस को संपर्क किया और सोहराब को ढूंढने का काम शुरू कर दिया।  

PM मोदी से मिलने का जुनून: NRI ने अर्जेंटीना में तय की 400 किमी की लंबी दूरी

नई दिल्ली  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi) पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में अर्जेंटीना (PM Modi Argentina visit) पहुंचे। ब्यूनस आयर्स में भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत किया। अर्जेंटीना में एक भारतीय व्यक्तिविजय कुमार गुप्ता ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन (Indian man travels to greet PM Modi) करने के लिए 400 किलोमीटर की यात्रा कर के आया है (400 km journey to meet PM Modi) , साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे उनसे हाथ मिलाने (PM Modi handshake Argentina) का मौका भी मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय यात्रा के लिए शनिवार को ब्यूनस आयर्स पहुंचे। वे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली से बातचीत करेंगे। अर्जेंटीना में भारतीय समुदाय के सदस्य गुप्ता ने एएनआई से बात करते हुए अपनी लंबी यात्रा के बारे में दावा किया।   मोदी की अर्जेंटीना यात्रा पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट और होटल परिसर में "Modi-Modi", "जय हिंद" सहित देशभक्ति के नारे गूंजे और पारंपरिक नृत्य-गीतों का प्रदर्शन हुआ । 400 किमी की यात्रा, ‘हैलो’ और हाथ मिलाने की खुशी रोज़ारियो के रहने वाले प्रवासी भारतीय विजय कुमार गुप्ता ने ANI को बताया कि वह “हैलो” कहने और हाथ मिलाने की ख्वाहिश से 400 किमी की यात्रा करके यहां आए। उन्हें इस मौके पर पर्सनल इंटरैक्शन का सौभाग्य भी मिला । पीएम मोदी का संदेश – संस्कृति से दूरी मायने नहीं रखती मोदी ने ट्विटर (एक्स) पर लिखा, “Cultural connect में दूरी कोई बाधा नहीं होती!” उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर भी भारतीयों की संस्कृति से जुड़ाव दिखाई देता है द्विपक्षीय एजेंडा: समृद्ध व्यापार से रक्षा तक पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेवियर माइलि की बैठक में खनिज, ऊर्जा, कृषि, रक्षा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत-अर्जेंटीना संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा होगी प्रवासी भारतीयों में उत्साह की झलक “मोदी जी से हाथ मिलाकर गर्व महसूस हुआ,”— विजय कुमार गुप्ता जैसे कई भारतीयों की भावनाएं अभिव्यक्त हुईं । PM मोदी का भावनात्मक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, “Distance is no barrier when it comes to cultural connect!” कौन-कौन से समझौते होंगे? खनिज, ऊर्जा, रक्षा और कृषि क्षेत्रों में कितने MoUs या समझौते होंगे, इसकी ब्रीफिंग कब जारी की जाएगी? प्रवासी भारतीयों को शामिल करने का क्या प्लान? क्या आने वाले कार्यक्रमों में भारतीय समुदाय के बच्चों, युवाओं या कलाकारों को शामिल किया जाएगा? लैटिन अमेरिका की ओर भारत की रणनीति यह दौरा दर्शाता है कि भारत लैटिन अमेरिका की ओर बढ़ते व्यापार और रणनीतिक हितों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। संस्कृति से जुड़ाव की ताकत पीएम मोदी का संदेश साफ है—सांस्कृतिक जुड़ाव, चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हो, उस दूरी को मिटा देता है।

डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, विमान ने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में कर दी घुसपैठ

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। न्यू जर्सी स्थित राष्ट्रपति के निजी गोल्फ कोर्स के ऊपर एक विमान के उड़ने से सीक्रेट सर्विस में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने लड़ाकू विमान भेजकर विमान को खदेड़ा। NORAD ने इस घटना की जानकारी दी है। जिस दौरान यह घटना हुई, उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप स्वतंत्रता दिवस के बाद वीकेंड मनाने के लिए गोल्फ कोर्स में मौजूद थे। NORAD ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 5 जुलाई को 2025 को बेंडमिस्टर, न्यू जर्सी के ऊपर एक विमान ने अस्थायी उड़ान प्रतिबंध का उल्लंघन किया, जिसे इंटरसेप्ट किया गया। इसमें विमानों के पायलटों से उड़ान से पहले संघीय विमानन प्रशासन से जारी किए अलर्ट को देखने को कहा गया है। उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड उत्तरी अमेरिका की रक्षा के लिए एयरोस्पेस चेतावनी, एयरोस्पेस नियंत्रण और समुद्री चेतावनी का संचालन करता है। शनिवार दोपहर हवाई क्षेत्र में घुसा विमान NORAD के बयान के अनुसार, नागरिक विमान ने शनिवार 5 जुलाई को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:40 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार 12:10 सुबह) से ठीक पहले अस्थायी उड़ान प्रतिबंध क्षेत्र में उड़ गया। उसे लड़ाकू जेट द्वारा सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि यह प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र का दिन का चौथा उल्लंघन था, और बाद में एक और उल्लंघन हुआ। एफ-16 लड़ाकू विमान ने खदेड़ा हालांकि, NORAD ने यह जानकारी नहीं दी कि घुसपैठिए विमान को खदेड़ने के लिए किस फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन द न्यूयॉर्क पोस्ट सहित कई आउटलेट्स ने बताया कि यह एक F-16 लड़ाकू विमान था। फरवरी में भी, NORAD ने फ्लोरिडा में ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसॉर्ट के ऊपर हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में तीन F-16 को उड़ाया था।