News Aazad Bharat

Vivo Y400 5G की एंट्री, सुहाना खान की ग्लैमरस मौजूदगी से हुआ धमाकेदार लॉन्च

मुंबई  Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo Y400 5G है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है और इसमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं. इस स्मार्टफोन के लिए कंपनी ने SRK की बेटी सुहाना खान को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है. Vivo Y400 5G में 6,000mAh की बैटरी और बेहतरीन कलर ऑप्शन दिए हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.  Vivo Y400 5G की भारत में शुरुआती कीमत 21,999 रुपये है, जिसमें 8GB Ram + 128GB स्टोरेज मिलती है. वहीं, 8GB RAm + 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 23,999 रुपये खर्च करने होंगे.   7 अगस्त से शुरू होगी सेल  Vivo Y400 5G  दो कलर वेरिएंट Glam White और Olive Green कलर में आता है. इसकी पहली सेल 7 अगस्त से शुरू होगी, जो Vivo India e-store, Flipkart, Amazon और चुनिंदा रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा. प्री बुकिंग करने वाले यूजर्स को चुनिंदा बैंक के कार्ड्स पर 10 परसेंट तक का डिस्काउंट मिलेगा.  Vivo Y400 5G  के स्पेसिफिकेशन्स  Vivo Y400 5G  में 6.67-inch full-HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें 120Hz Refresh Rate और 1800 Nits की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.  Vivo Y400 5G  का प्रोसेसर और रैम  Vivo का यह लेटेस्ट हैंडसेट Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट के साथ आता है. इसमें 8GB LPDDR4X RAM और 256GB की UFS 3.1 स्टोरेज मिलेगी.  Vivo Y400 5G का कैमरा  Vivo Y400 5G के कैमरा की बात करें तो इसमें बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50-megapixel Sony IMX852 प्राइमरी कैमरा सेंसर है. सेकेंडरी कैमरा 2-Megapixel Depth सेंसर दिया है. इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया है. फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी के लिए खास AI Modes का यूज किया है.  Vivo Y400 5G की बैटरी और अन्य फीचर्स Vivo Y400 5G में 6,000mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ 90W का वायर चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है, जो बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ आता है. इस स्मार्टफोन को  IP68+IP69 रेटिंग मिली है जो इसे वॉटर और डस्ट रेसिस्टेंस बनाता है.     

जूनूनी तेजी: सोने ने छूआ ₹1 लाख का आंकड़ा, चांदी 1.11 लाख की ओर

मुंबई   घरेलू वायदा बाजार में आज कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई है। सोने की कीमतों ने एक बार फिर ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर लिया है। सोमवार (4 अगस्त) को सोना ₹1,00,272 और चांदी करीब ₹1,11,021 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिल रही है, जबकि चांदी की चाल फिलहाल कुछ धीमी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चांदी तेज अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। Comex पर सोना 3,416.60 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस 3,399.80 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 7.10 डॉलर की तेजी के साथ 3,406.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के वायदा भाव ने इस साल 3,509.90 डॉलर के भाव पर ऑल टाइम हाई छू लिया है। Comex पर चांदी के वायदा भाव 37.09 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 36.92 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.14 डॉलर की तेजी के साथ 37.07 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था।

सुस्ती से जूझ रहा ऑटो सेक्टर, फेस्टिव सीजन में मिल सकती है राहत की रफ्तार

मुंबई  जुलाई 2025 में भारत में कारों की मांग में हल्की सुस्ती देखने को मिली है। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री इस महीने भी तेजी पकड़ने में नाकाम रही। लगातार दो महीनों की गिरावट के बाद जुलाई में थोक बिक्री में सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खुदरा बिक्री यानी ग्राहकों को डिलीवरी अभी भी दबाव में रही। देश की प्रमुख सात कार कंपनियों ने मिलकर जुलाई में लगभग 3,29,113 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो घरेलू बाजार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से चार कंपनियों की बिक्री या तो स्थिर रही या घट गई। भारी बारिश और कमजोर ग्राहक भावना ने बढ़ाई मुश्किलें जुलाई में ऑटो डीलरों ने बताया कि तेज बारिश और बाजार में नकदी की कमी के कारण कारों की बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया धीमी रही। कई कंपनियों द्वारा छूट और ऑफर के बावजूद ग्राहक खरीदारी से बचते रहे। इस वजह से डीलरों के पास औसतन 53 दिनों का इन्वेंटरी स्टॉक बना रहा, जो सामान्य से अधिक है। मारुति सुजुकी की बिक्री स्थिर, उम्मीदों में बढ़ोतरी देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जुलाई में 1,37,776 यूनिट्स डीलरों को भेजे, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर हैं। जून में कंपनी की बिक्री पिछले 18 महीनों में सबसे कमजोर थी, इसलिए जुलाई की स्थिरता को राहत माना जा रहा है। कंपनी के बिक्री प्रमुख पार्थो बनर्जी ने बताया कि Wagon R की मांग में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है और आने वाले त्योहारों का सीजन इस कार की बिक्री को और बढ़ावा देगा। मारुति के मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट में जनवरी के बाद पहली बार तेजी देखी गई है, जो सकारात्मक संकेत है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने SUV सेगमेंट में बढ़त बनाई एसयूवी सेगमेंट में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी ने जुलाई में लगभग 50,000 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है।

‘भारत के पास विकल्प हैं, घाटा अमेरिका को होगा’ — रूस से तेल पर एक्सपर्ट्स की दो टूक

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर भारी जुर्माना लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद भारत ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत किसी कारणवश रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। क्योंकि, अमेरिका दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा कहते हैं, अमेरिका से रूस के तेल खरीदने पर जुर्माने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो खुद अमेरिका अछूता नहीं रहेगा। वहां भी तेल के दाम बढ़ेंगे। साथ ही मंहगाई बढ़ेगी। भारत पर भी इसका असर पड़ेगा पर अभी उसने रूस से तेल खरीदना जारी रखने की बात कही है। पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकार मानते हैं, रूस पर पूरी तरह कच्चे तेल की खरीद बंद करना आसान नहीं है। क्योंकि, सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं। किसी दबाव या रूस का कच्चा तेल महंगा होने पर आपूर्ति बंद होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर की वजह से कच्चे तेल के दाम सौ से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते है। रोज लाखों बैरल निर्यात रूस रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात करता है। भारत अपनी जरूरत का 33 से 40% तक तेल रूस से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। क्योंकि, भारत कच्चे तेल के मामले में अमेरिका के बाद तीसरा बड़ा आयातक है। भारत के पास विकल्प भारत करीब तीन दर्जन से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में दूसरे देश से इस तेल की आपूर्ति की जा सकती है पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि कंपनियां इस भार को सीधा उपभोक्ताओं पर डाल देंगी। रूस से जमकर तेल आयात भारत ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद रूसी तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उठाते हुए सस्ता तेल खरीदना शुरू किया। मई 2025 में भारत ने रूस से 1.96 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 38% है। भारत खरीदता रहेगा रूस से तेल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारतीय तेल कंपनियां रूस से तेल खरीदेंगी। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। वहीं, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मैंने सुना है कि भारत ने रूस से तेल लेना बंद कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अच्छा फैसला है, लेकिन इस मामले में क्या हो रहा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है। भारत सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि तेल खरीद के लिए भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए करार किया है। ऐसे में एक रात में तेल की खरीदारी बंद हो जाए,यह संभव नहीं है। अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। अधिकारियों ने कहा, रूस से तेल खरीदने के लिए भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारतीय कंपनियों को कोई दिशा- निर्देश नहीं दिया है।

लोन फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन, ED ने अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनी के MD को दबोचा

मुंबई  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारोबारी समूहों के लिए 'फर्जी' बैंक गारंटी जारी करने वाले गिरोह के संचालन के आरोप में ओडिशा की एक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह द्वारा रिलायंस समूह की एक कंपनी के लिए कथित रूप से 68 करोड़ रुपये की गारंटी भी प्रदान की गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। संघीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को धन शोधन के इस मामले में भुवनेश्वर स्थित ‘बिस्वाल ट्रेडलिंक’ कंपनी के खिलाफ छापेमारी शुरू की थी। क्या है डिटेल सूत्रों ने बताया कि ‘बिस्वाल ट्रेडलिंक’ के प्रबंध निदेशक पार्थ सारथी बिस्वाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुक्रवार को भुवनेश्वर से हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने उसे छह अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है। ईडी द्वारा पीएमएलए के तहत दर्ज किया गया मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा नवंबर 2024 में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है। शुक्रवार को हुई थी तलाशी ईडी ने शुक्रवार को कंपनी के भुवनेश्वर स्थित तीन परिसरों और कोलकाता स्थित एक ‘‘सहयोगी’’ कंपनियों की तलाशी ली थी। एजेंसी के सूत्रों ने आरोप लगाया कि यह कंपनी आठ प्रतिशत कमीशन लेकर ‘‘फर्जी’’ बैंक गारंटी जारी करने का काम कर रही थी। उन्होंने बताया कि ‘रिलायंस पावर’ की सहायक कंपनी ‘रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड’ की ओर से सोलर ‘एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (एसईसीसआई) को जमा की गई 68.2 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी ‘‘फर्जी’’ पाई गई। कंपनी का नाम पहले ‘महाराष्ट्र एनर्जी जनरेशन लिमिटेड’ था। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने हाल में मुंबई में अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ की गई छापेमारी के दौरान इस लेनदेन से संबंधित कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। रिलायंस समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि रिलायंस पावर इस मामले में ‘‘धोखाधड़ी और जालसाजी की साजिश का शिकार’’ रही है और उसने सात नवंबर 2024 को विभिन्न स्टॉक एक्सचेंज में इस संबंध में उचित सूचनाएं दी थीं। प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में तीसरे पक्ष (आरोपी कंपनी) के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी और कानून की ‘‘उचित प्रक्रिया’’ का पालन किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि कई कंपनियों के साथ इसी तरह के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है और इसकी जांच की जा रही है। आरोप है कि कंपनी के कई ऐसे बैंक खाते थे जिन्हें उसने अघोषित रखा और इन खातों से उसकी घोषित आमदनी के मुकाबले कहीं ज्यादा लेनदेन किए जा रहे हैं। एजेंसी को कंपनी के करीब सात ‘‘अघोषित’’ बैंक खातों का पता चला है। पता चला है कि ओडिशा स्थित कंपनी मूल ईमेल डोमेन की जगह दूसरे ईमेल डोमेन का उपयोग कर रही थी ताकि यह दिखावा किया जा सके कि यह संदेश देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा भेजा जा रहा है।

UPI में बढ़त जारी: जून की गिरावट के बाद जुलाई में फिर उछाल, ₹25.08 लाख करोड़ का लेन-देन

नई दिल्ली  लोकप्रिय एकीकृत भुगतान मंच (यूपीआई) के माध्यम से जुलाई में लेनदेन की संख्या 19.47 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। मूल्य के संदर्भ में, यह 25.08 लाख करोड़ रुपए रहा, जो मई में दर्ज 25.14 लाख करोड़ रुपए के बाद दूसरा सबसे अधिक है। मात्रा के लिहाज से, पिछली सबसे बड़ी संख्या मई में 18.67 अरब थी, जो जून में घटकर 18.39 अरब रह गई। मई में लेनदेन राशि 24.03 लाख करोड़ रुपए रही।  एनपीसीआई ने कहा कि जून में लेनदेन का मूल्य 25.08 लाख करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले इसी महीने में यह 20.64 लाख करोड़ रुपए था, जो सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि है। मासिक आधार पर, मूल्य के लिहाज से वृद्धि 4.3 प्रतिशत रही। आज, भारत में सभी डिजिटल लेनदेन में यूपीआई का योगदान 85 प्रतिशत है। इसका प्रभाव राष्ट्रीय सीमाओं से परे भी है, और यह वैश्विक रीयल-टाइम डिजिटल भुगतानों के लगभग 50 प्रतिशत को संचालित करता है। यूपीआई पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में उपलब्ध है। फ्रांस में इसका प्रवेश मील का पत्थर है क्योंकि यह यूरोप में यूपीआई का पहला कदम है। इससे वहां यात्रा करने या रहने वाले भारतीयों को विदेशी लेनदेन की सामान्य परेशानियों के बिना सहजता से भुगतान करने की सुविधा मिलती है।  एनपीसीआई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की एक पहल है, जो भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए एक प्रमुख संगठन है। यह यूपीआई का संचालन करता है, जिसका इस्तेमाल खरीदारी करते समय, साथियों के बीच या व्यापारियों की ओर से रीयल-टाइम भुगतान के लिए किया जाता है। एनपीसीआई ने खासकर व्यस्त समय के दौरान प्रणाली पर बोझ कम करने, असफल लेनदेन में कमी लाने और विश्वसनीयता में सुधार लाने के उद्देश्य से नई सीमाएं लागू की हैं। शुक्रवार से, उपयोगकर्ता यूपीआई ऐप के जरिए दिन में 50 बार तक अपने खातों में शेष राशि की जांच कर सकेंगे। पहले, इसकी कोई सीमा नहीं थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सीमा नेटवर्क पर बोझ को कम करने और प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए है।    

बैंक का काम टालिए मत! अगस्त में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली अगर आप अगस्त में बैंक जाकर कोई ज़रूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. इस बार बैंक केवल एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरे 15 दिन बंद रहने वाले हैं. दरअसल, अगस्त 2025 में छुट्टियों की सूची काफी लंबी है. इसमें न केवल हर हफ्ते के रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार की छुट्टियाँ शामिल हैं, बल्कि त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण भी कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी. अगस्त की बैंक छुट्टियों की पूरी टाइमलाइन     3 अगस्त (रविवार) – सभी राज्यों में वीकेंड अवकाश     8 अगस्त (झूलन पूर्णिमा और तेंगना पूर्णिमा) – ओडिशा और बंगाल में बैंक बंद     9 अगस्त (दूसरा शनिवार + रक्षाबंधन) – देशभर में ब्रांच बंद. यूपी, एमपी, राजस्थान आदि में त्योहार के कारण सेवाएं ठप     10 अगस्त (रविवार) – पूरे भारत में साप्ताहिक अवकाश     13 अगस्त (ओणम) – केरल में बैंक बंद     15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) – राष्ट्रीय अवकाश. महाराष्ट्र-गुजरात में पारसी नववर्ष की छुट्टी भी     16 अगस्त (नवरोज) – महाराष्ट्र और गुजरात में बैंकिंग सेवाएं ठप     17 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश     19 अगस्त (रक्षाबंधन – कुछ राज्यों में अलग तारीख) – यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद     23 अगस्त (चौथा शनिवार) – पूरे देश में अवकाश     24 अगस्त (रविवार) – ब्रांच फिर बंद     25 अगस्त (जन्माष्टमी) – यूपी, बिहार, झारखंड, दिल्ली, एमपी आदि में बैंक बंद     27 अगस्त (श्री नारायण गुरु जयंती) – केरल में अवकाश     28 अगस्त (थिरुवोनम) – ओणम के मुख्य दिन पर केरल में फिर बैंक बंद     31 अगस्त (रविवार) – महीने का अंतिम रविवार, ब्रांच बंद अब जरा सोचिए अगर आप लोन अप्रूवल, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, लॉकर एक्सेस, ड्राफ्ट बनवाने या KYC जैसे किसी भी ज़रूरी काम की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों में बैंक की ओर कदम मत बढ़ाइए, दरवाज़े बंद मिलेंगे! क्या डिजिटल सेवाएं चलती रहेंगी? हां. Net Banking, UPI, ATM और Mobile Banking जैसी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी. लेकिन NEFT, RTGS और चेक क्लियरेंस में थोड़ी देरी संभव है. और वे सारे काम जिनके लिए फिज़िकल ब्रांच जाना ज़रूरी है, वे अधूरे ही रहेंगे. तो क्या करें?     अभी से प्लानिंग शुरू करें.     जिन कामों में ब्रांच विज़िट ज़रूरी है, उन्हें छुट्टियों से पहले निपटा लें.     वरना हो सकता है कि आपका ज़रूरी काम, छुट्टियों के बोझ तले दब जाए..  

मस्क की स्टारलिंक को इंटरनेट सेवा शुरू करने की मिली मंजूरी

नई दिल्ली. एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे सेटअप का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है ताकि सेवाओं की लॉन्चिंग में कोई दिक्कत न आए। यह जानकारी केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी। यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब देश में पहली बार मोबाइल कॉल किए जाने के 30 साल पूरे हो रहे हैं।  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया ने कहा कि स्टारलिंक को यूनिफाइड लाइसेंस मिल गया है। स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे की रूपरेखा तैयार है, जिससे सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का रोलआउट आसानी से हो सके। स्टारलिंक के साथ ही भारती ग्रुप समर्थित यूटेलसैट वनवेब और जियो एसईएस भी अपने सैटकॉम सर्विसेज शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट का इंतजार कर रही है। सिंधिया ने कहा कि पिछले 11 साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की डिजिटल यात्रा ऐतिहासिक रही है। टेलीफोन कनेक्शन अब 1.2 अरब हो गए हैं, जबकि इंटरनेट सब्सक्रिप्शन करीब 286 फीसदी से बढ़कर 97 करोड़ हो गया है।  ब्रॉडबैंड कनेक्शन 2014 के 6 करोड़ से बढ़कर 94.4 करोड़ हो गए यानी 1,450 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। मोबाइल डेटा की कीमतें 96.6 फीसदी घटीं और अब सिर्फ 8.9 प्रति जीबी में डेटा उपलब्ध है, जिससे भारत दुनिया में सबसे सस्ता डेटा देने वाला देश बन गया है। सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल का रिवाइवल भी बड़ी उपलब्धि है। 18 साल में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो साल मुनाफा कमाया—वित्त वर्ष 2024-25 में 262 करोड़ और 280 करोड़। 83 हजार से ज्यादा 4जी साइट्स लगाई गईं, जिनमें से 74,000 चालू हैं।  एआई-आधारित मॉनिटरिंग और फाइबर फॉल्ट 12 घंटे में ठीक करने जैसी सुविधाओं ने सेवा को और बेहतर बनाया है। भारत का 5जी रोलआउट भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 99.6 फीसदी जिलों में 5जी पहुंच गया है, 4.74 लाख 5जी टावर और 30 करोड़ यूजर्स हैं। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति 5जी डेटा यूज करने वाला देश बन गया है, भारत 6जी पेटेंट फाइलिंग में भी दुनिया के टॉप 6 देशों में शामिल है।  

2030 तक GCC की संख्या भारत में होगी 2,200 से ऊपर: नवीनतम अनुमान

नई दिल्ली.  भारत में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) की संख्या 2030 तक 1,700 से बढ़कर 2,200 से अधिक होने की उम्मीद है। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। घरेलू निवेश बैंक एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (एसबीआईसीएपीएस) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि परिसंपत्ति वर्गों की विस्तृत श्रृंखला और निवेश योग्य परिसंपत्तियों की निरंतर उपलब्धता के कारण आने वाले वर्षों में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट एसेट अंडर मैनेजमेंट (आरईआईटी एयूएम) में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि होगी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की निवेश बैंकिंग शाखा की रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस स्पेस के लिए लीजिंग ने किराए में वृद्धि और रिक्तियों में कमी के साथ वर्ष 2024 में पिछले रिकॉर्ड को 20 प्रतिशत तक तोड़ दिया। वर्ष 2025 में भी गति जारी है, विशेष रूप से बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और पुणे में गतिविधियां मजबूत हैं। जीसीसी मुख्य मांग स्रोत थे, जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां सबसे कम लागत वाले वर्कफोर्स के बजाए बजाय भारत को अपनी मुख्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रही थीं। रिपोर्ट में अगले कुछ वर्षों में इन सुविधाओं के लिए 1.3 गुना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। फ्लेक्स स्पेस में वर्ष 2025 की पहली छमाही में लीजिंग में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो छह महीने की अवधि में अब तक की सबसे अधिक लीजिंग है। रिपोर्ट के अनुसार, "रेरा और आईबीसी के साथ शुरू हुआ इस क्षेत्र का औपचारिकीकरण अब चरम पर पहुंच गया है। इन कारकों ने फंड रेजिंग की चाहत को बढ़ा दिया है। प्रमोटरों ने इक्विटी जुटाने के लिए वित्त वर्ष 2025 में क्यूआईपी मार्ग का आक्रामक रूप से उपयोग किया है।" अलटरनेट इंवेस्टमेंट फंड (एआईएफ) भूमि खरीद और निर्माण वित्त के उच्च-जोखिम, उच्च-लाभ वाले शुरुआती चरण में तेजी से शामिल हो रहे हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2025 में रियल एस्टेट उनका सबसे बड़ा निवेश क्षेत्र था, जो अगले क्षेत्र से लगभग दोगुना है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संस्थागत पूंजी और क्षेत्रीय नकदी प्रवाह के पक्ष में कई नियामकीय कार्रवाइयों के स्थिर होने के साथ, फंड रेजिंग (आईपीओ, एआईएफ, सॉवरेन वेल्थ फंड आदि) का चलन जारी रहेगा। एसबीआईकैप्स ने कहा कि कमर्शियल रियल एस्टेट, विशेष रूप से ऑफिस, एक उच्च-विकासशील क्षेत्र है, जहाँ प्रत्येक निवेशक के जोखिम-लाभ मैट्रिक्स के लिए अवसर मौजूद हैं। नियामकीय इकोसिस्टम निवेशक आधार को व्यापक बनाने के लिए अनुकूल है और भविष्य में आरईआईटी एयूएम के विस्तार के साथ खुदरा भागीदारी बढ़ेगी।  

शेयर मार्केट में बिकवाली का तूफान, सेंसेक्स 585 अंक गिरा, निफ्टी नीचे लुढ़का

मुंबई  शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली है। दिन में एक वक्त पर मार्केट हरे निशान के ऊपर ट्रेड करने लगा था। लेकिन बाजार तेजी को बरकरार नहीं रख पाया। जिसकी वजह सेंसेक्स 0.72 प्रतिशत या फिर 585.67 अंक की गिरावट के साथ 80,599.91 अंक पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 0.82 प्रतिशत या फिर 203 अंक की गिरावट के साथ 24,565.35 अंक रहा है। बता दें, ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले और एफपीआई की निकासी ने घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया है। जिसकी वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को निफ्टी का इंट्रा-डे हाई 24734.90 अंक और इंट्रा-डे लो 24535.05 अंक रहा है। सेंसेक्स का इंट्रा-डे हाई 81,317.51 अंक और इंट्रा-डे लो लेवल 80,495.57 अंक रहा है। ट्रेंट में दिखी तेजी सेंसेक्स की टॉप 30 में से 24 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सनफार्मा के शेयरों का भाव 4.63 प्रतिशत तक लुढ़क गया है। वहीं, टाटा स्टील के शेयर 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इंफोसिस, मारुति, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा के शेयरों में भी 2 या फिर 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है। दूसरी तरफ इस दबाव के माहौल में रिलायंस, कोटक बैंक, आईटीसी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट (3 प्रतिशत) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। शेयर बाजार में गिरावट और बड़ी हो गई है। सेंसेक्स 424.14 अंक या फिर 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,761.44 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी, 153.05 अंक या फिर 0.62 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,615.30 अंक पर ट्रेड कर रहा था।  शेयर मार्केट में गिरावट बढ़ गई है। एफएमसीजी और मीडिया को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल हैं। बैंक निफ्टी से लेकर ऑयल एंड गैस तक सेक्टोरल इंडेक्स में भारी गिरावट हैं। फार्मा और हेल्थ केयर स्टॉक्स तो बुरी तरह पिटे हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 3 फीसद टूटा है तो हेल्थ केयर इंडेक्स में 2.35 पर्सेंट की भारी गिरावट है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 105 अंक नीचे 24662 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। जबकि, सेंसेक्स भी अब 275 अंकों के नुकसान के साथ 80910 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। शेयर मार्केट में आज तेज उतार-चढ़ाव है। बाजार एक बार फिर लाल निशान में आ गया है। बैंक निफ्टी से लेकर ऑयल एंड गैस तक सेक्टोरल इंडेक्स लाल हैं। फार्मा और हेल्थ केयर स्टॉक्स तो बुरी तरह पिटे हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स और हेल्थ केयर इंडेक्स में क्रमश: 2.75 और 2.21 पर्सेंट की भारी गिरावट है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 103 अंक नीचे 24665 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। जबकि, सेंसेक्स भी अब 240 अंकों के नुकसान के साथ 80944 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। शेयर मार्केट में आज तेज उतार-चढ़ाव है। बाजार एक बार फिर लाल निशान में आ गया है। निफ्टी 59 अंक नीचे 24709 पर आ गया है। एक समय 24,784 पर पहुंच गया था। सेंसेक्स भी अब 136 अंकों के नुकसान के साथ 81,048 पर ट्रेड कर रहा है। एक समय यह 81317 पर था। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप की आशंका के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 40 पैसे मजबूत होकर 87.25 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिका के भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अंतरबैंक विदेशी विनिमय मुद्रा बाजार में रुपया 87.60 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 87.25 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे की बढ़त दर्शाता है।  शेयर मार्केट आज के नुकसान की भरपाई कर हरे निशान पर आ गया है। हरियाली लौट आई है। सेंसेक्स अब 90 अंकों की उछाल के साथ 81275 पर है। जबकि, निफ्टी में 8 अंकों की तेजी है और यह 24776 पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स में आयशर मोटर्स, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और नेस्ले के शेयर हैं। शेयर मार्केट अब रिकवरी मोड में है। सेंसेक्स केवल 6 अंक नीचे 81179 पर है। जबकि, निफ्टी में 21 अंकों की गिरावट है और यह 24746 पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स में आयशर मोटर्स, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और नेस्ले के शेयर हैं। जबकि, निफ्टी टॉप लूजर में सन फार्मा, सिप्ला, डॉक्टर रेड्डी, टाटा मोटर्स और जेएसडब्ल्यू स्टील।